देश-विदेश
भाजपा विधायक दल की बैठक में फडणवीस चुने गए नेता : कल शपथ ग्रहण समारोह
महाराष्ट्र के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे देवेंद्र फडणवीस।
डेस्क | भाजपा कोर कमेटी की बैठक में देवेंद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लग गई है। इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी नेता चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगांटीवार ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर सभी विधायकों ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधानसभा भवन में विधायक दल की बैठक हुई। पांच दिसंबर को शाम पांच बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
विधायक दल की बैठक केंद्रीय पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौजूदगी में हुई। बैठक के बाद विजय रूपाणी ने कहा कि सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से देंवेद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लगाई है। इसके बाद उन्होंने फडणवीस को विधायक दल का नेता घोषित किया। आशीष शेलार महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य सचेतक होंगे। उधर, नागपुर में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के आवास के बाहर जश्न का माहौल है।
कोर कमेटी की बैठक में महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पार्टी को जीत मिली है। सभी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। जनता ने खुलकर वोट दिया। उधर, नेता चुने जाने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महायुति को जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया है। हम महाराष्ट्र को आगे ले जाने को प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है।
गुरुवार को देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पहली बार 2014 में देवेंद्र मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने पांच साल अपना कार्यकाल पूरा किया था। हालांकि 2019 में वे महज 80 घंटे ही सीएम की कुर्सी पर रहे। हालांकि बाद में फडणवीस एकनाथ शिंदे की सरकार में डिप्टी सीएम की भूमिका भी निभा चुके हैं।
पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर : अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर जानलेवा हमला
डेस्क | शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को बुधवार सुबह पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर 'सेवादार' की ड्यूटी करते समय एक शख्स ने गोली मार दी। गोली का दीवार पर लगने से व्हीलचेयर पर बैठे सुखबीर सिंह बादल बाल बाल बच गये। आखिर किस व्यक्ति ने सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाई और उसने किस मकसद से यह काम किया | फायरिंग करने वाले शख्स का नाम नारायण सिंह चौरा है जिसने गोली चलाई, जिससे हड़कंप मच गया और तुरंत ही स्वर्ण मंदिर के बाहर खड़े लोगों ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नारायण सिंह चौरा एक खालिस्तानी पूर्व आतंकवादी है, जिस पर पहले भी कई तरह के मामले दर्ज हुए हैं और वह भूमिगत रहा है। चौरा, कुछ वर्षों तक पंथिक नेता के रूप में सक्रिय था, ऐसा कहा जाता है कि वह डेरा बाबा नानक क्षेत्र से हैं। मंगलवार को वह सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर सुखबीर बादल के पास घूमता भी दिखाई दिया था।
नारायण सिंह चौरा पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसने सुखबीर बादल पर हमला क्यों किया, इसका अभी कारण पता नहीं चल स्का है | पुलिस पूछताछ के बाद ही सारी सच्चाई सामने आएगी।
दिव्यांगजनों की सेवा और स्वाभिमान का अमृत दशक : प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी
नई दिल्ली | 3 दिसंबर महत्वपूर्ण दिन है। पूरा विश्व इस दिन को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के रूप में मनाता है। आज का दिन दिव्यांगजनों के साहस, आत्मबल और उपलब्धियों को नमन करने का विशेष अवसर होता है।
भारत के लिए ये अवसर एक पवित्र दिन जैसा है। दिव्यांगजनों का सम्मान भारत की वैचारिकी में निहित है। हमारे शास्त्रों और लोक ग्रंथों में दिव्यांग साथियों के लिए सम्मान का भाव देखने को मिलता है। रामायण में एक श्लोक है-
उत्साहो बलवानार्य, नास्त्युत्साहात्परं बलम्।
सोत्साहस्यास्ति लोकेऽस्मिन्, न किञ्चिदपि दुर्लभम्।
श्लोक का मूल यही है कि जिस व्यक्ति के मन में उत्साह है, उसके लिए विश्व में कुछ भी असंभव नहीं है।
आज भारत में हमारे दिव्यांगजन इसी उत्साह से देश के सम्मान और स्वाभिमान की ऊर्जा बन रहे हैं।
इस वर्ष ये दिन और भी विशेष है। इसी साल भारत के संविधान के 75 वर्ष पूर्ण हुए हैं। भारत का संविधान हमें समानता और अंत्योदय के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।
संविधान की इसी प्रेरणा को लेकर बीते 10 वर्षों में हमने दिव्यांगजनों की उन्नति की मजबूत नींव रखी है। इन वर्षों में देश में दिव्यांगजनों के लिए अनेक नीतियां बनी हैं, अनेक निर्णय़ हुए हैं।
ये निर्णय दिखाते है कि हमारी सरकार सर्वस्पर्शी है, संवेदनशील है और सर्वविकासकारी है। इसी क्रम में आज का दिन दिव्यांग भाई-बहनों के प्रति हमारे इसी समर्पण भाव को फिर से दोहराने का दिन भी बना है।
मैं जब से सार्वजनिक जीवन में हूं, मैंने हर मौके पर दिव्यांगजनों का जीवन आसान बनाने के लिए प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने इस सेवा को राष्ट्र का संकल्प बनाया। 2014 में सरकार बनने के बाद हमने सबसे पहले ‘विक्लांग’ शब्द के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द को प्रचलित करने का फैसला लिया।
ये सिर्फ शब्द का परिवर्तन नहीं था, इसने समाज में दिव्यांगजनों की गरिमा भी बढ़ाई और उनके योगदान को भी बड़ी स्वीकृति दी। इस निर्णय ने ये संदेश दिया कि सरकार एक ऐसा समावेशी वातावरण चाहती है, जहां किसी व्यक्ति के सामने उसकी शारीरिक चुनौतियां दीवार ना बनें औऱ उसे उसकी प्रतिभा के अनुसार पूरे सम्मान के साथ राष्ट्र निर्माण का अवसर मिले। दिव्यांग भाई-बहनों ने विभिन्न अवसरों पर मुझे इस निर्णय के लिए अपना आशीर्वाद दिया। ये आशीर्वाद ही, दिव्यांगजन के कल्याण के लिए मेरी सबसे बड़ी शक्ति बना।
हर वर्ष देश भर में हम दिव्यांग दिवस पर अनेक कार्यक्रम करते हैं। मुझे आज भी याद है, 9 साल पहले हमने आज के ही दिन सुगम्य भारत अभियान का शुभारंभ किया था। 9 सालों में इस अभियान ने जिस तरह से दिव्यांगजनों को सशक्त किया, उससे मुझे बड़ा संतोष मिला है।
140 करोड़ देशवासियों की संकल्प-शक्ति से ‘सुगम्य भारत’ ने ना सिर्फ दिव्यांगजनों के मार्ग से कई बाधाएं हटाई, बल्कि उन्हें सम्मान और समृद्धि का जीवन भी दिया।
पहले की सरकारों के समय जो नीतियां थीं…उनकी वजह से दिव्यांगजन सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा के अवसरों से पीछे रह जाते हैं। हमने वो स्थितियां बदलीं। आरक्षण की व्यवस्था को नया रूप मिला। 10 वर्षों में दिव्यांगजन के कल्याण के लिए खर्च होने वाली राशि को भी तीन गुना किया गया। इन निर्णयों ने दिव्यांगजनों के लिए अवसरों और उन्नतियों के नए रास्ते बनाए। आज हमारे दिव्यांग साथी, भारत के निर्माण के समर्पित साथी बनकर हमें गौरवान्वित कर रहे हैं।
मैंने स्वयं ये महसूस किया है कि भारत के युवा दिव्यांग साथियों में कितनी अपार संभावनाएं हैं। पैरालंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने देश को जो सम्मान दिलाया है, वो इसी ऊर्जा का प्रतीक है। ये ऊर्जा राष्ट्र ऊर्जा बने, इसके लिए हमने दिव्यांग साथियों को स्किल से जोड़ा है, ताकि उनकी ऊर्जा राष्ट्र की प्रगति की सहायक बन सके। ये प्रशिक्षण सिर्फ सरकारी कार्यक्रम भर नहीं है। इन प्रशिक्षणों ने दिव्यांग साथियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्हें रोजगार तलाशने की आत्म शक्ति दी है।
मेरे दिव्यांग भाई-बहनों का जीवन सरल, सहज और स्वाभिमानी हो, सरकार का मूल सिद्धांत यही है। हमने Persons with Disabilities Act को भी इसी भाव से लागू किया। इस ऐतिहासिक कानून में Disability के Definition की कैटेगरी को भी 7 से बढ़ाकर 21 किया गया। पहली बार हमारे एसिड अटैक सर्वाइवर्स भी इसमें शामिल किए गए। आज ये कानून दिव्यांगजनों के सशक्त जीवन का माध्यम बन रहा है।
इन कानूनों ने दिव्यांगजनों के प्रति समाज की धारणा बदली है। आज हमारे दिव्यांग साथी भी विकसित भारत के निर्माण के लिए अपनी संपूर्ण शक्ति के साथ काम कर रहे हैं।
भारत का दर्शन हमें यही सिखाता है कि समाज के हर व्यक्ति में एक विशेष प्रतिभा जरूर है। हमें उसे बस सामने लाने की जरूरत है। मैंने हमेशा अपने दिव्यांग साथियों की उस अद्भुत प्रतिभा पर विश्वास किया है। और मैं पूरे गर्व से कहता हूं, कि हमारे दिव्यांग भाई-बहनों ने एक दशक में मेरे इस विश्वास को और प्रगाढ़ किया है। मुझे यह देखकर भी गर्व होता है कि उनकी उपलब्धियां कैसे हमारे समाज के संकल्पों को नया आकार दे रही हैं।
आज जब पैरालंपिक का मेडल सीने पर लगाकर, मेरे देश के खिलाड़ी मेरे घर पर पधारते हैं, तो मेरा मन गौरव से भर जाता है। हर बार जब मन की बात में मैं अपने दिव्यांग भाई-बहनों की प्रेरक कहानियों को आपके साथ साझा करता हूं, तो मेरा हृदय गर्व से भर जाता है। शिक्षा हो, खेल या फिर स्टार्टअप, वे सभी बाधाओं को तोड़कर नई ऊंचाइयां छू रहे हैं और देश के विकास में भागीदार बन रहे हैं।
मैं पूरे विश्वास से कहता हूं कि 2047 में जब हम स्वतंत्रता का 100वां उत्सव मनाएंगे, तो हमारे दिव्यांग साथी पूरे विश्व का प्रेरणा पुंज बने दिखाई देंगे। आज हमें इसी लक्ष्य के लिए संकल्पित होना है।
आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जहां कोई भी सपना और लक्ष्य असंभव ना हो। तभी जाकर हम सही मायने में एक समावेशी और विकसित भारत का निर्माण कर पाएंगे।
और निश्चित तौर पर मैं इसमें अपने दिव्यांग भाई-बहनों की बहुत बड़ी भूमिका देखता हूं। पुन: सभी दिव्यांग साथियों को आज के दिन की शुभकामनाएं।
जीवन के प्रत्येक क्षण का उपयोग मानव सेवा में हो: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस पृथ्वी पर जन्म लेने वाले प्रत्येक मनुष्य की मृत्यु अनिवार्य है। आने-जाने के इस क्रम में महत्वपूर्ण यह है कि जीवन के प्रत्येक क्षण का उपयोग मानव सेवा के लिए किया जाए। यह मनुष्य का सौभाग्य है कि इस धरती पर आदिकाल से परमात्मा की लीला देखने को मिलती रही है। हमारे 33 करोड़ देवी-देवताओं ने सदियों तक अपनी आभा बिखेरी है। इतनी कि इसके लिए हमारा अम्बर भी कम पड़ जाए। हमारे बीच देवता विभिन्न रूप में आते हैं। हम उन्हें पहचानें या न पहचानें, वे हमारे बीच रहते हैं। ऐसे ही देवता नीब करौरी वाले बाबा हैं। इनको मानने वालों में देश- विदेश के करोड़ों लोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाम रविन्द्र भवन बहिरंग में अनंत विभूषित बाबा नीब करौरी महाराज के 125वें प्राकट्योत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा नीब करौरी महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
तमिलनाडु में आई बाढ़ को लेकर पीएम मोदी ने : सीएम एमके स्टालिन से की फोन पर बात
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तमिलनाडु में बाढ़ के कहर को देखते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से फोन पर बात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
तमिलनाडु के जिले विल्लपुरम में आई बाढ़ की वजह से चेन्नई-तिरुचिरापल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से 69 लाख परिवार और 1.5 लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) से 2,000 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया है।
वहीं मौसम विभाग ने इस संबंध में बताया कि उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी के ऊपर चक्रवाती तूफान फेंगल कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्रों में तब्दील हो गया। इससे विल्लुपुरम और आसपास के क्षेत्र बाढ़ से पानी-पानी हो गए।
तमिलनाडु का विल्लुपुरम जिला मौजूदा समय में बाढ़ के कहर से त्राहि-त्राहि कर रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने यहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और पीडि़तों को हरसंभव मदद का भी भरोसा दिलाया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से बात करके उनके बीच राहत सामग्री भी वितरित की। इस बाढ़ की वजह से रेलवे ने अपनी तरफ सेवाओं को प्रभावित कर दिया है।
रेलवे ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा कि विक्रवंडी में शहर को मुंडियामपक्कम से जोडऩे वाले एक मुख्य पुल पर बाढ़ का पानी बढऩे के कारण रेल सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। उत्तरी तमिलनाडु को मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों से जोडऩे वाले कई अन्य प्रमुख मार्ग भी इसकी चपेट में आए हैं।
थेंपेन्नई नदी उफान पर है, जिससे कुड्डालोर और पड़ोसी जिले जलमग्न हो गए हैं।
अटल इनोवेशन मिशन : स्वीडिश दूतावास ने शुभारंभ करते हुए शीस्टैम (SheSTEM) 2024 का महोत्सव मनाया
नई दिल्ली | नीति आयोग के अंतर्गत अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) और स्वीडन दूतावास में विज्ञान और नवाचार कार्यालय, नॉर्डिक सहयोगियों-इनोवेशन नॉर्वे, इनोवेशन सेंटर डेनमार्क और बिजनेस फिनलैंड के साथ साझेदारी में, शीस्टैम 2024 के सफल समापन की घोषणा की। यह वार्षिक पहल एसटीईएम में महिलाओं के योगदान का महोत्सव मनाती है और युवा सोच को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (एसटीईएम) में करियर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करते हुए आगामी पीढ़ी के नवप्रवर्तकों को प्रेरणा देने के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती है।
शीस्टैम 2024 चुनौती में देशभर के कक्षा 6 से 12 के छात्रों को बैटरी प्रौद्योगिकी और ऊर्जा भंडारण (बीईएसटी) प्रणालियों पर केंद्रित अभिनव विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। भारत-नॉर्डिक बीईएसटी परियोजना के अंग के तहत इस चुनौती का उद्देश्य ऊर्जा समाधानों को आगे बढ़ाकर स्थिरता को बढ़ावा देना है। प्रतिभागियों को दो मिनट के वीडियो प्रारूप में ऊर्जा भंडारण और स्थिरता के लिए अपने प्रोटोटाइप या अवधारणाएँ प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया था। प्रतियोगिता को शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसमें एक हजार से अधिक प्रस्तुतियाँ भारत के युवाओं की रचनात्मकता, समस्या-समाधान कौशल और भविष्य की सोच वाली मानसिकता को प्रदर्शित करती हैं। प्रस्तुत विचारों ने युवा नवोन्मेषकों की जबरदस्त क्षमता को प्रदर्शित किया और वे स्थिरता, प्रौद्योगिकी और विज्ञान में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
शीस्टैम 2024 ने मात्र एक प्रतिस्पर्धा के रूप में ही नहीं अपितु छात्रों को महत्वपूर्ण स्टैम विषयों से जुड़ने और वैश्विक स्थिरता प्रयासों में योगदान देने के लिए एक मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम ने सहयोग और टीमवर्क के महत्व का भी विशेष रूप से भी उल्लेख करते हुए आज की चुनौतियों का समाधान करने में सामूहिक नवाचार की शक्ति को रेखांकित किया गया।
भारत में स्वीडन के राजदूत, जान थेस्लेफ़ ने शीस्टेम 2024 के प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नवाचार और सहयोग एक स्थायी दुनिया के मूल में हैं, एक ऐसी दुनिया जो स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए कड़ा परिश्रम कर रही है। शीस्टैम 2024 अगली पीढ़ी को ऊर्जा भंडारण और प्रौद्योगिकियों के लिए नवाचार और समाधान बनाने के लिए प्रेरित करने में सहायता प्रदान करने के लिए सही दिशा में एक पहल है। उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इस वर्ष शीस्टैम चुनौती भारत-नॉर्डिक बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी परियोजना का हिस्सा है, जो नॉर्डिक भागीदारों को शिक्षा, व्यवसाय और सरकार में भारत के साथ साझेदारी के क्षेत्रों का पता लगाने के लिए एक साथ लाती है।
अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के मिशन निदेशक डॉ. चिंतन वैष्णव ने इस आयोजन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि एआईएम को युवा प्रतिभा, नवाचार और भारत के छात्रों की असीम क्षमता के उत्सव, शीस्टैम 2024 का हिस्सा बनने पर गर्व है। इस वर्ष की चुनौती, ऊर्जा भंडारण और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए, सीधे तौर पर कुछ सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का समाधान करती है। इस क्षेत्र में छात्रों को शामिल करके, हम न केवल भविष्य के एसटीईएम प्रमुखों को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि उन्हें एक स्थायी और प्रौद्योगिकी-संचालित दुनिया को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सशक्त भी बना रहे हैं।
शीस्टैम 2024 की सफलता युवाओं के नेतृत्व वाले नवाचार की अविश्वसनीय क्षमता और एक स्थायी भविष्य के निर्माण में स्टैम शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है। इस आयोजन ने युवा सोच को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया है, और एआईएम अगली पीढ़ी के विचारकों, रचनाकारों और प्रमुखों को समर्थन और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पर्यटन मंत्रालय संगीत पर्यटन को बढ़ावा दे रहा : युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की पहल
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 6 से 8 दिसंबर तक आयोजित होने वाले कृष्णवेणी संगीत नीरजनम महोत्सव में प्रीक्वल कार्यक्रमों के लिए मंच तैयार
नई दिल्ली | आंध्र प्रदेश में 1 दिसंबर, 2024 को आयोजित प्रीक्वल कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के साथ कृष्णवेणी संगीत नीरजनम महोत्सव 2024 का भव्य रूप से शुभारंभ हुआ।
संस्कृति मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में राज्य की जीवंत संगीत विरासत और सांस्कृतिक विविधता का महोत्सव मनाया गया। इस मुख्य उत्सव के दौरान विजयवाड़ा में 6 से 8 दिसम्बर, 2024 तक आयोजित होने वाले प्रीक्वल कार्यक्रमों में शामिल होने वाले दर्शकों और यहां आयोजित किए जाने वाले शानदार प्रदर्शनों के लिए मंच तैयार हो चुका है।
श्रीकाकुलम में इस कार्यक्रम का आयोजन अरासवल्ली स्थित श्री सूर्यनारायण स्वामी मंदिर में किया गया था और इसकी अध्यक्षता श्रीकाकुलम के विधायक गोंडू शंकर राव ने मुख्य अतिथि के रूप में की। इस कार्यक्रम में नरसन्नपेटा के विधायक बग्गू रामनमूर्ति और श्रीकाकुलम जिले के आरडीओ साई प्रत्युषा भी शामिल हुए। मुख्य आकर्षण में मंदा सुधारानी और उनके समूह का भावपूर्ण प्रदर्शन रहा। कार्यक्रम स्थल के आध्यात्मिक स्वरूप को वर्णित करने वाले इस प्रदर्शन ने महोत्सव में शामिल 300 से अधिक लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राजमहेंद्रवरम की ओर बढ़ते हुए, तुलसी विश्वनाथ और उनके समूह के मंत्रमुग्ध कर देने वाले प्रदर्शन से अनम कलाकेंद्रम जीवंत हो उठा। इस कार्यक्रम में पूर्वी गोदावरी के संयुक्त कलेक्टर एस. चिन्ना रामुडू की उपस्थिति में राजमुंदरी संगीत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य और नगर निगम के अधिकारियों सहित स्थानीय गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में लगभग 750 लोगों उपस्थित रहे। यह शहर की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाता है।
मंगलागिरि में लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर ने नरसिम्हा स्वामी कृतियों पर आधारित एक भक्तिपूर्ण संगीत कार्यक्रम की मेजबानी की। विजयवाड़ा के संगीत महाविद्यालय की प्रधानाचार्या कृष्णावेणी और एपीटीए की सहायक निदेशक लाजिवंती नायडू उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम के दौरान मल्लादी नारायण सरमा, मल्लादी यमुना रमन और उनकी टीम ने मंदिर में भक्तिपूर्ण भाव प्रस्तुति के माध्यम से यहां उपस्थित 100 से अधिक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अहोबिलम के लक्ष्मीनरसिंह स्वामी मंदिर के पवित्र प्रांगण में कुमारी दीपिका वरदराजन और उनके समूह ने शानदार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में अल्लागड्डा निर्वाचन क्षेत्र की विधायक भूमा अखिला प्रिया, नंदयाल की जिला कलेक्टर राजकुमारी गनिया और मंदिर के गणमान्य व्यक्ति राममोहन राव के साथ-साथ किदंबी वेणुगोपालाचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में करीब 250 लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ी शास्त्रीय रचनाओं की प्रस्तुति भी गई।
विजयवाड़ा में आगामी मुख्य उत्सव तुम्मलपल्ली कलाक्षेत्रम सभागार, दुर्गा घाट और कनक दुर्गा मंदिर में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में शामिल होने वाले दर्शक भावपूर्ण संगीत, क्षेत्रीय व्यंजन, हस्तशिल्प और हथकरघा के मिले-जुले स्वरूप का आनंद ले सकते हैं साथ ही यह उन्हें एक समग्र सांस्कृतिक अनुभव भी प्रदान करेगा।
संगीत, भक्ति और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बीच के शाश्वत संबंध का महोत्सव मनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय 6 से 8 दिसंबर, 2024 तक विजयवाड़ा में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सभी को हार्दिक आमंत्रण देता है।
प्रयागराज में महाकुंभ 2025 : 43 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान
डेस्क | उत्तर प्रदेश में प्रयागराज की पावन धरती पर 12 वर्षों बाद 2025 में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा। महाकुंभ की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, महाकुंभ मेले में लगभग 43 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है।
व्यापक तैयारियां चल रही हैं और संगम से लेकर महाकुंभ तक सभी विकास गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
महाकुंभ मेला 2025 की तैयारियों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आयोजन में शामिल होने वाले भारत और विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए एक सहज अनुभव प्रदान करें।
रिपोर्ट के अनुसार, पीडब्ल्यूडी ने भी अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और पांटून पुलों के साथ-साथ सडक़ों के रेनोवेशन के काम में भी तेजी देखने को मिल रही है। एक दिसंबर तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से 27 रोड्स का रिन्यूअल किया जा चुका है। जबकि, बाकी रोड्स के रिन्यूअल का काम 10 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी तरह 17 रोड्स के सौंदर्यीकरण का कार्य भी 5 दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पीडब्ल्यूडी के पास कुल 89 परियोजनाएं हैं, जिसमें से करीब 60 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष 10 दिसंबर तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
बीते बुधवार को सीएम योगी महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा की थी और आश्वासन दिया था कि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं तय समय से एक महीने पहले 10 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएंगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे। यहां पीएम मोदी मां गंगा की आरती करेंगे और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। सीएम के अनुसार, प्रधानमंत्री डिजिटल कुंभ पर एक प्रेजेंटेशन भी देखेंगे और आयोजन की भव्यता बढ़ाने के लिए तैयार किए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
भारत-मलेशिया संयुक्त सैन्य अभ्यास हरिमाऊ शक्ति : मलेशिया के बेंटोंग कैंप में शुरू हुआ
नई दिल्ली | भारत-मलेशिया संयुक्त सैन्य अभ्यास हरिमाऊ शक्ति का चौथा संस्करण आज मलेशिया के पहांग जिले के बेंटोंग कैंप में शुरू हुआ। यह अभ्यास 2 दिसंबर से 15 दिसंबर 2024 तक आयोजित किया जाएगा। 78 कर्मियों वाली भारतीय टुकड़ी का प्रतिनिधित्व महार रेजिमेंट की एक बटालियन कर रही है। रॉयल मलेशियाई रेजिमेंट के द्वारा 123 कर्मियों वाली मलेशियाई टुकड़ी का प्रतिनिधित्व किया जा रहा है । संयुक्त अभ्यास हरिमाऊ शक्ति एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है जो भारत और मलेशिया में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। पिछला संस्करण नवंबर 2023 में भारत के मेघालय में उमरोई छावनी में आयोजित किया गया था।
संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र अधिदेश के अध्याय VII के तहत जंगल क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। यह अभ्यास जंगल के वातावरण में अभियानों पर केंद्रित होगा।
अभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में दोनों सेनाओं के बीच क्रॉस ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें व्याख्यान, प्रदर्शन और जंगल के इलाकों में विभिन्न अभ्यास शामिल हैं। अंतिम चरण में दोनों सेनाएं एक मॉक अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लेंगी, जिसमें सैनिक एंटी-एमटी एंबुश, बंदरगाह पर कब्जा, टोही गश्त, एंबुश और आतंकवादियों द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्र पर हमला सहित विभिन्न अभ्यास करेंगे।
हरिमाऊ शक्ति अभ्यास से दोनों पक्षों को संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम अभ्यास साझा करने का अवसर मिलेगा। इससे दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन और सौहार्द विकसित करने में मदद मिलेगी। संयुक्त अभ्यास से रक्षा सहयोग भी बढ़ेगा, जिससे दोनों मित्र देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में और वृद्धि होगी।
मीडिया, विज्ञान और समाज के बीच सेतु का कार्य करता है
नई दिल्ली | विज्ञान भारती के राष्ट्रीय आयोजन सचिव डॉ. शिव कुमार शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा संचारक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीएसआईआर-एनआईएससीएआईआर के पूर्व निदेशक डॉ. मनोज कुमार पटैरिया और सीएसआईआर-सीईसीआरआई के निदेशक डॉ. के. रमेश भी उपस्थित थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मीडिया सम्मेलन में अतिथियों ने रोजगार समाचार पत्रिका और विज्ञान भारत पत्रिका के अंकों का विमोचन किया। यह भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2024 का एक आयोजन है। देश के इस सबसे बड़े विज्ञान महोत्सव का आयोजन 30 नवंबर से 3 दिसंबर 2024 के दौरान असम के आईआईटी गुवाहाटी में किया जा रहा है।
मीडिया कॉन्क्लेव का परिचय देबोब्रत घोष ने दिया और इस आयोजन के दो दिनों के संक्षिप्त विवरण की जानकारी डॉ. राजीव सिंह द्वारा दी गई।
सीएसआईआर-केंद्रीय विद्युत-रासायनिक अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. के. रमेश ने अपने संबोधन में कहा कि आईआईएसएफ एक विज्ञान एक ऐसा महोत्सव है जिसे देश के लोगों के साथ मनाया जाता है। यह मीडिया शोध को लोगों तक पहुंचाने में सहायता करता है। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध को अधिकतर इस कार्य से जुड़े व्यक्ति ही समझते हैं। आईआईएसएफ ने मीडिया से अनुरोध किया कि वह शोध को रचनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाए, ताकि लोग शोध कार्य को समझ सकें। उन्होंने हर मीडियाकर्मी से अनुरोध किया कि वे इन शोधों को सकारात्मक रूप से लोगों तक पहुंचाए क्योंकि मीडिया ही इस कार्य को लोगों तक जोड़ने का माध्यम है।
सीएसआईआर-एनआईएससीएआईआर के पूर्व निदेशक डॉ. मनोज कुमार पटैरिया ने कहा कि विज्ञान विधि के रूप में कार्य करता है जिसमें जिज्ञासा, विश्लेषण, प्रयोग और सत्यापन शामिल है। यही बात मीडिया पर भी लागू होती है और इस तरह मीडिया और विज्ञान की प्रक्रिया समान ही है।
विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. शिवकुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें यह अनुभव हुआ है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी अवधारणाओं को समझने और समझाने के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर है। इस अंतर को पाटने के लिए, हमें जटिल विचारों को ऐसे सरल तरीके से संप्रेषित करने की आवश्यकता है जो सभी को समझ में आते हों। इसके लिए एक विचारशील दृष्टिकोण की आवश्यकता है, हम क्या संप्रेषित करना चाहते हैं और इसे प्रभावी ढंग से कैसे करना है, इस बात पर विचार करते हुए कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के साथ साझा करने के लिए व्यवस्थित तरीके विकसित करके और मीडिया क्षमता का लाभ उठाते हुए हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण प्रगति कर सकते हैं।
सम्मेलन में पूर्वोत्तर मीडिया में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार पर एक पैनल चर्चा भी शामिल थी। इसमें असम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अरूप मिश्रा, मणिपुर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक डॉ. मिनकेतन सिंह, असम विज्ञान प्रौद्योगिकी, पर्यावरण परिषद के निदेशक डॉ. जयदीप बरुआ और मिजोरम विज्ञान परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. डेवी तथा विज्ञान पत्रकार गीताली सैकिया जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया।
भारत को खाद्य उत्पादन और उपभोग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि संतुलित और स्वस्थ आहार सुनिश्चित किया जा सके जो देश के कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का समाधान निकालता हो। चरक आयुर्वेदिक आहार जैसी पारंपरिक आहार प्रथाओं को अपनाना और पाचन एवं पोषण के महत्व को समझाते हुए भारतीयों के लिए निदिृष्ट भोजन विकल्प बनाने और स्वस्थ जीवन जीने में सहायता प्रदान कर सकता है। अन्न और आहार के बीच केवल इतना अंतर है कि अन्न को हम मुख से मात्र उदरपूर्ति के साधन के रूप में ग्रहण करते हैं जबकि आहार में वह संपूर्ण पोषण शामिल है जिसका हम अपनी इंद्रियों के माध्यम से आनंद लेते हैं।
इस सम्मेलन का समापन मीडिया में एसएंडटी कवरेज पर एक सत्र के साथ हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों, मीडिया पेशेवरों और जनता के बीच वार्तालाप हुआ। इस अवसर पर डॉ. केजी सुरेश, पूर्व महानिदेशक, आईआईएमसी के साथ-साथ डॉ. मनोज पटैरिया, डेकेन्द्र मेवाड़ी, डॉ. केएन पांडे, धृपल्लव बागला, समीर गांगुली, मारुफआलम और डॉ. वामसी कृष्णा जैसे विशेषज्ञों ने मीडिया के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर अपने विचार साझा किए।
कई विज्ञान संचारकों और छात्रों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इसके परिणामस्वरूप एक उपयोगी प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मीडिया कॉन्क्लेव के उद्देश्यों की प्रभावी ढंग से प्रस्तुति की गई।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के अशोकनगर में : आधुनिक मुख्य डाकघर के निर्माण की आधारशिला रखी
नई दिल्ली | केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश के अशोकनगर में प्रधान डाकघर के नए भवन की आधारशिला रखी। अशोकनगर के तुलसी सरोवर परिसर में होने वाले इस निर्माण से डाक सेवाओं में एक नया अध्याय जुड़ेगा।
प्रधान डाकघर के आधुनिक भवन का निर्माण 2.1 करोड़ रुपए की लागत से एक वर्ष के भीतर पूर्ण होगा। अत्याधुनिक, प्रौद्योगिकी-सक्षम कार्य माहौल प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गएइस भवन में ग्राहकों को अत्याधुनिक सुविधाएंउपलब्ध कराई जाएंगी। प्रधानडाकघर जिले के 10 उप-डाकघरों के प्रशासनिक केंद्र के रूप में संचालित होगाजिससे अशोकनगर के लोगों को बेहतर सेवाएं और सुविधाएंमिलेंगी।
सिंधिया ने अपने संबोधन में कुशल, नागरिक-केंद्रित डाक सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए समुदायों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ डाक विभाग को जोड़ने की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया।
समारोह में मध्य प्रदेश परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर, निदेशक डाक सेवाएं पवन कुमार डालमिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
नए प्रधान डाकघर का निर्माण समुदायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा हैजिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।यह भारतीय डाक की परिवर्तन यात्रा के अनुरूप है जो जमीनी स्तर पर विश्वसनीय और उन्नत आधुनिक सेवाएं प्रदान करने के डाक विभाग के समर्पण को दर्शाता है।
विश्व के सबसे व्यापक डाक नेटवर्कों में से एक, भारतीय डाक विभाग 150 से अधिक वर्षों से राष्ट्र की सेवा में जुटा है। आधुनिकीकरण और सेवा उन्नयन पर ध्यान केंद्रित करते हुएडाक विभाग शहरी और ग्रामीण अंचलों में सेवा-अंतर पाटते हुए उत्कृष्टतापूर्णकार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने 59वें अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन में भाग लिया
प्रधानमंत्री ने स्मार्ट पुलिसिंग के मंत्र का विस्तार किया और पुलिस से रणनीतिक, सतर्क, अनुकूल, विश्वसनीय और पारदर्शी बनने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने पुलिस से डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और एआई के कारण उत्पन्न चुनौतियों को भारत की दोहरी एआई शक्ति - कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ‘आकांक्षी भारत’ - का उपयोग करके अवसर में बदलने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने पुलिस बल के कार्यभार को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने पुलिस से आधुनिकीकरण करने और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप बनने का आग्रह किया
कुछ प्रमुख समस्याओं को हल करने में हैकाथॉन की सफलता पर चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुलिस हैकाथॉन आयोजित करने के बारे में विचार-विमर्श करने का सुझाव दिया
सम्मेलन में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, साइबर अपराध, आर्थिक सुरक्षा, आव्रजन, तटीय सुरक्षा और मादक पदार्थों की तस्करी सहित राष्ट्रीय सुरक्षा की मौजूदा और उभरती चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 नवंबर और 1 दिसंबर, 2024 को भुवनेश्वर में 59वें अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन में भाग लिया।
समापन सत्र में, प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक वितरित किए। अपने समापन भाषण में, प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मेलन के दौरान सुरक्षा चुनौतियों के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयामों पर व्यापक चर्चा हुई और चर्चाओं में सामने आयी जवाबी रणनीतियों पर संतोष व्यक्त किया।
अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री ने डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और एआई तकनीक के कारण उत्पन्न संभावित खतरों, विशेष रूप से सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को बाधित करने वाले डीप फेक की क्षमता पर चिंता व्यक्त की। एक जवाबी उपाय के रूप में, उन्होंने पुलिस नेतृत्व से भारत की दोहरी एआई शक्ति - कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ‘आकांक्षी भारत’ - का उपयोग करके चुनौती को अवसर में बदलने का आह्वान किया।
उन्होंने स्मार्ट पुलिसिंग के मंत्र का विस्तार किया और पुलिस को रणनीतिक, सतर्क, अनुकूल, विश्वसनीय और पारदर्शी बनने का आह्वान किया। शहरी पुलिस व्यवस्था में की गई पहल की सराहना करते हुए, उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक पहल को देश के 100 शहरों में समन्वित और लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस बल के कार्यभार को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का आह्वान किया और सुझाव दिया कि पुलिस स्टेशन को संसाधन आवंटन के लिए केंद्र बिंदु बनाया जाना चाहिए।
कुछ प्रमुख समस्याओं के समाधान में हैकाथॉन की सफलता पर चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पुलिस हैकाथॉन आयोजित करने पर भी विचार-विमर्श करने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने बंदरगाह सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और इसके लिए भविष्य की कार्य योजना तैयार करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
गृह मंत्रालय में सरदार वल्लभभाई पटेल के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने गृह मंत्रालय से लेकर पुलिस स्टेशन स्तर तक के पूरे सुरक्षा प्रतिष्ठान से अगले वर्ष उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान किया और पुलिस बल से पुलिस की छवि, पेशेवर कुशलता और क्षमताओं में सुधार लाने वाले किसी भी पहलू पर लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने पुलिस से आधुनिकीकरण करने और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप बनने का आग्रह किया।
सम्मेलन के दौरान आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, साइबर अपराध, आर्थिक सुरक्षा, आव्रजन, तटीय सुरक्षा और मादक पदार्थों की तस्करी सहित राष्ट्रीय सुरक्षा की मौजूदा और उभरती चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा पर उभरती सुरक्षा चिंताओं, शहरी पुलिस व्यवस्था के रुझानों और दुर्भावनापूर्ण आख्यानों का मुकाबला करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, नए बनाए गए प्रमुख आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन, विभिन्न पहलों और पुलिस व्यवस्था में सर्वोत्तम तौर-तरीकों के साथ-साथ पड़ोस में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रमों के दौरान बहुमूल्य जानकारी दी और भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार किया।
सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव भी शामिल हुए। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस सम्मेलन में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी/आईजीपी और सीएपीएफ/सीपीओ के प्रमुख भी उपस्थित थे तथा सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से विभिन्न रैंकों के 750 से अधिक अधिकारियों ने वर्चुअल रूप से भाग लिया।
भारत और कंबोडिया ने पुणे में पहला संयुक्त टेबल टॉप अभ्यास सिनबैक्स शुरू किया
नई दिल्ली | भारतीय सेना और कंबोडियाई सेना के बीच संयुक्त टेबल टॉप अभ्यास सिनबैक्स का पहला संस्करण आज विदेशी प्रशिक्षण नोड, पुणे में शुरू हुआ। यह अभ्यास 1 से 8 दिसंबर 2024 तक किया जाएगा। कंबोडियाई सेना की टुकड़ी में 20 सैनिक शामिल होंगे और भारतीय सेना की टुकड़ी में भी एक इन्फैंट्री ब्रिगेड के 20 सैनिक शामिल होंगे।
अभ्यास सिनबैक्स एक योजना अभ्यास है जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत संयुक्त आतंकवाद रोधी (सीटी) अभियानों का युद्ध अभ्यास करना है। अभ्यास में सीटी वातावरण में संचालन की योजना के अलावा खुफिया, निगरानी और टोही के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्य बल की स्थापना से संबंधित चर्चाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। विभिन्न आकस्मिकताओं पर युद्ध अभ्यास किया जाएगा और उप-पारंपरिक अभियानों में बल की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी। अभ्यास में सूचना संचालन, साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध, रसद और हताहत प्रबंधन, एचएडीआर संचालन आदि पर भी चर्चा की जाएगी।
अभ्यास तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। चरण-I संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान सीटी संचालन के लिए प्रतिभागियों की तैयारी और उन्मुखीकरण के बारे में होगा। चरण-II में टेबल टॉप अभ्यासों का संचालन शामिल होगा और चरण-III में योजनाओं को अंतिम रूप देना और सारांश बनाना शामिल होगा। इससे विषय-आधारित प्रशिक्षण के व्यावहारिक पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और प्रतिभागी स्थिति-आधारित चर्चाओं और सामरिक अभ्यासों के माध्यम से प्रक्रियाओं को समझ पाएंगे।
इस अभ्यास में भारतीय हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा जिससे रक्षा उत्पादन में ‘आत्मनिर्भरता’ और स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
अभ्यास सिनबैक्स का पहला संस्करण दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच विश्वास, सौहार्द बढ़ाने और अंतर-संचालन के वांछित स्तर को प्राप्त करने पर केंद्रित होगा। यह शांति स्थापना अभियानों के दोनों सेनाओं की संयुक्त परिचालन दक्षता को भी बढ़ाएगा।
दिल्ली हाट में वस्त्र मंत्रालय द्वारा ‘मास्टर क्रिएशन’ हस्तशिल्प कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली | बेहतरीन हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाला वस्त्र मंत्रालय का कार्यक्रम, “मास्टर क्रिएशन” 01 दिसंबर 2024 से 15 दिसंबर 2024 तक दिल्ली हाट, आईएनए मार्केट, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कारीगरों को उनके कौशल का प्रदर्शन करने और अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेचने के लिए एक मंच प्रदान करके उन्हें बढ़ावा देना और उनका समर्थन करना है। यह भारत की हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं को संरक्षित करने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास करता है।
मास्टर क्रिएशन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिल्प कौशल का उत्सव है। आगंतुकों को वस्त्र, मिट्टी के बर्तन, आभूषण, लकड़ी के काम और अन्य सहित हस्तनिर्मित उत्पादों की विविधतापूर्ण रेंज देखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक स्टॉल पर मास्टर कारीगरों द्वारा बनाई गई अनूठी कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी, जो भारत के पारंपरिक और समकालीन कला रूपों की झलक पेश करेंगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले 157 कारीगरों और बुनकरों में से 11 पद्म पुरस्कार विजेता, 18 शिल्प गुरु पुरस्कार विजेता, 22 संत कबीर पुरस्कार विजेता, 113 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और 3 राष्ट्रीय योग्यता प्रमाणपत्र धारक अपनी कृतियों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे।
वस्त्र मंत्रालय हथकरघा और हस्तशिल्प के प्रति उत्साही लोगों को भारत के प्रतिभाशाली कारीगरों और बुनकरों की कलात्मकता और शिल्प कौशल का जश्न मनाने के लिए दिल्ली हाट में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है ताकि हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में शामिल हो सकें।
विशेष आकर्षण:
• लाइव प्रदर्शन: बुनकरों और कारीगरों को सुंदर कपड़े और हस्तशिल्प बनाते हुए देखें।
• सांस्कृतिक प्रदर्शन: पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रदर्शन का आनंद लें जो भारत की जीवंत संस्कृति को दर्शाते हैं।
• फ़ूड स्टॉल: भारत के विभिन्न हिस्सों के स्वादिष्ट क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लें।
• स्टॉल की संख्या: 157
• समय: प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 9:00 बजे तक
भारतीय सेना और सिंगापुर के सशस्त्र बलों ने : संयुक्त सैन्य अभ्यास "अग्नि योद्धा - 2024" पूरा किया
नई दिल्ली | भारतीय सेना और सिंगापुर के सशस्त्र बलों के बीच द्विपक्षीय अभ्यास, संयुक्त सैन्य अभ्यास अग्नि वॉरियर (एक्सएडब्लू-2024) का 13वां संस्करण 30 नवंबर 2024 को देवलाली (महाराष्ट्र) की फील्ड फायरिंग रेंज में संपन्न हुआ। 28 से 30 नवंबर, 2024 तक आयोजित तीन दिवसीय अभ्यास में सिंगापुर सशस्त्र बल की जिस टुकड़ी ने भाग लिया, उसमें सिंगापुर आर्टिलरी के 182 कर्मी शामिल थे। भारतीय सेना की तरफ से आर्टिलरी रेजिमेंट के 114 सैनिक शामिल इस अभ्यास में शामिल हुए थे।
अभ्यास एक्सएडब्ल्यू-2024 का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत एक बहुराष्ट्रीय बल के रूप में एकजुटता हासिल करने के लिए अभ्यास और प्रक्रियाओं की आपसी समझ को अधिकतम करना था। इस अभ्यास में दोनों सेनाओं की आर्टिलरी द्वारा संयुक्त गोलीबारी कार्य योजनाओं, क्रियान्वयन और नई पीढ़ी के उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
इस कार्यक्रम में आर्टिलरी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अदोश कुमार, आर्टिलरी स्कूल के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एनएस सरना और सिंगापुर सशस्त्र बलों के मुख्य आर्टिलरी अधिकारी कर्नल ओंग चिउ पेरंग उपस्थित थे। गणमान्य व्यक्तियों ने उच्च स्तरीय व्यावसायिक कौशल और विशेषज्ञता का प्रदर्शन करने के लिए भाग लेने वाले सैनिकों की सराहना की।
इस अभ्यास में व्यापक स्तर पर संयुक्त तैयारी, समन्वय, एक-दूसरे की क्षमताओं की समझ, प्रक्रियाएं तथा भारतीय और सिंगापुर आर्टिलरी गतिविधियों के बीच सामान्य इंटरफेस का विस्तार शामिल था। यह सिंगापुर सशस्त्र बलों के सैनिकों द्वारा फायर पावर प्लानिंग की पेचीदगियों से अवगत कराने वाले सफल प्रशिक्षण की योजना थी। अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं ने विशिष्ट तकनीकों का उपयोग किया और संयुक्त प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों का आदान-प्रदान किया।
देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे : महाराष्ट्र में जल्द ही नई सरकार का गठन
नई दिल्ली | महाराष्ट्र में पांच दिसंबर को नई सरकार का गठन होगा। मुख्यमंत्री की रेस में देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने यह जानकारी दी है। सरकार गठन को लेकर फडणवीस, अजित पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक बैठक में महायुति के तीनों दलों के बीच विभागों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। हालांकि अभी तक सीएम चेहरे का एलान नहीं हुआ है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से जानकारी दी है कि महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन पांच दिसंबर को होगा। सीएम की रेस में देवेंद्र फडणवीस सबसे आगे हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को प्रचंड जीत मिली। गठबंधन ने प्रदेश की 288 विधानसभा सीटों में से 236 पर जीत दर्ज की है। सबसे अधिक भाजपा ने 132 सीटों पर चुनाव जीता है। शिवसेना के पास 57 और अजित पवार की पार्टी एनसीपी के पास 41 विधायक हैं।
विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी विधानसभा चुनाव में औंधे मुंह गिर गया। यह गठबंधन सिर्फ 48 सीटों पर सिमट गया। सबसे अधिक 20 सीटों पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने जीत दर्ज की। कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) ने महज 10 सीटों पर चुनाव जीता है। दो सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली है।
22 महीने से पेट में फंसी रही कैची... तेज दर्द पर कराई सोनोग्राफी तब हुआ खुलासा
भोपाल। मध्य प्रदेश के भिंड से डाक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक महिला के पेट में 22 महीना से कैची फंसी रही। जब उसे पेट में तेज दर्द हुआ तो उसने सोनोग्राफी करवाई जिससे मामले का खुलासा हुआ। अब महिला के पेट का ऑपरेशन करने की तैयारी ग्वालियर में की जा रही है। जल्द ही उसका ऑपरेशन ग्वालियर में होने वाला है। दरअसल सौंधा गांव निवासी एक महिला का 22 महीने पहले पेट का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की कैंची उसके पेट में ही रह गई और टांके लगा दिए गए।
पेट में दर्द होने के बाद महिला ने डॉक्टर से संपर्क किया तो डॉक्टर के द्वारा पेट का सीटी स्कैन कराया गया। लेकिन सीटी स्कैन में दिखाई दिया कि पेट में तो कैंची है। जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरत में पड़ गए हैं। अब महिला का दोबारा ऑपरेशन करके कैंची को बाहर निकाला जाएगा। उल्लेखनीय है कि ग्राम सौंधा थाना गोरमी निवासी कमला देवी पत्नी कमलेश उम्र 40 वर्ष कुछ समय पूर्व कैंसर रोग से पीड़ित थी। इसलिए ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में चिकित्सकों के द्वारा उसके पेट का ऑपरेशन किया गया था। लेकिन ऑपरेशन के समय चिकित्सकों के द्वारा बड़ी लापरवाही की गई जिसके चलते महिला के पेट में ही कैंची रहगई थी। कुछ दिन पहले से महिला के पेट में तेज दर्द हो रहा था।
महिला भिण्ड जिला अस्पताल में इलाज के लिए आई और चिकित्सकों ने उसे वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरु कर दिया था। लेकिन महिला को दर्द से राहत नहीं मिल पा रही थी। जिसके चलते चिकित्सक के द्वारा महिला के पेट का सीटी स्कैन कराया गया। सीटी स्कैन रिपोर्ट आई तो चिकित्सक हैरत में पड़ गए क्योंकि महिला के पेट में कैंची दिखाई दे रही थी। रिपोर्ट को देखने के बाद महिला के पति भी काफी चिंतित नजर आने लगे हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि महिला का जिसका ऑपरेशन ग्वालियर में किया जाएगा। और कैंची को बाहर निकाला जाएगा।