दिव्य महाराष्ट्र मंडल
शिवाजी महाराज के 352वें राज्याभिषेक दिवस पर 365 दीपों से महाआरती
- महाराष्ट्र मंडल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया शिवाजी का दुग्धाभिषेक

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति ने तात्यापार चौक स्थित शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा के समक्ष शिवाजी महाराज का 352वां राज्याभिषेक दिवस उत्साह के साथ मनाया। सोमवार शाम 6.30 बजे आचार्य चेतन दंडवते और तात्यापारा हनुमान मंदिर के पुजारी संदीप देशपांडे ने मंत्रोच्चार के साथ शिवाजी महाराज का दुग्धाभिषेक कराया। जिसके उपरांत शिवाजी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर 365 दीपों से महाआरती की गई। इस दौरान शिवाजी के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा, विशेष अतिथि के रुप में तात्यापारा वार्ड पार्षद श्वेता विश्वकर्मा, कुनबी समाज के प्रदेश संरक्षण एसएस ब्राह्मणकर उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने कहा कि हम आज तक शिवाजी महाराज की जयंती मनाते आ रहे थे। महाराष्ट्र मंडल ने हमें बता दिया है, राज्याभिषेक दिवस जैसी भी कोई चीज होती है। इस आयोजन के माध्यम से हमें शिवाजी महाराज के बारे में जानने का मौका मिलता है। शिवाजी महाराज एक ऐसे साहसी और संकल्पित योद्धा थे, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में ‘हिंद स्वराज्य’ के संस्थापक के रूप में कई ऐतिहासिक कार्य किए। 6 जून, 1674 को अपूर्व भव्यता के साथ वह छत्रपति, ‘सर्वोच्च संप्रभु’ के रूप में सिंहासन पर बैठे। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिससे इस संप्रभु और शक्तिशाली हिंदू साम्राज्य की नींव पड़ी।

कार्यक्रम की विशेष अतिथि तात्यापारा वार्ड की पार्षद श्वेता विश्वकर्मा कहा कि मराठी समाज, तात्यापारा चौक और यहां स्थापित वीर शिवाजी प्रतिमा से उनका बरसो पुराना नाता है। आज मेरे लिए यह गौरव की बात है कि मैं इस कार्यक्रम की सहभागी बनीं।
महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र मंडळ की युवा समिति शिवाजी महाराज की महाआरती हर माह के 19 तारीख को विगत कई वर्षों से कर रही है। इस महाआरती के दिन हम शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों पर चर्चा भी करते है, ताकि आज की युवा पीढ़ी उनके विचारों और हिंदूत्व की भावना को जान सकें।

कुनबी समाज के प्रदेश संरक्षण एसएस ब्राह्मणकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 17वीं शताब्दी में ‘हिंद स्वराज्य’ के संस्थापक के रूप में शिवाजी महाराज ने कई ऐतिहासिक कार्य किए। उनकी युद्ध नीति आज हमारे देश के जवानों को लिए वरदान है।

महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने शिवाजी महाराज के युद्ध कौशल और उस समय की परिस्थिति को वर्तमान परिस्थिति से जोड़ते हुए कहा कि आज जो बंगाल में चल रहा, जिसे वहां के लोग महसूस कर रहे है। ठीक वैसी ही स्थिति शिवाजी महाराज के समय में रही होगी।

महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि इससे पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते, पंडित संदीप देशपांडे सहित अन्य समाजजनों ने शिवाजी महाराज का दुग्धाभिषेक किया। और महिलाओं ने 365 दीयों से शिवाजी महाराज की महाआरती की। बाल शिवाजी के भेष में पार्थ शेष और मोरया जोशी ने मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम का जय घोष कर लोगों का ध्यान खींचा।

शहीद गिरपुंजे को महाराष्ट्र मंडल ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
रायपुर। एर्राबोर मार्ग पर डोण्डरा गांव के पास क्रेशर प्लांट में नक्सलियों की ओर से लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल कोंटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए। चंगोराभाठा रायपुर निवासी गिरपुंजे के अंतिम संस्कार पर मंगलवार को महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
एनर्जी का पंप हाउस है स्टाफ और मीटिंग रूमः मुकेश शाह
- संत ज्ञानेश्वर स्कूल में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे शिक्षाविद् मुकेश साह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय का नया शिक्षण सत्र शुरू होने वाला है। इससे पूर्व शिक्षकों में पाजीटिव एनर्जी के संचार के लिए स्कूल में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षकों में एनर्जी दोगुनी करने के लिए राजधानी के प्रसिद्ध शिक्षाविद् मुकेश शाह स्कूल पहुंचे। उन्होंने अपनी सकारात्मक बातों से जहां शिक्षकों का मार्गदर्शन किया वहीं उन्होंने कहा कि आपका स्टाफ रूम, मीटिंग रूम स्कूल का सबसे बड़ा एनर्जी हाउस है। अगर आप यहां नियमित रुप से समय देकर अन्य टीचर्स के साथ बैठते है तो आप एनर्जी लेकर क्लासरूम में जाएंगे। और जितनी पाजीटिव एनर्जी के साथ आप बच्चों के पास जाएंगे आप अपना प्रभाव बच्चों पर छोड़ पाएंगे। क्योंकि यही वो प्रोफेशन है जहां आप रिटायर नहीं होते। आपको आपके पढ़ाए बच्चे जीवन पर्यंत याद रखेंगे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि मैं इस प्रोफेशन में फोर्सफुली आया। फिर यह मेरा जुनून बन गया। शुरूआत के साढ़े तीन साल मैंने 300 रुपये महीने की नौकरी की। वह मेरे जीवन का सबसे अच्छा समय था। आप इस क्षेत्र में अपनी च्वाइस से आए है तो यह आपके लिए और भी ज्यादा अच्छा है। उन्होंने कहा कि आप अपने काम से प्रेम करिए। यह मन में बिल्कुल भी न लाए कि मैं तो 9 से 12 या 12 से 5 का टीचर हूं। टीचर तो टीचर होता है, 24 घंटे। आप लोगों ने जिस स्कूल में पढ़ाई की आप वहां जाते होंगे तो यह बोलते होंगे कि इस क्लास रूम में मैंने पढ़ाई की। इस बेंच में मैं बैठा करती थी। जब एक साल पढ़ाई करने पर आपको उस क्लास रूम और स्कूल से प्रेम है। आप यहां न जाने कितने बैच को पढ़ा चुकी है। यहां रोज आती है। हर वर्ष बच्चे बदलते जाते है। तो फिर इस क्लास से भी उतना ही प्रेम होना चाहिए।
मुकेश शाह ने कहा कि बीते शिक्षण सत्र में इस स्कूल के तीन बच्चों ने बोर्ड की मेरिट सूची में स्थान बनाया। जिन टीचर ने उन बच्चों को पढ़ाया सिर्फ उन्हें ही नहीं पूरे स्टाफ को इस बात पर गर्व करना चाहिए कि आप उस स्कूल या उस परिवार के अहम् सदस्य है जिसके बच्चों ने मेरिट में स्थान बनाया। आप यह मन में बिल्कुल मत सोचिए कि यह महाराष्ट्र मंडल का स्कूल है, बल्कि यह सोचिए कि यह मेरा स्कूल है। घर पर 5 या 6 सदस्य होते है और घर पर उठने, खाने, पीने, बैठने, टीवी देखने या कहीं बाहर घुमने के लिए एक सिस्टम बना होता है। वैसे ही स्कूल में नियम और सिस्टम बनाए जाते है। इसलिए स्कूल के नियम कायदे कानून को घर पर बनाए नियम की तरह ही समझे। उन्होंने कहा कि इसके साथ यह भी बेहद जरूरी है कि हमें जहां से अर्थ की प्राप्ति हो रही हो वहां का सम्मान हम अवश्य करें। कार्यशाला में स्कूल प्रभारी परितोष डोनगांवकर, प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोड़ीतेलवार सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित थे।
पढ़ाई के दौरान बच्चों को आसानी से समझ में आने वाली भाषा में हो संवाद
आईआईटी भिलाई और यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिगेन ने अंतर्राष्ट्रीय सेंसर रिसर्च हब शुरू करने किया एमओयू
रायपुर। इंडो -जर्मन शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के एक ऐतिहासिक कदम में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई ने जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिगेन के साथ एक मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी सह-शोध, शैक्षणिक आदान-प्रदान, और “सेंसर” विषय पर एक संयुक्त केंद्र की स्थापना के मार्ग प्रशस्त करती है, जिसे आईआईटी भिलाई में स्थापित किया जाएगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर समारोह यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिगेन में आयोजित किया गया, जहाँ दोनों संस्थानों के गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जर्मनी में भारतीय दूतावास का प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ. रामानुज बैनर्जी ने इस सहयोग को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय संबंधों को गहन बनाने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया।
इस एमओयू की एक प्रमुख विशेषता सेंसर प्रौद्योगिकियों पर अनुसंधान के लिए एक संयुक्त केंद्र की स्थापना है, जिसे आईआईटी भिलाई और यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिगेन के प्रमुख विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से प्रबंधित और संचालित किया जाएगा। यह केंद्र स्वास्थ्य सेवा, स्मार्ट अवसंरचना, और पर्यावरण निगरानी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक अत्याधुनिक हब होगा।
आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह साझेदारी छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक दृष्टिकोण, उन्नत अवसंरचना तथा तकनीकी विशेषज्ञता तक पहुँच प्रदान करेगी, जिससे नवाचार और उत्कृष्टता की संस्कृति को पोषण मिलेगा।” इस सहयोग से अंतःविषय अनुसंधान में नए मुकाम हासिल होने और वैश्विक शैक्षणिक तथा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।
मंडल की छह महिला केंद्रों में हुआ रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओऱ से प्रति शनिवार को होने वाला राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ जेष्ठ मास की भागवत एकादशी के अवसर पर 7 जून को अभियान के 75 सप्ताह को पूर्ण कर गया। इस शनिवार सरोना, सुंदर नगर, रोहिणीपुरम, टाटीबंध, डंगनिया और चौबे कालोनी महिला केंद्र द्वारा पाठ किया गया।

डंगनिया महिला केंद्र की टीम ने केंद्र की सदस्या दिव्या पात्रीकर के निवास पर हनुमान चालीसा एवं राम रक्षा स्तोत्र के साप्ताहिक पाठ किया। जिसकी शुरूआत गणेश स्तोत्र के साथ की गई। बाद में हनुमान चालीसा एवं राम रक्षा का पाठ किया गया। भागवत एकादशी के अवसर पर विट्ठल भगवान के भजन भी गाए गए। अंत में श्रीराम एवं हनुमान जी की आरती के साथ समापन किया गया। एकादशीनिमित्त उपवास के पदार्थ का प्रसाद रूप में वितरण किया गया।

अंत में दिव्या पात्रीकर द्वारा संत एकनाथ के जीवन का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनके द्वारा रची गई मराठी रचनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर शुभांगी रुद्रजवार, जया भावे, नमिता शेष, अंजली काळे, रश्मी डांगे, श्रद्धा देशमुख, प्रिया जोगळेकर, अर्चना टेंबे, शैला गायधनी, प्रणिता इन्चुरकर, अर्चना कुलकर्णी, ज्योति डोळस उपस्थित थीं।

आध्यात्मिक समिति की समन्वक आस्था काले ने बताया कि रोहिणीपुरम महिला केंद्र की टीम ने मंगला पूरणकर के निवास में पाठ किया। इस दौरान अर्चना मोहलीकर, अल्का कुलकर्णी, राजश्री वैद्य, अपर्णा वरारपांडे, जयश्री भुरे, श्यामल जोशी, चित्रा बल्की, साधना बहिरट और मंगला पूरणकर उपस्थित रहीं। इसी प्रकार टाटीबंध केंद्र की कीर्ति भिते, रश्मि गोवर्धन, अंजली खेर औ र नंदा दाहिकर ने स्थानीय मंदिर में पहुंच पाठ किया। इसके साथ चौबे कालोनी महिला केंद्र की टीम ने महाराष्ट्र मंडल में पाठ किया। इस दौरान अपर्णा कालेले, मनीषा वरवंडकर, अक्षता पंडित, प्राची डोनगांवकर, प्रीति शेष, अल्का मराठे, सुनीता कुलकर्णी, अवंती अग्निहोत्री, उज्वला पुराणिक, सुनंदा बेंद्रे, पल्लवी मुकादम और संध्या पांडे उपस्थित थीं।

काले ने आगे बताया कि सरोना केंद्र की महिलाओं ने सालसार ग्रीन सोसायटी के हनुमान मंदिर में रामरक्षा स्त्रोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान किरण अनवेकर, प्रवीणा बापट, प्रियंका बोरवणकर, दिप्ती शिलेदार, रमा धारवाडकर, आरती ठोंबरे, अलका मोडक उपस्थित रही। इसके साथ सुंदर नगर केंद्र की टीम ने सुरभि गनोदवाले के निवास पर पाठ किया। इस दौरान सुरभि गनोदवाले, सोनम गनोदवाले, साक्षी जोशी, अंकिता किरवई, यशस्वी दंडवते, सुजाता निबंलकर, मैथिली बक्षी, मनीषा देशपांडे, अस्मिता कुसरे, निष्ठा सप्रे उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल शिवाजी राज्याभिषेक दिवस तात्यापारा चौक पर मनाएगा 9 जून को
पर्यावरण संरक्षण के लिए महाराष्ट्र मंडल के साथ कार्य करेगा सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों में सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम अपनी सहभागिता निभाएगा। पर्यावरण दिवस पर मंडल में आयोजित संगोष्ठी पर सहभागिता निभाते हुए फोरम के अध्यक्ष प्रकाश सुराधनीवार ने उक्तशय के विचार रखे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मंडल समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। अध्यक्ष अजय मधुकर काले की अगुवाई में यह समाजसेवा का प्रयास प्रशंसनीय है। अब पर्यावरण संरक्षण को लेकर सीनियर सिटीजन वेलफेयर फोरम में साथ होगा।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रकाश सुराधनीवार ने कहा कि आज पर्यावरण दिवस पर हमारे बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजिया राहटकर पहुंची। जिन्हें सुनने का मौका हमें मिला। वहीं कृषि वैज्ञानिक डॉ विजय जैन ने हमें बताया कि घर पर कौन-कौन से पौधे लगाए जो हमें आक्सीजन देंगे। हम प्रयास करेंगे कि फोरम के सभी सदस्य अपने अपने घरों पर उन पौधों को लगाए। और डॉ जे एस उरकुरकर ने हमें पौधों की देखरेख को लेकर कई टिप्स दिए। जो हमारे लिए काफी कारगर साबित होंगे। फोरम के सचिव राजकुमार शुक्ला ने भी सभी को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हम पर्यावरण के लिए सजग नहीं होंगे तो आने वाला कल बड़ी परेशानी लेकर आएगा।
अपनों के बीच पहुंचो तो मिलता है अपनत्व का भावः विजिया
- राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजिया राहटकर पहुंची मंडल
रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग नईदिल्ली की अध्यक्ष विजिया राहटकर पहुंची। अपने एक दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान विशेष रूप में महाराष्ट्र मंडल के लिए समय निकाला और 5 जून को शाम 7 बजे चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल पहुंची। उन्होंने कहा कि आज आप सभी के बीच पहुंच मुझे ऐसे लग रहा है कि मैं अपनों के बीच आई हूं। और यहीं अपनत्व का भाव मुझे दोबारा यहां आने को प्रेरित कर रहा है।

संगोष्ठी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज हम विश्व पर्यावरण दिवस पर यहां जुटे है। निःसंदेह समाजसेवी संगठनों के प्रयास से इस दिशा में नई क्रांति लिखी जाएगी। महाराष्ट्र मंडल लगातार सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। 5 हजार से अधिक सदस्यों वाला यह महाराष्ट्र मंडल महिलाओं के लिए काफी कुछ कर रहा है। नारी शक्ति को समर्पित इनके कार्य लोगों को प्रेरणा देंगे। यहां भी नारी शक्ति की संख्या अधिक है। मैं आज उन महिलाओं के बीच हूं तो आज भी हर महीने चतुर्थी करना नहीं भूलती है। इनका यही अपना मुझे यहां दोबारा आने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। इस सभा से मैं आप सभी से वादा करती हूं कि जल्द ही मैं यहां के लिए आफिशियल नहीं निजी दौरा बनाउंगी और मंडल की सभी समितियों से मिलुंगी।

इससे पूर्व महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने राष्ट्रीय महिला आयोग नईदिल्ली की अध्यक्ष विजिया राहटकर, झारखंड से पहुंची सदस्या ममता कुमारी और अन्य सदस्यों को बताया कि 90 वर्षीय महाराष्ट्र मंडल में 1939 में राष्ट्री य स्वकयं सेवक संघ के संस्थायपक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने आकर मानव सेवा का पाठ सिखाया था, जिसे मंडल ने आत्मसात किया। और उनके दिखाए रास्ते पर हम चल रहे है। मंडल अध्यक्ष काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए मध्यप्रदेश के पहला महिला वर्किंग वूमेन हास्टल 40 साल पहले खोला जो आज भी चल रहा है। वहीं दिव्यांग बालिका विकास गृह भी संचालित किया जा रहा है। जहां दिव्यांग बच्चियों का रहना, खाना, पढ़ना सभी खर्च मंडल वहन करता है।

महाराष्ट्र मंडल की परामर्श समिति की प्रमुख शताब्दी पांडे ने कहा कि कि आज अपने अल्प प्रवास के दौरान सिर्फ एक अनुरोध पर राष्ट्रीय महिला आयोग नईदिल्ली की अध्यक्ष विजिया राहटकर हमारे बीच पहुंची यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। परिवार परामर्श समिति एवं रोहिणीपुरम महिला केंद्र ने विजिया जी का सम्मान किया और उन्हें प्रधानमंत्री के आह्वान पर रोहिणीपुरम महिला केंद्र द्वारा चलाए रहे एक पेड़ मां के नाम अभियान की जानकारी दी। एक पेड़ मां के नाम लगाने वाली महिलाओं ने विजिया जी से मुलाकात भी की। कार्यक्रम का संचालन मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने किया।
सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम और तुलसी का पौधा हमें देगा 24 घंटे आक्सीजन



महाराष्ट्र मंडल के ऑनलाइन बाल संस्कार शिविर का समापन 6 जून को
संत ज्ञानेश्वर के शिक्षकों ने जाना विज्ञान, गणित और अकाउंट्स कैसे मदद करेगा रोबोटिक्स विज्ञान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में टेक्निकल एजुकेशन में जोर देते हुए कंप्यूटर क्लासेस में रोबोटिक विषय को जोड़ने की के तहत संपूर्ण स्टाफ की एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसे रोबोटिक स्पेशलिस्ट ' मोहम्मद उमर दराज' ने लिया। मो. उमर ने रोबोटिक विषय के बारे में संपूर्ण फैकल्टी को जानकारी देते हुए तथा कंप्यूटर और लैपटॉप के माध्यम से प्रोग्रामिंग और रोबोटिक्स को प्रदर्शित करते हुए प्रयोगिक जानकारी भी दी।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बताया कि मो. उमर ने विद्यालय के कंप्यूटर टीचर वर्षा मैडम और राजपूत सर की मदद से अपने रोबोट प्रोग्रामिंग आदि की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषा को छोड़कर रोबोटिक्स विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और अकाउंट्स आदि सभी विषयों में बच्चों को और शिक्षकों को मदद करेगा। उन्होंने बताया कि रोबोटिक एक्टिविटी बेस और लर्निंग बेस विषय है। हमारी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सभी विद्यालयों में रोबोटिक की स्वामी शिक्षा उपलब्ध करा रही है, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में तकनीकी ज्ञान समृद्ध रहे।
सभी शिक्षकों ने पूरी कार्यशाला में बड़े ध्यान से सुना और उनकी बातों को समझा और अपने डाउट्स को क्लीयर किया। जैसे अपर्णा मैडम ने स्टीम का फुल फॉर्म पूछा, STEM इस टाइम का फुल फॉर्म साइंस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा मैथ्स ऐसा उमर सर ने बताया।
लाल मैडम ने प्रोग्रामिंग से संबंधित प्रश्न किया तथा ड्रे एंड ड्रॉप मेथड को समझने का प्रयास किया। अस्मिता मैडम ने मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक व डिजाइनिंग थिंकिंग को समझने का प्रयास किया।। सभी की शंकाओं का मो. उमर ने तथा रोबोटिक से रिलेटेड वीडियो भी प्रदर्शित किया। इस कार्यशाला का संचालन तथा निर्देशन सह प्रभारी नवीन देशमुख ने किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने जीईसी कैम्पस में रोपे पौधे
रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस सेजबहार में एनएसएस की टीम और कालेज स्टाफ के साथ पौधरोपण किया है। इस दौरान आम, पारिजात, जामुन, नीम, केसिया सामिया और झारूड के पौधे लगाए गए। पौधरोपण की शुरूआत प्रिंसिपल डॉ एमआर खान ने आम का पौधा लगाकर की।
पर्यावरण समिति के समन्वयक अभय भागवतकर ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंडल की पर्यावरण समिति ने मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले के मार्गदर्शन में गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस सेजबहार में पौधरोपण किया। पौधरोपण कार्यक्रम की शुरूआत जीईसी के प्राचार्य डॉ एमआर खान ने आम का पौधा लगाकर की। जिसके बाद पर्यावरण समिति, एनएसएस के छात्र और कालेज के स्टाफ ने मिलकर पौधरोपण किया।
पर्यावरण समिति की पुरुष प्रमुख वैभव बर्वे और महिला प्रमुख अनघा करकशे ने बताया कि आज शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में मंडल की पर्यावरण समिति ने पौधरोपण किया। इस वसर पर पर्यावरण समिति की अर्चना पराड़कर सीमा मिसले के साथ कालेज के प्राचार्य डॉ एमआर खान,डॉ अजय त्रिपाठी, डॉ आरएस परिहार , डॉ श्वेता चौबे, रवि कुमार, प्रशांत साहू पीओ एनएसएस, डॉ शशिबाला किंडो पीओ एनएसएस, मंजीत सोनवानी, मंगल सिंह मेरावी, संदीप गोयल सर, एनएसएस के प्रदीप मतावले, भानुप्रताप आदिले, दीपांजलि साहू, चंद्रकला शोरी, नीलकमल राम, राजू पटेल, लक्ष्मण प्रसाद पटेल, दिनेश सिन्हा उपस्थित थे।
'सहयोग' में सदस्यों ने धुनों से गानों को पहचान कर दिया स्वर'
रायपुर : सुपर फुड मुनगा से कोकड़ी की महिलाओं को रही लाखों की कमाई
औषधीय गुणों से भरपूर सुपर फुड मुनगा की फसल लेकर धमतरी जिले के ग्राम कोकड़ी की महिलाएं अपनी आमदनी दुगुना कर रहीं हैं। मुनगा को सब्जी के तौर पर तो उपयोग किया ही जाता है। इसके साथ ही मुनगे की पत्तियों का पावडर मल्टीविटामिन सप्लीमेंट के साथ ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और बीपी को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। यही वजह है कि महिलाएं मुनगा की बिक्री ना केवल आसपास के बाजारों में कर रहीं हैं, बल्कि राजधानी रायपुर में भी इसकी सप्लाई कर रहीं हैं। इससे उन्हें दुगुनी आमदनी मिल रही है।
धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड स्थित ग्राम पंचायत कोकड़ी की जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रामेश्वरी साहू बतातीं हैं कि उनके समूह में 12 सदस्य हैं, जो मिल-जुलकर मुनगे की खेती कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि गांव के खाली पड़े लगभग साढ़े तीन एकड़ से अधिक की भाठा जमीन पर मिश्रित खेती करने के लिए उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 11 लाख 44 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इसके बाद महिलाओं ने इस भाठा जमीन पर साल भर मेहनत किया और उनके द्वारा लगाए गए पौधे लहलहाने लगे। इन पौधों में मुनगा के अलावा करौंदा, आंवला और नींबू के पौधे शामिल हैं। मुनगे के पेड़ों में फल जल्दी लगने लगे और साल में दो फसल मिलने लगी। इससे महिलाओं को दुगुनी आय मिल रही है। साहू बताती हैं कि उनके इस अभिनव प्रयोग को देखने के लिए जिले के अन्य गांव के लोग भी आते हैं और उनसे इसका प्रशिक्षण भी लेकर जाते हैं।
आजकल खेती के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है और आधुनिक तरीके से भी लोग खेती कर रहे हैं। धान, गेहूं, दलहन-तिलहन के अलावा अब लोग सब्जियों की फसल लेने में आगे आ रहे हैं और मुनाफा भी कमा रहे हैं। मुनगा का पौधा किसी भी जमीन पर आसानी से उगने और कम पानी में भी जल्द फल देने वाला पौधा है। इसमें प्रोटिन, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन बी, सी और ए की मात्रा भरपूर होती है। मुनगा के जड़, छाल, फूल, पत्तियां और फल सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यह सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत से भी सीधा रिश्ता रखता है। मुनगे के इसी गुण के कारण इसकी अच्छी खासी मांग रहती है।
‘जानिए घर पर लगाए कौन से पौधे जो देंगे आपको आक्सीजन’
कार्यशालाः संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने जाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की
