सिविल लाइन महिला केंद्र की बैठक में डॉ.विनया मायस्कर ने दिए हेल्थ टिप्स
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सिविल लाइन महिला केंद्र की मासिक बैठक 9 जुलाई को हुई। बैठक में डॉ.विनया मायस्कर केंद्र की महिलीओं को हेल्थ टिप्स दिए। वहीं बैठक में केंद्र की कार्ययोजनाओं पर लंबी चर्चा हुई। बैठक में 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आने वाली स्वास्थ्यगत परेशानियों पर परिचर्चा आयोजित की गई। डॉ.विनया मायस्कर ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के साथ डाइट में क्या रखें और क्या न रखें पर भी टिप्स दिए।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया मंडळ के सभी 15 केंद्रों में नियमित रुप से मासिक बैठक होती है। बीते 9 जुलाई को सिविल लाइन महिला केंद्र की बैठक हुई। बैठक में सिविल लाइन महिला केंद्र की उपस्थिति काफी अच्छी रही। बैठक में विशेष रुप से पहुंची डॉ.विनया मायस्कर ने 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए जरूरी स्वास्थगत सलाह दिए।
परिचर्चा में डॉ.विनया मायस्कर ने बताया कि समय के साथ महिलाओं में स्वास्थत परेशानी आनी शुरू हो जाती है। 50 साल की उम्र के बाद शरीर में कई तरह के हार्मोनल चेंजेस आते हैं, जो शरीर में कई बदलाव लाते हैं। अधिकतर महिलाओं का ये मेनोपॉज और प्री मेनोपॉजल स्टेज होता है, ऐसे में मेनोपॉज हार्मोन, हड्डियों की सेहत, नींद और याददाश्त को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में समय रहते हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग होने की जरूरत है। 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को अलसी से बने खाद्य पदार्थों, सोयाबीन, दूध और कैल्सियम की गोलियों का सेवन करना चाहिए।
डॉ.विनया मायस्कर ने बताया कि शरीर में मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा होने से मसल्स का तनाव भी कम होता है, साथ ही यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है। मैग्नीशियम के लिए आप भिंडी, तुलसी के पत्ते, कद्दू के बीज, बादाम, काजू, लोबिया, पालक और खजूर आदि का भरपूर सेवन करें। वहीं 50 की उम्र के बाद कैल्शियम का सेवन बढ़ा लें, इससे हड्डियों के नुकसान को रोका जा सकता है। इसके लिए आप सीड्स, ड्राई फ्रूट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स, दाल, हरी और पत्तेदार सब्जियां और सोयाबीन आदि को अपने आहार का हिस्सा बनाएं।
सिविल लाइन महिला केंद्र की संयोजिका शोभा जोशी ने बताया कि 9 जुलाई को हुई बैठक सफल रही। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही। डॉ.विनया मायस्कर के हेल्थ टिप्स हम सभी के लिए कारगार साबित होंगे। वहीं बैठक में केंद्र की आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। संस्कार केंद्र, वार्षिक बैठक, सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजनों और मंडळ के नये सदस्य बनाने पर भी चर्चा की गई। इसके साथ मंडळ के नये सदस्यों को मंडळ के सभी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक में प्रमुख रुप से विजया औरंगाबादकर, ऋतिका पटवर्धन, सुनंदा खानखोजे, मंजिरी गोविलकर, कल्पना पटवर्धन, हेमा बर्वे, केळकर, मीना विभूते, फड़के, दीपा नागझिरे प्रमुख रुप से उपस्थित थे।


