श्रावण में इस बार अधिक मास... महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्म समिति ने लिया बड़ा निर्णय... तो सभी सदस्यों से किया यह आग्रह
2023-07-06 04:18 PM
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रायपुर। श्रावन मास, जिसे आम बोलचाल की भाषा में सावन का महीना कहा जाता है। सौभाग्यवश इस साल यह महीना अधिक मास के साथ आया है, यानी इस बार सावन 59 दिनों का हो गया है। इस बार श्रावण मास में 8 सोमवार होंगे, तो 8 गौरी पूजन का अवसर भी मिलेगा। श्रावण मास के शुरुआत के साथ ही देवशयन भी हो चुका है, यानी जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा पर जा चुके हैं, ऐसे में सृष्टि संचालन भगवान भोलेनाथ की जिम्मेदारी है, जिनके आराध्य श्रीहरि विष्णु ही हैं।
ऐसी मान्यता है कि श्रीहरि विष्णु जब योग निद्रा में होते हैं, उस समय वे सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी से मुक्त होते हैं और अपने भक्तों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। यानी उनका पूरा ध्यान अपने उन भक्तों पर होता है, जो पूरे समय श्रीहरि की अराधना में लीन होते हैं। यही समय होता है, जब श्रीहरि की निष्काम भावना से अराधना कर उनकी कृपा जल्द पा सकते हैं।
इस बात को ध्यान रखते हुए महाराष्ट्र मंडल की महिला सदस्यों की एक बैठक आध्यात्म समिति ने शुक्रवार 7 जुलाई को शाम 5 बजे चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल भवन में आहूत की है। आध्यात्म समिति की प्रभारी आस्था काले ने बताया कि इस बैठक के माध्यम से मंडल की सभी महिला सदस्यों के सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही श्रावण माह के अधिक मास को लेकर भक्तिपूर्ण कार्यक्रम तय किया जाएगा।
आस्था काले ने कहा कि आध्यात्म समिति ने श्रावण मास के दौरान भजन—कीर्तन, पाठ—पाठांतर सहित अन्य कार्यक्रम किए जाने की योजना बनाए जाने के लिए सभी सदस्यों को आमंत्रित किया है, ताकि सभी की मौजूदगी में निर्णय लिया जा सके और सभी के सुझावों पर ध्यान देकर कार्यक्रमों को विस्तार दिया जा सके।





