छत्तीसगढ़
नारायणपुर में नक्सलियों ने मचाया उत्पात... सड़क निर्माण में लगे वाहनों को फूंका
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के कुरुषनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जीवलापदर गांव में सड़क निर्माण में लगे वाहनों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। इस नक्सली वारदात के बाद गांव में दहशत देखा जा रहा है, वहीं जानकारी लगते ही पुलिस पार्टी रवाना हो गई है।
बतादें कि नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम जीवलापदर में नक्सलियों ने देर रात सड़क निर्माण में लगे वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इन गाडिय़ों को पुल निर्माण कार्य में लगाया गया था। जिन वाहनों को आग के हवाले किया गया है, उनमें टैंकर, मिक्सर मशीन एवं ट्रैक्टर वाहन आदि शामिल हैं। इसके अलावा नक्सलियों के द्वारा आगजनी के दौरान पुल निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के एक मोटर साइकिल वाहन को भी अपने साथ ले गए है।
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों के अनुसार 50 की संख्या में हथियार बंद नक्सली आये हुए थे, घटना को अंजाम देने के बाद सभी वहां से चले गए, फिलहाल इलाके में दहशत है, घटना देर शाम की बताई जा रही है।
पुसौर पहुंचे सीएम साय... अखिल भारतीय वैदिक महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह में होंगे शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का रायगढ़ जिले के पुसौर के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम हेलीपेड पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी पहुंचे। हेलीपेड में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिकों ने गुलदस्ता भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में सत्य के प्रकाशक महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200 वीं जयंती पर ज्ञान ज्योति पर्व की श्रृंखला में अखिल भारतीय वैदिक महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन आर्ष गुरूकुल आश्रम, तुरंगा पोस्ट पढ़िगांव जिला-रायगढ़ में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष डॉ.रामकुमार पटेल करेंगे।
कार्यक्रम में पूज्य स्वामी धर्मानंद सरस्वती, परम पूज्य महा.सर्वेश्वरदास, परम पूज्य राधेश्याम दास, परम पूज्य सीताराम दास, परम पूज्य लोचन दास, परम पूज्य दिव्यकान्त दास, परम पूज्य स्वामी परमात्मानंद, डॉ.कुंजदेव मनीषी, आचार्य सुरेश कुमार, आचार्य मुकेश कुमार, आचार्य वेदप्रकाश एवं अवनी भुषण पुरंग उपस्थित रहेंगे।
संचालक आचार्य राकेश कुमार, अध्यक्ष किशनलाल अग्रवाल एवं मंत्री प्रहलाद प्रसाद आर्य, घनश्याम पटेल, जगन्नाथ प्रधान एवं तेजराम एवं डोलेश्वर गुप्ता तथा समस्त गुरूकुल परिवार एवं अन्तेवासीगण ने इस आयोजन में सभी आर्य सज्जन को उपस्थित होने हेतु सादर आमंत्रित किया है।
छत्तीसगढ़ वारियर्स स्क्वॉयड’ की लॉन्चिंग....सीएम ने किया 21 नंबर जर्सी का लोकार्पण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के निजी होटल में छत्तीसगढ़ वेटरन क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित छत्तीसगढ़ वार्रियर्स स्क्वॉयड’ के लॉन्चिंग कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ वारियर्स स्क्वॉयड के लोंगो तथा 21 नंबर की जर्सी को लॉन्च करते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
बतादें कि इंडियन वेटरन प्रीमियर लीग छत्तीसगढ़ वारियर्स सहित देश के विभिन्न राज्यों से कुल 6 टीमें भाग ले रही है। इनके बीच कुल 18 मैचेस होंगे। इसका आयोजन देहरादून-उत्तराखंड में 23 फरवरी से 3 मार्च 2024 तक किया गया है। छत्तीसगढ़ वारियर्स की टीम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके यूसुफ पठान, मुनाफ पटेल, नमन ओझा, स्टुवर्ड बिन्नी, डवेन स्मिथ आदि खिलाड़ी शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वारियर्स के माध्यम से खेल जगत में भी राज्य को विशिष्ट पहचान मिलेगी। क्रिकेट काफी लोकप्रिय खेल है शहर से लेकर गांव तक में भी इसे लोग बडे़ उत्साह के साथ खेलते है। प्रधानमंत्री ने खेलों को आगे ले जाने के लिए खेलो इंडिया कार्यक्रम की शुरूआत की। इससे नई प्रतिभाएं उभर कर सामने आ रही है। आज खेल के क्षेत्र में भी भारत में काफी मेडल आने लगे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ वारियर्स नाम की टीम तैयार की गई है। इससे पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिला है। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। यहां क्षेत्र खनिज और वनोंपज से भरपूर है। यह राज्य कला, साहित्य तथा संस्कृति आदि के क्षेत्र में आगे है ही और अब छत्तीसगढ़ वारियर्स से खेल जगत के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा राज्य में खेलो को बढ़ावा देने निरंतर कार्य किए जा रहे है। इनमें नवा रायपुर स्थित शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मैंचों का आयोजन हो रहा है। साथ ही खेल के आधारभूत संरचनाओं का तेजी से निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। जिससे खिलाड़ियों को अपने प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल रहा है।
समाज कल्याण विभाग के सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक, कहा- दिव्यांग बच्चों को दिलाएं रोजगार मूलक प्रशिक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी जिलो में दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास के साथ-साथ उन्हें रोजगार मूलक कार्यो में प्रशिक्षण दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिव्यांगजनों के लिए शिविर लगाकर यूडीआईडी पंजीयन कराने और मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर बेघर, बेसहारा, घुमंतू, दिव्यांग, बच्चों और महिलाएं मिलने पर उन्हें पुर्नवास केन्द्र में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बैठक पर संचालक रोक्तिमा यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
समाज कल्याण विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित अनुदान प्राप्त संस्थाओं और पुनर्वास केन्द्रों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को हुनरमंद बनाकर स्व-रोजगार के साधन उपलब्ध कराएं। उनकी रूचि के अनुसार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना विभिन्न ट्रेडो में प्रशिक्षण दिलाया जाए। तृतीय लिंग का भी पंजीयन कराने और राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड के साथ अन्य विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
एस. प्रकाश ने कहा कि जिला पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से ऐसे जरूरतमंद बच्चे, महिलाओं, युवा, बुजुर्ग जिनको फिजियोथेरिपी, कृत्रिम उपकरण, वैशाखी, श्रवण यंत्र, ट्राईसायकल एवं अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाए। विभिन्न पेंशन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन करके पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से पेंशन का लाभ दिलाए। विभाग के हेल्प लाइन नंबर का भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। समीक्षा बैठक में कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण प्रदाय योजना, सामर्थ्य विकास योजना, निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय निःशक्तजन पुनर्वास कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
अगर आप कोरिया जाए तो झुमका जलाशय जरूर जाए... सीएम ने भी यहां पहुंच लिया बोटिंग का मजा
रायपुर। कोरिया जिले में झुमका जल महोत्सव में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 एकड़ क्षेत्र में फैले झुमका जलाशय की शिकारा बोट पर बैठकर बोटिंग की। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने झुमका तथा घुनघुट्टा जलाशय को पर्यटन क्षेत्र बनाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कोरिया में भी नालंदा परिसर बनाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झुमका जलाशय को देखकर मैंने अधिकारियों से पूछा कि क्या यह मानव निर्मित है अथवा प्राकृतिक। अधिकारियों ने बताया कि यह प्राकृतिक है। मुझे महसूस हुआ कि हमारे पुरखों ने तालाबों के रूप में कितनी सुंदर धरोहर हमें सौंपी है। इतना विशाल जलाशय उन्होंने निर्मित किया है इससे बड़े क्षेत्र में सिंचाई भी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुराणों में भी तालाब निर्माण को पुण्य का कार्य माना गया है। छत्तीसगढ़ में हजारों की संख्या में हमारे पुरखों ने तालाब बनवाये हैं। आज कोरिया जिले में जिस तरह से झुमका जल महोत्सव का आयोजन किया गया है वो जलसंरक्षण की हमारी पुरखों की परंपरा को बढ़ाने का सुंदर उदाहरण है।
साय ने कहा कि मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद आज आपके जिले में मेरा पहला आगमन हुआ है। आप सभी ने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर भरोसा करके हमारी सरकार बनाई है, इसके लिए आप सभी के प्रति धन्यवाद व्यक्त करता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं यहां आया हूँ तो माताओं-बहनों के लिए खुशखबरी भी लाया हूँ, हमने कैबिनेट की बैठक में महतारी वंदन योजना के संबंध में निर्णय लिया। इसके अंतर्गत विवाहित माताओं-बहनों के खाते में जल्द ही 12000 रुपए प्रतिवर्ष आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरकार बनने के दूसरे दिन ही 14 दिसंबर 2023 की कैबिनेट की बैठक में 18 लाख से अधिक आवासहीन परिवारों को मकान की स्वीकृति दी। पीएससी 2021 की शिकायतों के संबंध में जांच हमने सीबीआई को सौंप दी है। किसानों के आग्रह पर हमने धान खरीदी का समय चार दिन अतिरिक्त बढ़ाकर 4 फरवरी तक कर दिया है। हमने धान खरीदी के लिए 48 घंटे में भुगतान करने की व्यवस्था की है, हम धान खरीदी की अंतर की राशि का भुगतान भी जल्द करेंगे। हम सबका सौभाग्य है कि 22 जनवरी को रामलला भी आ गए हैं। हम जल्द ही अयोध्या धाम तीर्थ दर्शन योजना शुरू कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रामायण आधारित चित्रकला प्रदर्शनी का फीता काटकर अनावरण किया। प्रदर्शनी में कक्षा 5वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक के 6 वर्ष से 17 वर्ष तक की आयु के छात्र-छात्राओं ने राम, लक्ष्मण, सीता तथा हनुमान के मनभावन चित्र अपने-अपने अनुभव के आधार पर तैयार कर प्रदर्शनी में लगाये। मुख्यमंत्री ने बच्चों की इस प्रतिभा को देखकर गदगद हुए और बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए कहा जिस कार्य में रुचि हो उस कार्य में डूब जाओ और खूब मेहनत करो, तब-तक करो जब-तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो।
साड़ी के बंडल में छुपा ले जा रहे थे नकली नोट... पुलिस ने जब्त किया 3.80 करोड़ रुपये
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली पुलिस और साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 80 लाख रुपए के नकली नोट बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साड़ी के बंडल की आड़ में नकली नोट छुपाकर ले जा रहा था।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा ने बताया कि अरुण सिदार पिता जयपाल सिदार 18 साल को एक अज्ञात ने फोन पर कहा की साड़ी के कुछ बंडल सारंगढ़ से रायपुर लेकर जाना है। पिकअप वाहन चालक ने भाड़े की लालच में अज्ञात व्यक्ति की बात मानकर ड्राइवर ने पिकअप वाहन सीजी 13 ए यू 4670 में साड़ी के भीतर रखे पांच पांच सौ के 3 करोड़ 80 लाख रुपए नकली नोट को सरायपाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने सरायपाली अग्रसेन चौक के पास पकड़ कर बरामद किया है। जिला पुलिस ने मामले को जांच में लेते हुए मामला आरबीआई भी सौंप दिया है।
अबूझमाड़ में अब BSF संभालेगी कमान... हिड़मा को घेरने की चल रही है तैयारी
रायपुर। फोर्स ने अबूझमाड़ में अब बड़े नक्सल आपरेशन की तैयारी कर ली है। बस्तर के बीजापुर-सुकमा में बसे नक्सल कमांडर हिड़मा को घर के आसपास फोर्स पहुंच चुकी है। यह इलाका नक्सलियों को मजबूत गढ़ माना जाता है। इस इलाके में भी CRPF तैनात है। वहीं केंद्र के साथ मिलकर राज्य सरकार नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ को BSF के हवाले करने की योजना बना रही है।
दरअसल राज्य में भाजपा सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद नक्सली अभियान तेज हो गया है। साथ ही नक्सलियों के छुपने के ठिकाने पर फोर्स का दखल बढ़ गया है। नक्सली अब नए ठिकानों की तलाश में पश्चिमी बस्तर यानी इंद्रावती टाईगर रिजर्व और गढ़चिरौली की सीमा से सटे अबूझमाड़ के जंगल में डेरा जमाने की फिराक में है।
बताया जा रहा है कि बड़े नक्सल ऑपरेशन के लिए सीआरपीएफ के डीजीपी, रॉ के ज्वाईन डायरेक्टर और राज्य के डीजीपी की जगदलपुर में एक बैठक हो चुकी है। जिसमें पश्चिमी बस्तर में घुसने के पहले नक्सलियों को ठिकाने लगाने पर सहमति बनी है। पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स का यह संयुक्त अभियान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की निगरानी में होगा।
पिछले दिनों रायपुर दौरे में पहुंचे गृहमंत्री ने तीन साल के भीतर नक्सल समस्या को खत्म करने फोर्स को स्पेशल टॉस्क दिया है। पश्चिमी बस्तर का एक बड़ा हिस्सा घनघोर जंगल और दुर्गम पहाड़ों से घिरा हुआ है। फोर्स के लिए यह अभियान आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में बस्तर के जंगलों में फोर्स नक्सलियों पर कड़ा प्रहार करने की रणनीति के आधार पर हमला तेज करेगी।
किसानों के हित में लिया बड़ा फैसला 4 फरवरी तक होगी समर्थन मूल्य और लिंकिंग पर धान खरीदी
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने किया सी-डॉट का दौरा.... दूरसंचार प्रौद्योगिकी और उत्पादों का प्रदर्शन
नईदिल्ली। केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) दिल्ली परिसर का दौरा किया। सी-डॉट भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र है। यह रक्षा संचार और साइबर सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए स्वदेशी, सुरक्षित दूरसंचार समाधानों को विकसित करने में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
भट्ट ने सी-डॉट परिसर में वृक्षारोपण किया। इसके बाद, सी-डॉट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने विविध दूरसंचार उत्पाद पोर्टफोलियो/समाधानों और प्रमुख दूरसंचार सुरक्षा समाधानों जैसे सुरक्षा संचालन केंद्र (नेटवर्क में मैलवेयर का वास्तविक समय में पता लगाना), उद्यम सुरक्षा केंद्र (उद्यम स्तर पर सभी अंतिम बिंदुओं को कवर करते हुए दुर्भावनापूर्ण खतरों और हमलों का वास्तविक समय पर पता लगाना और उनको कम करना), क्वांटम कुंजी वितरण और पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पर उनके सामने एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
अन्य समाधानों जैसे स्वदेशी रूप से विकसित 4जी कोर और 4जी आरएएन, 5जी कोर और 5जी आरएएन, सीएपी का उपयोग करके आपदा प्रबंधन समाधान, सेल प्रसारण केंद्र, ऑप्टिकल परिवहन और पहुंच समाधान, स्विचिंग और रूटिंग समाधान आदि को भी प्रस्तुत किया गया।
बाद में, सी-डॉट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) समाधान और संवाद, जो स्वदेशी रूप से विकसित एक मैसेजिंग और सेल प्लेटफॉर्म है, पोस्ट क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, आपदा प्रबंधन सीएपी (कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल) और उद्यम सुरक्षा संचालन केंद्र (ईएसओसी), डीडब्ल्यूडीएम और ओटीएन प्रयोगशाला, क्वांटम कुंजी वितरण (क्यूकेडी), जीपीओएन/एनएमएस, 4जी/5जी प्रयोगशाला, ई-शिक्षा और सीएसएटी - फाई प्रयोगशाला, दूरसंचार सुरक्षा संचालन केंद्र और 5जी डेमो का प्रदर्शन किया गया।
लो वोल्टेज और बिजली की समस्या होगी दूर....नवनिर्मित सब स्टेशन का हुआ लाइटअप
राष्ट्रीय स्तर पर कृषि वैज्ञानिकों की बैठक.....कृषि अनुसंधान में उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉ. जे एस उरकुरकर का सम्मान
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में समन्वित कृषि प्रणाली पर अखिल भारतीय समन्वित कृषि अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक चल रही है। इस समूह बैठक में इस परियोजना के अंतर्गत संचालित देश के 74 अनुसंधान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए हैं। आयोजन के दूसरे दिन 29 जनवरी को उप महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली एवं माननीय कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर द्वारा डॉ. जे एस उरकुरकर पूर्व संचालक अनुसंधान को सम्मानित किया गया। उनको यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर की परियोजना में चीफ साइंटिस्ट के पद पर उनके द्वारा किए गए अनुसंधान कार्य के लिए दिया गया। बतादें कि डॉ. जे एस उरकुरकर महाराष्ट्र मंडळ रायपुर के आजीवन सभासद है। आयोजन के दौरान डॉ. जे एस उरकुरकर के अलावा दो अन्य चीफ साइंटिस्ट डॉ एमसी Bhambari और डॉ जीपी पाली को भी सम्मानित किया गया।
वार्षिक समूह बैठक के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. एसके चौधरी थे तथा अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का आयोजन भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मोदीपुरम, मेरठ) तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस बैठक में समन्वित कृषि प्रणाली परियोजना के अंतर्गत देश भर के विभिन्न केन्द्रों में संचालित अनुसंधान गतिविधियों, समन्वित कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉडलों, चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विचार-मंथन किया जाएगा तथा भविष्य हेतु रणनीति तैयार की जाएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. चौधरी ने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली आज के दौर में पूरे विश्व की आवश्यकता है और दुनिया के विभिन्न देशों में इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से कृषि के उपलब्ध संसाधनों का समुचित तथा प्रभावी उपयोग हो पाता है, उत्पादकता बढ़ती है तथा खेती की लागत कम होती है।
कृषि विवि के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि एवं कृषकों के विकास के समन्वित कृषि प्रणाली एक बेहतरीन मॉडल है। इस प्रणाली के तहत किसान के पास उपलब्ध समस्त संसाधनों - मानव संसाधन, पशु संसाधन, यंत्र एवं उपकरण, बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई जल आदि का समुचित उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को और अधिक सफल बनाने के लिए इसमें कृषि के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स आदि का भी उपयोग किया जाना चाहिए।
बिलासपुर जोन के 900 से अधिक रेलवे कोच में ‘बायो टायलेट’
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 900 से अधिक रेलवे कोच में बायो टायलेट लगाए गए है। स्टेशन परिसर, प्लेटफार्म, गाड़ी तथा रेलवे ट्रैक को गंदगी से मुक्त रखने व वातावरण को साफ-सुथरा रखने एवं हरित विकास को बढ़ावा देने हेतु रेलवे ने यह पहल की है।
भारतीय रेलवे एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बॉयो-टायलेट पर्यावरण के अनुकुल है, इसमें मानव अवशिष्ट 6 से 8 घंटे में हानिरहित पानी और गैस में तब्दील होकर वातावरण में मिल जाता है। इसमें सीधे टैंक से किसी भी प्रकार के अवशिष्ट का डिस्चार्ज नही होता है, जिससे स्टेशन एवं पटरी के आस पास स्वच्छता बनाये रखने में आसानी होती है।
बायोटॉयलेट लगाने के बाद ट्रैक पर होने वाली गंदगी में तकरीबन 80 से 90 फीसदी की कमी आई है। बायो टॉयलेट रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। बायो टॉयलेट्स में शौचालय के नीचे बायो डाइजेस्टर कंटेनर में एनेरोबिक बैक्टीरिया होते हैं जो मानव मल को पानी और गैसों में बदल देते हैं।
बायो टॉयलेट्स के फायदे
1. रेल पटरियों पर गंदगी और पटरियों की धातु को नुकसान से बचत।
2. वैक्यूम आधारित बॉयो टॉयलेट में फ्लश से पानी की बचत।
3. स्टेशनों पर बदबूरहित स्वच्छ वातवरण सहित कई बीमारियों की रोकथाम की दिशा में अच्छी पहल।
4. स्टेशनों पर मच्छर, कॉकरोच और चूहों की संख्या में कमी।
5. पटरियों की साफ-सफाई में आसानी।
डीएमएफ घोटालाः आईएएस रानू साहू सहित 10 के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज
रायपुर। डीएमएफ घोटाले मामले में आईएएस रानू साहू समेत 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। जिसमें कारोबारी संजय शेंडे, अशोक अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रिषभ सोनी समेत बिचौलियों की भूमिका निभाने वाले मनोज द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पीयूष साहू, अब्दुल और शेखर समेत अन्य लोकसेवको के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।
डीएमएफ मामले में IAS रानू साहू के खिलाफ नामजद FIR हैं। बता दें कि दरअसल कांग्रेस कार्यकाल में कोरबा जिले में डीएमएफ के पैसों का बड़े पैमाने पर बंदरबांट की शिकायत मिली थी। मामले में जांच के बाद अब ED की शिकायत पर EOW ने जो मामले दर्ज किए हैं, उसके मुताबिक इस अनियमितता में तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू समेत अनेक विभागीय अफसर भी संलिप्त हैं। शिकायत के मुताबिक कई टेंडर्स में अफसरों को सीधे-सीधे 40 फीसदी रकम पहुंचाई गई है।
ईडी के प्रतिवेदन रिपोर्ट के आधार पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने धारा 120बी, 420 भादवि एवं धारा-7, धारा-12 के तहत् मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के मुताबिक, कोरबा में तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू के साथ उनके मातहत अफसरों ने निविदा भरने वाले के साथ सांठगांठ की थी। डीएमएफ के पैसों से कराए जाने वाले कामों की निविदाओं के आबंटन में, बिल पास कराने के लिए, सामानों के वास्तविक मूल्य से कई गुना ज्यादा दाम के बिल पास किए गए।
शिकायत में जिन ठेकेदारों पर अफसरों को लाभ पहुंचाने की शिकायत है, उनमें संजय शेण्डे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, रिषभ सोनी और बिचौलिए मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल, शेखर के नाम शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक कोरबा जिले में DMF से टेंडर्स के आंबटन में बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है। गलत ढंग से टेंडर की दरें तय कर ठेकेदारों को सीधे लाभ पहुंचाया गया, जिसके कारण प्रदेश शासन को बड़ी आर्थिक हानि हुई है।
करंट की चपेट में आने से हाथी की मौत…. आरोपियों ने कुल्हाड़ी से काटकर किए कई टुकड़े… फिर जमीन में गाड़ा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां रमकोला वनपरिक्षेत्र में सुअर का शिकार करने के लिए लगाए गए करंट से एक मादा हाथी की मौत हो गई थी। जिसके बाद कुछ युवकों ने हाथी के कई टुकड़े कर दफ्न कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक आरोपी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनकी निशानदेही पर वन विभाग ने हथिनी के शव के टुकड़े बरामद कर लिए हैं।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए है। इस मामले में कई और आरोपियों के शामिल होने की आशंका है, जो जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। हथिनी के शव के पोस्टमॉर्टम के बाद घटना की और स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
आरोपियों का कहना है कि धान फसल को सुरक्षित रखने और हाथी नुकसान ना पंहुचा सके इसके लिए करंट लगाया था। हालांकि अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जंगली सुअर को मारने के लिए करंट लगाया गया था, जिससे हाथी की मौत हो गई। वहीं सूरजपुर वन विभाग और एलिफेंट रिजर्व की टीम ने हाथी के शव के टुकड़ों को बरामद कर लिया है।
पशु चिकित्सक ने बताया कि 40 -45 दिन पहले हाथी की मौत होना प्रतीत हो रहा है. जहां सूंढ़ व अगले पैर में करंट लगने से मौत हुई होगी। हाथी की उम्र 15 – 20 वर्ष के बीच लग रही है। जिसे कुल्हाड़ी की मदद से काटकर कई स्थान पर लोगों की मदद से दफनाया गया है। फिल्हाल डाक्टरों की टीम जांच में जुटी हुई है।
अमेरिका से भी इलाज के लिए हेमराज मांझी के पास आते हैं मरीज
रायपुर। आयुर्वेद में एक कहानी बताई जाती है। तक्षशिला विश्वविद्यालय में जब चरक और साथियों की गुरुकुल में शिक्षा पूरी हुई तो उनके गुरु ने अंतिम परीक्षा के लिए उन सभी को बुलाया। उनसे कहा कि ऐसे पौधे लाकर दें जिसमें औषधीय गुण हों और जिसके बारे में अब तक बताया न गया हो। सभी विद्यार्थी कुछ पौधे लेकर आये, केवल चरक कुछ नहीं लाये। जब चरक से गुरू ने पूछा कि पौधे क्यों नहीं लाए। चरक ने कहा कि मुझे सभी पौधों में कुछ न कुछ औषधीय गुण मिले, चूंकि सभी को लाना संभव नहीं था, इसलिए मैं खाली हाथ आया। गुरु जी ने कहा कि परीक्षा में केवल चरक उत्तीर्ण हुए। संसार में हर पौधे में कुछ न कुछ औषधीय गुण मौजूद हैं। यह कहानी बताती है कि जड़ी-बूटी के क्षेत्र में अनुसंधान की बड़ी गुंजाइश होती है।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में रहने वाले वैद्य हेमराज मांझी ने अपना पूरा जीवन इन्हीं जड़ी-बूटियों की खोज की और लगभग पांच दशकों से हजारों लोगों को ठीक किया है। आम जनता की इस अहर्निश सेवा के चलते केंद्र सरकार ने इन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में श्री मांझी का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। आपने परंपरागत जड़ी-बूटियों के माध्यम से अनेक बीमारियों में लोगों का उपचार किया है। अमेरिका जैसे देशों से भी पेशेंट आपके पास आये हैं। यह ऐसी विद्या है जिसे अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है।
उल्लेखनीय है कि मांझी ने छोटे डोंगर में ऐसे समय में लोगों का जड़ी बूटियों से इलाज करने का निर्णय लिया जब यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल नहीं थी। परिवार में किसी के वैद्य के पेशे में नहीं होने के बावजूद उन्होंने सेवाभाव के चलते यह निर्णय लिया। उनके अनुभव के चलते उनका ज्ञान बढ़ता गया और नारायणपुर के अलावा दूसरे जिलों के मरीज भी उनके पास आने लगे।
वैद्य मांझी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हम तो सेवा का कार्य कर रहे थे। लोगों का उपचार कर रहे थे और खुश थे। जब पता चला कि मोदी जी ने पद्मश्री के लिए चुनने का निर्णय लिया है तो पहले तो आश्चर्य हुआ। हमें लगा कि दिल्ली में भी बैठकर मोदी जी की सरकार पूरे देश में हो रहे अच्छे कामों पर नजर बनाये हुए हैं और सेवा का काम करने वालों को सम्मानित करते जा रही है।
जब रामलाल बरेठ चार साल के थे तब महाराजा चक्रधर सिंह ने पहचान ली थी उनकी प्रतिभा
रायपुर। प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए चयनित रायगढ़ घराने के कत्थक नर्तक रामलाल बरेठ जब केवल 4 साल के थे तभी महाराजा चक्रधर सिंह ने उनमें छिपी नृत्य की प्रतिभा पहचान ली थी। उन्होंने उनके पिता और इतने ही प्रतिभाशाली कत्थक कलाकार कीर्तनराम से कहा कि इसके कत्थक की प्रशिक्षण की व्यवस्था मैं अपनी देखरेख में करूंगा। उन्होंने देश भर के जाने-माने कलाकारों से बरेठ का प्रशिक्षण कराया।
महाराजा चक्रधर सिंह ने उन पर जो भरोसा दिखाया, उसे बरेठ ने पूरा किया। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक का सफर तय कर उन्होंने रायगढ़ घराने को नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें आज राज्य अतिथि गृह पहुना में आमंत्रित किया। साय ने कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। मेरा सौभाग्य रहा है कि मैंने रायगढ़ की कला परंपराओं के बारे में काफी कहानियां सुनी हैं और महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में भी काफी कुछ सुना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराजा चक्रधर सिंह के बारे में यह कहा जाता है कि जब वो तबला बजाते थे तो इसमें लीन हो जाते थे और बारिश होने लगती थी। ऐसे महान कलाकार के संरक्षण में आपने कत्थक सीखा है इस पर हम सब गौरव करते हैं।
बरेठ अभी 88 साल के हो चुके हैं। उनका आरंभिक जीवन आर्थिक कठिनाइयों से घिरा रहा। रायगढ़ रियासत में महाराजा चक्रधर सिंह के जाने के बाद उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बरेठ बताते हैं कि कत्थक नृत्य अकेले का कर्म नहीं है। आपको इसके लिए कुशल संगतकार चाहिए। इसकी व्यवस्था करने और रायगढ़ घराने की प्रतिष्ठा को बनाये रखने मैंने कठिन परिश्रम किया।
बरेठ के देश के महान कत्थक कलाकारों के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंडित बिरजु महाराज के साथ उनके बहुत स्नेहिल संबंध रहे हैं। पंडित बिरजु महाराज उन्हें बहुत स्नेह पात्र मानते थे। बिरजु महाराज का जन्म भी रायगढ़ में हुआ। अच्छन महाराज जैसे प्रतिभाशाली लोगों से सीखने का अवसर मिला और कत्थक की शानदार यात्रा रायगढ़ घराने के प्रोत्साहन से शुरू हुई।
जूते-चप्पल पहने किसी को आता देखकर बिरहोर भाग जाते थे, उनसे जुड़ने जागेश्वर यादव ने ली जीवन भर नंगे पांव रहने की शपथ
रायपुर। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर कुछ सालों पहले तक इतने संकोची थे कि जूते-चप्पल पहने हुए किसी को आता देखकर भाग जाते थे। उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करने जागेश्वर यादव ने जीवन भर जूते-चप्पल नहीं पहनने का संकल्प किया ताकि वे मिलने से सकुचाये नहीं। धीरे-धीरे वे बड़ा बदलाव लाने में कामयाब हुए और अभी बिरहोरों की पहली पीढ़ी शिक्षित हो गई है। वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आगे बढ़ रहे हैं। जब जागेश्वर यादव 21 वर्ष के थे तब उन्होंने बिरहोर जनजाति के लोगों की दुर्दशा देखी और उनकी सेवा का संकल्प लिया। आज चार दशक हो गये हैं और उनका सेवा कार्य अनवरत जारी है।
संकल्पित भाव से बिरहोर जनजाति की सेवा करने वाले और पिछड़े वर्ग से आने वाले इस जननायक और सेवाभावी कार्यकर्ता का सम्मान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना में किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किये जाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। यादव ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पूरे रास्ते में आपका भरपूर सहयोग मिला जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगा। आपने बिरहोर भाइयों के साथ बैठकर पतरी में चावल खाया। उनकी शिक्षा के लिए जो भी योजनाएं हम आपके पास लेकर गये। आपने कहा कि ये अच्छा काम है इसे आगे बढ़ाइये, मैं इसमें आपकी मदद करूंगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली ही कैबिनेट में आवासीहीनों को आवास उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है। उससे सभी बिरहोरों को पक्का मकान मिल पाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर यादव को पद्मश्री के लिए सम्मानित किये जाने का केंद्र सरकार का निर्णय सेवा भाव से संकल्पित एक कार्यकर्ता का सम्मान है। जब प्रदेश में कोरोना फैला और मोदी जी ने वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई तब बिरहोर लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर आशंकाएं थीं और प्रशासन के अनेक बार आग्रह करने पर भी उन्होंने इसके लिए मना कर दिया। फिरजागेश्वर यादव को इसके लिए बिरहोरों को तैयार करने भेजा गया। बिरहोर इनको अपना मसीहा मानते हैं। जब जागेश्वर यादव ने आग्रह किया तो सब तैयार हो गये, ये उनकी बिरहोरों की बीच गहरी पैठ का प्रमाण है। पाली विकासखंड में उन्होंने 3 कार्यक्रम बिरहोरों के लिए कराए और हर बार मैं इन कार्यक्रमों में शामिल हुआ। इनके सम्मान की जब जानकारी मुझे मिली तो मुझे बहुत खुशी हुई।