छत्तीसगढ़
खुर्सीपार में बड़ा हादसा : ट्रेलर की चपेट में आया साइकिल सवार, मौके पर मौत
2023-09-03 03:46 PM
373
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के दीक्षांत में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा... चुनौतियां जीवन में आती हैं, तो नए मौके भी लाती हैं... पढ़िए पूरी बात
2023-09-01 02:48 PM
494
- विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्र में आदिवासी समुदाय काफी है। राज्य की एक तिहाई आबादी जनजातीय है। जनजातीय समुदाय के प्रति संवेदनशीलता और महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय बहुत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय द्वारा इस संबंध में अच्छा कार्य किया जा रहा है।
- जो देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी को अपनाने में आगे रहेंगे, वे ज्यादा तरक्की करेंगे। इस विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही है। मैं आशा करती हूँ कि उपयोगी अनुसंधान के माध्यम से अपनी पहचान विश्वविद्यालय दुनिया में स्थापित करे।
- भारत ने अपना चंद्रयान 3 चाँद में भेजा है। बरसों से निष्ठा से इस पर काम होता रहा। मार्ग में आने वाली रूकावटों की परवाह न करते हुए हम सब बढ़ते रहे। यही जीवन में भी होता है। तात्कालिक असफलताओं से हताश नहीं होना चाहिए। आज भारत अपने वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों के प्रतिभा के बल पर स्पेस क्लब तथा न्यूक्लियर के क्षेत्र में प्रमुख स्थान बना चुका है। हमने कम लागत में यह कार्य किया है जिसे दुनिया में सराहा गया।
- कभी कभी इन क्षेत्रों में भारत को दुनिया में असहयोग का सामना करना पड़ा लेकिन भारत पीछे नहीं हटा और अपना लक्ष्य प्राप्त किया।
- चुनौतियाँ हमारे जीवन में आती हैं लेकिन यह नये मौके भी लाती है। हमारे देश की परंपराएं अत्यंत समृद्ध है और इन्हें बचाये रखने में अनेक विभूतियों की मेहनत है। इस विश्वविद्यालय का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहाँ गुरु घासीदास जी का नाम है। उन्होंने मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया।
- गुरु घासीदास ने सबकी समानता पर काम किया। समानता के आदर्शों पर चलकर ही युवा सुख के रास्ते पर चल सकते हैं और श्रेष्ठ समाज का निर्माण कर सकते हैं।
- रायपुर का हवाई अड्डा स्वामी विवेकानंद के नाम पर है। वे स्वाध्याय, खेलकूद को भी महत्व देते थे। स्वामी जी आत्मविश्वास की मूर्ति थे। स्वामी जी ने शिकागो में भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता का विश्वघोष किया था। उस समय भारत में गुलामी की मानसिकता अपने चरम पर थी। एशिया के लोग हीनता की भावना से ग्रस्त थे। ऐसे वातावरण में विवेकानंद ने भारत का नाम बढ़ाया।
- विश्व समुदाय के अग्रणी राष्ट्र में भारत की गणना होती है। स्वामी विवेकानंद के अद्भुत उदाहरण से प्रेरणा लेकर हमे युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाना है।
- आज हमारा तिरंगा चाँद पर पहुँच चुका है। चाँद की सतह पर हमने शिवशक्ति की ऊर्जा पहुँचाई है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के विषय पर विश्वविद्यालय को कुछ आयोजन करने चाहिए ताकि समाज में साइंटिफिक टेंपर का विकास होता रहे। यह हमारे संविधान के मूल कर्तव्यों में शामिल है।
- हमारा देश अमृत काल में है। युवा संविधान में उल्लेखित मूल कर्तव्यों का पालन करेंगे तो समग्र विकास को जरूर गति मिलेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रतनपुर में आदिशक्ति मां महामाया देवी के किए दर्शन
2023-09-01 12:37 PM
470
