छत्तीसगढ़
किश्त पर लिए फोन ने ली जान...जानें हैरान करने वाला मामला
घर से निकले थे खेलने, तालाब में मिली दोनों बच्चों की लाश
रायपुर। प्रदेश के जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां लापता दो मासूम बच्चों के शव तालाब में तैरते हुए मिले हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी और शोक का माहौल है। मामला बिसबहरी गांव का है। मृतक बच्चों की पहचान गोल्डी टोप्पो (7 वर्ष) और अनीस टोप्पो (8 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे शनिवार शाम से लापता थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर बगीचा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस और परिजन बच्चों की खोज में जुटे हुए थे। इसी दौरान रविवार को गांव के पास स्थित एक तालाब में दोनों बच्चों के शव तैरते हुए मिले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे तालाब में नहाने गए थे, जहां यह हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं।
इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल श्री डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।
इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के मातृत्व वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।
राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।
मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
ट्रैक्टर की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत, दो युवक गंभीर
रायपुर। प्रदेश के गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब गलत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीन युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, पिपरिया गांव के निवासी भरत सिंह, छोटेलाल और सुखराम बाइक पर सवार होकर नदी के पास से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पड़खुरी गांव की ओर से आ रहे नागर (कृषि यंत्र) लगे ट्रैक्टर (क्रमांक CG-31-B-3803) ने लापरवाहीपूर्वक गलत दिशा में बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक नशे में था, जिससे हादसा और भी गंभीर हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीनों युवक ट्रैक्टर के बड़े पहियों और नागर की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और डायल 112 की मदद से घायल युवकों को जिला अस्पताल गौरेला में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान भरत सिंह ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल छोटेलाल और सुखराम की स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा पूरी तरह से ट्रैक्टर चालक की लापरवाही का परिणाम था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक को घेराबंदी कर पकड़ लिया और मौके पर पहुंची गौरेला पुलिस के हवाले कर दिया। गौरेला पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, चालक पर धारा 279, 337, 304-A भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हादसे के बाद पिपरिया गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण और परिजन मृतक के परिजन के पास पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। प्रशासन ने हादसे के प्रति गंभीरता दिखाते हुए इलाके में ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से कराने का आश्वासन दिया है। तेज गति, लापरवाही और शराब पीकर वाहन चलाना ग्रामीण इलाकों में बड़े हादसों का मुख्य कारण बन रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
खुली नालियां दे रही हादसों को न्योता, इंसानों के साथ जानवरों के लिए भी साबित हो रही जानलेवा…
गैस गोदाम में सिलेंडर ब्लास्ट, 4 लोगों की मौत, कई घायल
डेस्क। केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में शनिवार एक गोदाम में हुए भीषण सिलेंडर विस्फोट ने चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना देमनी रोड स्थित एक गोदाम में हुई, जहां पर नाइट्रोजन गैस सिलेंडरों की रीफिलिंग का काम चल रहा था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रीफिलिंग के दौरान अचानक एक सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि गोदाम का मलबा सड़क तक आ गिरा और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट का असर इतना तीव्र था कि लोगों को झटका भूकंप जैसा महसूस हुआ।
धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और करीब 30 मीटर के दायरे में रहने वाले लोग, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल थे, घबरा गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में गोदाम प्रबंधक की भी मौत हो गई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
बकाया बिल से छुटकारा: छत्तीसगढ़ सरकार की समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
बिजली विभाग गांव-गांव शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है।ताकि हर पात्र व्यक्ति इस योजना का फायदा उठाकर अपने बकाया से मुक्त हो सके।
भिलाई स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिरने से ठेका मजदूर की दर्दनाक मौत
IPS शशिमोहन सिंह द्वारा निर्देशित, ‘ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर’ का शानदार आगाज़
रायपुर। जशपुर में साइबर फ्रॉड जैसे गंभीर और तेजी से बढ़ते अपराध पर आधारित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” को लांच किया गया। विशिष्ट कम्युनिटी हॉल सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कौशल्या देवी साय और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम उपस्थिति रहे। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग, स्थानीय कलाकार और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
इस फिल्म को जशपुर के एसएसपी शशिमोहन सिंह ने लिखा, निर्देशित किया और स्वयं इसमें अभिनय भी किया है। फिल्म में साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों को बेहद प्रभावी ढंग से दिखाया गया है, जिससे आम लोग सतर्क रह सकें। खास बात यह रही कि फिल्म में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों और फिल्म से जुड़े सदस्यों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। सभी ने इस पहल को समाज के लिए बेहद जरूरी बताया। फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे बड़ी ठगी का कारण बन सकती है और जागरूक रहकर इससे कैसे बचा जा सकता है।
कौशल्या देवी साय ने कहा कि “इस तरह की फिल्में समाज को जागरूक करने का बहुत अच्छा माध्यम हैं। साइबर फ्रॉड आज एक बड़ी चुनौती है और यह फिल्म लोगों को सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश देती है।”
डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा की “फिल्म का संदेश बहुत प्रभावी है। इसे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि लोग साइबर अपराध से बच सकें।” कुल मिलाकर, “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” एक जागरूकता अभियान के रूप में सामने आई है, जो समाज को डिजिटल ठगी के खतरों से आगाह करने के साथ-साथ सुरक्षा के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है।
किशोरी को हाथियों ने कुचला, स्पॉट पर ही मौत
जन्म के बाद नवजात को छोड़कर फरार हुई महिला, ग्रामीणों ने बचाई जान
ग्रामीणों ने इस अमानवीय घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित महिला का पता लगाया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
सावधान! जूस में ज़हर: यहां चौपाटी में बर्फ के भीतर मिला मरा हुआ मेंढक
वहीं इस पूरे मामले को लेकर खाद्य विभाग के अधिकारी विकास भगत ने कहा कि, मामले की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जाएगी और शहर की सभी बर्फ फैक्ट्रियों की पड़ताल भी की जाएगी।
नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, बस-कंटेनर की टक्कर में 5 घायल
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।यह हादसा दशरंगपुर चौकी के पास हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा ने दी ग्रामीण परिवहन व्यवस्था की नई दिशा
रायपुर। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने ग्रामीण अंचलों में परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित बस सेवा योजना अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय गांवों को जिला एवं विकासखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली 4 नई बस सेवाओं की शुरुआत की गई है।
पहले कई गांव ऐसे थे जहाँ नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं थी। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी, पैदल या महंगे निजी साधनों से तय करनी पड़ती थी। किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती थी। लेकिन बस सेवाओं के संचालन से ग्रामीणों को सुरक्षित, सुलभ परिवहन सुविधा मिल रही है। विद्यार्थी अब समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंच पा रहे हैं। किसान अपनी उपज सीधे बाजार तक ले जा पा रहे हैं। श्रमिकों और व्यापारियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। राजपुर, रामानुजगंज, शंकरगढ़, वाड्रफनगर के अनेक गांव अब सीधे बस सेवा से जुड़ गए हैं। इससे ग्रामीणों के समय की बचत हो रही है।
रामानुजगंज से मर्मा जा रही नगोई बाई अपने पुराने दिनों को साझा करते हुए बताती है कि पहले कही जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था या महंगे साधन लेना पड़ता था। अब बस सेवा से परिवहन करना आसान हो गया है। राजपुर से नरसिंहपुर जा रही महिला श्रीमती श्यामा ने कहा कि अब अस्पताल, बाजार या अन्य जरूरी कामों के लिए हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। बस सेवा से हमारी जिंदगी काफी आसान हो गई है।
रामानुजगंज से लोधा जा रहे दशरथ मरावी का कहना है कि पहले परिवहन सुविधा न होने के कारण गांव से बाहर जाने में परेशानी होती थी। लेकिन अब बस संचालन से हम आसानी से विकासखण्ड एवं जिला मुख्यालय तक पहुंच जाते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। योजना के माध्यम से उन्हें निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत जिले में 4 बस सेवाएं प्रदान की गई है। सुदूर वंनांचलों में रहने वाले लोगों के आवागमन सुविधा से सहुलियत मिल रही है। इसके लिए जिले में 4 मार्गों का चयन किया गया है। जिसके अंतर्गत राजपुर से नरसिंहपुर (व्हाया, राजपुर, परसागुड़ी, चिलमा कला, नरसिंहपुर)।
इसी प्रकार रामानुजगंज से भीतरचुरा (व्हाया रामचन्द्रपुर, बाहरचुरा, चरगढ़, चेरवाडीह, भीतरचुरा) एवं शंकरगढ़ से पटना (व्हाया पटना, जगिमा, डीपाडीहखुर्द, हरगावां, घुघरीखुर्द, चलगली, शंकरगढ़) तथा रामानुजगंज से वाड्रफनगर (व्हाया छतवा, लोधा, डाटम, बाहरचुरा, विमलापुर, डिण्डो, सलवाही, कसरईया, गोबरा, फुलीडुमर) में बस परिवहन सेवा शुरू की गई। ग्रामीण बस सेवा शुरू होने से यात्रा करने वाले ग्रामीणों को अब अधिक सुगम, सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल रही है।
आदिवासी रीति-रिवाज से हुई 6 लोगों की घर वापसी, इलाज के नाम पर किया था धर्म परिवर्तन
ग्राम सरपंच हीरासिंग ने बताया कि गांव के लोग अपनी परंपरा और संस्कृति को सहेजने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर अपनी परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं, इसलिए सभी की सहमति से यह घर वापसी कराई गई।” घर वापसी कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की परंपरा के अनुसार सभी सदस्यों पर जल छिड़काव कर नारियल भेंट कर उनका स्वागत किया गया। पहले परिवार में सतवन शोरी और उनकी पत्नी बिनीता शोरी शामिल हैं, जिन्होंने करीब तीन साल पहले धर्म परिवर्तन किया था। दूसरे परिवार में संजय, उनकी माता सुखबती, बहन कैशिल्या और भाई गोविंद शामिल हैं, जिन्होंने लगभग एक वर्ष पहले धर्म परिवर्तन किया था और अब मूल धर्म में लौटे हैं। फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और ग्रामीण सामाजिक सद्भाव एवं एकता के साथ आगे बढ़ने की बात कह रहे हैं।
बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता.... नक्सलियों के दो डंप बरामद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीआरपीएफ की 85वीं बटालियन ने एंटी-नक्सल अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के दो डंप बरामद किए हैं। यह ऑपरेशन गंगालूर थाना क्षेत्र के पेद्दाजोजेर और लेण्ड्रा के घने जंगलों में चलाया गया, जहां संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों की छुपाई गई सामग्री को खोज निकाला।
बरामद किए गए डंप में भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री शामिल है, जिसमें .303 राइफल, स्टेन गन, बीजीएल राउंड, डेटोनेटर, जिलेटिन और वायर जैसे उपकरण शामिल हैं। सुरक्षा बलों के अनुसार, यह सामग्री नक्सलियों द्वारा बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से छुपाकर रखी गई थी, जिसे समय रहते जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे उनकी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।