छत्तीसगढ़
सभी अधिकारी और कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करेः डॉ. गौरव सिंह
रायपुर। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस, आधार कार्ड, डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों, जनदर्शन कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देशित करते हुए कहा कि 1 जनवरी से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। फील्ड पर जाने से पहले तथा फील्ड कार्य से लौटने के बाद भी सभी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करें। उन्होंने कहा कि सीआर को पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं डिजिटल स्वरूप में तैयार किया जाएगा, जिसमें विभागवार लक्ष्य निर्धारण एवं प्रगति के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है।
कलेक्टर ने विभिन्न विभागों से प्राप्त पत्रों पर तत्काल कार्यवाही कर शीघ्र जवाब भेजने के निर्देश दिए। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जनदर्शन के संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री तथा कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त सभी शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीएफओ लोकनाथ पटेल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
ऑटो एक्सपो–2026: वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, एमजीएम हॉस्पिटल के सामने, विधानसभा रोड, सड्डू रायपुर में ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन किया जा रहा है। उक्त ऑटो एक्सपो में विक्रय होने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग द्वारा एकमुश्त 50 प्रतिशत जीवनकाल कर (आरटीओ टैक्स) में छूट प्रदान की जा रही है, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, रायपुर में किया जा रहा है। इस अवधि में वाहन क्रय करने वाले ग्राहकों को आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। यह प्रदेश का पहला ऑटो एक्सपो है, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। वाहन खरीदने के लिए आमजन को रायपुर आने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने शहर अथवा गांव के निकटतम प्रतिभागी/पंजीकृत डीलरों के माध्यम से इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
ऑटो एक्सपो–2026 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने गृह जिले में ही वाहन पंजीयन कराने की सुविधा उपलब्ध होगी। अर्थात, क्रय किए गए वाहन पर अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय का पंजीयन चिन्ह (आरटीओ कोड) प्राप्त किया जा सकेगा। दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स भी इस ऑटो एक्सपो में भाग ले रहे हैं, जिससे छोटे व्यावसायिक विक्रेताओं को रोजगार के उपयुक्त अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर ऑटो एक्सपो में छत्तीसगढ़ की जनता को एक ही स्थान पर सभी प्रकार के वाहन मॉडल एवं नवीनतम तकनीक से युक्त नए मॉडलों को देखने, परखने और चुनने का अवसर मिलेगा। इससे आमजन नवीनतम ऑटोमोबाइल तकनीकों से भी अवगत हो सकेंगे।
रायपुर ऑटो एक्सपो–2026 में देश के विभिन्न फाइनेंसर एवं बैंक न्यूनतम दरों पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं इंश्योरेंस कंपनियां न्यूनतम दरों पर वाहन बीमा की सुविधा प्रदान कर रही हैं। इससे वाहन क्रय करने वाले नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
ऑटो एक्सपो–2026 में आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के साथ-साथ फाइनेंस कंपनियों, बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों एवं विभिन्न डीलरों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण न्यूनतम दरों पर वाहन उपलब्ध होंगे, जिससे आमजन को व्यापक आर्थिक राहत मिलेगी। रायपुर के इस ऑटो एक्सपो में रायपुर जिले के 95 डीलर्स तथा अन्य जिलों के 171 डीलर्स, कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को विविध विकल्प उपलब्ध होंगे।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 2025 के ऑटो एक्सपो में कुल 29,348 वाहनों की बिक्री हुई थी, जिसके माध्यम से आम जनता को लगभग 120 करोड़ रुपये की आरटीओ टैक्स में छूट प्रदान की गई थी, जिससे नागरिकों को उल्लेखनीय आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी। इस प्रकार, ऑटो एक्सपो–2026 प्रदेश के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर वाहन क्रय करने, स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा प्राप्त करने तथा व्यापक आर्थिक लाभ उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हो रहा है।
नक्सल विरोधी अभियान: नारायणपुर के जंगल से 82 बीजीएल सेल बरामद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के नारायणपुर जिले के नक्सल प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के तहत लगातार नक्सल विरोधी अभियान जारी है। इसी कड़ी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 53वीं वाहिनी और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड की संयुक्त टीम ने आदिंगपार- कुमेरादी क्षेत्र के जंगल से 82 बीजीएल सेल बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार टीम को गोपनीय सूचना मिली कि आदिंगपार-कुमेरादी क्षेत्र के जंगलों में नक्सली तत्वों ने संदिग्ध सामग्री छिपा रखी है। सूचना के आधार पर इलाके में सघन सर्च और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया गया। इस दौरान आदिंगपार और कुमेरादी के जंगल क्षेत्र में एक संदिग्ध पॉलीथीन दिखाई दी। मौके पर रुककर जब गहन तलाशी ली गई तो नक्सली गतिविधियों में उपयोग की जाने वाली 82 बीजीएल सेल बरामद हुईं। बरामद सभी सामग्री को मौके पर जब्त किया गया। सर्च अभियान के दौरान क्षेत्र में पूरी सतर्कता, घेराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
नारायणपुर एसपी राबिंनसन गुडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नारायणपुर पुलिस, आईटीबीपी और डीआरजी की यह संयुक्त कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है, कि अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के लिए जमीन लगातार सिकुड़ रही है। सुरक्षाबलों की सतत निगरानी और सघन सर्च अभियानों से नक्सली नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की प्रभावी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेगी।
माओवादियों के प्रेशर IED की चपेट में आया ग्रामीण, इलाज के दौरान मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कस्तुरीपाड में माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आने से एक निर्दोष ग्रामीण की मौत हो गई। घटना 18 जनवरी 2026 की है।जानकारी के अनुसार ग्राम कस्तुरीपाड निवासी 20 वर्षीय आयता कुहरामी जंगल क्षेत्र की ओर गया हुआ था।
इसी दौरान पूर्व से लगाए गए प्रेशर IED में विस्फोट हो गया, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर क्षति पहुंची। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही IED की खोज और निष्क्रियकरण की कार्रवाई भी लगातार जारी है।
सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगल और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा कैंप को दें।
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रातें हुई ठंडी, तीन दिनों में 1 से 2 डिग्री तक गिर सकता है पारा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय तीन प्रमुख मौसमी सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस जांजगीर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण पाकिस्तान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन, ऊपरी और मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय ट्रफ तथा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव से उत्तर भारत की ठंडी हवाएं मध्य भारत होते हुए छत्तीसगढ़ तक पहुंच रही हैं। इसी कारण रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
आने वाले दिनों में खासकर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में रात की ठंड बढ़ने की संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे मैदानी इलाकों में सुबह के समय हल्की धुंध या कोहरा दिखाई दे सकता है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा और धूप खिली रहेगी, लेकिन सुबह और रात का मौसम ठंडा बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मौसमी सिस्टम का असर केवल ठंडी हवाओं तक सीमित है, इसलिए प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। कुल मिलाकर उत्तर भारत की ठंड का असर छत्तीसगढ़ में महसूस किया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में रात की ठंड और बढ़ सकती है।
भीषण सड़क हादसा, स्कॉर्पियो-ट्रेलर की टक्कर में 6 लोग गंभीर रूप से घायल
रायपुर। बलौदाबाजार जिले से एक बड़ी सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। टोडोपार क्षेत्र में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और ट्रेलर के बीच आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए, वहीं टक्कर के बाद ट्रेलर सड़क किनारे पलट गया।
इस दुर्घटना में स्कॉर्पियो सवार ड्राइवर समेत कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन के अंदर ही फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार सभी लोग कसडोल से रायपुर सत्संग में शामिल होने के लिए जा रहे थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह भीषण सड़क हादसा कैसे हुआ।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा सुधार.... एनएचएआई ने ब्लैकस्पॉट्स दुरुस्त किए, 200 करोड़ की परियोजनाएं प्रक्रिया में
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया—एनएचएआई) द्वारा चिन्हांकित ब्लैकस्पॉट्स पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, अंडरपास और सर्विस रोड निर्माण से संबंधित परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं प्रगति पर हैं।
एनएचएआई द्वारा सड़क सुरक्षा उपायों के तहत विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर रंबल स्ट्रिप्स, क्रैश बैरियर्स, सोलर ब्लिंकर, हाई-मास्ट लाइट्स तथा मानक साइन बोर्ड्स लगाए गए हैं। ये कार्य दुर्घटना संभावित स्थलों और व्यस्त मार्गों पर किए गए हैं।
यातायात प्रवाह को व्यवस्थित करने और राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने वाले स्थानीय आवागमन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से अंडरपास और सर्विस रोड निर्माण की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग–53 के दुर्ग से महाराष्ट्र/छत्तीसगढ़ सीमा खंड पर सुंदरा, पेंड्री, चिचोला, महाराजपुर और सोमनी गांवों में लगभग 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडरपास एवं सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, रसमड़ा में लगभग 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
इसी प्रकार, राष्ट्रीय राजमार्ग–30 के रायपुर–सिमगा खंड पर सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से अंडरपास निर्माण तथा चरोदा में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बायपास क्रॉसिंग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
इस प्रकार, प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल लगभग 206.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अंडरपास और सर्विस रोड से संबंधित परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। एनएचएआई द्वारा इन संरचनात्मक कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
अमृत मिशन फेज-2 के अंतर्गत जरवाय में बनेगा 9 करोड़ की लागत से ‘अमृत उद्यान’
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में अमृत मिशन फेज-2 के अंतर्गत जरवाय स्थित 10 एकड़ की रिक्त शासकीय भूमि पर 9 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य और अत्याधुनिक उद्यान (गार्डन) का निर्माण किया जाएगा। पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत ने प्रशासनिक अमले के साथ प्रस्तावित स्थल का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, अधीक्षण अभियंता राजेश नायडू, कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, तहसीलदार सौरभ कश्यप सहित जोन-8 और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विधायक मूणत ने स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को उद्यान के स्वरूप को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हीरापुर, जरवाय और अटारी का यह पूरा क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में आवासीय और शैक्षणिक दृष्टि से बहुत तेजी से विकसित हुआ है। इस क्षेत्र में पूर्व में ही शासकीय आदर्श महाविद्यालय और ITI जैसे महत्वपूर्ण संस्थान स्थापित किए जा चुके हैं। अब यहां के नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त सार्वजनिक स्थान की कमी थी, जिसे इस उद्यान के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
विदित हो कि अमृत मिशन फेज-2 के तहत इस परियोजना के लिए 9 करोड़ रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत कराई जा चुकी थी। लंबे समय से उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही थी, जो आज जरवाय में 10 एकड़ शासकीय भूमि के चयन के साथ पूरी हो गई है।
”मेरा लक्ष्य रायपुर पश्चिम के हर वार्ड और हर मोहल्ले को आत्मनिर्भर और आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है। हीरापुर-जरवाय क्षेत्र के लोग लंबे समय से एक अच्छे उद्यान की मांग कर रहे थे। हमने अमृत मिशन के तहत इसके लिए राशि पहले ही मंजूर करवा ली थी, और आज उपयुक्त भूमि का चयन भी कर लिया गया है। यह उद्यान न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि इसमें ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक और बच्चों के लिए खेलकूद की बेहतरीन व्यवस्था होगी। हम इसे एक ‘मॉडल गार्डन’ के रूप में विकसित करेंगे।”
निरीक्षण के दौरान निगम मुख्यालय, जोन-8 और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की और विधायक मूणत को आश्वस्त किया कि जल्द ही उद्यान का विस्तृत प्रोजेक्ट प्लान तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
जेल डीआईजी एसएस तिग्गा का प्रमोशन रद्द... अमित शांडिल्य को दी जाएगी पदोन्नति
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि अमित शांडिल्य को डीआईजी जेल के पद पर पदोन्नति दी जाए. इसके साथ ही वरिष्ठता क्रम को नजर अंदाज कर डीआईजी जेल बनाए गए एसएस तिग्गा का प्रमोशन रद्द कर दिया जाए।
जेल विभाग में सुपरिंटेंडेंट जगदलपुर सेंट्रल जेल के पद पर कार्यरत अमित शांडिल्य ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. उन्होंने बताया था कि विभागीय पदोन्नति समिति की डीपीसी में उनकी वरिष्ठता और निर्धारित पात्रता के मापदंडों को दरकिनार कर दिया गया. वरिष्ठता सूची में उनका नाम पहले स्थान पर था, लेकिन उन्हें सुपर शीड करते हुए एसएस तिग्गा को डीआईजी जेल के पद पर प्रमोशन दे दिया गया.
अमित शांडिल्य ने अपनी याचिका में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, डीजी जेल, सीजी पीएससी और एसएस तिग्गा को पार्टी बनाया. सुनवाई जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई. सुनवाई में अदालत ने पाया कि पदोन्नति प्रक्रिया में सेवन नियमों और वरिष्ठता के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया है, जिसके चलते डीआईजी के पद पर एसएस तिग्गा का प्रमोशन जायज नहीं है. वरिष्ठता क्रम में सीनियर रहे अमित शांडिल्य को डीआईजी बनाया जाए.
सुरक्षाबल के जवानों ने 2 नक्सलियों को मार गिराया, सुबह से रुक-रुक कर हो रही फायरिंग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में 2 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। वहीं, नक्सली नेता पापाराव के होने की सूचना भी मिल रही है। फिलहाल, इसकी आधकारिक पुष्टि पुलिस के अफसर नहीं कर रहे है।
जानकारी के अनुसार, मौके से AK-47 बरामद किया गया है। शनिवार सुबह से ही संयुक्त टीम और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। सुरक्षा कर्मियों के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी से सामना हो गया।
बताया जा रहा कि, मुठभेड़ अभी भी जारी है और सुरक्षाकर्मियों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।
बीजापुर पुलिस ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि, अभियान अभी जारी है, इस लिए मुठभेड़ की जगह, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाकर्मियों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी इस वक्त साझा नहीं की जा सकती है।
बिलासपुर रेल मंडल ने रचा इतिहास, 288 दिनों में 1500 लाख टन माल लदान कर बनाया नया कीर्तिमान
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने भारतीय रेल के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में महज 288 दिनों में 1500 लाख टन माल लोडिंग कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। यह अब तक का सबसे तेज और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड धनबाद मंडल के नाम था, जिसने 289 दिनों में यह उपलब्धि हासिल की थी। वहीं बिलासपुर मंडल ने अपने ही पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का बिलासपुर मंडल लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 13 जनवरी तक, यानी 288 दिनों में मंडल ने 1500 लाख टन से अधिक माल लोडिंग कर ली है।माल परिवहन में कोयला सबसे प्रमुख रहा, जिसकी लोडिंग 1426 लाख टन से अधिक दर्ज की गई।इसके अलावा लौह अयस्क, सीमेंट, कंटेनर, कच्चा माल और अन्य वस्तुओं के परिवहन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। राजस्व की बात करें तो 13 जनवरी तक मंडल का लक्ष्य था 17,490 करोड़ रुपये, जबकि वास्तविक आय 17,800 करोड़ रुपये तक पहुँच चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आय 16,890 करोड़ रुपये थी।
बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने बताया यह उपलब्धि मंडल के सभी विभागों के बेहतर समन्वय, कर्मठ कर्मचारियों और लोको पायलटों की मेहनत का परिणाम है।हम आगे भी इसी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ काम करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
मुंगेली जिले में 14 राइस मिलों को किया गया सील, 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त
नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के सुकमा जिले में 29 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के सुकमा जिले से शांति बहाली की दिशा में बड़ी खबर सामने आई है। दरभा और केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे 29 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया है। यह आत्मसमर्पण पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, एएसपी रोहित शाह और सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे की मौजूदगी में हुआ।
गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। क्षेत्र में लगातार बढ़ी सुरक्षा, विकास कार्यों की रफ्तार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे और कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दे रही है। वहीं एएसपी रोहित शाह ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ संवाद और विश्वास निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि गोगुंडा में कैंप की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे आम नागरिकों का भरोसा बढ़ा है और नक्सलियों का प्रभाव कमजोर पड़ा है।
जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और इसके व्यापक प्रचार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी नेशनल और स्टेट लेवल पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा। आयुक्त डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में जनसम्पर्क की नई चुनौतियां विषय पर जनसम्पर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला में उक्त बाते कहीं।
आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान दौरे में जनसंपर्क में सूचना एवं जनसंपर्क का माध्यम बदल रहे हैं। नए-नए तकनीक आ रहे हैं, जनसंपर्क अधिकारियों को भी उन तकनीकों का उपयोग कर अपने कार्य को प्रमाणिक, बेहतर और समय सीमा में पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का बखूबी उपयोग करना है, ताकि शासन की फैसलों को जनता तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए अधिकारियों को नए टेक्नोलॉजी से अपडेट रहना होगा। उन्होंने इस मौके पर पत्रकारिता स्कूल-कॉलेजों के बच्चों को भी जनसंपर्क विभाग में इंटरशीप का अवसर देने पर बल दिया।
उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा, आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसंपर्क के लिए प्रभावी संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिभागियों को दो दिनों तक चलने वाले सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षाओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को अधिक सशक्त, आधुनिक, संवेदनशील और उन्मुखी बनाना है।
कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत पाठक-अनुकूल लेखन सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बात को पहचानने, सरल और सुबोध भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन एवं लीड पैराग्राफ लिखने की जानकारी दी। साथ ही, प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग तथा संकट के समय मीडिया से संतुलित और समयबद्ध संवाद की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की।
सतर्क ऐप से धान खरीदी की हो रही सख्त निगरानी : धरसीवां में 200 क्विंटल धान व ट्रक जब्त
रायपुर। धान खरीदी के लिए उपयोग में लाए जा रहे सतर्क एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर जिले के धान उपार्जन केंद्रों, राइस मिलों एवं समितियों में सघन जांच अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में धरसीवां विकासखंड के ग्राम दोंदेकला स्थित प्राथमिक कृषि साख सेवा सहकारी समिति में संयुक्त जांच दल द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान पीडी राइस मील की संचालक नूतन अग्रवाल, से संबंधित 500 कट्टा (200 क्विंटल) धान एवं परिवहन में प्रयुक्त ट्रक CG 04 JE 0813 को जप्त करते हुए राइस मील को सील किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी एवं उठाव की निगरानी के लिए राज्य शासन द्वारा इस वर्ष सतर्क ऐप के माध्यम से नई तकनीकी व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी एवं परिवहन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। जीपीएस तकनीक से वाहनों की ट्रैकिंग की जा रही है तथा संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में लगाए गए कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी रखी जा रही है।
अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि सतर्क ऐप से प्राप्त शिकायतों पर आगामी तीन दिनों के भीतर राजस्व, मंडी एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सघन जांच की जाएगी। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित राइस मिलों को काली सूची में डालने एवं आवश्यकतानुसार सील करने की कार्रवाई की जाएगी। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सतत निगरानी एवं कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कोरबा कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई, लापरवाही के मामले में पटवारी को किया निलंबित
रायपुर। किसानों के रकबा सुधार एवं ऑनलाइन मैपिंग में लापरवाही बरतने के मामले में कोरबा जिले के पटवारी हल्का क्रमांक 3 की पटवारी कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्य की मॉनिटरिंग में उदासीनता बरतने के कारण तहसीलदार हरदीबाजार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कोरबा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर की गई है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन कोरबा को यह शिकायत मिली कि जिले के पटवारी हल्का क्रमांक 03, राजस्व निरीक्षक मंडल तिवरता, तहसील हरदीबाजार अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता एवं पूटा के कृषक उपार्जन केन्द्र में समर्थन मूल्य पर अपना धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि संबंधित हल्का पटवारी द्वारा अनेक कृषकों का क्षेत्र निरीक्षण एवं सत्यापन नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण प्रभावित कृषक अपना धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। पटवारी कारे के इस कृत्य को शासन के निर्देशों की अवहेलना एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता व स्वेच्छाचारिता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है।
बीएसपी के सुरक्षा जागरूकता माह के अंतर्गत ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन
रायपुर। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 'सुरक्षा जागरूकता माह' के उपलक्ष्य में सेक्टर-8 स्थित सुनीति उद्यान में वार्षिक सुरक्षा ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार और अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) श्री डी. सतपथी ने की। इस अवसर पर संयंत्र के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ महाप्रबंधकगण और अधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिवर्ष जनवरी माह में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता अब केवल एक स्पर्धा न रहकर समाज में सुरक्षा चेतना फैलाने की बीएसपी की एक विशिष्ट पहल बन चुकी है, जो कार्यस्थल की सुरक्षा को व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन से जोड़ने का काम करती है।
प्रतियोगिता में नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूली बच्चों, विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों सहित लगभग 1200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की खासियत इसके 'एक्सटेम्पोर' (तत्काल) विषय रहे, जिन्हें मौके पर ही घोषित किया गया ताकि प्रतिभागियों की मौलिक सोच और रचनात्मकता को खुलकर अभिव्यक्ति मिल सके। बच्चों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से सामान्य सुरक्षा, अग्नि एवं गृह सुरक्षा, सड़क व रेल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर बेहद प्रभावशाली और संवेनदशील संदेश उकेरे। अतिथियों ने अपने संबोधन में जोर दिया कि सुरक्षा की आदत बचपन से ही विकसित होनी चाहिए ताकि भविष्य में एक जिम्मेदार और सतर्क नागरिक समाज का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री प्रवीण कुमार शुक्ला एवं एच.के. गुप्ता द्वारा किया गया। इस रचनात्मक प्रयास में तैयार की गई चयनित पेंटिंग्स का प्रदर्शन 19 से 23 जनवरी 2026 तक नेहरू आर्ट गैलरी, इंदिरा प्लेस में किया जाएगा, जहाँ प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान ही विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। आयोजन की सफलता में टाउनशिप विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम, यातायात पुलिस और प्रशिक्षुओं (अप्रेंटिस) का सराहनीय सहयोग रहा, जिनके प्रति सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग ने आभार व्यक्त किया।