छत्तीसगढ़
निर्माणाधीन बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर आम वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित
रायपुर। भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारे (राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए) के निर्माणाधीन बिलासपुर-उरगा खंड पर आम नागरिकों तथा सभी प्रकार के निजी एवं सार्वजनिक वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह खंड अभी निर्माणाधीन है और तकनीकी रूप से सामान्य यातायात के लिए संचालित नहीं किया गया है। वर्तमान में इस मार्ग का उपयोग केवल परियोजना निर्माण कार्य में संलग्न वाहनों, मशीनरी तथा अधिकृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, कोरबा के परियोजना निदेशक श्री अंकित आनंद ने बताया कि निर्माणाधीन बिलासपुर-उरगा खंड पर अनधिकृत आवागमन रोकने के उद्देश्य से सभी प्रवेश एवं निकास बिंदुओं को बंद कर दिया गया है। साथ ही, पूरे मार्ग पर निगरानी के लिए बंद परिपथ दूरदर्शन (सीसीटीवी) सर्विलांस प्रणाली स्थापित की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध के बावजूद निर्माणाधीन मार्ग पर प्रवेश करने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन राजमार्ग पर अनधिकृत आवागमन सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत जोखिमपूर्ण है और इससे परियोजना के निर्माण कार्य की गति भी प्रभावित हो सकती है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सभी नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्माणाधीन मार्ग पर प्रवेश न करें तथा आवागमन के लिए केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्राधिकरण ने कहा है कि सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के निर्माण में आम नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
राजनांदगांव में खूनी संघर्ष, जमीन विवाद ने हिंसक रूप लिया, कई घायल
उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने सामाजिक बहिष्कार और लगातार धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, न्यायालय के आदेश और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जब वे अपनी जमीन पर पहुंचे, तब दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने टंगिया, लाठी और डंडों से मारपीट की। इस दौरान पुरुषों के साथ महिलाओं को भी निशाना बनाया गया। घटना में दोनों पक्षों के 12 लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के दुर्ग उपकेंद्र में राजभाषा कार्यशाला का सफल आयोजन
रायपुर। 'नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास)-भिलाई-दुर्ग' के तत्वावधान में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, दुर्ग उपकेंद्र, मेड़ेसरा में विगत एक दिवसीय राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और भारत सरकार के राजभाषा विभाग के दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं संस्थान प्रमुख (महाप्रबंधक प्रभारी) ब्रह्मदत्त द्विवेदी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जबकि इस अवसर पर 'नराकास-भिलाई-दुर्ग' की ओर से भिलाई इस्पात संयंत्र के उप प्रबंधक (राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी मुख्य संकाय सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन देते हुए राजभाषा अधिकारी एवं अभियंता (अनुरक्षण) शैलेष कुमार ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि दुर्ग उपकेंद्र में अधिकांश प्रशासनिक और तकनीकी कार्य हिंदी में संपादित किए जा रहे हैं, साथ ही उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण का उल्लेख करते हुए राजभाषा संबंधी सभी संवैधानिक प्रावधानों के अनुपालन के प्रति संस्थान की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। अपने संबोधन में संस्थान प्रमुख ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने कहा कि पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के निर्देशों एवं निर्धारित मानकों का नियमित और कड़ाई से पालन किया जाता है तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की झिझक दूर करने के लिए प्रत्येक तिमाही में नियमित रूप से राजभाषा कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम, लक्ष्यों और संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण के दौरान ध्यान रखे जाने वाले बिंदुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला और 'नराकास' द्वारा किए जाने वाले वार्षिक मूल्यांकन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। तकनीकी सत्र के दौरान उन्होंने आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) टूल्स, जैसे गूगल ऑनलाइन वॉयस टाइपिंग और विभिन्न हिंदी इनपुट टूल का सजीव (Live) प्रदर्शन किया, जिससे कर्मचारी कंप्यूटर पर अधिक गति और सुगमता से हिंदी में कार्य कर सकें।
सत्र के अंत में कर्मचारियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए मुहावरों पर आधारित एक ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें अभियंता शीतला प्रसाद ने प्रथम, टेक्नीशियन असलम मोहम्मद शेख ने द्वितीय तथा सहायक प्रबंधक आशीष कुमार गौतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि कनिष्ठ अभियंता (अनुरक्षण) अमित कुमार को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया तथा इस कार्यशाला में कनिष्ठ अभियंता ओम प्रसाद साहू, टेक्नीशियन युपेश कुमार, अजीत कुमार सामल, अविनाश तिवारी सहित पावर ग्रिड, दुर्ग उपकेंद्र के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा अधिकारी शैलेष कुमार द्वारा किया गया।
मेन रोड में हाथियों की वजह से हुआ आवागमन ठप
वनकर्मियों ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों के पास नहीं जाने की समझाइश दी। वन विभाग के अनुसार, हाथियों का दल चारमार के जंगल से निकलकर पानीखेत और पाकादरहा के जंगल की ओर चला गया है। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि हाथियों के दल में नर, मादा और शावक भी शामिल हैं। वन विभाग लगातार उनकी निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाथियों के सड़क पार करने के दौरान दोनों ओर से वाहनों को रोककर सुरक्षित रास्ता दिया गया। साथ ही लोगों को हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने की सलाह दी गई है। प्रभावित गांवों में मुनादी भी कराई गई है और ग्रामीणों को अकेले जंगल नहीं जाने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी तरह की जनहानि या दुर्घटना न हो।
आयकर विभाग में 70 इंस्पेक्टरों के तबादले, रायपुर कमिश्नरी के 29 अधिकारी प्रभावित
रायपुर। आयकर विभाग के भोपाल मुख्यालय ने छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश (सीजी-एमपी) क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 70 आयकर इंस्पेक्टरों के तबादले किए हैं। मुख्य आयकर आयुक्त द्वारा जारी आदेश में रायपुर कमिश्नरी रेंज के 29 निरीक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया है। सभी अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी तबादला सूची में छत्तीसगढ़ सेक्टर के राजेश कुमार, सुजीत सरकार, अभिषेक कुमार, राकेश बोरकर, कुणाल राणा सहित कई आयकर निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी बिना विलंब नए स्थान पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
इससे पहले 23 जून को भी आयकर विभाग ने बड़े स्तर पर 209 आयकर निरीक्षकों के तबादले किए थे। उस सूची में सबसे अधिक भोपाल के 46 और रायपुर के 31 निरीक्षकों का स्थानांतरण किया गया था। इसके अलावा इंदौर में 21, भिलाई में 10 और बिलासपुर में 6 निरीक्षकों की नई पदस्थापना की गई थी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार लगातार हो रहे तबादले और नई पदस्थापनाएं विभागीय पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। नए वित्तीय वर्ष को ध्यान में रखते हुए सीजी-एमपी आयकर सर्किल के प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, ताकि कर प्रशासन, जांच और राजस्व संग्रहण से जुड़े कार्यों में गति लाई जा सके।
एलबी संवर्ग शिक्षकों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका.... क्रमोन्नत वेतनमान की 7 याचिकाएं खारिज
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने धमतरी जिले के एलबी संवर्ग के शिक्षकों और व्याख्याताओं को क्रमोन्नत वेतनमान (टाइम-बाउंड प्रमोशनल पे-स्केल) के मामले में बड़ा झटका दिया है। न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकल पीठ ने राज्य शासन के 10 मार्च 2017 के परिपत्र को चुनौती देने वाली सातों रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस कानूनी मुद्दे पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही स्पष्ट निर्णय दे चुकी है। ऐसे में वर्तमान याचिकाओं में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।
धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में पदस्थ एलबी संवर्ग के शिक्षक यशोदा साहू, सरिता चंद्राकर, ओमकुमारी कंवर, झबलेश्वरी साहू, मनीष देव वर्मा, छोटेलाल टांडी और पूनम अग्रवाल ने अधिवक्ता अंकुश सोनी के माध्यम से हाईकोर्ट में अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाओं में स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई), जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी तथा संबंधित जनपद एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया था।
याचिकाकर्ताओं ने राज्य शासन के 10 मार्च 2017 के परिपत्र के आधार पर क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद वे उच्चतर वेतनमान के पात्र हैं, इसलिए उन्हें क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। चूंकि सभी याचिकाओं में तथ्य और कानूनी प्रश्न समान थे, इसलिए हाईकोर्ट ने सभी मामलों की एक साथ सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से पैनल अधिवक्ता अपूर्वा निगम ने अदालत को बताया कि एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान देने का विवाद पहले ही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा तय किया जा चुका है। सरकार ने आभा नामदेव बनाम छत्तीसगढ़ राज्य तथा पुष्पलता मानिकपुरी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामलों में दिए गए फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2017 के परिपत्र के तहत एलबी संवर्ग के शिक्षकों का क्रमोन्नत वेतनमान का दावा स्वीकार्य नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि वर्तमान मामला पूर्व में तय किए गए मामलों से पूरी तरह समान है। इसलिए डिवीजन बेंच के पूर्व निर्णय इस मामले पर भी लागू होंगे। अदालत ने कहा कि जब इस मुद्दे पर पहले ही कानून स्पष्ट हो चुका है, तब नए सिरे से राहत देने का कोई औचित्य नहीं है। इसी आधार पर न्यायालय ने धमतरी जिले के सातों शिक्षकों और व्याख्याताओं द्वारा दायर क्रमोन्नत वेतनमान संबंधी सभी रिट याचिकाएं खारिज कर दीं।
इस फैसले को एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्पष्ट हो गया है कि वर्ष 2017 के परिपत्र के आधार पर क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर दायर समान प्रकृति की याचिकाओं पर हाईकोर्ट का रुख पूर्व के निर्णयों के अनुरूप ही रहेगा।
भिलाई में साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा, पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 23 आरोपी हिरासत में
रायपुर। दुर्ग जिले के थाना छावनी पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के लेनदेन और उसे विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करने में सहयोग कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि, थाना छावनी के तहत विभिन्न कानूनी धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण की विवेचना के दौरान यह सामने आया कि आरोपी अपने स्वयं के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते भी साइबर एवं आर्थिक अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले वे कमीशन प्राप्त करते थे और कथित तौर पर ठगी से प्राप्त रकम के अवैध लेनदेन में सहयोग करते थे।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण तथा अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर 29 जून 2026 को कार्रवाई करते हुए कुल 23 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के कब्जे से बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जप्त किए गए हैं। जप्त सामग्री में 11 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक तथा अन्य बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस पूरे मामले में कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के अवैध लेनदेन में सहयोग करने की बात सामने आई है।
हाथी प्रभावित क्षेत्र में 33 केवी लाइन विस्तार पर हाईकोर्ट सख्त, नोटिस जारी कर मांगा जवाब
रायपुर। प्रदेश के रायगढ़ जिले के हाथी प्रभावित धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में नियम और मानकों का उल्लंघन कर 33 केवी लाइन विस्तार को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार और बिजली कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान राज्य और केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं ने नोटिस स्वीकार किया, जबकि निजी कंपनी को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दे दी है। जवाब मिलने के बाद एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को रिजॉइंडर दाखिल करने की अनुमति दी।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि निजी कंपनी की ओर से जवाब पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उस जवाब पर भी प्रत्युत्तर सबमिट करने की छूट दी। जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को तय की गई है।
याचिका में बताया है कि धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम भालूपखना स्थित धनबादा पावर की 7.50 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना के लिए आवश्यक वन स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना वन एवं राजस्व भूमि में गैर-वानिकी गतिविधियां संचालित की गईं तथा 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन विस्तार में भी नियमों की अनदेखी की गई। याचिका में दावा किया गया है कि भालूपखना से चरखापारा तक 11 केवी विद्युत लाइन के नवीनीकरण कार्य के दौरान सीएसपीडीसीएल के नए पोल लगाए गए। आरोप है कि इन्हीं खंभों का उपयोग करते हुए निजी परियोजना की 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन भी ले जाई गई, जिससे अलग से वन भूमि डायवर्सन और वैधानिक अनुमतियों की आवश्यकता से बचा जा सके।
आरोपों के अनुसार, परियोजना प्रबंधन ने पूर्व में ट्रांसमिशन लाइन एवं अन्य संरचनाओं के लिए वन विभाग तथा जिला प्रशासन के समक्ष अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने से पहले ही निर्माण कार्य कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता ने पहले भी इसी मुद्दे पर याचिका दायर की थी। उस याचिका में सुरक्षा राशि जमा करने से छूट की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने छूट संबंधी आवेदन खारिज करते हुए 7 मई 2026 को याचिका निरस्त कर दी थी। हालांकि अदालत ने नियमों के अनुसार सुरक्षा राशि जमा कर नई याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता विवेक कुमार पांडेय ने नई जनहित याचिका प्रस्तुत की।
धमतरी के सत्यांशु दीप का भारतीय फुटबॉल टीम में चयन, स्वीडन में करेंगे देश का प्रतिनिधित्व
रायपुर। धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat) की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026) अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।
विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है।
इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।
कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।
रामगढ़ महोत्सव में रामलीला, कवि सम्मेलन और 'जटायु मोक्ष' की प्रस्तुति ने बांधा समां
रायपुर। सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समर्पित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के प्रथम दिवस में संस्कृति, साहित्य और लोककला का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव में प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नई दिल्ली के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उदयपुर की छात्राओं द्वारा 'जटायु मोक्ष' की भावपूर्ण नृत्य-नाटिका तथा कवि सम्मेलन कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे।
नई दिल्ली से आए ख्याति प्राप्त कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का अत्यंत प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति कराई। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता को सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद, आकर्षक वेशभूषा, भव्य मंच सज्जा और मधुर संगीत के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक कलाकारों के अभिनय से अभिभूत नजर आए।
इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उदयपुर की बालिकाओं ने 'जटायु मोक्ष' पर आधारित मनमोहक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। भगवान श्रीराम और जटायु के प्रसंग को बालिकाओं ने अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली अभिनय तथा नृत्य के माध्यम से साकार किया। भावपूर्ण अभिव्यक्ति, उत्कृष्ट मंच संचालन, पारंपरिक वेशभूषा और सुमधुर संगीत के समन्वय ने प्रस्तुति को अत्यंत जीवंत बना दिया। बालिकाओं की इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की आंखें नम कर दीं और पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास ने सभी का मन मोह लिया।
महोत्सव का एक अन्य प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओज, वीर, श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य एवं समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया, वहीं हास्य-व्यंग्य की रचनाओं ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। कवियों की दमदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
इसके अतिरिक्त लोकगीत, सरगुजिहा लोकनृत्य, करमा नृत्य, स्वागत गीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी महोत्सव को भव्यता प्रदान की। स्थानीय एवं क्षेत्रीय कलाकारों ने सरगुजा की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी कला का उत्कृष्ट परिचय दिया।
भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘सुरक्षा-2026’ प्रतियोगिता, 47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने प्रस्तुत किए नवाचार
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति, नवाचार और सतत सुधार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा-2026’ का आयोजन 27 एवं 29 जून 2026 को मानव संसाधन विकास विभाग के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में संयंत्र के विभिन्न विभागों की 47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े अपने नवाचारी समाधान और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मार्केटिंग एंड यूटिलिटीज) बी. के. बेहरा ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। दुर्घटनारहित एवं सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण के लिए नवाचार आधारित प्रयासों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद अजय टल्लू ने सभी प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाई। स्वागत उद्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) डी. सत्पथी ने भिलाई इस्पात संयंत्र में एकीकृत सेफ्टी सर्किल गतिविधियों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 35 टीमों से शुरू हुई यह पहल वर्ष 2025 में बढ़कर 83 टीमों तक पहुंच गई। वहीं, *‘सुरक्षा-2026’* के लिए कुल 47 केस स्टडी प्राप्त हुईं, जो संयंत्र में सुरक्षा संस्कृति के प्रति कर्मचारियों की बढ़ती प्रतिबद्धता और सहभागिता को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का मूल्यांकन तीन चरणों में किया जाएगा।
प्रतियोगिता के पहले दिन 20 सेफ्टी सर्किल टीमों ने चार मूल्यांकन पैनलों के समक्ष अपने केस स्टडी प्रस्तुत किए। प्रत्येक पैनल में दो विशेषज्ञ निर्णायक शामिल थे। प्रस्तुतियों में कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, दुर्घटनाओं की आशंका कम करने तथा सुरक्षित कार्य प्रणालियों को और प्रभावी बनाने के लिए विकसित नवाचारी उपायों का प्रदर्शन किया गया। दूसरे दिन 27 टीमों ने अपने केस स्टडी प्रस्तुत किए। दोनों दिनों में कुल 47 केस स्टडी का मूल्यांकन किया गया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन उच्च स्तरीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) डी. सत्पथी, विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, निर्णायक, मेंटर, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सेफ्टी सर्किल टीमों के सदस्य उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने किया स्कूलों का औचक निरीक्षण,समय से पहले कई स्कूल मिले बंद, शिक्षकों का कटेगा एक दिन का वेतन
मुंगेली : शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन एवं शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी एल. पी. डाहिरे ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला केसली, पूर्व माध्यमिक शाला टेढ़ाधौरा एवं हाई स्कूल टेढ़ाधौरा निर्धारित समय से पहले बंद पाए गए।
निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में न तो शिक्षण कार्य संचालित होता मिला और न ही शिक्षक एवं संस्था प्रमुख उपस्थित पाए गए। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित सभी शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित सभी शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों का उक्त दिवस का वेतन काटा जाएगा तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति एवं नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करना सभी शिक्षकों और संस्था प्रमुखों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों के शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे विद्यालय संचालन में अनुशासन बनाए रखें, निर्धारित समय का कड़ाई से पालन करें तथा विद्यार्थियों के हित में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करें।
हाथियों का उत्पात, कई मकानों में तोड़फोड़
शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में 35 वर्षीय राजेंद्र सर्पराज अपने साथी सुखराम डोगीदरहा के साथ बाइक से कापू से किलकिला की ओर जा रहा था। रास्ते में सड़क किनारे खड़े हाथियों से उनका सामना हो गया। हाथी अचानक आक्रामक हो गया और दोनों बाइक सवारों को दौड़ाने लगा। सुखराम किसी तरह भागकर बच निकला, लेकिन हाथी ने राजेंद्र सर्पराज को दौड़ाकर घायल कर दिया।
जांजगीर-चांपा में बड़ा हादसा टला: आंगनबाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे बच्चे
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अचानक कमरे की छत का प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। घटना से सहायिका और कार्यकर्ता में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त आंगनबाड़ी केंद्र में कोई भी बच्चा मौजूद नहीं था।
जानकारी के अनुसार, हाथिटिकरा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में रोज की तरह बच्चों के आने से पहले कार्यकर्ता और सहायिका केंद्र की तैयारी में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। तेज आवाज सुनकर कार्यकर्ता और सहायिका मौके पर पहुंची। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बच्चों के आने के पहले मलबे की सफाई कराई गई। इस घटना ने आंगनबाड़ी भवन की गुणवत्ता और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के निरीक्षण पर सवालिया निशान हैं. वहीं अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
सिरसा गेट अंडर ब्रिज में आवागमन बंद
LPG सिलेंडर को लेकर बड़ा अपडेट, बदल गए नियम, ग्राहकों पर पड़ेगा सीधा असर
डेस्क। देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और सब्सिडी से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं। इनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना बताया जा रहा है।
नए नियमों के अनुसार, अब एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर लेने के बाद 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकेगा। वहीं, सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP के मिलान के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी की जाएगी।
इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC पूरा करना जरूरी बताया गया है। समय पर e-KYC नहीं कराने पर सब्सिडी या अन्य लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। जिन क्षेत्रों में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) उपलब्ध है, वहां भी नए नियम लागू किए गए हैं और कुछ मामलों में एलपीजी कनेक्शन से जुड़े प्रावधान बदले गए हैं।
गौरतलब है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में इसी महीने 29 रुपये की बढ़ोतरी भी की गई थी, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। गैस बुकिंग से लेकर डिलीवरी और e-KYC तक कई नियम बदल गए हैं। अगर आपने अभी तक ये जरूरी काम पूरे नहीं किए हैं, तो आपको सिलेंडर लेने में परेशानी हो सकती है। आखिर क्या हैं नए नियम और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।”*
धरती आबा और जनमन योजना, जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान : राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि "धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना" और "प्रधानमंत्री जनमन योजना" जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए मरीजों के उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल पटेल रविवार ने यह बात खरगोन के झिरन्या में आयोजित सिकलसेल शिविर कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान ब्लड बैंक का शुभारंभ किया तथा दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत कुमारी आस्था को पोलियोरोधी दवाई पिलाई। उन्होंने सिकलसेल प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने क्षय रोगियों को फूड बास्केट भेंट की। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को भी सुना।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकलसेल रोग अनुवांशिक रोग है। इसकी जांच गर्भावस्था में भी संभव है। बच्चों के गर्भावस्था के दौरान भी सिकल सेल रोग का उपचार प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "सिकलसेल मित्र" मरीजों की मदद में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सिकलसेल रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। अब टीबी रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। मरीज यदि 6 माह तक नियमित रूप से दवाई ले, तो टीबी रोग ठीक किया जा सकता है।
राज्यपाल पटेल ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास योजनाओं के प्रदर्शन के लिए लगाए गए स्टाल पर जाकर उपस्थित अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी मे विकास और गरीबों के कल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं। झिरन्या में 1500 करोड़ रुपए लागत की उदवहन सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।