छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना राउंड-3 की तैयारी शुरू
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगारपरक कौशल और औद्योगिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के सफल संचालन हेतु प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिले के सभी संबंधित विभागों को नियत अवधि में वार्षिक कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिए हैं।
राज्य शासन के द्वारा जारी आदेश के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु इस योजना को धरातल पर क्रियान्वयन करने हेतु प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना जिला निगरानी समिति प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। कलेक्टर इस समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे, जबकि एडिशनल कलेक्टर या संयुक्त कलेक्टर को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग और दैनिक समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पोर्टल पर लॉगिन आईडी का निर्माण तुरंत किया जाना है। इसके लिए अधिकृत अधिकारियों का पूरा नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी तुरंत विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डेटा ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग निर्बाध रूप से की जा सके। इस योजना के माध्यम से जिले के 18-25 आयु वर्ग के युवाओं को लक्षित किया जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा शामिल है। बस्तर जिले के कुल सात विकास खंड में फैले गैर-इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और विश्वविद्यालय इस अभियान का हिस्सा बनेंगे ताकि युवाओं तक इस योजना की पहुँच बनाई जा सके।
कलेक्टर आकाश छिकारा द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों और इंजीनियरिंग कॉलेज व आईटीआई के प्रमुखों को आपस में समन्वय कर पहल किए जाने कहा गया है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा और उद्योग विभाग मिलकर कैम्पस ड्राइव, रोड शो और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से युवतियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को छात्रावासों के माध्यम से जोड़ने की विशेष योजना तैयार की जा रही है।
गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: पति-पत्नी के बाद नगर सैनिक गिरफ्तार
रायपुर। प्रदेश के धमतरी जिले में गांजा तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अप्रैल माह में गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किए गए पति-पत्नी से जुड़े मामले की जांच के दौरान एक नया खुलासा हुआ है। तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने इस मामले में संलिप्त पाए गए एक नगर सैनिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, मगरलोड थाना पुलिस ने अप्रैल महीने में करीब 1.660 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी गई थी। इस मामले में पहले एक पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
पुलिस द्वारा की जा रही विस्तृत जांच और तकनीकी विश्लेषण के दौरान मामले में महेश सिन्हा नामक नगर सैनिक की भूमिका सामने आई। जांच में उसके नशे के कारोबार से जुड़े होने के संकेत मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह इस प्रकरण की तीसरी गिरफ्तारी है। आरोपी नगर सैनिक की संलिप्तता सामने आने के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े तो नहीं हैं।
मगरलोड थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर सीएचसी तुमगांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित
महासमुंद :प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उपचार हेतु शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं एवं उनके साथ आए परिजनों, पतियों के साथ गोसइया सम्मेलन किया गया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था से होने वाली जटिलताओं तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लोगों को जागरूक करना था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम की पहचान के लिए 25 मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन मानदंडों के अंतर्गत आने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य प्रबंधन एवं नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष अभियान संचालित किया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को इन विषयों की विस्तृत जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।
शिविर में कुल 106 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी जांच भी कराई गई, जिससे गर्भावस्था से संबंधित संभावित जोखिमों की समय पर पहचान और प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान डॉ. निखिल चंद्राकर, डॉ. ज्योति साहू, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक सुरेंद्र चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम उपस्थित रही। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारजनों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा सुरक्षित मातृत्व के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की अपील की है।
26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सेवा और साहस का परिचय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अनकही कहानी को समर्पित है फिल्म
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी पत्नी कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।
मुख्यमंत्री ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।
इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।
उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, HDFC Life को 9.60 लाख रुपए चुकाने का आदेश
रायपुर। बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी HDFC Life को मृतिका के परिजनों को 9 लाख 60 हजार रुपए की बीमा राशि देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि कंपनी द्वारा मृत्यु दावा खारिज करना उचित नहीं था और यह सेवा में कमी की श्रेणी में आता है।
मामले में बीमा कंपनी ने दावा निरस्त करते हुए मृतिका को पहले से कई बीमारियां होने का हवाला दिया था। हालांकि सुनवाई के दौरान आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर कंपनी की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और बीमा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।
आयोग ने बीमा राशि के अलावा परिजनों को मानसिक पीड़ा के लिए 10 हजार रुपए तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए अतिरिक्त देने का भी आदेश दिया है। साथ ही HDFC Life को 45 दिनों के भीतर पूरी राशि का भुगतान करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नवा रायपुर मंत्रालय में शुरू हुई साय कैबिनेट की बैठक... कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में शुरू हो गई है। बैठक में राज्य सरकार से जुड़े कई अहम विषयों और जनहित के प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक, वित्तीय और विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों, किसानों और आम जनता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में लंबित नीतिगत मामलों, विभागीय प्रस्तावों और विकास योजनाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है। इसके अलावा राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा हो सकती है।
साय सरकार की इस कैबिनेट बैठक पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर लाखों लोगों पर पड़ सकता है। बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक जारी है और महत्वपूर्ण निर्णयों का इंतजार किया जा रहा है।
बुजुर्गों को मिला अपनापन और सम्मान का नया ठिकाना, अंबिकापुर में शुरू हुआ ‘सियान गुड़ी’
रायपुर। वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्ण, सुरक्षित एवं आनंदमय वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सरगुजा जिले में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित ‘सियान गुड़ी’ (वरिष्ठ नागरिक डे-केयर सेंटर) का शुभारंभ सोमवार को वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में किया।
इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुखद जीवन को ध्यान में रखते हुए सियान गुड़ी की स्थापना की गई है, जहां उन्हें आवश्यक सुविधाओं के साथ आत्मीय और सकारात्मक वातावरण मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बार बुजुर्ग स्वयं को अकेला महसूस करते हैं। ऐसे में सियान गुड़ी उनके लिए सामाजिक जुड़ाव, स्वास्थ्य संरक्षण और मनोरंजन का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र में योग एवं प्राणायाम, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, पुस्तकालय, पारिवारिक परामर्श, सांस्कृतिक गतिविधियां, इंडोर गेम्स, स्वल्पाहार और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। 25 सीटर क्षमता वाले इस डे-केयर सेंटर का संचालन सप्ताह में छह दिन प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ कैरम और लूडो खेलकर आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर बुजुर्गों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा व्हीलचेयर और छड़ी का वितरण भी किया गया। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मनेंद्रगढ़ रोड में स्थापित इस केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग के सहयोग से अनामिका वेलफेयर सोसायटी, अंबिकापुर द्वारा किया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक यहां दिनभर स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का लाभ उठा सकेंगे।
सर्विस सेंटर की मनमानी से परेशान युवक ने खुद फूंक दी अपनी टाटा विस्टा कार
रायुपर। राजधानी के आरंग ब्लॉक कॉलोनी वार्ड -5 में एक युवक ने अपनी कार समय पर ठीक न होने से नाराज होकर खुद ही गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। बतादें कि गालव सोनकर नामक युवक ने अपनी टाटा विस्टा कार मरम्मत के लिए सर्विस सेंटर में दी थी। बार-बार शिकायत और चक्कर लगाने के बाद भी कार ठीक नहीं हुई। न पार्ट्स बदले गए, न ही समस्या का समाधान हुआ। लगातार चक्कर लगाने से परेशान युवक का धैर्य जवाब दे गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंबे समय से गाड़ी न मिलने और मरम्मत में देरी से नाराज गालव ने गुस्से में कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। देखते ही देखते कार धू-धू कर जलने लगी। आग की लपटों की चपेट में आने से गालव सोनकर भी झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, उसे आग से शरीर के कुछ हिस्से जल गए हैं
सड़क पर खड़ी कार में लगी आग और धुएं का गुबार दूर से दिखाई दे रहा था। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगा रही है कि किन परिस्थितियों में वाहन मालिक ने यह कदम उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत में देरी से परेशान होकर युवक ने यह कदम उठाया, हालांकि सच्चाई जांच के बाद ही साफ होगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी धमतरी के ग्राम छाती में चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में हुए शामिल
धमतरी : चौधरी ने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह शिक्षा] संगठन] संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देता है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा] नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी शनिवार को धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चंद्रनाहू ¼चंद्राकर½कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाजजनों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ एवं देश के विकास में समाज की भूमिका और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
चौधरी ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने समाज की गौरवशाली परंपराओं]सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए आने वाली पीढि़यों को संस्कारवान एवं सक्षम बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों] वरिष्ठजनों] युवाओं एवं बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में समाज के विकास और राष्ट्र की उन्नति के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में ^^राजा रामचंद्र की जय**”एवं ^^छत्रपति शिवाजी महाराज की जय**” के उद्घोष किए गए।
नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ से बाहर निकलने की आवश्यकता : राज्यपाल
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनती जा रही है। इसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस’ से बाहर निकलने की आवश्यकता है, क्योंकि यह सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर केवल कृत्रिम संतुष्टि प्रदान करता है। राज्यपाल श्री डेका आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
दीक्षांत समारोह में मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग, बीएएसएलपी सहित विभिन्न संकायों के कुल 9 हजार 194 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 7 हजार 545 स्नातक, 1 हजार 645 स्नातकोत्तर तथा 5 सुपर स्पेशियलिटी उपाधिधारी शामिल हैं। विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदकों से भी सम्मानित किया गया।
राज्यपाल डेका ने कहा कि यदि दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास किया जाए तो 30 दिनों के भीतर डिजिटल एडिक्शन से काफी हद तक मुक्ति पाई जा सकती है। बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखते हुए खेल-कूद और अन्य बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे सीमित दायरे में रह रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज को नवस्नातक चिकित्सकों से बड़ी अपेक्षाएं हैं और वे प्रदेश के स्वास्थ्य प्रहरी हैं। विशेष रूप से जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से करुणा, नवाचार, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के साथ चिकित्सा सेवा प्रदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल खनिज और कृषि आधारित राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करे, यह हम सबका लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रगति और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से भी जुड़ी हुई है।
शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करना सेवा का सर्वोत्तम अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, नई दिल्ली के राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल के अध्यक्ष एवं दीक्षांत समारोह के अभिभाषक डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. के. पात्रा ने स्वागत उद्बोधन एवं अकादमिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
भिलाई में एक शाम बशीर बद्र के नाम’ कार्यक्रम 6 जून को.... देश के ख्यातिप्राप्त कलाकार देंगे प्रस्तुति
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की स्मृति को समर्पित विशेष सांस्कृतिक संध्या ‘एक शाम बशीर बद्र के नाम’ का आयोजन 06 जून 2026 को महात्मा गांधी कला मंदिर में सायं 7:30 बजे से किया जाएगा। ग़ज़ल, संगीत और साहित्य की समृद्ध परंपरा को समर्पित यह आयोजन सांस्कृतिक एवं साहित्यिक रसिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध ग़ज़ल गायिका डॉ. साधना रहाटगांवकर, युवा ग़ज़ल गायक परन राज भाटिया तथा अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भजन एवं ग़ज़ल गायक प्रभंजय चतुर्वेदी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की कालजयी रचनाओं एवं लोकप्रिय ग़ज़लों की संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
संगत के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के ख्यातिलब्ध कलाकारों के साथ-साथ भिलाई के राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, ग़ज़ल गायन और साहित्यिक अभिव्यक्ति का समन्वय देखने को मिलेगा। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने नगरवासियों, साहित्य प्रेमियों एवं संगीत रसिकों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है। कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का लें सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल संचालन के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। सघन आबादी के क्षेत्रों और कामकाजी नागरिकों की सुगम आवाजाही के लिए मेट्रो रेल व्यवस्था एक वरदान है।
प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र इंदौर में मेट्रो रेल यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाए। दोनों नगरों की मेट्रो रेल परियोजना के सभी चरणों के सम्पूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। समग्र प्रगति की दृष्टि से दोनों परियोजनाओं के दो तिहाई कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में भोपाल और इंदौर के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी बन रहे हैं। प्रमुख धार्मिक केंद्रों, पर्यटन स्थलों, पुरातात्विक धरोहर स्थलों और टाइगर रिजर्व एवं अभयारण्य की सैर के लिए विद्यार्थियों सहित अन्य नागरिकों के लिए प्रबंध होने से मेट्रो रेल का उपयोग बढ़ेगा। इन प्रयासों में पर्यटन विभाग सहित मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
भोपाल मेट्रो परियोजनाः बैठक में बताया गया कि भोपाल मेट्रो रेल परियोजना में फेज़-1 में सुभाष नगर से एम्स तक दिसम्बर 2025 से संचालन हो रहा है। इस ट्रेक पर 7.1 किलोमीटर क्षेत्र में 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं। फेज़-2 में सुभाष नगर से करोंद चौराहा तक 9.64 से किलोमीटर सेक्शन में कार्य हो रहा है, जो जून 2028 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। इस सेक्शन में 6 एलिवेटेड और दो भूमिगत स्टेशन होंगे। इसी तरह फेज़-3 में भदभदा चौराहा से रत्नागिरी चौराहे तक 14.16 लम्बाई के सेक्शन में कार्य हो रहा है। इस सेक्शन में 13 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह कार्य भी आने वाले 2 वर्ष में पूर्ण होगा।
इंदौर मेट्रो परियोजनाः बैठक में बताया गया कि इंदौर मेट्रो रेल परियोजना में फेज-1 के रीच वन में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर 3 तक 5.26 किलोमीटर के सेक्शन का शुभारंभ मई 20 25 में हो चुका है। फेज-1 के रीच-2 में सुपर कॉरिडोर 3 से मालवीय नगर चौराहे तक 11.43 किलोमीटर के सेक्शन के कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। फेज-2 के अंतर्गत रीच-1 में शहीद बगीचा से खजराना चौराहा तक 1.77 किलोमीटर सेक्शन के कार्य और फेज-2 के ही रीच-2 के एयर पोर्ट से गांधी नगर तक 1.5 किलोमीटर सेक्शन के कार्य जून 2028 तक पूर्ण होंगे। फेज-3 में खजराना चौराहा से एयरपोर्ट के 11.59 किलोमीटर लम्बाई के सेक्शन के कार्य होंगे।
जनता तक पहुंचे योजनाओं का वास्तविक लाभ.... प्रशासन जवाबदेही के साथ करें कार्य : मुख्यमंत्री
रायपुर। शासन प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने विकास कार्यों की प्रगति, राजस्व मामलों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे नागरिकों के जीवन और आजीविका से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक विलंब आमजन की परेशानी बढ़ाता है, इसलिए इनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी जैसे विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तकनीक आधारित कृषि गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।
राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्पन्न
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से की राशि के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करें, जिससे हितग्राही आवास शीघ्रता से बना सकें। मुख्य सचिव ने नगरीय-प्रशासन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, उनके लिए एक विशेष शिविर लगाकर बैंकर्स से ऋण दिलवाये। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि हितग्राहियों को दी जाती है।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक भागीदारी में किफायती आवास निर्माण के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में भारत सरकार के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज हितग्राहियों की प्रविष्टी में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भौतिक प्रगति अनुसार केन्द्रांश राशि एक लाख 50 हजार रूपए तथा अनिवार्य राज्यांश की राशि एक लाख रूपए दी जाती है। हितग्राही द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति आवास 32 हजार 850 रूपए पृथक से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। प्रति आवास डीपीआर और पीएमसी शुल्क की राशि 6 हजार 150 रूपए राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 10 हजार 549 हितग्राही हेतु नवीन आवास निर्माण के लिए केन्द्रांश राशि 158 करोड़ 23 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्यांश 146 करोड़ 63 लाख 11 हजार रूपए एवं हितग्राही अंशदान राशि 105 करोड़ 49 लाख शामिल करते हुए 144 नगरीय निकायों में 410 करोड़ 35 लाख 61 हजार रूपए की लागत की 114 परियोजनाओं को स्वीकृत करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती आर.शंगीता, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश श्री अवनीश कुमार शरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित वित्त, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गृह निर्माण मंडल, हुडको एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शामिल हुए।
मुख्यमंत्री 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को करेंगे सम्मानित
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार 5 जून को दोपहर 2.30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले पंजीकृत श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को सम्मानित करेंगे। इस गरिमामय अवसर पर श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक मेधावी छात्र को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु 1 लाख रुपये का विशेष अनुदान देने का भी प्रावधान है। इस प्रकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को कुल रुपये 2,00,000/- का चेक वितरण कर लाभान्वित किया जाना है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं। हितग्राही श्रमिक का श्रम कल्याण मंडल में कम से कम 90 दिन पूर्व से पंजीकृत होना आवश्यक है। यह वार्षिक प्रोत्साहन राशि पंजीकृत निर्माण श्रमिक के केवल प्रथम दो बच्चों को ही देय होगी। इस योजना का लाभ एक शैक्षणिक वर्ष में केवल एक बार ही लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह कल्याणकारी योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक बड़ा संबल प्रदान कर रही है।
कवर्धा के दूरस्थ गांवों में बीएसएनएल के 4जी टॉवरों का भौतिक सत्यापन
रायपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “4जी सैचुरेशन परियोजना” के तहत छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क सेवाओं के विस्तार की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अब तक किसी भी प्रकार की मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं थी, वहां अब भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के माध्यम से आधुनिक संचार सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। परियोजना के अंतर्गत दूरस्थ इलाकों में 4जी मोबाइल टॉवर स्थापित करने की जिम्मेदारी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को सौंपी गई है।
इसी क्रम में कबीरधाम (कवर्धा) जिले के ग्राम मुड़वाही, झलमला तथा घूघवा डहरा में स्थापित 4जी मोबाइल टॉवरों का भौतिक सत्यापन नोडल अधिकारी एवं सहायक लेखा अधिकारी श्री टोपेश कुमार साहू द्वारा किया गया। सत्यापन के दौरान उन्होंने संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर टॉवरों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा स्थानीय ग्रामीणों एवं हितग्राहियों से संवाद कर फीडबैक प्राप्त किया।
ग्रामीणों ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क सुविधा शुरू होने के बाद उनके दैनिक जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब वे मोबाइल फोन के माध्यम से सहज संवाद स्थापित कर पा रहे हैं। डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग बढ़ा है तथा बच्चों को ऑनलाइन अध्ययन और शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच मिल रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को मनोरंजन सहित विभिन्न डिजिटल सेवाओं का लाभ भी मिलने लगा है, जो पहले संभव नहीं था।
ग्रामीण अंचलों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा आधुनिक संचार सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में “4जी सैचुरेशन परियोजना” एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में संचार, शिक्षा, डिजिटल लेनदेन और सूचना पहुंच के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘समन्वय-2026’ का शुभारंभ, 10.2 मिलियन टन क्षमता विस्तार परियोजना को मिलेगी गति
रायपुर। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में संयंत्र की उत्पादन क्षमता को वर्तमान 6.8 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 10.2 मिलियन टन प्रति वर्ष करने की प्रस्तावित विस्तार परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बुधवार को दो दिवसीय विक्रेता सहयोग सम्मेलन ‘समन्वय-2026’ का शुभारंभ किया गया। भिलाई निवास में आयोजित इस सम्मेलन का विषय “भविष्य के विस्तार हेतु सहभागिता का सुदृढ़ निर्माण” रखा गया है। सम्मेलन का उद्देश्य प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन एजेंसियों, सलाहकारों, उपकरण निर्माताओं, सेवा भागीदारों तथा अन्य परियोजना हितधारकों के मध्य समन्वित सहयोग को सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र, चित्त रंजन महापात्र ने किया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) एके चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पीके सरकार, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) अरुण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी, कार्यवाहक कार्यपालक निदेशक (खदान) आरबी गहरवार सहित सेल निगमित कार्यालय एवं संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन में देशभर की 100 से अधिक विक्रेता कंपनियों के 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
अपने संबोधन में चित्तरंजन महापात्र ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2030-31 तक देश की इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य के अनुरूप सेल ने वर्ष 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 35 मिलियन टन तक विस्तारित करने की परिकल्पना की है, जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र की क्षमता वृद्धि एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने कहा कि देश की तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था इस्पात की मांग को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है, जिससे इस्पात उद्योग के लिए व्यापक अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
उन्होंने विस्तार परियोजना के सफल क्रियान्वयन में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रणालियों तथा सुरक्षित कार्य-पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्ववर्ती विस्तार परियोजनाओं के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से चुनौतियों का समाधान करते हुए परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिभागियों से उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचारी कार्यान्वयन पद्धतियों, लॉजिस्टिक्स अनुकूलन तथा सहयोगात्मक समाधानों पर सार्थक विचार-विमर्श करने की भी अपील की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पीके सरकार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए ‘समन्वय-2026’ की अवधारणा, उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र की प्रस्तावित क्षमता वृद्धि केवल इंजीनियरिंग उत्कृष्टता से संभव नहीं होगी, बल्कि इसके लिए सभी हितधारकों के मध्य निर्बाध समन्वय और सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक होगी। उन्होंने विक्रेताओं और सहयोगी संस्थाओं से राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना में प्रभावी योगदान देने का आह्वान किया।