छत्तीसगढ़
हस्तशिल्प पुरस्कार 2025: छत्तीसगढ़ की हिराबाई झरेका बघेल का मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार
रायपुर। कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025, मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 के माध्यम से वर्ष 2023 और 2024 के विशिष्ट शिल्पियों को सम्मानित करेगा। इस वर्ष के समारोह में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री हिराबाई झरेका बघेल को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है, जिन्हें जगदलपुर से धातुकला (बेल मेटल) में अद्वितीय कौशल के लिए सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कारों की स्थापना 1965 में हुई थी, जिनका उद्देश्य उन उत्कृष्ट शिल्पियों को पहचान देना है जिनके अद्वितीय कौशल ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। “शिल्प गुरु” पुरस्कार, जो 2002 में आरंभ किए गए, हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान हैं और उन शिल्प गुरुओं को प्रदान किए जाते हैं जिन्होंने परंपरागत कला में असाधारण निपुणता, नवाचार और संरक्षण का परिचय दिया है।
यह समारोह राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8 से 14 दिसंबर) का प्रमुख आकर्षण है। इस दौरान देशभर में विविध गतिविधियाँ—हस्तकला प्रदर्शनी, विषयगत कार्यशालाएँ, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, शिल्प प्रदर्शन, पैनल चर्चा, जन-जागरूकता पहल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों—का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक-आर्थिक महत्ता को बढ़ाना है।
भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण संरक्षक है, बल्कि ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी है। कपड़ा मंत्रालय शिल्पियों को पहचान, कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सशक्तिकरण और बाजार उपलब्धता जैसे उपायों के माध्यम से निरंतर समर्थन प्रदान कर रहा है। हस्तशिल्प पुरस्कार और राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को सुदृढ़ करना और शिल्प समुदायों को सशक्त बनाना है।
छत्तीसगढ़ का पर्यटन दे रहा आकर्षक टूर पैकेज... भ्रमण में मिलेगी 75 प्रतिशत सब्सिडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”
प्रमुख टूर पैकेज
रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)---- इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।
रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)--- धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।
रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)--- इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।
रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)--- यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।
टूर पैकेज की विशेषताएं_----- प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।
स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा
इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन का रुका काम फिर से शुरू, यात्रियों को जल्द मिलेगी राहत
स्टेशन में जारी यह पुनर्निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर है और इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी। रेलवे का दावा है कि समय पर काम पूरा करने सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
गोगुंडा के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना, नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली नई गति
महानिरीक्षक, सीआरपीएफ (सीजी सेक्टर) शालीन ने गोगुंडा कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, संचार प्रणाली और नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की तथा जवानों का मनोबल बढ़ाया। निरीक्षण के दौरान उप महानिरीक्षक (परि) सीआरपीएफ रेंज सुकमा आनंद सिंह राजपुरोहित, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS) तथा 74 बटालियन सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कैंप स्थापना के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में एक सीआरपीएफ जवान और एक महिला जिला पुलिस जवान घायल हुए थे। दोनों का उपचार उच्च स्तर पर जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य है।
छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत स्थापित यह कैंप क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा। पुलिस के अनुसार, यह कदम स्थानीय ग्रामीणों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा तथा नक्सल उन्मूलन अभियान को नई गति प्रदान करेगा।
वर्ष 2024 से अब तक जिले में 21 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इसी अवधि में 587 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण, 68 माओवादी ढेर, तथा 450 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं। सुरक्षा कैंपों की स्थापना से नक्सल गतिविधियों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
गोगुंडा कैंप स्थापना में जिला पुलिस बल सुकमा, DRG सुकमा और 74 बटालियन CRPF की संयुक्त भूमिका रही है।
जवानों ने रात भर चले मुठभेड़ में 6 और नक्सलियों को मार गिराया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने रातभर चले मुठभेड़ में 6 और माओवादियों को मार गिराया है। बता दें कि पश्चिम बस्तर डिवीजन के माओवादियों के साथ मंगलवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। अब तक मुठभेड़ स्थल से 18 माओवादियों के शव मिल हैं। बुधवार सुबह माओवादी कमांडर वेल्ला की टीम के साथ मुठभेड़ शुरू हुई थी। इस मुठभेड़ में देर शाम तक सुरक्षा बलों ने वेल्ला समेत 12 माओवादियों को ढेर कर दिया था, जबकि तीन डीआरजी जवान शहीद हो गये थे।
जानकारी के मुताबिक 3 जवानों के शहीद होने के बाद मुठभेड़ स्थल के लिए बैकअप फोर्स भेजी गई थी। जिसके बाद रात भर चले मुठभेड़ में जवानों ने 6 और नक्सलियों को ढेर कर दिया हैं। अब तक मारे गए 18 माओवादियों के शव के पास से मिले एके-47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी सहित भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद जवानों ने बरामद कर जब्त किया हैं। इन हथियारों को लेकर जवान मुख्यालय की ओर लौट रहे हैं। मारे गए माओवादियों के शवों की औपचारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है।
गौरतलब है कि बुधवार को हुए इस मुठभेड़ में माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के दौरान डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी शहीद हो गये हैं। वहीं इस मुठभेड़ में घायल दो जवानों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जवानों के शहादत के बाद बीजापुर पुलिस लाइन में गमगीन माहौल है। शहीद जवानों को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लाइन में पहुंचकर अंतिम सलामी दी। बताया जा रहा है कि सर्च ऑपरेशन अभी भी क्षेत्र में जारी है और अतिरिक्त बल तैनात कर पूरे इलाके सुरक्षित कर लिया गया है।
औंधी क्षेत्र में बाघ की दस्तक: नवागढ़ के जंगल में टाइगर कैमरे में कैद, वन विभाग ने जारी की सतर्कता एडवाइजरी
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बाघ ने औंधी क्षेत्र में एक गाय का शिकार किया था।दिलचस्प बात यह है कि बाघ अगले दिन फिर से मौके पर लौटा और शिकार को लगभग पूरी तरह से खत्म कर दिया।यह व्यवहार बाघ के स्वभाव के अनुरूप माना जाता है, क्योंकि वे अपने शिकार को अक्सर दूसरे दिन भी खाने लौटते हैं।वनकर्मियों ने शिकार स्थल की जांच की और टाइगर मूवमेंट को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
अमेरा कोल खदान में बवाल, पथराव में 40 पुलिसकर्मी घायल… भारी फोर्स तैनात
शूटर के अवैध निर्माण पर चला निगम का बुलडोजर….
छत्तीसगढ़ में बदला राजभवन का नाम, अब इस नाम से जाना जाएगा
रायपुर| छत्तीसगढ़ राजभवन अब ‘‘लोकभवन‘‘ के नाम से जाना जाएगा। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर प्रसन्ना ने राजभवन का नाम परिवर्तित कर लोकभवन करने का आदेश आज जारी कर दिया है।
मैत्री बाग में सफेद बाघिन जया की अचानक मौत, जांच में जुटे चिड़ियाघर प्रबंधन और वन विभाग
अंबेडकर अस्पताल में अब जूनियर डॉक्टर मरीज के लिए सीधे सिटी स्कैन के लिए नहीं बनाएंगे पर्ची
रायपुर। डॉ. बीआर अम्बेडकर अस्पताल में मरीजों की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए अब जूनियर डॉक्टर सीधे पर्ची नहीं बनाएंगे। यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट के हस्ताक्षर के बाद ही मरीज की सोनोग्राफी और सीटी स्कैन जांच होगी। अब मरीजों को सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा. मरीज की जांच उसी दिन होगी।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अम्बेडकर अस्पताल में जांच सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है। व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम रेडियोलॉजी विभाग में उठाया गया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए 15 से 20 दिन इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब इंतजार खत्म हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि मरीज की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच उसी दिन होगी। इससे मरीजों को जांच के लिए परेशान नहीं होना होगा. जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताहभर से सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग काफी कम हो गई है।
सोनोग्राफी भी उसी दिन होने लगी है। शुक्रवार को 256 सोनोग्राफी हुई, जो कुछ दिनों पहले तक 130-135 होती थी. वर्तमान में सीटी स्कैन, एमआरआई जांच के लिए 15 दिसंबर तक की वेटिंग दी गई है. अस्पताल प्रबंधन की मानें तो 16 दिसंबर से रेडियोलॉजी विभाग में किसी तरह की वेटिंग नहीं होगी. इसके अलावा मशीनों के लिए आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्थाएं भी तत्काल की जा रही है ताकि मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े. दूसरी ओर, मरीजों की स्थिति के अनुसार ही सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की जाएगी.
अब तक देखने में आ रहा था कि ओपीडी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को जूनियर डॉक्टरों द्वारा अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन की पर्ची बनाई जा रही है. इसके कारण ही सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच हेतु वेटिंग बढ़ रही थी. 10-15 दिन तक की वेटिंग लगती थी. अब व्यवस्था बदल जाएगी. अस्पताल प्रबंधन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि ओपीडी में उपचार हेतु आने वाली मरीजों की सीटी स्कैन, एमआरआई की जांच के लिए बनने वाली पर्ची बिना यूनिट इंचार्ज की अनुमति और हस्ताक्षर के नहीं बनेगी.
सीटी स्कैन के लिए यूनिट इंचार्ज के हस्ताक्षर जरूरीः अधीक्षक
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि जूनियर डॉक्टर सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए सीधे पर्ची नहीं बना पाएंगे. पर्ची बनाने के लिए यूनिट इंचार्ज कंसल्टेंट के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई की वेटिंग धीरे-धीरे खत्म हो रही है. अब उसी दिन मरीज की सोनोग्राफी, सीटी स्कैन और एमआरआई जांच होगी. इससे मरीजों को जांच के लिए इंतजार नहीं करना होगा.
रायपुर सहित पूरे प्रदेश में बढ़ी ठंड, अंबिकापुर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद प्रदेश में ठंड अचानक तेज़ होने की संभावना है।
शुक्रवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.2°C, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 6.9°C दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों का सबसे कम आंकड़ा है। अंबिकापुर और सरगुजा संभाग में यह तापमान कड़ाके की ठंड का अहसास करा रहा है।रायपुर माना में भी तापमान 11.7°C रहा, जो पिछले दशक में सबसे कम दर्ज किया गया है।पिछले 24 घंटे में प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा नहीं हुई।
इधर बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ तेजी से सक्रिय है। यह सिस्टम श्रीलंका के तटीय इलाकों और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 30 नवंबर की सुबह तक यह नॉर्थ तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र के तटीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।
हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठंड के तेवर फिर बढ़ा दिए हैं।अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट की आशंका है।मौसम विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है और लोगों को सुबह-शाम सतर्क रहने की सलाह दी है।छत्तीसगढ़ में ठंड की वापसी अब और तेज़ दिख सकती है।
बड़ा हादसा — बस और कार की भीषण टक्कर, कई लोग घायल
कार में सवार तीन पत्रकार, जो सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, उन्हें भी चोटें आई हैं। घटना की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य जारी है। कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्तार, जंगल-पहाड़ों के रास्तों से मतदाताओं तक पहुंच रही टीम
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
कोरबा में कृषि विभाग कोदो-रागी की फसल लगाने कर रहा प्रोत्साहित, पटवारी ने घास समझकर गिरदावरी में दर्ज किया निरंक, अब किसान हो रहा परेशान
लेकिन अर्चना कंवर ने ग्राम बुंदेली में किसान के फसल की गिरदावरी के वक्त कृषि विभाग को न तो जानकारी दी गयी और ना ही खुद मौके पर पहुंची। कृषि विभाग का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो किसान को कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि का लाभ नही मिल सकेगा। जिससे न केवल किसान को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होगाए बल्कि ऐसी गड़बड़ियों के कारण किसान दूसरी फसल लगाने से सीधे तौर पर कतरायेंगे।
चबूतरे पर लटका भविष्य, साड़ी के पर्दे में कैद जर्जर आंगनबाड़ी… चार साल से चबूतरे पर चल रही पढ़ाई
मुख्यमंत्री साय ने महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई
रायपुर। महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ निवासी संजू देवी ने विगत दिवस मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री ने विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन करने पर संजू देवी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि “आपने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। आपको देखकर प्रदेश की बेटियाँ खेल जगत में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगी। यह उपलब्धि निस्संदेह आने वाली पीढ़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में प्रेरक साबित होगी।”मुलाकात के दौरान संजू देवी ने भी अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष, और खेल से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री साय के साथ साझा किए।
उल्लेखनीय है कि महिला कबड्डी विश्व कप की स्टार खिलाड़ी संजू देवी कोरबा जिले के ग्राम केराकछार की निवासी हैं। उन्हें महिला कबड्डी विश्व कप में मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का खिताब भी प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 17 नवंबर से 24 नवंबर के मध्य बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित किया गया था।
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत बघेल, कोषाध्यक्ष सेवा राम साहू, पूर्व कोच अनुज प्रताप सिंह, वर्तमान कोच दिल कुमार राठौर सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।