छत्तीसगढ़
पुलिस की बड़ी कार्रवाई : अवैध गुटखा-तंबाकू परिवहन पर ट्रक मालिक से वसूला गया 29.96 लाख रुपये जुर्माना
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लोदाम हर्षवर्धन चौरासे, एएसआई सहबीर भगत, आरक्षक महेश्वर यादव और आरक्षक हेमंत कुजूर की अहम भूमिका रही।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस अवैध गुटखा-तंबाकू कारोबारियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
रायपुर से महाराष्ट्र, गोवा जाने वाले यात्रियों की बढ़ी परेशानी... 30 ट्रेनों 15 सितंबर तक रद्द
रायपुर। त्योहारी सीजन में यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 30 ट्रेनों को 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द कर दिया गया है. साथ ही, 6 ट्रेनें बदले हुए रूट से चलाई जाएगी. 5 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. जिसकी वजह से महाराष्ट्र, गोवा जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
बता दें कि, रेलवे में जगह-जगह विकास कार्य चल रहे हैं. इससे ट्रेनें रद्द की जा रही हैं. ऐसे में यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.यात्रियों का कहना है कि, विकास कार्य जरूरी है, लेकिन ट्रेनें रद्द करने की जगह, रूट में परिवर्तन करना चाहिए. ट्रेन का विकल्प काफी खर्चीला तो है ही, आरामदायक भी नहीं है. यात्रियों ने कहा कि पिछले 2 माह में दर्जन भर ट्रेनें रद्द की गई हैं। यह सिलसिला आगे भी चलेगा.
ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक
टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द, इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द
पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द
कामाख्या-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द, कुर्ला-कामाख्या एक्सप्रेस 2 सितंबर को रद्द
हटिया-पुणे एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द, पुणे-हटिया एक्सप्रेस 31 अगस्त और 3 सितंबर को रद्द
शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द
सूरत-मालदा एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द
जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द
पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द
हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस 2 सितंबर को रद्द, मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द
शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द.
गणेश पंडाल में शिक्षा की अलख जगा रहे बप्पा, बाल श्रम के खिलाफ अनोखा संदेश
त्रिमूर्ति गणेश उत्सव समिति द्वारा लगभग 30 वर्षों से यहां गणेश प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। इस गणेश पंडाल में अधिकांश युवाओं की टीम है जो सामाज की भलाई से संबंधित संदेश देने वाली प्रतिमा विराजित करती है। शंकरपुर के रविदास मार्ग में स्थापित इस गणेश प्रतिमा को लेकर समिति के अध्यक्ष रवि जगने ने बताया कि आस्था के साथ दिए गए संदेश से लोग ज्यादा प्रेरित होते हैं । इस वजह से यहां एक मैसेज देने वाली प्रतिमा स्थापित की जाती है।
एनआईए ने जवान की हत्या के लिए पांच माओवादियों के खिलाफ दायर किया आरोपपत्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में फरवरी 2023 में भारतीय सेना के जवान मोतीराम अचला की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। यह पूरक आरोप पत्र जगदलपुर की एनआईए विशेष अदालत में दायर किया गया, जिसमें प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े पांच आरोपियों, भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम और सोनू हेमला पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूए(पी) एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
घटना फरवरी 2023 में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव के मेले में हुई, जहां माओवादी सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने मोतीराम अचला की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस समय वह अपने परिवार के साथ मेला देखने गए थे. एनआईए की जांच से पता चला कि भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल और अंदूराम सलाम माओवादियों के सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे, जबकि सोनू हेमला भाकपा (माओवादी) की कुयेमारी एरिया कमेटी का सशस्त्र कार्यकर्ता था. इन सभी ने एक वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर अचला की पहचान की और स्थानीय बाजार में उनकी हत्या की साजिश रची।
एनआईए ने मार्च 2025 में इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनका उद्देश्य स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना था. इससे पहले, जून 2024 में इस मामले में एक अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया गया था. यह मामला फरवरी 2024 में स्थानीय पुलिस से एनआईए ने अपने हाथ में लिया था। जांच एजेंसी ने पाया कि यह हत्या माओवादियों की उस व्यापक साजिश का हिस्सा थी, जिसका मकसद क्षेत्र में आतंक फैलाना और सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था। एनआईए ने कहा कि इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
'राष्ट्रीय आयुष मिशन और राज्यों में क्षमता निर्माण' पर विभागीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा आयुष मंत्रालय
नईदिल्ली। आयुष मंत्रालय 3 और 4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में सरिता विहार स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में "राष्ट्रीय आयुष मिशन और राज्यों में क्षमता निर्माण" विषय पर दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव करेंगे।
आगामी शिखर सम्मेलन, 2025 में चौथे मुख्य सचिवों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विशेष ध्यान दिए गए छह विषयगत शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला का अंतिम आयोजन है। वर्ष भर आयोजित होने वाले ये शिखर सम्मेलन, केंद्र सरकार और सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को प्रमुख विषयों पर केंद्रित विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करते हैं, जिससे क्षमता निर्माण को बढ़ाने के लिए कनिष्ठ अधिकारियों सहित सभी स्तरों पर भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है।
इस दृष्टिकोण के अनुरूप, नीति आयोग ने शिखर सम्मेलनों के लिए छह विषयगत क्षेत्रों की पहचान की। "राष्ट्रीय आयुष मिशन और राज्यों में क्षमता निर्माण" को छठे और अंतिम विषय के रूप में चुना गया, जिसमें आयुष मंत्रालय को नोडल मंत्रालय नामित किया गया, जिसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है। नीति आयोग के निर्देशों के अनुसार, आयुष मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अनुकूलन सत्रों और संकल्पना टिप्पणी (दिनांक 6 मई 2025) के प्रसार सहित व्यापक तैयारी गतिविधियाँ शुरू की हैं।
इस शिखर सम्मेलन में देश भर के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, महानिदेशकों, मिशन निदेशकों और आयुष आयुक्तों जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के उपस्थित रहने की संभावना है। आयुर्वेद, अनुसंधान, स्वास्थ्य नीति और डिजिटल शासन के क्षेत्र में विशिष्ट योग्यता वाले प्रख्यात विशेषज्ञों और पैनलिस्टों को सत्रों को समृद्ध बनाने के लिए आमंत्रित किया गया है। विशेषज्ञों की सूची में डॉ. वी.के. पॉल, सदस्य, नीति आयोग, श्री जे.एल.एन शास्त्री, आयुर्वेदाचार्य, डॉ. वी. एम. कटोच पूर्व महानिदेशक, आईसीएमआर, प्रो. भूषण पटवर्धन और कई अन्य शामिल हैं।
रेलवे का बड़ा ऐलान: दिवाली और छठ पर यात्रियों के लिए चलेंगी 12 हजार स्पेशल ट्रेनें
रायपुर। त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार दिवाली और छठ महापर्व के मौके पर रेलवे 12 हजार अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, हर साल दिवाली और छठ के दौरान लाखों लोग बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों की ओर जाते हैं। इस दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण टिकट पाना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए रेलवे ने इस बार रिकॉर्ड संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ये पूजा स्पेशल ट्रेनें प्रमुख महानगरों-दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु से चलेंगी और बिहार, यूपी व झारखंड के बड़े जंक्शनों तक यात्रियों को पहुंचाएंगी। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इन ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जाएंगे। साथ ही, टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर विशेष स्लॉट दिए जाएंगे ताकि लोगों को असुविधा न हो।
रेलवे ने कहा है कि त्योहारों पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती होगी और प्लेटफार्मों पर भी विशेष इंतज़ाम किए जाएंगे।
सावधान.. आपके भी सोशल मीडिया आ रहे ऐसे विज्ञापन तो रहे सतर्क
- वर्क फ्रॉम होम से पैसे कमाने झांसा.. गृहिणी ने गंवाए 11 लाख
रायपुर। आज कल की युवा पीढ़ी के साथ गृहणियां भी अपना काफी समय सोशल मीडिया में व्यतीत करती है। ऐसे में उनके मोबाइल में घर बैठे कमाए इतने पैसे... कम लागत में अधिक मुनाफा पाने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें जैसे कई विज्ञापन आते है। ऐसे में कई गृहिणियां इसमें रूचि दिखाती है और ठगी का शिकार हो जाता है। ऐसा की एक ताजा मामला राजधानी के खमतराई थाने में दर्ज किया गया। जिसमें कम रकम लगाकर अधिक पैसे कमाने के झांसे में आकर एक गृहिणी ने तीन दिन में 11.18 लाख रुपए गंवा दिए। एक महिला और उसके अन्य साथियों ने मिलकर यह आनलाइन ठगी की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बसंत विहार कालोनी गोंदवारा निवासी कनु अग्रवाल ने खमतराई थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। कनु ने पुलिस को बताया कि साढ़े तीन महीने पहले 14 मई की रात 9.30 बजे उसके मोबाइल फोन पर एक काल आया। संगीता देवी नाम की कॉलर ने कनु से पहले इधर उधर की बात की। फिर संगीता ने कुछ रूपयों के निवेश कर वर्क फ्रॉम होम से अधिक मुनाफा कमाने का ऑफर दिया।
झांसे में आकर कनु ने पहले दिन कुछ हजार रुपए , संगीता और उसके साथियों के बताए खाते में ट्रांसफर किए। इस पर उन लोगों ने उसे कुछ प्रॉफिट ट्रान्सफर किया। इस पर विश्वास करते हुए अगले तीन दिनो में 17 मई तक कनु ने कुल 11,18,800 रूपए पेमेंट कर दिया। और प्राफिट के लिए आज तक इंतजार कर रही है। ठगे जाने का एहसास हुआ तो कनु ने खमतराई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 316-4,3-5 का अपराध दर्ज कर साइबर सेल की मदद से पड़ताल शुरू कर दी है।
मंदिर में पुजारी की हत्या! खून से सनी मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, आज सुबह पुजारी जागेश्वर पाठक की खून से सनी लाश मिली. पुजारी के सिर पर धारदार हथियार से हमला किया गया हैं. सूचना मिलते ही मौके पर एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम पहुंच गई है. पुलिस मामले में आसपास लोगों से पूछताछ कर रही है.
महानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहल
रायपुर। भारत की एक प्रमुख नदी, महानदी, जो छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होकर बंगाल की खाड़ी तक जाती है, लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है। इस लंबे विवाद को बातचीत से हल करने के लिए 30 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों ने हिस्सा लिया। बैठक में दोनों राज्यों ने माना कि यह समस्या बहुत पुरानी और कठिन है, लेकिन लोगों और दोनों राज्यों के भले के लिए इसका समाधान मिल-बैठकर निकालना ही होगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों की तकनीकी समितियाँ, जिनमें इंजीनियर और विशेषज्ञ होंगे, हर हफ़्ते बैठक करेंगी। ये समितियाँ मुख्य मुद्दों को पहचानेंगी और उनका हल निकालने की कोशिश करेंगी। साथ ही, वे यह भी देखेंगी कि कैसे दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है।
अक्टूबर 2025 में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव एक और बैठक करेंगे। इसमें जल संसाधन सचिव भी शामिल होंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो दिसंबर तक दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मुलाक़ात कर सकते हैं और आगे की दिशा तय करेंगे। अंत में दोनों राज्यों ने यह वादा किया कि वे ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करेंगे, ताकि महानदी जल विवाद का हल ऐसा निकले जो सबके लिए लाभकारी हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल सफल रही, तो यह न सिर्फ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल होगी कि बड़े और पुराने विवाद भी आपसी बातचीत और सहयोग से सुलझाए जा सकते हैं।
चूहे पी गए लाखों रुपए का डेक्सट्रोज बोटल,,गरीबों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
कुरदा गांव में गणेश उत्सव पंडाल में उपद्रव, पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी असामाजिक तत्वों द्वारा कई मंदिरों में मूर्तियों को खंडित करने की घटनाएं हो चुकी हैं और अब पुनः इस तरह की वारदात हो रही है। लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली इन घटनाओं पर सख्त कार्यवाही की जाए।
जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे से वापस लौटे मुख्यमंत्री… एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
रायपुर। अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं। श्री साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री श्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में श्री साय को लगभग 15 मिनट लगे।
इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी श्री साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। श्री साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली।
मुख्यमंत्री श्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। श्री साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।
बिलासपुर रेलवे स्टेशन छावनी में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आगमन पर कड़े सुरक्षा इंतजाम
किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।
इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया अंतर ग्रामीण कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन
रायपुर। एनटीपीसी सीपत में 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सांसद खेल महोत्सव अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत आयोजित अंतर ग्रामीण कबड्डी प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय- भारत सरकार एवं सांसद, बिलासपुर के द्वारा मसाल जलाकर किया गया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख श्री विजय कृष्ण पाण्डेय उपस्थित रहे।
मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस पर आयोजित इस खेल दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह सांसद खेल महोत्सव केवल प्रतियोगिता मात्र नहीं है बल्कि यह हमारे युवाओं के भीतर खेल में नेतृत्व की क्षमता, टीम भावना और उनके हुनर व योग्यता को समृद्ध करने का अवसर है। अगर राष्ट्र को विकसित करना है तो युवाओं को स्वस्थ और फिट रहना होगा क्योंकि खेल राष्ट्रनिर्माण का आधार होता है।
उन्होंने भारत सरकार की योजनाओं जैसे-फिट इंडिया, खेलो इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं योजनाओं का परिणाम है कि आज भारत के खिलाड़ी एशियाई, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और सफलता हासिल कर रहे हैं।
माननीय राज्यमंत्री ने सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियान- सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि 29 अगस्त से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 20 सितंबर तक जारी रहेगा, जिस दौरान खेल पंजीयन किया जाएगा और 21 सितंबर 25 दिसंबर तक विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस दौरान, एनटीपीसी सीपत में खेलने आए आठों गांवों के खिलाड़ियों से मुलाकात की और इस अभियान में पंजीकरण कराने और हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उद्घाटन समारोह के बाद माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों और दर्शकों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शपथ दिलाई, जिसमें शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित रहने का संकल्प लिया गया। प्रतियोगिता में परियोजना प्रभावित आठ गांव—रांक, सीपत, गतौरा, कर्रा, देवरी, कौड़िया, रलिया और जांजी की आठ टीमों के कुल 96 खिलाड़ी भाग लिए।
फाइनल मुकाबला सीपत की टीम स्वामी विवेकानंद क्लब और रलिया की टीम शिव शक्ति क्लब के बीच खेला गया। शाम तक चले रोमांचक खेल में रलिया ने सीपत को 62-23 से पराजित कर खिताब अपने नाम दर्ज किया। विजेता टीम रलिया और उपविजेता टीम सीपत को परियोजना प्रमुख पाण्डेय ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया और बधाइयां दीं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल में आगे आना और खेल भावना से खेलना सबसे अहम है। टीमें खेलने आईं और फिट इंडिया अभियान का हिस्सा बनीं, इसके लिए उन्होंने आभार भी व्यक्त किया और भविष्य में खेलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल न केवल ग्रामीण युवाओं में टीम भावना और अनुशासन विकसित करने और प्रतियोगिता के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए उन्होंने एनटीपीसी सीपत को भी बधाई दी और आभार व्यक्त किया।
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नक्सलियों ने बीजापुर में शिक्षादूत को अगवा कर की हत्या.... अब तक 8 शिक्षादूत को बनाया निशाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत को अगवा कर हत्या कर दहशत फैलाने की कोशिश की। बीजापुर में माओवादियों के इस कायराना करतूत से क्षेत्र में जहां दहशत है, पुलिस ने हत्या की इस वारदात के बाद क्षेत्र में सर्चिंग तेज कर दी है। बस्तर में चल रहे एन्टी नक्सल आपरेशन से नक्सली बौखलाए हुए है। यहीं वजह है कि नक्सली अपना खौफ कायम करने के लिए लगातार निर्दोष शिक्षादूतों को अपना निशाना बना रहे है।
जानकारी के मुताबिक माओवादियों ने शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया है। बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र के नेन्द्रा में कल्लू ताती शिक्षादूत के पद पर पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम वह स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने कल्लू ताती का अपहरण कर लिया। इसके बाद देर रात उसकी हत्या करने के बाद लाश को गांव के नजदीक फेंककर नक्सली लौट गये। आपको बता दे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब माओवादी ने ग्रामीणों के बीच अपना दहशत कायम करने के लिए शिक्षादूतों को अपना निशाना बनाया है।
कुछ दिन पहले ही माओवादियों ने ऐसे ही एक शिक्षादूत की हत्या कर दी थी। साल 2023 से अब तक माओवादियों ने 8 शिक्षादूतों को निशाना बनाकर उनकी हत्या की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे माओवाद विरोधी अभियान से नक्सली बौखलाए हुए है। इसी बौखलाहट में नक्सली निर्दोष शिक्षादूतों को अपना निशाना बनाकर ग्रामीणों के बीच अपनी दहशत कायम रखने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने इस घटना पर अपराध दर्ज कर क्षेत्र में सर्चिंग तेज कर दी है।