छत्तीसगढ़
CG Vidhansabha आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की आज से शुरूआत होने जा रही है। नवनिर्मित विधानसभा भवन में यह सत्र 14 से 17 दिंसबर तक चलेगा। ये सत्र पूरी तरह से पेपरलेस होगा। पहले दिन सदन में छत्तीसगढ़ विजन 2047 पर चर्चा होगी। वहीं पहले दिन के सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा। हालांकि इस चर्चा में केवल बीजेपी विधायक शामिल होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस विधायकों ने पहले दिन का सत्र का बहिष्कार किया है।
बता दें कि, छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में लॉ एंड ऑर्डर, धान, जमीन दर, बिजली जैसे मामले गूंजेंगे। विपक्ष के विधायक इन मुद्दों के साथ बिजली बिल, बढ़ती महँगाई, क़ानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
बता दें कि, शीतकालीन सत्र में विधायकों ने 628 सवाल लगाएं है। 96% सवाल विधायकों ने ऑनलाइन माध्यम से लगाए हैं। वहीं 628 सवालों में 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न लगे हैं। इसके अलावा सत्र के लिए लगे 48 ध्यानाकर्षण, 9 अशासकीय संकल्प लगे हैं। मंत्रियों को इन सवालों के जवाब देने होगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विकसित भारत 2047 पर चर्चा होगी। आज कांग्रेस के विधायक शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं होंगे। दरअसल, विकसित भारत 2047 पर चर्चा को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए पहले दिन कार्यवाही का बहिष्कार किया है। वहीं इस सत्र में धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी लाया जाएगा। ऐसे में नए भवन में शीतकालीन सत्र हंगामेदार होने वाला है।
अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगाः शाह
रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।
शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।
अंडर-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में अब्दुल्लाह ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता
भोपाल/रायपुर। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) प्रशिक्षण केंद्र (STC), रायपुर के प्रतिभाशाली मिड-ब्लॉकर अब्दुल्लाह ने अंडर-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतियोगिता 4 से 13 दिसंबर 2025 तक शांगलुओ, चीन में आयोजित हुई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय खेल प्राधिकरण क्षेत्रीय केंद्र भोपाल के अंतर्गत संचालित है।
पिछले दो वर्षों से एसटीसी रायपुर में आवासीय प्रशिक्षण ले रहे अब्दुल्लाह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इससे पूर्व जुलाई 2025 में वे थाईलैंड में आयोजित अंडर-16 एशियाई वॉलीबॉल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य रहे।
साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले अब्दुल्लाह, एक वेल्डर श्री मोहम्मद राजू के पुत्र हैं। अपने बेटे की अंतरराष्ट्रीय सफलता पर भावुक होते हुए उनके पिता ने कहा “हम पूरी मेहनत करेंगे, अब्दुल्लाह बस तुम देश के लिए खेलो। एसटीसी रायपुर में मेरे बेटे को जो प्रशिक्षण मिला, उसने उसके हुनर को तराशा और आज उसने देश के लिए पदक जीता।”
अब्दुल्लाह ने वॉलीबॉल खेल की शुरुआत अपने जन्म स्थान मन्दौर से की, जो प्रयागराज के समीप स्थित एक छोटा सा गाँव है और अपनी सशक्त वॉलीबॉल संस्कृति के लिए जाना जाता है। उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को देखकर गाँव के एक शुभचिंतक ने परिवार को उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण दिलाने की सलाह दी। इसी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ष 2023 में अब्दुल्लाह का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, रायपुर में हुआ, जहाँ संरचित प्रशिक्षण एवं निरंतर सहयोग ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया।
हालिया उपलब्धियों के उपरांत अब्दुल्लाह का चयन अंडर-17 विश्व वॉलीबॉल चैंपियनशिप के लिए किया गया है, जो वर्ष 2026 में थाईलैंड में आयोजित होगी। केंद्रित तैयारी और टीम के सामूहिक प्रयास से वे भारत को बेहतर प्रदर्शन दिलाने और स्वर्ण पदक की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का लक्ष्य रखते हैं।
अभिषेक सिंह चौहान (आईटीएस), क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण क्षेत्रीय केंद्र भोपाल ने अब्दुल्लाह की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र के प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्रों (STC) एवं राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOE) से जुड़े खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं, जो भारतीय खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
वित्तमंत्री चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम एवं आधुनिक लाइब्रेरी का किया लोकार्पण
रायपुर। वित्तमंत्री चौधरी ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लाइब्रेरी शिक्षा के भविष्य हैं, जहाँ स्मार्ट क्लासरूम इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, प्रोजेक्टर और डिजिटल कंटेंट का उपयोग करके सीखने को दिलचस्प बनाते हैं। वहीं आधुनिक लाइब्रेरी किताबों के साथ-साथ ई-बुक्स, डेटाबेस और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस ज्ञान केंद्र बन गए हैं, जो छात्रों को 21 वीं सदी के कौशल और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव प्रदान करते हैं।
केवड़ाबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को आयोजित “स्मार्ट स्कूल हैंडओवर सेरेमनी” में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने नव-निर्मित आधुनिक लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लासरूम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले में शिक्षा अधोसंरचना के उन्नयन को सरकार प्राथमिकता दे रही है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने बताया कि नई लाइब्रेरी में विषयवार पुस्तकों, संदर्भ सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु समृद्ध साहित्य उपलब्ध कराया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अध्ययन-अभिरुचि में वृद्धि होगी और उन्हें उच्चस्तरीय ज्ञान-संसाधन स्कूल परिसर में ही सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम में स्थापित इंटरैक्टिव स्क्रीन, डिजिटल मॉड्यूल, प्रोजेक्टर एवं हाई-स्पीड इंटरनेट विद्यार्थियों को कठिन विषयों को दृश्यात्मक माध्यमों से समझने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होंगे।
नई सुविधाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। छात्रों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से अध्यापन अब अधिक रोचक हो गया है और जटिल अध्याय भी एनिमेशन, ग्राफिक्स और वीडियो लेक्चर के माध्यम से तेजी से समझ आ रहे हैं। इससे न केवल अध्ययन क्षमता में सुधार होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कार्यक्रम के पश्चात वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर विकास कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी शिक्षा से जुड़े संसाधनों को मजबूत करने हेतु आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
सीआरपीएफ कैंप में जवान ने AK-47 से खुद को मारी गोली, मौके पर हुई मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित सीआरपीएफ (CRPF) कैंप में एक जवान ने आत्महत्या कर ली। जवान नेअपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से सीआरपीएफ कैंप में सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया है। मामला जिले से सटे ओडिशा सीमा के अंतर्गत सोनाबेड़ा के आश्रित गांव ढेकूनपानी स्थित सीआरपीएफ कैंप का है। जहां सीआरपीएफ जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मृतक सीआरपीएफ जवान की पहचान गोपीनाथ सबर के रूप में हुई है। जवान गोपीनाथ सबर ओडिशा के खरियार क्षेत्र के खरधरा गांव का रहने वाला था। गोपीनाथ सब ड्यूटी पर तैनात थे तभी अपने सर्विस राइफल AK-47 से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज आते ही कैंप में मौजूद अन्य जवान पहुंचे तो देखा उसकी मौत हो चुकी थी।
इस घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही ओडिशा के कोमना पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। जवान ने किस वजह से आत्महत्या की है। अभी इसका पता नहीं चल सका है। फ़िलहाल मामले की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के सभी विभागों में लागू होगी ई-ऑफिस प्रणाली
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासन ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब सरकारी कार्यालयों में नस्ती और डाक का हर प्रकार का संपादन केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाएगा।
बता दे कि मंत्रालय से लेकर जिला स्तर के अधिकांश कार्यालयों में ई-ऑफिस का उपयोग शुरू हो चुका है, जहां नस्ती और पत्राचार की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपादित की जा रही है।
नए निर्देशों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से सभी विभागाध्यक्षों, संभाग आयुक्तों और कलेक्टर कार्यालयों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइल संचालन करना होगा। विभाग प्रमुख की अनुमति के बिना किसी भी परिस्थिति में फिजिकल फाइल नहीं बनाई जाएगी।
शासन स्तर पर अनुमोदन की आवश्यकता वाले प्रकरण भी अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा ई-ऑफिस की डिजिटल फाइल के रूप में ही भेजे जाएंगे। वहीं, केवल सूचनात्मक पत्राचार भी ई-ऑफिस की रिसीप्ट सुविधा के माध्यम से ही किया जाएगा।
दूसरों की जमीन दिखाकर 78.97 लाख की ठगी, फर्जी एग्रीमेंट बनाकर कई लोगों को बनाया शिकार, पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
कोडीन कफ सिरप रैकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, तीन राज्यों के 25 ठिकानों पर छापेमारी
डेस्क। उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध उत्पादन, तस्करी और सीमापार सप्लाई से जुड़े बड़े रैकेट पर प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत उत्तर प्रदेश, झारखंड और गुजरात में कुल 25 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर और सहारनपुर के साथ ही रांची और अहमदाबाद में भी जारी है। मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। यूपी सरकार ने राज्य में कोडीन आधारित कफ सिरप के दुरुपयोग, अवैध निर्माण और तस्करी के बढ़ते मामलों पर संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई तेज हुई।
ईडी अधिकारियों ने बताया कि, यूपी पुलिस द्वारा दर्ज लगभग 30 एफआईआर में इस नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि कफ सिरप का बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से उत्पादन किया जा रहा था और इसकी सप्लाई न सिर्फ राज्य से बाहर बल्कि बांग्लादेश सीमा तक की जा रही थी।
जांच में सामने आया मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल देश छोड़कर दुबई भाग चुका है। उसके पिता को यूपी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा आलोक सिंह, अमित सिंह और अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल के परिसरों पर भी कार्रवाई जारी है, जिन पर रैकेट के वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप है।
ईडी के अनुसार, इस रैकेट में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का संदेह है, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विभिन्न खातों और संस्थाओं में घुमाया गया। यूपी पुलिस अब तक इस मामले में 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और विशेष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
यूपीएससी ने सभी विशिष्ट दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए 'पसंदीदा केंद्र' की सुविधा का किया शुभारंभ
नईदिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने दिव्यांगजनों के लिए परीक्षा की सुगमता और पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी दिव्यांग उम्मीदवारों को अपनी परीक्षाओं के लिए 'पसंदीदा परीक्षा केंद्र' आवंटित करने का निर्णय लिया है। इन उम्मीदवारों को अक्सर होने वाली व्यवस्था संबंधी चुनौतियों और विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि प्रत्येक दिव्यांगजन आवेदक को वही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाए जिसे उन्होंने आवेदन पत्र में अपनी पसंदीदा पसंद के रूप में चुना है।
इस पहल की जानकारी देते हुए यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद, हमने पाया कि दिल्ली, कटक, पटना, लखनऊ और अन्य जैसे कुछ केंद्र आवेदकों की अधिक संख्या के कारण बहुत जल्दी अपनी क्षमता की अधिकतम सीमा तक पहुंच जाते हैं। इससे दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए चुनौतियां सामने आती हैं और उन्हें ऐसे केंद्रों का चयन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है जो उनके लिए सुविधाजनक नहीं होते। मुझे प्रसन्नता है कि इस निर्णय से अब प्रत्येक दिव्यांग उम्मीदवार को अपने पसंदीदा केंद्र का आश्वासन मिलेगा, जिससे यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने के दौरान उन्हें अधिकतम सुविधा और सहजता सुनिश्चित होगी।
प्रत्येक केंद्र की वर्तमान क्षमता का उपयोग सर्वप्रथम दिव्यांगजनों और गैर-दिव्यांगजनों दोनों तरह के उम्मीदवारों द्वारा किया जाएगा। केंद्र के एक बार अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच जाने के बाद, यह गैर-दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए चयन हेतु उपलब्ध नहीं रहेगा; हालांकि, दिव्यांग उम्मीदवार उस केंद्र का चयन करने का विकल्प जारी रख सकेंगे। इसके बाद यूपीएससी अतिरिक्त क्षमता की व्यवस्था करेगी ताकि किसी भी दिव्यांग उम्मीदवार को उसकी पसंद के केंद्र से वंचित न किया जाए।
भिलाई स्टील प्लांट के STG यूनिट में लगी भीषण आग….गैस लाइन फटने से भड़की लपटें
घटना भिलाई स्टील प्लांट के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन यानी STG यूनिट की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक STG स्टीम टरबाइन जनरेटर के पास गैस लाइन फटने से आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में लपटें कई फीट ऊंची दिखाई देने लगीं, जिसे देख परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सबसे राहत की बात यह रही कि आग लगने के करीब एक घंटे पहले ही वहां काम कर रहे मजदूर अपने ड्यूटी एरिया से बाहर निकल चुके थे, वरना यह घटना बड़ा हादसा बन सकती थी।
सूचना मिलते ही बीएसपी की चार फायर ब्रिगेड टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए आग को यूनिट के भीतर ही सीमित कर लिया। आसपास के सेक्शन को सुरक्षित करने के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किए गए।
फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं आग लगने के सटीक कारणों की जांच तकनीकी टीम कर रही है। यूनिट की गैस लाइन और सुरक्षा सिस्टम की भी बारीकी से जांच की जा रही है।अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्लांट प्रबंधन ने जांच रिपोर्ट आने तक सतर्कता बढ़ा दी है।
करंट लगने से ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत, जानिए कैसे हुआ हादसा?
घटना के तुरंत बाद जेवरा सिरसा चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और घायल ड्राइवर को शंकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में कुछ देर बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सुरेश कुमार, उम्र 31 वर्ष, निवासी पोस्ट गिरहोला थाना नंदनी के रूप में हुई है। सुरेश कुमार पेशे से ट्रक ड्राइवर थे और हादसा उस समय हुआ जब वह ट्रक पर चढ़ रहे थे। ट्रक में राख भरी हुई थी। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर ट्रक पर क्यों चढ़ा और किन कारणों से यह लापरवाही हुई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि हादसा अत्यंत गंभीर है और इसे लेकर सुरक्षा मानकों का पालन करने और हाई-टेंशन वायर के आसपास सावधानी बरतने की आवश्यकता पर ध्यान दिया जाएगा।
शासकीय महाविद्यालय पेंड्रावान (धमधा) में नए भवन के लिए 4 करोड़ 65 लाख रुपये का भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी तथा ग्रामवासी भारी संख्या में उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़-आंध्रप्रदेश सीमा पर दर्दनाक हादसा : बस के खाई में गिरने से 8 यात्रियों की मौत, अनेक घायल…
SIR की समयसीमाः छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों के लिए चुनाव आयोग से राहत
रायपुर। चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रक्रिया को अतिरिक्त समय देते हुए नया शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारियों की मांग के बाद आयोग ने गुरुवार को यह निर्णय लिया, जिससे बड़ी संख्या में मतदाताओं को राहत मिलेगी। इससे पहले एसआईआर की समयसीमा 11 दिसंबर को समाप्त हो रही थी।
नए कार्यक्रम के अनुसार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में अब संशोधित एन्यूमरेशन 18 दिसंबर तक चल सकेगा, जबकि मतदाता सूचियों का प्रकाशन 23 दिसंबर को किया जाएगा। तमिलनाडु और गुजरात के लिए भी तारीखों में बदलाव किया गया है। दोनों राज्यों में एन्यूमरेशन अब 14 दिसंबर तक चलेगा और वोटर लिस्ट का प्रकाशन 19 दिसंबर को होगा।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर के लिए सबसे बड़ा विस्तार दिया गया है। यहां की प्रक्रिया अब 26 दिसंबर तक चलेगी, जिससे मतदाताओं को अपने दस्तावेज जमा करने और नाम जोड़ने के लिए अतिरिक्त 14 दिन मिलेंगे। यूपी में संशोधित सूची का प्रकाशन 31 दिसंबर को होगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
ASI के बेटे समेत तीन छात्र नदी में डूबे, ऐसे हुए हादसे के शिकार
रायपुर। जांजगीर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। एएसआई के बेटे समेत तीन नाबालिग हसदेव नदी में नहाने के दौरान बह गए। तीनों घर से घूमने जाने की बात कह साइकिल से निकले थे। नदी के किनारे तीनों बच्चों के साइकिल, कपड़े, चप्पल और एक बच्चे का मोबाइल मिला है। बच्चों की तलाश जारी है। इसके लिए एनीकट से नदी में जल प्रवाह को बंद करवाया गया है। मामला चांपा थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार मनका पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले तीन छात्र नेलशन एक्का उम्र 14 वर्ष पिता नजारियुस एक्का कक्षा नौवीं, यश उर्फ युवराज राठौर उम्र 14 वर्ष पिता दिनेश राठौर कक्षा आठवीं, रुद्र राज उम्र 11 वर्ष पिता जयचंद राज कक्षा पांचवीं में पढ़ते थे। तीनों एक साथ स्कूल आना जाना करते थे।
स्कूल की छुट्टी होने के चलते वे घर पर थे। फिर तीनो छात्र एक साथ घर पर भालेराव मैदान जाने के लिए सुबह 11 बजे से निकले थे। वहां से वे हनुमान धारा चले गए और किनारे पर सायकिल छोड़ कपड़े उतार नदी में नहाने उतर गए। कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें नदी के टापू के पास नहाते हुए देखा। शाम तक जब बच्चे घर नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू हुई। तीनों बच्चों के अभिभावक एक– दूसरे के घरों में पूछताछ करने गए।
लापता बच्चों में नेलशन एक्का सक्ती थाने में पदस्थ एएसआई नजारियुस एक्का का पुत्र है। उसके पास मोबाइल फोन था। घर वालों ने उसे कई बार फोन किया पर फोन रिसीव नहीं हुआ। इसकी जानकारी चांपा थाने में दी गई। जिस पर पुलिस लोकेशन निकाल कर हनुमान धारा पहुंची। यहां त्रिदेव घाट के पास तीनों बच्चों का सायकिल,कपड़ा और चप्पल पड़ा था। ये वही कपड़े थे जो बच्चे घर से पहन कर निकले थे। मोबाइल पर कई फोन आए थे जो रिसीव नहीं हुए थे। सूचना पर पुलिस ने रेस्क्यू शुरू किया पर रात होने के चलते रेस्क्यू रोक दिया गया।
सूचना मिलने पर चांपा एसडीएम पवन कोसमा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के लिए राजस्व एवं पुलिस के अलावा नगर सेना तथा एसडीआरएफ की टीमें लगी हुई है। एनीकेट से हसदेव नदी के जल प्रवाह को बंद करवाया गया है। फिलहाल अब तक बच्चों का पता नहीं चल पाया है।
मेडिकल पीजी काउंसिलिंगः हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने की स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी कोटे को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने काउंसिलिंग स्थगित कर दी है। काउंसलिंग दोबारा कब होगी इसकी जानकारी नहीं दी गई है। उधर ऑल इंडिया पी जी सेकंड स्टेज काउंसलिंग को भी रोके जाने की भी खबर है।
बता दें कि इससे पहले मेडिकल पीजी में एडमिशन कोटे में किए गए संशोधन पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से दो दिन में जवाब मांगा है। बुधवार सुबह हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि जो कोटे की व्यवस्था है, वह निजी कालेजों के लिए थी। शासकीय कालेजों को कैसे और क्यों छू लिया? नहीं करना था। यह तो ग़लत बात हो गई। विद्वान न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे में तो एडमिशन रोकना होगा। इस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा। इस पर जस्टिस ने जवाब दो दिन में देने और अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की।
इस मामले में एमबीबीएस छात्रों की ओर से सतीश चंद वर्मा ने जिरह की। इस संबंध में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जो भी फाइनल जजमेंट होगा,वो एडमिशन लेने वालों पर भी लागू होगा। मतलब जो भी ओपन कोटा से एडमिशन लेगा, उसका एडमिशन रद्द होने की पूरी संभावना है। तर्क दिया जा रहा है कि इस रूल्स से एडमिशन नहीं हो सकता है। इसी के मद्देनजर कमिश्नर मेडिकल एजुकेशन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की प्रक्रिया में जारी करने से परहेज करें ताकि विवाद की स्थिति ना बने।
कांकेर ब्रेकिंग: NH-30 पर बड़ा सड़क हादसा, अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराई—3 युवक घायल, एक की हालत गंभीर
कार में सवार बालोद जिले के खारड़ीग्गी ग्राम के तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। घटना होते ही आसपास के ग्रामीण और युवक मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत चारामा अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। मामला थाना चारामा क्षेत्र का है और पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।