छत्तीसगढ़
राज्यपाल से मिले हाई स्कूल के विद्यार्थी
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना।राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें। डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया। डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।
पिकनिक मनाने गया युवक नहाने के दौरान डूबा
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कचंदा में चोरों का धावा
रायपुर सेंट्रल जेल से उम्रकैद का कैदी फरार, सुरक्षा पर उठे सवाल
जेल प्रबंधन ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। वहीं, पुलिस की टीम आसपास के इलाकों में सघन जांच कर रही है ताकि कैदी को जल्द से जल्द पकड़कर दोबारा जेल भेजा जा सके।
सड़क किनारे खड़ी ट्रक के पीछे जा टकराई स्कूटी – दो युवकों की दर्दनाक मौत
वही घटना के बाद सुबह से ग्रामीणों में भरी आक्रोश है,दोनो की मौत होने पर गांव में शोक की लहर है सड़क के किनारे खड़ी ट्रक के चक्कों के हवा को ग्रामीणों ने निकाल दिया है और ट्रक को लेजाने नहीं दे रहे है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची है और समझाईस दी जा रही है, ट्रक को पुलिस ने अपने कब्जे में लिए है।
सड़क पर मवेशी छोड़ने पर कार्रवाई, 7 मालिकों पर FIR दर्ज
पुलिस ने बताया कि सड़क पर मवेशी छोड़कर जनसुरक्षा को खतरे में डालने वाले जिन लोगों पर प्रकरण दर्ज किया गया है, उनमें दुर्जन साहू, योगेश्वर यादव (दोनों निवासी टेडेसरा, थाना-सोमनी), चंद्रकांत साहू, छगन लाल यादव, अस्थिर राम साहू (तीनों निवासी अंजोरा) शामिल हैं। सभी के खिलाफ धारा 291 एवं 3 (5) बीएनएस के तहत अपराध कायम किया गया है। पुलिस ने मवेशी मालिकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें। ऐसा करने से न सिर्फ मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि सड़क हादसों से बचाव और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।
लापरवाही बनी मौत का कारण : अधूरे पुल निर्माण के गड्ढे में गिरा युवक हुई मौत
बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में बाइक से गुजरते वक्त आकाश गड्ढे में जा गिरा और आंतरिक चोट लगने के कारण वहीं पानी में डूबकर उसकी मौत हो गई। मृत युवक की चार महीने पहले ही शादी हुई थी।सवाल यह है कि शासन-प्रशासन की योजनाओं में बरती जा रही लापरवाही आखिर कब तक निर्दोषों की जान लेती रहेगी?
बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसने पर HC सख्त, छात्रों को इतने हजार रुपये दिए जाने के निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के एक सरकारी स्कूल में पिछले महीने कथित तौर पर कुत्ते का जूठा भोजन छात्रों को परोसे जाने के मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रत्येक छात्र को एक महीने के भीतर 25-25 हजार रूपए का भुगतान करें।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने इस मामले का जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में स्वतः संज्ञान लिया था और राज्य से हलफनामा मांगा था। सरकार द्वारा उच्च न्यायालय में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 28 जुलाई को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लच्छनपुर गांव के एक सरकारी माध्यमिक विद्यालय में हुई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों के बयान के अनुसार, 28 जुलाई को एक कुत्ते ने स्कूल में एक स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन को जूठा कर दिया था और जब छात्रों ने शिक्षकों को इसकी सूचना दी तब उन्होंने समूह के सदस्यों को छात्रों को यह खाना न परोसने की सलाह दी थी लेकिन इसके बावजूद स्वयं सहायता समूह ने बच्चों को खाना वितरित किया।
रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के प्रधानाध्यापक से शिकायत करने के बावजूद खाने-पीने के गंदे सामान को भोजन से नहीं हटाया गया और बच्चों ने उसे खा लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), बलौदाबाजार-भाटापारा ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है और उनकी रिपोर्ट के अनुसार, आठ अगस्त तक स्कूल के 84 बच्चों को रेबीज रोधी टीके की तीन खुराक दी जा चुकी हैं।
सीएमएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, सभी छात्र स्वस्थ हैं और नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। यह भी बताया गया है कि बच्चे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लच्छनपुर की निरंतर निगरानी में हैं। स्वयं सहायता समूह को शासकीय माध्यमिक विद्यालय लच्छनपुर में मध्याह्न भोजन के कार्य से हटा दिया गया है और उसे आगे कोई भी सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा।
सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभारी प्राचार्य संतोष कुमार साहू, संकुल प्राचार्य, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और संकुल समन्वयक को भी दिनांक छह अगस्त के आदेश के तहत निलंबित कर दिया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा के जिलाधिकारी ने स्कूल शिक्षा से जुड़े सभी संबंधित विभागों को लिखे एक पत्र में स्कूलों में मध्याह्न भोजन की तैयारी और वितरण के संबंध में कुछ निर्देश जारी किए हैं।
स्कूल शिक्षा संचालनालय ने छत्तीसगढ़ के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सफाई बनाए रखने, भोजन तैयार होने के बाद खाद्य सुरक्षा गुणवत्ता की जांच करने और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में निर्धारित भोजन के मानक को सुनिश्चित करने के संबंध में दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। राज्य ने उच्च न्यायालय को बताया कि इस मामले में कोई मुआवजा नहीं दिया गया क्योंकि स्वास्थ्य जांच के बाद बच्चे स्वस्थ पाए गए।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की पीठ ने मंगलवार को दिए अपने आदेश में कहा, ”सरकार और स्वयं सहायता समूह को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का काम सौंपा गया था, लेकिन उक्त मध्याह्न भोजन कुत्ते द्वारा दूषित कर दिया गया था और यह स्कूल के छात्रों के खाने योग्य नहीं था। यद्यपि स्कूल के 84 बच्चों को रेबीज रोधी टीके की तीन खुराकें दी जा चुकी हैं, फिर भी राज्य की ओर से यह लापरवाही बरती गई।”
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कुत्ते का झूठा भोजन खाने वाले प्रत्येक छात्र को एक माह के भीतर 25-25 हजार रूपए का भुगतान करने के लिए कहा है। उच्च न्यायालय ने कहा है, हमें आशा और विश्वास है कि राज्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने में अधिक सतर्क और सावधान रहेगा।
कटघोरा के राजा के आगमन पर किया ऐतिहासिक स्वागत
इस आयोजन के पीछे ‘जय देव गणेश उत्सव समिति’ का विशेष योगदान रहा है. समिति द्वारा हर वर्ष नए और आकर्षक पंडालों का आयोजन किया जाता है. इस वर्ष पद्मनाभस्वामी मंदिर की थीम पर पंडाल सजाया गया है, जिसने श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी कर दी है. 21 फीट ऊंची इस भव्य प्रतिमा का निर्माण छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के थाना स्थित प्रसिद्ध राधे आर्ट गैलरी द्वारा किया गया है. इस प्रतिमा के नगर आगमन पर स्थानीय लोग अत्यंत खुश नजर आए और उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाया.
GST चोरी मामले महावीर मोल्ड्स के प्रोपराइटर अंकित सिंह गिरफ्तार, 19.65 करोड़ का फ्रॉड
रायपुर। छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी के एक मामले में महावीर मोल्ड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर अंकित सिंह को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अंकित सिंह ने 18 बोगस व्यवसायियों से फर्जी खरीदी दिखाकर वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 19.65 करोड़ रुपये का अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फ्रॉड किया। गिरफ्तारी के बाद अंकित सिंह को रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जांच में पता चला कि अंकित सिंह ने फर्जी ITC को अन्य व्यवसायियों को पासऑन कर राज्य के राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई। आरोपी न केवल महावीर मोल्ड्स इंडिया प्रा. लि. का डायरेक्टर है, बल्कि जय बजरंग लोहा प्रा. लि. और श्री पशुपतिनाथ लोहा एंड स्टील ट्रेडर्स प्रा. लि. का भी संचालन और प्रबंधन कर रहा था। इन फर्मों के कर दायित्व को समायोजित करने के लिए भी उसने अपात्र ITC का दावा किया।
राज्य GST विभाग द्वारा कर चोरी और धोखाधड़ी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग बोगस पंजीकरण और बिना वास्तविक सप्लाई के ITC के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में 20 अगस्त को तीन कारोबारी कंपनियों द्वारा की गई धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। ये कंपनियां फर्जी बिलों और चालानों के जरिए ITC प्राप्त करने और इसे अन्य कारोबारियों को पास करने में शामिल थीं। राज्य GST विभाग ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ITC का दावा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी अधिकारियों का जमानती वारंट जारी.... अगली सुनवाई 23 सितंबर को
रायपुर। प्रदेश में 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में EOW के चालान पेश करने के बाद कोर्ट ने आबकारी अधिकारियों को बुधवार 20 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के निर्देश जारी किए थे। कोर्ट के इस निर्देश के बाद भी आबकारी अफसरों ने न्यायालय में अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज कराई। अब कोर्ट ने गैर मौजूद अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। आबकारी अफसरों को 23 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि शराब घोटाले मामले में EOW अधिकारियों ने अब तक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। इनमें कारोबारी, आबकारी विभाग के अफसर, रकम पहुंचाने वाले एजेंट, हवाला कारोबारियों समेत कई अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच में सामने आया कि पूर्व भूपेश सरकार के कार्यकाल में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के गठजोड़ से इस घोटाले को अंजाम दिया गया था।
Mungeli कलेक्टर का बड़ा एक्शन : 130 पटवारियों को थमाया शो-कॉज नोटिस
रायपुर। प्रदेश के मुंगेली जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री और ई-गिरदावरी जैसे शासन के प्राथमिकता वाले कार्यों में लगातार हो रही धीमी प्रगति और लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिले के कुल 130 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर की गई है। उन्होंने तीनों एसडीएम को निर्देशित किया था कि जिन पटवारियों द्वारा कार्य में कोताही बरती जा रही है, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक प्रक्रिया अपनाई जाए।
कलेक्टर के निर्देश पर मुंगेली तहसील के एसडीएम अजय शतरंज ने 48 पटवारियों, लोरमी तहसील के एसडीएम अजीत पुजारी ने 46 पटवारियों और पथरिया तहसील की एसडीएम रेखा चंद्रा ने 36 पटवारियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी किए गए पटवारी डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, शत-प्रतिशत नक्शा बटांकन, गिरदावरी और ई-गिरदावरी जैसे कार्यों में शासन के मानकों के अनुरूप प्रगति नहीं कर पा रहे थे।
राज्य शासन इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहा है। हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली जिले की प्रगति रिपोर्ट पर गंभीर असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने बैठक उपरांत सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे राजस्व अमले की सघन निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। 130 पटवारियों को नोटिस जारी कर यह संदेश दिया गया है कि शासन की प्राथमिकताओं में शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉक्टर्स और नर्स नहीं, महिला गार्ड करती हैं इस अस्पताल में मरीजों का इलाज
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिविल सर्जन यशवंत ध्रुव ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिल चुकी है। जिन डॉक्टरों और नर्स की मौजूदगी में यह लापरवाही हुई है, उन्हें भी शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उद्घाटन से पहले ही उखड़ा करोड़ों का पुल, जगदलपुर में PWD का घटिया काम उजागर
अभी उद्घाटन के पहले ये हाल है, जिससे यह साबित होता है कि कितना गुणवत्ता विहिन एवं घटिया काम हुआ है,जिसका आगे तो भगवान ही मालिक है।
सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र से बड़ी कार्रवाई गांजा तस्करी में तीन आरोपी गिरफ्तार
मत्स्य पालन से बनी मिसाल योगेश्वरी कश्यप
जिससे उनका परिवार चल रहा है। योगेश्वरी की सफलता साबित करती है कि अगर मन में कुछ कार्य करने क़ो ठाने तो सफलता एक दिन जरूरी मिलती है, आज योगेश्वरी समय का सही उपयोग उनकी मेहनत और लगन ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है।साथ ही योगेश्वरी कश्यप की मछली पालन द्वारा आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बेरोजगारी दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
भानुप्रतापपुर ओवरब्रिज: गड्ढों की वजह से हो रहे हादसे
यह सवाल उठता है कि विभागीय अधिकारी किन मीटिंग्स में व्यस्त रहते हैं जो उन्हें इन समस्याओं पर ध्यान देने का समय नहीं मिलता। क्या वे कभी भी आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देंगे|इस समस्या के समाधान के लिए सेतु विभाग को तुरंत ध्यान देना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से, सेतु विभाग के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार खबर प्रकाशित होने के बावजूद भी, उन्होंने इस समस्या का समाधान नहीं किया है। यह बहुत ही चिंताजनक है और आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।