छत्तीसगढ़
कोरबा में हुए डकैती में शामिल 19 डकैत गिरफ्तार, आरोपियों से हथियार और गाड़ियां जब्त, कैश और ज्वेलरी नही लग सके पुलिस के हाथ
किसान शत्रुघन दास के घर हुए डकैती की वारदात के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस की 4 टीम गठित कर जांच में लगाया था। पुलिस टीम द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने के साथ ही साइबर सेल की टीम द्वारा इस वारदात की तफ्तीश में जुटी हुई थी। पुलिस की जांच में आरोपियों का सुराग मिलने के बाद एक दिन पहले ही पुलिस की टीम ने कटघोरा, हरदीबाजार सहित जांजगीर जिला में छापामार कार्रवाई कर 19 आरोपियों को अरेस्ट किया है। इनमें 4 आरोपी को पुलिस ने जहां जांजगीर-चांपा जिले से गिरफ्तार किया है, वहीं कोरबा के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 15 आरोपी गिरफ्तार हुए है।
कोरबा पुलिस ने इस डकैती की वारदात को सुलझाकर 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त 4 वाहन समेत एक पिस्टलनुमा एयर गन और कत्ता और सब्बल जब्त किया है। लेकिन किसान शत्रुघन दास के घर से डकैती हुए कैश डेढ़ लाख रूपये और ज्वेलरी के संबंध में पुलिस को सफलता नही मिल सकी। मीडिया से प्रेस ब्रीफिंग में भी पुलिस ने इस संबंध में कोई जानकारी नही दी। पुलिस अधिकारियों की माने तो इस वारदात में अभी कुछ और आरोपी फरार है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही कुछ और जानकारी और सामान जब्त हो सकते है।
मकान में लगी भीषण आग, घर में मौजूद लोगों ने बाहर निकलकर बचाई जान
शुरुआती जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने ‘आवास मेला 2025’ के लोगो का किया अनावरण
छत्तीसगढ़ के दुर्ग समेत इन इलाकों में शीत लहर का अलर्ट, राजधानी में इतने डिग्री पर लुढ़का पारा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश के तापमान में गिरावट आ गई है। वहीं सुबह और देर रात ठिठुरन हो रही है। रायपुर का अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही पारा सामान्य से कम है। ना केवल राजधानी, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी यही स्थिति है। सरगुजा संभाग में सोमवार को शीतलहर चली। इसके अलावा बिलासपुर और दुर्ग संभाग के एक-दो पॉकेट में भी शीतलहर चली है।
आज भी उत्तर और मध्य भाग के कुछ जिलों में शीत लहर चलने की संभावना जताई गई है। दो दिन बाद केवल उत्तरी हिस्से में ही शीत लहर चलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 48 घंटे तक न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक क्रमिक वृद्धि होगी।
संपूर्ण छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री कम 28.2 डिग्री दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम 13.5 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में सर्वाधिक ठंडा जिला अंबिकापुर बना हुआ है। सोमवार को प्रदेश मे सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में ही 6.5 डिग्री दर्ज हुआ।
प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में एक-दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है।
मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर ढेर, एनकाउंटर में 5 साथी भी मार गिराए
रायपुर। छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा सहित 6 नक्सली आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम जिले के पास हुई मुठभेड़ में मारे गए। वहीं सुकमा में भी एक नक्सली ढेर किया गया।
पुलिस के अनुसार यह मुठभेड़ आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित जंगलों में हुई, जहां नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। सुबह से ही दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक फायरिंग चली। अल्लुरी सीताराम जिले के एसपी अमित बरदार ने बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे मारेडुमिल्ली मंडल के जंगलों में ऑपरेशन शुरू हुआ। अब तक 6 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
माड़वी हिड़मा को सबसे खतरनाक नक्सलियों में माना जाता था। वह 26 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा और उस पर 50 लाख रुपये का इनाम था। एनकाउंटर में उसकी पत्नी राजे की भी मौत हो गई। 1981 में सुकमा में जन्मा हिड़मा, गुरिल्ला बटालियन का नेतृत्व करने के बाद सीपीआई-माओवादी की केंद्रीय कमेटी का सदस्य बना था। झीरम घाटी हमले के बाद उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था।
सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने किया धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण
रायपुर। स्कूल शिक्षा एवं बलौदा बाजार जिले के प्रभारी सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने सोमवार को जिला प्रवास के दौरान धान उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होने उपार्जन केन्द्र मे धान बेचने आए किसानों से चर्चा की और समस्या एवं सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियो को निर्देशित किया कि धान बेचने मे किसानों को कोई दिक्कत न हो तथा केन्द्र मे मूलभूत सुविधा उपलब्ध हो।
प्रभारी सचिव ने पहले पलारी मण्डी का निरीक्षण किया जहां धान बेचने आए ग्राम पहन्दा के किसान राजेंद्र कुमार वर्मा से धान बेचने एवं टोकन के सम्बन्ध मे पूछताछ की। किसान ने बताया कि एप्प के माध्यम से टोकन कटाया है। टोकन लेने मे कोई दिक्क़त नहीं हुईं बल्कि घर बैठे हो जा रहा है। उन्होने बताया कि 33 क्विंटल धान बेचने लाए है और सुगमता से धान की बिक्री हो गई। प्रभारी सचिव ने समिति प्रबंधक एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर को बेहतर कार्य करने के निर्देश दिये। पलारी समिति अंतर्गत पलारी एवं पहन्दा के किसानो का पंजीयन किया है जिसमें कुल 920 किसान पंजीकृत है। 17 नवम्बर के लिए 6 किसानो का टोकन कटा है जिससे 440 क्विंटल धान की खरीदी होगी।
इसके पश्चात प्रभारी सचिव ने उपार्जन केन्द्र अमेरा का निरीक्षण किया। अमेरा उपार्जन केन्द्र मे नए केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर उपस्थित थे। उन्होंने धान खरीदी प्रक्रिया के बारे मे पूछताछ कर जानकारी ली। नए समिति प्रबंधको एवं ऑपरेटरों को प्रशिक्षण देने एवं उनकी समस्या का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
प्रभारी सचिव ने उपार्जन केन्द्र मे धान बेचने आए केसला के किसान महेन्द्र से धान बेचने को लेकर फीडबैक लिया। किसान ने बताया कि एप्प से टोकन लिया है और 44 क्विंटल धान बेचने लाए हैं। प्रभारी सचिव ने किसान से एप्प के माध्यम से टोकन लेने की प्रक्रिया भी पूछी। इस दौरान उन्होंने धान की नमी, डिजिटल तौल मशीन, बरदाने, हमाल सहित अन्य व्यवस्थाओ का जायजा लिया और किसानों से कहा कि किसानों को धान बेचने मे कोई दिक्कत न हो इसके लिए प्रशासन पूरी व्यवस्था कर रही है। अमेरा समिति मे 1393 किसान पंजीकृत है। 17 नवम्बर को 4 किसानों का टोकन कटा है जिससे 164.40 क्विंटल धान खरीदी होगी।
पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के 25 साल के सफर का समापन…. पुराने भवन में कल होगा आखिरी सत्र
रायपुर। विधानसभा का विशेष सत्र 18 नवंबर को बुलाया गया है। वर्तमान में पुराने विधानसभा भवन में आयोजित होगा, एकदिवसीय सत्र 25 सालों की संसदीय यात्रा पर सत्र केंद्रित होगा। विधानसभा सचिवालय से विशेष सत्र को लेकर अधिसूचना जारी की गई है। यह सत्र ऐतिहासिक इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह पुराने विधानसभा भवन में आयोजित होने वाला आखिरी सत्र होगा। इसके बाद आगामी शीतकालीन सत्र नवा रायपुर के नए विधानसभा भवन में होगा।
यह विशेष सत्र राज्य की 25 साल की संसदीय यात्रा पर केंद्रित रहेगा. सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की राजनीतिक, सामाजिक और विकास यात्रा पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही उन नीतिगत फैसलों को भी याद किया जाएगा, जिन्होंने राज्य को आज के स्वरूप में पहुंचाया। यह सत्र न केवल बीते वर्षों की उपलब्धियों का मूल्यांकन होगा, बल्कि आने वाले समय के लिए नए संकल्पों का प्रतीक भी बनेगा।
साल 2000 में राज्य गठन के बाद से रायपुर स्थित पुराना विधानसभा भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का केंद्र रहा है। इसी भवन से पहली बार राज्य की नीतियां बनीं, बजट पेश हुए और बड़े फैसले लिए गए। बीते 25 वर्षों में इस भवन ने कई मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों और सैकड़ों विधायकों की राजनीतिक यात्रा को सहेजा है।
अब यह ऐतिहासिक भवन अपनी भूमिका पूरी कर नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। नवा रायपुर में तैयार नया विधानसभा भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जहां डिजिटल संसदीय कार्यप्रणाली, पेपरलेस सत्र और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली होगी। विधानसभा का यह विशेष सत्र केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा के 25 गौरवशाली वर्षों को याद करने का एक भावनात्मक क्षण होगा, जहां से राज्य ने अपनी पहचान, नीति और दिशा तय की थी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब इतने साल चली गाड़ी हो जाएगी स्क्रैप
रायपुर। राज्य सरकार ने 15 वर्ष से अधिक पुराने शासकीय और गैर शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने का निर्णय लिया है। यह फैसला केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के निर्देश के बाद लिया गया है। परिवहन विभाग ने सभी विभागों व विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर ऐसे वाहनों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। व्यथ विभाग के आदेशों के अनुसार, स्क्रैप किए जाने वाले वाहनों की संख्या के आधार पर सहायता राशि भी प्रावधानित की गई है।
परिवहन विभाग ने 2,000 शासकीय और 4,000 गैर शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का उद्देश्य वाहन को अपडेट करना और पुरानी गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
परिवहन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में 21 नवंबर को महानदी भवन में इसे लेकर बैठक भी आयोजित की गई है। बैठक में विभागीय अधिकारियों को 15 साल से अधिक पुराने वाहनों का पंजीयन नंबर वाहन आवंटित व्यक्ति, संस्था का नाम, वाहन का प्रचार और वर्तमान में वाहन संचालित है या नहीं और इससे पहले वाहनों को स्क्रैप किया है, तो उसके तरीके की भी जानकारी देनी होगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर से यदि कोई गाड़ी को स्क्रैप करवाता है, तो उसे नई गाड़ी लेने पर 25 प्रतिशत टैक्स में छूट दी जाएगी। एक ऑनलाइन सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा. जिसे सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट कहा जाएगा। ये छत्तीसगढ़ के सभी ऑटोमोबाइल डीलरशिप में मान्य होगा।
बिलासपुर रेल हादसा : रेलवे ने सीनियर अधिकारियों को हटाया
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लालखदान रेल हादसे में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। मेमू और मालगाड़ी की टक्कर में 13 यात्रियों की मौत के बाद रेलवे ने वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए सीनियर डीओपी को फोर्स लीव पर भेज दिया है। उनकी जगह सीनियर टीआरडी को प्रभार सौंपा गया है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है।
चार नवंबर को गतौरा–लालखदान रेलखंड के बीच हुए हादसे में गेवरारोड–बिलासपुर मेमू ने खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मेमू का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। इस दुर्घटना में लोको पायलट विद्यासागर समेत 13 यात्रियों की मौत हुई थी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए रेल प्रशासन ने सीआरएस जांच शुरू कराई। आयुक्त रेलवे सुरक्षा बीके मिश्रा खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रैक, सिग्नल सिस्टम और ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण लापरवाहियां सामने आई हैं।
सबसे बड़ा खुलासा यह है कि मेमू का लोको पायलट साइको टेस्ट पास नहीं था। इसके बावजूद उसकी ड्यूटी मेमू जैसे महत्वपूर्ण रैक पर लगा दी गई थी। नियमों की अनदेखी और निगरानी व्यवस्था की कमी को गंभीर लापरवाही माना गया। इन तथ्यों के आधार पर रेलवे ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ विद्युत अभियंता (ऑपरेशनल) मसूद आलम को तुरंत प्रभाव से हटाकर फोर्स लीव पर भेज दिया है। उनके अधीन लोको पायलट और एएलपी की ड्यूटी लगाई जाती थी। उनकी जगह वरिष्ठ विद्युत अभियंता कर्षण विवेक कुमार को नया प्रभार दिया गया है। सूत्रों के अनुसार जल्द आने वाली सीआरएस की अंतिम रिपोर्ट कई और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सकती है।
जलप्रपात में पिकनिक के दौरान हादसा : गहरे पानी में डूबा युवक, बचाने गया दोस्त भी बहा
आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, किराए के फ्लैट में छापेमारी कर अवैध प्रीमियम शराब का जखीरा किया जब्त
जांच में सामने आया है कि यह फ्लैट जितेंद्र साहू के नाम पर है, जो आलीखुंटा तुमड़ीबोड़ का निवासी बताया जाता है। फ्लैट में मिली शराब का जखीरा लंबे समय से तस्करी और अवैध बिक्री के लिए जमा किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान विभाग ने सभी शराब की बोतलों को जब्त कर लिया है और मामले में संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जब्त की गई ज्यादातर शराब महाराष्ट्र की बताई जा रही है। आबकारी विभाग का कहना है कि शहर में अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
मप्र के असिस्टेंट कमांडेंट संतोष पटेल की फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ की महिला से ठगी
रायपुर। DSP बनकर सात साल तक ठगता रहा, लेकिन महिला को भनक नहीं लगी, कि वो असली डीएसपी है या नकली। प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच के बाद जब छत्तीसगढ़ पुलिस जांच करते हुए असली डीएसपी तक पहुंची, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामला बलरामपुर जिले के कुसमी थाने का है, जहां एक सनसनीखेज ठगी के मामले ने पुलिस की जांच को एक अप्रत्याशित मोड़ दे दिया।
एक आदिवासी महिला से नौकरी लगाने के नाम पर की गई 72 लाख रुपये की ठगी का था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मध्य प्रदेश पुलिस में पदस्थ एक डीएसपी ने महिला को उसके दोनों बेटों को पुलिस विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी की है। लेकिन जब छत्तीसगढ़ पुलिस जांच के लिए ग्वालियर पहुंची, तो हकीकत सामने आने पर सभी हैरान रह गए। मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी पहुंची।
जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस एक्शन में आयी। पुलिस उस कथित डीएसपी की तलाश में मध्यप्रदेश ग्वालियर पहुंची। दरअसल छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम ग्वालियर में ही उस अधिकारी को खोज रही थी, जिसके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर यह फर्जीवाड़ा किया गया था। जिन पर शक की सुई गई थी, वे थे असिस्टेंट कमांडेंट संतोष पटेल, जो फिलहाल बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ हैं और पहले ग्वालियर में डीएसपी के रूप में तैनात थे। सोशल मीडिया पर इनके 2.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, और इन्हीं की फोटो का इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था।
बालाघाट में संतोष पटेल से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने मामले से जुड़ी फाइलें दिखाईं। फाइलों में वर्दी पहने संतोष पटेल की फोटो लगी थी। यह देखकर स्वयं अधिकारी भी हैरान रह गए कि उनकी फोटो का इस्तेमाल कर किसी ने सात साल तक ठगी की है। जब महिला से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उन्हें सच्चाई समझाने की कोशिश की गई तो वह मानने को तैयार नहीं थी और लगातार दावा करती रही कि पैसे उसी डीएसपी ने लिए थे। इससे पुलिस को पक्का अंदाज़ा हो गया कि असली आरोपी कोई और है, जो अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में पहली बार जन्मी पुंगनूर नस्ल की मादा बछिया, मिली ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के गोढ़ीकला निवासी किसान खगेश्वर यादव की देसी गाय ने पहली बार पुंगनूर नस्ल की मादा बछिया को जन्म दिया है। यह उपलब्धि पशु चिकित्सा विभाग की वैज्ञानिक तकनीकों का परिणाम है। पत्थलगांव पशु चिकित्सालय में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के.के. पटेल ने पुंगनूर नस्ल के सांड के हिमकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराया था।
पुंगनूर गाय दुनिया की सबसे छोटी गायों में से एक मानी जाती है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पाई जाने वाली यह नस्ल 1 से 2 लीटर अत्यंत पौष्टिक A2 दूध देने के लिए जानी जाती है। पशु चिकित्सक डॉ. बी.पी. भगत ने बताया कि इसके दूध में औषधीय गुण, एंटी-बैक्टीरियल तत्व और कम फैट की मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण इसकी मांग बेहद अधिक है।
इस उपलब्धि पर डॉ. भगत ने के.के. पटेल और किसान खगेश्वर यादव को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता जिले में नस्ल सुधार, वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और पशुधन संवर्धन के नए रास्ते खोलेगी। धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ी पुंगनूर गाय की कीमत एक लाख से लेकर दस लाख रुपये तक होती है। खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी नस्ल की गाय अपने शासकीय आवास पर पाल रखी है।जशपुर में जन्मी यह पुंगनूर बछिया जिला ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है।
वाणिज्य सचिव ने मॉस्को में भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता की समीक्षा की
नईदिल्ली। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने मॉस्को में कई बैठकों में भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता की प्रगति की समीक्षा की। वाणिज्य सचिव ने यूरेशियन आर्थिक आयोग के व्यापार प्रभारी मंत्री आंद्रे स्लेपनेव और रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार उप मंत्री श्री मिखाइल युरिन से मुलाकात की और भारतीय एवं रूसी उद्योग जगत के सदस्यों के साथ एक व्यावसायिक नेटवर्किंग पूर्ण अधिवेशन को भी संबोधित किया।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भारत-रूस वर्किंग ग्रुप के परिणामों पर आधारित चर्चाएं विविधीकरण, लचीली सप्लाई चेन्स को मज़बूत करने, नियामक पूर्वानुमान सुनिश्चित करने और साझेदारी में संतुलित विकास को बढ़ावा देने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करते हुए आगे बढ़ीं। ये प्रयास 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने और औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारतीय निर्यात का विस्तार करने के नेताओं के लक्ष्य को दर्शाते हैं।
मंत्री स्लेपनेव के साथ बैठक में, वाणिज्य सचिव ने वस्तुओं के क्षेत्र में भारत-ईएईयू मुक्त व्यापार समझौते के अगले चरणों की समीक्षा की। 20 अगस्त 2025 को हस्ताक्षरित संदर्भ शर्तों में 18 महीने की कार्य योजना की रूपरेखा दी गई है जिसका उद्देश्य एमएसएमई, किसानों और मछुआरों सहित भारतीय व्यवसायों के लिए बाज़ारों में विविधता लाना है। नेताओं के मार्गदर्शन के अनुरूप, प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ-साथ सेवाओं और निवेश के क्षेत्रों की भी जांच की जाएगी।
उप मंत्री युरिन के साथ अपनी चर्चाओं में, वाणिज्य सचिव ने व्यापार विविधीकरण, आपूर्ति-श्रृंखला की सुदृढ़ता और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार उपकरण, मशीनरी, चमड़ा, ऑटोमोबाइल और रसायन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समयबद्ध मार्ग पर चर्चा की। प्रमाणन आवश्यकताओं, कृषि और समुद्री व्यवसायों की सूचीकरण, एकाधिकार प्रथाओं की रोकथाम और अन्य गैर-टैरिफ मुद्दों को संबोधित करने के लिए तिमाही नियामक-से-नियामक संपर्क पर सहमति बनी। इस वार्ता में दोनों देशों की फर्मों के लिए पूर्वानुमान और व्यापार सुगमता में सुधार हेतु रसद, भुगतान और मानकों से संबंधित व्यावहारिक उपायों पर भी चर्चा हुई।
भारत और रूस के वरिष्ठ व्यापारिक नेताओं की उपस्थिति में आयोजित उद्योग सम्मेलन में, वाणिज्य सचिव ने कंपनियों को अपनी परियोजनाओं को 2030 के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य के अनुरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारत के लॉजिस्टिक्स उन्नयन, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और वस्तुओं एवं सेवाओं में सह-निवेश एवं सह-उत्पादन के अवसरों पर प्रकाश डाला। चर्चाओं में निर्यात क्षेत्र का विस्तार करने, आपूर्ति श्रृंखलाओं के जोखिम को कम करने और नियोजित परियोजनाओं को ऐसे कार्यान्वयन योग्य अनुबंधों में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया गया जो मूल्य और मात्रा में वृद्धि करें, जिससे दोनों देशों के लोगों के लिए अधिक रोजगार और दीर्घकालिक समृद्धि का सृजन हो। विकासशील और विकसित देशों के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में, भारत का लक्ष्य 2047 तक एक विकसित राष्ट्र, "विकसित भारत" बनने की दिशा में कार्य करते हुए रूस के साथ अपने व्यापार और आर्थिक जुड़ाव को गहरा करना है।
विश्व की प्राचीन पारंपरिक एवं सांस्कृतिक धरोहर पर अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका का लोकार्पण
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (आईसीसीएस) भारत–रायपुर चैप्टर तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, शैक्षणिक संवाद तथा इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वर्ल्ड्स एंसिएंट ट्रेडिशनल ऐंड कल्चरल हेरिटेज (IJWATCH) का औपचारिक लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आईसीसीएस रायपुर चैप्टर के सचिव अशिष पटेल के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिसमें उन्होंने संगठन की गतिविधियों तथा सांस्कृतिक अध्ययनों में उसके योगदान का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। स्वतंत्र शोधकर्ता डॉ. निर्मला तिवारी ने प्रथम विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए वियतनाम के बहुसांस्कृतिक और स्वागतपूर्ण सामाजिक वातावरण पर अपने अध्ययन एवं अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने शोध यात्रा के आधार पर वियतनाम की सांस्कृतिक विविधता और भारत के लिए उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात् नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की शोधार्थी सुश्री कीर्ति नाहक ने गोंड प्रतिरोध तथा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने स्वदेशी समुदायों में पर्यावरणीय संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान के परस्पर संबंधों को रेखांकित किया।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के फ़ार्मेसी संस्थान की प्रोफ़ेसर तथा आईसीसीएस रायपुर चैप्टर की उपाध्यक्ष प्रो. प्रीति के. सुरेश ने अपने उद्बोधन में पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर अधिक गहन शोध और वैश्विक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. समीर बाजपई, निदेशक (प्रभारी), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान विस्तार और भावी नेतृत्व निर्माण को प्रोत्साहित करती है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संगठन की अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वर्ल्ड्स एंसिएंट ट्रेडिशनल ऐंड कल्चरल हेरिटेज (IJWATCH) का लोकार्पण रहा, जो पारंपरिक एवं स्वदेशी सांस्कृतिक अध्ययनों में शोध, विमर्श और सहयोग को नया आयाम प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुप कुमार तिवारी, डॉ. विकास कुमार विद्यर्थी तथा डॉ. क्षिरोदा कुमार साहू (एनआईटी रायपुर) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान तथा अन्य विभागों के शोधार्थियों, तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रायपुर एवं अन्य विश्वविद्यालयों के स्नातक विद्यार्थियों ने सहभागिता कीl
मुंबई-रायपुर के बीच इंडिगो की 1 फरवरी से चौथी उड़ान होगी शुरू
रायपुर। नए साल में रायपुर-मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों को नई फ्लाइट का आप्शन मिलेगा। दोनों शहरों के बीच यात्रियों की संख्या को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस एक फरवरी से चौथी उड़ान शुरू करने की तैयारी में है। यह फ्लाइट दोपहर में शेड्यूल की जाएगी। चौथी फ्लाइट आने के बाद यात्रियों का सफर और आसान होने की उम्मीद है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से विभिन्न शहरों से संचालित होने वाली फ्लाइटों में दिल्ली, मुंबई की डिमांड काफी रहती है। दिल्ली के लिए अब नियमित रूप से आठ उड़ान का संचालन किया जाता है।
अभी मुंबई रायपुर के बीच निजी एयरलाइंस अपनी तीन उड़ानों का संचालन करता है. सामान्य दिनों में भी दोनों शहरों के बीच का किराया दस हजार से अधिक होता है और पीक सीजन में तो इसका किराया दो से ढाई गुना तक पहुंच जाता है। यात्रियों की संख्या और डिमांड को ध्यान में रखते हुए इंडिगो ने रायपुर से नवी मुंबई के बीच एक फरवरी से चौथी उड़ान शुरू करने की घोषणा की है. यह फ्लाइट दोपहर के शेड्यूल में आवाजाही करेगी। रायपुर-मुंबई के बीच विमानों की संख्या बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही थी।
दो साल पहले एयर इंडिया की मुंबई-रायपुर- विशाखापट्नम की उड़ान बंद होने के बाद दोनों शहरों के बीच का चौथा संपर्क टूटा था। एक फरवरी से शुरू होने वाली यह फ्लाइट 6ई 2283 बनकर नवी मुंबई से दोपहर 12.50 बजे रवाना होकर 14.35 बजे रायपुर में लैंड होगी. वहीं वापसी के दौरान 6ई22844 बनकर यह दोपहर 3.05 बजे टेकऑफ होकर शाम 5.05 बजे मुंबई में लैंड होगी। विमानन अधिकारियों के अनुसार यह समय व्यापारी, छात्रों और मेडिकल ट्रैवलर्स के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा। वर्तमान में रायपुर से मुंबई की तीन फ्लाइट सुबह 8.40 बजे, 9.40 और शाम 5.355 बजे संचालित होती है।
मुंबई एयरपोर्ट में मानसून के बाद होने वाले रखरखाव की वजह से 20 नवंबर को विमानों का ऑपरेशन छह घंटे प्रभावित रहेगा. सुबह 11 से शाम 5 बजे तक रनवे बंद रहने की वजह से इस अवधि में आवाजाही करने वाले विमानों को री-शेड्यूल के साथ स्थगित भी किया जाएगा। इस अवधि में रायपुर के लिए आवाजाही करने वाली एक उड़ान प्रभावित रहेगी।