छत्तीसगढ़
पीएम आवास योजना की राशि दूसरे के खाते में हुआ ट्रांसफर
बीजापुर मुठभेड़ में 4 नक्सली ढेर...
हालांकि, ऑपरेशन अभी चल रहा है, इसलिए मुठभेड़ की सटीक लोकेशन, ऑपरेशन में लगे बलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।ऑपरेशन के पूर्ण होने के बाद बीजापुर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां विस्तृत जानकारी साझा करेंगी। हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आगे की अपडेट आपको जल्द देंगे।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे 400 नए बीएसएनएल टावर
बारिश से शिवनाथ सहित जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर
डिप्टी रेंजर के ठिकानों पर मिली करोड़ों की संपत्ति, भारी मात्रा में सोना चांदी और कैश मिले
स्थानीय वन विशेषज्ञों का मानना है कि यह छापेमारी केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि सीमावर्ती जंगलों की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा संकेत भी है। यदि समय रहते इस नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ, तो बस्तर के बचे-खुचे जंगलों पर भी संकट मंडरा सकता है।
विधायक ने वन अधिकारियों की ली बैठक
जशपुर में अब आर्चरी अकादमी... आदिवासी युवाओं को मिलेगी नई उड़ान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पंड्रापाठ में राज्य का अत्याधुनिक तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो ग्रामीण युवाओं की खेल प्रतिभा को सशक्त मंच प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र पंड्रापाठ में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बहु-उद्देशीय परिसर की स्थापना की जा रही है, जो राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को सशक्त मंच प्रदान करेगा। एनटीपीसी द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 20.53 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
परिसर में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र, लघु पुस्तकालय, प्राथमिक चिकित्सा इकाई, कौशल विकास केंद्र, जैविक खेती हेतु छायादार नर्सरी का निर्माण किया जाएगा। परिसर में एक औषधीय उद्यान भी विकसित किया जाएगा, जिसमें जड़ी-बूटियों और औषधीय वृक्षों का रोपण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 10.27 एकड़ भूमि का चयन स्थानीय प्रशासन के सहयोग से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण प्रतिभाओं को स्वयं को निखारने का अवसर मिलेगा और वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। परियोजना के लिए विस्तृत साइट लेआउट, 3-डी डिज़ाइन, भवनों की संरचना और प्रत्येक घटक की लागत का विवरण विशेषज्ञ परामर्शदाताओं द्वारा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस नवाचारपरक पहल से न केवल खेल क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से जशपुर जिले में समावेशी विकास की एक नई धारा बहेगी।
बारिश ने तोड़ा मध्य प्रदेश में 90 साल का रिकॉर्ड, नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर
डेस्क। मध्य प्रदेश में हो रही जोरदार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। ग्वालियर में पिछले 24 घंटे में 180 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे जुलाई 2025 की कुल बारिश 674 मिमी हो चुकी है। जो 1935 के 623 मिमी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुकी है। पूरे मानसून सीजन की बात करें तो अब तक 926 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरनाक रफ्तार से बढ़ रहा है। बरगी डैम के सभी 15 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गौरीघाट, तिलवाड़ा और लम्हेटाघाट में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बारिश से ग्वालियर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। महाराजबाड़ा में पानी भर जाने से यातायात ठप है, वहीं चौपाटी रोड पर सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया है। यह 24 घंटे में आज़ादी के बाद की सबसे ज़्यादा बारिश बताई जा रही है। विशेषज्ञों ने इसकी वजह जलवायु परिवर्तन और कमजोर शहरी ड्रेनेज सिस्टम को माना है।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए मध्य प्रदेश के लगभग 40 जिलों में भारी से अति भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। नर्मदापुरम, बैतूल, सिंगरौली, सीधी, रीवा, डिंडोरी और शहडोल जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि इंदौर, भोपाल और उज्जैन सहित कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक नेतृत्व रेटिंग पर मुख्यमंत्री साय ने जताया गर्व– कहा यह उपलब्धि गौरव का क्षण
आदिवासी बच्चियों की पिटाई... शिक्षिका शिवानी पर लगे आरोप... समाज में आक्रोश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में दर्जन भर से ज्यादा आदिवासी बच्चियों की पिटाई का मामला सामने आया है। शिक्षिका शिवानी मिश्रा पर आरोप है कि आश्रम के करीब 13 आदिवासी बच्चियों को एक कमरे में बंद करके शिक्षिका शिवानी मिश्रा ने बेरहमी से पिटाई की है। सभी बच्चियां कमार जनजाति की बतायी जा रही हैं। इस घटना के बाद न केवल कन्या आश्रम बल्कि आसपास के अन्य छात्रावास और आश्रमों में रहने वाले बच्चों में भी भय व्याप्त हो गया है। घटना की जानकारी सार्वजनिक होते ही पालकों में जमकर आक्रोश है। आदिवासी समाज एकजुट होकर कार्रवाई की मांग कर रहा है। उल्लेखनीय है कि कमार जनजाति को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
घटना से सम्बन्ध में जानकारी मिली है, की गरियाबंद जिले के एक कन्या आश्रम में पदस्थ शिक्षिका शिवानी मिश्रा ने गत दिनों आश्रम की 13 बच्चियों को आश्रम के ही एक कमरे में बंद करके उनके साथ मारपीट की है। जिन बच्चियों के साथ शिक्षिका शिवानी मिश्रा पर बेरहमी से मारपीट का आरोप है, वे सभी बच्चियां कमार जनजाति की हैं, जिन्हें विभिन्न गावों से लाकर उस कन्या आश्रम में रखा गया है। कमार जनजाति को राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र के रूप में मान्यता मिली है। कमार जनजाति के साथ ऐसे अपराध को गंभीर और संवेदनशील माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस मारपीट की घटना की जानकारी जैसे ही आश्रम की चहारदीवारी से बाहर निकली और उन आदिवासी बच्चियों के पालकों तक पहुंची, पालकों में जबरदस्त आक्रोश है। आदिवासी समाज के कुछ संगठनों ने इसे लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। अन्य सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि शिक्षिका शिवानी मिश्रा पर जल्द और कड़ी कार्रवाई हो।
बताया जा रहा है कि इस घटना की जानकारी फैलने के बाद उस इलाके के अन्य छात्रावासों और आश्रमों के बच्चे-बच्चियों में भी भय का माहौल व्याप्त हो गया है। आदिवासी समाज और अन्य सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मांग की है, कि आश्रम की शिक्षिका शिवानी मिश्रा पर जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये। अन्य सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। चेतावनी दी गयी है कि राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र माने जाने वाले कमार जनजाति की 13 बच्चियों को कमरे में बंद करके बेरहमी से पिटाई करने वाली शिक्षिका शिवानी मिश्रा के खिलाफ यदि यथाशीघ्र और कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तो वे आंदोलन करेंगे। इस मामले में फिलहाल आरोपी शिक्षिका शिवानी मिश्रा का पक्ष तथा प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई किये जाने की जानकारी नहीं मिली है।
मराठा युवा समाज के सर्वसम्मति व निर्विरोध अध्यक्ष बने नीरज इंगले
रायपुर। मराठा युवा समाज की बैठक में समाज के नीरज इंगले को सर्वसम्मित व निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष चुनें जाने के बाद नीरज ने अपनी भावी योजनाओं को सभी के सामने रखकर सभी युवा शक्ति से एकजुट रहकर कार्य करने का आह्वान किया, जिससे युवा शक्ति और मजबूत बने। साथ ही सभी युवा साथियों के साथ तात्यापारा चौक स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन कर आर्शीवाद लिया।।
रायपुर मराठा युवा समाज की बैठक विगत दिनों रखी गई। बैठक में विषयानुसार सर्वसम्मति से युवा समाज के नवीन अध्यक्ष का चयन करना था। इस प्रक्रिया में सभी सदस्य व संरक्षकगण बैठक में उपस्थित हुए। सभी की उपस्थिति में पूर्व अध्यक्ष लोकेश पवार ने अपने कार्यकाल की उपलब्धि बताई व समाज के लिए अपने कार्य और योगदान बताते हुए सब सभी का आभार प्रकट किया। बैठक में नियमानुसार नवीन अध्यक्ष का चयन करने के लिए युवा समाज के संरक्षक गुणवंत घाटगे, नागराज कापसे तथा राहुल डुकरे को निर्वाचन अधिकारी बनाकर लोकेश पवार का इस्तीफा लिया गया।
जिसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने सभी सदस्यों से नव अध्यक्ष के लिए प्रस्ताव मांगा। जिस पर मराठा युवा समाज के संथापक व संरक्षक सदस्य नीरज इंगले ने अपना नाम अध्यक्ष पद के लिए बैठक में सभी के सामने रखा। जिसका समर्थन व प्रस्ताव आजीवन सदस्य अभिषेक इंदुरकर (अंतु) ने किया। साथ ही अन्य सदस्यों को और समय दिया गया की कोई और नाम यदि अध्यक्ष पद के लिए होतो देवें पर सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से अध्यक्ष के लिए नीरज इंगले के नाम पर अपनी सहमति प्रदान की। जिसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने नवीन को व निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया।
बैठक में वरिष्ठ सदस्य व संरक्षक सुरेन्द्र डुकरे, महेंद्र जाधव, विनोद मांढरे, अतुल चव्हाण, शरद फरताड़े, सुमित ढिगे, गणेशा जाधव, रविकांत शिंदे के साथ युवा समाज के संरक्षक प्रभात डुकरे, मनीष भोंसले, सौरभ बाकरे, विकास इंदुरकर, अविनाश शिर्के, आशीष महाडिक, हर्ष चव्हाण, महेंद्र कंगले, शिशिर सुरेशे, संजू शिंदे, रितिक राव, अभिजीत जाचक, दिलीप जाधव, हेमंत मोहिते, सौरभ शिंदे, अनुराग वाकड़े, सागर वाकड़े, ब्रवीन सोलंकी, अभिषेक बख्शी, आकाश इंगले, आकाश मगर, निधि डुकरे, डिंपल भोंसले, वंशिका सावके उपस्थित रहीं।
हाईकोर्ट का फैसला, “I Love You” कहना यौन उत्पीड़न नहीं, युवक को राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्टके एक संवेदनशील मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी नाबालिग को केवल “आई लव यू” कह देना, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में नहीं आता जब तक उसमें यौन मंशा स्पष्ट रूप से साबित न हो। जस्टिस संजय एस अग्रवाल की एकल पीठ ने यह निर्णय देते हुए राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया और ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को बरी किए जाने के निर्णय को बरकरार रखा।
मामला 14 अक्टूबर 2019 का है, जब एक 15 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया था कि स्कूल से घर लौटते समय एक युवक ने उसे देखकर “आई लव यू” कहते हुए प्रेम प्रस्ताव रखा। छात्रा ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि युवक पहले से ही उसे परेशान करता था। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने युवक को समझाया और चेतावनी दी थी।
ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में युवक को बरी कर दिया था, जिसे राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी ने “आई लव यू” शब्द यौन मंशा से कहे थे। कोर्ट ने माना कि किसी भी गवाह या प्रस्तुत साक्ष्य से यह प्रमाणित नहीं होता कि आरोपी का उद्देश्य यौन उत्पीड़न था।
यह फैसला ना केवल एक युवक को राहत देता है, बल्कि कानून की व्याख्या को लेकर समाज में एक नई सोच को जन्म देता है। हाईकोर्ट का यह निर्णय यह भी स्पष्ट करता है कि किसी भी घटना को सिर्फ सतही शब्दों के आधार पर अपराध नहीं माना जा सकता जब तक कि मंशा और प्रमाण स्पष्ट न हो।
बिलासपुर के लोविना कोर्ट्स प्रोजेक्ट की खरीदी-बिक्री पर लगाई अंतरिम रोक, रेरा अधिनियम के उल्लंघन का मामला
रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (सीजी रेरा) ने बिलासपुर स्थित लोविना कोर्ट्स परियोजना में भूखंडों और मकानों की खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 4(2)(1)(क) के उल्लंघन के पर की गई है।
कोरबा में दोस्तों के साथ घूमने गया युवक नदी में बहा, पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर, कई गांवों का संपर्क टूटा
इसी दौरान एकाएक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया। घटना की जानकारी मिलतके ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसकी तलाश में जुटे हैं। घटना की जानकारी के बाद उरगा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में गोताखोरों को काफी परेशानी आ रही है। बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण घिनारा नाला का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
बिलासपुर एयरपोर्ट में निर्माण कार्य की रफ्तार पर हाईकोर्ट सख्त... रक्षा और उड्डयन मंत्रालय को नोटिस
रायपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के बिलासा एयरपोर्ट के अधूरे विकास कार्य को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर नाराजगी जाहिर की है। एयरपोर्ट से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने कहा कि “क्या आप नहीं चाहते कि बिलासपुर में एयरपोर्ट बने?”कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब यह पाया गया कि अब तक विकास कार्यों को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।
हाईकोर्ट ने विकास कार्यों की धीमी गति पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी। हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी करते हुए 8 सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही नागर विमानन मंत्रालय (Aviation Ministry) से भी जवाब तलब किया गया है। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग से संबंधित प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं।
यह मामला बिलासपुर एयरपोर्ट के समुचित विकास, उड़ानों की सुविधा और नाइट लैंडिंग जैसी आधुनिक सेवाओं की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। वर्षों से लंबित इस मामले में अब हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों से उम्मीद की जा रही है कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2025 को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगली सुनवाई तक संबंधित विभागों को ठोस जवाब और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।
CM आईटी फेलोशिप कार्यक्रम” से खुलेगा अवसरों का द्वार
CRPF जवानों ने निभाया इंसानियत का फर्ज.... बीमार ग्रामीण को दुर्गम रास्तों से पहुंचाया कैंप
रायपुर। प्रदेश के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सीआरपीएफ के जवानों ने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए एक बीमार ग्रामीण को दुर्गम रास्ते से कैंप पहुंचाया। जवानों का यह कार्य सुरक्षा और संवेदना दोनों की मिसाल बन गई है। नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात सुरक्षाबल सिर्फ बंदूक नहीं, इंसानियत के फर्ज को भी निभा रहे हैं। घटना छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा के पटेलपारा गांव की है, जहां एक ग्रामीण की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन और ग्रामीण घबरा गए, क्योंकि दुर्गम इलाका होने की वजह से मदद तक पहुंचना मुश्किल था।
जैसे ही यह सूचना आसपास तैनात CRPF जवानों को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना समय गंवाए मरीज को ट्रैक्टर के माध्यम से कठिन और कच्चे रास्तों से होते हुए अपने कैंप तक पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक इलाज मिला। समय पर सहायता मिलने से मरीज की जान बच गई और अब उसकी हालत पूरी तरह सुरक्षित है। इस मानवीय पहल पर ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों का आभार जताया। उन्होंने कहा— “ये जवान सिर्फ नक्सलियों से नहीं, हमारी जिंदगी की भी हिफाजत करते हैं।”CRPF की यह तत्परता और संवेदनशीलता दुर्गम इलाकों में लोगों के विश्वास को और मजबूत कर रही है।