छत्तीसगढ़
CG बैंक घोटाला : 23 करोड़ की सहकारी बैंक गड़बड़ी का खुलासा, 11 आरोपी गिरफ्तार
Raipur News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है। सहकारी बैंक कुसमी और शंकरगढ़ शाखा में वर्षों से चल रही वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें कुल 23 करोड़ 74 लाख 5 हजार 608 रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई है। यह खुलासा वर्ष 2012 से 2022 तक की विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। इस मामले में संलिप्त 11 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खोलते थे और उनके माध्यम से सरकारी अनुदान व ऋण राशि का गबन करते थे। इस संगठित घोटाले में बैंक के अधिकारी, कर्मचारी, और सहकारी संस्थाओं के प्रबंधक शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी को अंजाम दिया।
पुलिस ने पर्यवेक्षक विकास चंद पांडवी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक अशोक कुमार सोनी, सहायक मुख्य पर्यवेक्षक एतबल सिंह, सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक समल साय, सहायक लेखापाल जगदीश प्रसाद, लिपिक ताबरक अली, संस्था प्रबंधक लक्ष्मण देवांगन, मुख्य पर्यवेक्षक राजेंद्र प्रसाद पांडेय, समिति प्रबंधक सुदेश यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकाश कुमार सिंह और प्रभारी अतिरिक्त प्रबंधक राजेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया।
ऑडिट में सामने आया कि आरोपियों ने किसानों की पहचान का दुरुपयोग कर उनके नाम से फर्जी खाता खोले। इन खातों में ऋण और अनुदान की राशि ट्रांसफर की जाती थी, जो बाद में आरोपी निकाल कर निजी उपयोग में लाते थे। कई मामलों में किसानों को इस लेन-देन की जानकारी तक नहीं थी। बैंक प्रबंधन की मिलीभगत से लंबे समय तक यह घोटाला बिना किसी संदेह के चलता रहा। आखिरकार, विस्तृत ऑडिट और खातों की जांच के बाद यह भ्रष्टाचार सामने आया।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री साय ने वीर सावरकर जी को अर्पित की श्रद्धांजलि
Raipur News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीर सावरकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के लिए उनका बलिदान और समर्पण, विकसित भारत के निर्माण में मार्गदर्शन करता रहेगा।
भारत माता के सच्चे सपूत वीर सावरकर जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की कठोर से कठोर यातनाएं भी मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण भाव को डिगा नहीं पाईं। आजादी के आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता। देश के लिए… pic.twitter.com/3OsxSN905I
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2025
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
"भारत माता के सच्चे सपूत वीर सावरकर जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की कठोर से कठोर यातनाएं भी मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण भाव को डिगा नहीं पाईं। आजादी के आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता। देश के लिए उनका त्याग और समर्पण विकसित भारत के निर्माण में भी पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।"
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा:
माँ भारती के अमर सपूत, स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत, वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन। उन्होंने आज़ादी की लड़ाई को विचारों और संघर्ष दोनों से जीवंत किया। उनका जीवन हमें साहस, आत्मगौरव और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। आज, उनके बलिदान और विचारों से प्रेरणा लेते हुए आइए हम संकल्प लें कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिमगा में ढाबा में किया भोजन, स्थानीय लोगों से की आत्मीय बातचीत
Raipur News: रायगढ़ जिले के दौरे से लौटते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सिमगा में एक साधारण से ढाबा में रुके और वहां बैठकर स्थानीय व्यंजन का स्वाद लिया। सुशासन तिहार के अंतर्गत दिनभर की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने ढाबे में भोजन किया और आमजन से सहजता से संवाद स्थापित किया।
मुख्यमंत्री साय ने ढाबा पर मौजूद लोगों से आत्मीयता से बातचीत की, हालचाल जाना और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना। न कोई तामझाम, न कोई सुरक्षा का दिखावा-बस एक जननेता की तरह लोगों के बीच बैठकर उन्होंने विश्वास और अपनापन बाँटा। इस दृश्य ने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के मन में मुख्यमंत्री की सरलता और जमीन से जुड़ेपन की एक मजबूत छवि बनाई।
सिमगा स्थित आनंद ढाबे पर आम नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि यह उनकी नेतृत्व शैली की सादगी और जनभावनाओं से जुड़ाव का प्रतीक है। भोजन के दौरान कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और उत्साहपूर्वक उनसे बातचीत की। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मैं जहाँ भी जाता हूँ, वहां के लोगों से मिलकर मुझे ऊर्जा मिलती है। ये मुलाकातें मेरे लिए औपचारिकता नहीं, आत्मीयता हैं। उनके इस सहज और मानवीय रूप ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल मंचों पर नहीं, बल्कि आम जीवन के स्पर्श में भी झलकता है।
रक्षा मंत्री ने उद्योग साझेदारी के माध्यम से उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम निष्पादन मॉडल को दी स्वीकृति
नईदिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और एक मजबूत घरेलू एयरोस्पेस औद्योगिक इको सिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम निष्पादन मॉडल को स्वीकृति दे दी है। इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) उद्योग साझेदारी के माध्यम से किया जाएगा।
निष्पादन मॉडल दृष्टिकोण प्रतिस्पर्धी आधार पर निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों को समान अवसर प्रदान करता है। वे स्वतंत्र रूप से या संयुक्त उद्यम या संघ के रूप में बोली लगा सकते हैं। इकाई/बोलीदाता एक भारतीय कंपनी होनी चाहिए जो देश के कानूनों और विनियमों का अनुपालन करती हो।
यह उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए स्वदेशी विशेषज्ञता, क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और यह एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रमुख उपलब्धि होगी। एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी शीघ्र ही उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान विकास चरण के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी करेगा।
सुकमा में फोर्स को बड़ी सफलता... 39 लाख के इनामी सहित 18 नक्सलियों का सरेंडर
Raipur News: छत्तीसगढ़ के एंटी नक्सल ऑपरेशन पर तैनात सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण बस्तर डिवीजन और PLGA बटालियन नंबर-1 में सक्रिय 4 हार्डकोर नक्सली सहित कुल 18 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित है। बीहड़ जंगलों में सुरक्षा बलों के नए कैंप खुलने और फोर्स के एक्शन से नक्सलियों में दहशत है। पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के डर से 18 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुकमा एसपी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली कई बड़ी घटनाओं में भी शामिल रहे हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सरेंडर करने वाले 2 पुरुष नक्सलियों पर 8-8 लाख, 1 पुरूष और 1 महिला नक्सली पर 5-5 लाख, 6 पुरुष नक्सलियों पर 2-2 लाख और 1 पुरुष नक्सली पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित है। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि सरेंडर करने वालों में एक महिला और 18 पुरुष नक्सली शामिल है। सभी ने नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन के सामने बगैर हथियार सरेंडर किया है। सभी को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा।
दरअसल, नक्सल लीडर और संगठन के महासचिव खूंखार नक्सली नंबाला उर्फ बसवा राजू के अबूझमाड़ में मारे जाने के बाद माओवादी संगठन में दहशत है। एनकाउंटर में मारे जाने के डर से नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। इससे पहले बीजापुर जिले में 32 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। छत्तीसगढ़ के नक्सली पड़ोसी राज्य तेलंगाना में भी सरेंडर कर रहे हैं। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ की सीमा पर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के दौरान तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। बता दें कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन मार्च-2026 तय की गई है। इसके बाद से बस्तर संभाग के नक्सल क्षेत्र में सुरक्षा बलों का एक्शन लगातार जारी है।
लोगों को उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत... प्रदेश के इन जिलों में बारिश की संभावना
Raipur News: राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मौसम राहतभरा बना हुआ है। शहर में लगातार पांच दिनों से अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड हो रहा है, जिससे लोगों को तेज गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि बारिश के बाद धूप निकलने पर उमस लोगों को परेशान कर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। अगले तीन दिनों में यह मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे सकता है।
वहीं, प्रदेश में मराठवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र और ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण का असर दिखाई दे रहा है। इसके कारण 27 मई को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में मानसून पूर्व गतिविधियाँ बनी रहेंगी। बिलासपुर में मानसून की आहट के साथ ही मौसम करवट ले रहा है। आने वाले दिनों में यह राहत की बारिश और भी बढ़ सकती है।
छत्तीसगढ़ः ट्रैप कैमरे में कैद हुई जंगल के राजा की वीडियो
Raipur News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से बड़ी खबर सामने आई है। करीब ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर टाइगर की मौजूदगी दर्ज हुई है। इस बार बाघ की पहली स्पष्ट तस्वीर रिजर्व के ट्रैप कैमरे में कैद हुई है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि डीएफओ वरुण जैन ने की है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पहले जंगल में दो भैंसों और हाल ही में एक बैल के शिकार की घटनाओं के बाद टाइगर की मौजूदगी का अंदाजा लगाया जा रहा था। वन विभाग ने इन गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए रिजर्व क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए थे, जिनमें यह दुर्लभ तस्वीर सामने आई।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2022 में आखिरी बार टाइगर को देखा गया था, लेकिन तब उसकी कोई तस्वीर नहीं मिल पाई थी। अब यह तस्वीर न सिर्फ वन विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि टाइगर संरक्षण के प्रयासों को भी बल देती है। वन अमले ने बाघ की मूवमेंट को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। यह सफलता वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है।
रायपुर में स्थापित होगा देश का प्रमुख AI डेटा सेंटर... ESDS करेगी 600 करोड़ का निवेश
कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज कर रहे डॉ. वसी खान पर लगा जुर्माना, तत्काल क्लिनिक बंद करने का आदेश
Raipur News: राजधानी रायपुर में फर्जी क्लिनिक संचालन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज करने की जानकारी सामने आने के बाद अब कलेक्टर ने कार्रवाई की है। मामला रायपुर के टाटीबंध क्षेत्र का है, जहां द्वितीय तल, लक्ष्मी मेडिकल हॉल, एम्स परिसर के समीप एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डॉ. वसी खान नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी वैध चिकित्सकीय पंजीयन और अनुमति के निजी क्लीनिक का संचालन करते हुए स्वयं को कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) बताकर मरीजों को उपचार देने की गंभीर शिकायत मिली है।
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद, रायपुर द्वारा जारी पत्र क्रमांक CGMSC/शिकायत/2025/126 दिनांक 03 अप्रैल 2025 के अनुसार, डॉ. वसी खान न तो आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीकृत हैं और न ही उनके पास नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत कोई वैध अनुज्ञा पत्र है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 2010 तथा नियम 2013 के अंतर्गत की गई है।

अधिनियम की धारा 3 (अध्याय 2) और धारा 4 के अनुसार, बिना वैध पंजीयन के कोई भी व्यक्ति उपचर्यागृह या क्लीनिकल स्थापना का संचालन नहीं कर सकता। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो वह ₹20,000 तक के जुर्माने का पात्र होता है।
स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्यवाही में डॉ. वसी खान को तत्काल प्रभाव से अपना क्लीनिक संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, ₹20,000 की जुर्माना राशि Supervisory Authority Raipur के नाम से डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), रायपुर कार्यालय में जमा करने को कहा गया है।
यह मामला न केवल चिकित्सा सेवा के नियमन की दृष्टि से गंभीर है, बल्कि यह उन मरीजों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है जो अज्ञानता में अपने इलाज के लिए ऐसे गैर-पंजीकृत संस्थानों पर निर्भर हो जाते हैं।कलेक्टर एवं जिलादंडाधिकारी कार्यालय ने भी इस प्रकरण पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित धाराओं के तहत तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
देश के सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर अब बनेंगे रायपुर में... 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव
Raipur News: विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”
यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।
तेज रफ्तार कार हाइवा से टकराई… , बैंक मैनेजर के माता-पिता और ड्राइवर की मौत, तीन घायल
Raipur News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर तुमगांव थाना क्षेत्र के कोडार डैम के पास एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। एक तेज रफ्तार कार RJ 09 CD 1008 सड़क किनारे खड़ी हाइवा CG 13 BD 7222 से जा टकराई, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को बाहर निकाला और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
हादसा इतना भयावह था कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। पुलिस के अनुसार, नरहरपुर (कांकेर) में एसबीआई बैंक के मैनेजर चंदन अभिषेक अपनी पत्नी खुशबू कुमारी, 6 साल के बेटे ध्रुव अभिषेक, माता-पिता अवध किशोर पांडेय (69 वर्ष) और चित्रलेखा पांडेय (65 वर्ष) के साथ चालक ईश्वर ध्रुव (34 वर्ष) के साथ झारखंड के बोकारो से रायपुर जा रहे थे। तभी कोडार डैम के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी हाइवा से टकरा गई।
इस हादसे में चंदन के माता-पिता अवध किशोर पांडेय और चित्रलेखा पांडेय के साथ-साथ चालक ईश्वर ध्रुव की मौके पर ही मौत हो गई। चंदन अभिषेक, उनकी पत्नी खुशबू कुमारी और बेटा ध्रुव अभिषेक गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हाइवा बिना किसी चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर के सड़क किनारे खड़ी थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हाइवा की यह लापरवाही हादसे का प्रमुख कारण मानी जा रही है। तुमगांव पुलिस ने हाइवा चालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 285 (लापरवाही), 125(a) (जान जोखिम में डालना), 106(1) (उपेक्षा से मृत्यु) और मोटर वाहन अधिनियम 1988 (संशोधन 2015, 2019) की धारा 122 व 119 के तहत मामला दर्ज किया है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
भिलाई में बांग्लादेशी घुसपैठिये, सनाया नूर हो गई सपना और खुशबू बन गई रानी
Raipur News: छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी (रोहिंग्यो) घुसपैठियों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों नाम बदलकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर में रह रही थी। एक नाम बदलकर सनाया नूर से सपना हो गई तो दूसरा खुशबू से रानी बन गई। दुर्ग STF ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस फर्जी रूप से इनका दस्तावेज बनाने वालों की तलाश कर रही है। इससे एक सप्ताह पहले भी दो बंग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार हो चुके हैं। दुर्ग में अब तक चार की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र के जयंती नगर स्थित मकान में अपनी पहचान छुपाकर निवास करने वाली बांग्लादेशी महिला सपना शर्मा और रानी पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं अब तक अलग-अलग कई स्पा सेंटर और कॉल सेंटरों में काम कर चुकी है। इन महिलाओं के पास फर्जी एवं कूटरीचित दस्तावेज के आधार पर आधार कार्ड, पेन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र और बैंक पासबुक पुलिस ने जब्त किया है। STF टीम ने जब दोनों महिलाओं से पूछताछ की तब उन्होंने अपना नाम सपना शर्मा उर्फ सपना मंडल और खुशबू उर्फ रानी पासवान बताया।
बाग्लादेश के कई नंबरों से लगातार सम्पर्क में थी
पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाओं के कब्जे से प्राप्त दस्तावेज और मोबाइल चेक करने पर पुलिस ने पाया कि सपना शर्मा उर्फ सपना मंडल का वास्तविक नाम सनाया नूर है जो मूलतः जोरहाट जिला दीनाजपुर बाग्लादेश की रहने वाली है। वह लगभभ 15 वर्ष पूर्व भारत बाग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार कर बिना वैध दस्तावेज के 8 वर्षों से रायपुर के चंगोराभाठा में निवास कर चुकी है। सनाया नूर ने बाग्लादेशी नागरिक के मूल पहचान को छिपाते हुए स्वयं को भारतीय नागारिक सिद्ध करने के लिए वर्ष 2019 में फर्जी दस्तावेज तैयार कर अभय शर्मा नाम के व्यक्ति को अपना पति बताकर फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड और मतदाता परिचय पत्र तैयार कर लिया था। जांच में पाया गया कि सनाया नूर इंटरनेट के माध्यम से बाग्लादेश के कई नंबरों से लगातार सम्पर्क में थी।
15 साल पहले भारत आई खुशबू बेगम
बाग्लादेशी महिला रानी पासवान उर्फ खुशबू ने पूछताछ पर उन्होंने अपना नाम खुशबू बेगम पिता जेर मोहम्मद निवासी जोबरहाट जिला दीनाजपुर बाग्लादेश का मूल निवासी होना बताया। यह भी लगभग 15 साल पहले अवैध रूप से बिना वैध दस्तावेज के बाग्लादेश से भारतीय सीमा में प्रवेश किया है और छत्तीसगढ़ पहुंच गई। खूशबू बेगम भी फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड बनवाया है। दोनों बाग्लादेशी महिलाओं के विरूद्ध बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में निवासरत होकर बाग्लादेशी नागरिक की मूल पहचान छिपाने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका दुरूपयोग करने पर धारा 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) बीएनएस, 14 विदेशी विषयक एक्ट 1946, 12 पासपोर्ट एक्ट, 1967 एवं 3 पासपोर्ट एक्ट के तहत मोहन नगर थाने में मामला दर्ज कर दोनों को जेल भेजा गया है।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की तलाश
STF अब फर्जी दस्तावेजों से आधार कार्ड, वोटर ID बनाने वालों की तलाश कर रही है। वहीं सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि बांग्लादेश के निवासी छत्तीसगढ़ तक कैसे आए। राज्यों की पुलिस और इंटेलिजेंस को कोई सूचना भी नहीं मिली। छत्तीसगढ़ आकर दोनों ने कितनी आसानी से देश की नागरिकता से संबंधित दस्तावेज तैयार करवा लिए। आधार कार्ड, वोटर आईडी, पेन कार्ड भी बनावा लिए। बैंकों में खाते भी खुल गए और किसी को पता तक नहीं चला। दोनों बाग्लादेशी नागरिकों द्वारा तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज बनाने में सहयोग करने वाले व्यक्तियों की तलाश अब पुलिस कर रही है।
कोरबा से कवर्धा जा रही यात्रियों से भरी तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलटी, 12 से अधिक यात्री घायल
Raipur News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिला में बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां के किशुनगढ़ के पास कोरबा से कवर्धा आ रही यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गई। इस दुर्घटना में करीब बस में सवार करीब 12 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद तत्काल स्थानीय लोगों द्वारा राहत बचाव कार्य करते हुए बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक कोरबा से कवर्धा के बीच चलने वाली यात्री बस रोज की तरह आज कोरबा से रवाना हुई थी। बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि बस पंडरिया थाना क्षेत्र के ग्राम किशुनगढ़ के पास पहुंची थी। इसी दौरान किशुनगढ़ के पास तेज रफ्तार बस एकाएक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गयी। इस हादसे के बाद बस के अंदर यात्रियों के बीच चीख पुकार मच गई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायलों को पंडरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां प्रारंभिक इलाज के बाद 6 गंभीर रूप से घायल यात्रियों को कवर्धा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने इस दुर्घटना में प्राथमिकी दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और बस चालक से पूछताछ की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में बस्तर के नवाचारों की खुलकर सराहना
Raipur News: राजधानी दिल्ली स्थित अशोक होटल में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन मॉडल, नवाचारों और जनभागीदारी आधारित योजनाओं ने विशेष पहचान बनाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रस्तुत बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों का ध्यान आकर्षित किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने अपने प्रस्तुतीकरण की शुरुआत राज्य में सुशासन की संस्थागत पहल से की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। ‘अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से योजनाओं की निगरानी की जा रही है, जिससे शिकायतों का समाधान निर्धारित समय में संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर ईमानदारी व संवेदनशीलता से लागू करना है।
बैठक में केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को छत्तीसगढ़ में ग्रामसभा, जनसंवाद और तकनीक के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया गया है।
बैठक का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम पर विशेष प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलोगे इंडिया, जीतोगे इंडिया’ मंत्र को उद्धृत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने इसे धरातल पर साकार किया है। बस्तर ओलंपिक अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति बन चुका है, जिसने युवाओं के हाथों से बंदूकें छीनकर गेंद, भाला और तीर थमा दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों से 1.65 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीन चरणों- विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित यह प्रतियोगिता 11 पारंपरिक खेलों जैसे तीरंदाजी, खो-खो, कबड्डी, दौड़, रस्साकसी आदि पर केंद्रित थी। चार श्रेणियों-जूनियर, सीनियर, महिला और दिव्यांग-में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
मुख्यमंत्री साय ने दोरनापाल के पुनेन सन्ना का उदाहरण साझा किया, जो कभी नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र से थे, पर आज व्हीलचेयर दौड़ में पदक जीतकर पूरे समाज के लिए प्रेरणास्तंभ बन गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा का उत्सव है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम उत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने न केवल आदिवासी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं को संरक्षित किया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय मंच भी प्रदान किया। इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों की 1,885 ग्राम पंचायतों के 1,743 सांस्कृतिक दलों और 47,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। लोकनृत्य, गीत-संगीत, हाट-बाजार, पकवान प्रतियोगिताएं जैसे विविध रंगों से सजा यह उत्सव बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक को जोड़ते हुए बस्तर की एकता, पहचान और विकास का प्रतीक बन गया। सरकार द्वारा 2.4 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस आयोजन ने उत्सव और खेल के माध्यम से सकारात्मक भविष्य की नई चेतना जगाई है।
छत्तीसगढ़ में मेदांता अस्पताल और वरुण बेवरेजेस संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव
Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की दिशा में अहम कदम बढ़ते हुए आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से दो प्रमुख उद्योग समूहों ने मुलाकात की।
छत्तीसगढ़ में 13 जून को देगा मानसून दस्तक, प्री-मानसून वर्षा हुई शुरू
Raipur News: भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने इस बार समय से पहले ही एंट्री ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ने 24 मई 2025 को केरल के तट पर दस्तक दे दी, जो सामान्य तारीख 1 जून से 8 दिन पहले है। यह 2009 के बाद सबसे जल्दी मॉनसून की शुरुआत है, जब यह 23 मई को केरल पहुंचा था। वहीं छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास दस्तक देगा। पिछले 10 वर्ष में देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि केरल में मानसून स्थापित हो गया है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. एचपी चन्द्रा के अनुसार केरल में मानसून पहुंचने के बाद यह तमिलनाडू रायल सीमा, से बस्तर होकर रायपुर आएगा। इस समय खाड़ी में एक सिस्टम बना हुआ तथा नमी भी पर्याप्त मात्रा में आ रही है, जिसके कारण अब मानसून 13 जून के आसपास राजधानी रायपुर तथा 16 जून को सरगुजा दक्षिण छत्तीसगढ़ में पहुंच जाएगा।
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार राजधानी सहित प्रदेश में जो वर्षा हो रही वह प्री-मानसून वर्षा है, यह मानसून की आने की सूचना है, छत्तीसगढ़ में पहले मानसून बस्तर आता है, जहां पर अभी से हल्की से मध्यम वर्षा शुरू हो गई है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर के कई जिलों में यह वर्षा हो रही है। कृषि विभाग ने मानसून के जल्दी आने पर कई दिशा निर्देश जारी किए। जिससे किसानों को खाद, बीज संग्रहण करने का आदेश दिया गया है।