रायपुर
मुख्यमंत्री साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें।
जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा—
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत
बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज
एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत
दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता
साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वासः
समावेशी विकास की ओर मजबूत कदमः यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
“विश्व पृथ्वी दिवस पर विज्ञान, कौशल और उद्यमिता का प्रेरक संगम”
रायपुर। रायपुर विश्व पृथ्वी दिवस (World Earth Day) के अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के भूविज्ञान एवं जल संसाधन प्रबंधन अध्ययनशाला में 22 अप्रैल को उत्साह, ज्ञानवर्धन और रचनात्मक ऊर्जा के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभागीय शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य संस्थानों के विद्यार्थी, शोधार्थी एवं आम नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और प्रदर्शनी का लाभ उठाया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों की व्यावसायिक दक्षता पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने तथा विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास, आंतरिक संरचना तथा मानव समाज के लिए उपयोगी संसाधनों का सजीव एवं वैज्ञानिक प्रस्तुतीकरण किया। इसमें औद्योगिक खनिज, रत्न खनिज, जल संपदा, भूजल संरक्षण, पर्यावरण भूविज्ञान तथा खनिज एवं भूजल सर्वेक्षण में GIS के उपयोग को सरल रूप में समझाया गया। साथ ही भूभौतिकी तकनीकों, शोध उपकरणों, आधुनिक स्वचालित यंत्रों एवं उपग्रह आधारित भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विधियों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया।
भूविज्ञान म्यूजियम में भारत के विभिन्न चट्टानों, खनिजों एवं महत्वपूर्ण जीवाश्मों के समृद्ध नमूनों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। रॉक वर्कशॉप के माध्यम से चट्टानों की पहचान एवं अध्ययन की व्यावहारिक प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई, जिससे आगंतुकों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।
विशेष आकर्षण के रूप में विभाग के B.Voc. Gem & Jewellery Industry Professional कार्यक्रम के विद्यार्थियों ने अपनी व्यावसायिक दक्षता का जीवंत प्रदर्शन किया। इस दौरान रत्न तराश (Gem Cutting) की लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन, आधुनिक उपकरणों द्वारा रत्नों की पहचान, आभूषण निर्माण कला (Jewellery Making) की प्रक्रिया का प्रदर्शन तथा बहुमूल्य एवं अर्द्ध-कीमती रत्नों के नमूनों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही विभिन्न पारंपरिक आभूषण निर्माण कलाओं-जैसे कुंदन, पोलकी, मीनाकारी, थीवा, टेंपल ज्वेलरी एवं पारंपरिक छत्तीसगढ़ी आभूषण-का परिचय एवं उनकी निर्माण तकनीकी विशेषताओं को बताते हुए रत्न-आभूषण उद्योग में रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसरों की जानकारी भी प्रदान की गई।
यह आयोजन पृथ्वी एवं उसके संसाधनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने वाली एक प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभागाध्यक्ष डॉ. के. आर. हरी, डॉ. निनाद बोधंकर, डॉ. विकास स्वर्णकार, डॉ. कोरसा मुन्ना, श्री अंशुमन बेहेरा एवं B.Voc. कार्यक्रम के प्रभारी फैकल्टी श्री एस. एस. पंडित सहित विभाग के समस्त कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं का अभूतपूर्व योगदान रहा।
साकेत भवन में कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय ने लगाया विशेष स्वास्थ्य जागरूकता व जांच शिविर
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के निर्देशानुसार प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य की जांच व स्वास्थ्य जागरूकता हेतु आयोजित किये जा रहे शिविरों की कड़ी में कल बुधवार को कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय कोरबा द्वारा निगम कार्यालय साकेत में विशेष स्वास्थ्य जागरूकता व जांच शिविर लगाया गया। महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने शिविर का समापन किया तथा मुख्यमंत्री सायं व श्रम मंत्री देवांगन के प्रति आभार व्यक्त करते हुये कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय के कार्यो की सराहना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के दिशा निर्देशों के अनुरूप कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के द्वारा सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य जांच व स्वास्थ्य जागरूकता के संबंध में स्वास्थ्य व जांच शिविर लगाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में बुधवार को प्रातः 11 बजे से शाम 05 बजे तक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता व जांच शिविर का आयोजन किया गया, कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय के द्वारा आयोजित उक्त महत्वपूर्ण शिविर में निगम के 500 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर, जोड़ो का दर्द, सरदर्द, अनिद्रा, हाईपरटेंशन, फीवर, एलर्जी, लीवर, किडनी व हृदय से जुड़ी समस्याओं सहित विविध रोगों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई, शिविर में विभिन्न बीमारियों की दवाओं का पर्याप्त स्टाक रखा गया था, अधिकारी कर्मचारियों को चिकित्सकों ने आवश्यकतानुसार दवाईयॉं भी प्रदान की तथा विभिन्न चिकित्सकीय परामर्श व सुझाव दिया। महापौर संजूदेवी राजपूत ने उक्त विशेष स्वास्थ्य जागरूकता व जांच शिविर का समापन किया तथा कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय कोरबा के चिकित्सकों व अन्य अधिकारी कर्मचारियों के कार्यो की सराहना करते हुये प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय बहादुर सिंह, डॉ.नीरज तिवारी, डॉ.ओमदत्त तिवारी, स्टाफ नर्स मेरी संगीता, अरूणा राय सोने, फार्मासिष्ट उमेश कुमार मनहर, अंजू पटेल व अनिल धु्रव, सहायक ग्रेड-3 ईश्वर प्रसाद सोनी, वार्ड ब्वाय खगेश्वर बेंद्रे, डिगेश कुमार एवं शुभम कर्ष ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
शिविर के समापन के दौरान निगम की मेयर इन काउंसिल के सदस्य अजय कुमार चन्द्रा, ममता यादव, फिरत राम साहू, योगेश मिश्रा, पूर्व पार्षद दीपक यादव, रामशंकर साहू, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, लेखाधिकारी भवकांत नायक, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, अरूण मिश्रा, आनंद दुबे आदि के साथ निगम के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं और अपनी बेटियों को सर्वाईकल कैंसर के खतरे से बचाएं
रायपुर : बेटियों की मुस्कान में ही भविष्य की सबसे उजली तस्वीर बसती है-और इसी मुस्कान को सुरक्षित रखने के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ ने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल केवल एक शासकीय योजना नहीं, बल्कि हर उस माँ-बाप के विश्वास की रक्षा है, जो अपनी बेटी के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित कल का सपना देखते हैं।
भारत सरकार के नेतृत्व में चल रहे अभियान से जुड़ते हुए छत्तीसगढ़ अब उन सभी राज्यों के साथ कदम से कदम मिला रहा है, जिन्होंने गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर को जड़ से समाप्त करने का बीड़ा उठाया है। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर महिलाओ में होने वाले कैंसरों में दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। यह मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के प्रारंभिक चरण में सामान्यतः कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता जिस कारण अक्सर यह गंभीर अवस्था में पहुँच जाता है।
HPV टीकाकरण इस गंभीर कैंसर के खिलाफ एक सशक्त और भरोसेमंद सुरक्षा कवच के रूप में स्थापित हो चुकी है- वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, पूर्णतः सुरक्षित, अत्यंत प्रभावी है और इसकी सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव दर्ज नहीं हुआ है-जो इसकी विश्वसनीयता को और भी पुख्ता बनाता है। यह टीका केवल आज की सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में कैंसर के खतरे को जड़ से कम करने की ठोस और दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करता है।
निजी अस्पतालों में एचपीवी टीके की एक खुराक की कीमत लगभग ₹4,000 तक होती है, जो अनेक परिवारों के लिए वहन करना आसान नहीं है। ऐसे में आर्थिक बाधाएँ अक्सर बेटियों की इस जरूरी सुरक्षा में रुकावट बन जाती हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट और संवेदनशील रुख अपनाया है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि कोई भी बेटी केवल आर्थिक कारणों से इस जीवनरक्षक टीके से वंचित न रहे, और इसी उद्देश्य से पात्र किशोरियों को यह टीका पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह टीकाकरण राज्य के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध है तथा शीघ्र ही यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी उपलब्ध होगा। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और यू विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर लाभार्थी तक इस सेवा की पारदर्शी और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग सभी अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करता है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यह केवल एक टीकाकरण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है-अपनी बेटियों को एक ऐसे खतरे से बचाने की, जिसे रोका जा सकता है।
ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश
रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करें। उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। यह अभियान पूरे देश के लिए ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान, बिना अनुमति स्थानांतरण न करने और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर
रायपुर : मुंगेली जिले के जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम खपरीकला की निवासी सम्पत्ति प्रजापति ने सीमित संसाधनों के बावजूद स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सम्पत्ति दीदी आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचानी जा रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आय का मुख्य साधन एक छोटा सा होटल व्यवसाय था, जिससे मुश्किल से घर का खर्च चल पाता था। परिवार की आवश्यकताएं पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत “जय शनिदेव महिला स्व-सहायता समूह” से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
समूह के माध्यम से उन्हें रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड एवं बैंक लिंकेज के तहत ऋण सुविधाएं प्राप्त हुईं। इन संसाधनों का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने होटल व्यवसाय का विस्तार किया और साथ ही सुहाग भंडार एवं किओस्क बैंकिंग का कार्य भी शुरू किया। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि उनकी मासिक आय, जो पहले मात्र 10 हजार रुपये थी, बढ़कर अब लगभग 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि वार्षिक आय करीब 03 लाख रुपये हो गई है। इसके साथ ही कृषि कार्य से भी उन्हें सालाना लगभग 01 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
आर्थिक सशक्तिकरण के इस सफर ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है और वे आज आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। सम्पत्ति दीदी अब अपने व्यवसाय को और विस्तार देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, योजनाओं का लाभ और दृढ़ संकल्प से कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है।
मनुष्य खुशी को बाहरी वस्तुओं में ढूंढ रहे हैं- ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी
उसी प्रकार आत्मा के गुणों का अनुभव करके उसकी उपस्थिति का अहसास होता है। आत्मा का स्वरूप अतिसूक्ष्म ज्योतिबिन्दु के समान है। उसे न तो नष्टï कर सकते हैं और न ही उत्पन्न कर सकते हैं। वह अविनाशी है। आत्मा के शरीर से निकल जाने पर न तो शरीर कोई इच्छा करता हैं और न ही किसी तरह का कोई प्रयास करता है। मृत शरीर के पास ऑंख, मुख, नाक आदि सब कुछ होता है लेकिन वह न तो देख सकता है, न ही बोल अथवा सुन सकता है।
रायपुर निगम का अभियान तेज: आवारा मवेशियों की धरपकड़, कुत्तों की नसबंदी-टीकाकरण जारी
संबंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी निर्धारित कर दैनिक मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष अभियान चलाया जाकर स्थिति में सुधार किया जा रहा है। उक्त कार्यवाही के फलस्वरूप सड़कों पर आवारा मवेशियों की संख्या में कमी लाई जा रही है तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सतत प्रयास जारी है
यातायात व्यवस्था को सुधारने और विकास कार्यों को गति देने सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ली उच्च स्तरीय बैठक
अग्रवाल ने कहा कि, "रायपुर की जनता को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना और शहर का आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि बजट 2025-26 के सभी स्वीकृत कार्य और वर्तमान में जारी प्रोजेक्ट्स तय समय पर पूरे हों, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके।" बैठक में NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह, नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप, डीसीपी यातायात विवेक शुक्ला, सीएसपीडीसीएल, एसई एम विश्वकर्मा, सीई पीडब्ल्यूडी पी एम कश्यप, राजीव नशीने, विशाल त्रिवेदी, शंभू गुप्ता उपस्थित रहे।
हरा सोना संग्राहकों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
रायपुर : छत्तीसगढ़ और अन्य वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता को हरा सोना कहा जाता है, जो आदिवासियों और वनवासियों की आजीविका का मुख्य साधन है। हाल के नीतिगत बदलावों और सरकारी पहलों के कारण इन संग्राहकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 से प्रति मानक बोरा की दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दी गई है, जिसका सीधा लाभ लाखों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। वर्ष 2026 में राज्य के 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक समितियों में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य प्रस्तावित है। इस वर्ष लगभग 15 लाख से अधिक मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का अनुमान है। एक मानक बोरे में 1000 गड्डियां होती हैं और प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते शामिल रहते हैं।
बस्तर संभाग के 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में करीब 4 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अन्य 21 यूनियनों की 868 समितियों में लगभग 11 लाख मानक बोरा संग्रहण होने की संभावना है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। बस्तर संभाग में वर्ष 2025 के 3.90 लाख परिवारों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है। इस साल अब तक 14 हाजर 57 नए परिवार इस कार्य से जुड़े हैं।
रायपुर शहर में भी गैस पाइप लाइन बिछाने की तैयारी
उन्होंने ये भी कहा कि पेयजल पाइप लाइन किसी भी हालत में क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए, साथ ही शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को तत्काल मरम्मत किया जाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के कार्य दौरान शहर गर्मी के मौसम में नागरिकों असुविधा न हो यह ध्यान रखें.
रायपुर में बड़ा हादसा, अल्ट्राटेक-सीमेंट कंपनी की ट्रक ने बाइक सवार 2 युवकों को रौंदा, दोनों की दर्दनाक मौत,
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में ट्रैफिक नियमों को और सख्ती से लागू किया जाए, नियमित जांच और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार चालक की तलाश जारी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी किसी की जिंदगी छीन सकती है।
राजधानी में 19 प्रवेश मार्गों में भारी वाहनों की एंट्री पर लगा प्रतिबंध
प्रतिबंधित प्रवेश मार्गों में तेलीबांधा थाना के सामने चौक, कैनाल रोड प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, महावीर नगर चौक रिंग रोड 01, राजेंद्र नगर चौक रिंग रोड 01, पचपेड़ी नाका चौक रिंग रोड 01, संतोषीनगर चौक रिंग रोड 01, भाठागांव चौक रिंग रोड 01, कुशालपुर चौक रिंग रोड 01, रायपुरा चौक रिंग रोड 01, कचना रेलवे क्रॉसिंग, डीडी नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, अरिहंत नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, टाटीबंध चौक, हीरापुर टर्निंग रिंग रोड, गोगांव तिराहा रिंग रोड नं. 02, गोंदवारा तिराहा रिंग रोड नं. 02, पाटीदार भवन के सामने तक भनपुरी, विधानसभा रोड स्थित व्हीआईपी तिराहा एवं एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे रिंग रोड मार्ग शामिल हैं।
रायपुर में अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत SBI मुख्यालय में मॉकड्रिल
भनपुरी में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत पूरी, वार्ड 4 और 5 में पानी सप्लाई बहाल
बैडमिंटन एकल में रामेश्वर और युगल में सत्येंद्र व टीकम की जोड़ी चैंपियन
रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित इंडोर गेम्स का गरिमामय समापन
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन प्रतियोगिता का समापन सोमवार को यूनियन क्लब में रोमांचक फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ। एकल वर्ग में रामेश्वर मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, जबकि युगल वर्ग में सत्येंद्र कर व टीकम वर्मा की जोड़ी ने बेहतरीन तालमेल के दम पर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
एकल वर्ग के फाइनल में रामेश्वर मिश्रा का सामना चंदन साहू से हुआ। मुकाबले की शुरुआत से ही रामेश्वर ने आक्रामक तेवर दिखाए और तेज स्मैश व सटीक ड्रॉप शॉट्स के जरिए लगातार अंक बटोरते रहे। उन्होंने पूरे मैच में विपक्षी खिलाड़ी को संभलने का मौका नहीं दिया और 30-11 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। चंदन साहू ने वापसी की कोशिश की, लेकिन रामेश्वर की सटीक रणनीति और कोर्ट कवरेज के सामने वे ज्यादा देर टिक नहीं सके। इस प्रभावशाली जीत के साथ रामेश्वर मिश्रा ने एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। रामेश्वर का पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक उन्होंने निरंतरता और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
वहीं युगल वर्ग का फाइनल मुकाबला भी बेहद रोमांचक रहा। सत्येंद्र कर व टीकम वर्मा की जोड़ी ने चंदन साहू व सुशील अग्रवाल की जोड़ी को 30-20 से हराकर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच अच्छी टक्कर देखने को मिली, लेकिन सत्येंद्र और टीकम का तालमेल और समझ बेहतर साबित हुई। दोनों खिलाड़ियों ने कोर्ट पर बेहतरीन समन्वय दिखाया और आक्रामक खेल के साथ-साथ मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया। चंदन साहू व सुशील अग्रवाल ने भी अच्छा खेल दिखाया, पर निर्णायक क्षणों में कुछ त्रुटियों के कारण वे बढ़त कायम नहीं रख सके। सत्येंद्र और टीकम ने मौके का फायदा उठाते हुए बढ़त को अंत तक बरकरार रखा और खिताब पर कब्जा कर लिया।
फाइनल मैच के दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता-उपविजेता खिलाड़ियों को बधाई व शुभकामनाएं दी। इस दौरान खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा, कमलेश गोगिया, राजेंद्र निगम, सुखनंदन बंजारे समेत प्रेस क्लब के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर डिप्टी सीएम सख्त
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें।
उप मुख्यमंत्री साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।