रायपुर
विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन 5 जून को
रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर शुक्रवार, 5 जून को पर्यावरण ऊर्जा टाइम्स की ओर से आनलाइन वेबीनार और विद्यार्थियों व युवाओं के लिए निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। निबंध लेखन का विषय स्वच्छ ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के धारणीय मार्ग में मेरी भूमिका है। प्रतियोगिता हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से ली जाएगी।
पर्यावरण ऊर्जा टाइम्स की ललित कुमार सिंघानिया ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर्यावरण ऊर्जा टाइम्स की ओर से वेबीनार और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। आयोजन का मुख्य लक्ष्य समस्त भारतीयों के बीच जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए सक्रियता पैदा करना है। स्वच्छ ऊर्जा आत्मनिभर भारत के धारणीय मार्ग में मेरी भूमिका विषय पर आयोजन निबंध प्रतियोगिता संस्थानों और उद्योगों द्वारा भी ली जा सकती है। आप अपने कर्मचारियों के बीच निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर श्रेष्ठ 3 निबंध भेज सकते है।
ललित सिंघानिया ने आगे बताया कि प्रतियोगिता के लिए कुछ नियम तय किए गए है। निबंध अधिकतम 500 शब्दों में लिखना है। भाषा हिंदी और अंग्रेजी दोनों हो सकती है। निबंध का मौलिक और स्वलिखित होना अनिवार्य है। स्पर्धा में विद्यार्थी और युवा भाग ले सकते है। निबंध भेजने की अंतिम तिथि 2 जून निर्धारित की गई है। स्पर्धा में प्रथम पुरस्कार 5100, द्वितीय 3100, तृतीय 2100 और पांच प्रोत्साहन पुरस्कार 1100 रुपयए और प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, ड्रम-जेरीकेन में बिक्री पर रोक
नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजनाः ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर ऑनलाइन बिक्री शुरू
वर्तमान में मण्डल के पास ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के लगभग 500 भवन विक्रय हेतु उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार के पक्षपात या अनियमितता की संभावना को शून्य करने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा पूर्ण निष्पक्षता अपनाई जा रही है। इन भवनों की बिक्री ऑनलाइन माध्यम से पहले आओ, प्रथम पाओ के सिद्धांत पर एक निश्चित व स्थिर मूल्य पर की जा रही है।
जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत राज्य स्तरीय ऑनलाइन संगोष्ठी संपन्न
रेत के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग लगातार कर रहा है कार्रवाई
रायपुर। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप खनिज साधन विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का मैदानी अमला सक्रियता के साथ निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है।
इसी क्रम में सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 22 मई 2026 को प्रातः महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में 2 चैन माउंटेन मशीनें अवैध रेत उत्खनन में संलग्न पाई गईं। वहीं 3 हाईवा एवं 4 ट्रैक्टर रेत परिवहन करते हुए पाए गए।
जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन, चैन माउंटेन मशीनों से खनन तथा हाईवा एवं ट्रैक्टरों से परिवहन के संबंध में कोई वैध अनुमति, आदेश, अभिवाहन पास अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
इस दौरान मौके पर ही अवैध रेत खनन कार्य बंद कराया गया तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जप्त कर सील किया गया। आगामी आदेश तक मशीनों को खदान मुंशी के सुपुर्द किया गया है। साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील कराया गया।
इसके अतिरिक्त 3 हाईवा एवं 4 ट्रैक्टरों को जप्त कर समीपस्थ पुलिस थाना साकरा की अभिरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी प्रतिमा का 6 को अनावरण करेंगे राज्यपाल डेका
- हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ के बेजोड़ मंचन के अलावा विविध प्रस्तुतियों से भव्य होगा छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक दिवस समारोह
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में छह जून को एक भव्य समारोह में छत्रपति शिवाजी महाराज की सिंहासन पर बैठी खूबसूरत प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। इस मौके पर संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर करीब 75 मिनट के हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ का मंचन किया जाएगा। इसके अलावा शिवाजी महाराज से संबंधित विविध प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रथम नागरिक राज्यपाल डेका का मागदर्शन भी मिलेगा।
मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि शुक्रवार को अपरान्ह लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर उन्हें छह जून को शाम 6:30 बजे आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधि मंडल के इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए छह जून को कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दे दी। उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रति वर्षानुसार होने वाला यह कार्यक्रम इस बार शिवाजी महाराज की सिंहासन पर बैठी प्रतिमा के अनावरण के कारण विशेष हो गया है। बताते चलें कि चौबे कॉलोनी स्थित मंडल भवन के लॉन एरिया में शिवाजी महाराज की प्रतिमा प्रतिष्ठित की जाएगी।
उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार इस मौके पर अभिषेक बक्षी निर्देशित हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ का मंचन भी प्रस्तावित है। 25 से अधिक कलाकारों वाले इस नाटक के मंचन के अलावा श्रावणी मुकादम शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व व जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। इधर शिवाजी महाराज की मां जिजाऊ बाई के आत्मचिंतन पर वरिष्ठ रंगसाधक अपर्णा कालेले का अभिनय देखने को मिलेगा। समारोह के अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय काले महाराष्ट्र मंडल के जारी प्रकल्पों की जानकारी देते हुए भावी योजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने के लिए अभी से विविध समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। लोक भवन में राज्यपाल से मिलने वालों में रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, अध्यक्ष काले व उपाध्यक्ष गीता दलाल सहित सचिव चेतन गोविंद दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी शामिल रहे।
सुशासन तिहार में प्रोटोकॉल उल्लंघन पड़ा भारी, मंच संचालन में गड़बड़ी पर पंचायत सचिव निलंबित
रायपुर। गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करना एक पंचायत सचिव को महंगा पड़ गया। ग्राम पंचायत कोसमखूंटा के पंचायत सचिव कोमल राम साहू को जिला पंचायत प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रखर चंद्राकर ने इस संबंध में निलंबन आदेश जारी किया है। मामला उस समय चर्चा में आया था, जब कार्यक्रम में मौजूद प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल मंच संचालन के दौरान हुई लापरवाही से नाराज हो गए थे।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पोखरा में सुशासन तिहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में जिले के कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम में पंचायत सचिव कोमल राम साहू मंच संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसी दौरान प्रोटोकॉल के पालन में कथित रूप से गंभीर लापरवाही सामने आई।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के संबोधन एवं मंचीय व्यवस्था के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। इसे लेकर कार्यक्रम में मौजूद प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल नाराज हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंत्री ने मंच से ही नाराजगी जाहिर की और पंचायत सचिव को मंच संचालन से हटाने के निर्देश दिए।
घटना का वीडियो और खबर सामने आने के बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया गया। बाद में जिला पंचायत प्रशासन ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच के बाद यह पाया गया कि कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल संबंधी निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया गया, जिससे शासन और प्रशासन की गरिमा प्रभावित हुई।
इसी आधार पर जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने पंचायत सचिव कोमल राम साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कार्यालय निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि शासकीय कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों को शासकीय कार्यक्रमों के दौरान नियमों और प्रोटोकॉल के पालन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा सुशासन तिहार कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं के समाधान और योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों में मंत्री, विधायक, अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रहती है, जिसके चलते मंच संचालन और प्रोटोकॉल व्यवस्था को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभों की जानकारी ली। शिविर में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत अनेक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत प्रदान की गई। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से उन्हें आर्थिक राहत मिली है और लंबित बिजली बिल की चिंता काफी हद तक कम हुई है।
बलौदाबाजार जिले के ग्राम बिटकुली निवासी आशाराम को 11 हजार 625 रुपये, श्री बाबूलाल को 14 हजार 922 रुपये, जगदीश को 9 हजार 832 रुपये, बुधयारिन को 8 हजार 467 रुपये तथा श्री चोवाराम को 13 हजार 325 रुपये की छूट प्राप्त हुई। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि पहले बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है।
सुशासन तिहार.... मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अपने हाथों से पहनाया नजर का चश्मा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
पुलिस ने चालानी कार्रवाई का रिकॉर्ड तोड़ा, हाईवे और शहर के चौक-चौराहों में चला रही विशेष चेकिंग अभियान
नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'सुशासन' और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ अंचलों में दिखने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है। नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की 'चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर' (अक्टूबर- दिसंबर 2025) की रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा, "उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।"
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उसूर ब्लॉक की यह राष्ट्रीय सफलता बेहद गौरवशाली है। उन्होंने कहा, "यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंच रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन ने जो समर्पण दिखाया है, वह सराहनीय है। हमारा संकल्प बस्तर के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।"
मंत्री कश्यप कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर ब्लॉक आज देश के लिए विकास का मॉडल बन गया है। इस सफलता का श्रेय जमीनी डॉक्टरों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों की दिन-रात की मेहनत को जाता है।
नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:
1. संचारी रोगों पर नियंत्रण: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सुदूर गांवों तक प्रभावी अभियान चलाया गया।
2. सुरक्षित मातृत्व: संस्थागत प्रसव की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई।
3. सशक्त टीकाकरण कवच: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी टीकाकरण को जमीनी स्तर पर सफल बनाया गया।
4. गंभीर बीमारियों की जांच: बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई गई।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक
कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया गया कि बालिकाओं की वैधानिक विवाह आयु 18 वर्ष तथा बालकों की 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह किया जाना कानूनन मान्य है। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी देते हुए किसी भी आपात स्थिति या बाल संरक्षण से जुड़ी समस्या की सूचना तत्काल देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समाज से बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल अधिकारों, महिला सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कचना ओवरब्रिज आज से होगा शुरू
महुआ पेड़ के नीचे लगी मुख्यमंत्री की चौपाल, खुद अपने हाथों से पहनाई चरण पादुका, तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री मुरली मनोहर सोनी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।
“पेयजल समस्या दूर नहीं हुई, तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार” मुख्यमंत्री ने दिखाये सख्त तेवर, कोरिया में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेयजल समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित कलेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन पानी टंकियों का कार्य समय सीमा में पूरा कराया जाए। जहां टंकियों का निर्माण कार्य जारी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों तक नियमित पानी पहुंचाने के उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
’लक्ष्मी राजवाड़े की तत्पर पहल से सिलफिली मंडी को मिली बड़ी राहत’
रायपुर : आमजन की सुविधाओं और स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनके निर्देश पर सिलफिली सब्जी मंडी में वर्षों से लंबित ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग की समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों और नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
गौरतलब है कि 10 मई को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सिलफिली सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने उन्हें ट्रांसफार्मर की अनुचित स्थिति, आवागमन में हो रही परेशानी तथा सार्वजनिक शौचालय के संचालन संबंधी समस्याओं से अवगत कराया था। मंत्री ने मौके पर ही समस्या का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सिलफिली सब्जी मंडी परिसर में ट्रांसफार्मर लंबे समय से ऐसे स्थान पर स्थापित था, जहां व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी के साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम का सामना करना पड़ता था। मंत्री राजवाड़े के निर्देश के बाद बिजली विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रांसफार्मर को सुरक्षित और उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया। इससे मंडी परिसर में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित हो गया है तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिली है।
इसी क्रम में मंत्री राजवाड़े की पहल पर मंडी क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक शौचालय को भी व्यवस्थित रूप से संचालित कराया गया। इससे व्यापारियों, महिलाओं एवं आम नागरिकों को स्वच्छ और सुविधाजनक मूलभूत सुविधा उपलब्ध हो सकी है।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की कार्यशैली से क्षेत्रवासियों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
रानीसागर बोटिंग परियोजना की सामग्री छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की सुरक्षा और संरक्षण में
रायपुर : राजनांदगांव जिले में पर्यटन संवर्धन हेतु वर्ष 2012-13 में मोहारा (शिवनाथ नदी) के लिए नौकाविहार योजना स्वीकृत की गई थी, जिसे बाद में तकनीकी कारणों से रानीसागर तालाब में स्थानांतरित किया गया। इस परियोजना के लिए लगभग 72.34 लाख रुपए की लागत से फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, मोटर बोट और अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की गई थी।
रानीसागर बोटिंग परियोजना का लोकार्पण वर्ष 2015 में किया गया था और निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एक निजी एजेंसी द्वारा जनवरी 2015 से अगले तीन वर्षों तक इसका सफल संचालन भी किया गया। इस अवधि का पूरा प्रशासनिक और आय संबंधी रिकॉर्ड विभाग के पास सुरक्षित है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2017 के बाद आर्थिक व्यवहार्यता की कमी और आमजन की रुचि घटने के कारण बोटिंग का संचालन प्रभावित हुआ। रखरखाव और सुरक्षा की दृष्टि से वर्ष 2019 में समस्त सामग्री को विधिवत प्रक्रिया के तहत विभागीय संरक्षण में ले लिया गया था। प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार, सामग्री को खराब होने से बचाने के लिए पर्यटन विभाग की अन्य सक्रिय इकाइयों में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया एवं कुछ अनुपयोगी या क्षतिग्रस्त बोटों के स्पेयर पार्ट्स को भी भविष्य के उपयोग के लिए सुरक्षित रखा गया है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल यह स्पष्ट करता है कि विभाग की कोई भी सामग्री गायब नहीं हुई है। विभाग राज्य में पर्यटन अधोसंरचना के विकास और संसाधनों के पारदर्शी उपयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।