रायपुर
नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, कृषि और समृद्धि की जीवनधारा हैं। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बनाने में प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिन नदियों ने हमारी सभ्यता को पोषित किया और हमें समृद्धि दी, उनका संरक्षण हम सभी का साझा दायित्व है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित ‘स्रोत महोत्सव 2026’ एवं राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश की नदियों के उद्गम स्थलों एवं जलग्रहण क्षेत्रों की पहचान और संरक्षण, जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने तथा नदी संरक्षण को व्यापक जन अभियान का स्वरूप देना है। कार्यशाला में जल संरक्षण, नदी पुनरुद्धार और जल प्रबंधन से जुड़े विषय विशेषज्ञों के साथ राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों के सदस्य तथा विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों द्वारा मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा। इसी भावना के साथ राज्य सरकार नदियों के उद्गम स्थलों और कैचमेंट एरिया के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और जनभागीदारी के समन्वय से व्यापक कार्ययोजना पर आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान नदियों से गहराई से जुड़ी हुई है। महानदी सहित प्रदेश की अनेक नदियों ने कृषि, आजीविका और सामाजिक जीवन को समृद्ध किया है। नदियों का अस्तित्व उनके उद्गम स्थलों और कैचमेंट एरिया के स्वास्थ्य पर निर्भर है। इसलिए नदी संरक्षण का कार्य केवल उसके प्रवाह क्षेत्र तक सीमित नहीं रह सकता। हमें नदी के स्रोत से लेकर उसके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को समझकर संरक्षण की समग्र योजना बनानी होगी।
उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण एवं पुनरुद्धार के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। स्रोत महोत्सव में विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवों के आधार पर ऐसी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसे धरातल पर समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नदी संरक्षण के लिए मानचित्रण, संरक्षण, पुनर्भरण, जनभागीदारी और कार्ययोजना के पांच प्रमुख स्तंभों पर काम किया जाएगा। प्रत्येक नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से मानचित्रण किया जाएगा। नदी का उद्गम कहां है, उसके प्रवाह क्षेत्र की प्रकृति कैसी है, भू-उपयोग में किस प्रकार के बदलाव हुए हैं और किन कारणों से नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर प्रभाव पड़ रहा है - इन सभी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक मानचित्रण और अध्ययन के आधार पर नदी के पूरे इकोसिस्टम के संरक्षण की योजना तैयार की जाएगी। इसमें वन एवं वनस्पति संरक्षण, मृदा क्षरण की रोकथाम, पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनर्जीवन, आवश्यकतानुसार नई जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण और भू-जल पुनर्भरण जैसे कार्य शामिल होंगे।
खाद्य मंत्री की अध्यक्षता में जीवन दीप समिति की साधारण सभा संपन्न
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकता के अनुरूप योग्य कर्मचारियों को अनुमोदन प्राप्त कर कार्य पर रखने, चिकित्सकों की अस्पताल में नियमित उपस्थिति एवं निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शासकीय चिकित्सकों को जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की हिदायत देते हुए निजी प्रैक्टिस से दूर रहने की नसीहत दी। उन्होंने मौसमी बीमारियों की दवाइयों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रखने के भी निर्देश दिए।
छात्राओं को ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 में नवाचार के लिए किया प्रेरित
नवा रायपुर में करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इन पहलों की जानकारी प्राप्त करते हुए राज्य शासन की बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी अपेक्षाओं को साझा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक एवं राज्य शासन के बीच निरंतर सहयोग और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर प्रदीप गोंधुले, अमरेन्द्र गुप्ता एवं अमितेश सिंह उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से युवाओं को मिल रहा रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को उनके हुनर के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास जिले में नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है। प्रशिक्षण, संसाधन, आवास, भोजन और रोजगार मार्गदर्शन जैसी सुविधाओं के साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत मोहलई में 42 छात्राओं को मिली साइकिल
इस अवसर पर जनपद पंचायत कोण्डागांव के उपाध्यक्ष श्री टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदई नाग, जनपद सदस्य श्रीमती कल्पना कोर्राम, सरपंच मोहलई श्री मालतु राम सोढ़ी, सरपंच मुनगापदर श्रीमती फूलमती कश्यप, सरपंच करणपुर सुश्री महादई कश्यप, श्री दीपेश अरोरा, श्री संतोष पात्रे, श्री हितेन्द्र झा, पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती सुनीता नाग, श्री महेंद्र पारख, श्री प्रेमसिंग नाग, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री बालसिंह बघेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री जगमोहन भोयर सहित प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विभिन्न ग्रामों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
टीकाकरण में पिछड़ने पर कलेक्टर सख्त, अफसरों को दिए सुधार के निर्देश
छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी : कई सचिवों के बदले गए प्रभार
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 22 आईएएस अफसरों के प्रभार में फेरबदल किया है। इनमें सचिवों के साथ ही कई जिलों के कलेक्टर और जिला पंचायतों के सीईओ के नाम भी शामिल हैं।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए ट्रांसमिशन कंपनी के आठ अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी में क्षेत्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले आठ अधिकारी एवं कर्मचारियों को आयोजित सम्मान समारोह में प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने सम्मानित किया। डंगनिया मुख्यालय स्थित सेवाभवन के सभाकक्ष में आयोजित समारोह में उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया। सम्मानित अधिकारी-कर्मचारियों का चयन वर्षभर के दौरान तकनीकी दक्षता, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, नवाचार, विद्युत प्रणाली की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता बनाए रखने तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उल्लेखनीय कार्य निष्पादन के आधार पर किया गया।
सम्मानित होने वालों में खेदामारा के परीक्षण सहायक श्रेणी 1 जे. कृष्णामूर्ति को सेमरिया 220 केवी उपकेंद्र के सर्किट ब्रेकर के एक पोल बस्ट होने पर सूझबूझ से बड़े उपकरणों को बचाने के लिये सम्मानित किया गया। अंबिकापुर के सिविल संभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर सुमित कुमार सिंह को तिल्दा, कुसमी एवं सोनगरा के 132 केवी उपकेंद्रों के लिए वन भूमि आबंटन में उल्लेखनीय प्रयास के लिए पुरस्कृत किया गया।
महासमुंद के 132/33 केव्ही उपकेंद्र झलप एवं बागबाहरा की सहायक अभियंता सुश्री लता जगत को 63 एमव्हीए ट्रांसफार्मरों की समयबद्ध स्थापना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में विद्युत प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने सम्मानित किया गया। भिलाई के कर्मशाला संभाग के परिचारक श्रेणी-दो (ला.) वेदराम यादव को जटिल ट्रांसमिशन संरचनाओं एवं 220 केव्ही टावरों के लिए विशेष टेम्पलेट तैयार कर निर्माण कार्य को सरल बनाने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
रायगढ़ के अति उच्च दाब (निर्माण) उपसंभाग के परिचारक श्रेणी-एक (लाईन) श्री सत्य प्रकाश राठौर को ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों के बीच घरघोड़ा-बरौद 132 केव्ही लाइन निर्माण कार्य समय से पूर्व पूर्ण कराने तथा रायपुर के अति उच्च दाब (निर्माण) संभाग के लाइन सहायक श्रेणी-दो श्री हीरा सिंह ध्रुव को एनएमडीसी बचेली के लिए 132 केव्ही लाइन निर्माण में विभिन्न विभागों एवं स्थानीय लोगों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर कार्य को सफल बनाने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
बिलासपुर के 132 केव्ही उपकेंद्र तिफरा की सहायक अभियंता सुश्री वीणा ध्रुव को नौ उपकेंद्रों का अतिरिक्त दायित्व निभाते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्य निष्पादन तथा नवीन पावर ट्रांसफार्मरों की सफल चार्जिंग में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। रायपुर मुख्यालय की प्रबंधक (वित्त) श्रीमती अमृता व्यास को एपीआई आधारित मशीन-टू-मशीन भुगतान प्रणाली विकसित कर भुगतान प्रक्रिया के सफल डिजिटलीकरण के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक केएस मनोठिया, कार्यपालक निदेशक (वित्त) एमएस चौहान, कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता (भार प्रेषण) शारदा सोनवानी, मुख्य अभियंता (उपकेंद्र) अब्राह्म वर्गीस, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, मुख्य अभियंता (एचआर) रश्मि वर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया तथा अंत में अधीक्षण अभियंता पंकज चौधरी ने आभार व्यक्त किया।
खेलों में हैं आपकी रूचि तो आप भी जीत सकते हैं लाखों के इनाम... जानिए कैसे करें क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा में पंजीयन
रायपुर। जी.. हां... अगर आपमें खेलों के प्रति थोड़ी भी रूचि है तो यह खबर सिर्फ और सिर्फ आपके ही काम की है। खिलाड़ियों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों के बीच खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से क्रीड़ा भारती संस्था 6वीं क्रीड़ा भारती ज्ञान परीक्षा का आयोजन 6 सितंबर को किया जा रहा है। परीक्षा आनलाइन मोड पर होगी। इसके लिए प्रतिभागियों को www.kreedabharatikgp.org इस वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीयन करना होगा। 20 रुपये के पंजीयन शुल्क से आप इसमें भाग ले सकते है। वहीं जितने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक नकद पुरस्कार भी मिलेगा।
क्राड़ी भारती छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय शर्मा और उपाध्यक्ष सुमीत उपाध्याय ने बताया कि क्रीड़ा भारती भारत का एक राष्ट्रव्यापी खेल संगठन है। इसकी स्थापना वर्ष 1992 में पुणे (महाराष्ट्र) में की गई थी। यह संस्था देश के युवाओं और नागरिकों में शारीरिक व मानसिक विकास के साथ-साथ खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य करती है। क्रीड़ा भारती संस्था द्वारा क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। वर्ष 2026 में इस प्रतियोगिता का छठा संस्करण आयोजित किया जा रहा है।
महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सभासद और क्रीड़ भारती संस्था से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी रही नीता डूमरे ने बताया कि यह खेल विषय की दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन परीक्षा है। क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा का पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। इस परीक्षा का आयोजन खिलाड़ियों, छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों के बीच खेलों में अधिक रुचि पैदा करने के उद्देश्य से प्रति वर्ष किया जाता है। परीक्षा दिनांक 6 सितंबर 2026 को होगी। परीक्षा के लिए गेटवे सुबह 5 से शाम को 5 बजे तक खुला रहेगा। कोई भी प्रतिभागी पंजीयन करने के बाद 6 सितंबर को निर्धारित समय में कभी भी लागिन होकर पेपर दे सकता है। प्रतिभागियों को 20 मिनट में 50 विकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
सुमीत उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपये, द्वितीयको 50 हजार और तृतीय को 25 हजार रुपये की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। वहीं क्रीड़ा भारती संगठन के 11 क्षेत्रों से एक-एक प्रतिभागी को 11-11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। परीक्षा में 12 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भाग ले सकता है।
रविवि में डिप्लोमा इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रवेश प्रक्रिया जारी
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के स्कूल ऑफ स्टडीज इन कंप्यूटर साइंस एवं आईटी द्वारा डिप्लोमा इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Diploma in Artificial Intelligence) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। यह एक पार्ट-टाइम एवं रोजगारपरक डिप्लोमा पाठ्यक्रम है, जिसकी कक्षाएँ सायंकालीन समय (Evening Hours) में आयोजित की जाएंगी। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, नौकरीपेशा व्यक्तियों एवं AI में रुचि रखने वाले अन्य अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है।
रविवि के स्कूल ऑफ स्टडीज इन कंप्यूटर साइंस एवं आईटी के डा विनोद कुमार पटले ने बताया कि पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यह पार्ट-टाइम पाठ्यक्रम है, कक्षाएं सायंकालीन समय में में लगेगी। इस पाठ्यक्रम में Artificial Intelligence एवं Machine Learning का व्यावहारिक प्रशिक्षण, Python Programming एवं आधुनिक AI Tools का प्रशिक्षण, Data Analytics एवं Deep Learning की जानकारी, प्रैक्टिकल एवं प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण, AI के वास्तविक जीवन एवं उद्योग में उपयोग की जानकारी और भविष्य में उच्च शिक्षा एवं AI आधारित रोजगार/कैरियरके लिए उपयोगी कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, उद्योग, व्यवसाय, साइबर सुरक्षा, डेटा विश्लेषण एवं अनेक अन्य क्षेत्रों में तेजी से उपयोग हो रहा है। ऐसे में AI से संबंधित व्यावहारिक कौशल युवाओं के लिए बेहतर करियर एवं रोजगार के अवसर प्रदान कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रवेश हेतु आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश, शुल्क, कक्षा समय, पाठ्यक्रम एवं आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए स्कूल ऑफ स्टडीज इन कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग से संपर्क करें।
रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ऐलिगेंस का वूमेंस प्रीमियर लीग 23 अगस्त को
रायपुर। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ऐलिगेंस की ओर से वूमेंस प्रीमियर लीग क्रिकेट मैच का आयोजन 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से किया जा रहा है। मैच मारुति लाइफस्टाइल के क्लब परसियो में खेला जाएगा।
रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ऐलिगेंस की नीतू सिंघानिया ने बताया कि आउटडोर गेम में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से वूमेंस प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है। स्पर्धा 8-8 ओवरों की होगी। खेल के नियम पहले से निर्धारित कर दिए गए है। यह मैच रोटरी के चार क्लब के बीच खेला जाएगा। जिसमें रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ऐलिगेंस, रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मोडिवास, रोटरी क्लब ऑफ रायपुर क्वीन और रोटरी क्लब ऑफ रायपुर पिनाकल की टीम शामिल होगी। सभी टीमों में 11-11 खिलाड़ी भाग लेंगे। सभी अपनी-अपनी जर्सी में आएंगे। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर ऐलिगेंस की प्रेसिडेंट रोटेरियन प्रियंका गुप्ता, चेयरपर्सन रोटेरियन शिल्पा केडिया और सेकेट्री डा. स्वाती अग्रवाल ने सभी से मैच देखने के लिए आने का अनुरोध किया है।
बारिश की मनोहारी छटा से सजेगा ‘पावस प्रसंग’, शास्त्रीय नृत्य-संगीत की प्रस्तुतियां 21 से 25 अगस्त तक
रायपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम 21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।
‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां दर्शक भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।
‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।
संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
संस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।
दीक्षा का वास्तविक महत्व और इसे समझने की आवश्यकता हैः मुनि श्री आगम सागर जी महाराज
रायपुर। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं लालगंगा पटवा भवन टैगोर नगर में आज त्रिदिवसीय 'भगवान पार्श्वनाथ स्वामी मोक्ष कल्याणक एवं मुकुट सप्तमी महामहोत्सव' तथा मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज एवं मुनि श्री पुनीत सागर जी महाराज के 23वें दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अपने दीक्षा दिवस के संस्मरण साझा करते हुए मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ने अपनी मंगल देशना में कहा कि दीक्षा का वास्तविक महत्व और इसे समझने की आवश्यकता है। जैन मुनिराज संसार की मोह-माया को त्यागने के लिए ही वस्त्रों का त्याग करते हैं। उन्होंने मुनि श्री पुनीत सागर जी महाराज का स्मरण करते हुए बताया कि वे इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट होने के बावजूद संसार को त्यागकर मुनि बने।

मुनि श्री आगम सागर जी ने आगे कहा गुरु की बताई राह पर, गुरु के पैर से चलना ही सच्ची शिष्या है। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज स्वयं के कल्याण के साथ पर-कल्याण में विश्वास रखते थे। संसार के दुखों से छुटकारा पाना है, तो कुंदकुंद आचार्य के बताए अनुसार सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र रूपी 'रत्नात्रय' को धारण करें।"
मुनि श्री ने अपने दीक्षा के 23 वर्षों के संघर्ष और संस्मरणों को याद करते हुए बताया कि कैसे आचार्य श्री के सानिध्य में कई वर्षों की कड़ी प्रतीक्षा के बाद उन्हें दीक्षा का सौभाग्य प्राप्त हुआ और उन्होंने महावीर के मार्ग को अंगीकार किया।
आयोजन के दौरान यह विशेष संदेश दिया गया कि सम्यक दृष्टि और सच्ची श्रद्धा के 8 अंगों में 'प्रभावना अंग' का पालन करते हुए सभी को भगवान पार्श्वनाथ के जीवन चरित्र पर आधारित फिल्म देखने और इस महामहोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया, ताकि जैन धर्म की प्रभावना दुनिया भर में प्रसारित हो सके।

समयोपदेश वर्षायोग 2026 के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जैन गुरुकृपा एवं कार्यकारी अध्यक्ष संजय जैन नायक ने जानकारी दी कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे समिति के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत विशेष संगीतमय आचार्य श्री का पूजन संपन्न हुआ और मुनि श्री के दीक्षा जीवन के संस्मरणों व वृत्तांत को साझा किया गया।
मुख्य आकर्षण एवं धार्मिक अनुष्ठान में आज पाद प्रक्षालन का सौभाग्य: श्री विनोद-संजना बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट का सौभाग्य: श्री भरत, हर्षवर्धन, प्रिंस जैन एवं मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के परिवारजनों को प्राप्त हुआ। मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के परिवार जन भी महा महोत्सव में उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में 'हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026' का सफल समापन... 33 जिलों में उल्लास के साथ दर्ज हुईं 211 पक्षी प्रजातियां
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण, प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 से 16 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय 'हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक धरोहर व परिंदों की दुनिया को सहेजना, पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देना और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना हैl वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन तथा वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह आयोजन पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
हरेली बर्ड फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य केवल पक्षियों की गणना करना ही नहीं, बल्कि नागरिक विज्ञान (Citizen Science) के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना था। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने स्थानीय लोगों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट किया। इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान राज्य के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियों का आयोजन किया गया।
अभियान में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रदेश भर में कुल 45 'बर्ड वॉक' आयोजित किए गए। कोपरा जलाशय (रामसर साइट), चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व और नंदनवन जंगल सफारी सहित कई महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) और वन क्षेत्रों में सर्वे किया गयाl नंदनवन जंगल सफारी (नवा रायपुर) में दिव्यांगजनों के लिए विशेष 'बर्ड वॉक' का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नागरिक विज्ञान मंच eBird के माध्यम से राज्य भर से एकत्र किए गए आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी विविधता सामने आई है। 3 दिनों में कुल 954 eBird Checklists के जरिए 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया। सर्वे के दौरान पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork), रेड-नेप्ड आइबिस (Red-naped Ibis), कॉटन पिग्मी-गूज (Cotton Pygmy-Goose), इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर (Indian Paradise- Flycatcher) और ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो (Greater Racket-tailed Drongo) जैसी कई दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं।
यह अभियान केवल पक्षी अवलोकन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे स्थानीय समुदायों और आजीविका से भी जोड़ा गया। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत मांढर के अड़बंधा तालाब में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यहाँ कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित 'फूड कार्ट' स्थानीय समुदाय की पहल और आजीविका- संरक्षण के सुंदर समन्वय का उदाहरण बना। इस सफल आयोजन के बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में राज्य की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की नियमित निगरानी, 'पक्षी मित्र' नेटवर्क को मजबूत करने तथा स्कूलों एवं समुदायों के स्तर पर पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
साहित्य सृजन संस्थान के पांचवे स्थापना दिवस पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 23 अगस्त को
रायपुर। साहित्य सृजन संस्थान के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर 23 अगस्त को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन सुबह 10 बजे से वृंदावन हॉल सिविल लाइन्स में किया गया है।
संस्था के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा ने बताया कि कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवियों का आगमन होगा। जिसमें डॉ.पूनम माटिया (नई दिल्ली) डॉ.गोविंद गज़ब (रायबरेली) डॉ.प्रीति सुमन (पटना) राजकुमार राज (बैतूल) बसंत कुमार शर्मा (जबलपुर) एवं रंजना गौतम (उमरिया) प्रमुख हैं। कार्यक्रम में स्थानीय कवियों को ओपन माइक में काव्य पाठ का अवसर प्रदान किया जायेगा।चयनित कवियों का , संस्थाओं,पत्रकारों का सम्मान किया जायेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने राज्य स्तरीय बैठक