रायपुर
गौ-आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती खोलेगी किसानों के लिए खुशहाली का रास्ता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने किया कृषि के शिल्पकार भगवान श्री बलराम जी की जयंती को हरवर्ष किसान दिवस के रूप मनाने का आह्वान
राजधानी सहित प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केन्द्र में मनाया गया किसान दिवस
रायपुर | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि गौ-आधारित प्राकृतिक खेती किसानों के लिए खुशहाली और समृद्धि का रास्ता खोलेगी। जैविक खेती से जुड़कर धान के कटोरे के किसान समृद्ध होंगे। जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर स्थानीय इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर भगवान श्री बलराम जी की जयंती भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि को हर वर्ष किसान दिवस के रूप मनाने का आह्वान भी किया। गौ-आधारित जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले तथा इस क्षेत्र में किसानों को प्रेरित करने वाले उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया।
कार्यशाला में मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को भगवान श्री बलराम जी जयंती की बधाई और शुभकनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों की समृद्धि को प्राथमिकता में रखते हुए कृषक कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ। इस मंत्रालय के माध्यम से खेती-किसानी की बेहतरी और किसानों की आय बढ़ाने पर काम हो रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उद्यानिकी, मछलीपालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में किसानों की भागीदारी बढ़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। भगवान श्री बलराम जी की जयंती के मौके पर राजधानी सहित प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों में किसान दिवस का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती-किसानी पर निर्भर है। आज कृषि के क्षेत्र में अनेकों नवाचार हो रहे हैं, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान साहूकार और महाजनों से अत्यधिक ब्याज दर पर पैसे लेने को मजबूर थे। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किसानों की पीड़ा को समझा और किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की व्यवस्था की। किसानों को आज निःशुल्क अथवा बहुत की कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए किसानों को दिए। 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपए से अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के बढ़ने से किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही हम पुराने सिंचाई परियोजनाओं को दुरस्त करने का भी काम कर रहे है।
अखिल भारतीय किसान संघ के दिनेश कुलकर्णी ने गौ-आधारित प्राकृतिक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जरूरत है। मांग के अनुरूप प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए वैचारिक रूप से परिपक्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ-आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में गीता में उल्लेख है। उन्होंने कहा गौ पालन के लिए भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं गौपालन कर लोगों को प्रेरित किया है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के बीते इन 10 वर्षों में कृषि के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेकर किसान हित में नीतिगत् फैसले लिए हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दौर में हमें मांग अनुरूप हमें गौ-आधारित जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की जरूरत हैं, ताकि किसान की आर्थिक स्थिति और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व नीतिगत् फैसलों और कार्यों से प्रदेश के किसान आज सामर्थवान बन रहे है। किसान अब खेती-किसानी को व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों में अच्छा वातावरण का निर्माण हुआ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्री बलराम जी द्वारा कृषि के क्षेत्र में योगदान का स्मरण कराती है। वर्तमान दौर में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर इस जयंती समारोह उद्देश्य को पूरा करने दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें कृषि वैज्ञानिकों के रिसर्च और वैज्ञानिक तकनीकियों और सहयोग से गौ-आधारित प्राकृतिक खेती की और आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती के फायदे के बारे में भी किसानों को जानकारी होगी तभी भगवान श्री बलराम जी के जयंती का उद्देश्य भी पूरा होगा। स्वागत भाषण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल ने दिया। इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, अखिल भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
आय से अधिक संपत्तिः रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज
रायपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आय से अधिक संपत्ति (डीए) रखने के आरोप में भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग के वरिष्ठ लेखा अधिकारी वीरेंद्र कुमार पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह अधिकारी रायपुर स्थित प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) कार्यालय में कार्यरत है। आरोप है कि अधिकारी ने 13 जुलाई 2006 को एसओ (SO) के पद पर 4,800 रुपये के ग्रेड पे में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद से उसने कृषि भूमि और आवासीय भूखंडों सहित करीब 10 अचल संपत्तियां अर्जित कीं।
सीबीआई के अनुसार, अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त रहा और अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच में सामने आया है कि 31 अगस्त 2007 से 31 मई 2024 तक उसने और उसकी पत्नी के नाम पर करीब 3.89 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति जमा की। इस दौरान उसकी आय से अधिक संपत्ति 1.47 करोड़ रुपये आंकी गई है। आज सीबीआई ने रायपुर में आरोपी के आवास और कार्यालय सहित तीन ठिकानों पर तलाशी ली है। मामले की जांच जारी है।
कवि हरीश कोटक की पहली कृति विरासत-काव्य कलश के विमोचन पर महाराष्ट्र मंडल ने किया सम्मान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद और ख्यातनाम कवि हरीश कोटक को उनकी प्रथम कृति विरासत-काव्य कलश के विमोचन के अवसर पर सम्मानित किया गया। मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल श्रीराम काळेले, सचिव प्रसन्न निमोणकर, प्रशांत देशपांडे ने वृंदावन हाल के मंच पर कोटक का सूतमाला, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर कोटक का अभिनंदन किया।
महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सभासद व रोटरी क्लब के पूर्व गवर्नर शशि वरवंडकर ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए हरीश कोटक का मंडल में योगदान एवं सक्रिय सहभागिता की चर्चा की। मंडल के प्रतिनिधियों ने भी हरीश कोटक को नये काव्य संग्रह की बधाई दी। विमोचन व काव्य गोष्ठी समारोह में हरीश कोटक ने अपनी चुनिंदा कविताओं का पाठ करते हुए महाराष्ट्र मंडल के संदर्भ में चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. चितरंजन कर, मुख्य वक्ता डा. माणिक विश्वकर्मा नौरंग व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज ने कोटक की कविताओं का उद्हरण करते हुए उनकी कृतियों पर चर्चा की। विशेष अतिथि राजनांदगांव से पधारे शायर अब्दुस्सलाम ‘कोसर’ शायर सुखनवर हुसैन, किशन भाई मिराणी और प्रकाश दावड़ा ने भी अपने संक्षिप्त संबोधन में हरीश कोटक की कविताओं में जीवन तलाशने की उनकी कोशिश की प्रशंसा की। इस मौके पर बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
भगवान बलराम जयंती के उपलक्ष्य में 9 सितंबर को प्रदेश में मनाया जाएगा किसान दिवस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम कार्यक्रम होंगे शामिल
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होगा राज्य स्तरीय समारोह
राज्य के सभी 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी मनाई जाएगी बलराम जयंती
रायपुर | कृषि के देवता माने जाने वाले भगवान श्री बलराम जी की जंयती के उपलक्ष्य में 9 सितम्बर को प्रदेश में किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। किसान दिवस का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मण्डपम में दोपहर 12ः00 बजे प्रारंभ होगी।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी होंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी भी उपस्थित रहेंगे।
किसान दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि पर विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ की संकल्पना, इसकी प्रविधि एवं इससे प्राप्त लाभों से अवगत कराया जाएगा। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 2 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे। इसी दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी बलराम जयंती-किसान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही कृषि में गौ उत्पादों जैसे गोबर और गौमूत्र का प्रयोग होता रहा है। गौ आधारित खेती रसायन एवं कीटनाशक मुक्त कृषि की वह पद्धति है जिसमें परम्परागत तरीके से प्रकृति के नियमों का अनुसरण करते हुए देशी पद्धति खेती के सिद्धांत को अपनाकर खेती की जाती है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है, जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और खेती की लागत कम हो जाती है।
छत्तीसगढ़ में मता कौशल्या के साथ मनाया तीजा... पर्व के बाद दी बिदाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीजा के पर्व पर बेटियों के मायके आने की परंपरा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ संस्कृति को संजोकर माता कौशल्या संग तीजा त्योहार समिति ने माता को अपने मायके चंदखुरी लाए। तीजा पर्व के बाद माता कौशल्या को भावपूर्ण विदाई दी गई।
माता कौशल्या संग तीजा तिहार कार्यक्रम के सह संयोजक डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर ने बताया कि माता कौशल्या की मायके चंदखुरी आने के उत्साह को लेकर साल भर बड़ी प्रतीक्षा रहती है। वहीं प्रतीक्षा तीजा पर्व के संपन्न होने के पश्चात पूर्ण हो जाती है। माता कौशल्या संग तीजा तिहार का यह उत्सव अयोध्या से मिट्टी लाने से प्रारंभ होकर मूर्ति निर्माण एवं उसकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ तीजा पर्व के विधिवत नेक के साथ बड़ी उत्साह के साथ पर्व काल व्यतीत होता है। लेकिन परंपरा के अनुसार मायके आने वाली माता एवं बहनों को तीजा पर्व के बाद अपनी ससुराल लौटना ही होता है। इसी अनुक्रम में चंदखुरी के ग्राम वासी सहित बड़ी संख्या में पधारे हुए लोगों के माता को विदाई।
उन्होंने बताया कि विदाई के पूर्व माता की मूर्ति को पंथी नृत्य एवं रावत नाचा के साथ ग्राम भ्रमण कराते हुए तालाब में विसर्जित किया गया। इस कार्यक्रम के सूत्रधार राकेश तिवारी ने आयोजन में सम्मिलित होने वाले लोगों को धन्यवाद देते हुए आगामी वर्ष में इस समारोह को और भव्य रूप में आयोजित करने की बात कही। आज विदाई के शोभायात्रा में माता कौशल्या संग तीजा तिहार के सह संयोजक डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर, हेमलाल पटेल, मनीष लदेर, नरेंद्र यादव मोहन साहू , प्रभा यादव , तनु यादव, दिनेश जांगड़े, दयालु राम यादव, घासिया राम वर्मा, धनीराम सहित बड़े संख्या में ग्रामवासी शामिल थे।
नक्सल प्रभावित जिलों में केन्द्र और राज्य शासन की व्यक्तिमूलक योजनाओं का सभी पात्र लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
मुख्य सचिव ने नियद नेल्ला नार योजना की प्रगति की समीक्षा की
रायपुर | मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय, महानदी भवन में बस्तर संभाग के कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिले में शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना के तहत वहां के निवासियों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की गहन समीक्षा की। जैन ने नक्सल प्रभावित जिले मोहला-मानपुर-चौकी, गरियाबंद और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में केन्द्र और राज्य सरकार की चयनित योजनाओं के अंतर्गत शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव जैन ने बैठक में नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में लोगों की सभी बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों का डॉटा रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सुविधा प्रदान करने वाले सभी विभागीय सचिवों के पास कार्ययोजना एवं दी जा रही सुविधाओं की सभी जिलों में प्रत्येक घर की अद्यतन जानकारी होना चाहिए। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को योजना क्षेत्र के गांवों में सभी हितग्राहियों को राशन कार्ड पर चावल, गुड़, चीनी, चना इत्यादि सामग्री अनिवार्य रूप से मिले, इसकी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर संभागायुक्त को नियद नेल्ला नार योजना की सतत निगरानी करने को कहा।
मुख्य सचिव ने बैठक में सामूहिक एवं व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, 500 यूनिट मुफ्त बिजली, किसान सम्मान निधि, कृषि उपकरण, सिंचाई सोलर पंप और किसानों के खेतों में बोरवेल की सुविधा के बारे में कलेक्टरों से जानकारी ली। उन्होंने हाई मास्ट लाइट स्थापना, उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, निःशुल्क सामग्री, पेयजल, नल से जल, जल जीवन मिशन, कौशल विकास प्रशिक्षण, खेल सामग्री, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, बारहमासी सड़कों की सुविधा, पीएम किसान सम्मान निधि तथा आयुष्मान कार्ड सहित मोबाइल कनेक्टिविटी और बैंक एटीएम सुविधा की भी जानकारी ली। उन्होंने योजनांतर्गत आने वाले गांवों में आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों और स्कूल भवनों की स्थिति और लघु वनोपज की खरीदी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी विस्तार से समीक्षा की।
जैन ने बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और मोबाइल टॉवर के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने एमओआरटी वार्षिक योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने राज्य के सभी नक्सल प्रभावित जिलों में केन्द्र एवं राज्य सरकार की चयनित व्यक्तिमूलक योजनाओं से शत-प्रतिशत हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ितों को विभिन्न योजनाओं में सेचुरेशन करने और स्किल डेवलपमेंट के संबंध में व्यापक कार्ययोजना तैयार कर कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने नए सुरक्षा कैंप क्षेत्रों में भी वहां के निवासियों के लिए योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का सेचुरेशन कर लाभार्थियों का सर्वे कर शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने को कहा।
मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में गृह एवं जेल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, कृषि विभाग की सचिव शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, बस्तर के संभागायुक्त डोमन सिंह तथा बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी. सहित कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का लोकार्पण करने : छत्तीसगढ़ दौरे पर आ सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
रायपुर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर के आसपास रायपुर दौरे पर आ सकते हैं। यहां वे नवा रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक स्वतंत्रता सेनानी राज्य संग्रहालय के लोकार्पण कर सकते हैं।
फिलहाल इस संग्रहालय का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 45 करोड़ की लागत से 10 एकड़ में संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 10 करोड़ राज्य सरकार और 35 करोड़ रुपए केंद्र सरकार का अंशदान है। बता दें कि इस संग्रहालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पिछले दिनों सीएम विष्णुदेव साय गए थे। सीएम अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में फिर से निर्माण कार्य की समीक्षा कर सकते हैं।
शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी) संग्रहालय पुरखौती मुक्तांगन के पास 45 करोड़ की लागत से लगभग 10 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्प संख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का साप्ताहिक निरीक्षण किया था।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, इंजीनियर्स, क्यूरेटर एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से अब तक के कार्य की प्रगति के संबंध में जानकारी ली थी। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए मैन पावर बढ़ाने के निर्देश भी दिए थे।
प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा माह नवंबर में संग्रहालय का लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। इसलिए काम में गुणवत्ता के साथ तेजी (PM Modi Visit CG) लाई जाए। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्रता काल में दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिवासी परंपरा से भी आमजन को रूबरू करवाएगा।
प्रमुख सचिव बोरा ने निर्माणाधीन स्थल पर उपस्थित मूर्तिकारों से भी चर्चा की। क्यूरेटर द्वारा बताया गया कि संग्रहालय में लगने वाली लगभग 60 प्रतिशत मूर्तियों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य को भी निर्धारित समयावधि में पूरा कर लिया जाएगा। मूर्तियों की फिनिशिंग का कार्य भी समानांतर रूप से किया जा रहा है।
रायपुर दक्षिण उपचुनाव: कांग्रेस बनाएगी बूथ कमेटियां, बदले जाएंगे प्रभारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर इस साल के अंत तक उपचुनाव होने हैं, जिसके लिए कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने वार्ड स्तर पर बूथ कमेटियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और सभी सीट प्रभारियों को काम पूरा करने की सख्त डेडलाइन दी गई है।
कांग्रेस जल्द ही वार्ड स्तर पर कामकाज की समीक्षा करेगी। बूथ कमेटियों के गठन के बाद उनका भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। पार्टी के पदाधिकारी एक-एक सदस्य से सीधी चर्चा करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी सदस्य वास्तव में सक्रिय हैं।
जिन वार्डों में काम नहीं हो रहा है या कमजोर प्रदर्शन की रिपोर्ट आई है, वहां के प्रभारियों को बदला जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने निर्देश दिया है कि वार्डों में केवल बैठकें करने से काम नहीं चलेगा; प्रभारियों को बूथ स्तर पर जाकर सक्रिय कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करना होगा। इसके बाद, कमेटियों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
पहले की बैठकों में भी प्रभारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया था कि औपचारिकताएं पूरी करने के लिए केवल बैठकें करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें बूथों पर जाकर समय देना होगा। रिपोर्ट में यह भी शिकायतें आईं थीं कि कुछ प्रभारियों ने सिर्फ खानापूर्ति की है और कई बूथों में कार्यकर्ता सक्रिय नहीं थे। इसी के साथ ही प्रभारियों और जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिकतर समय अपने क्षेत्रों का दौरा करें और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करें।
संकल्प नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे मुख्य सचिव... निरीक्षण कर ली जानकारी
रायपुर। संकल्प सांस्कृतिक समिति द्वारा संचालित संकल्प नशा मुक्ति केंद्र पहुंच मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने समिति के कार्यों को जाना और नशा मुक्ति के लिए आने वाले लोगों से चर्चा की।
संकल्प सांस्कृतिक समिति की डायरेक्टर मनीषा शर्मा के निर्देशन में संचालित संकल्प नशा मुक्ति केंद्र में मुख्य सचिव के साथ समाज कल्याण विभाग के सचिव भुनेश यादव और समाज कल्याण विभाग की डायरेक्टर रोक्तिमा यादव भी पहुंची थी। सभी ने संकल्प नशा मुक्ति केंद्र द्वारा समाज के नशा पीड़ित लोगो को भर्ती कर निशुल्क उपचार के बारे में जाना ,तथा सेंटर में भर्ती उपचार्थियो से मिलकर उनका हाल जाना।
सेंटर में काम कर रहे कर्मचारियों से बात कर उपचार की पद्धति और आने वाली चुनौती की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने संकल्प नशा मुक्ति केंद्र के प्रयासों की सराहना की तथा इस कार्य को कठिन और पुण्य कार्य मानते हुए शासन स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
छत्तीसगढ़ में 9 सितंबर को मनाई जाएगी बलराम जयंती-किसान दिवस
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त के संयुक्त तत्वावधान में कृषि के देवता माने जाने वाले भगवान श्री बलराम जी की जयंती 9 सितम्बर, 2024 को भगवान श्री बलराम जयंती-किसान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मण्डपम में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी होंगे।
भगवान श्री बलराम जयंती-किसान दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी जिसमें प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि पर विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ की संकल्पना, इसकी प्रविधि एवं इससे प्राप्त लाभों से अवगत कराया जाएगा। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 2 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे। इस दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी श्री बलराम जयंती-किसान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा।
Chakradhar Samaroh: आज से शुरू होगा सांस्कृतिक महाकुंभ... मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार 7 सितंबर को शाम 5.30 बजे रायगढ़ के रामलीला मैदान में आयोजित 39वें चक्रधर समारोह-2024 का शुभारंभ करेंगे। यह समारोह अगले 10 दिनों तक कला और संस्कृति की नगरी रायगढ़ सांस्कृतिक रस में सराबोर रहेगी। चक्रधर समारोह-2024 में देश के ख्यातिनाम कलाकार कार्यक्रम देने रायगढ़ पहुंचेंगे। पहले दिन प्रख्यात अभिनेत्री और शास्त्रीय नृत्यांगना पद्मश्री हेमा मालिनी प्रसिद्ध राधा रास बिहारी का मंचन करेंगी।
समारोह का शुभारंभ श्री गणेश पूजन, दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से होगा। जिसके पश्चात रायगढ़ कथक घराने के वरिष्ठ कलाकार तथा इस वर्ष पद्मश्री से नवाजे गए रामलाल जी को कथक घुंघरू सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिसके बाद भूपेंद्र बरेठ और साथी कलाकारों द्वारा कथक समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।
इसके पश्चात दर्शकों को छत्तीसगढ़ की माटी के लोक विधा करमा नृत्य का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। जशपुर के मनियर भगत एवं साथी के द्वारा करमा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में पद्मश्री हेमा मालिनी राधा रास बिहारी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगी।
चक्रधर समारोह के 10 दिवसीय आयोजन में स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के कुल 62 इवेंट आयोजित हैं। जिसमें नृत्य और वादन की विभिन्न विधाओं के साथ गायन और कवि सम्मेलन के कार्यक्रम शामिल हैं।
आकाशवाणी में एडिशनल एसपी अनुराग झा से दीपक हटवार की भेंट आज
पुराने महाविद्यालय में से एक : सौ.कुसुम ताई दाबके विधि महाविद्यालय के छात्रों ने धूम धाम से मनाया शिक्षक दिवस
रायपुर | राजधानी रायपुर के सबसे प्रसिद्ध महाविद्यालय सौ. कुसुम ताई दाबके विधि महाविद्यालय में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राओ जूनियर सीनियर सभी ने मिलकर धूम धाम से शिक्षक दिवस मनाया। इस अवसर पर सभी ने मिलकर महाविद्यालय के सभागृह को आकर्षक तरीके से सजाया।कार्यक्रम में आए सभी शिक्षकों का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया गया। मंच पर आसीन सभी शिक्षकों ने सर्वप्रथम मां सरस्वती के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन किया। उपस्थित सभी ने मां सरस्वती की वंदना की। मंच पर उपस्थित शिक्षकों में विशेष रूप से सैयद जाकिर अली, अमीन शेखर, शिशिर भंडारकर, प्रीति सतपथी, राजीव शर्मा, आर के शुक्ला जी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में छात्रो ने सभी शिक्षकों का सम्मान श्रीफल एवं शाल देकर किया। उपस्थित शिक्षकों ने बताया की राजधानी रायपुर का यह महाविद्यालय सबसे पुराने महाविद्यालय में से एक है जहा से शिक्षा ग्रहण कर कई छात्र बहुत ही ऊंचे स्तर पर गए। जिसमे कई बड़े न्यायाधीश, एडवोकेट व शासकीय कर्मचारी शामिल है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रिया एवं ऋषिका द्वारा ग्रुप डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। धनेश्वर साहू द्वारा मधुर गीत गाया गया। उपस्थित शिक्षकों में अमीन शेखर एवं आर के शुक्ला द्वार पुरानी यादें ताजा करते हुए सदाबहार पुराने गीत प्रस्तुत कर समा बांधा, तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागृह गूंज उठा। प्रथम सेमेस्टर के छात्र आदित्य द्वारा सुंदर कविता की प्रस्तुति दी। अंतिम में सभी शिक्षकों ने केक काटा और सभी छात्रों द्वारा शिक्षको को उपहार भी दिए। कार्यक्रम में विशेष रूप से हर्ष यदु, गोपाल वर्मा, रवि सोनकर, हिमांशु पटेल, प्रांजल, मुकुल सेन, प्रिया देवांगन, ऋषिका राजपूत, जिया राजपूतआदि उपस्थित थे।
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अब रायपुर के एयरपोर्ट में एंट्री के लिए कागजात दिखाने की जरूरत नहीं
रायपुर। राजधानी के स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, माना रायपुर में डीजी यात्रा सुविधा की शुरुआत हो गई है। अब एयरपोर्ट में एंट्री के लिए कागजात दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फेस रीडिंग और स्कैन के जरिए एंट्री हो जाएगी। केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। केंद्रीय विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से वर्चुअल माध्यम से इस सुविधा का उद्घाटन किया है।
आपको बता दें कि इसके पहले 15 अप्रैल से रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल में डिजी यात्रा भी शुरू हो गई थी। हालांकि यह यात्रा सिर्फ विस्तारा एयरलाइंस के यात्रियों को ही मिल रही थी। इंडिगो एयरलाइंस के सर्वर डाउन होने के कारण उस समय कंपनी ने डिजी यात्रा शुरू नहीं की थी। उस समय इसे ट्रायल के रूप में शुरू किया गया था। हालांकि डिजी यात्रा को भी ऐच्छिक ही रखा गया था। डिजी यात्रा शुरू होने से विमानतल में जांच के दौरान लगने वाला समय बचेगा।
विमानन अधिकारियों का कहना है कि चेहरे को पहचानने वाली इस तकनीक पर आधारित डिजी यात्रा की मदद से विमानतल पर जांच के दौरान यात्रियों को काफी सुविधा होगी। लोगों को जांच की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरनी होगी।
यह कबाड़ में पड़ा कुकर नहीं.. नक्सलियों द्वारा लगाया प्रेशर कुकर बम है
रायपुर। जंगल के बीच पड़ा यह कुकर कबाड़ में पड़ा कुकर नहीं है। यह नक्सलियों द्वारा लगाया गया प्रेशर कुकर बम है। जिसे छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला कोंडागांव की पुलिस ने गुरुवार को थाना धनोरा मांडगांव क्षेत्र में नियमित सर्चिंग के दौरान बरादम किया। नक्सलियों द्वारा छिपाए 6 प्रेशर कुकर बम बरामद किया हैं। बता दें इन बमों में चार किलोग्राम वजनी तीन नग और तीन किलोग्राम वजनी तीन नग आईईडी बरामद किया। बमों का कुल वजन लगभग 21 किलोग्राम था।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। कोंडागांव पुलिस ने बीते गुरुवार को थाना धनोरा मांडगांव क्षेत्र में नियमित सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाए 6 प्रेशर कुकर बम बरामद किया हैं। बता दें इन बमों में चार किलोग्राम वजनी तीन नग और तीन किलोग्राम वजनी तीन नग आईईडी बरामद किया। बमों का कुल वजन लगभग 21 किलोग्राम था। इसके बाद बम डिस्पोजल टीम और पुलिस फोर्स ने मिलकर इन बमों को सावधानीपूर्वक मौके पर ही नष्ट कर दिया।
बता दें इन आईईडी बमों को नक्सलियों ने पुलिस फोर्स को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से क्षेत्र में लगाया था। एसडीओपी फरसगांव अनिल विश्वकर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम ने यह खतरा भांपते हुए कोंडागांव पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश कुमार डाण्डे के नेतृत्व में तत्काल कदम उठाया गया।
एनआईटी रायपुर और एनआईटीटीटीआर भोपाल ने संस्थागत सहयोग के लिए किया समझौता
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर और राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), भोपाल, मध्य प्रदेश ने आपसी सहयोग और अनुसंधान के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए 5 सितंबर को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन पर डॉ. (प्रो.) एनवी रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर और डॉ. (प्रो.) सीसी त्रिपाठी, निदेशक, एनआईटीटीटीआर, भोपाल द्वारा हस्ताक्षर किये गए। इस दौरान डॉ. पराग दुबे, प्रोफेसर, एनआईटीटीटीआर भोपाल, डॉ. श्रीश. वर्मा, डीन (अकादमिक), डॉ. प्रभात. दीवान, डीन (अनुसंधान और परामर्श), और डॉ. देबाशीष सान्याल, डीन (संकाय कल्याण), डॉ टी. मीनपाल, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, डॉ. चित्रकांत साहू और डॉ. ए. कुमार एम. ओ. यु. नोडल अधिकारी और फैकल्टी मेम्बर्स मौजूद रहे।
इस समझौता ज्ञापन का प्राथमिक उद्देश्य सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और ओएसएटी के क्षेत्रों में उन्नत सहयोगी अनुसंधान के उद्देश्य से एनआईटी रायपुर और एनआईटीटीटीआर भोपाल के बीच सहयोग और सहभागिता स्थापित करना है। अपनी बौद्धिक क्षमताओं का लाभ उठाकर, दोनों संस्थानों के संकाय सदस्य उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुसंधान और शिक्षण के लिए कौशल वृद्धि प्रणाली विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
समझौता ज्ञापन की शर्तों के तहत, दोनों संस्थान अपनी महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं को साझा करने के लिए सहमत हुए हैं। संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के अवसरों की खोज करेंगे और उनके लिए बाहरी वित्त पोषण की तलाश करेंगे। संस्थान छात्रों को वर्तमान उद्योग व्यवस्था के लिए तैयार करने और प्रशिक्षण देने में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। छात्रों की इंटर्नशिप के लिए संस्थानों द्वारा आवश्यक समर्थन और सहायता भी प्रदान की जाएगी। दोनों संस्थानों में आपसी रुचि और उपलब्ध विशेषज्ञता के आधार पर अल्पकालिक पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशालाओं और सम्मेलनों जैसी संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियाँ भी कराइ जाएगी ।
यह समझौता शुरू में 5 साल के लिए वैध है और दोनों पक्षों की आपसी सहमति से इसे बढ़ाया जा सकता है। यह समझौता ज्ञापन तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग सहयोग में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए दोनों संस्थानों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह रणनीतिक साझेदारी निस्संदेह दोनों संस्थानों के विकास में योगदान देगी और छात्रों व फैकल्टी मेम्बर्स को लाभान्वित करेगी।