रायपुर
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की 'वाघ नख' और 'जगदंबा तलवार' की वापसी की मांग, किंग चार्ल्स तृतीय को लिखा पत्र
रायपुर। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी के दो छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की थी, जिसके परिणामस्वरूप 'वीर बाल दिवस' की घोषणा की गई। अपनी इस अभियान के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी (Chhattisgarh Civil Society) ने छत्रपति शिवाजी महाराज के छत्रपति शिवाजी महाराज की 'वाघ नख' और उनकी प्राणप्रिय 'जगदंबा तलवार' की तत्काल वापसी की मांग की है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डा. कुलदीप सोलंकी ने बताया कि सोसायटी की ओर से ब्रिटिश ताज को अल्टीमेटम दिया गया है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज की 'वाघ नख' और 'जगदंबा तलवार' जैसी हमारी 'हमारी धरोहरें लौटाए, वरना कानूनी युद्ध के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर का जुर्माना' भरना होगा। उन्होंने इसे लेकर ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय को कड़ा पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने 6 जून 2026 तक ये धरोहरें भारत को सम्मानपूर्वक नहीं लौटाने पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय जाने की चेतावनी दी है। इसके साथ भारत की 211 दुर्लभ कलाकृतियों की वापसी का एजेंडा भी तैयार किया गया है।
डा. सोलंकी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक संप्रभुता के सम्मान और औपनिवेशिक काल में लूटी गई अपनी गौरवशाली विरासतों को वापस पाने के लिए अब देश का जनमानस मुखर हो गया है। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय को एक कड़ा पत्र लिखकर भारत की प्राचीन संपदाओं की वापसी के लिए 6 जून 2026 की 'अंतिम तिथि' तय कर दी है। इस पत्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई बहस छेड़ दी है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने किंग चार्ल्स को भेजे गए इस ऐतिहासिक पत्र में साफ कहा है कि ब्रिटिश संग्रहालय में प्रदर्शित भारतीय कलाकृतियां केवल वस्तुएं नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का हिस्सा हैं। पत्र में विशेष रूप से हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 'वाघ नख' और उनकी प्राणप्रिय 'जगदंबा तलवार' तथा उनके तैल चित्र इत्यादि की तत्काल वापसी की मांग की गई है।
डॉ. सोलंकी ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब भारत अपनी उन निधियों को वापस ले, जो बलपूर्वक या छल से औपनिवेशिक शासन के दौरान ले जाई गई थीं। सोसायटी ने स्पष्ट किया है कि यदि 6 जून 2026 तक ये धरोहरें भारत को सम्मानपूर्वक नहीं लौटाई गईं, तो सिविल सोसायटी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दरवाजा खटखटाएगी।
केवल धरोहरों की वापसी ही नहीं, बल्कि पिछले कई दशकों से इन वस्तुओं के प्रदर्शन से ब्रिटेन द्वारा अर्जित किए गए राजस्व और ब्याज सहित 5 लाख ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक हर्जाने का भी दावा किया जाएगा।
यह संभवतः भारत की ओर से किसी भी विदेशी सत्ता को दी गई अब तक की सबसे बड़ी और स्पष्ट कानूनी चेतावनी है। डॉ. सोलंकी ने कहा, "इतिहास साक्षी है कि अन्याय की नींव पर खड़ा साम्राज्य स्थायी नहीं होता। आज का सशक्त और आत्मनिर्भर भारत अपनी गौरवशाली विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।" विशेषज्ञों का मानना है कि यह मांग केवल भावनात्मक नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत 'सांस्कृतिक संपत्ति की वापसी' (Restitution of Cultural Property) के वैश्विक आंदोलनों को और अधिक बल देगी।
सूची में शामिल हैं 211 बेशकीमती धरोहरें
केवल छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी वस्तुएं ही नहीं, बल्कि भारत की 211 दुर्लभ कलाकृतियों की वापसी का एजेंडा तैयार किया गया है। इनमें प्रमुख हैं:
अमरावती स्तूप के अवशेष: लगभग 2,000 साल पुराने अमरावती मार्बल्स।
होयसल कला: 12वीं-13वीं शताब्दी की नक्काशीदार मूर्तियां।
शिव नटराज: चोल काल की विश्वप्रसिद्ध कांस्य प्रतिमाएं।
सम्राट अशोक के शिलालेख: ब्राह्मी लिपि में अंकित भारतीय इतिहास के प्राचीनतम साक्ष्य।
मुगल-राजपूत लघु चित्र: दरबारी जीवन और शौर्य गाथाओं को दर्शाते दुर्लभ पेंटिंग्स।
धार्मिक मूर्तियां: भगवान गणेश, दुर्गा, सूर्य देव और विष्णु की प्राचीन प्रतिमाएं, साथ ही जैन तीर्थंकरों की मूर्तियां।
राजधानी में जीजा ने अपनी सालियों पर चलाई गोली, एक युवती की मौत, दूसरी गंभीर
डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर ने बताया कि पारिवारिक विवाद में गोली चलने की घटना सामने आई है। आरोपी जितेंद्र वर्मा और उसकी पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से दोनों सालियों पर गोली मार दी। पुलिस कमिश्नरेट की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर: मेडिकल कॉम्प्लेक्स में कई थोक और रिटेल दवा दुकानों में सरप्राइज चेकिंग
इस दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनका परीक्षण किया गया तथा आगे विस्तृत जांच की प्रक्रिया जारी है। जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा संबंधित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इनोवेशन महाकुंभ 1.0 बस्तर को इनोवेशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री साय
ट्रांसमिशन कंपनी और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के बीच सामूहिक दुर्घटना बीमा पर अनुबंध
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग द्वारा अपने नियमित अधिकारियों- कर्मचारियों के लिए सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी कराई गई। इस संबंध में आज मुख्य अभियंता मानव संसाधन ट्रांसमिशन कार्यालय में अनुबंध करार किया गया। बीमा पॉलिसी 5 मई 2026 रात्रि 12 बजे से एक वर्ष के लिए प्रभावशील होगी।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता मानव संसाधन ट्रांसमिशन रश्मि वर्मा एवं ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार सिंहा के बीच औपचारिक दस्तावेजों का आदान प्रदान किया गया। कार्यक्रम मे उपमहाप्रबंधक औद्योगिक संबंध गोपाल खंडेलवाल, सहायक प्रबंधक टीपी शर्मा ,ओरिएंटल इंश्योरेंशन कंपनी के महाप्रबंधक लुकेश साहू उपस्थित थे।
योजना के तहत कार्य अवधि में मृत्यु होने पर जोखिम राशि रुपए 15 लाख एवं कार्य अवधि के अलावा अन्य अवधि में दुर्घटनावश मृत्यु होने पर राशि रुपए 5 लाख प्रति कार्मिक देने का प्रावधान किया गया है। कंपनी द्वारा दुर्घटना की सूचना अनिवार्य रूप से बीमा कंपनी को 24 घंटे के भीतर देना होगा। साथ ही 30 दिन के अंदर निर्धारित दावा प्रपत्र एवं समस्त वांछित दस्तावेजों की 3प्रतियां व्यक्तिगत रूप से उप महा प्रबंधक औद्योगिक संबंध छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कार्यालय से परीक्षण कराके बीमा कंपनी को भेजना अनिवार्य होगा।
दस्तावेज को भेजने हेतु वरिष्ठ व्यावसायिक प्रबंधक, मेसर्स दी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, प्रमुख व्यावसायिक कार्यालय , एम आई जी 14/15, शंकर नगर, सेक्टर 3, रायपुर, छत्तीसगढ़, पिन नंबर 492004, दूरभाष क्रमांक 9168727775 में प्रेषित करना होगा। यह योजना गैर अंशदायी प्रकृति पर आधारित है, यानि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा वार्षिक प्रीमियम राशि, बीमा कंपनी को देय होगी।
CM साय ने महिला श्रमिकों के साथ बैठकर खाया बोरे बासी और आमा चटनी
भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने श्रमिक महिलाओं से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। महिलाओं ने भी खुले मन से अपने अनुभव साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला।
रायपुर में निःशुल्क झालमुड़ी खिलवा रहे मंत्री ओपी चौधरी
2021 के मुकाबले इस बार भाजपा का वोट शेयर करीब 6% ज्यादा दिख रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक अभी भाजपा को करीब 45% वोट मिले हैं और पार्टी पिछली बार से 117 सीटें ज्यादा लेकर आ रही है।
रायपुर में छाया बादल, हल्की बारिश का अलर्ट
किरंदुल में ‘इको पार्क’ की पहल: विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक
वन विकास निगम के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और एनएमडीसी के सहयोग से बनने वाला यह इको पार्क न केवल किरंदुल की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि विकास और पर्यावरण के सह-अस्तित्व का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।
धान से फूलों तक: आनंदराम सिदार की मेहनत ने बदली किस्मत, 22 हजार से 3 लाख तक का सफर
यह कहानी सिर्फ एक किसान की सफलता नहीं, बल्कि उस बदलते भारत की झलक है, जहां खेती अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि नवाचार और समृद्धि का माध्यम बनती जा रही है।
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल
रायपुर: पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने 40 पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
जब मुख्यमंत्री उतरे मैदान में: सुशासन तिहार में बच्चों संग खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी। बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत के सरपंच रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके।
मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।
सुशासन तिहारः गोद में उठाया, चश्मा पहनाया… भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।
सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया।
मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है।
मुख्यमंत्री के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - "मुझे डॉक्टर बनना है", तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।
मानविका की माता दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है।
यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।
मज़दूर अधिकारों पर हमले के खिलाफ आवाज़ बुलंद, ‘मज़दूर ज़िंदाबाद’ कार्यक्रम में गूंजे संघर्ष के स्वर
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर जन संस्कृति मंच (जसम) द्वारा आयोजित ‘मज़दूर ज़िंदाबाद’ कार्यक्रम में श्रमिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक प्रतिरोध के मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश के मौजूदा सामाजिक-आर्थिक हालात पर चिंता जताते हुए मज़दूरों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर हो रही कार्रवाई की आलोचना की।
जसम छत्तीसगढ़, अध्यक्ष रूपेंद्र तिवारी ने कहा कि देश की सत्ता उन हाथों में है, जिनका न तो स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ाव रहा है और न ही श्रमिक संघर्षों से। उन्होंने आरोप लगाया कि, हाल के दिनों में गुड़गांव-मानेसर, नोएडा, फरीदाबाद और पानीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में मज़दूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ हुई घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि असहमति की आवाज़ों को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि, “जब-जब हमले तेज़ होते हैं, संघर्ष भी उतना ही मजबूत होता है।”
कार्यक्रम में जन कवि वासुकी प्रसाद उन्मत्त और मजदूर साथी भागीरथी वर्मा का सम्मान किया गया। वासुकी प्रसाद ने रेलवे में खलासी के रूप में अपने अनुभव साझा किए, जबकि भागीरथी वर्मा ने बताया कि किस तरह उन्होंने नौकरी से निकाले जाने के बाद कानूनी लड़ाई लड़कर अपना हक हासिल किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। सुनीता शुक्ला ने गोरख पांडेय का गीत प्रस्तुत किया, वहीं समीक्षा नायर, अजुल्का सक्सेना, नीलिमा मिश्रा और अन्य रचनाकारों ने गीत, कविता और ग़ज़लों के माध्यम से श्रमिक जीवन के संघर्ष और संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में जसम रायपुर की ओर से एक निंदा प्रस्ताव पारित कर हालिया गिरफ्तारियों पर चिंता जताई गई और सत्यम वर्मा सहित अन्य साथियों की शीघ्र रिहाई की मांग की गई।
कार्यक्रम का संचालन लेखिका सनियारा खान ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राजकुमार सोनी ने किया। इस अवसर पर पीसी रथ, अखिलेश एडगर, मोहित जायसवाल, इंद्र कुमार राठौर, किशनलाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और साहित्यकार उपस्थित रहे।
दुनिया की अर्थव्यवस्था बिगाड़ता ईरान-अमेरिका युद्धः डॉ मल्लिका सूर
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में प्राचार्य डॉ विनोद कुमार जोशी के मार्गदर्शन एवं विभागाध्यक्ष डॉ मनीषा शर्मा के संयोजन में राजनीति विज्ञान परिषद द्वारा ईरान-अमेरिका युद्ध के वैश्विक प्रभाव पर व्याख्यान आयोजित किया गया। जिसके मुख्य वक्ता डॉ मल्लिका सूर वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान विभाग शासकीय हीरालाल काव्योपाध्याय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अभनपुर जिला रायपुर रही।
डॉ मल्लिका सूर ने अपने उद्बोधन में कहा कि ईरान-अमेरिका युद्ध का दुनिया पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है,जिसमें तेल की कीमतों में वृद्धि (पेट्रोल/डीजल), एलपीजी की किल्लत और खाद्य पदार्थों की महंगाई शामिल है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है।इसके अलावा,यह संघर्ष वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को तोड़कर भारत की आर्थिक विकास दर और व्यापार घाटे को प्रभावित कर रहा है।ईंधन और रसद महंगा होने के कारण भारत में परिवहन और वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं,जिससे आम लोगों पर बोझ बढ़ गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण भारत के लिए कच्चे तेल का आयात चुनौतीपूर्ण हो गया है। एलपीजी की भारी किल्लत से घरों में खाना पकाने में दिक्कतें आ रही हैं।यदि युद्ध लंबा चलता है,तो राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है और जीडीपी विकास दर धीमी हो सकती है।जहाजों के बीमा और भाड़े की लागत बढ़ने से भारतीय निर्यात कम प्रतिस्पर्धी हो गया है।ईरान में भारत के चाबहार बंदरगाह निवेश पर खतरा मंडरा रहा है, और इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण चीन का दबदबा बढ़ सकता है। खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी की चिंता भी बढ़ गई है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बने रहने के बावजूद,यह संघर्ष वैश्विक झटकों के कारण सप्लाई में बड़ी रुकावटें पैदा कर रहा है।अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के प्रमुख कारणों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम,मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान समर्थित गुटों के हमले, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश शामिल है।2015 के परमाणु समझौते के टूटने के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया,और 2026 में ईरान द्वारा नाकाबंदी के बाद युद्ध जैसी स्थिति बनी।
अमेरिका का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को रोकना और नाकाबंदी करना, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है। 1979 की ईरानी क्रांति और उसके बाद बंधक संकट के बाद से दोनों देशों के बीच अविश्वास की गहरी खाई है।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ भूपेंद्र कुमार साहू ने किया तथा डॉ कंचन गिलहरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग की छात्राओं उपस्थित रही।
सुशासन तिहारः प्रदेश व्यापी दौरे के लिए मुख्यमंत्री ने किया आगाज
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार अंतर्गत अपने प्रदेशव्यापी दौरे का आज आगाज कर कर दिया। राज्य शासन के महत्वपूर्ण अभियान सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री साय आज पुलिस लाइन हेलीपेड रायपुर से रवाना हुए।
इस अभियान में मुख्यमंत्री साय आम नागरिकों से रूबरू होकर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का फीडबैक लेंगे। उल्लेखनीय है कि 1 मई से प्रारंभ सुशासन तिहार 10 जून तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री के साथ दौरे पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल भी रवाना हुए।