रायपुर
डिजिटल सुशासन और शासकीय खरीद में पारदर्शिता की ओर सशक्त कदम
रायपुर। रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित न्यू सर्किट हाउस में सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) द्वारा विकसित इलेक्ट्रानिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। चिप्स एवं एन.आई.सी. के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में शासकीय खरीद में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए राज्य के समस्त विभागों को नवीन प्रोक्योरमेंट प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाना है। कार्यशाला के प्रथम दिन लोक कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, गृहनिर्माण विभाग,पर्यटन विभाग सहित 50 विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए, जिन्हें एन.आई.सी. नई दिल्ली से श्रीमती उषा सक्सेना, उप-महासंचालक के नेतृत्व में आये पांच सदस्यी दल द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मलिक ने बताया वर्तमान ई-खरीद प्रणाली दस वर्षों से कार्यशील है, वर्तमान प्रोक्योरमेंट प्रणाली से एन.आई.सी. द्वारा विकसित नवीन जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम की ओर माइग्रेशन प्रदेश के लिए एक नई और सशक्त शुरुआत है। श्री मलिक ने इस प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से डिजिटल सुशासन को सशक्त बनाने हेतु योगदान के लिए प्रोत्साहित किया।
राज्य के विभिन्न विभागों के प्रोक्योरममेंट से सम्बन्धित नोडल अधिकारीयों को नवीन प्रणाली का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली की उप-महासंचालक एवं ई-प्रोक्योरमेंट ग्रुप प्रमुख उषा सक्सेना ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल सुशासन नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि टेंडर में सबसे ज़रूरी तत्व पारदर्शिता, दक्षता और समानता हैं, यानि टेंडर प्रक्रिया में सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध रहना। एन.आई.सी. का जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम इन सभी ज़रूरी मानकों को पूर्ण करता है। श्रीमती उषा सक्सेना ने बताया कि जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रतिदिन 5-6 हज़ार निविदाएं हैंडल की जा रही हैं। इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के द्वितीय प्रशिक्षण सत्र में ई-खरीद से संबंधित शासकीय नीतियों, बेस्ट प्रैक्टिस, सॉफ्टवेयर फीचर के विषय में विस्तार से बताया जायेगा।
अपने स्वागत उद्बोधन में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी टीएन. सिंह ने कहा कि जेपनिक प्रोक्योरमेंट प्रणाली ई-सुशासन की दिशा में नया कदम है, यह एक कॉम्प्रेहेंसिव ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली है। इस स्केलेबल प्रणाली को राज्य की ज़रूरतों के अनुरूप री-स्ट्रक्चर और कस्टमाइज़ किया गया है। विभिन्न सुरक्षा फीचरों से सुसज्जित यह सिस्टम शासन की हर ज़रूरतों और चुनौतियों को कवर करता है।
उल्लेखनीय है कि जेपनिक ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम शासकीय खरीद के लिए विकसित एक केंद्रीय ई-खरीद प्रणाली है जिससे देश के 31 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश जुड़े हुए हैं। इस कार्यशाला में दो दिनों तक नवीन ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली से संबद्ध डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेशन, कॉन्फिगरेबल फंक्शनलिटी, ई-ऑक्शन, टेंडर प्रिपरेशन, प्राइस बिड सहित विभिन्न फीचरों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पारेशन, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस, मेट्रो रेल आदि की केस स्टडी के माध्यम से ई-प्रोक्योरमेंट बेस्ट प्रैक्टिस के बारे में बताया जायेगा। साथ ही जेपनिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर प्रश्नोत्तरी के दौरान उपस्थिति अधिकारियों की जिज्ञासा का समाधान किया।
भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का भव्य समापन: 'जीरो हार्म' कार्य संस्कृति पर जोर
रायपुर। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग (सीओ-सीसीडी) द्वारा आयोजित सात दिवसीय 'सुरक्षा जागरूकता सप्ताह एवं सुरक्षा प्रदर्शनी-2026' का 16 मार्च को विभागीय परिसर में गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। 10 मार्च से शुरू हुए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति सजगता को सुदृढ़ करना और सुरक्षित कार्य पद्धतियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक (सीओ-सीसीडी) तुलाराम बेहरा तथा मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) देबदत्त सतपथी ने की। इस अवसर पर संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों, ऑफिसर्स एसोसिएशन और यूनियन प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नियमित एवं संविदा कर्मियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथियों ने '360 डिग्री सुरक्षा दृष्टिकोण' विकसित करने और 'नियर मिस' रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल एक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक प्रतिबद्धता है, जिसे अग्रणी सुरक्षा संकेतकों (Leading Safety Indicators) के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सप्ताह भर चले इस आयोजन के दौरान कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु चित्रकला, रंगोली, टूल बॉक्स टॉक, सुरक्षा नाटिका, फुल बॉडी हार्नेस प्रतियोगिता और सुरक्षा प्रश्नोत्तरी जैसी विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से व्यावहारिक सुरक्षा ज्ञान को मनोरंजक और शिक्षाप्रद तरीके से प्रस्तुत किया गया।
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 'सुरक्षा प्रदर्शनी' रही, जिसमें सामग्री प्रबंधन, वर्किंग एट हाइट, कॉन्फाइंड स्पेस सेफ्टी और गैस सिलेंडरों की सुरक्षित हैंडलिंग जैसे तकनीकी विषयों पर स्टॉल लगाए गए थे। इस प्रदर्शनी का अवलोकन संयंत्र के 500 से अधिक कर्मियों ने किया और सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं, प्रशिक्षकों और प्रदर्शनी के समर्पित प्रतिनिधियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस पूरे आयोजन के सफल क्रियान्वयन में बीसी. मंडल, आशुतोष प्रधान और उनकी पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए प्रबंधन द्वारा उनकी सराहना की गई।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।
10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए।
यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।
रायपुर प्रेस क्लब में ‘खेल मड़ई-2’ का आगाज जल्द... दिवंगत पत्रकारों की स्मृति में होगी विभिन्न प्रतियोगिताएं
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिता ‘खेल मड़ई’ के दूसरे चरण ‘खेल मड़ई-2’ का आगाज जल्द ही किया जाएगा। इस चरण में इंडोर खेलों के अंतर्गत कैरम, शतरंज, बैडमिंटन और टेबल टेनिस की स्पर्धाएं आयोजित होंगी। प्रतियोगिताएं एकल एवं युगल वर्ग में कराई जाएंगी। आगामी प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर रविवार को रायपुर प्रेस क्लब की खेल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, नियमों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने खेल प्रतियोगिताओं को प्रेस क्लब के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकारों की स्मृति को समर्पित करने के निर्णय को आगे बढ़ाते हुए इस बार की इंडोर स्पर्धाओं को भी अलग-अलग पत्रकारों की स्मृति में आयोजित करने का फैसला लिया है। इसके तहत बैडमिंटन स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. देवेंद्र कर की स्मृति में आयोजित होगी। टेबल टेनिस स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. सत्येंद्र गुमास्ता की स्मृति में आयोजित की जाएगी। कैरम स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. रमेश नैयर की स्मृति में होगी और शतरंज स्पर्धा स्व. योगेश यदु की स्मृति में आयोजित की जाएगी।
इन प्रतियोगिताओं को लेकर प्रेस क्लब के सदस्यों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए 100 से अधिक प्रतिभागी आवेदन कर चुके हैं, जिससे इस बार प्रतियोगिता के और भी रोचक होने की उम्मीद जताई जा रही है। बैठक में प्रतियोगिता के नियमों पर भी चर्चा की गई। तय किया गया कि सभी स्पर्धाओं में केवल रायपुर प्रेस क्लब के सदस्य ही भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण स्पर्धाएं निर्धारित समय पर ही प्रारंभ की जाएंगी। निर्धारित समय के 10 मिनट तक प्रतिभागी के उपस्थित नहीं होने पर विरोधी खिलाड़ी को वॉकओवर दिया जाएगा। सभी मुकाबले निर्धारित खेल नियमों के अनुसार होंगे तथा किसी भी विवाद की स्थिति में निर्णायक एवं प्रेस क्लब कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम माना जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ दिवंगत पत्रकारों की स्मृति को चिरस्थाई बनाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे इसी कड़ी खेल मड़ाई 2 में दिवंगत पत्रकार जनों को समर्पित किया जा रहा है, हमारी कोशिश है कि नई पीढ़ी तक दिवंगत पत्रकारों के विचार एवं मार्गदर्शन पहुंचे इसलिए आयोजनों को दिवंगत पत्रकारों को समर्पित किया जा रहा है। बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर सहित खेल समिति के सदस्य कमलेश गोगिया, दिनेश कुमार, राजेंद्र निगम, संतोष साहू, पी. रामाराव नायडू, लविंदर पाल सिंह, तिलक साहू, स्टार जैन और लक्ष्मण लेखवानी , हेमंत डोंगरे उपस्थित रहे।
इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, निरमा यूनिवर्सिटी ने जीती 3rd जस्टिस हिदायतुल्लाह इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता की ट्रॉफी
रायपुर। हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर में आयोजित 3rd जस्टिस हिदायतुल्लाह इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता (Justice Hidayatullah International Moot Court Competition – HIMCC) 2026 का खिताब इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, निरमा यूनिवर्सिटी, गांधीनगर ने अपने नाम कर लिया। विजेता टीम को चैंपियनशिप ट्रॉफी के साथ ₹2,00,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओडिशा को रनर-अप घोषित किया गया, जिसे ₹1,50,000 की पुरस्कार राशि दी गई।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट व्यक्तिगत और टीम प्रदर्शन के लिए भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ वक्ता (Best Speaker) का पुरस्कार सिया गणात्रा, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओडिशा को मिला। सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल (Best Memorial) का सम्मान नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर को प्रदान किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता (Best Researcher) का पुरस्कार कनिष्क गुप्ता, कर्णावती यूनिवर्सिटी को मिला। ये सभी पुरस्कार समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए।
इस वर्ष की मूट समस्या ऊर्जा कानून और जलवायु शासन से जुड़े समकालीन मुद्दों पर आधारित थी, जिसमें ऊर्जा संक्रमण, सतत विकास और विनियामक शासन से संबंधित जटिल कानूनी प्रश्नों को शामिल किया गया। इस मूट समस्या का प्रारूप प्रो. आर. मुरलीधरन (Manu Associates) तथा हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के विज़िटिंग फैकल्टी द्वारा तैयार किया गया था।
हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, रायपुर ने 13 से 15 मार्च 2026 के बीच इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। प्रतियोगिता में भारत सहित विदेशों के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया और तीन दिनों तक गहन कानूनी बहस, शोध और न्यायालयीय अनुकरण (Courtroom Simulation) के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के मेमोरियल राउंड के लिए कुल 46 पंजीकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 32 टीमों को मौखिक दौर (Oral Rounds) के लिए चयनित किया गया। इन टीमों में कुल 95 प्रतिभागी शामिल थे, जो भारत के 16 राज्यों, 2 केंद्रशासित प्रदेशों और 2 विदेशी देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। प्रतियोगिता का मूल्यांकन 57 न्यायाधीशों के प्रतिष्ठित पैनल द्वारा किया गया, जिन्हें 20 संकाय स्वयंसेवकों और लगभग 390 छात्र स्वयंसेवकों का सहयोग प्राप्त हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि आर. वेंकटरमणि, भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) ने अपने संबोधन में विधि शिक्षा में मूटिंग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं का महत्व केवल परिणाम में नहीं, बल्कि उस प्रक्रिया में निहित है जो छात्रों की शोध क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, वकालत कौशल और आत्मविश्वास को सुदृढ़ बनाती है।
सभा को संबोधित करते हुए हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने कहा कि यह प्रतियोगिता धीरे-धीरे एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मूटिंग मंच के रूप में स्थापित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता में 46 पंजीकरणों में से 32 टीमों के 95 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनका मूल्यांकन 57 न्यायाधीशों द्वारा किया गया तथा प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹5.5 लाख रही।
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में प्रो. रणबीर सिंह, प्रो-चांसलर, IILM यूनिवर्सिटी; पी. वी. एस. गिरिधर, वरिष्ठ अधिवक्ता, मद्रास उच्च न्यायालय; प्रो. आर. मुरलीधरन, विज़िटिंग प्रोफेसर, HNLU; प्रो. उदय शंकर, प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर; तथा प्रो. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीन (पीजी), हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इससे पूर्व डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार (प्रभारी), हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. अमितेश देशमुख ने प्रतियोगिता की प्रमुख झलकियाँ प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागी टीमों के समर्पण और उत्साह की सराहना की। कार्यक्रम का समापन डॉ. मयंक श्रीवास्तव, ऑर्गेनाइजिंग को-सेक्रेटरी, HIMCC द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रतियोगिता का सफल आयोजन डॉ. अनिंद्य तिवारी, मूट कोर्ट समिति के संयोजक, तथा विश्वविद्यालय के छात्र स्वयंसेवकों के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नेपाल से आई प्रतिभागी टीम को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की उस टीम को भी बधाई दी गई जिसने फिलिप सी. जेसप इंटरनेशनल लॉ मूट कोर्ट प्रतियोगिता के इंडिया राउंड्स में विजेता बनकर वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित अंतरराष्ट्रीय राउंड्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया है।
एक और सफल संस्करण के साथ जस्टिस हिदायतुल्लाह इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता ने वकालत कौशल, कानूनी शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की परंपरा को और सुदृढ़ किया है तथा विधि छात्रों को समकालीन वैश्विक कानूनी चुनौतियों से जुड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है।
CG- पेपर लीक मामलाः 12वीं के पेपर लीक पर माशिम ने पुलिस और साइबर सेल में दर्ज कराई FIR
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कथित आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया और व्हाट्स एप ग्रुपों में परीक्षा से पहले कुछ सवाल वायरल होने का दावा किया जा रहा है। मामले को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करवा दी है। बताया जा रहा है कि 14 मार्च को आयोजित 12वीं हिंदी विषय की परीक्षा से पहले ही 13 मार्च की देर रात सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल वायरल हो गए थे। इस घटना के सामने आने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक 13 मार्च की रात करीब 2 बजकर 41 मिनट पर एक व्हाट्सऐप चैनल पर किसी अज्ञात महिला द्वारा दो पन्नों पर हाथ से लिखे हुए करीब 15 सवाल भेजे गए थे। इसके कुछ मिनट बाद उसी नंबर से एक और संदेश भेजा गया, जिसमें लिखा गया था— “इसे भी देख लेना।” इसके बाद इन सवालों की तस्वीरें व्हाट्सऐप ग्रुपों और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगीं।
अगले दिन यानी 14 मार्च को जब 12वीं कक्षा की हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई, तो दावा किया गया कि जो सवाल रात में वायरल हुए थे, वही प्रश्न लगभग उसी क्रम में परीक्षा के प्रश्नपत्र में देखने को मिले। वायरल संदेशों और परीक्षा के प्रश्नपत्र के बीच समानता होने के दावे ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
शिक्षा से जुड़े कुछ संगठनों और छात्रों ने आरोप लगाया है कि यदि वायरल हुए सवाल और प्रश्नपत्र के प्रश्न वास्तव में एक जैसे हैं, तो यह स्पष्ट रूप से प्रश्नपत्र लीक होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
दुर्गा कालेज के रिटायर प्रोफेसरों ने सियान गुड़ी में बिताया दिन
- प्रो. शंभू दयाल के जन्मदिन काटा केट.. स्वस्तिवाचन का हुआ पाठ
रायपुर। हरियाली के बीच सुकून के पल तलाश किसे नहीं होती। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में आने वाले बुजुर्गों को यह दोनों चीजें हरियाली और सुकून के पल एक साथ मिलता है। एकाकीपन से दूर करती सियान गुड़ी में सोमवार 16 मार्च को दुर्गा कालेज के रिटायर प्रोफेसरों का ग्रुप पहुंचा। दुर्गा कालेज के प्रोफेसरों ने अपना दिन भर का समय सियान गुड़ी में व्यतीत किया और ढेर सारी बातें की।
सियान गुड़ी के प्रभारी मंडल समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि आज दुर्गा कालेज के रिटायर प्रोफेसरों ने सियान गुड़ी में अपनी समय बिताया। दिन की शुरूआत सम-सामयिक चर्चाओं के साथ की गई। वहीं प्रो. शंभूदयाल भारती का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य पंडित सीपी मिश्रा ने स्वस्तिवाचन का पाठ कर उनके जन्मदिन को और भी खास बना दिया। आगंतुकों ने वहां कैरम खेला और भोजन के बाद कुछ समय विश्राम भी किया।

सम-सामयिक चर्चाओं के बीच मंडल के वरिष्ठ सदस्य प्रो. अनिल श्रीराम काळेले ने गैस सिलेंडर की मची मारामारी को लेकर सभी से लोगों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने कहा कि डिमांड बढ़ जाने के कारण किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। समस्या आती ही खत्म होने के लिए है। यह परेशानी भी कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी।

दुर्गा कालेज से रिटायर प्राचार्य प्रो. एसएस खनूजा ने कहा कि हमने महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी कार्यों के बीच सियान गुड़ी का संचालन प्रशंसनीय है। आज हम अखबारों में गैस की किल्लत की खबरें रोज पढ़ रहे है। गैस एजेंसी के सामने लंबी कतारें भी देखने को मिल रही है। समय पर गैस नहीं मिलने के डर से जिन्हें अभी आवश्यता नहीं है वह भी नंबर लगा रहे है, दो-चार दिनों में परेशानी खत्म हो जाएगी।
इस अवसर पर दुर्गा कालेज से रिटायर प्रो. विश्राम सिंह वर्मा, प्रो. सीपी मिश्रा, प्रो. सीएम मुखर्जी, प्रो. आशा राय, प्रो. मदन हाजरा, प्रो. बीएस चंदेल, प्रो. सीएम मुखर्जी, कृषि विवि से रिटायर प्रो. जेएस उरकुरकर उपस्थित थे।
सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुंचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं। भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
खेल अधोसंरचना के विकास से निखर रही प्रदेश की प्रतिभाएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है।
आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।
उच्च शिक्षा विभाग की 1306 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित... बनेंगे 25 महाविद्यालयों के नए भवन
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के उच्च शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गई। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 37 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यह बजट प्रावधान प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मंत्री ने बताया कि वंचित क्षेत्रों के लिए वित्तीय संसाधनों में भी वृद्धि की गई है। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के लिए 230.36 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 249.61 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए 103.10 करोड़ रुपये के प्रावधान को बढ़ाकर 120.23 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) को विकास का प्रमुख स्तंभ बनाया है। वर्ष 2024-25 में राज्य में महाविद्यालयों की संख्या 335 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 343 हो गई है। इसी वर्ष 8 नए स्नातक महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें संगीत, विधि और शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय भी शामिल हैं।
दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के खड़गवा में बी.एड. (आईटीईपी) तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुहेला में नए महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरगुजा विश्वविद्यालय में नए विषय शुरू करने तथा रामचंद्रपुर और घरघोड़ा महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन के लिए 1.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण हेतु 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 4.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोहका-नेवरा-तिल्दा में ऑडिटोरियम निर्माण, भानुप्रतापपुर में छात्रावास निर्माण और धमतरी महाविद्यालय के छात्रावास में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए कुल 1.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
मंत्री ने कहा कि राज्य के चयनित महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के तहत 36 शासकीय महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में 25 महाविद्यालयों को और वर्ष 2026-27 में 5 महाविद्यालयों के लिए प्रति महाविद्यालय 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। अब तक 200 शासकीय महाविद्यालयों और 5 राज्य विश्वविद्यालयों का NAAC द्वारा सफलतापूर्वक मूल्यांकन कराया जा चुका है। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि राज्य में 335 शासकीय, 321 अशासकीय महाविद्यालयों, 8 राजकीय विश्वविद्यालयों और 18 निजी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। इसके तहत बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट प्रणाली और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है। 42 स्किल एन्हांसमेंट कोर्स और 108 जनरिक इलेक्टिव व एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स विकसित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत 12 शासकीय महाविद्यालयों को प्रति महाविद्यालय 5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं 3 विश्वविद्यालयों को प्रति विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसके अलावा बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को MERU (Multidisciplinary Education and Research Universities) योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
लैंगिक समावेशन और समानता पहल (Gender Inclusion and Equity Initiative) के तहत राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार और कबीरधाम जिलों को महिला शिक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के लिए प्रति जिला 10 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, समतामूलक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास के साथ राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके।
ईरान ने भारतीय टैंकर्स को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की दी अनुमति
नईदिल्ली। मीडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिका की ईरान के साथ चल रही जंग 12 दिन बाद जो खबर निकलकर सामने आई है उसके अनुसार ईरान ने भारतीय जहाज को तो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। लेकिन साथ ही दूसरे देशो के जहाजों को वहां से जाने की अनुमति नहीं दी गई। इजरायल और अमेरिका से जंग के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि इधर से गुजरेगा तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने का भरोसा दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के अपने समकक्ष अराघची से बात के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। दोनों देशों के विदेश मंत्री की बातचीत का मकसद गैस और तेल की प्रभावित कीमतों और उपलब्धता को स्थिर रखना है।
अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना ने बदल दी अभिषेक-बबीता की ज़िंदगी, सामाजिक समरसता की ओर बढ़ाया कदम
रायपुर : सामाजिक सद्भाव, समानता और जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में सरकार द्वारा संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आज वास्तविक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के युवा दम्पत्ति अभिषेक आदिले और बबीता देवांगन की कहानी समाज में नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है।
कोरबा के आदिले चौक, पुरानी बस्ती के निवासी अभिषेक आदिले हैं और जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, तथा जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम चोरिया, तहसील सारागांव की रहने वाली 20 वर्षीया बबीता देवांगन, जो अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से हैं, ने सामाजिक बाधाओं को दूर करते हुए अंतर्जातीय विवाह किया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते का सम्मान किया और समाज में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।
अंतर्जातीय विवाह करने वाले दम्पत्तियों को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के अंतर्गत इस दम्पत्ति को कुल 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोरबा द्वारा इस राशि में से 1.00 लाख रुपए दम्पत्ति के संयुक्त बैंक खाते में प्रदान कर दिए गए हैं, जबकि शेष 1.50 लाख रुपए उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की सावधि जमा के रूप में निवेश किए गए हैं। यह आर्थिक सहायता उनके नए जीवन की शुरुआत को सरल बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।
केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार दोनों ही सामाजिक समरसता को मजबूत करने, जातीय भेदभाव को समाप्त करने और युवाओं को रूढ़िवादी सोच से मुक्त कर समानता के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। शासन द्वारा संचालित यह योजना समाज को अधिक संवेदनशील, एकजुट और प्रगतिशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी है, जिससे प्रेम, सम्मान और समानता की भावना को बल मिलता है।
अभिषेक और बबीता की यह पहल केवल एक विवाह का संस्कार नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की नींव है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि यदि विश्वास और साहस हो तो जाति-पाति की दीवारें स्वयं ढह जाती हैं और मानवीय मूल्य ही समाज की असली पहचान बनते हैं। शासन की योजना से मिली सहायता ने उनकी नई यात्रा को सुरक्षित और स्थिर बनाया, जबकि उनकी आपसी समझ और दृढ़ता इस कहानी को और अधिक प्रेरक बनाती है।
चार साल पहले शादी के बंधन में बंधे अभिषेक–बबीता की सफलता से स्पष्ट होता है कि सरकारी योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं जब समाज के लोग उन्हें अपनाकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से जर्जर पुल के निर्माण की शुरुआत
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सिंगीबहार से कछुआकानी मुख्य मार्ग पर स्थित जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से पुल की जर्जर स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के संज्ञान में मामला आने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
बताया गया है कि सिंगीबहार–कछुआकानी मार्ग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। पुल के खराब होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया को जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलते ही संबंधित विभाग ने स्थल पर पहुंचकर पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
पुल निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुल बनने से आवागमन सुरक्षित होने के साथ ही आसपास के गांवों के विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
फोन पर बुक नहीं हो रहा गैस सिलेंडर तो घबराएं नहीं… इन 4 तरीकों से मिनटों में हो जाएगी LPG बुकिंग
डेस्क। देश में एलपीजी गैस की कमी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर बुकिंग के लिए लाइनें लगने लगी हैं। आमतौर पर लोग फोन कॉल के जरिए गैस सिलेंडर बुक करते हैं, लेकिन इन दिनों कॉल पर बुकिंग करने में परेशानी हो रही है। अगर आपकी भी गैस खत्म होने वाली है और फोन से बुकिंग नहीं हो पा रही है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।
दरअसल, गैस सिलेंडर बुक करने के कई और आसान तरीके भी मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप मिनटों में LPG सिलेंडर बुक कर सकते हैं।
WhatsApp से करें LPG सिलेंडर बुकिंग
अब आप व्हाट्सऐप के जरिए भी आसानी से सिलेंडर बुक कर सकते हैं।
• Indane Gas: रजिस्टर्ड नंबर से 7588888824 पर REFILL लिखकर मैसेज करें
• HP Gas: 9222201122 पर Hi या Book लिखकर मैसेज करें
• Bharat Gas: 1800224344 पर Hi या Book लिखकर मैसेज करें
SMS के जरिए भी कर सकते हैं बुकिंग
अगर आपके पास इंटरनेट नहीं है तो आप SMS के जरिए भी सिलेंडर बुक कर सकते हैं।
• Indane Gas: रजिस्टर्ड नंबर से 7718955555 पर REFILL लिखकर SMS भेजें
• Bharat Gas: 7715012345 या 7718012345 पर LPG लिखकर SMS करें
मिस्ड कॉल देकर भी हो जाएगी बुकिंग
कई गैस कंपनियां मिस्ड कॉल बुकिंग सुविधा भी देती हैं।
• Indane Gas: 8454955555
• HP Gas: 9493602222
इन नंबरों पर मिस्ड कॉल देने के बाद आपकी बुकिंग रजिस्टर हो जाएगी।
मोबाइल ऐप से भी कर सकते हैं बुकिंग
अगर आप स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो UMANG ऐप के जरिए भी LPG सिलेंडर बुक किया जा सकता है।
इसके अलावा आप
• Paytm
• PhonePe
• Amazon Pay
जैसे पेमेंट ऐप के जरिए भी गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं।
प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका:मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हुई अहम बैठक
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए मंत्रालय महानदी भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने सभी ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। इस अवसर पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में ऑयल कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डर वर्तमान में केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थाओं, जैसे अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। इस पर खाद्य सचिव रीना कंगाले ने निर्देशित किया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएँ चल रही हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थाओं एवं छात्रावासों को गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।
बैठक के दौरान सचिव कंगाले ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर 15 प्रतिशत कमर्शियल सप्लाई होटलों आदि को भी दिए जाने पर विचार किया जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सीमित स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग तथा अवैध गैस रिफिलिंग की रोकथाम के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके।
बैठक में राज्य में डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तीनों डीजल-पेट्रोल डिपो में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इस पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डीजल और पेट्रोल की दैनिक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।