रायपुर
रविवि के इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल द्वारा आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल, इलेक्ट्रॉनिक्स & फोटोनिक्स विभाग और प्रबंधन संस्थान के सहयोग से आयोजित एक प्रेरणादायक विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र के माध्यम से उद्यमिता की भावना को प्रज्वलित किया। इस सत्र में दिलीप मोहंती, चीफ (एचआरएम)जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड रायपुर, छत्तीसगढ़ ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार साझा किए। कार्यक्रम में डॉ दिलीप मोहंती ने नवाचार एवं उद्यमिता विद्यार्थियों, शोधार्थियों और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं को संबोधित किया।
यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जो सदैव ऐसे कार्यक्रमों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। स्वागत भाषण डॉ. कविता ठाकुर, द्वारा अध्यक्ष, इंस्टीट्यूट इनोवेशन काउंसिल एवं विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फोटोनिक्स अध्ययनशाला, पंडित रविवि, रायपुर द्वारा दिया गया।
डॉ. ए.के. श्रीवास्तव,प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवम विभागाध्यक्ष,एमबीए विभाग ने कार्यक्रम के आरंभ में डॉ दिलीप मोहंती के बारे में छात्रों को उद्बोधित किया एवम स्टार्टअप इनोवेशन पर अपने विचार साझा किए। अपने उद्बोधन में डॉ मोहंती ने कहा कि किसी भी विचार को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए केवल नवाचार ही नहीं बल्कि उसके व्यावसायिक मूल्य और व्यवसायिक सामंजस्य की प्राप्ति आवश्यक है। उन्होंने प्रोटोटाइप वैलिडेशन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए कहा कि वास्तविक बाजार की समस्याओं को पहचानकर ही समाधान आधारित उत्पाद विकसित किए जा सकते हैं।
विशेष रूप से उन्होंने नवाचार आधारित स्टार्टअप और पारंपरिक व्यवसाय के अंतर पर प्रकाश डाला। श्री मोहंती के अनुसार पारंपरिक व्यवसाय मुख्यतः स्थापित बाजार और सुरक्षित मांग पर आधारित होते हैं, जबकि नवाचार आधारित स्टार्टअप में अनिश्चितता अधिक होती है परंतु नवीन समाधान और तकनीकी श्रेष्ठता उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाती है।
उन्होंने युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में सफलता के लिए धैर्य, दृढ़ता और ग्राहक की आवश्यकताओं की गहन समझ अनिवार्य है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछकर संवाद स्थापित किया और व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
यह आयोजन विद्यार्थियों को नवाचार से स्टार्टअप तक की यात्रा में मार्गदर्शन प्रदान करने वाला रहा तथा विश्वविद्यालय के नवाचार वातावरण को और सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हुआ।इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न अध्ययनशाला के लगभग 80 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रबंधन संस्थान में किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जी.के. देशमुख द्वारा किया गया।
चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारी सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत विषयगत कार्यशालाओं की शुरुआत
रायपुर। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विभाग द्वारा कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (ईएपी) के अंतर्गत विषयगत कार्यशालाओं की शुरुआत की गई। संयंत्र के मानव संसाधन विभाग के मुख्य सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संदीप माथुर रहे।
अपने संबोधन में माथुर ने कहा कि सेल ने सदैव सुरक्षा, हाउसकीपिंग और तकनीकी अनुशासन के साथ-साथ कर्मचारियों की खुशी और मानसिक संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के कार्यक्रम कर्मचारियों को लाभान्वित करेंगे और सभी को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएंगे।
कार्यशालाओं के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तिगत एवं कार्य-संबंधी मुद्दे, मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण, तनाव प्रबंधन, वित्तीय एवं कानूनी चिंताएँ, कार्य-जीवन संतुलन और पारिवारिक संबंध जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ 17 फरवरी 2025 को निदेशक (कार्मिक) केके सिंह द्वारा ज़ूम मीटिंग के माध्यम से किया गया था, जिसमें सेल के सभी संयंत्रों एवं इकाइयों ने भाग लिया था। इसके बाद मेसर्स ईएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 19 फरवरी से 5 मार्च तक सभी पाँच इस्पात संयंत्रों में तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किए गए थे। भिलाई में यह कार्यक्रम 24 से 26 फरवरी तक संपन्न हुआ था।
इसके क्रम में अब 18 से 20 अगस्त तक विषयगत कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। अधिकारियों के लिए “परामर्श के लिए जाएँ या न जाएँ” तथा गैर-अधिकारियों के लिए “तनाव से शक्ति तक” जैसे विषय रखे गए हैं। उद्घाटन दिवस पर विभिन्न विभागों से लगभग 300 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की।
इस कार्यक्रम का समन्वय मानव संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को स्वस्थ, संतुलित और सहयोगात्मक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (मानव संसाधन) शालिनी चौरसिया और सिकंदर इंदौरिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के. सुपर्णा ने प्रस्तुत किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह पर उत्कृष्ट सेवा के लिए 13 विद्युतकर्मी राज्य स्तर पर पुरस्कृत
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी मुख्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 विद्युत कर्मियों को अध्यक्ष डा. रोहित यादव (आईएएस) ने नगद, पदक एवं प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया। तीनों पावर कंपनियों के उत्कृष्ट कर्मियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया से किया गया था।
कंपनी मुख्यालय में 15 अगस्त को आयोजित समारोह में जनरेशन कंपनी के श्री सतीश कुमार रस्तोगी, सहायक अभियंता को मड़वा विद्युत गृह 2 के कोल मिल क्र. 2-एच के प्लेनेटरी गियर बाक्स में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने, आरके कौशिक, कार्यपालन अभियंता, एचटीपीएस, कोरबा पश्चिम को 4×210 एवं प्रस्तावित 2×660 मेगावॉट की नवीन परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
ट्रांसमिशन कंपनी के त्रिभुवन जंघेल, परिचारक श्रेणी-एक (लाइन) अति उच्च दाब (संधारण) संभाग, भिलाई को 220 केवी खेदामारा-ठेलकाडीह सर्किट-2 में कंडक्टर हार्डवेयर फेल होने से बाधित विद्युत आपूर्ति को बहाल, इंजोर कुमार साय, कार्यपालन अभियंता, (निर्माण) संभाग, कोरबा को सघन वन क्षेत्र को बायपास करते हुए 132/33 केवी उपकेन्द्र जनकपुर को ऊजÊकृत करने, गणेशराम जायसवाल, कार्यपालन अभियंता (निर्माण) संभाग, बिलासपुर को अति उच्च दाब उपकेन्द्र मस्तुरी एवं धरदेही के लिये 400 केवी लाईन के निर्माण एवं कोंडातराई-जुर्डा 132 केवी लाइन के निर्माण कार्यों में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए पुरस्कृत किया गया।
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अविनाश कुमार दुबे, सहायक अभियंता (बघेरा उपसंभाग) को बकाया राशि में 48 प्रतिशत की कमी तथा ट्रांसफार्मर फेल्योर रेट में 5 प्रतिशत से 2.7 प्रतिशत लाने, नितेश चन्द्र दुबे तकनीशियन नगर संभाग दक्षिण रायपुर ने आंधी-तूफान के कारण 33 केवी के 9 फीडरों में ब्रेक-डाउन के कारण 12 उपकेन्द्रों एवं 20 उच्चदाब उपभोक्ताओं की बाधित विद्युत व्यवस्था को अल्पसमय में बहाल करने के कारण पुरस्कृत किया गया।
इसी तरह केंद्रीय कार्यालय स्तर पर 6 कर्मियों को पुरस्कृत किया गया। जनरेशन कंपनी से श्री पंकज जायसवाल, सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) को पावर फायनेंस कार्पोरेशन द्वारा 8.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर स्वीकृत ऋण की बकाया राशि को 7.48 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर रिफायनेंस करवाने, बादल वर्मा, सहायक अभियंता (सीएण्डआरए) को वर्ष 2025-26 की पूंजीगत निवेश योजना याचिका में खर्च की जानकारी का संकलन करने के लिए पुरस्कृत किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी के यूआर मिर्चे, अधीक्षण अभियंता (लाइन) को विधानसभा व लोकसभा प्रश्नों के उत्तर एवं छत्तीसगढ़ महालेखाकार के ऑडिट-पैराओं का उपयुक्त जवाब समय-सीमा में प्रेषित करने, रेखा शर्मा, सहायक अभियंता (भार प्रेषण केन्द्र) को ट्रांसमिशन लॉस की गणना से संबंधित सभी आंकड़ों को दुरूस्त करने के लिए पुरस्कृत किया गया। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के दुर्गा चरण पटेल कार्या. सहा. श्रेणी-दो को निविदा संपादित करने, न्यायालयीन प्रकरणों, विधानसभा प्रश्नों की जानकारी को समय सीमा में उपलब्ध कराने, प्रभाकर उराव, सहायक अभियंता (राजस्व) को डिजिटल एवं आनलाइन भुगतानों तथा सैप बिलिंग माड्यूल में आवश्यक प्रविष्टि व उपभोक्ता शिकायतों का निराकरण करने हेतु पुरस्कृत किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका ने रविशंकर विश्वविद्यालय को दी नैक ए प्लस ग्रेड मिलने पर शुभकामनाएं
रायपुर। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दी है। राजभवन मे रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदांनद शुक्ला ने राज्यपाल से भेंट कर विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने का पत्र सौंपा। राज्यपाल ने इसे पूरे प्रदेश के लिए हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे गुणवत्ता में सुधार लाकर अति उत्तम ग्रेडिंग प्राप्त करेंगे।
उल्लेखनीय है कि रविशंकर विश्वविद्यालय राज्य का पहला शासकीय विश्वविद्यालय है जिसे सामान्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है। राज्यपाल श्री डेका ने विगत एक वर्ष में नियमित रूप से शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें गुणवत्ता में सुधार लाने और नैक ग्रेडिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से रविशंकर विश्वविद्यालयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संचालक प्रोफेसर आर. पी. परगनिहा और कुलसचिव प्रोफेसर अंबर व्यास उपस्थित थे।
राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्रीश्री साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया। देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया। गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।
ट्रेन में लाखों के जेवरात से भरा बैग ले उड़े चोर तलाश में जुटी जीआरपी
मुख्यमंत्री साय ने जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ, निभाई दही-हांडी की परंपरा
मुख्यमंत्री साय ने इस भव्य आयोजन के सफल संचालन हेतु आयोजक बसंत अग्रवाल एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी।कार्यक्रम में विधायक किरण देव एवं पवन साय ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएँ दीं। अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
भारतमाला घोटाला अल्टीमेटम बेअसर, तीन टीमों ने नहीं सौंपी जांच रिपोर्ट
गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देश पर संभागायुक्त द्वारा रायपुर विशाखापट्नम परियोजना के तहत भू-अर्जन मुआवजा घोटाले की जांच की जा रही है| संभागायुक्त ने भारतमाला परियोजना के तहत भू-अर्जन मुआवजा प्रकरणों के संबंध में नए सिरे से दावा-आपत्तियां मंगाई थीं. इनमें डेढ़ सौ से अधिक दावा-आपत्तियां व शिकायतें प्राप्त हुई थीं| दावा-आपत्तियों की जांच के लिए माहभर पहले अपर कलेक्टर ज्योति सिंह, उमाशंकर बंदे, निधि साहू, इंदिरा देवहारी की अध्यक्षता में अलग-अलग चार टीमें बनाकर हफ्तेभर के भीतर रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है. बताया गया है कि हफ्तेभर के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंपी जानी थी| जांच रिपोर्ट में देरी को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं इस मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हो रही है|
गुढ़ियारी मैदान में विशाल दही हांडी प्रतियोगिता
दही हांडी प्रतियोगिता में युवाओं की टीमों ने ह्यूमन पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने का शानदार प्रदर्शन किया। पूरा मैदान “हारे के सहारे की जय, गोविंदा आला रे” के जयकारों से गूंज उठा।
नन्हें बालगोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास
वाटरफॉल में रायपुर के युवक की मौत, पैर फिसलने से हुआ हादसा
गौरतलब है कि मलांजकुड़ुम जलप्रपात में हर साल हादसे होते आ रहे हैं, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम अब तक नहीं किए गए हैं| 2022 में भी यहां दो युवकों की मौत हो चुकी थी| लगातार हो रहे हादसों ने पर्यटन स्थलों की बदइंतजामी और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है|
नवा रायपुर में सड़क पर स्टंट करने वालों पर पुलिस का शिकंजा
पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी स्टंट या तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों पर लगातार नज़र रखी जाएगी।
श्री गोपाल मंदिर में धूमधाम से मनाई जन्माष्टमी
राधा कृष्ण मंदिर समता कॉलोनी में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। यहां राधा कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण की पूजा का मुहूर्त मध्यरात्रि 12 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा, जिसका समापन 12 बजकर 47 मिनट पर होगा।चंद्रोदय का समय आज रात 11 बजकर 32 मिनट पर होगा। इसी अवधि में श्रीकृष्ण का जन्म होगा और जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
बाल गोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ की संस्कार धानी में मचेगी दही-हांडी की धूम, 11 लाख के इनाम के लिए जुटेंगे देशभर के गोविंदा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी रायपुर की पावन भूमि गुढ़ियारी एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति एवं श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में, भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर, दही-हांडी उत्सव का 16वां भव्य आयोजन किया जा रहा है। समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल ने बताया कि यह विशाल 7 प्रतियोगिता दिनांक 17 अगस्त 2025, दिन रविवार को शाम 04 बजे से अवधपुरी मैदान, श्री नगर रोड, गुढ़ियारी में आयोजित होगी। विजेताओं को कुल इनाम राशि 11 लाख जिसमे पुरुष दही हांडी 7 लाख, महिला दही हांडी 2 लाख, और ग्रीस युक्त खंभा हांडी 2 लाख रुपये है और 50 लोगों टोली को 11 हजार रुपये और 100 लोगों की टोली को 21 हजार रुपए सांत्वना पुरस्कार राशि रखी गई है, जो इस आयोजन को प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित दही-हांडी उत्सव बनाती है।
आज हम पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देनः मुख्यमंत्री साय
रायपुर। आज हम छत्तीसगढ़वासी अपने पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन है। वे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित अवंती विहार चौक पर आयोजित माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनका पुण्य स्मरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सभी लोग उनके भाषण के कायल होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 25 सप्ताह तक चलने वाले छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के ‘रजत महोत्सव’ का शुभारंभ किया है। आज यदि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो यह अटल जी की ही देन है। इस 25 सप्ताह में सभी विभागों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह वर्ष अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। हमने उनकी स्मृति में इस वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ घोषित किया है, जिसके तहत अधोसंरचना विकास में तेजी लाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, उन उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए हमारा राज्य तेजी से तरक्की की राह पर बढ़ रहा है। इन 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने अगले 25 वर्षों में विकसित राज्य बनने की न केवल संकल्पना की है, बल्कि इसे पूरा करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ रोडमैप भी तैयार किया है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि जब अटल जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय मैं सांसद के रूप में निर्वाचित हुआ। मैंने संसद में अटल जी के व्याख्यान सुने हैं। लोकसभा में उनके संबोधन का हम सब इंतजार करते थे। उनका चुटीला अंदाज, बेबाकी और अपनी बात रखने की कला सबका मन मोह लेती थी। जब छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संबंधी बिल संसद में प्रस्तुत हुआ, उस चर्चा को भी मुझे श्रोता के रूप में सुनने का अवसर मिला। उस समय हमारे राज्य से राज्यसभा सांसद स्वर्गीय लखी राम अग्रवाल एवं स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने भी अपनी बात संसद में रखी।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी ने हमें सिखाया कि सिद्धांतों पर हमेशा दृढ़ रहना चाहिए। वे सिद्धांत एवं मूल्यों की राजनीति को ही महत्व देते थे।