रायपुर
साय कैबिनेट का फैसला.... नवा रायपुर में स्थापित होगा उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया।
मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षों के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है।
एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।
मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं।
श्रीमंत शंकर देव शोध पीठ का लोकार्पण 21 जनवरी को... आएंगे संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल
रायपुर। उत्तरपूर्वी भारत और मध्यभारत को जोड़ने वाले अकादमिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में पं. रविशंकर शुक्ल वि. वि. रायपुर में 21 जनवरी 2026 को असम के महान संत श्रीमंत शंकरदेव शोध पीठ का लोकार्पण होने जा रहा है। लोकार्पण समारोह में डॉ. कृष्ण गोपाल, सह-सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्य अभ्यागत एवं वक्ता होंगे। कार्यक्रम महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका, माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, तथा उच्च शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन टंकराम वर्मा के आतिथ्य में समपन्न होगा।
इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के मध्य एम.ओ.यू. पर भी हस्ताक्षर होना है। एम.ओ.यू. के पश्चात दोनों ही विश्वविद्यालय के शोधार्थी एक-दूसरे विश्वविद्यालय में अंतरविषयक अनुसंधान कर सकेंगे।
श्रीमंत शंकरदेव शोध पीठ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य उत्तरपूर्वी भारत तथा मध्य भारत के भक्ति आन्दोलन से जुड़े महान संतो के योगदान एवं व्यापक प्रभाव को भारतीय जनमानस के समक्ष लेकर आना साथ ही दोनों ही क्षेत्रों के जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की मौखिक परंपरा को लेखबद्ध करना है। शोधपीठ के द्वारा 0 2 शोधवृत्ति भी शोधार्थियों को प्रदान किया जाना है। शोधपीठ में भाषा, साहित्य, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, क्षेत्रीय अध्ययन, समाजशास्त्र एवं समाजकार्य के विषय के शोधार्थी शोधकार्य कर सकते हैं।
बस्तर की इमली चटनी को राष्ट्रीय पहचान दिलाएंगी सुकमा की महिलाएं
रायपुर। बस्तर में इमली की चटनी को काफी पसंद किया जाता है l यह चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ठ होती है l सुकमा जिले में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार “इमली चटनी” को वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। यह उत्पाद स्थानीय वनोपज का मूल्य संवर्धन करने के साथ-साथ बस्तर की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास है।
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए गए अनुसंधान और गुणवत्ता मानकों के आधार पर यह चटनी तैयार की जा रही है। वन धन विकास केंद्र से जुड़ी नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाएँ इस चटनी के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता मानक, वैज्ञानिक विधि तथा आधुनिक पैकेजिंग संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और समूह की महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग में इमली की अधिकता को देखते हुए यह पहल स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इमली चटनी के उत्पादन से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। वन विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है। आने वाले समय में यह उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ के घरों का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि सुकमा की महिलाओं की मेहनत और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने ‘नालंदा परिसर’ फेस-2 का भूमिपूजन 23 जनवरी को
रायपुर। युवाओं को बेहतर भविष्य निर्माण में मदद करने वाला एक कंप्लीट एजुकेशन हब नालंदा परिसर के विस्तार के लिए अब नालंदा फेस-2 का निर्माण किया जाना है। जिसका भूमिपूजन कार्यक्रम शुक्रवार, 23 जनवरी को दोपहर 3 बजे एनआईटी कालेज के सामने आयोजित किया गया है। बतादें कि रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने वर्ष 2018 में पीडब्लूडी मंत्री रहते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र में इसका निर्माण करवाया और तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने इसका लोकार्पण किया था।
रायपुर पश्चिम के विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि रायपुर का एजुकेशन हब वापस अपनी असली पहचान को पाएगा। अब यहां के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए उचित माहौल मिलेगा। जिसकी उन्हें जरूरत है। वर्तमान नालंदा परिसर एक अत्याधुनिक, 24x7 खुला रहने वाला स्टडी सेंटर और लाइब्रेरी है, जिसमें छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलती है। यहां स्मार्ट लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, वाई-फाई, कैफे और आउटडोर स्टडी जोन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, और इसके मॉडल पर पूरे छत्तीसगढ़ में और भी कई परिसर बन गए हैं।
मूणत ने आगे कहा कि हमें यह बताते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि ज्ञान के आधुनिक केंद्र 'नालंदा लाइब्रेरी' के विस्तार का समय आ गया है। फेज-2 के निर्माण कार्य का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला एक आधुनिक शिक्षा परिसर होगा
रायपुर साहित्य उत्सव–2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना का राष्ट्रीय उत्सव, 23 जनवरी से भव्य आयोजन
रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।
इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा।
साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे।
इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे।
आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं।
साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी।
साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे। 24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा।
साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं। मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है। दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है।
आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा।
महाराष्ट्र मंडल के नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का धमतरी में मंचन 21 को
राजधानी के आधा दर्जन प्रमुख मार्ग नो फ्लैक्स जोन घोषित, सरकारी विज्ञापनों को ही छूट
रायपुर। राजधानी रायपुर के आधा दर्जन मार्ग ऐसे हैं, जहां अब बैनर-पोस्टर लगाए तो खैर नहीं. नगर निगम ने इन मार्गों को नो फ्लैक्स जोन केवल घोषित किया है। इन पर केवल शासकीय विज्ञापनों के प्रसार की छूट दी गई है। एमआईसी के निर्णय अनुसार, नगर निवेश विभाग उड़नदस्ते ने इन प्रमुख मार्गों को नो फ्लैक्स जोन के सार्वजनिक बोर्ड लगाकर आगाह किया है।
इन मार्गो में जीई मार्ग अंतर्गत टाटीबंध चौक से जयस्तंभ चौक होकर तेलीबांधा थाना चौक मुख्य मार्ग, पचपेड़ीनाका चौक से लालपुर ओवरब्रिज मुख्य मार्ग तक, शहीद भगत सिंह चौक से छत्तीसगढ़ क्लब होते हुए केनाल लिंकिंग रोड ट्रैफिक सिग्नल तक, एनआईटी रायपुर से गोल चौक होकर रायपुरा चौक मुख्य मार्ग तक, जयस्तंभचौक से सिटी कोतवाली चौक होकर बिजली आफिस चौक मुख्य मार्ग तक, महिला पुलिस थाना चौक से बूढ़ेश्वर मंदिर चौक मुख्य मार्ग तक के प्रमुख मार्ग को नो फ्लैक्स जोन घोषित कर दिया गया है।
महापौर मीनल चौबे, नगरीय नियोजन विभाग के अध्यक्ष मनोज वर्मा, निगम आयुक्त विश्वदीप ने जोन आयुक्तों और नगर निवेश विभाग के अभियंताओं को नियमित रूप से प्रतिदिन सतत मानिटरिंग कर अभियान चलाते हुए इसका पालन कड़ाई से सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।
युवाओं के सपनों को पंख दे रही अरुणोदय कोचिंग…. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की पहल को सराहा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान डीएमएफ फंड से स्थापित अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी तैयारी, अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को नजदीक से देखा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बताया गया कि अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट एक पूर्णतः शासकीय एवं निःशुल्क कोचिंग व्यवस्था है, जहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक सहयोग बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाता है। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस कोचिंग संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों ने पीएससी, व्यापम, एसएससी, रेलवे, शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इन सफलताओं ने न केवल विद्यार्थियों के जीवन की दिशा बदली है, बल्कि जिले की शैक्षणिक पहचान को भी सशक्त किया है।
विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिणाम अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट की सुदृढ़ शैक्षणिक योजना, समर्पित शिक्षकों और प्रशासनिक सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने संस्थान को जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना, संचालन और प्रभावी प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन को विशेष रूप से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक संकल्प और सामाजिक दायित्व एक साथ जुड़ते हैं, तो ऐसे सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आते हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने डीएमएफ फंड की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह फंड खनन से प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और वहां निवासरत लोगों के कल्याण के लिए प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खनिज क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमएफ फंड के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से दूरस्थ और पिछड़े अंचलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अरुणोदय कोचिंग इंस्टीट्यूट इसका सशक्त उदाहरण है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ट्राइबल यूथ हॉस्टल, दिल्ली के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक विद्यार्थी वहां निःशुल्क रहकर उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित नालंदा परिसर की सुविधाओं के बारे में बताया कि वहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अध्ययन की समृद्ध व्यवस्था उपलब्ध है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सभी संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए गए हैं।
बीजापुर-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बड़ी सफलता- मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया चीफ दिलीप वेंडजा समेत 4 नक्सली ढेर
रायपुर। छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के दुर्गम एरिया में हुए सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया का चीफ दिलीप वेंडजा,महिला नक्सली समेत माओवादियों को ढेर करने में सफलता हाथ लगी है। यह मुठभेड़ बीजापुर के दुर्गम नेशनल पार्क क्षेत्र में महाराष्ट्र की बॉर्डर पर हुई। इसमें डीआरजी जवानों और सुरक्षा बलों की संयुक्त ऑपरेशन को सफलता मिली ।
खुफिया एजेंसी को सूचना मिली थी कि नक्सली लीडर पापा राव के साथ बड़ी संख्या में नक्सली नेशनल पार्क क्षेत्र में मौजूद हैं। इनपुट मिलने पर डीआरजी समेत सुरक्षाबलों का ज्वाइंट ऑपरेशन लॉन्च कर सर्च में भेजा गया। सुरक्षाबलों पर पहले से घात लगाए नक्सलियों ने अचानक हमला बोल दिया और मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग होने लगी। सुक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली भाग खड़े हुए। मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल में सर्च करने पर चार नक्सलियों के शव मिले। इसमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा समेत चार नक्सली मारे गए।
जिस जगह मुठभेड़ हुई उसे खूंखार नक्सली पापाराव का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पापा राव नेशनल पार्क का इंचार्ज है और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य है। यदि ऑपरेशन में पापाराव मारा जाता तो नेशनल पार्क क्षेत्र का समाप्त हो जाता। स्थल से सभी नक्सलियों के शव समेत मौके से दो एके–47 रायफल समेत अन्य हथियार और नक्सली सामग्री बरामद किए गए है। अन्य मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है।
प्रदेश के 4 लाख पेंशनधारियों के लिए बड़ी खबर, लागू हुआ नया पेंशन नियम
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारियों और भविष्य की पेंशन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में छत्तीसगढ़ पेंशन निधि नियम, 2026 को लागू कर दिया गया है। यह नियम राजपत्र में प्रकाशित हो चुका है और इसका सीधा असर मौजूदा पेंशनधारियों, कार्यरत कर्मचारियों और भविष्य में पेंशन पाने वालों पर पड़ेगा।
नए नियमों के तहत सरकार एक पेंशन निधि प्रबंधन समिति का गठन करेगी, जिसमें वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति तय करेगी कि पेंशन फंड की राशि कहां और किस तरह निवेश की जाए, ताकि धन सुरक्षित रहे और उस पर उचित रिटर्न भी मिल सके।
प्रदेश के करीब चार लाख पेंशनधारियों को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा। नियम लागू होने के बाद पेंशन के लिए जमा होने वाली राशि को एक अलग और सुरक्षित पेंशन निधि में रखा जाएगा। इस फंड का उपयोग केवल पेंशन और उससे जुड़े भुगतान के लिए ही किया जा सकेगा। पेंशन की रकम किसी अन्य कार्य में खर्च नहीं की जाएगी।
नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि पेंशन निधि की नियमित समीक्षा की जाएगी। हर साल इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन राशि का सही उपयोग हो और भुगतान में किसी तरह की देरी या बाधा न आए।
सरकार का मानना है कि इन नियमों से पेंशन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। पेंशन फंड सुरक्षित रहने से आने वाले वर्षों में भुगतान को लेकर अनिश्चितता कम होगी और कर्मचारियों व पेंशनधारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
साहित्य प्रेमियों के लिए विशेष सुविधा: रायपुर साहित्य उत्सव में निःशुल्क चलेंगी बसें
रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में भाग लेने से वंचित न रह जाए। निःशुल्क बस सेवा से शहरवासियों को उत्सव स्थल तक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी।
यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026-तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन तीनों दिनों में बसों का संचालन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे आमजन बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल हो सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 15 बसें इस निःशुल्क सेवा के अंतर्गत चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने और लौटने-दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि दर्शकों को कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। बसों की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है कि भीड़ के समय भी सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए बस संचालन हेतु कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोगों को उत्सव स्थल तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।निःशुल्क बस सेवा के अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों में आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। समय-सारणी जारी होते ही इसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो।
उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि परिवहन की किसी भी असुविधा के बिना लोग इस उत्सव का हिस्सा बन सकें। इस पहल के माध्यम से रायपुर साहित्य उत्सव को एक व्यापक जन-सांस्कृतिक आयोजन के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
राजधानी के डीईओ कार्यालय में लगी आग.. स्कूली व शिक्षकों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों खाक
रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शनिवार रात आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कार्यालय के अंदर रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए। इस घटना के बाद मौके पर फायर बिग्रेड व स्थानीय पुलिस की टीम पहुंची और घंटो मशक्कत के बाद आग को बुझाया गया।
दरअसल, ये पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का है। डीईओ कार्यालय में 17 जनवरी शनिवार की रात अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिए। इधर आग लगते ही कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी और आसपास मौजूद लोग तुरंत बाहर निकले और इसकी सूचना तत्काल पुलिस व दमकल की टीम को दी गई।
बताया जा रहा है कि आग कार्यालय के स्टोर रूम में लगी, जहां बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज और रिकॉर्ड रखे हुए थे। आग की लपटों में कई स्कूल की फाइलें, मध्यान्ह भोजन योजना, अनुकंपा नियुक्ति, स्कूलों की मान्यता, से जुड़ी शिकायतें व विभिन्न विभागीय संबंधित फाइलें जलकर खाक हो गईं। आगजनी की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाया गया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही आग लगी तो आसपास रहने वाले लोगों को इसकी सूचना दी गई और उन्हें बाहर निकाला गया। साथ ही कार्यालय परिसर को भी पूरी तरह से खाली करा लिया गया था। वहीं, आग कैसे लगी और इसका कारण क्या था? यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। आगजनी की सूचना के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगजनी की इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, इस घटना में महत्वपूर्ण दस्तावेजों के जलने से कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच में इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
प्रेस क्लब में जादूगर ओपी शर्मा जूनियर का रूबरू कार्यक्रम, पत्रकारों ने किया सम्मान
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित रूबरू कार्यक्रम में प्रसिद्ध जादूगर ओपी शर्मा जूनियर की उपस्थिति ने माहौल को रोमांच और सकारात्मक संदेश से भर दिया। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े और निवेदिता साहू ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप दुबे, ब्रजेश चौबे, संदीप पुराणिक, ज़ाकिर घुरसेना, पंकज चौहान, राम साहू सहित अनेक पत्रकार साथियों ने जादूगर ओपी शर्मा जूनियर को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। प्रेस क्लब का सभागार पत्रकारों और कला-प्रेमियों की उपस्थिति से भरा रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जादूगर ओपी शर्मा जूनियर ने बेहद सरल लेकिन गहरी बात कही “जादू कोई चमत्कार नहीं, बल्कि मनोरंजन और कला है। इसे इंज्वॉय कीजिए, अंधविश्वास मत बनाइए।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जादूगर के पास कोई दैविक या अलौकिक शक्ति नहीं होती, यह केवल वर्षों की मेहनत, अभ्यास और रचनात्मकता से निखरी कला है। अंधविश्वास के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों से सावधान रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अंधविश्वास में पड़ने से लोग ठगे जाते हैं, जबकि जादू का असली उद्देश्य केवल खुशी और मनोरंजन देना है।
कार्यक्रम के दौरान जादूगर ओपी शर्मा जूनियर ने अपने जादुई कौशल का छोटा सा प्रदर्शन भी किया। मंच पर जादू से मोमबत्ती जलाकर उन्होंने दर्शकों को चकित कर दिया, वहीं यह भी समझाया कि जादू को रहस्य मानकर नहीं, बल्कि कला के रूप में देखना चाहिए। यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन से भरपूर रहा, बल्कि समाज को अंधविश्वास से दूर रहकर कला, विज्ञान और सकारात्मक सोच को अपनाने का सशक्त संदेश भी दे गया।
पंचायत प्रतिनिधियों के अध्ययन भ्रमण से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशाः मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल को प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को सकुशल एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा दो बसों को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) की जानकारी प्राप्त होगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुउद्देशीय है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद, विचार-विमर्श, पंचायत प्रतिनिधियों के दायित्वों, नवाचारों तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर की पहचान के रूप में राज्य के पर्यटन, संस्कृति, जनहितैषी एवं विकासमूलक योजनाओं, सुशासन (गुड गवर्नेंस) तथा पारदर्शी शासन व्यवस्था के बारे में भी अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से जानकारी साझा करें।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोज़र विज़िट के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्य की पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त, प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र राज्य की पंचायत राज व्यवस्था का अध्ययन कराने के लिए 18 जनवरी से 23 जनवरी 2025 तक मुंबई भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में कुल 60 पंचायत प्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारी इस प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण में सम्मिलित हैं। इस दौरान प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र की उत्कृष्ट पंचायतों का भी भ्रमण कराया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य के सभी संभागों के जिला पंचायत प्रतिनिधियों को क्रमवार इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा।
संत श्री गजानन महाराज का प्रगट दिवस महोत्सव 8 फरवरी को
रायपुर। संत श्री गजानन महाराज (शेगांव) संस्थान तात्यापारा चौक रायपुर द्वारा संतश्री का प्रगट दिवस महोत्सव 8 फरवरी को मनाया जाएगा। छह दिवसीय आयोजन का शुभारंभ 5 फरवरी को होगा। इस दौरान प्रतिदिन सहस्त्राभिषेक, पूजा-अर्चना, महाप्रसादी के बाद भजन संध्या का आयोजन होगा।
श्री गजानन महाराज संस्थान रायुपर के अध्यक्ष अविनाश बल्लाल ने बताया कि प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी संत श्री का प्रगट दिवस गुरुवार 5 फरवरी से मंगलवार 10 फरवरी तक मनाया जाएगा। 5 फरवरी को सुबह 6 बजे कलश स्थापना, षोडशोपचार पूजन, सहस्त्रवर्तन अभिषेक प्रारंभ होगा। रात को 8 बजे महाआऱती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात 8.30 बजे से डा. स्मिता राजे और दीपक देवांगन द्वारा भक्ति गीत की प्रस्तुति होगी।
बल्लाल ने आगे बताया कि दूसरे दिन 6 फरवरी को सुबह सहस्त्रभिषेक पूजन, सहस्त्रवर्तन के बाद शाम को आरती और चैतन्य जोगळेकर और सोमेंद्र फड़के द्वारा भजन की प्रस्तुति दी जाएगी। शनिवार 7 फरवरी को प्रातः नियमित पूजा अर्चना के बाद शाम को लखनऊ से पहुंचे अरणा देवासकर और प्रज्योत देवासकर द्वारा भजन की प्रस्तुति दी जाएगी। चौथे दिन रविवार 8 फरवरी को संतश्री का प्रगट दिवस मनाया जाएगा। सुबह 5 बजे से श्री गजानन विजय ग्रंथ का सामूहिक परायण होगा। सुबह 10 बजे श्री गणेश याग के बाद महाआरती होगी। शाम को आरती के बाद भक्तोंको प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
श्री गजानन महाराज संस्थान रायुपर के उपाध्यक्ष जयंत तापस ने आगे बताया कि सोमवार 9 फरवरी को महाप्रसाद होगा। इस दिन सुबह की नियमित पूजा पाठ के बाद सुबह 10 बजे से श्री सत्यनारायण पूजन और दोपहर 1 बजे से भाजी भाकर (भंडारा) का आयोजन होगा। शाम को 8 बजे नियमित आरती होगी। मंगलवार 10 फरवरी को सुबह नियमित पूजा के बाद शाम 4 से महिलाओं द्वारा भजन की प्रस्तुति होगी। शाम को 6 बजे संतश्री की भव्य पालकी निकाली जाएगी। पालकी के बाद आरती और गोपाल काला वितरित किया जाएगा।
एनएचएआई ने रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर चलाया जागरूकता अभियान
रायपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके तहत वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए गए एवं यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग करना तथा निर्धारित गति सीमा का पालन जैसे छोटे-छोटे उपाय बहुमूल्य जीवन को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों का निरंतर संचालन किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
अभियान के दौरान सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्यों के लिए लाइव एक्सीडेंट डेमोस्ट्रेशन (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। इस दौरान एम्बुलेंस की पहुँच, क्रेन द्वारा मार्ग से बाधा हटाने तथा घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, सुरक्षित यात्रा के लिए हेलमेट, सीट बेल्ट के महत्व को बताया गया।
सड़क सुरक्षा अभियान के साथ-साथ एनएचआईटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक लोगों ने रक्त दान किया। इस शिविर में अधिकारियों-कर्मचारियों और सड़क उपयोगकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
एनएचएआई द्वारा प्रदेश के सभी टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख जंक्शनों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत वाहन चालकों एवं यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की जा रही है।
रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शनिवार, 17 जनवरी को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी पदाधिकारियों को निर्वाचन में मिली सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि प्रेस क्लब जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाएगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप कुमार साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े उपस्थित थे।