रायपुर
रायपुर पुलिस ने बलवा ड्रिल अभ्यास किया
AIIMS में बड़ा हादसा: तीसरी मंजिल से गिरकर मरीज की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल…..
इधर, घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों और लोगों का आरोप है कि अस्पताल में समुचित सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं, जबकि पहले भी मरीजों के सामान चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
रानी रोड कोरबा से सर्वमंगला मंदिर के बीच हसदेव नदी पर बनेगा रपटा
रायपुर : कोरबा नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के विशेष प्रयासों से कोरबा शहर के विकास को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में रानी रोड कोरबा से सर्वमंगला मंदिर के बीच हसदेव नदी पर रपटा निर्माण हेतु 13.44 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति शासन से मिली है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पुरानी कोरबा शहर की वर्षों पुरानी मांग थी कि रानी रोड से सर्वमंगला मंदिर के बीच एक रपटा का निर्माण हो जाए, ताकि सर्वमंगला मंदिर एवं कुसमुंडा या फिर कनकी बिलासपुर की ओर जाने के लिए उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे क्रॉसिंग से सर्वमंगला पुल से घूम कर जाना ना पड़े। पुराने शहर के वरिष्ठ गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवकों एवं जनों द्वारा इसके लिए लंबे अरसे से मांग की जा रही थी। इस जन आकांक्षाओं को प्राथमिकता से लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कोरबा आगमन पर उनसे विशेष आग्रह किया गया था, मुख्यमंत्री जी ने इसकी स्वीकृति प्रदान की थी। तत्पश्चात सेतु निगम के माध्यम से रपटा निर्माण हेतु ड्राइंग डिजाइन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया। इस महत्वपूर्ण निर्माण हेतु राज्य शासन द्वारा 13.44 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। जल्दी टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा। इसके पूर्ण होने से सर्वमंगला पुल पर एक तरफ जहां यातायात दबाव कम होगा, वहीं क्षेत्र को विकास और समृद्धि की नई राह मिलेगी। इस महत्वपूर्ण स्वीकृति हेतु कैबिनेट मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार जताया।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन किया जाएगा जारी
रायपुर के इस हॉस्टल में फैली पीलिया, 12 छात्राएं चपेट में
छात्राओं का कहना है कि पानी में बदबू और रंग बदलने की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
महादेव घाट में मंदिर दर्शन कर रही महिला की गोल्ड चेन चोरी
रौचन जलाशय और रानो स्टापडेम रपटा निर्माण कार्य के लिए 7.12 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7 करोड़ 12 लाख 63 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में कबीरधाम जिले के विकासखण्ड-बोड़ला की रौचन जलाशय योजना के शीर्ष कार्य, नहरों के जीर्णोद्वार और लाईनिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 72 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 346.55 हेक्टेयर के विरूद्ध 160 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 32 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सहित कुल 378.55 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
दुर्ग जिले के विकासखण्ड-साजा की रानो स्टापडेम कम रपटा निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 39 लाख 81 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन के साथ ही किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। जल संसाधन मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
अंतिम संस्कार से लौट रहे परिवार को ट्रक ने कुचला, मां-बेटी की मौत, पति की आंखों के सामने उजड़ी दुनिया
पितृसत्तात्मक समाज ही लैंगिक असमानता का कारणः डॉ सुरेंद्र कुमार
रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में आइक्यूएसी के अंतर्गत लैंगिक समावेशन एवं समानता पहल पर सात दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत आज चतुर्थ दिवस लैंगिक समावेशन एवं समानता पहल:एक विधिक दृष्टि विषय पर विषय विशेषज्ञ डॉ सुरेंद्र कुमार एसोसिएट प्रोफेसर केंद्रीय विश्वविद्यालय साउथ बिहार गया ने अपने उद्बोधन में कहा कि पितृसत्तात्मक समाज को लैंगिक असमानता का प्रमुख कारण माना और कहा कि भारत में पैतृक संपत्ति का बंटवारा हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 के तहत होता है, जिसमें बेटों और बेटियों को जन्म से बराबर का हक मिलता है।
यह संपत्ति चार पीढ़ियों तक चली आ रही पूर्वजों की संपत्ति मानी जाती है, जिसमें वसीयत के बिना मौत होने पर वारिसों का समान अधिकार होता है,चाहे पिता 2005 से पहले जीवित रहे हों या नहीं।बेटा हो या बेटी,पैतृक संपत्ति में सभी को जन्मसिद्ध अधिकार प्राप्त है।बंटवारे के लिए वंशावली,खतियान और संपत्ति के कागजात जरूरी हैं।यदि आपसी सहमति से बंटवारा न हो, तो सिबिल कोर्ट में 'पार्टीशन सूट'दायर किया जा सकता है।पति की मृत्यु के बाद पत्नी (मां) भी संपत्ति में हिस्सेदार होती है।प्रश्न है कि आखिर पैतृक संपत्ति के लिए महिला को न्यायालय जाने की जरूरत क्यों है।
जिस प्रकार से पुरुषों को पैतृक संपत्ति में स्वत: अधिकार है वैसे ही महिलाओं को भी होना चाहिए।व्यस्क व्यक्ति को अपने पसंदीदा महिला या पुरुष से शादी करने अधिकार है लेकिन आज भी समाज उसे स्वीकार करता है। कानून के द्वारा ही समाज की कुरीतियों को दूर किया जा सकता है।इसलिए समाजिक परिवर्तन के साथ ही साथ कानून में बदलाव और निर्माण होना जाना चाहिए।न्यायालय समानता और न्याय का संरक्षक हैं।कार्य स्थल पर होने वाले लैंगिक असमानताओं एवं शोषणों के रोकथाम लिए विशाखा कमेटी बनाई गई।इसी तरह से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के साथ भी अनेक प्रकार के सामाजिक,आर्थिक,राजनीतिक एवं अन्य सभी प्रकार की असमानताओं का व्यवहार किया जाता है।
आज भी समाज में खाप पंचायतें जीवित है जो व्यक्ति को अपने पसंदीदा जीवन साथी चुनने का अधिकार से वंचित रखता है।साथ ही समलैंगिक विवाह को समाजिक रुप से मान्यता नहीं मिली है।इन सभी समस्याओं का समाधान सिर्फ कानून बनाने से नहीं होगा, बल्कि समाज में सुधार और लोगों के मानसिकता को बदलने की भी जरूरत है।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ सीमा रानी प्रधान ने किया।वक्ता का परिचय डॉ निधि गुप्ता ने दिया। डॉ स्मृति शर्मा ने आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष,वरिष्ठ प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक,अतिथि व्याख्याता,ग्रंथपाल सहित कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम
रायपुर। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
घर-घर पहुँच रहा पानी, बदली ठरकपुर की कहानी
रायपुर : जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है।
कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था।
ठरकपुर की गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
चिरायु का असर: जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन बच्चों का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इंप्लांट
रायपुर : सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और बाल स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल ने एक बार फिर ठोस परिणाम दिए हैं। जन्मजात बधिरता से जूझ रहे तीन मासूम बच्चों का सफल कॉक्लियर इंप्लांट ऑपरेशन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में संपन्न हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम द्वारा समय पर पहचान और समन्वित प्रयासों के कारण इन बच्चों को निःशुल्क उन्नत उपचार उपलब्ध हो सका। वर्तमान में तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय देखरेख में हैं।
कबीरधाम जिले के स/लोहारा विकासखंड स्थित ग्राम चिलमखोदरा निवासी धैर्य मरकाम (पिता– श्यामू मरकाम) जन्म से श्रवण बाधा से पीड़ित थे। चिरायु टीम ‘ए’ स/लोहारा द्वारा नियमित स्क्रीनिंग के दौरान समस्या की समय रहते पहचान की गई। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं रेफरल प्रक्रिया के बाद 16 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में उनका कॉक्लियर इंप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वर्तमान में बालक चिकित्सकीय निगरानी में है।
इसी क्रम में कोरबा जिले के बालको क्षेत्र निवासी ढाई वर्षीय नक्ष कोशले की श्रवण समस्या का पता भी प्रारंभिक जांच के दौरान चला। विशेषज्ञ परामर्श के पश्चात 14 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में सर्जरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार बालक स्वस्थ है तथा नियमित फॉलो-अप जारी है।
सक्ति जिले के जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम हसौद की तीक्षिका साहू में भी जन्मजात बधिरता की पुष्टि आंगनबाड़ी स्तर पर स्क्रीनिंग के दौरान हुई। चिरायु टीम जैजैपुर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण को उच्च संस्थान में रेफर किया गया। 17 फरवरी 2026 को AIIMS Raipur में सफल कॉक्लियर इंप्लांट के उपरांत अब तीक्षिका स्वस्थ हैं और स्पीच थेरेपी के माध्यम से श्रवण एवं भाषाई विकास की दिशा में निरंतर प्रगति कर रही हैं।
इन तीनों मामलों में यह स्पष्ट हुआ है कि यदि समय रहते जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध हो तो जन्मजात श्रवण बाधा जैसी गंभीर समस्या का भी प्रभावी समाधान संभव है। चिरायु टीम की सतत स्क्रीनिंग, आंगनबाड़ी स्तर पर पहचान और उच्च संस्थान में निःशुल्क उपचार की व्यवस्था ने इन परिवारों को नई उम्मीद दी है।
परिजनों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग ने उनके बच्चों का भविष्य बदल दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉक्लियर इंप्लांट जैसी जटिल और महंगी सर्जरी सामान्य परिवारों के लिए अत्यंत कठिन होती है। किंतु शासन की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत यह उपचार निःशुल्क संभव हुआ। आंगनबाड़ी स्तर पर स्क्रीनिंग, जिला स्तरीय चिकित्सा परीक्षण और सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में समयबद्ध सर्जरी यह संपूर्ण तंत्र राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्यपाल डेका ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने आज रायपुर के तात्यापारा में शिवाजी की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
राज्यपाल डेका ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस, दूरदृष्टि और संगठन क्षमता के बल पर एक सुदृढ़ एवं लोककल्याणकारी राज्य की स्थापना की। उनका प्रशासनिक ढांचा न्याय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व पर आधारित था। आयोजन समिति द्वारा इस अवसर पर राज्यपाल को मराठा योद्धा सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व गढ़ रहा है विकास के नए सोपान
रायपुर :छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियों में स्थित जशपुर जिला के ग्राम बगिया में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सज्जनता और सहृदयता की एक मिसाल है। दो वर्ष के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में छत्तीसगढ़ राज्य में विकास का एक नया आयाम गढ़ने वाले तथा प्रदेश के नागरिकों के दिलों में राज करने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपनी लोकप्रियता के शिखर पर विद्यमान है। विष्णुदेव साय जनता के बीच के एक ऐसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं जिनकी सदाशयता और दूरगामी योजनाओं से प्रदेश में विकास और प्रगति का राह आसान हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं।
केबिनेट बैठक में राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं वे किसानों की पीड़ा को भलीभांति जानते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। किसान हितैशी सरकार के इस निर्णय से बाजार भी गुलजार होंगे, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिखाई देगा, ट्रैक्टर आदि की बिक्री में वृद्धि होगी।
प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति से राज्य में अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता के बीच जाकर जनता का न केवल विश्वास जीता है बल्कि उनके हित को ध्यान में रखकर उन्होंने ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सम्भव हो पाया है। यह केवल और केवल विष्णुदेव साय जैसे एक संवेदनशील, कर्मठ तथा ऊर्जावान मुख्यमंत्री ही सम्भव कर सकते हैं।
विष्णु देव की सुशासन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने मातृशक्ति का सम्मान करते हुए 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश के 42 हजार 878 महिला स्व- सहायता समूहों को आसान ऋण से अब तक 129.46 करोड़ रूपए का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी गई है। राज्य की 19 लाख से अधिक महिलाओं को पूरक पोषण आहार सुनिश्चित की गई है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना की गई है। महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर 52.20 करोड़ की लागत से 179 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु 200 करोड़ की लागत से नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा आवास और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रख कर अब तक 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति किए गए हैं। स्वच्छ पेयजल सबका अधिकार है। प्रदेश के 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं से प्रदेश के 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य के शत्-प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।
डबल इंजन की सरकार में रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के साथ रेल नेटवर्क मैप से बस्तर जुड़ रहा है। जगदलपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-विशाखापट्नम नई सड़क परियोजनाओं से विकास की नई राहें खुल रही है। प्रदेश के 32 नगरीय निकायों में नॉलेज बेस्ड सोसाइटी हेतु लाइट हाउस निर्माण की पहल की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के हर ग्राम पंचायत में बनेगा महतारी सदन, 100 करोड़ मंजूर, जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान
उल्लेखनीय है कि राज्य में 368 महतारी सदनों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जिसके लिए प्रति महतारी सदन 30 लाख रुपए की लागत निर्धारित की गई है, जिसकी शत-प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में स्वीकृत 368 महतारी सदनों में से 137 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष निर्माणाधीन हैं।
पानी संकट पर निगम दफ्तर में मटका फोड़ प्रदर्शन, उपायुक्त ने 15 दिन में समाधान का दिया आश्वासन
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि रायपुर को महानगर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आम जनता को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा. उन्होंने महापौर और निगम अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाया और कहा कि क्या वे केवल कुछ लोगों के लिए महापौर हैं या पूरे रायपुर के लिए.
नल से जल ने बदली गांव की तस्वीर, दीपा की जिन्दगी में आई खुशहाली
जल जीवन मिशन की यह पहल आज ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुधार का सशक्त उदाहरण बन चुकी है। चौघड़ा गांव की दीपा की कहानी यह साबित करती है कि जब योजनाएं ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ नल से पानी नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी में खुशहाली और आत्मसम्मान भी पहुंचाती हैं।