रायपुर
सुशासन से समृद्धि की ओर: विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।
विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।
बांगो परियोजना की वितरक नहरों के कार्यों के लिए 8.34 करोड़ रूपए स्वीकृत
रायपुर :छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत हसदेव बांगो परियोजना की वितरक नहरों के कार्यों के लिए 8 करोड़ 34 लाख 54 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड-पामगढ़ के अंतर्गत हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत अकलतरा शाखा नहर के डुमरपाली वितरक नहर, हेड़सपुर वितरक नहर एवं डुड़गा वितरक नहर तथा उनके माईनरों के क्षतिग्रस्त लाईनिंग तथा अन्य कार्यों के लिए चार करोड़ 11 लाख 25 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों को होने पर रूपांकित सिंचाई क्षेत्र 2493 हेक्टेयर में 280 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो जाएगी।
जल संसाधन विभाग द्वारा हसदेव बांगो परियोजना की अकलतरा शाखा नहर के आर.डी. 19 किलोमीटर में स्थित स्केप का उन्नयन एवं नाला ट्रीटमेंट कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
रायपुर : राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी नीति के अनुरूप क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से जिला सूरजपुर अंतर्गत कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा– सलका (मुख्य जिला मार्ग) के विभिन्न खंडों में सड़क सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित इस कार्य के लिए 40.93 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग क्षेत्र के अनेक ग्रामों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसके उन्नयन से आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तीव्र होगा। इससे ग्रामीण अंचलों का जिला मुख्यालय एवं अन्य प्रमुख स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित होगा।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा है। सुदृढ़ सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही व्यापार, लघु उद्योग एवं स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं समावेशी विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
राज्य में दिव्यांग सशक्तिकरण को नई गति
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की समावेशी और संवेदनशील नीतियों का प्रभाव अब सुदूर वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में राज्यभर में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिले में आयोजित तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर में 401 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई गई।
सुकमा के शबरी ऑडिटोरियम में 20 से 22 फरवरी तक आयोजित इस शिविर में कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक उपकरण मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। यह शिविर केवल वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और सम्मानजनक जीवन की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
शिविर में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर के विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक “जयपुर फुट”, कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण तैयार कर वितरित किए गए। वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे कई हितग्राहियों को जब आधुनिक कृत्रिम अंग मिले, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नई उम्मीद साफ झलक रही थी।
ट्राइसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, स्टिक और बैसाखी जैसे उपकरण शिविर स्थल पर ही प्रदान किए गए।आर्टिफिशियल कैलिपर्स के लिए माप लेकर शीघ्र वितरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
समाज कल्याण विभाग की नोडल अधिकारी मधु तेता ने बताया कि शिविर में 213 दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन भी लिए गए, ताकि वे राज्य शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। यह पहल दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि राज्य का कोई भी नागरिक अपनी शारीरिक बाधा के कारण अवसरों से वंचित न रहे। समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं।
सुकमा का यह शिविर राज्य स्तर पर दिव्यांग सशक्तिकरण के व्यापक अभियान की कड़ी है।
जगदलपुर के श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप अब संस्कार सिटी स्कूल में संवार रही अपना भविष्य
रायपुर : छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर उनके बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत होता दिख रहा है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का अध्याय लिख दिया है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है, जो उनके परिवार के लिए किसी सुखद चमत्कार से कम नहीं है। यहां डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययन कर रही है और बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेगी।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रावधान ने परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब डिंपल की प्रगति की राह में कोई बाधा नहीं आएगी। अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक स्वर में कहते हैं कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। वे दिन-रात कड़ी मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य उनके अपने संघर्षपूर्ण जीवन से कहीं बेहतर और सुगम हो सके। आज सरकार की इस कल्याणकारी योजना ने उनके उन धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।
माता-पिता के रूप में कश्यप दंपत्ति आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब यह अटूट विश्वास हो चला है कि उनकी बेटी का भविष्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि वह अपनी अटूट लगन से सफलता के उस आसमान को भी छू सकेगी जिसका उन्होंने कभी केवल कल्पनाओं में विचार किया था। ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के उस हर वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकार की योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।
राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त हुए अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से की भेंट
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त तीर्थराज अग्रवाल, लीना कोसम, बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सुमित अग्रवाल, संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष कुमार टिकरिहा, ऋषभ पाराशर एवं तरुण किरण उपस्थित थे।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को किया संबोधित
विधानसभा में हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक
पार्किंग माफिया मशलपॉवर, नशे का कारोबार
पार्किंग माफिया वाहन पार्किंग की आड़ में नशे के अवैध काम को निरंतर जारी रखे हुए औऱ यह रसूखदारों के संरक्षण में निर्बाध रूप से सिलसिला चल रहा है नगर निगम रायपुर ने रायपुर को सर्वसुविधायुक्त बनाने स्मार्ट सिटी और अपने बजट से चार प्रमुख पार्किंग स्थलों का निर्माण किया था जिसका फायदा नसे के सौदागर उठा रहे है। निगम को पार्किंग स्थल बनाने में 58 करोड़ रुपए की लागत आयी थी और निगम को सालाना आय तीन करोड़ों से ज़्यादा का लक्ष्य अपने प्रस्ताव में निर्धारित किया था लेकिन नगर निगम की सभी संभावनाओं को पार्किंग माफिय़ाओं ने पानी फेर दिया, मात्र 36 लाख रुपया नगर निगम के खाते में जमा हो रहा है बाक़ी ऊपर की कमाई पार्किंग माफियाओं के लिए ही पर्याप्त है। पार्किंग माफियाओं की दादागिरी इस हद तक बढ़ गई है सुविधा नगण्य पार्किंग के लिए शेड निर्माण नहीं हुआ या पर्याप्त व्यवस्था नहीं और सुरक्षा वाहनों की नहीं की जाती। मनमाना पार्किंग चार्ज जनता से वसूला जाता है जिसके चलते रायपुर की जनता पार्किंग नियम का पालन भी नहीं कर रही है जिसका भुगतान नगर निगम को भारी घाटे के तौर पर देखा जा रहा है । करोड़ों के पार्किंग टैक्स वसूली जनता से लेकिन सरकार को जीएसटी शून्य।
रायपुर में शेयर मार्केट ठगी: 12.25 लाख की ठगी, आरोपी फरार, FIR दर्ज
आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खाते के विवरण के आधार पर पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शेयर-मार्केट निवेश के नाम पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा न करें और किसी भी लिंक के माध्यम से निवेश करने से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन अवश्य करें। इस तरह के ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ठग अक्सर निवेशकों को फर्जी स्क्रीनशॉट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दिखाकर झांसा देते हैं, जिससे लोग आसानी से पैसा ट्रांसफर कर देते हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ऐसा पहले भी कई निवेशकों के साथ किया होगा। इस मामले में पुलिस ने बैंक और तकनीकी एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया है ताकि आरोपी के खाते और ट्रांजेक्शन का पता लगाया जा सके। आने वाले दिनों में आरोपी की गिरफ्तारी और ठगी की राशि की रिकवरी पर पुलिस की नजर है।
रायपुर नॉर्थ जोन: पुलिस ने 60 चाकूबाजों, हिस्ट्रीशीटरों को दी समझाइश
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के सोशल मीडिया पोस्ट न केवल कानून का उल्लंघन हैं बल्कि युवाओं और आम जनता के लिए भी गलत संदेश भेजते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो-वीडियो अपलोड किए हैं, उन्हें भी नियमों के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, सभी को चेतावनी दी गई कि वे अपराध में लिप्त न हों और अपने साथियों के अपराध संबंधी मामलों की जानकारी पुलिस को दें।
मुख्यमंत्री साय के जन्मदिवस पर पादप बोर्ड द्वारा 2100 औषधीय पौधों का वितरण
रायपुर : छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थय परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस के अवसर पर उनके गृह ग्राम बगिया में 2100 औषधीय पौधों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं पारंपरिक औषधीय ज्ञान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके संरक्षण तथा घरेलू उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक आदिवासी स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।
उल्लेखनीय है कि वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम के मार्गदर्शन में औषधीय पौधों का वितरण कर लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे एक ओर हरित आवरण बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई। साथ ही उनके नेतृत्व में प्रदेश के सतत विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’... बोले- देश के सकारात्मक पहल को सामने लाता है ‘मन की बात’
छत्तीसगढ़ के रायपुर में उपभोक्ता संरक्षण पर क्षेत्रीय कार्यशाला का उद्घाटन
रायपुरभारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से 21 से 22 फरवरी 2026 तक रायपुर, छत्तीसगढ़ में 'उपभोक्ता संरक्षण तंत्र को मजबूत करने' पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया है। यह कार्यशाला प्रौद्योगिकी अपनाने, संस्थागत क्षमता निर्माण और अंतर राज्यीय सहयोग के माध्यम से उपभोक्ता न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने के प्रति विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराती है।
कार्यशाला का उद्घाटन छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री दयालदास बघेल, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. पी. साही, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया, भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे और छत्तीसगढ़ सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
अपने संबोधन में श्री दयालदास बघेल ने उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने त्वरित, सुलभ और सस्ती उपभोक्ता न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए ई-फाइलिंग, ई-हियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे महत्वपूर्ण सुधारों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने डिजिटल ई-कॉमर्स में डार्क पैटर्न जैसी उभरती चुनौतियों और उपभोक्ता आयोगों के आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
अपने मुख्य भाषण में भारत सरकार की उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे ने उपभोक्ताओं पर न्यूनतम वित्तीय बोझ के साथ उनकी शिकायतों के त्वरित और परेशानी मुक्त निवारण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) एक प्रभावी 'मुकदमेबाजी-पूर्व' मंच के रूप में कार्य करती है, विशेष रूप से उन मामलों में जहां दावा राशि अपेक्षाकृत कम होती है। उन्होंने जानकारी दी कि 25.04.2025 से 31.01.2025 के बीच 31 क्षेत्रों में एनसीएच के माध्यम से उपभोक्ताओं को 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाई गई है, जो इसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है।
सचिव ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों के निपटान के महत्व पर भी जोर दिया और पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाने के लिए 'ई-जाग्रति' प्लेटफॉर्म के कार्यान्वयन के बारे में बात की। उन्होंने ई-कॉमर्स में 'डार्क पैटर्न्स' जैसे अनुचित व्यापार व्यवहारों का पता लगाने के लिए एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर भी प्रकाश डाला।
एनसीडीआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. पी. साही ने अपने मुख्य भाषण में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत समय पर और कुशल निवारण तंत्र के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने रिक्त पदों को भरने, नियमित प्रदर्शन समीक्षा और न्यायिक विवेक के विकल्प के बजाय एक सहायक उपकरण के रूप में जिम्मेदारी के साथ एआई के उपयोग का आह्वान किया।
मराठा समाज ने मनाई छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती
रायपुर। मराठा समाज द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जन्म जयंती बड़े ही उत्साह, गौरव और भावनात्मक वातावरण में मनाई गई। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर पर महामहिम राज्यपाल रमन डेका की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और भी बढ़ा दिया।
इस भव्य समारोह में मराठा समाज द्वारा महामहिम राज्यपाल का पारंपरिक मराठा रीति से पगड़ी एवं शॉल पहनाकर अभिनंदन किया गया तथा वीरता, स्वाभिमान और स्वराज्य के प्रतीक स्वरूप उन्हें तलवार भेंट की गई। साथ ही मराठा समाज की ओर से महामहिम को “मराठा योद्धा सम्मान” प्रदान कर गौरवान्वित किया गया।
मराठा समाज के अध्यक्ष लोकेश पवार ने इस अवसर पर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती की खुशी उस समय दोगुनी हो गई जब महामहिम राज्यपाल स्वयं मराठा समाज के साथ इस पावन आयोजन में सम्मिलित हुए। उन्होंने बताया कि समाज द्वारा महामहिम को न केवल छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय जीवन, शौर्य और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान की जानकारी दी गई, बल्कि छत्तीसगढ़ में मराठा समाज के गौरवशाली इतिहास का भी विस्तार से उल्लेख किया गया।
इस क्रम में 16वीं शताब्दी में छत्तीसगढ़ में मराठा शासन की नींव रखने वाले महाराज बिंबाजी राव भोंसले के योगदान, मराठा समाज की ऐतिहासिक विरासत एवं वर्तमान में समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रहित के कार्यों की जानकारी दी गई। समाज की इस गौरवगाथा को जानकर महामहिम राज्यपाल ने मराठा समाज की एकजुटता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की खुले दिल से प्रशंसा की।
जयंती समारोह के अंतर्गत आज प्रातः तात्यापारा चौक स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वरोही प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। साथ ही मराठा युवा समाज द्वारा संतोषी नगर स्थित वीर शिवाजी चौक से मशाल प्रज्वलित कर भव्य बाइक रैली निकाली गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण किया और पुनः तात्यापारा चौक पर संपन्न हुई। रैली के दौरान “जय शिवाजी, जय भवानी” के उद्घोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
इस आयोजन में विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, पार्षद एवं जोन अध्यक्ष अवतार सिंह बागल, महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय काले,मराठा समाज के अध्यक्ष लोकेश पवार, संरक्षक महेंद्र जाधव, सुरेंद्र डुकरे, गुणवंत घाटगे, राजू कापसे, उपाध्यक्ष सुमीत ढिगे, सचिव शरद फरताड़े, युवा अध्यक्ष नीरज इंग्ले एवं मनीष भोंसले, सुषमा महाडिक, संगीता घाटगे, सोनाली पवार, हर्षा बाबर, ज्योति पवार, अतुल चौहान, राहुल डुकरे, गणेश जाधव, दीपक इंग्ले, जे.एन. कदम, नितिन पवार , धर्मेन्द्र परहाड़,रजत जाधव, आशीष महाडिक, गणेशा जाधव, रितिक राव, राकेश वाकड़े, संजू राव, अभिजीत जाचक, हिमांशु इंग्ले सहित बड़ी संख्या में मराठा समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों-स्वराज्य, न्याय, साहस और राष्ट्रभक्ति—को आत्मसात करने का संकल्प था। मराठा समाज ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिवाजी महाराज केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के पथप्रदर्शक हैं।
चंद्रखुरी में स्थापित होगी 51 फीट की दिव्य वनवासी श्रीराम प्रतिमा, ग्वालियर से रवाना, रामवनगमन पथ को मिलेगी नई पहचान