देश-विदेश
BIG NEWS : होली से ठीक पहले... महंगाई का तड़का... आम आदमी के जेब को लगेगा झटका
देश के अलग—अलग हिस्सों में घरेलू गैस की कीमतें अलग—अलग संभावित हैं। फिलहाल महानगरों में एक सिलेंडर के पीछे उपभोक्ताओं को 1103 रुपए चुकाने होंगे। बता दें कि सप्ताहभर पहले ही कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 25 रुपए का इजाफा किया था, अब घरेलू गैस की कीमतों में इजाफे के बाद देशभर में विपक्ष का विरोध शुरु हो गया है।
Women-20: भारतीय नौसेना ने साझा किए अनुभव, बताया कैसे हासिल की डर पर जीत
नईदिल्ली। भारतीय नौसेना की महिला अधिकारियों ने औरंगाबाद में हुए जी-20 के तत्त्वावधान में विमेन-20 में अपने अनुभवों और जुड़ाव को साझा किया। ‘ब्रेकिंग दी बैरियर्सः स्टोरीज़ ऑफ अनकनवेंशनल विमेन’ विषयवस्तु के तहत श्रोताओं से बातचीत करते हुए महिला अधिकारियों ने अपने विचार और वृत्तांत प्रस्तुत किए।
लेफ्टिनेंट कमांडर स्वाति भंडारी ने बताया कि कैसे उन्होंने ऊंचाई से लगने वाले डर पर विजय प्राप्त की और एक कुशल नेवी-पायलट बन गईं। उन्होंने संचालन, खोज और बचाव मिशनों में कई बार उड़ान भरी है। उन्हें उनकी उपलब्धियों के लिये महिला दिवस 2022 पर नागर विमानन मंत्रालय ने सम्मानित किया था।

सर्जन कमांडर शाज़िया ख़ान कुशल स्त्रीरोग शल्य चिकित्सक हैं। उन्होंने डॉक्टर के रूप में और नौकायान के दौरान होने वाले अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हाल में राजस्थान में संपन्न होने वाली कार-रैली के अनुभव भी बताये। उन्होंने कहा कि इन सबने उनके व्यक्तित्व को आत्मविश्वास से भर दिया है।
लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत ने गर्व के साथ अपनी यात्रा के बारे में बताया, जो एनसीसी गणतंत्र दिवस परेड से शुरू होकर भारतीय नौसेना के दस्ते का नेतृत्व करने तक जाती है। उन्होंने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस पर 144 कर्मियों वाले दस्ते का नेतृत्व किया था।

लेफ्टिनेंट कमांडर ताविशी सिंह एक नौसैनिक निर्माणकर्ता हैं, जो शिपयार्ड में होने वाले निर्माण कार्यों की देखरेख करती हैं, ताकि युद्धपोतों को लॉन्च करने के पहले की तैयारी से लेकर उनकी आपूर्ति करने तक की सारी गतिविधियां सुचारु रूप से चलें।
दो महिला लेफ्टिनेंट कमांडर डिलना और रूपा, दोनों आईएनएसवी तारिणी पर तैनात हैं। दोनों दक्षिणी अटलांटिक के सफर पर हैं और नौवहन का प्रशिक्षण ले रही हैं। इस तरह वे नौवहन करने वाली पहली एशियाई महिला बन जाएगी। दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आयोजन में जुड़ीं।
नौसेना के एक वरिष्ठ सेवारत अधिकारी की पत्नी दीपा भट नायर ने नेवी वेलफेयर एंड वेलनेस संगठन (एनडब्लूडब्लूए) की भूमिका पर अपने विचार रखे। इस संगठन को नौसैनिकों की पत्नियां संचालित करती हैं। बदलते समय के साथ एनडब्लूडब्लूए भी आगे बढ़ता रहा और लैंगिक तटस्थता को उसने अपना लिया। श्रीमती नायर ने नौसैनिकों की पत्नियों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका को रेखांकित किया के वे कैसे एकजुट होकर नौसैनिकों के परिवारों की देखरेख करती हैं।
पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले में सात आतंकियों को मृत्युदंड, एक को उम्रकैद


दो मंत्रियों ने दिया इस्तीफा... मुख्यमंत्री ने किया स्वीकार... सुप्रीम कोर्ट ने नसीहत के साथ जमानत किया अस्वीकार
मोबाइल ब्लॉस्ट में बुजुर्ग की चली गई जान... सिर से सीने तक उड़ गए चिथड़े... इन बातों का रखना होगा ख्याल
3. लंबे समय तक कान से मोबाइल को सटाकर रखना और बात करते रहना भी ब्लॉस्टिंग की एक बड़ी वजह है।
गोवा में लगी मिलेट की मल्टीमीडिया प्रदर्शनी, जानिए क्या खास


मां के बगल में सोते 1 माह के बच्चे को... उठा ले गए आवारा कुत्ते... पेट और एक हाथ को नोंच खाया... मौत
कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र महात्मा ने बताया कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी कि किन कारणों के चलते ऐसा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया, फिर मंगलवार को अंतिम संस्कार कराया। जिला प्रशासन की तरफ से गठित मेडिकल बोर्ड के प्रभारी डॉ. शक्ति सिंह ने बताया कि बच्चे का सिर, एक हाथ और दो पैर बचे थे। उसका पेट और एक हाथ नहीं था।
दिल्ली में कल मनाया जाएगा 47वां सिविल लेखा दिवस
नईदिल्ली। 47वां सिविल लेखा दिवस कल नई दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में मनाया जाएगा। इसी दिन भारतीय सिविल लेखा सेवा की स्थापना की गई थी। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय वित्त सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन भी समारोह के दौरान दर्शकों को संबोधित करेंगे।

भारतीय सिविल लेखा सेवा (आईसीएएस) का गठन 1976 में लोक वित्तीय प्रशासन में एक ऐतिहासिक सुधार के परिणामस्वरूप किया गया था, जब केंद्र सरकार के खातों के रखरखाव को लेखा परीक्षा से अलग कर दिया गया था। नतीजतन, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया था।

लेखा परीक्षा से खातों को अलग करने और विभागीय खातों का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक मार्च, 1976 को राष्ट्रपति द्वारा दो अध्यादेश -- नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कर्तव्य, शक्तियां और सेवा की शर्तें) संशोधन अध्यादेश और संघ लेखा विभागीकरण (कार्मिक का स्थानांतरण) अध्यादेश, 1976 लागू किए गए थे। इसी उपलक्ष्य में, हर साल एक मार्च को संगठन अपना स्थापना दिवस मनाता है।
लेखा महानियंत्रक का कार्यालय, भारत सरकार का प्रधान लेखा सलाहकार होता है और देश की भुगतान और लेखा प्रणाली की देखरेख करता है। संगठन खातों के माध्यम से वित्तीय जवाबदारी सुनिश्चित करता है और निर्णय लेने में कार्यकारी की सहायता करता है। अपनी स्थापना के बाद से भारतीय नागरिक लेखा संगठन का महत्त्व लगातार बढ़ा है और अब यह केंद्र सरकार के सार्वजनिक वित्त के प्रबंधन में उत्कृष्ट व्यवहारों के माध्यम से शासन को मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संगठन का मिशन बजट, भुगतान, लेखांकन और पेंशन वितरण के लिए एक प्रभावी, विश्वसनीय और उत्तरदायी प्रणाली का संचालन करना है। इसका उद्देश्य मंत्रालयों में एक विश्व स्तरीय और मजबूत सरकार-व्यापी एकीकृत वित्तीय सूचना प्रणाली और निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, संगठन ने बेहतर पारदर्शिता और जवाबदारी के लिए आंतरिक लेखा परीक्षा का एक नया प्रतिमान विकसित करने का प्रयास किया है। संगठन ने एक समर्पित और प्रेरित कार्य बल के माध्यम से कार्य-व्यवसाय सम्बंधी निष्ठा और क्षमता को बढ़ावा देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
BIG NEWS : पड़ोसी राज्य के तीन जिलों में सोने का भंडार!... विधानसभा में भी 'खजाने' को लेकर सरकार ने दिए संकेत
वानखेड़े स्टेडियम में स्थापित होगी इस दिग्गज क्रिकेटर की आदमकद प्रतिमा... 50 वें जन्मदिन पर एमसीए देगा तोहफा
मुझे बहुत खुशी हो रही है, यही से मेरा करियर शुरू हुआ था। ये मेरे लिए बहुत खास जगह है इस जगह से मेरी बहुत ही खास चीजें जोड़ी हुई हैं। इस जगह पर मेरी प्रतिमा बनेगी ये मेरी लिए बहुत बड़ी बात है: वानखेड़े स्टेडियम में अपनी प्रतिमा स्थापित होने पर क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर,मुंबई pic.twitter.com/pVWG77kjmM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2023
चीन, पाकिस्तान और हांगकांग से ट्रेनिंग लेकर आया मेमन, इंदौर पुलिस ने धर दबोचा

भरी सभा में पीएम मोदी ने कहा... विपक्ष कह रहा... 'मरजा मोदी, मरजा मोदी'... और देश कर रहा 'मोदी तेरा कमल खिलेगा'
बातों ही बातों में पीएम मोदी ने कहा कि मोदी विपक्ष की आंखों में गड़ने वाला कांटा बन गया है। उन्हें पता है कि मोदी के रहते उनकी दाल नहीं गलने वाली है, इसलिए वे बार—बार 'मरजा मोदी, मरजा मोदी' कह रहे हैं, पर देश कह रहा है 'मोदी तेरा कमल खिलेगा।' और यही विश्वास मुझे सबसे ज्यादा ताकत देता है।
#WATCH कांग्रेस के लोग सोचते हैं कि जब तक मोदी जिंदा है, तब तक उनकी दाल नहीं गलने वाली। इसलिए सभी बोल रहे हैं कि 'मरजा मोदी', 'मरजा मोदी'। कुछ लोग कब्र खोदने में लग गए हैं, कह रहे हैं 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी'। मगर देश कह रहा है कि 'मोदी तेरा कमल खिलेगा': प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी pic.twitter.com/2GjyLnphOR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 27, 2023
BIG NEWS : आबकारी मंत्री गिरफ्तार, सकते में सरकार... अब दांव पर लगी सरकार की इमेज
दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन के जेल दाखिल होने के बाद उनके विभागों की जवाबदारी भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने खास सिपहसलार मनीष सिसोदिया को थमा दिया था। सिसोदिया ने उन सभी विभागों का काम भी बखूबी संभाल लिया, जिसके चलते केजरीवाल सरकार को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। सिसोदिया के पास शिक्षा, लोक निर्माण, वित्त, आबकारी, ऊर्जा, जल, स्वास्थ्य जैसे सबसे अहम विभाग हैं। उनके सहयोगी बताते हैं कि वे एक दिन में 12 से 15 मीटिंग करते हैं। पर अब केजरीवाल सरकार के सामने विकट परिस्थिति है कि आखिर सिसोदिया की कमी को कैसे पूरा किया जाएगा।
विज्ञापनों में जो भी खुलासे किये जाएं, वह होने चाहिए स्पष्ट, उपभोक्ता कार्य विभाग सचिव

सिर्फ 9 साल में 74 नए एयरपोर्ट... पीएम मोदी ने कहा... डबल इंजन सरकार होती है दमदार
#WATCH | Karnataka: Prime Minister Narendra Modi greets former CM and senior BJP leader BS Yediyurappa at the inauguration of Shivamogga Airport.
— ANI (@ANI) February 27, 2023
BS Yediyurappa is also celebrating his 80th birthday today. pic.twitter.com/bEUe2f4iIc
पीएम ने कहा, कोई गाड़ी हो या सरकार, डबल इंजन लगता है तो उसकी स्पीड कई गुना बढ़ जाती है। पहले जब कर्नाटक के विकास की चर्चा होती थी तो ये बड़े शहरों तक ही सीमित रहती थी लेकिन हमारी सरकार विकास को कर्नाटक के गांवों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
संपूर्ण भारत के लिए पीएम मोदी ने रखा लक्ष्य... ‘रीचिंग द लास्ट माइल’ को पूरा करने का संकल्प
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ‘रीचिंग द लास्ट माइल’ (अंतिम छोर तक पहुंचना) पर आज बजट वेबिनार को सम्बोधित किया। केंद्रीय बजट 2023 में घोषित होने वाली पहलों के कारगर क्रियान्वयन के लिये सुझाव और विचार आमंत्रित करने के क्रम में सरकार द्वारा आयोजित 12 बजट-उपरांत वेबिनारों में से यह चौथा वेबिनार है।
अपने वक्तव्य के आरंभ में प्रधानमंत्री ने बजट पर संसद में होने वाली बहस के महत्त्व को रेखांकित करते हुये कहा कि सरकार ने इससे एक कदम आगे बढ़ाया है तथा पिछले कुछ सालों में सरकार ने बजट के बाद हितग्राहियों के साथ गहन विचार-विमर्श की एक नई परंपरा शुरू की है। उन्होंने कहा, “यह कार्यान्वयन और समयबद्ध आपूर्ति की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। इससे करदाताओं के धन की पाई-पाई का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होता है।”
भारत में जो आदिवासी क्षेत्र हैं, ग्रामीण क्षेत्र हैं, वहां आखिरी छोर तक Reaching The Last Mile के मंत्र को ले जाने की जरूरत है।
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) February 27, 2023
-प्रधानमंत्री @narendramodi pic.twitter.com/CTasjoYWeb
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिये धन के साथ-साथ राजनीतिक इच्छा-शक्ति की भी जरूरत होती है। सुशासन और वांच्छित लक्ष्यों के लिये निरंतर निगरानी के महत्त्व पर बल देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, “हम सुशासन पर जितना बल देंगे, अंतिम छोर तक पहुंचने का हमारा लक्ष्य उतनी ही आसानी से पूरा हो जायेगा।” उन्होंने मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण और वैक्सीन कवरेज व कोरोना महामारी के मद्देनजर नये सोच-विचार का उदाहरण दिया तथा इस तरह अंतिम छोर तक आपूर्ति में सुशासन की शक्ति का परिचय दिया।
हमारे देश के ट्राइबल समाज के विशाल पोटेंशियल को टैप करने के लिए पहली बार देश में इतने बड़े स्तर पर काम हो रहा है। इस बार के बजट में भी ट्राइबल डेवलपमेंट को प्रमुखता दी गयी है
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) February 27, 2023
-प्रधानमंत्री @narendramodi pic.twitter.com/ILCg9PpveU
परिपूर्णता की नीति के पीछे की सोच के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतिम छोर तक पहुंचने की दृष्टि और परिपूर्णता की नीति एक-दूसरे की पूरक हैं। उन्होंने कहा कि पुराने परिदृश्य में सब-कुछ इसके उलट था, जहां गरीबों को बुनियादी सुविधाओं के लिये सरकार के पीछे दौड़ना पड़ता था, लेकिन अब सरकार गरीबों के द्वार तक पहुंच रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस दिन हम तय कर लें कि हर क्षेत्र में हर नागरिक तक हर बुनियादी जरूरत पहुंचाई जायेगी, तब स्थानीय स्तर पर कार्य संस्कृति में हम बड़ा बदलाव आता देखेंगे। परिपूर्णता की नीति के पीछे यही भावना काम कर रही है। जब हमारा लक्ष्य हर व्यक्ति तक पहुंचना है, तब भेदभाव और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं होगी। और तभी, हम अंतिम छोर तक पहुंचने का लक्ष्य पूरा करने में सक्षम होंगे।”
Snow Marathon: बर्फ पर दौड़े 130 धावक, गुलडंडा से शुरू हुई मैराथन
