देश-विदेश
छात्र के रिजल्ट में गलत कॉपी के जोड़े अंक, हिंदी में दी थी परीक्षा, अंग्रेजी माध्यम के छात्र के जोड़ दिए अंक
SIR वेरिफिकेशन: BLO द्वारा फॉर्म जमा हुआ या नहीं ? ऐसे करें ऑनलाइन चेक
ऑनलाइन आवेदन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है और यह वोटर आईडी से लिंक होना चाहिए। दोनों दस्तावेजों में नाम समान होना जरूरी है, अन्यथा आवेदन लंबित रह सकता है। आयोग का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए नागरिक समय पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्वाचन सूची से संबंधित जानकारी की जांच करते हुए सक्रिय रूप से सहयोग करें, ताकि आगामी चुनाव पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें।
वाराणसी पुलिस आयुक्त का सख्त वार: 25 उप निरीक्षक पर गिरी गाज
वाराणसी पुलिस आयुक्त की यह कार्रवाई केवल 25 उप निरीक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे विभाग के लिए चेतावनी है। यह कदम जनता को यह भरोसा दिलाने का प्रयास है कि उनकी शिकायतें अनसुनी नहीं होंगी और पुलिस प्रशासन जवाबदेही के साथ कार्य करेगा।
भारत की ताकत, गांवों-पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय व्यवस्था की मूल आत्मा स्थानीय स्वशासन रही है। हमारे यहां शासन गांव से शुरू होकर राष्ट्र की ओर बढ़ने वाला रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय चिंतन में गांव को स्वराज और आत्मनिर्भरता की प्रथम इकाई माना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जब आत्मनिर्भर भारत और सुशासन का दृष्टिकोण रखा, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की ताकत उसके गांवों, पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित है। आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित यह वर्कशॉप, ग्राम स्वराज, स्थानीय आत्मनिर्भरता और विकसित भारत@2047 के लिए उठाया गया निर्णायक कदम है। गर्व का विषय है कि पंचायतों को प्रशासनिक रूप से दक्ष, वित्तीय रूप से सक्षम और सामुदायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की ठोस रणनीति तैयार करने की इस यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधि कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्ष अभी शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान उनके सुझावों को शामिल नहीं किया जाता है। लेकिन अब उनके द्वारा किए विद्यालय के निरीक्षण और सुझावों को लिपिबद्ध किया जाएगा और शासन इन्हें अमल में लेकर कार्य करेगा। राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत की गतिविधियों के लिए 25 लाख रूपए तक की राशि खर्च करने का अधिकार दिया है। यह तो केवल शुरुआत है, इस दिशा में आगे भी और पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटर शेड विकास 2.0 के अंतर्गत वॉटर शेड महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, सहयोगी संस्थाओं और नॉलेज पार्टनर संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया। पुरस्कृत अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समूह चित्र भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यशाला में पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कि यह कार्यशाला 26 नवंबर तक चलेगी।
‘हमको आमंत्रण नहीं भेजा गया…’, ध्वजारोहण कार्यक्रम पर रामभद्राचार्य का बयान
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS प्रमुख मोहन भागवत, और देश के विभिन्न क्षेत्रों साहित्य, कला, राजनीति, शिक्षा, उद्योग से जुड़े करीब 8 हजार विशिष्टजन अयोध्या पहुंच रहे हैं। पूरा शहर उत्सव के रंग में रंगा हुआ है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इस कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी को भी आमंत्रित किया गया है। मंदिर ट्रस्ट का यह कदम सामाजिक सौहार्द और सद्भाव की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लेकिन इस बीच एक बड़ा विवाद भी सामने आया है। जगतगुरु रामभद्राचार्य को इस निमंत्रण पत्र नहीं सौंपा गया है। जिसके चलते उन्होंने नाराज़गी जताई है। अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इतना सब करने के बाद भी हमारी उपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं। हमको इस कार्यक्रम का आमंत्रण भी नहीं भेजा गया।
कृषक कल्याण के लिए सरकार सजग और संवेदनशील: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 27 नवम्बर को श्योपुर में ऐसे धान उत्पादक किसानों को राहत राशि का वितरण करेंगे, जिनकी फसलों को नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की फसलों को हुई क्षति के लिए सर्वेक्षण के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार की शाम विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में भेंट करने आए किसानों के समूह से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री राम निवास रावत भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 प्रतिशत भुगतान करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटन की दर से गेहूं खरीदने, धान पर बोनस राशि देने के निर्णय लिए गए। राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर जिले में परिश्रमी किसानों ने कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन में भी विशेष सहयोग दिया है। जिले में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परम्परा है। श्योपुर जिले में पालपुर कूनो में चीतों की बसाहट के बाद उनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी सामने आ रही है। निश्चित ही जिले में पर्यटन के माध्यम से अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रयास सफल हो रहे हैं। आने वाले समय में इस क्षेत्र में बेहतर परिणाम दिखाई देंगे।
इटावा: बारात स्वागत के दौरान दुल्हन पक्ष के बैग से 8 लाख रुपये की चोरी, मैरिज होम में हड़कंप
पीड़ित मुरलीधर ने घटना की तहरीर इकदिल थाने में दी है. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, मैरिज होम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे और मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और पूरी घटना का खुलासा करने की मांग की है.
सीजीपीएससी चयनित अभ्यर्थियों को कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं कहा – सारे युवा हमारे प्रदेश के गौरव
रायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी सभा कक्ष में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयनित युवाओं से कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आज इस कार्यक्रम में उपस्थित कुछ अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अनुभव के तहत आयोजित मॉक इंटरव्यू में भाग लिया था एवं कुछ ने नालंदा, तक्षशिला और सेन्ट्रल लाइब्रेरी में अध्ययन भी किया।
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि आज की शाम हम सबके लिए सुखद अनुभव लेकर आई है, जब हम छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित युवाओं से मुलाकात कर रहे हैं। ये सभी युवा आज छत्तीसगढ़ का गौरव हैं, जिनमें से कुछ ग्रामीण परिवेश से भी हैं।
जल्द ही इनकी पदस्थापना होगी और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान देंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि शासकीय सेवा में आने के बाद आपकी जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं। आप शासन द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन करेंगे ही, साथ ही यह अवश्य याद रखें कि जनसेवा सर्वोपरि है। जब आपके समक्ष कोई जरूरतमंद आए, तो उसकी बात संवेदनशीलता से सुनें और उसकी समस्या के निराकरण का प्रयास करें।
उन्होंने आगे कहा कि परिणाम आते ही आपका समाज के प्रति योगदान शुरू हो जाता है। जिस क्षेत्र या गाँव से आप आते हैं, वहाँ के लोग आपसे प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर नम्रता जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, कवि श्री मीर अली मीर, जिला रोजगार अधिकारी केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें
वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के प्रमाणन कार्यक्रम के तीसरे बैच सफलतापूर्वक समापन
नईदिल्ली। भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) ने रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) के साथ साझेदारी में, रक्षा अधिकारियों के लिए कॉर्पोरेट प्रशासन में निदेशक प्रमाणन कार्यक्रम के तीसरे बैच का 21 नवंबर 2025 को मानेसर, गुरुग्राम स्थित आईआईसीए परिसर में सफलतापूर्वक समापन किया। दो सप्ताह के इस प्रमाणन कार्यक्रम में तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 30 वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें सेवारत और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए अधिकारी भी शामिल थे, को प्रशिक्षित किया गया। इस बैच के साथ, इस कार्यक्रम ने अगस्त 2024 से अब तक आयोजित तीन बैचों में 90 प्रतिष्ठित रक्षा अधिकारियों को कॉर्पोरेट प्रशासन और स्वतंत्र निदेशक पद के व्यापक ज्ञान के बारे में सफलतापूर्वक जानकारी दी गई।
समापन समारोह में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने संबोधित किया। आईआईसीए के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया। भारत सरकार के पूर्व सचिव, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सचिव और वर्तमान में अशोका विश्वविद्यालय के आइज़ैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी में विशिष्ट फेलो, डॉ. के.पी. कृष्णन ने उद्घाटन भाषण दिया। इसके अतिरिक्त, रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की सचिव, श्रीमती सुकृति लिखी ने मुख्य भाषण दिया।
डॉ. के.पी. कृष्णन ने अपने उद्घाटन भाषण में प्रतिभागियों को कॉर्पोरेट प्रशासन के मूलभूत सिद्धांतों और स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वतंत्र निदेशक उन लोगों के रक्षक के रूप में कार्य करते हैं जो स्वयं की रक्षा नहीं कर सकते, विशेष रूप से अल्पसंख्यक शेयरधारकों और अन्य हितधारकों की जिनका निर्णय लेने वाली संस्थाओं में प्रतिनिधित्व नहीं होता है। उन्होंने कहा कि इस भूमिका में मुख्य रूप से विभिन्न हितधारकों के प्रति विश्वास संबंधी कर्तव्य शामिल हैं, जहाँ अधिकतम करने के बजाय संतुलन बनाना इस ज़िम्मेदारी का सार है। प्रतिभागियों को याद दिलाया गया कि तकनीकी पहलुओं, क्षेत्र के क्षेत्रों और कंपनी की विशिष्टताओं को समझने के अलावा, संतुलित और न्यायिक तरीके से परिणामों को अनुकूल बनाने के लिए लोगों और सामग्रियों के प्रबंधन में उनका तीन दशकों का अनुभव उन्हें स्वतंत्र निदेशक की भूमिकाओं के लिए सीधे तौर पर तैयार करता है।
एकाग्रता और समर्पण से मिलती सफलता… राज्यपाल से मिले प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हर समय, हर समाज में अच्छे व्यक्तियों का सदैव सम्मान होता है। संवेदनशीलता पूर्वक किए सेवा कार्यों से आत्मिक आनंद मिलता है। भौतिक सुविधाओं का सुख क्षणिक होता है। पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ सीखना ही भावी जीवन की सफलताओं का आधार है। प्रशिक्षण के दौरान छोटी सी चूक भविष्य की बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में आए आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।
राज्यपाल ने कहा कि प्रकृति के जीवों में सबसे शक्तिशाली मानव है, जिसे बुद्धि और वाणी के रूप में अद्वितीय शक्ति मिली है। इन शक्तियों के सार्थक उपयोग से व्यक्ति उतरोत्तर बेहतर बनता है। आवश्यकता, बुद्धि के सकारात्मक और वाणी के शालीन उपयोग की है। उन्होंने कहा कि भावी जीवन में सदैव सीखने और अनुभवों से समझने का भाव रहना चाहिए। महत्वपूर्ण उपयोगी व्यवहारिक ज्ञान समाज के सबसे वंचित, पिछड़े और गरीब व्यक्तियों से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सुशासन का आधार होते हैं। सुशासन की प्राथमिक आवश्यकता है कि अधिकारी संवेदनशीलता, विवेक, न्यायोचित व्यवहार और तथ्यों के आधार पर निर्णय करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा योजनाओं का निर्माण वंचित, गरीब और पिछड़े व्यक्तियों, समुदायों की मदद और उत्थान के उद्देश्यों से होता है। योजना की मंशा के भाव, भावनाओं और हितग्राही की परिस्थितियों को समझे बिना उनके स्वरूप के निर्धारण और क्रियान्वयन से समस्याएं उत्पन्न होती है। उन्होंने नल-जल और आवास योजनाओं के प्रसंग के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को क्रियान्वयन की जमीनी हकीक़तों से परिचित कराया। राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक सफलता कमरों में रहकर कार्य से नहीं मिलती। क्षेत्र का सघन भ्रमण जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि योजना को कार्यालय में नहीं धरातल पर जाकर समझा जा सकता है।
राज्यपाल को आर.सी.व्ही.पी. प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी के संचालक मुजीबुर्रहमान खान ने प्रशिक्षण के स्वरूप और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 19 दिसम्बर तक के लिए आयोजित परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में 24 डिप्टी कलेक्टर शामिल है। मैदानी चुनौतियों और स्वच्छ प्रशासन के लिए नियमों, प्रावधानों और सॉफ्ट सिकल, अंतर्विभागीय समन्वय के विभिन्न आयाम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। प्रशिक्षार्थियों को पुलिस ट्रेनिंग, भू-सर्वेक्षण और विकासात्मक गतिविधियों से परिचित कराने प्रदेश के विभिन्न जिलों और तेलंगाना राज्य का भ्रमण भी कराया गया है।
गीडा की फैक्ट्री में भीषण आग: रात की खामोशी को चीरती लपटें
यह हादसा न केवल औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि बिजली व्यवस्था की छोटी सी चूक कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन विद्यार्थी हित की सार्थक पहल : राज्यपाल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन पोर्टल उच्च शिक्षा की बेहतरी की दिशा में ऐतिहासिक क़दम है। पोर्टल, विद्यार्थी हित की सार्थक पहल है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक गतिविधियों में तकनीकी नवाचार से विद्यार्थियों को वेरीफिकेशन की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी। रोज़गार और प्लेसमेंट आदि ज़रूरी प्रक्रियाएं सुरक्षित रूप में सरलता और शीघ्रता से हो सकेगी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष नवाचार सराहनीय है। उन्होंने पोर्टल के माध्यम से डिग्री वेरिफ़िकेशन प्रक्रिया को समझा। स्वयं रेंडम परीक्षण किया। पोर्टल को सफलतापूर्वक लोकार्पित करने के लिए समस्त विश्वविद्यालय प्रबंधन को बधाई दी। राज्यपाल श्री पटेल ने गुरुवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के डिजिटल डिग्री वेरीफिकेशन पोर्टल का वन क्लिक से शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन राजभवन में किया गया था।
राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री सुरेश कुमार जैन, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, कुल सचिव श्री अनिल शर्मा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सरदार पटेल की जयंती पर अखंड भारत का संदेश
वाराणसी की इस पदयात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरदार पटेल की जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि भारत की एकता और अखंडता के संकल्प को पुनः जीवित करने का अवसर है। लौह पुरुष की विरासत आज भी जनमानस को एक सूत्र में बांधने और राष्ट्र को सशक्त बनाने का मार्ग दिखाती है।
लुधियाना — हाईवे पर दो आतंकी ढेर, बब्बर खालसा मॉड्यूल का भंडाफोड़
बता दें कि BKI एक पुराना खालिस्तानी चरमपंथी संगठन है, जिसे गृह मंत्रालय की टेरर लिस्ट में शीर्ष गुटों में रखा गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की छानबीन कर रही है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
आतंकियों के निशाने पर RSS मुख्यालय, अचानक छावनी में तब्दील हुआ संघ मुख्यालय
डेस्क। दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद वैसे भी पूरे देशभर के शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया था। इसमें नागपुर का नाम सबसे ऊपर था। RSS मुख्यालय पर हमला का खुफिया इनपुट मिलने के बाद अचानक ही संघ मुख्यालय और आसपास के परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा-व्यवस्था से साफ है कि संघ बिल्डिंग पर भी आतंकी खतरा मंडरा रहा है। इस बारे में पुलिस विभाग और एजेंसियां कुछ भी बोलने से कतरा रही हैं लेकिन अचानक परिसर की सुरक्षा चाकचौबंद होने से परिसर के नागरिकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
मंगलवार को अचानक आला पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल बड़कस चौक से संघ मुख्यालय परिसर में दाखिल हुआ। यहां सुरक्षा-व्यवस्था पर मंथन किया गया। संघ बिल्डिंग की ओर जाने वाली हर एक सड़क पर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। हर एंट्री प्वाइंट पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। सामान्य की तरह नहीं बल्कि भारी भरकम बैरिकेड से सड़क को घेरा गया है।
स्थानीय नागरिकों के अलावा परिसर में जाने वाले हर शख्स से पूछताछ की जा रही है। मंगलवार की दोपहर 2 कंबल विक्रेता परिसर में दाखिल हुए। उन्हें देखते ही सुरक्षाकर्मी सचेत हो गए। हुलिया कश्मीरी था, इसीलिए कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। काफी देर तक उनसे पूछताछ की गई। सामान्य विक्रेता होने की पुष्टि के बाद उन्हें छोड़ा गया। इससे साफ है कि एजेंसियों और सिटी पुलिस को कोई तगड़ा इनपुट मिला है क्योंकि 10 नवंबर को दिल्ली ब्लास्ट के बाद भी इतनी सुरक्षा नहीं थी जितनी अब लगाई गई है।
नीतीश कुमार 10वीं बार बने मुख्यमंत्री.... सम्राट चौधरी समेत 26 मंत्रियों ने ली शपथ
डेस्क। नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में 10वीं बार शपथ ली। गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। हरियाणा, असम, गुजरात, मेघालय, उत्तर प्रदेश, नगालैंड, ओडिशा, दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शपथ ग्रहण के दौरान चिराग पासवान ने मांझी और जेपी नड्डा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। डिप्टी सीएम के रूप में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली। कुल 26 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ लेकर कैबिनेट का गठन पूरा किया।
नीतीश कैबिनेट में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, राम कृपाल यादव, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार, मो. जामा खान, संजय सिंह ‘टाइगर’, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, सिमा निसाद, लखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, दीपक प्रकाश शामिल है।
राज्यपाल ने आसियान समिति से कहा मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आसियान समिति से कहा है कि मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं हैं। भारत और आसियान देश साझी सभ्यता वाले क्षेत्र हैं। मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता, व्यापारिक समानता और सहयोग की संभावनाएँ अत्यंत मजबूत हैं। दोनों क्षेत्रों के पास युवा जनसंख्या की ऊर्जा, नवाचार की क्षमता, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति तथा विकास के प्रति समान संवेदनशील दृष्टिकोण मौजूद है। प्रदेश के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में असाधारण और दीर्घकालिक साझेदारियाँ करने की अनंत संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थिर, सुरक्षित और उद्योग अनुकूल वातावरण इस यात्रा को और अधिक अर्थपूर्ण बनाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। यह नीति भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, सांस्कृतिक जड़ों और भविष्य की समृद्ध साझेदारी को मजबूत करने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ व्यापारिक, निवेश, तकनीकी, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों में निरंतर वृद्धि से पारस्परिक रिश्ते मजबूत होंगे। नए अवसर उत्पन्न होंगे। हमारी सहभागिता आने वाले वर्षों में एक नए अधिक विकसित युग का निर्माण करेगी।
आसियान नई दिल्ली समिति के अध्यक्ष भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा ने मध्यप्रदेश में प्रतिनिधि मंडल के गरिमामय स्वागत सत्कार के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आसियान समूह के सभी देश शांति, समृद्धि के लिए मैत्री भाव के साथ सहकार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि, आधारभूत अवसंरचना, उत्पादन, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। फार्मास्यूटिकल, शिक्षा और कौशल उन्नयन के क्षेत्र में पारस्परिक सहकार के द्वारा मध्यप्रदेश और आसियान राष्ट्रों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाया जा सकता है।
स्वागत उद्बोधन प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दिया। मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आसियान समिति नई दिल्ली के सदस्यों का परिचय कराया। उन्होंने बताया कि आसियान समिति पहली बार मध्यप्रदेश भ्रमण पर आई है। समिति ने गत दिवस मुख्यमंत्री से भेंट की है। आभार अतिरिक्त सचिव विदेश मंत्रालय भारत सरकार प्रशांत अग्रवाल ने व्यक्त किया।