देश-विदेश
मुख्यमंत्री धामी ने 196 करोड़ की योजनाओं को दी मंजूरी, विकास कार्यों को मिलेगी गति
इन स्वीकृतियों से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, और आपदा प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल विकास को गति मिलेगी, बल्कि जनता के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
इंदौर मे एमपी ट्रांसको की अभिनव पहल : मंत्री तोमर
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि इंदौर महानगर के विद्युत उपभोक्ताओं को जरूरत के समय विद्युत का व्यवधान न हो, इस उद्देश्य के साथ मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी इंदौर ने एक अभिनव पहल की है। त्यौहारी सीजन में ट्रांसमिशन लाइन के मेंटेनेंस दिन के बजाय देर रात या तड़के किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली व्यवधान का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा है कि इसी तरह के प्रयोग अन्य शहरों में भी किए जाएंगे। सामान्यतः ट्रांसमिशन लाइन में मेंटेनेंस का कार्य दिन के उजाले में ही किया जाता है, लेकिन इंदौर ट्रांसमिशन मेंटेनेंस टीम ने इस परंपरा को बदल दिया है। अब जब शहर सो रहा होता है, तब एमपी ट्रांसको की टीमें फील्ड में सक्रिय होकर ट्रांसमिशन लाइनों की देखरेख कर रही होती हैं। एमपी ट्रांसको इंदौर की यह पहल इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना के मार्गदर्शन मे कार्यपालन अभियंता नम्रता जैन कर रहीं है। कार्यपालन अभियंता नम्रता जैन चाहे रात्रि कालीन हो या सुबह तडके, पूरे शटडाउन समय मे फील्ड पर मौजूद रहकर मेंटेनेंस कार्य की स्वयं निगरानी करती हैं।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता नीलम खन्ना ने बताया कि इंदौर की बिजली व्यवस्था कुछ इस तरह है कि यदि ट्रांसमिशन लाइन पर मेंटेनेंस के दौरान शटडाउन लिया जाए, तो उपभोक्ताओं को असुविधा हो सकती है। इस समय त्यौहारी सीजन होने के कारण घरेलू और व्यावसायिक दोनों वर्गों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।
शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया और अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की गतिविधियों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि नर्सिंग, ए.एन.एम. और अन्य तकनीकी संवर्गों की भर्ती प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानव संसाधन सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया और अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव और आयुक्त तरुण राठी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभाग में विभिन्न पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और समय अनुसार पदपूर्ति की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि वर्ष 2023 में रिक्त 515 पदों पर प्रतीक्षा सूची से काउंसलिंग की प्रक्रिया 13 अक्टूबर से प्रारंभ की गई है, वर्ष 2024 की 972 पदों पर भर्ती कार्यवाही वर्ष 2023 की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत की जाएगी। नर्सिंग संवर्ग के लगभग 1260 पदों के लिए नियम संशोधन का प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग के लगभग 1000 पदों तथा नर्सिंग ट्यूटर (टीचर्स) के कुल 711 पदों (328 + 383) की भर्ती संबंधी प्रस्तावों पर विभागीय स्तर पर कार्यवाही प्रगति पर है। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में मेडिकल टीचर्स के वेतन-भत्तों में वृद्धि, नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती शीघ्र पूर्ण करने और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिशानिर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिला चिकित्सालय में 200 बेड उन्नयन उपरांत 225 नये पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया की समीक्षा कर शीघ्र औपचारिकताओं की पूर्ति करने के निर्देश दिए। साथ ही सागर चिकित्सा महाविद्यालय में यू जी अपग्रेडेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में श्योपुर और सिंगरौली के नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के अनुबंध पुनरीक्षण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाओं की समयसीमा में कोई विलंब न हो। इसके साथ ही बुधनी चिकित्सा महाविद्यालय के अनुबंध पुनरीक्षण एवं एम.पी.बी.डी.सी. द्वारा निर्माणाधीन सी.सी.एच.बी. भवनों के भुगतान संबंधी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई।
कोदो-कुटकी का पहली बार उपार्जन किये जाने का निर्णय
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों के कृषकों से पहली बार कोदो-कुटकी उपार्जन का किये जाने का निर्णय लिया, जिससे अधिक से अधिक जनजातीय कृषकों को फायदा होगा। इस के लिए रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रमुख कोदो-कुटकी उत्पादक जिलों जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाडा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी एवं सिंगरौली के कृषकों से कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा। साथ ही अन्य जिलों से मांग आने पर उन जिले के कृषकों से भी उपार्जन किये जाने पर विचार किया जायेगा।
श्रीअन्न उत्पादक जिलों के कृषकों से श्रीअन्न कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (श्रीअन्न फेडरेशन) द्वारा कोदो-कुटकी का उपार्जन किया जायेगा। खरीफ 2025 में उत्पादित श्रीअन्न कुटकी 3500 रूपये प्रति क्विंटल एवं कोदो 2500 रुपये प्रति क्विंटल के मान से लगभग 30 हजार मेट्रिक टन का उपार्जन किया जायेगा। इसके लिए श्रीअन्न फेडरेशन को 80 करोड़ रूपये का ब्याज मुक्त ऋण शासन के मूल्य स्थिरीकरण कोष से प्रदाय किया जायेगा। इसके अतिरिक्त कृषको को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये प्रति क्विंटल के मान से संबंधित कृषकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदाय किये जायेंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में प्रदेश के सोयाबीन के किसानों को लाभांवित किये जाने के लिए भारत सरकार की प्राईज डिफिसिट पेमेन्ट स्कीम लागू की गयी है, जो प्रदेश में भावांतर योजना कहलायेगी। प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजनांतर्गत 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 तक सोयाबीन का विक्रय, राज्य की अधिसूचित मंडियों में किया जायेगा। प्रदेश की मंडियों में 14 दिवस के सोयाबीन के विक्रय मूल्य के Weighted औसत के आधार पर सोयाबीन के मॉडल रेट की गणना की जायेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य से विक्रय दर/मॉडल रेट अंतर की राशि पंजीकृत कृषकों के पोर्टल पर दर्ज बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित की जायेगी। एम.एस.पी 5238 रूपये है।
मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की सिल्क समग्र-2 योजना को 25% राज्यांश के साथ, राज्य में रेशम समृद्धि योजना के रूप में क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई।
योजना अंतर्गत हितग्राहियों को रेशम उत्पादन संबंधी 23 गतिविधियों में सहायता प्राप्त होगी, जिसमें सामान्य वर्ग के हितग्राही को इकाई लागत की 75 प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 90 प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इसमें क्रमशः 25 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत हितग्राही अंश रहेगा। योजना के क्रियान्वयन से मलबरी, वन्या और पोस्ट ककून क्षेत्रों में हितग्राहियों की सतत् रोजगार उपलब्ध होने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी।
वर्तमान में कुल लागत इकाई राशि रूपये 3.65 लाख होती थी जिसमें 2.0875 लाख राज्य शासन से राज्य सहायता प्राप्त होती थी। रेशम समृद्धि योजना में इकाई की कुल लागत राशि रूपये 5 लाख होगी। उसमें से सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को केन्द्रांश राशि रूपये 2.50 लाख, राज्यांश राशि रूपये 1.25 लाख एवं हितग्राही का अंश राशि रुपये 1.25 लाख तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को केन्द्रांश राशि रूपये 3.25 लाख, राज्यांश राशि रूपये 1.25 लाख एवं हितग्राही का अंश राशि रूपये 0.50 लाख होगा। यह योजना रेशम किसानों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगी।
विश्वस्तरीय बनें उच्च शिक्षा के सभी संस्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोजगारपरक नवीन विषय प्रारंभ करने के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कृषि संकाय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में बीटेक में डेयरी टेक्नॉलाजी का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों में इन कोर्सेस का प्रचार करें जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस विषय की पढ़ाई के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में बड़ा स्कोप है, इसलिए विश्वविद्यालयों में इसके पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी समग्र अध्ययन कराया जाए। इसके लिए इस विश्वविद्यालय को आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय बनाने पर भी गंभीरता से विचार कर निर्णय के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि पाणिनी विश्वविद्यालय को आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने से इस विश्वविद्यालय का परिधि क्षेत्र बढ़ेगा और प्रदेश के करीब 50 से अधिक आयुर्वेदिक महाविद्यालय इसके दायरे में आ जाएंगे। यह एक बड़ा कदम होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की भर्तियों को टाईम-फ्रेम में लाएं और जल्द से जल्द सभी प्रकार की भर्तियां एवं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 364 पद भरे हुए हैं और इन्हीं श्रेणी के 1585 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ली। अपर मख्य सचिव श्री राजन ने बताया कि सत्र 2025-26 में नर्सिंग कॉउंसिल द्वारा प्रवेश प्रकिया आरम्भ कर दी गई है। पैरामेडिकल कॉउंसिल द्वारा सत्र 2025-26 की मान्यता संबंधी प्रक्रिया एक माह में प्रारम्भ करने की बात कही गई है। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को एनओसी उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय स्तर पर एवं मान्यता क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ग्राम कल्याणपुरा में 70 एकड़ भूमि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित की जा चुकी है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा जिला अस्पताल झाबुआ में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हास्पिटल के रूप में अनुमति देने के लिए आवेदन कर दिया गया है।
वाराणसी में “नो पार्किंग, नो पॉलिटिक्स”: कैंट पुलिस की सख्ती, माननीय पास वाले वाहन सीज
पुलिस ने नर्सिंग होम संचालकों को भी हिदायत दी कि उनके परिसर के बाहर सड़क पर वाहनों से अतिक्रमण न हो। प्रशासन ने साफ किया कि यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ अब और सख्ती की जाएगी। यह अभियान शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आयकर विभाग की कार्रवाई... इस बिल्डकॉन के ठिकानों पर चल रही छापेमारी
डेस्क। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयकर विभाग की टीम ने दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के विभिन्न ठिकानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस छापेमारी में कोलार क्षेत्र (भोपाल) और इंदौर के पीथमपुर समेत कुल पांच प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई कथित तौर पर आयकर चोरी और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी है और जांच अभी जारी है।
सूत्रों के अनुसार आयकर टीमों ने कंपनी के ऑफिस, आवासीय संपत्तियों और अन्य व्यवसायिक स्थलों पर दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच की। कोलार में कंपनी के एक मुख्य यूनिट पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि पीथमपुर में औद्योगिक इकाई को भी टारगेट बनाया गया। अन्य तीन स्थानों में भोपाल के एमपी नगर और इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र शामिल हैं।
दिलीप बिल्डकॉन, जो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी है और भोपाल में इसका मुख्यालय स्थित है, के खिलाफ अब तक कई दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं। आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और जांच के अगले चरण में और विवरण सामने आने की संभावना है।
विज्ञापन होर्डिंग के गिरने से दो की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
नईदिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया है कि गुजरात के अहमदाबाद के बोपल इलाके में एक सात मंजिला इमारत की छत से एक विज्ञापन होर्डिंग गिरने से दो मज़दूरों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 27 सितंबर, 2025 को हुई थी ।
आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सत्य है, तो मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मुद्दा उठाती है। इसलिए, आयोग ने गुजरात सरकार के मुख्य सचिव और अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
29 सितंबर, 2025 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार , लगभग 15 मज़दूर एक आवासीय इमारत पर लगभग 80 फीट ऊपर एक होर्डिंग लगा रहे थे, तभी वह गिर गई। नीचे गिरे दस मज़दूरों में से दो की मौत हो गई, एक गंभीर रूप से घायल हो गया और सात अन्य को मामूली चोटें आईं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जनजातीय योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता बनें सहभागी
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि संचालित जनजातीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के लिए सरकार के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय सहभागिता करें। जनजातीय समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र और प्रदेश सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों को प्राथमिकता के साथ लाभान्वित कर रही है। पीएम जन-मन योजना में बैगा,सहरिया एवं भारिया विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पक्का आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।
राज्यपाल पटेल रविवार को कटनी ज़िले के स्लीमनाबाद में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि साथी और आदि सहयोगियों से ग्रामीण जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने ग्राम हरदुआ में आदि सेवा केन्द्र का शुभारंभ किया और यहां जनजातीय बच्चों को पोलियो की दवा भी पिलाई। राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम हरदुआ में प्रधानमंत्री आवास हितग्राही मीरा बाई के घर पहुंच कर आत्मीय चर्चा की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में केन्द्र सरकार ने 80 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। इसमें 18 विभागों की 25 बिंदुओं को शामिल किया गया है। सरकार वंचित जनजातियों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आम जनों को शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ सिकल सेल, टी.बी. आदि रोगों के कारण, लक्षण और उपाय के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए। लोगों को सिकल सेल के सामान्य लक्षण बचाव आदि के बारे में बतायें। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवार शादी के पूर्व सिकल जेनेटिक कार्ड का मिलान जरूर करें। उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दी जा रही शासकीय सहायता और सुविधाओं की विस्तार से चर्चा की।
राज्यपाल ने कहा कि ‘आदि सेवा केंद्र’ सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में का सेतु है। आदि सेवा केन्द्र में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनजातीय समुदाय के लोगों की समस्यायें सुनीं जायेंगी। हर गांव में आदि सेवा केंद्र के प्रशिक्षित कर्मचारी जनजाति वर्ग के लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देगें और लाभ भी दिलायें। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर घर की बहुयें भी कमाने लग गई हैं। अब बेटे और बहु दोनों के कमाने से घर की आमदनी में वृद्धि हुई है। सरकार द्वारा लाड़ली बहना और नि:शुल्क अनाज योजना का भी लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को ज़रूर पढ़ाये। सरकार प्रारंभिक शिक्षा से लेकर विदेश तक की शिक्षा हेतु सुविधा और सहायता देती है। जनसंवाद में सिकल सेल पीड़ितों ने अनुभव साझा किये।
ग्राम प्रवास के दौरान राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हितलाभ का वितरण किया। टीबी मरीज को पोषण आहार किट के अलावा हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किये। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, जाति प्रमाण पत्र और ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किसान उत्पादक स्व-सहायता समूहों को ऋण एवं अनुदान राशि का चेक प्रदान किये। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
70 साल के ‘साइंटिस्ट किसान’ ने बनाया अनोखा बायोगैस प्लांट, गैस-बिजली फ्री में चला रहे घर की हर चीज़!
भगवान श्रीराम ने संबंधों को जाति, वर्ग या रूप से नहीं, हृदय की शुद्धता से जोड़ा : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम के चरित्र 'रामायण' के रूप में मानवता को अनुपम उपहार दिया है। महार्षि वाल्मीकि की वाणी से जो रामायण निकली वह केवल ग्रंथ नहीं भारत की आत्मा है। उनकी रामायण में समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीता-जागता संदेश है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन के माध्यम से दिखाया कि ईश्वर की दृष्टि में सब समान हैं। भगवान श्रीराम ने निषादराज को मित्र बनाया, शबरी माता के झूठे बेर प्रेम से खाए, श्री हनुमान और वानर सेना को परिवार की तरह गले लगाया और धर्म युद्ध में सबको साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का आचरण हमें सिखाता है कि सच्ची समरसता वही है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाए। उनका जीवन इसी भावना का मूर्त रूप है। भगवान श्रीराम के चरित्र को शब्दों में पिरोने वाले आदि कवि महर्षि वाल्मीकि अजर-अमर रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव के अवसर पर भोपाल के मानस भवन में ‘समरसता सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का विधिवत् शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि समाज के सतत् विकास की पहली जरूरत सामाजिक समरसता है, जो साहचर्य और भाईचारे की भावना से जन्म लेती है। समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। जब समाज आपसी सौहार्द, प्रेम और अपनत्व की भावना से मिल-जुलकर चलता है, तभी कोई राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सच्ची समरसता वहीं है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति को अनादिकाल से अविरल करने में महर्षि वाल्मीकि जी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने रामायण जैसी अमर कृति के माध्यम से न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का चित्रण किया, बल्कि उस समय की सामाजिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को भी प्रतिबिंबित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम का उलटा नाम निरंतर जपते-जपते वाल्मीकि महर्षि हो गए। डाकू रत्नाकर से ज्ञानी वाल्मीकि बनने तक की उनकी संघर्ष यात्रा तपस्या और आत्मसुधार की मिसाल है। महर्षि वाल्मीकि ने केवल श्रीराम का चरित्र नहीं लिखा, बल्कि उन्होंने मानवता का लेखन किया। रामायण सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, सेवा, समरसता और करुणा का उत्तम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पिता-पुत्र संबंधों से लेकर अनुसूईया माता, शबरी माता, निषादराज, हनुमान, बाली-सुग्रीव जैसे चरित्रों के माध्यम से समाज में करुणा, निष्ठा, सेवा, सामाजिक समरसता, समानता और आत्मीयता का संदेश मंत्र दिया।
'वन रेंजरों के सम्मान समारोह' में शामिल हुए केंद्रीय राज्य मंत्री
नईदिल्ली केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 11 अक्टूबर, 2025 को अबू धाबी में कहा, "मेरे लिए हमारे उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं के प्रयासों को मान्यता देने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है, जिन्होंने वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।" वह आईयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस 2025 के अवसर पर आयोजित 'वन रेंजरों के सम्मान समारोह' में भाग ले रहे थे। उन्होंने 'गार्डियंस ऑफ द वाइल्ड' रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जो सुनिश्चित करते हैं कि देश की समृद्ध वन्यजीव विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रहे।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने हमारे वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए व्यापक कानून और नीतिगत ढांचे बनाए हैं। लेकिन इन नीतियों, नियमों और विनियमों का सही मायने में पालन सुनिश्चित करने के लिए ये वन रेंजर और सहायक कर्मचारी ही काम करते हैं। उनके काम में गश्त, वन्यजीव गणना, जंगल की आग बुझाने आदि सहित कई तरह की गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें शिकारियों और लकड़ी तस्करों से जान का भारी खतरा रहता है। उनमें से कई ने वनों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति भी दी है।
केंद्रीय मंत्री ने वन रक्षकों और सहायक कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की और आईयूसीएन तथा डब्ल्यूटीआई को यह सम्मान देने और उनकी बहुमूल्य सेवा को मान्यता देने के लिए बधाई दी। श्री सिंह ने अपने बचपन से लेकर अब तक वन कर्मचारियों के साथ हुई विभिन्न मुलाकातों का जिक्र किया और हमारे वनों और वन्यजीवों के बारे में उनके द्वारा साझा किए गए स्वदेशी ज्ञान और पारंपरिक ज्ञान की सराहना की। सरकारों को अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के पास मौजूद इस ज्ञान संपदा को मान्यता देनी चाहिए और उसका दस्तावेजीकरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत में, हमारे वनों की रक्षा करने वाले पुरुषों और महिलाओं को वनरक्षक और वनरक्षिका जैसे सम्मानों से सम्मानित किया जाता है।
सिंह ने इस अवसर पर अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों को उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक सभी सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत सरकार नियमित रूप से क्षमता निर्माण की पहल करती है, ड्रोन के माध्यम से वन निगरानी, उपग्रह ट्रैकिंग और जानवरों पर रेडियो कॉलर लगाने सहित तकनीकी सहायता का उपयोग करती है। उन्होंने अंत में कहा कि ये कदम यह सुनिश्चित करते हैं कि जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारी नवीनतम तकनीक से सुसज्जित हों और न केवल वनों और वन्यजीवों को अवैध गतिविधियों से बचाने, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्षों को रोकने के लिए भी हमेशा तत्पर रहें।
मध्यप्रदेश में प्रति वर्ष होगा मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यटन क्षेत्र को आगे बढ़ाया है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के लिए नीतियां निर्धारित की गई हैं। ट्रैवल मार्ट पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इस तरह का ट्रैवल मार्ट प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तीन दिवसीय मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ट्रैवल मार्ट में 3 हजार 665 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो इस आयोजन के पहले ही दिन की सफलता का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ट्रैवल मार्ट मध्यप्रदेश के पर्यटन की विशेषताओं को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का जीवंत प्रमाण हैं। ट्रैवल मार्ट में 27 देशों की भागीदारी इसे वैश्विक आयोजन का दर्जा दे रही है। पर्यटन के माध्यम से विकास का प्रकाश प्रदेश के हर कोने तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव की अभिनव श्रृंखला प्रारंभ की गई जो उद्योग और रोजगार वर्ष में प्रत्येक संभाग के पश्चात सेक्टर वार आयोजन में परिवर्तित हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक वर्ष में डॉ. वाकणकर वन्य प्राणी अभ्यारण्य और माधव नेशनल पार्क प्रारंभ हुए हैं। माण्डव में रानी रूपमती और बाजबहादुर के प्रेम के प्रतीक स्मारक हैं। उज्जैन में बाबा महाकाल के साथ अनेक देवी-देवताओं की जीवंत प्रतिमाएं हैं। प्रदेश में भीमबेटका, सांची और खजुराहो जैसी विश्व धरोहर हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मार्ट से युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिलेगी। मध्यप्रदेश में प्लेन की तरह हेलीकॉप्टर सर्विस भी पर्यटन क्षेत्र में प्रारंभ होगी। नए अनुबंधों से पुरातत्व और पर्यटन विभाग मिलकर कार्य करेंगे। रायसेन के किले के भ्रमण के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का सहयोग लिया जाएगा, क्योंकि अनेक स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार के अधीन हैं।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश की अनेक पर्यटन विशेषताएं बताई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्य जीवन, इतिहास पुरातत्व के साथ पर्यटन सुविधा बढ़ाई जा रही हैं। प्रदेश में सशक्त अधोसंरचना है। प्रदेश में आठ एयरपोर्ट हैं। इसके साथ ही 230 हेलीपैड भी हैं। कम समय में अधिक से अधिक स्थानों पर पहुंचा जा सकता है। विभिन्न धार्मिक पर्यटन के स्थानों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। होटल व्यवसाय और रहवास व्यवस्थाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। डेढ़ वर्ष में पर्यटन क्षेत्र में तेजी से कार्य हुआ है। हेल्थ टूरिज्म के बारे में भी मध्य प्रदेश सरकार गंभीर है। प्रदेश में 13 मेडिकल कॉलेज लोकार्पित हुए हैं। राज्य के नागरिकों के साथ अन्य स्थानों के लोग भी उपचार के लिए मध्य प्रदेश आया करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के गौरवशाली अतीत से भी सबको परिचित करवाने के लिए ट्रेवल मार्ट का आयोजन हर वर्ष होगा। इसका आयोजन प्रत्येक वर्ष 11 से 13 अक्टूबर को भोपाल में इसी स्थान पर किया जाएगा। यह आयोजन हमे और आपके हर बार मिलने का स्थल बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार 30 प्रतिशत अनुदान उद्योगों को दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में एकमात्र राज्य मध्यप्रदेश है जो आयुष्मान कार्ड के माध्यम से एयर एंबुलेंस की सुविधा दे रहा है। हेल्थ टूरिज्म के सेक्टर में निवेशको से आगे आने का आव्हान किया।
कृषि विकास में नया अध्याय लिखेगी प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पी एम धन-धान्य कृषि योजना कृषि विकास के क्षेत्र में नया अध्याय लिखेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव शनिवार को इंदौर से केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित 'अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण" कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया और इंदौर में 30 लाख टन क्षमता के अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य सहकारी संघों को पैक्स से जोड़े जाने को भी ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से वर्चुअली श्रवण किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल, विधायकगण मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के एमडी डॉ. संजय गोवानी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के किसानों के लिए दो बड़ी योजना - प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्म-निर्भरता मिशन की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि पीएम धन-धान्य कृषि योजना देश के कृषि विकास और इससे जुड़े सेक्टर्स में आमूल-चूल परिवर्तन लाने की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 10 हजार एफपीओ के अंतर्गत 50 लाख किसान सदस्यता ले चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन में एक लाख किसानों का प्रमाणन, 4275 मैत्रीय का प्रमाणन, कंप्युटराइजेशन में 10 हजार से अधिक बहुउद्देशीय पैक्स को मंजूरी, डेयरी, मत्यपालन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण जैसे कई प्रकार के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के इंदौर में 30लाख टन की क्षमता और 79 करोड़ रुपये की लागत वाले आत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण सयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ भी किया है। साथ ही प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को पैक्स से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना।
भिलाला समाज ने जगाई सामाजिक चेतना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि जनजातीय वर्ग का कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भिलाला समाज एक साहसी और संस्कारित समाज है, जिसने मां नर्मदा के आशीर्वाद से नशामुक्ति और मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो कई पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है। समाज की कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को धार के किला मैदान में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित 12वें प्रांतीय वार्षिक सामाजिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। सम्मेलन के तहत भिलाला समाज द्वारा युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रोजगार पंजीयन शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, नशामुक्ति जागरूकता शिविर, कैरियर मार्गदर्शन शिविर सहित सामाजिक कुरीतियों के निवारण के लिए जागरुकता शिविर भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर थाना (बगदून) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार जिले की भिलाला समाज की जुझारू महिला नेत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान देकर समाज का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अलीराजपुर का नाम परिवर्तन कर आलीराजपुर कर दिया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और महाराजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह की जयंती को भव्य रूप से मनाकर हमारी सरकार ने जनजातीय नायकों और परम्पराओं को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का राष्ट्ररक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा है। भगोरिया के उल्लास को हमने राज्यस्तरीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय लोक परंपराओं को सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्योग के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब भारत माता के लाल हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार ने समाज के वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया है। हमारी सरकार ने सबको विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है।
विक्रम विश्वविद्यालय को सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के रूप में नई पहचान मिली है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के स्वर्ण जयंती सभागार में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के आधारशिला दिवस के अवसर पर “नवीन नाम पट्टिका अनावरण समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन केवल एक विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का नहीं, बल्कि उज्जैन और संपूर्ण मध्यप्रदेश के गौरव के पुनर्जागरण का दिन है। ‘विक्रम विश्वविद्यालय’ अब ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ के रूप में नई पहचान लेकर, अपने गौरवशाली इतिहास की नई यात्रा शुरू कर रहा है। यह क्षण हम सभी के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सदैव भारत की सांस्कृतिक राजधानी रही है। यह वह धरा है, जहाँ से ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति का प्रकाश पूरे विश्व में फैला। यह वही नगरी है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की, जहां। महाकाल का आशीर्वाद हर कण में विद्यमान है और जहां विक्रमादित्य जैसे महान सम्राट ने धर्म, न्याय और ज्ञान की प्रतिष्ठा स्थापित की।
उन्होंने आगे कहा मैं स्वयं इस विश्वविद्यालय का विद्यार्थी रहा हूँ। छात्र जीवन की अनेक स्मृतियां आज ताज़ा हो गई हैं। यह संस्था केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि मेरे जीवन की प्रेरणा रही है। इस विश्वविद्यालय ने मुझे सामाजिक सेवा, नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन केवल शब्दों का बदलाव नहीं है बल्कि यह उस पहचान की पुनर्स्थापना भी है जो कभी उज्जैन की धरती की शान हुआ करती थीं। ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का नाम हमारी परंपरा, संस्कृति और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। इस नाम के साथ विश्वविद्यालय नई ऊर्जा, नई सोच और नई दिशा में अग्रसर होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यह विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। 175 से अधिक महाविद्यालयों से संबद्ध यह संस्थान हजारों विद्यार्थियों को ज्ञान का प्रकाश दे रहा है। यह देखकर गर्व होता है कि इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में अपने कार्य से नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य जैसे व्यक्तित्व सदियों में एक बार जन्म लेते हैं जो वीरता, दान, नीति, और न्याय के प्रतीक होते हैं। विक्रमादित्य न केवल उज्जैन की पहचान थे बल्कि भारत की आत्मा का स्वरूप थे। आज जब यह विश्वविद्यालय उनके नाम से जुड़ रहा है तो यह केवल संस्थान का नहीं बल्कि समूचे प्रदेश का सम्मान है।
प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है। विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं।