देश-विदेश
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर मिला एलपीजी सिलेंडर, कैफियत एक्सप्रेस के लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
पुलिस टीमें सीमा फाटक और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सिलेंडर ट्रैक पर कैसे पहुंचा। इसे किसी ने गलती से फेंका या यह किसी की जानबूझकर की गई शरारत या साजिश है, पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे रूट पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
दिल्ली ब्लास्ट जांच में नया खुलासा, मौके से मिले 9MM के तीन कारतूस, सिर्फ पुलिस-आर्मी करती है इस्तेमाल
इस रूट रीक्रिएशन में उमर के हर चेकपोस्ट पार करने, पार्किंग एंट्री, और गाड़ी जहां-जहां रुकी प्रत्येक लोकेशन को शामिल किया जाएगा। जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह जानना है कि फरीदाबाद से दिल्ली पहुंचने के दौरान कहीं कोई व्यक्ति उससे मिला, उसका पीछा किया या उसे सहयोग प्रदान किया था या नहीं। सूत्रों ने यह भी बताया कि उमर ने दिल्ली-एनसीआर में कुल कितने घंटे बिताए और किन-किन स्थानों पर गया, यह समझने के लिए सभी बिंदुओं को जोड़ना बेहद जरूरी है।
मक्सी अब ग्रीन मैनूफैक्चरिंग हब के रूप में जाना जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मालवा क्षेत्र, जो अपनी मीठी संस्कृति और उर्वर भूमि के लिए मशहूर है, अब ग्रीन एनर्जी का हब बनने जा रहा है। यह क्षेत्र विकास के नए संकल्पों के साथ नई ऊर्जा और उमंग से प्रदीप्त हो रहा है। शाजापुर जो सोने और नमकीन के लिए जाना जाता है, अब अपनी औद्योगिक प्रगति के लिए भी पहचाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उज्जैन-शाजापुर की पुण्यधरा हरित ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होने वाले सभी उपकरणों का प्रोडक्शन सेंटर बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि मक्सी नगर अब सेंट्रल इंडिया के ग्रीन मैनुफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होकर अपनी नई पहचान कायम करेगा। इससे यहां के किसानों को अपने ही क्षेत्र में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण की भी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शाजापुर जिले के औद्योगिक प्रक्षेत्र मक्सी के दशहरा मैदान में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मक्सी नगर में करीब 8174 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें चार इकाइयों का भूमिपूजन एवं दो इकाइयों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने करीब 384 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से उज्जैन से मक्सी तक निर्मित होने वाली करीब 38.95 किलोमीटर लम्बी फोर लेन रोड़ निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अपनी पावन परम्पराओं की चमक, प्रगति एवं समृद्धि की नई रौशनी और विकसित भविष्य की आहट सुनाई दे रही है। हम प्रदेश के युवाओं के सपनों में विकास के नए रंग भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की सरकार में हमारा मध्यप्रदेश समृद्धि और प्रगति की अनवरत यात्रा पर अग्रसर है। आज मक्सी औद्योगिक क्षेत्र में हुआ विभिन्न नवीन औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन की एक-एक ईंट मालवा क्षेत्र की नई ऊर्जा और विकास का आधार बनेगी।
मध्यप्रदेश बना भारत का फूड-बास्केट, कृषि विकास में रचा नया इतिहास
भोपाल : कभी 'बीमारू राज्य' और विकास की दौड़ में पिछड़ा माना जाने वाला मध्यप्रदेश आज आत्मनिर्भरता, कृषि समृद्धि और तीव्र आर्थिक विकास का प्रतीक बन चुका है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और किसानों की अटूट मेहनत का परिणाम है। मध्यप्रदेश अब न केवल विकास दर में अग्रणी है, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में भी देश में नई पहचान बना चुका है। यही कारण है कि भारत का हृदय प्रदेश अब देश का नया 'फूड-बास्केट' कहलाने लगा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में जो आशातीत प्रगति की है, उसमें हमारे अन्नदाताओं की महती भूमिका है। बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश का नया 'फूड बास्केट' बनने का गौरव प्राप्त किया है। राज्य की विकास दर अब डबल डिजिट में पहुंच चुकी है, जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का संकल्प लिया है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, भावांतर भुगतान योजना और कृषि यंत्रीकरण ने किसानों से जीवन में खुशहाली आ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज मध्यप्रदेश गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है। पंजाब और हरियाणा जैसे परम्परागत कृषि सम्पन्न राज्यों को कई फसलों के उत्पादन में पीछे छोड़ना राज्य के किसानों की मेहनत और सरकार की संवेदनशील नीतियों का ही परिणाम है। हमने कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग इकाइयां और कोल्ड स्टोरेज चेन जैसे अनेक कदम किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है - हर खेत तक पानी, हर किसान तक प्रगति और हर घर तक समृद्धि। मध्यप्रदेश का किसान अब सिर्फ़ अन्नदाता नहीं, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत का निर्माणकर्ता बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और राज्य के पूरे कृषि अमले को इस राष्ट्रीय उपलब्धि की ओर बढ़ने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक कृषि मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
आयुर्वेद समावेशिता, करुणा और संतुलन के दर्शन को दर्शाता हैः सचिव राजेश कोटेचा
नईदिल्ली। स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र (एसवीसीसी) और कोनायुर, साओ पाउलो, ब्राजील ने 14-15 नवंबर, 2025 तक तीसरे अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन का संयुक्त रूप से आयोजन किया। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में ब्राजील में आयुर्वेद के 40 वर्ष पूरे होने का स्मरण किया गया और इसमें लैटिन अमेरिका और भारत के विशेषज्ञों, चिकित्सकों, विद्वानों और छात्रों ने भाग लिया। विचार-विमर्श ‘‘आयुर्वेद में विविधता और समावेश: प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक प्राणी की देखभाल’’ विषय पर केंद्रित था।
सम्मेलन का उद्घाटन ब्राजील में भारत के राजदूत, महामहिम श्री दिनेश भाटिया ने किया। उन्होंने पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में भारत और ब्राजील के बीच बढ़ते सहयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की वैश्विक प्रासंगिकता वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सुदृढ़ हो रही है। यह 17 से 19 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी विश्व स्वास्थ्य संगठन-आयुष मंत्रालय वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन में और भी स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त होगी।
राजदूत ने आयुर्वेद को आधिकारिक रूप से मान्यता देने वाले पहले दक्षिण अमेरिकी देश के रूप में ब्राजील के अग्रणी योगदान की सराहना की और ब्राजील के उपराष्ट्रपति श्री गेराल्डो अल्कमिन की हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली की यात्रा को द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में एक मील का पत्थर बताया। आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एसवीसीसी की निरंतर प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए, राजदूत ने ऐसी पहलों का समर्थन करने के लिए आयुष मंत्रालय की भी सराहना की।
मुख्य भाषण देते हुए, आयुष मंत्रालय के सचिव, डॉ. (वैद्य) राजेश कोटेचा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आयुर्वेद समावेशिता, करुणा और शरीर, मन एवं पर्यावरण के समग्र संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा में भारत-ब्राजील की मजबूत साझेदारी का उल्लेख किया। यह साझेदारी संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालयों के बीच एक समझौता ज्ञापन और राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर और ब्राजीलियाई विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत सहयोग के माध्यम से और मजबूत हुई है।
डॉ. कोटेचा ने पिछले चार दशकों में ब्राजील में आयुर्वेद को आगे बढ़ाने वाले शिक्षकों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव की ओर से, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा को आगे बढ़ाने में दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
एसवीसीसी की निदेशक डॉ. ज्योति किरण शुक्ला ने अपने संबोधन में भारत और ब्राजील के बीच स्वास्थ्य परंपराओं की साझा विरासत और आयुर्वेद में सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने में एसवीसीसी और आईसीसीआर की भूमिका पर जोर दिया।
सम्मेलन में विषयगत व्याख्यान, पूर्ण सत्र और एक आम सभा आयोजित की गई जिसमें प्राचीन ज्ञान, आयुर्वेद में विविधता और समावेशन, तथा ब्राजील में आयुर्वेद के व्यावसायिक विनियमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। आयोजकों ने घोषणा की कि आयुर्वेद को अब ब्राजीलियाई व्यवसायों के वर्गीकरण में शामिल कर लिया गया है जो इस पद्धति के लिए एक ऐतिहासिक मान्यता का प्रतीक है।
रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर, पांच लोगों की मौके पर ही मौत
NH-44 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और हाईवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस ने हाईवे पर रेत से भरी ट्रॉली और अन्य भारी वाहनों की जांच तेज करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
शामगढ़ में 40 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित: ऊर्जा मंत्री तोमर
भोपाल : :ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मंदसौर जिले की पारेषण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण करते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 केवी सबस्टेशन शामगढ़ में एक 40 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर इसे ऊर्जीकृत किया है। इससे सब-स्टेशन में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफॉर्मर की उपलब्धता के साथ-साथ शामगढ़ तहसील क्षेत्र के 21 हजार विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। इस ट्रांसफॉर्मर से सब-स्टेशन की क्षमता 40 एमवीए से बढ़कर अब 80 एमवीए हो गयी है।
एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता वाय. आर. मांडलेकर ने बताया कि इससे मंदसौर जिले के चंदवासा, शामगढ़ तथा लिफ्ट इरीगेशन फीडर के साथ 17000 घरेलू, 4000 सिंचाई एवं 3 हाई टेंशन उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। मंदसौर जिले में एमपी ट्रांसको के कुल 12 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब-स्टेशन हैं, जिनकी कुल क्षमता 2559 एमवीए से बढ़कर 2599 एमवीए की हो गई है।
जनजातीय गौरव दिवस हमारे लिए दीवाली और होली की तरह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन हमारे लिए दीवाली और होली की ही तरह है। भारत माता के अमर सपूत स्वाभिमान और स्वराज के प्रतीक, जनजातीय अस्मिता के संरक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। पांचवें जनजातीय गौरव दिवस पर चारों दिशाओं में भारत अपने जनजातीय नायकों की स्मृतियों को पूज रहा है। जनजातियों के पराक्रम और परिश्रम से सजी आलीराजपुर की पावन मिट्टी में आजादी की लड़ाई के 2 अमर योद्धा शहीद छीतु किराड़ और शहीद चंद्रशेखर आजाद ने जन्म लिया है। शहीद छीतु किराड़ ने 1857 के संग्राम में जनजातीय शक्ति को संगठित कर अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए। भगवान बिरसा मुंडा और अमर शहीद छीतु किराड़ की प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त होना परम सौभाग्य की बात है। जनजातीय संस्कृति से समृद्ध आलीराजपुर क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। जनजातीय गौरव दिवस पर जनजातीय कल्याण के लिए आलीराजपुर को 250 करोड़ रूपए की लागत से 156 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। जनजातीय भाई-बहनों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के 156 कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वंदे मातरम् के समवेत गायन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा और शहीद छीतु किराड़ की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आलीराजपुर पहुंचने पर जनजातीय भाई-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया।
गृह मंत्रालय ने लंबित मामलों के निपटारे के लिए Special Campaign 5.0 का सफलतापूर्वक संचालन किया
देलही :गृह मंत्रालय ने लंबित मामलों के निपटान के लिये 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक Special Campaign 5.0 का सफलतापूर्वक संचालन किया। स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यों में लंबित मामलों को न्यूनतम करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित, इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, कार्यों को सुव्यवस्थित करना और मंत्रालय एवं उसके अधीन संगठनों में लंबित शिकायतों का समाधान करना था।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, इस अभियान के तहत जनता से सीधे जुड़े क्षेत्रीय और देश के अन्य हिस्सों में स्थित कार्यालयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
शुरुआत में, स्वच्छता अभियान के लिए 4,187 स्थलों की पहचान की गई, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 7,678 कर दिया गया। अभियान में सांसदों से प्राप्त 119 संदर्भों, राज्य सरकारों से प्राप्त 199 संदर्भों, 3,977 जन शिकायतों और 718 अपीलों का समाधान किया गया।
एक महीने तक चले इस विशेष अभियान के दौरान, 194,522 फाइलों और 65,997 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समीक्षा की गई और 95,186 वर्ग फुट जगह मुक्त हुई। कबाड़ निपटान से रु. 3.45 करोड़ से अधिक की आय हुई। जागरूकता फैलाने और मंत्रालय की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक सोशल मीडिया अभियान भी चलाया गया।
अभियान की उच्चतम स्तर पर बारीकी से निगरानी की गई और गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने अभियान के कार्यान्वयन और प्रगति समीक्षा में सक्रिय रूप से भाग लिया। गृह मंत्रालय के सभी प्रभागों, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और संबद्ध संगठनों ने इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा संचालित SCPDM पोर्टल पर दैनिक प्रगति की ताजा जानकारी अपलोड की गई।
जितिन प्रसाद ने 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में एमईआईटीवाई के मंडप का उद्घाटन किया
देलही : भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के माननीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत मंडपम में 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) में एमईआईटीवाई मंडप का उद्घाटन किया।
इस मंडप में तीन प्रमुख विषय क्षेत्रों - डिजिटल इंडिया, इंडियाएआई और माईगॅव - को एक साथ दर्शाया गया है। यह आगंतुकों को डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, सामाजिक भलाई के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सहभागी शासन के लिए भारत की परिकल्पना के एक व्यापक दृष्टिकोण से अवगत कराता है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी के तहत, मंडप में एक प्रमुख पहल इंडिया एआई ज़ोन बनाया गया है। यह सुरक्षित, विश्वसनीय और समावेशी एआई तंत्र के निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। "कार्य से प्रभाव तक" भारत की यात्रा को दर्शाने के लिए डिज़ाइन किया गया यह ज़ोन, ज़िम्मेदार एआई के क्षेत्र में देश की प्रगति को प्रदर्शित करता है और आगंतुकों को शिखर सम्मेलन की एक आकर्षक झलक प्रदान करता है।
माननीय मंत्री ने इंडिया एआई मंडप के समर्पित अनुभव क्षेत्र का भी दौरा किया जिसमें इंडिया एआई मिशन के सात प्रमुख स्तंभों - एआई कोश, अनुप्रयोग, भावी कौशल, स्टार्टअप, कंप्यूट, आधारभूत मॉडल और सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई को प्रदर्शित किया गया है।
उन्होंने एआई कोश, वास्तविक दुनिया के एआई अनुप्रयोगों, भावी कौशल पहलों और मिशन के तहत बनाए जा रहे व्यापक तंत्र को प्रदर्शित करने वाली इंटरैक्टिव स्क्रीन का भी अवलोकन किया। माननीय मंत्री ने अपने उत्साह को साझा किया और मंडप के आगंतुकों और इंडिया एआई टीम के साथ गर्मजोशी से बातचीत की और उन्हें भारत की एआई यात्रा को गति देने के लिए प्रेरित किया।
मंडप में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो, पिच फेस्ट, ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंजेस और इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से संबंधित कई अन्य पहलों का प्रदर्शन किया गया:
- इस क्षेत्र में शिखर सम्मेलन की तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां शामिल हैं जिनमें 6 करोड़ रुपये तक का संयुक्त पुरस्कार पूल है, जिसमें मार्गदर्शन, निवेशक पहुंच और क्लाउड क्रेडिट की पेशकश की गई है।
- समावेशी, उच्च-प्रभाव वाले नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख क्षेत्रों में स्केलेबल एआई समाधानों को आमंत्रित करता है।
- महिला उद्यमिता मंच के साथ साझेदारी में समर्पित दृश्यता और संसाधनों के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले एआई नवाचारों का समर्थन करता है।
- 13-21 वर्ष की आयु के युवा नवप्रवर्तकों को एआई-फॉर-गुड परियोजनाएं बनाने और वैश्विक मंच पर अपने विचारों को प्रदर्शित करने में सक्षम बनाता है।
- भारत और ग्लोबल साउथ के अग्रणी शोधकर्ताओं को अग्रणी, नीति-प्रासंगिक एआई कार्य प्रस्तुत करने के लिए एक साथ लाता है।
- ऊर्जा क्षेत्र में एआई के वास्तविक-विश्व प्रभाव पर एक केसबुक के लिए एब्सट्रैक्ट्स कॉल को प्रदर्शित करता है। इसे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रदर्शित किया जाएगा।
- समिट के वैश्विक स्तर के एआई एक्सपो का प्रारंभिक पूर्वावलोकन प्रस्तुत करता है जिसमें उद्योगों और समाज को बदलने वाले सफल अनुप्रयोग और कार्यान्वयन योग्य संवाद शामिल हैं।
- कक्षा 6-12 तक के छात्रों के लिए आधारभूत एआई कौशल का निर्माण करने और सामाजिक रूप से प्रभावशाली नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के बारे में बताता है।
आईआईटीएफ 2025 में एमईआईटीवाई का मंडप समावेशिता, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की भारत की यात्रा को दर्शाता है। आगंतुक आकर्षक प्रदर्शनियों का अवलोकन कर सकते हैं, वास्तविक दुनिया में उपयोग के क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं कि भारत किस प्रकार एक नागरिक-प्रथम, भविष्य-उन्मुखी डिजिटल अर्थव्यवस्था को आकार दे रहा है।
श्रीनगर में पुलिस थाने में रखे जब्त विस्फोटकों में बड़ा धमाका, 9 की मौत – 27 घायल
श्रम विभाग ने एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के बारह पावर हाउस को दी 5 स्टार श्रम रेटिंग: ऊर्जा मंत्री तोमर
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड (MPPGCL) ने श्रम कानूनों के उत्कृष्ट अनुपालन और श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्रम विभाग द्वारा कम्पनी के चार ताप विद्युत उत्पादन गृहों व आठ जल विद्युत गृह को ‘फाइव स्टार श्रम स्टार रेटिंग’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान कम्पनी की उच्च कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता, शत-प्रतिशत नियामकीय अनुपालन व श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखने के दृष्टिकोण का सशक्त प्रमाण है।
यह उपलब्धि पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, गांधी सागर जल विद्युत गृह, टोंस जल विद्युत गृह सिरमौर,राजघाट जल विद्युत गृह, बाणसागर जल विद्युत गृह-दो सिलपरा, बाणसागर जल विद्युत गृह-तीन देवलोंद, बाणसागर जल विद्युत गृह-चार झिन्ना, मरहीखेड़ा जल विद्युत गृह और बिरसिंगपुर जल विद्युत गृह को हासिल हुई है।
श्रम विभाग द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रावधानों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के लिये ”श्रम स्टार रेटिंग” प्रारंभ की गई है। यह सम्मान संस्थान द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के अपनाने तथा श्रम कानूनों के प्रति स्वैच्छिक अनुपालन की प्रतिबद्धता का द्योतक है। गत वर्षों में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कम्पनी ने विभिन्न महत्वपूर्ण कीर्तिमान बनाएं है जो की न सिर्फ कम्पनी की नियामकीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उसकी नीति को भी सशक्त रूप से उजागर करती है।
कम्पनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर सभी विद्युत उत्पादन गृहों के मुख्य अभियंताओं, अभियंताओं व कार्मिकों को इस उपलब्धि का श्रेय व बधाई देते हुए कहा-“यह सम्मान हमारी कार्यसंस्कृति, अनुशासन और श्रमिक कल्याण के प्रति हमारी निष्ठा का परिणाम है। हमें गर्व है कि न केवल कम्पनी सभी स्तरों पर श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नीतियां बना रही है, बल्कि हर मानक पर उत्कृष्टता की नई मिसालें भी स्थापित कर रहे हैं, जिसमें सभी कर्मचारियों का योगदान है।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का किया औचक निरीक्षण
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह को “गीता भवन” के रूप में विकसित किया गया है। गीता जयंती के अवसर पर इसे एक दिसंबर को जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभागृह 500 सीट का रहेगा। इसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। यह सभागृह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केन्द्र बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया और आसपास के दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और जीर्णोद्धार के कार्यों को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर को अपने प्राचीन तथा गौरवशाली स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गीता जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में गीता भवन विकसित किए जाएंगे ताकि धार्मिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्थ जैन एवं सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह, सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम रोहित सिसोनिया एवं सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
जनजातीय गौरव दिवस वह शंखनाद है, जिसने जननायकों के बलिदान और शौर्य का परिचय नई पीढ़ी से कराया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश जनजातियों का अपना घर है, जिस ट्राइबल स्टेट भी कहा जाता है। यह उपमा ही हमारे अस्तित्व का सबसे बड़ा अभिनंदन है। जनजातियां, हमारी मुकुट मणियां हैं, यह प्रत्येक मध्यप्रदेशवासी के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। अबुआ दिशुम-अबुआ राज यानी हमारी धरती, हमारा राज। हमारी धरती और संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसी पहचान का उत्सव हम सब आज बड़वानी में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस वह शंखनाद है, जिसने नई पीढ़ी को वीर जननायकों के बलिदान, शौर्य और साहस से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम मोरतलाई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की भव्य आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही बड़वानी जिले के लिए 133 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 6 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 46 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार राजपुर से दवाना मार्ग का लोकार्पण और 14 करोड़ 86 लाख रूपए की लागत से सेंधवा में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन, बलवाड़ी का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर पानसेमल और बारला में उद्वहन सिंचाई परियोजना के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब क्षेत्र के सभी 51 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए जल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पानसेमल में रेस्टहाउस बनाने और यहीं पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) का कार्यालय (एसडीओपी आफिस) खोलने, टेमला में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने, मोरतलाई के मिडिल स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने एवं रायचूर में उपलब्ध हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ से सापखड़की तक पक्की रोड बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विकास की बात पर हमें सबका साथ चाहिए। सबके साथ और सहयोग से ही प्रदेश को विकास की ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे।
कर्म और परिश्रम से जो मिलता उसी में सच्चा आनंद : राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान राम माँ सीता को भी उनके भाग्य का लिखा मिला था। नसीब में जो है, वह होता है, लेकिन अपने कर्म और परिश्रम से जो मिलता है। उसी में सच्चा आनंद और आत्मिक संतुष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत शपथ व्यवहार की मार्गदर्शिका है। उसके अनुसार 365 दिन आचरण करने पर जीवन में सफलता मिलना निश्चित है। राज्यपाल पटेल मुख्य अतिथि की आसंदी से मानसरोवर विश्वविद्यालय के तीसरें दीक्षांत समारोह को शुक्रवार को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया गया। राज्यपाल पटेल ने समारोह में व्हील चेयर पर आए विद्यार्थी वेंकट बालाजी को मंच से उतर कर उनके पास जाकर उपाधि दी।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि चिकित्सक का कार्य ईश्वरीय यश प्राप्त करने का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि कई बार मँहगी दवा खरीदने में असमर्थ होने पर गरीब व्यक्ति दवा ही नहीं लेता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं कम कीमतों पर उपलब्ध करा दी है। चिकित्सकों से कहा है कि रोगियों को जन औषधियों के सेवन का परामर्श दे। प्रदेश में सभी जिलों, रेडक्रास शाखाओं में जन औषधि केन्द्र संचालित है। जनजाति बहुल विकास खण्डो में जनजातीय युवाओं के द्वारा जन औषधि स्टोर खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आयुर्वेद चिकित्सा का नया युग आया है। आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए अपार संभावनाएं निर्मित हुई है।
राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि अपने कार्यों से उपलब्धियों के बड़े मापदंड रचें। सफलता के नए कीर्तिमान बनाएं। लेकिन यह याद रखें कि सफलता का पैमाना अपने ज्ञान, प्रतिभा और मेधा से समाज के विकास में सहभागिता और अपने सामर्थ्य और समृद्धता से गरीब, वंचित, पिछड़ों और जरूरतमंदों के जीवन में खुशहाली लाने में योगदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थी जीवन की समाप्ति का नहीं बल्कि कर्मशील नागरिक और उत्तरदायी व्यक्ति के रूप में नई शुरुआत का पावन प्रसंग है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कारों से चरित्र निर्माण, समाज कल्याण और राष्ट्र के विकास का बोध विकसित करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं को ज्ञान और उन्नति के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की शिक्षा केवल कौशल और विशेषज्ञता देने तक सीमित नहीं हो, बल्कि उद्यमिता के द्वारा सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के लिए अनुभव और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने वाली भी होना चाहिए। उन्होंने संस्थान के संस्थापक बह्मलीन कमलाकांत तिवारी का भी पुण्य स्मरण किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आरोग्य भारती के राष्ट्रीय महासचिव अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि अलग तरह से सोचने और बड़े लक्ष्य तैयार करने में ही जीवन की सफलता है। इसके लिए सकारात्मक दृष्टि के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पुस्तकों में प्राप्त जानकारी होती है। इस जानकारी को समझ कर कार्य करना ही ज्ञान है। उन्होंने कहा कि जो केवल सपने देखते है उनके लिए रात छोटी होती है लेकिन जो साकार करने के लिए सपने देखते हैं। उनके लिए दिन छोटा होता है।
मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष खेम सिंह डेहरिया ने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि समारोह में प्राप्त उपाधि के साथ आपका, आपके परिवार, विश्वविद्यालय, प्रदेश और देश का नाम जुड़ गया है। उसका मान-सम्मान बनाएं रखना धारक की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कहा कि विकसित भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ज्ञान परंपरा में उनके योगदान की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल का स्वागत विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मंजुला तिवारी ने किया। दीक्षांत स्मृति प्रतीक भेंट किया। स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के प्रो- चान्सलर, इंजीनियर गौरव तिवारी ने दिया। वाईस चान्सलर डॉ. ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। संचालन अनुज ने किया।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत बोले समय सीमा पर का नहीं करने वालों पर लगेगी पेनाल्टी
रायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा सभी कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर सड़क और भवन निर्माण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर पेनाल्टी लगाने व नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभागीय बजट के सदुपयोग के साथ लोगों की सुविधा के लिए फील्ड पर तेजी से काम हों। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अच्छी और टिकाऊ हो, इसका खास ध्यान रखें। उन्होंने प्रगतिरत सभी कार्यों की गति तेज करते हुए निर्माण कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने विभागीय काम-काज में कसावट और तेजी लाने सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने को कहा। उन्होंने विभागीय कार्यवाहियों में तेजी लाने ई-आफिस से ही फाइलें तैयार कर प्रमुख अभियंता कार्यालय भेजने को कहा। उन्होंने कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के बाद बिना किसी देरी के निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सड़क मरम्मत के सभी कार्यों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए पेच रिपेयरिंग के बाद सड़कें स्मूथ और समतल रहें, इसका भी ध्यान रखने को कहा। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों का थर्ड पार्टी परीक्षण कराने और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार संबंधित ठेकेदारों से मरम्मत के काम कराने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बैठक में रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त ऐसे कार्यों जिनकी निविदा आमंत्रित की जानी है, की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में प्रस्तावित दस बड़े कार्यों व परियोजनाओं को अमलीजाना पहनाने मैदानी कार्यालयों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. सिंह ने रायपुर में गुढ़ियारी के शुकवारी बाजार से रेल्वे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर-5 तक बनने वाले पहुंच मार्ग के लिए आगामी मार्च माह तक भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बनने वाले भवनों के लिए जल्द निविदा करने को कहा। बैठक में रायपुर परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर में शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के फोरलेन एवं चौड़ीकरण कार्य को दिसम्बर माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइन में पुराने सर्किट हाउस की जगह बनने वाले चार मंजिला सर्किट हाउस एनेक्स की ड्राइंग-डिजाइन एनआईटी से अनुमोदित होकर आ गई है। अनुमोदन के बाद जरूरी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर कार्यारंभ किया जाएगा।
बिहार चुनावः BJP मुख्यालय में जश्न की तैयारी.... जलेबी, सत्तू और लिट्टी-चोखा का दिया ऑर्डर
डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। राजधानी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में इस मौके पर विशेष जश्न की तैयारियां की जा रही हैं। भाजपा ने बिहार के पारंपरिक व्यंजनों से मेन्यू तैयार करवाया है।
BJP मुख्यालय में बिहार के मशहूर व्यंजन परोसे जाएंगे। एक स्थानीय मिठाई वाले ने बताया कि मिठाई में जेलबी होगी, जबकि मेन कोर्स में सत्तू पराठा और बैंगन का चोखा शामिल है। लिट्टी चोखा भी बनाया जा सकता है। इन तैयारियों से साफ है कि भाजपा को NDA की जीत की पूरी उम्मीद है। इन तैयारियों से पार्टी का आत्मविश्वास साफ झलक रहा है कि NDA को इस बार बड़ी जीत मिलने की संभावना है।
भाजपा नेता और बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने मतगणना से पहले NDA की स्पष्ट बढ़त का दावा किया है। उन्होंने कहा, इस बार 2010 जैसा नतीजा आएगा। NDA 200 से ज्यादा सीटें जीतेगा। RJD पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, RJD अभी भी जंगल राज की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है।
नितिन नवीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार मैदान में हैं। यहां उनका मुकाबला, RJD उम्मीदवार रेखा कुमार और जन सुराज की वंदना कुमारी से है। जन सुराज पहली बार चुनाव मैदान में उतरी है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।