देश-विदेश
आतंकियों के निशाने पर RSS मुख्यालय, अचानक छावनी में तब्दील हुआ संघ मुख्यालय
डेस्क। दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद वैसे भी पूरे देशभर के शहरों में हाई अलर्ट जारी किया गया था। इसमें नागपुर का नाम सबसे ऊपर था। RSS मुख्यालय पर हमला का खुफिया इनपुट मिलने के बाद अचानक ही संघ मुख्यालय और आसपास के परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा-व्यवस्था से साफ है कि संघ बिल्डिंग पर भी आतंकी खतरा मंडरा रहा है। इस बारे में पुलिस विभाग और एजेंसियां कुछ भी बोलने से कतरा रही हैं लेकिन अचानक परिसर की सुरक्षा चाकचौबंद होने से परिसर के नागरिकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
मंगलवार को अचानक आला पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल बड़कस चौक से संघ मुख्यालय परिसर में दाखिल हुआ। यहां सुरक्षा-व्यवस्था पर मंथन किया गया। संघ बिल्डिंग की ओर जाने वाली हर एक सड़क पर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। हर एंट्री प्वाइंट पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। सामान्य की तरह नहीं बल्कि भारी भरकम बैरिकेड से सड़क को घेरा गया है।
स्थानीय नागरिकों के अलावा परिसर में जाने वाले हर शख्स से पूछताछ की जा रही है। मंगलवार की दोपहर 2 कंबल विक्रेता परिसर में दाखिल हुए। उन्हें देखते ही सुरक्षाकर्मी सचेत हो गए। हुलिया कश्मीरी था, इसीलिए कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। काफी देर तक उनसे पूछताछ की गई। सामान्य विक्रेता होने की पुष्टि के बाद उन्हें छोड़ा गया। इससे साफ है कि एजेंसियों और सिटी पुलिस को कोई तगड़ा इनपुट मिला है क्योंकि 10 नवंबर को दिल्ली ब्लास्ट के बाद भी इतनी सुरक्षा नहीं थी जितनी अब लगाई गई है।
नीतीश कुमार 10वीं बार बने मुख्यमंत्री.... सम्राट चौधरी समेत 26 मंत्रियों ने ली शपथ
डेस्क। नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में 10वीं बार शपथ ली। गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। हरियाणा, असम, गुजरात, मेघालय, उत्तर प्रदेश, नगालैंड, ओडिशा, दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शपथ ग्रहण के दौरान चिराग पासवान ने मांझी और जेपी नड्डा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। डिप्टी सीएम के रूप में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली। कुल 26 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ लेकर कैबिनेट का गठन पूरा किया।
नीतीश कैबिनेट में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, राम कृपाल यादव, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार, मो. जामा खान, संजय सिंह ‘टाइगर’, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, सिमा निसाद, लखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह, दीपक प्रकाश शामिल है।
राज्यपाल ने आसियान समिति से कहा मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आसियान समिति से कहा है कि मध्यप्रदेश के साथ साझी विकास यात्रा की अपार संभावनाएं हैं। भारत और आसियान देश साझी सभ्यता वाले क्षेत्र हैं। मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता, व्यापारिक समानता और सहयोग की संभावनाएँ अत्यंत मजबूत हैं। दोनों क्षेत्रों के पास युवा जनसंख्या की ऊर्जा, नवाचार की क्षमता, विविध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति तथा विकास के प्रति समान संवेदनशील दृष्टिकोण मौजूद है। प्रदेश के साथ व्यापार, निवेश, पर्यटन, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में असाधारण और दीर्घकालिक साझेदारियाँ करने की अनंत संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थिर, सुरक्षित और उद्योग अनुकूल वातावरण इस यात्रा को और अधिक अर्थपूर्ण बनाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। यह नीति भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, सांस्कृतिक जड़ों और भविष्य की समृद्ध साझेदारी को मजबूत करने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ व्यापारिक, निवेश, तकनीकी, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों में निरंतर वृद्धि से पारस्परिक रिश्ते मजबूत होंगे। नए अवसर उत्पन्न होंगे। हमारी सहभागिता आने वाले वर्षों में एक नए अधिक विकसित युग का निर्माण करेगी।
आसियान नई दिल्ली समिति के अध्यक्ष भारत में मलेशिया के उच्चायुक्त दातो मुजफ्फर शाह मुस्तफा ने मध्यप्रदेश में प्रतिनिधि मंडल के गरिमामय स्वागत सत्कार के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आसियान समूह के सभी देश शांति, समृद्धि के लिए मैत्री भाव के साथ सहकार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि, आधारभूत अवसंरचना, उत्पादन, पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। फार्मास्यूटिकल, शिक्षा और कौशल उन्नयन के क्षेत्र में पारस्परिक सहकार के द्वारा मध्यप्रदेश और आसियान राष्ट्रों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाया जा सकता है।
स्वागत उद्बोधन प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दिया। मध्यप्रदेश प्रवास पर आए आसियान समिति नई दिल्ली के सदस्यों का परिचय कराया। उन्होंने बताया कि आसियान समिति पहली बार मध्यप्रदेश भ्रमण पर आई है। समिति ने गत दिवस मुख्यमंत्री से भेंट की है। आभार अतिरिक्त सचिव विदेश मंत्रालय भारत सरकार प्रशांत अग्रवाल ने व्यक्त किया।
वाराणसी में जिम के तहखाने से 2 करोड़ का कफ सिरप बरामद - लखनऊ नारकोटिक्स और पुलिस की संयुक्त रेड
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एक फिटनेस जिम के नीचे बने गोदाम का इस्तेमाल नशीली दवाओं की तस्करी के लिए कैसे किया जा रहा था।
यमुना तट पर नारीशक्ति का दिव्य जागरण: महिषासुर मर्दिनी पाठ से गूँजा वासुदेव घाट, दिल्ली ने देखा अनुपम दृश्य
हजारों साड़ीधारी महिलाएँ, जिनके माथे पर लाल सिंदूर और हाथों में अगरबत्ती-दीप थे, एक साथ खड़ी होकर माँ दुर्गा का आह्वान कर रही थीं। उनका संदेश स्पष्ट था – “कोई आतंकवादी, कोई जिहादी, कोई देशद्रोही दिल्ली को नहीं डरा सकता, भारत को नहीं डरा सकता।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने माँ यमुना की महाआरती के बाद उपस्थित सखियों-बहनों से कहा, “आज समाज को और देश को आपकी ज़रूरत है। एक साधारण परिवार के, एक साधारण परिवार की बेटी अगर दिल्ली की मुख्यमंत्री बन सकती है, तो आपमें से हर महिला अपने सपनों का आकाश छू सकती है। बस थोड़ा सा हाथ बढ़ाइए, अपने भीतर की दुर्गा को जागृत कीजिए। परिवार के साथ-साथ देश भी आपका इंतज़ार कर रहा है।”
उन्होंने आयोजकों को आश्वासन दिया कि वह दिन दूर नहीं जब माँ यमुना पुनः अपने अविरल, स्वच्छ रूप में दिल्लीवासियों को दर्शन देंगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा एवं दिल्ली के कला-संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा विशेष अतिथि रहे। कपिल मिश्रा ने भावुक स्वर में कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली ने तीज, नवरात्रि गरबा, दीपावली महोत्सव, छठ पूजा और अब यमुना तट पर महिषासुर मर्दिनी पाठ – ऐसे आयोजन दिल्ली के इतिहास में पहले कभी न देखे गए, न सुने गए।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मातृशक्ति कुंठित होती है, तब कुप्रथाएँ जन्म लेती हैं। लेकिन जब यही मातृशक्ति अपने तेज को पहचान लेती है, तब उसी से छत्रपति शिवाजी जैसे वीर पैदा होते हैं। जैसे माँ दुर्गा ने महिषासुर, चंड-मुंड, रक्तबीज का संहार किया था, वैसे ही आज भारत की नारीशक्ति आतंकवाद और देशद्रोह का नाश करेगी।”
यमुना की लहरें साक्षी बनीं, सूर्यास्त लालिमा में डूबा, और माँ दुर्गा का जयघोष दिल्ली के आकाश में देर तक गूँजता रहा। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था – यह दिल्ली की नारीशक्ति का वह घोष था जो कह रहा था: “हम जाग चुके हैं। अब कोई महिषासुर दिल्ली की शांति नहीं भंग कर सकेगा।” जय माँ दुर्गे! जय भारत!
एनटीपीसी लारा द्वारा तृतीय राज्य स्तरीय लैक्रोस चैंपियनशिप का सफल आयोजन, ग्रामीण युवा खेल प्रतिभाओं को नया मंच
नईदिल्ली। नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन- एनटीपीसी लिमिटेड, लारा द्वारा अपनी सतत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में खेल सहभागिता को बढ़ावा देने तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु तृतीय छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय लैक्रोस चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ लैक्रोस एसोसिएशन के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में पश्चिमी क्षेत्र-II के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक दिवाकर कौशिक, एनटीपीसी लारा के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख (हेड ऑफ प्रोजेक्ट) अनिल कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) रविशंकर, महाप्रबंधक (संचालन एवं अनुरक्षण) केशव चंद्र सिंह रॉय, महाप्रबंधक (यांत्रिक इरेक्शन) हेमंत पावगी तथा उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) जाकिर खान सहित एनटीपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सरपंच सहित स्थानीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
चैंपियनशिप के दौरान छत्तीसगढ़ लैक्रोस एसोसिएशन के महासचिव देवव्रत चौधरी और अन्य पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान हेतु चयन ट्रायल आयोजित किए गए। चयनित खिलाड़ी आगामी दिसंबर में जम्मू में होने वाली राष्ट्रीय जूनियर और सीनियर बालक एवं बालिका लैक्रोस चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस वर्ष प्रतियोगिता में 216 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिन्होंने उत्कृष्ट कौशल, उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा और खेल भावना का प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया। गणमान्य व्यक्तियों द्वारा विजेताओं को ट्रॉफियाँ प्रदान की गईं तथा इस वर्ष जापान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। एनटीपीसी लारा ने इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण युवा विकास, खेल प्रोत्साहन और सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए खेलों के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार करने का स्पष्ट संदेश दिया है।
टेलीमैटिक्स विकास केंद्र-सी-डॉट ने अमरावती क्वांटम वैली पहल में शामिल होने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
देलही : टेलीमैटिक्स विकास केंद्र-सी-डॉट ने आंध्र प्रदेश में क्वांटम अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक केंद्र स्थापित करने के अमरावती क्वांटम वैली (एक्यूवी) पहल में शामिल होने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। सी-डॉट, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग का प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र है। यह देश की रणनीतिक और सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताएं पूरी करने के लिए स्वदेशी दूरसंचार समाधान और उपकरण के डिजाइन, विकास और अत्याधुनिक संचार तकनीक विकसित करने में लगा है। सी-डॉट क्वांटम सिक्युरिटी साल्युशंस विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, सरकार के अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं, वास्तविक नेटवर्क के लाइव ट्रैफ़िक सहित कई स्थानों पर व्यापक तौर पर स्थापित किया गया है।
देश में क्वांटम भविष्य को आकार देने में आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती क्वांटम वैली (एक्यूवी) स्थापना की पहल की है। राज्य के अमरावती में स्थित इस परियोजना में राज्य-स्तरीय भागीदारी, अवसरंचना विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। अमरावती क्वांटम वैली का उद्देश्य हार्डवेयर बनाना, सॉफ्टवेयर विकसित करना, प्रतिभा संवर्धन तथा अनुसंधान उत्कृष्टता को संयोजित करते हुए एकीकृत क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करना है।
आंध्र प्रदेश सरकार की साझेदारी से सी-डॉट आंध्र प्रदेश के अमरावती क्वांटम वैली में क्वांटम कम्युनिकेशन एवं सिक्युरिटी सॉल्युशंस के साथ ही गोपनीयता संवर्धन प्रौद्योगिकियों (पीईटी) जैसे संबद्ध क्षेत्रों में एक उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सलेंस) भी स्थापित करेगा। एक्यूवी स्थित इस केंद्र में सी-डॉट क्वांटम संचार समाधान विकसित करेगा।
क्वांटम कम्युनिकेशन में सी-डॉट की विशेषज्ञता भारत में इस क्षेत्र की उभरती कंपनियों को आवश्यक संसाधन और कौशल विकास में मदद करेगी। यह राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के सिक्युरिटी साल्युशंस से जुड़े क्षेत्रों में अनुसंधान और परीक्षण में मदद करेगा, साथ ही इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल निजी डेटा संरक्षण-डीपीडीपी ढांचे का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्राइवेसी-एनहांसिंग टेक्नोलॉजीज विकसित करने में भी सहयोग देगा। सी-डॉट क्वांटम कम्युनिकेशन सिस्टम प्रणालियों के लिए किफायती उप-घटक विकसित पर भी ध्यान केंद्रित करेगा और क्वांटम सिक्युरिटी के लिए एकीकृत परीक्षण-स्थल तैयार करेगा। इससे अमरावती क्वांटम वैली पहल के तहत क्वांटम-सेफ पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित होगा और देशभर में डिजिटल गोपनीयता और डेटा सुरक्षा बढ़़ेगी।
विशाखापट्टनम में 30वें सीआईआई भागीदारी शिखर सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिकी और संचार और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री 19 नवंबर को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का दौरा करेंगे
देलही : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 नवंबर को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के पुट्टापार्थी में सुबह लगभग 10 बजे भगवान श्री सत्य साईं बाबा के पवित्र तीर्थस्थल और महासमाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:30 बजे भगवान श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेंगे। वे इस अवसर पर भगवान श्री सत्य साईं बाबा के जीवन, शिक्षाओं और शाश्वत विरासत को समर्पित स्मारक सिक्का और डाक टिकटों का सेट जारी करेंगे। वे इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कोयंबटूर जाएंगे। वहां वे लगभग 1:30 बजे दिन में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देश भर के 9 करोड़ किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए पीएम-किसान योजना की 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की 21वीं किस्त जारी करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर वहां उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन तमिलनाडु प्राकृतिक कृषि हितधारक मंच की ओर से 19 से 21 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और रसायन-मुक्त कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा भारत में कृषि के भविष्य के लिए व्यावहारिक, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से टिकाऊ मॉडल के रूप में प्राकृतिक और पुनः विकास योग्य कृषि की ओर परिवर्तन को गति प्रदान करना है।
यह शिखर सम्मेलन किसान और उत्पादक संगठनों तथा ग्रामीण उद्यमियों के लिए बाज़ार संपर्क का निर्माण करने पर भी केंद्रित होगा। साथ ही इसमें जैविक इनपुट, कृषि-प्रसंस्करण, पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग और स्वदेशी तकनीकों में नवाचारों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 50,000 से अधिक किसान, प्राकृतिक कृषि व्यवसायी, वैज्ञानिक, जैविक इनपुट आपूर्तिकर्ता, विक्रेता और हितधारक भाग लेंगे।
उत्तराखण्ड और झारखण्ड को प्रकृति का विशेष उपहार : राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि उत्तराखण्ड और झारखण्ड को प्रकृति का विशेष उपहार मिला है। यहां पर समृद्ध वन्य जीव और प्राकृतिक संपदा भरपूर मात्रा में है। राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को एक भारत-श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत उत्तराखण्ड और झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने दोनों राज्यों के स्थापना दिवस की सभी को बधाई दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए कलाकारों की सराहना की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह और झारखण्ड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार के शुभकामना संदेश और दोनों राज्यों की लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। राजभवन के सांदीपनि सभागार में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।
राज्यपाल ने कहा कि जहां एक ओर उत्तराखण्ड प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। उसी प्रकार झारखण्ड भी समृद्ध खनिज सम्पदा और लोक संस्कृति के लिए विश्व विख्यात है। महान जनजातीय नायक और क्रांतिसूर्य भगवान बिरसा मुंडा की कर्म भूमि झारखण्ड, हम सभी के लिए प्रेरक है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस दोनों राज्यों के गठन की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। भारत की विविधता, संघीय संरचना और एकता की उस शक्ति का भी स्मरण है, जिसने हमारे देश को दुनिया में विशेष पहचान दी है। यह सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक विकास यात्रा में हमारी सक्रिय भागीदारी का प्रमाण है। हम सभी यहाँ अतिथि बनकर नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के समर्पित सहभागी के रूप में उपस्थित हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के सभी राज्यों के स्थापना दिवस को राजभवन में मनाए जाने की पहल अनुकरणीय है। ऐसे आयोजन विविधता में एकता की संवैधानिक भावना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात के केवडिया स्थित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में 01 से 15 नवंबर तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और धरोहर को करीब से जानने का अभूतपूर्व और दर्शनीय आयोजन था।
युवाओं के हाथों में ही सुरक्षित है विकसित भारत का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है। हमारा प्रदेश युवा शक्ति की नई ऊर्जा, नई उमंग से भरपूर है। यही राज्य की असली मैनपावर है, जिनके हाथों में विकसित भारत का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2025 को निवेश, रोजगार और युवाओं के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण वर्ष के रूप में मनाया। इस दौरान 11 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। कर्मचारी चयन मण्डल एवं म.प्र. लोक सेवा आयोग के माध्यम से लगभग एक लाख पदों पर भर्ती तेजी से जारी है। सरकार का लक्ष्य इसे 2.5 लाख भर्तियों तक पहुंचाने का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित 29वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर दो दिवसीय युवा उत्सव का शुभारंभ किया। प्रदेश के सभी संभागों के युवाओं द्वारा तैयार प्रादर्शों (माडल्स) के विज्ञान मेला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। युवा उत्सव का समापन 18 नवंबर को होगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नृत्याचार्य पद्मश्री रामलाल बरेठ को 51 हजार रुपए, शूटिंग प्लेयर ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को 2 लाख रुपए एवं एथलीट रंजना यादव को एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि के चेक एवं सम्मान-पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां तुझे प्रणाम योजना के तहत 144 युवतियों को भारत की पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा भ्रमण के लिए जा रहीं 3 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए हमारी युवा शक्ति नए-नए कीर्तिमान गढ़ रही है। मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के खिलाड़ियों ने ओलिंपिक से लेकर अनेकों प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आईसीसी महिला क्रिकेट विश्वकप जीतकर भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक जीत में प्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग तेज गति से आगे बढ़ रहा है और एथलेटिक्स सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में हमारे युवा खिलाड़ी सफलता के झंडे गाढ़ रहे हैं। राज्य सरकार युवाओं के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है।
पूर्व पीएम शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को मिली फांसी की सजा
डेस्क। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना मानवता के खिलाफ 5 अपराधों में से 3 में दोषी करार दी गई हैं। ढाका में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल की अदालत ने शेख हसीना को 1400 हत्याओं का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले का लाइव टेलीकास्ट किया जा रहा है।
हसीना के फैसले को लेकर देशभर में हिंसा जारी है। सरकार ने हाई अलर्ट की घोषणा कर दी है। ढाका में 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इन्हें हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है।
शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक ढाका में दो बसों को आग लगा दी गई। फैसले के बाद हिंसा और बढ़ने की आशंका को देखते हुए देशभर में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर मिला एलपीजी सिलेंडर, कैफियत एक्सप्रेस के लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
पुलिस टीमें सीमा फाटक और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सिलेंडर ट्रैक पर कैसे पहुंचा। इसे किसी ने गलती से फेंका या यह किसी की जानबूझकर की गई शरारत या साजिश है, पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे रूट पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
दिल्ली ब्लास्ट जांच में नया खुलासा, मौके से मिले 9MM के तीन कारतूस, सिर्फ पुलिस-आर्मी करती है इस्तेमाल
इस रूट रीक्रिएशन में उमर के हर चेकपोस्ट पार करने, पार्किंग एंट्री, और गाड़ी जहां-जहां रुकी प्रत्येक लोकेशन को शामिल किया जाएगा। जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह जानना है कि फरीदाबाद से दिल्ली पहुंचने के दौरान कहीं कोई व्यक्ति उससे मिला, उसका पीछा किया या उसे सहयोग प्रदान किया था या नहीं। सूत्रों ने यह भी बताया कि उमर ने दिल्ली-एनसीआर में कुल कितने घंटे बिताए और किन-किन स्थानों पर गया, यह समझने के लिए सभी बिंदुओं को जोड़ना बेहद जरूरी है।
मक्सी अब ग्रीन मैनूफैक्चरिंग हब के रूप में जाना जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मालवा क्षेत्र, जो अपनी मीठी संस्कृति और उर्वर भूमि के लिए मशहूर है, अब ग्रीन एनर्जी का हब बनने जा रहा है। यह क्षेत्र विकास के नए संकल्पों के साथ नई ऊर्जा और उमंग से प्रदीप्त हो रहा है। शाजापुर जो सोने और नमकीन के लिए जाना जाता है, अब अपनी औद्योगिक प्रगति के लिए भी पहचाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उज्जैन-शाजापुर की पुण्यधरा हरित ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होने वाले सभी उपकरणों का प्रोडक्शन सेंटर बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि मक्सी नगर अब सेंट्रल इंडिया के ग्रीन मैनुफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित होकर अपनी नई पहचान कायम करेगा। इससे यहां के किसानों को अपने ही क्षेत्र में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण की भी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शाजापुर जिले के औद्योगिक प्रक्षेत्र मक्सी के दशहरा मैदान में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मक्सी नगर में करीब 8174 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें चार इकाइयों का भूमिपूजन एवं दो इकाइयों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने करीब 384 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से उज्जैन से मक्सी तक निर्मित होने वाली करीब 38.95 किलोमीटर लम्बी फोर लेन रोड़ निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अपनी पावन परम्पराओं की चमक, प्रगति एवं समृद्धि की नई रौशनी और विकसित भविष्य की आहट सुनाई दे रही है। हम प्रदेश के युवाओं के सपनों में विकास के नए रंग भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की सरकार में हमारा मध्यप्रदेश समृद्धि और प्रगति की अनवरत यात्रा पर अग्रसर है। आज मक्सी औद्योगिक क्षेत्र में हुआ विभिन्न नवीन औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन की एक-एक ईंट मालवा क्षेत्र की नई ऊर्जा और विकास का आधार बनेगी।
मध्यप्रदेश बना भारत का फूड-बास्केट, कृषि विकास में रचा नया इतिहास
भोपाल : कभी 'बीमारू राज्य' और विकास की दौड़ में पिछड़ा माना जाने वाला मध्यप्रदेश आज आत्मनिर्भरता, कृषि समृद्धि और तीव्र आर्थिक विकास का प्रतीक बन चुका है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और किसानों की अटूट मेहनत का परिणाम है। मध्यप्रदेश अब न केवल विकास दर में अग्रणी है, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में भी देश में नई पहचान बना चुका है। यही कारण है कि भारत का हृदय प्रदेश अब देश का नया 'फूड-बास्केट' कहलाने लगा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में जो आशातीत प्रगति की है, उसमें हमारे अन्नदाताओं की महती भूमिका है। बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश का नया 'फूड बास्केट' बनने का गौरव प्राप्त किया है। राज्य की विकास दर अब डबल डिजिट में पहुंच चुकी है, जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का संकल्प लिया है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, भावांतर भुगतान योजना और कृषि यंत्रीकरण ने किसानों से जीवन में खुशहाली आ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज मध्यप्रदेश गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है। पंजाब और हरियाणा जैसे परम्परागत कृषि सम्पन्न राज्यों को कई फसलों के उत्पादन में पीछे छोड़ना राज्य के किसानों की मेहनत और सरकार की संवेदनशील नीतियों का ही परिणाम है। हमने कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग इकाइयां और कोल्ड स्टोरेज चेन जैसे अनेक कदम किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है - हर खेत तक पानी, हर किसान तक प्रगति और हर घर तक समृद्धि। मध्यप्रदेश का किसान अब सिर्फ़ अन्नदाता नहीं, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत का निर्माणकर्ता बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और राज्य के पूरे कृषि अमले को इस राष्ट्रीय उपलब्धि की ओर बढ़ने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक कृषि मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
आयुर्वेद समावेशिता, करुणा और संतुलन के दर्शन को दर्शाता हैः सचिव राजेश कोटेचा
नईदिल्ली। स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र (एसवीसीसी) और कोनायुर, साओ पाउलो, ब्राजील ने 14-15 नवंबर, 2025 तक तीसरे अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन का संयुक्त रूप से आयोजन किया। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में ब्राजील में आयुर्वेद के 40 वर्ष पूरे होने का स्मरण किया गया और इसमें लैटिन अमेरिका और भारत के विशेषज्ञों, चिकित्सकों, विद्वानों और छात्रों ने भाग लिया। विचार-विमर्श ‘‘आयुर्वेद में विविधता और समावेश: प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक प्राणी की देखभाल’’ विषय पर केंद्रित था।
सम्मेलन का उद्घाटन ब्राजील में भारत के राजदूत, महामहिम श्री दिनेश भाटिया ने किया। उन्होंने पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में भारत और ब्राजील के बीच बढ़ते सहयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की वैश्विक प्रासंगिकता वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सुदृढ़ हो रही है। यह 17 से 19 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी विश्व स्वास्थ्य संगठन-आयुष मंत्रालय वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन में और भी स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त होगी।
राजदूत ने आयुर्वेद को आधिकारिक रूप से मान्यता देने वाले पहले दक्षिण अमेरिकी देश के रूप में ब्राजील के अग्रणी योगदान की सराहना की और ब्राजील के उपराष्ट्रपति श्री गेराल्डो अल्कमिन की हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली की यात्रा को द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में एक मील का पत्थर बताया। आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एसवीसीसी की निरंतर प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए, राजदूत ने ऐसी पहलों का समर्थन करने के लिए आयुष मंत्रालय की भी सराहना की।
मुख्य भाषण देते हुए, आयुष मंत्रालय के सचिव, डॉ. (वैद्य) राजेश कोटेचा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आयुर्वेद समावेशिता, करुणा और शरीर, मन एवं पर्यावरण के समग्र संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा में भारत-ब्राजील की मजबूत साझेदारी का उल्लेख किया। यह साझेदारी संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालयों के बीच एक समझौता ज्ञापन और राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर और ब्राजीलियाई विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत सहयोग के माध्यम से और मजबूत हुई है।
डॉ. कोटेचा ने पिछले चार दशकों में ब्राजील में आयुर्वेद को आगे बढ़ाने वाले शिक्षकों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय आयुष मंत्री श्री प्रतापराव जाधव की ओर से, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा को आगे बढ़ाने में दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
एसवीसीसी की निदेशक डॉ. ज्योति किरण शुक्ला ने अपने संबोधन में भारत और ब्राजील के बीच स्वास्थ्य परंपराओं की साझा विरासत और आयुर्वेद में सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने में एसवीसीसी और आईसीसीआर की भूमिका पर जोर दिया।
सम्मेलन में विषयगत व्याख्यान, पूर्ण सत्र और एक आम सभा आयोजित की गई जिसमें प्राचीन ज्ञान, आयुर्वेद में विविधता और समावेशन, तथा ब्राजील में आयुर्वेद के व्यावसायिक विनियमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। आयोजकों ने घोषणा की कि आयुर्वेद को अब ब्राजीलियाई व्यवसायों के वर्गीकरण में शामिल कर लिया गया है जो इस पद्धति के लिए एक ऐतिहासिक मान्यता का प्रतीक है।
रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर, पांच लोगों की मौके पर ही मौत
NH-44 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और हाईवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस ने हाईवे पर रेत से भरी ट्रॉली और अन्य भारी वाहनों की जांच तेज करने के निर्देश भी जारी किए हैं।