देश-विदेश
दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में आज से सरकार बेचेगी 24 रुपये किलो प्याज
नईदिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, प्रल्हाद जोशी ने आज यहां एनसीसीएफ, नैफेड और केंद्रीय भंडार की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर 24 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खुदरा बिक्री का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के साथ ही सरकारी बफर स्टॉक से प्याज की लक्षित और संतुलित मात्रा में आपूर्ति शुरू हुई,इससे उपभोक्ताओं को यह आवश्यक सब्जी किफायती दामों पर उपलब्ध हो सकेगी।
जोशी ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और मूल्य स्थिरीकरण प्रयासों के माध्यम से विभिन्न प्रत्यक्ष हस्तक्षेपों ने हाल के महीनों में मुद्रास्फीति दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जुलाई 2025 में, आठ वर्षों में सबसे कम सामान्य खुदरा मुद्रास्फीति 1.55 प्रतिशत रही । यह खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट का परिणाम है। बफर स्टॉक से प्याज का संतुलित और लक्षित निपटान, खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और स्थिर मूल्य व्यवस्था बनाए रखने के सरकार के प्रयासों का एक अभिन्न अंग है।
दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में आज से प्याज का लक्षित निपटान शुरू हो रहा है। इसकी खुदरा बिक्री एनसीसीएफ, नैफेड और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स और मोबाइल वैन के माध्यम से, साथ ही नैफेड और एनसीसीएफ के वितरण भागीदारों के माध्यम से भी की जा रही है। प्याज की कीमतों के रुझान के अनुसार, देश भर में इस कवरेज को व्यापक, गहन और विविध बनाया जाएगा। देश भर के 574 केंद्रों से प्राप्त प्याज सहित 38 वस्तुओं की दैनिक कीमतों की विभाग निगरानी कर रहा है। दैनिक मूल्यों के आंकड़े और तुलनात्मक रुझान, बफर स्टॉक से प्याज की मात्रा और गंतव्य पर निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं।
इस वर्ष प्याज का उत्पादन 307.71 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 27 प्रतिशत अधिक है। प्याज के निर्यात पर कोई शुल्क या प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और निर्यात की गति जुलाई में 1.06 लाख टन और अगस्त, 2025 में निर्यात 1.09 लाख टन के साथ स्थिर है।
उपलब्धता और मूल्य परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने एनसीसीएफ और नेफेड के माध्यम से मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए 3.00 लाख टन प्याज की खरीद की। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के प्रमुख रबी प्याज उत्पादक क्षेत्रों में किसानों/किसान संघों से प्याज की खरीद की गई और प्याज का भुगतान किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरण के माध्यम से किया गया। इस वर्ष प्याज के संचालन में खरीद, भंडारण और निपटान की निगरानी के लिए एक एकीकृत प्रणाली अपनाई गई है, जिसमें संचालन के सभी चरणों में प्रौद्योगिकी प्रयोग गतिविधियों को लागू किया गया है।
प्याज खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल, ई-महाभूमि के माध्यम से किसानों की प्रामाणिकता और उनके भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया गया है। किसानों को भुगतान उनके आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्यम से किया जाता है। मात्रा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, उपभोक्ता मामले विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और राष्ट्रीय परीक्षण शाला के अधिकारी भंडारण गोदामों में प्याज के स्टॉक का सत्यापन करने के लिए नियमित रूप से दौरा करते हैं। किसानों को भुगतान उस मात्रा के लिए किया जाता है जिसे चालों में ले जाया गया है और विधिवत सत्यापित किया गया है।
पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को करेंगे सम्मानित
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 सितम्बर शिक्षक दिवस पर भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। साथ ही कक्षा एक से कक्षा 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ रूपये की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जायेगा।
समारोह शुक्रवार को प्रात: 10:30 बजे भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन मंत्री कुवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण कृष्णा गौर भी उपस्थित रहेंगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि जिन शिक्षकों का उनके श्रेष्ठ कार्यों की वजह से सम्मान हो रहा है, उनसे प्रदेश के अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलेगी।
शिक्षक दिवस पर सम्मानित शिक्षकों में प्राथमिक, माध्यमिक श्रेणी के 8 और उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के 6 शिक्षक शामिल हैं। गत वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। पुरस्कृत शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि, शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। जिन प्राथमिक शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा, उनमें शासकीय प्राथमिक शाला बिसोनिया, गुना के जितेन्द्र शर्मा, शासकीय उ.मा.वि. क्रमांक-2, शाजापुर के दिलीप जायसवाल, ई.पी.ई.एस., भाटीवाड़ा, सिवनी के दिलीप कटरे, शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बसिया, दमोह के श्रीकांत कुर्मी, शासकीय उ.मा.वि., रुस्तमपुर, खण्डवा की माध्यमिक शिक्षक श्रद्धा गुप्ता, शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सतौआ, दमोह के मोहन सिंह गौंड, शासकीय माध्यमिक शाला, चंदेसरा, उज्जैन के अपूर्व शर्मा और शासकीय माध्यमिक शाला, उबालाद, अलीराजपुर के उच्च श्रेणी शिक्षक धनराज वाणी शामिल हैं। ये चयनित शिक्षक कक्षा-1 से 8 की कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये कक्षा-9 से 12 में पढ़ाने वाले चयनित शिक्षकों में माध्यमिक शिक्षक शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि., बाग, जिला धार की राधा शर्मा, शासकीय उ.मा.वि., मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के डॉ. नरेन्द्र कुमार उरमलिया, शासकीय उ.मा. संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय, तिलीवार्ड, सागर के महेन्द्र कुमार लोधी, शासकीय उ.मा.वि., जावरा, रतलाम की उच्च माध्यमिक शिक्षक विनीता ओझा और माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल, पांदा, जिला राजगढ़ डॉ. सरिता शर्मा को सम्मानित किया जायेगा।
वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को राज्य स्तरीय समारोह में शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह और 5 हजार रुपये सम्मान निधि भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। इनमें शासकीय माध्यमिक शाला लिधौरा, ब्लॉक बटियागढ़, दमोह के माधव प्रसाद पटेल और शासकीय हाई स्कूल, मंदसौर की शिक्षक सुनीता गोधा शामिल हैं।
प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित होगा। समारोह में जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जायेगा। समारोह में गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहेंगे।
पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस उन समर्पित शिक्षकों का सम्मान और सराहना करने का दिन है, जिनका व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शिक्षक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाते हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर अब महज 50 मिनट में पूरी होगी 95 किलोमीटर की दूरी, जानिए कब दौड़ेंगी गाड़ियां
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आरंभ होंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलेगी बस सुविधा : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।
हर निवेशक यूपी में निवेश करना चाहता है CM योगी का बड़ा बयान
डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय योग्यता पुरस्कार समारोह वर्ष 2025
देलही :सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के स्वायत्त निकाय डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन ने आज नई दिल्ली में डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय मेधावी पुरस्कार समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह समारोह अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उन मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था जिन्होंने कक्षा 10वीं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है और अनुसूचित जाति (एससी) के उन मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने मान्यता प्राप्त राज्य/केंद्रीय बोर्डों और परिषदों द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षाओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।
वर्ष 2021-22 और वर्ष 2022-23 के लिए कुल 29 राज्य/केंद्रीय बोर्डों और परिषदों को ध्यान में रखा गया। सत्र 2021-22 के दौरान कक्षा 10वीं से कुल 367 छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिनमें से 22 टॉपर थे और कक्षा 12वीं से कुल 563 छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिनमें से 49 टॉपर थे। सत्र 2022-23 के लिए कक्षा 10वीं से कुल 198 छात्रों को पुरस्कृत किया गया जिनमें से 17 टॉपर थे और कक्षा 12वीं से कुल 362 छात्रों को पुरस्कृत किया गया, जिनमें से 29 टॉपर थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री एवं डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के योगदान पर प्रकाश डाला और शिक्षा, छात्रवृत्ति, फेलोशिप और कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य वंचित समुदायों के सशक्तीकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
रामदास अठावले और बी.एल. वर्मा ने पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों की सराहना की और समाज के सभी वर्गों विशेषकर वंचितों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु सरकार की जनहितैषी पहलों पर ज़ोर दिया। उन्होंने छात्रों से बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर द्वारा स्थापित समानता, बंधुत्व, सम्मान और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय योग्यता पुरस्कार योजना के अंतर्गत, फाउंडेशन ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के लिए प्रत्येक मान्यता प्राप्त श्रेणी के शीर्ष तीन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रों और वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अनुसूचित जाति छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए।
I. सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 60,000/- रुपये
II. दूसरे सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 50,000/- रुपये
III. तीसरे सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र को 40,000/- रुपये
जिन मामलों में शीर्ष तीन में कोई भी छात्रा शामिल नहीं थी, वहां सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा को एक विशेष पुरस्कार दिया गया। पुरस्कारों में मान्यता और प्रोत्साहन के प्रतीक के रूप में 60,000 रुपये का एकमुश्त नकद पुरस्कार शामिल था।
"जल जीवन मिशन" की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है।
मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को "हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल" पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई।
राष्ट्रपति ने सिटी यूनियन बैंक के 120वें स्थापना दिवस समारोह की शोभा बढ़ाई
राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विकास के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक वित्तीय समावेशन है, जिसका अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक की किफायती वित्तीय सेवाओं तक पहुंच हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिटी यूनियन बैंक जैसे बैंक अपनी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश में, एक बड़ी आबादी अभी भी ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहती है जहां औपचारिक बैंकिंग तक सीमित पहुंच है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि सिटी यूनियन बैंक ने वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
राष्ट्रपति ने कहा कि बैंक और वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां वंचित समुदायों के लिए उपयोगकर्ताओं के अनुकूल मोबाइल ऐप, सूक्ष्म ऋण और बीमा उत्पाद उपलब्ध करा रही हैं। पेमेंट बैंक, डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट ने वित्तीय सेवाओं को दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में प्रगति के बावजूद, डिजिटल साक्षरता, इंटरनेट की पहुंच और वित्तीय जागरूकता के संदर्भ में अभी भी कई चुनौतियां हैं। सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयासों से, लोगों को प्रौद्योगिकी, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से बेहतर ढंग से जोड़ा जा सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था हमारे बैंकिंग क्षेत्र की प्राथमिकता होनी चाहिए। समय पर और किफायती ऋण उपलब्ध कराकर, वित्तीय जागरूकता प्रदान करके और कृषि-तकनीकी पहलों को समर्थन देकर, बैंक कृषि को टिकाऊ और लाभदायक बनाने में मदद कर सकते हैं। बैंक एमएसएमई को विकास के इंजन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हमारे बैंकों को वंचित और हाशिए पर पड़े वर्गों की मदद के लिए भी कदम उठाने चाहिए। दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासी मजदूरों को बैंकिंग सेवाओं से बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि जैसे-जैसे हमारी डिजिटल और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, डिजिटल परिवर्तन और उद्यमिता में बैंकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। स्टार्ट-अप से लेकर स्मार्ट शहरों तक, ऐसे कई क्षेत्र हैं जिनमें बैंक मदद कर सकते हैं। बैंक एक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बन सकते हैं।
ब्यास नदी खतरे के निशान के ऊपर, प्रशासन और लोगों की उड़ी नींद
CM धामी का बड़ा फैसला: सेवामुक्त अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों पर मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
एनसीसी कैडेट दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में थल सैनिक शिविर में भाग लेने के लिए तैयार
नईदिल्ली। देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 17 राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालयों से 867 लड़के और 679 लड़कियों सहित कुल 1,546 कैडेट दिल्ली कैंट के करियप्पा परेड ग्राउंड में बारह दिवसीय थल सैनिक शिविर में भाग लेंगे। अपर महानिदेशक (ए) एयर वाइस मार्शल पीवीएस नारायण 02 सितंबर, 2025 को इसका उद्घाटन करेंगे। शिविर में भाग लेने वाले कैडेट विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग लेंगे, जिनमें अवरोध प्रशिक्षण, मानचित्र पठन और अन्य संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इस पहल से उन्हें समृद्ध अनुभव प्राप्त होगा, जिसमें शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक तीक्ष्णता और टीम वर्क पर जोर दिया जाएगा।
थल सैनिक शिविर का उद्देश्य कैडेटों को सेना प्रशिक्षण के प्रमुख पहलुओं से अवगत कराना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देना और अनुशासन, नेतृत्व एवं राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना है। यह शिविर सेना विंग के कैडेटों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर के शिविर के रूप में व्यापक प्रशिक्षण एवं चरित्र विकास पर केंद्रित है।
अपर महानिदेशक ने एनसीसी द्वारा देश के युवाओं को प्रदान किए जाने वाले अनूठे अवसरों का उल्लेख किया, जो उनके रोमांच, अनुशासन और सम्मान से भरा जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि एनसीसी सभी कैडेटों में नेतृत्व व सौहार्द की भावना उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उन्हें जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करती है।
मंदिरों और मस्जिदों में बजे राष्ट्रगीत पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान
अखिल भारतीय वाणी और श्रवण संस्थान, मैसूर के हीरक जयंती में शामिल हुईं राष्ट्रपति
नईदिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्नाटक के मैसूर स्थित अखिल भारतीय वाणी और श्रवण संस्थान के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और वाणी और श्रवण अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान के हीरक जयंती समारोह में शामिल होते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर संचार विकारों के निदान और उपचार में बहुमूल्य योगदान के लिए इस संस्थान से जुड़े सभी पूर्व और वर्तमान निदेशकों, संकाय सदस्यों, प्रशासकों और छात्रों को हार्दिक बधाई दी।
वर्ष 1965 में स्थापित, एआईआईएसएच भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है। यह संचार विकारों के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, नैदानिक सेवाओं, प्रशिक्षण, अनुसंधान, जन शिक्षा और विस्तार सेवाओं के लिए दक्षिण एशिया में एक प्रमुख संस्थान है। एआईआईएसएच की स्थापना संचार विकारों की देखभाल और पुनर्वास प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्थान न केवल डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप पाठ्यक्रम प्रदान करता है, बल्कि वाणी और श्रवण विकारों की देखभाल और उपचार भी प्रदान करता है, साथ ही पुनर्वास के माध्यम से रोगियों और उनके परिवारों को सहायता भी प्रदान करता है। एआईआईएसएच को अब दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव वी. हेकेली झिमोमी, भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एआईआईएसएच के संकाय सदस्य और छात्र भी उपस्थित थे।
MP में मूसलाधार बारिशः शहडोल में पुलिया के साथ सड़क भी बही, आवागमन बाधित
भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करेगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अलौकिक किया है। कालगणना की पद्धति 300 साल पहले तक हमारे देश से दुनिया तक जाती थी। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पहलु प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। विरासत-विकास-प्रकृति और तकनीक के संतुलन का प्रकटीकरण विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के नवनिर्मित द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मंत्रोच्चार के बीच अनावरण किया। इस अवसर पर शौर्य स्मारक से आरंभ हुई 'भारत का समय-पृथ्वी का समय' रैली मुख्यमंत्री निवास पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में शामिल युवाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप का लोकार्पण, राजा भोज पर निर्मित यू-ट्यूब सीरीज के फोल्डर का विमोचन और खगोल विज्ञान पर केन्द्रित फिल्म की सीडी का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक घड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आहवान किया और उपस्थित युवाओं से मोबाइल में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप भी डाउनलोड करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर वैदिक घड़ी भेंट की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति के व्रत, त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर नहीं आते, उनकी गणना में ऋतुओं का प्रभाव शामिल है। सावन-भादो-कार्तिक माह का प्रभाव हम सब अपने जीवन में अनुभव कर रहे हैं। पूर्णिमा और अमावस्या का समुद्र पर प्रभाव ज्वार-भाटा से आंका जा सकता है, इससे हमारी तिथियों की सत्यता भी प्रमाणित होती है। मानसिक रोगियों पर अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव चिकित्सा शास्त्र भी स्वीकार करता है। मानव शरीर संरचना में 70 प्रतिशत जल का अंश है, जो अमावस्या और पूर्णिमा पर प्रभावित होता है। इसी का परिणाम है कि मानसिक चिकित्सालयों को अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष सतर्कता बरतने के स्थाई निर्देश हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में समय की गणना सूक्ष्मतम स्तर तक की गई है। सनातन संस्कृति में सूर्योदय से सूर्योदय तक की गणना का विधान है। इस प्राचीन गणना में 30 मुहूर्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विभिन्न सिद्धांतों पर विचार-विमर्श के लिए कोई बंधन या दंड नहीं है, जबकि कालगणना पर वैचारिक मतभेद के कारण मृत्युदंड देने का उद्धरण पश्चिम के इतिहास में मिलता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खगोलीय अध्ययन के लिए सूर्य से बनने वाली छाया के आधार पर सूर्य की गति की गणना की गई। उन्होंने बताया कि भारत का केन्द्र उज्जैन है और उज्जैन का केन्द्र वर्तमान में डोंगला में स्थित है। डोंगला का प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा से जुड़ता है। संभवत: डोंगला के इस महत्व से ही भगवान श्रीकृष्ण का आगमन हुआ था। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का जीवंत उदाहरण हैं। पंचांग के विद्वान चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण, तिथि, नक्षत्र, वार, व्रत, त्यौहार और मुहूर्तों की जानकारी वर्तमान में भी त्वरित रूप से उपलब्ध कराते हैं।
प्रदेश के 20 लाख किसानों को देंगे सोलर पावर पंप : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी अन्नदाताओं (किसानों) को सम्मान और सुविधा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द 20 लाख से अधिक किसानों को सोलर पावर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें बिजली बिल की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के ग्राम राजौधा में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से भी 6-6 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 12 हजार रुपए सम्मान निधि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद भाईदूज से हर माह 1500 की राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियां खूब पढ़ें-लिखें, इसके लिए सरकार सभी इंतजाम कर रही है। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप, होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी, साथ ही साइकिल और गणवेश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास ही हमारा लक्ष्य है। प्रदेश का कोई भी अंचल विकास से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52 करोड़ 59 रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों को लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 38.67 करोड़ की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण और 14.92 करोड़ की लागत के नये शासकीय महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि यह नया महाविद्यालय भवन महाराजा मानसिंह तोमर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस महाविद्यालय में सभी जरूरी पाठ्यक्रम एवं संकाय प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राधाष्टमी है। इस शुभ प्रसंग के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम से विद्यालय भवन का लोकार्पण सरकार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि हाल ही में समीपवर्ती श्योपुर जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी गई है और मुरैना भी विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। मुरैना की धरती से नरेंद्र सिंह तोमर जैसे बड़े राजनेता निकले हैं। प्रदेश के कई जिले आगे बढ़ गए, लेकिन चंबल के जिले पिछड़ गए। कांग्रेस की सरकारों ने डाकुओं को बढ़ावा दिया और युवाओं का भविष्य खराब कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया जा रहा है। शहर-शहर में सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। ऐसे ही सांदीपनि आश्रम में श्रीकृ्ष्ण ने वेद, शास्त्रों और विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया था। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारकर संदेश दिया कि सत्ता अत्याचार के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण का माध्यम होती है।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विकास के प्रति ललक, समाज के हर वर्ग के लिए संवेदनशीलता और संकल्प से विकास की गंगा गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ही इस गांव में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। फिलहाल इस महाविद्यालय का संचालन गांव के स्कूल भवन से हो रहा है। महाविद्यालय में वर्तमान में बीए संकाय में 240 से अधिक बालिकाएं अध्ययनरत हैं। नए भवन में बीएससी और बीकॉम संकाय भी प्रारंभ होंगे, जिससे क्षेत्र की महाविद्यालय में पढ़ने की आकांक्षी 500 से अधिक छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सांदीपनि विद्यालय 27 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। बड़े से बड़े विद्यालयों में भी सांदीपनि जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। पहले किसी गांव में विद्यालय बनता था तो कक्ष कम और विद्यार्थी अधिक होते थे। तब जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया जाता था कि एक कक्ष और बन जाए, इसकी घोषणा हो जाए। राज्य सरकार ने सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से किसान और गरीबों के बच्चों को सौगात दी है। राजौधा में महाविद्यालय भवन का भी शिलान्यास हो रहा है। यहां महाविद्यालय की शुरुआत होने से विद्यार्थियों में बेहद हर्ष व्याप्त है। पोरासा में अस्पताल खुलने से नागरिकों को चिकित्सा सुविधाएं भी मिली हैं।
सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकसित विद्यालयों की श्रृंखला से चंबल अंचल के विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा का अवसर मिल रहा है। यह विद्यालय निश्चित रूप से क्षेत्र और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेगा। उन्होंने कहा कि चंबल की धरती पर महाराज लोचनदास, महाराज रामदास, बालकदास, माखनदासजी और ऋषिजी का जन्म हुआ। सांसद सिंह ने मुरैना जिले को ढेरों सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया।
पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, सात लोगों की मौत, पांच घायल