देश-विदेश
काशी की गंगा आरती से अभिभूत हुए मॉरीशस के पीएम रामगुलाम, भावविभोर होकर किए दर्शन
प्रधानमंत्री मोदी के बदनावर आगमन की तैयारियों की मुख्य सचिव जैन ने की समीक्षा
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बदनावर जिला धार में 17 सितंबर, आगमन को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरूवार को मंत्रालय में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास, "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" अभियान का शुभारंभ, "सुमन सखी" चैटबॉट का शुभारंभ, पोषण माह का राष्ट्रीय स्तर पर उद्घाटन और लाभार्थियों को पीएमएमवीवाई की किस्त का हस्तांतरण किया जायेगा। मुख्य सचिव जैन ने संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में तैयारियों के लिए किये जाने वाले कार्यों की समीक्षा भी की।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में "आदि सेवा पर्व" का शुभारंभ भी करेंगे, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। साथ ही "एक बगिया माँ के नाम" अभियान में भागीदारी के प्रतीक के रूप में महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, सिकल सेल स्क्रीनिंग कॉउंसलिंग कार्ड का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार" पर आधारित फिल्म का भी प्रदर्शन होगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह, सुखवीर सिंह, गुलशन बामरा, संदीप यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना उपस्थित थे। कमिश्नर इंदौर संभाग डॉ. सुदाम खाड़े एवं कलेक्टर जिला धार वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मथुरा-वृंदावन में यमुना की तबाही, हजारों लोग पलायन को मजबूर
46 करोड़ का टैक्स नोटिस और 10 हजार की कमाई: ग्वालियर के कुक की जिंदगी में हलचल
यह मामला सिर्फ रविंद्र की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों की सच्चाई को उजागर करता है, जो अनजाने में सिस्टम के फर्जीवाड़े का शिकार हो जाते हैं। अब सबकी नज़रें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। क्या रविंद्र अपनी सादगी भरी ज़िंदगी वापस पा सकेंगे, या यह नोटिस उनकी मेहनत की कमाई पर ग्रहण बनकर रह जाएगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा तिरुवनंतपुरम में ग्रामीण उद्यम इन्क्यूबेटरों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला
देलही : केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने केरल राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (कुदुम्बश्री) के सहयोग से 10 सितम्बर को केरल के तिरुवनंतपुरम में डीएवाई-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण उद्यम इन्क्यूबेटरों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।
एमओआरडी के सचिव शैलेश कुमार सिंह ने अपने वर्चुअल उद्घाटन संबोधन में महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को आगे बढ़ाने में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम की भूमिका की जानकारी देते हुए कहा कि डीएवाई-एनआरएलएम ने 10 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं को 90 लाख स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया है, जिनमें से कई पहली पीढ़ी की उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने असम, बिहार, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता का का उल्लेख करते हुए बताया कि केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कई अन्य राज्य अग्रणी शैक्षणिक साझेदारों के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। केरल के स्थानीय स्वशासन मंत्री एम.बी. राजेश ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कुदुम्बश्री के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाली उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केरल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया और विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला ग्रामीण उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सहयोग और नवाचार के एक मंच के रूप में कार्य करेगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव (ग्रामीण विकास) स्वाति शर्मा ने ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से एक संदेश में इनक्यूबेटर कार्यक्रम को महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण उद्यमिता के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित करने के मंत्रालय के दृष्टिकोण पर बल दिया और विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला इसकी दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए कार्यान्वयन योग्य रणनीतियां और मजबूत साझेदारियां तैयार करेगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की निदेशक (ग्रामीण विकास) राजेश्वरी एस.एम. ने कहा कि यह कार्यशाला इनक्यूबेटर परियोजना के लिए चयनित उद्यमों के विकास के लिए एक उपयुक्त वातावरण तैयार करने में सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने डीएवाई-एनआरएलएम और इनक्यूबेटर कार्यक्रम पर विस्तृत जानकारी दी। कुदुम्बश्री के कार्यकारी निदेशक एच. दिनेशन ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। असम कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विद्युत सी. देखा ने अभिनंदन भाषण दिया। कुदुम्बश्री के मुख्य परिचालन अधिकारी सी. नवीन ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
प्रधानमंत्री मोदी के धार आगमन पर स्वास्थ्य गतिविधियों की तैयारी की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित धार आगमन पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी कार्य योजनाबद्ध रूप से किए जाएँ ताकि विशेष स्वास्थ्य सेवाओं से अधिक से अधिक लक्षित समूह लाभान्वित हो सके। उन्होंने आगामी 17 सितंबर से “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” पखवाड़े को सुव्यवस्थित रूप से आयोजित कर अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभियान की सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाये।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सेवा शर्तों, मानदेय और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी, मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना और सीईओ आयुष्मान मध्यप्रदेश डॉ. योगेश भरसट उपस्थित थे।
पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश को मिलेगा नया आयाम : डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उत्पादित आर्गेनिक कॉटन की मांग अनेक देशों में है। प्रदेश टेक्सटाइल का हब बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 7 पीएम मित्रा पार्क स्वीकृत किये, उसमें से पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करने प्रधानमंत्री मोदी 17 सितम्बर को धार जिले में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आये, राज्य सरकार निवेशकों को पीएम मित्रा पार्क में हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवायेगी। धार का पीएम मित्रा पार्क भारत के औद्योगिक विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कोलकाता के.जे. डब्ल्यू मैरियट होटल में निवेश संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए सबसे भरोसेमंद और अवसरों से भरा राज्य बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, देश के मध्य में स्थित होने के कारण उत्तम कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे उद्योगपतियों के लिए आदर्श निवेश स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्क राज्य के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने के साथ रोजगार और आर्थिक विकास में नए आयाम खोलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की शुद्ध और ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता इसे टेक्सटाइल निवेश के लिए विशेष बनाती है। पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से राज्य में उत्पादन और प्रोसेसिंग के उच्च मानक स्थापित होंगे, जिससे निवेशकों को लाभ के साथ रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित होंगे। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश स्थिर, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि आइये हम संकल्प लें कि स्वदेशी अपनायेंगे, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' और विकसित भारत के संकल्प को पूरी शक्ति के साथ साकार करेंगे।
हाट बाजार में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग कराएं: राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हाट बाजारों में सिकल सेल और टीबी की स्क्रीनिंग शिविर लगाए जाने चाहिए जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की विरल आबादी तक पहुंच हो सके। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जाँच के 100 दिवसीय अभियान की उपलब्धियां प्रभावी है और अभियान को 125 दिन तक बढ़ाया जाना चाहिए।
राज्यपाल पटेल राजभवन के जवाहर खण्ड में बुधवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर भी मौजूद थे।
राज्यपाल पटेल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आगनबाड़ियों के साथ सतत संपर्क पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन में आगनबाड़ी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिलों के प्रवास के दौरान वह पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, सिकल सेल और टी.बी. रोग की समीक्षा अनिर्वायत: करेंगे। उन्होंने अपेक्षा की है कि जिलों में राज्यपाल के प्रवास के दौरान कार्यक्रम स्थल पर टी.बी., सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जन प्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त करने की भी जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सांसद और विधायक निधि से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वे सहयोग की जनप्रतिनिधियों से भी अपील करेंगे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी तक पहुंच बहुत महत्वपूर्ण है। समुदाय के बीच पहुंच कर स्वास्थ्य शिक्षा के प्रयास बहुत प्रभावी होते हैं। उन्होंने एकलव्य विद्यालयों में सिकल सेल जांच शिविरों के आयोजन की पहल की सराहना की। जनजातीय छात्रावास के प्राचार्य और शिक्षकों को सिकल सेल रोग के संबंध में सेंसेटाईज करने के प्रयास करने के लिए कहा है।
राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेदिक औषधियों की वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने सिकल सेल रोगियों को आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाने को कहा। बताया गया कि विभाग द्वारा चयनित पायलट जिले धार में 1546 और बड़वानी में 1015 रोगियों को सिकल सेल की आयुर्वेदिक औषधियाँ दी जा रही है। प्रदेश में 17 सितम्बर से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चलाया जाएगा। सिकल सेल के लिए संचालित 100 दिवसीय अभियान के दौरान सिकल सेल रोगियों को जेनेटिक कार्ड वितरण कार्य बहुत तेज गति से हुआ है। अभियान अवधि में 12 लाख से अधिक कार्ड वितरित हुए है। विभाग द्वारा 1 करोड़ वां कार्ड प्रधानमंत्री द्वारा वितरित करावाने की योजना है। प्रदेश में टी.बी. और सिकल सेल रोग प्रबंधन प्रयासों के परिणामों के बेहतर संकेत मिल रहे हैं। टी.बी. रोगियों के ड्रॉप आउट और मृत्यु दर में कमी दिख रही है। सिकल सेल प्रबंधन से मातृ मृत्यु दर में भी कमी होने की जानकारी मिली है।
बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव आयुष डी.पी.आहूजा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संदीप यादव, आयुक्त आयुष उमा महेश्वरी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन लोनी सिडाना, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव जमुना भिड़े मौजूद थीं।
लोक सभा अध्यक्ष बेंगलुरु में 11वें सीपीए भारत क्षेत्र सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
नई दिल्ली, 10 सितंबर 2025: लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, जो सीपीए भारत क्षेत्र के अध्यक्ष भी हैं, 11 सितंबर 2025 को बेंगलुरु स्थित विधान सौध में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के 11वें सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन का विषय है "विधानसभा के सदनों में वाद-विवाद और चर्चाएँ: जन विश्वास का निर्माण, जन आकांक्षाओं की पूर्ति"। विदेशी संसदों के पीठासीन अधिकारियों के साथ-साथ राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के अध्यक्ष और महासचिव को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।
विधान सौध में आयोजित किए जा रहे उद्घाटन समारोह में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों के सभापतियों/अध्यक्षों सहित पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।
उद्घाटन सत्र के दौरान, कर्नाटक के मुख्य मंत्री, सिद्धारमैया; राज्य सभा के उपसभापति, हरिवंश और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित विशिष्टजनों को संबोधित करेंगे। कर्नाटक विधान सभा के अध्यक्ष, यू.टी. खादर फरीद स्वागत भाषण देंगे तथा सीपीए कर्नाटक शाखा के सचिव धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
कर्नाटक के राज्यपाल, थावर चंद गहलोत और लोक सभा अध्यक्ष, ओम बिरला 13 दिसंबर 2025 को समापन सत्र को संबोधित देंगे।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम (11-13 सितंबर) का आयोजन सीपीए कर्नाटक शाखा के तत्वावधान में कर्नाटक विधान सभा द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर बिरला एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे और एक स्मारिका का विमोचन भी करेंगे।
सम्मेलन के दौरान, विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों, उप-पीठासीन अधिकारियों और सचिवों सहित प्रतिनिधि संसदीय महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। पूर्ण सत्रों में विचारों का आदान-प्रदान करने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के साथ ही भारत क्षेत्र में संसदीय संस्थाओं को मजबूत करने के बारे में चर्चा की जाएगी ।
उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे पीएम मोदी
रायपुर मराठा समाज के नवीन कार्यकारिणी ने ग्रहण किया पदभार... हुआ सम्मान
रायपुर। मराठा मित्र मंडल रायपुर के तत्वावधान में सम्मान समारोह एवं नवीन पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन आशीर्वाद भवन, रायपुर में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मराठा समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय राघोबा महाडिकका प्रथम रायपुर आगमन हुआ। जिनका स्वागत ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी एवं पगड़ी-शाल पहनाकर किया गया।
मराठा मित्र मंडल रायपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष लोकेश पवार ने अपनी कार्यकारिणी का परिचय देते हुए, प्रदेश अध्यक्ष के करकमलों से छत्रपति शेला पहनाकर पदाधिकारियों को सम्मानित किया और शपथ दिलाई। सभी पदाधिकारियों ने समाज की प्रगति, संगठन की मजबूती एवं अपने दायित्वों के निर्वहन हेतु निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राघोबा महाडिक एवं कार्यकारी अध्यक्ष लोकेश गायकवाड़ ने प्रदेश की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की और समाज के पदाधिकारियों व सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से आए जिला अध्यक्ष एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह की गरिमा प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अरुण घाटगे, राजेश महाडिक, सुरेंद्र डुकरे, गणेश राव पवार, विनोद रणसिंह, सुधाकर बिबे, महेंद्र जाधव सहित अन्य वरिष्ठजनों की उपस्थिति से और भी बढ़ी।
इस आयोजन में मराठा समाज रायपुर के अध्यक्ष लोकेश पवार,महिला अध्यक्षा अनिता लोंढे, युवा अध्यक्ष नीरज इंग्ले, गुणवंत घाटगे,संरक्षक नागराजू कापसे,महासचिव विनोद मांढरे,सचिव शरद फरताड़े, उपाध्यक्ष सुमीत ढिगे, हेमराव सिरगिरे, कमलाकर भोंसले, सुषमा महाडिक, राहुल डुकरे, प्रभात डुकरे मनीष भोसले, गणेशा जाधव पाटिल, अतुल चौहान,देवेंद्र पवार,शिवनाथ महाडिक, गणेश जाधव, दीपक इंग्ले जे एन कदम,संतोष महाडिक,शिशिर सुरोषे,साधना कोरे,अभिषेक इंदुरकर, रविकांत शिंदे,आशीष महाडिक, संजू राव,हर्ष चौहान, नीरजा भोसले,प्रीति वाकडे, सोनाली पवार,हर्षा बाबर अखिल पवार अभिजीत जाचक, रितिक राव,निधि डुकरे, डिम्पल भोंसले, विशाखा भोंसले, लीशा ढिगे, वंशिका सावके,साक्षी ढिगे, अनामिका सावके, ब्रवीन सालुंके के साथ साथ अधिक संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
दुबई में यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में ऐतिहासिक यूपीआई-यूपीयू एकीकरण का शुभारंभ
नईदिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दुबई में 28वें यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में यूपीआई-यूपीयू एकीकरण परियोजना का अनावरण किया। यह दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए सीमा पार प्रेषण में बदलाव लाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल है।
डाक विभाग (डीओपी), एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) द्वारा विकसित यह पहल भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (यूपीआई) को यूपीयू इंटरकनेक्शन प्लेटफ़ॉर्म (आईपी) के साथ एकीकृत करती है। इससे डाक नेटवर्क की पहुंच यूपीआई की गति और सामर्थ्य के साथ जुड़ जाती है।
सिंधिया ने इसे "एक तकनीकी लॉन्च से कहीं बढ़कर, एक सामाजिक समझौता" बताया। उन्होंने कहा, "डाक नेटवर्क की विश्वसनीयता और यूपीआई की गति का मतलब है कि सीमा पार के परिवार तेज़ी से, सुरक्षित और बहुत कम लागत पर पैसा भेज सकते हैं। यह इस बात की पुष्टि करता है कि नागरिकों के लिए बनाए गए सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सीमाओं के पार जोड़कर मानवता की बेहतर सेवा की जा सकती है।"
उन्होंने एक आधुनिक, समावेशी डाक क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। यह चार पहलुओं 1. निर्बाध डेटा-संचालित लॉजिस्टिक्स के माध्यम से जुड़ना; 2. प्रत्येक प्रवासी और डिजिटल उद्यम को सस्ती डिजिटल वित्तीय सेवाएं प्रदान करना; 3. एआई, डिजीपिन और मशीन लर्निंग के साथ आधुनिकीकरण करना; और 4. यूपीयू समर्थित तकनीकी सेल के साथ दक्षिण-दक्षिण साझेदारी के माध्यम से सहयोग करना पर आधारित है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न और विकसित भारत की दिशा में काम कर रहा भारतीय डाक अपने व्यापक दायरे और समावेशन का एक सशक्त उदाहरण है। श्री सिंधिया ने कहा, "आधार, जनधन और भारतीय डाक भुगतान बैंक के साथ, हमने 56 करोड़ से ज़्यादा खाते खोले हैं, जिनमें से ज़्यादातर महिलाओं के नाम पर हैं। भारतीय डाक ने पिछले साल 90 करोड़ से ज़्यादा पत्र और पार्सल पहुंचाए। यह समावेशन का वह व्यापक दायरा और भावना है जिसे हम वैश्विक मंच पर लाते हैं।"
सिंधिया ने इस चक्र के दौरान ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान पर विशेष ध्यान देते हुए प्रौद्योगिकी को नवाचार में बदलने के लिए 10 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के आदर्श वाक्य को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दोहराया कि भारत संसाधनों, विशेषज्ञता और मैत्री के साथ कैसे तैयार है।
सिंधिया ने यूपीयू की प्रशासन परिषद और डाक संचालन परिषद के लिए भारत की उम्मीदवारी की भी घोषणा की। इससे वैश्विक डाक समुदाय के लिए एक जुड़े हुए, समावेशी और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
पीएम जनमन योजना में सरकार के साथ समाज भी जुड़े : राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय वर्ग के कल्याण की अभूतपूर्व योजना है और यह समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का प्रयास है। समरस समाज के निर्माण की इस पहल में सरकार के साथ समाज को भी सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। राज्यपाल ने आहवान किया कि पीएम जनमन आवास योजना के आवासों को और अधिक बेहतर बनाने के लिये समाज के समृद्ध वर्ग का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए।
राज्यपाल पटेल पीएम जनमन योजना की प्रगति की मंगलवार को राजभवन में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों से अपेक्षा की है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्माण कार्य की मज़बूती के लिए सामग्री की गुणवत्ता के साथ निर्माण की देख-रेख के प्रयासों में मैदानी सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण सामग्री की लागत को कम करने, कीमतों में समन्वय, स्थानीय और हरित निर्माण सामग्री के उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आवास की मज़बूती से कोई समझौता नहीं हो।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय समुदाय को समग्रता में लाभान्वित करने की योजना है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दृष्टि से सबसे गरीब को सबसे पहले प्राथमिकता देना चाहिए और आवास मजबूत और सुविधा जनक हो। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवास निर्माण स्थल का निरीक्षण निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सहयोग की दृष्टि से किया जाना चाहिए। स्थल चयन, आकार और निर्माण के दौरान लगने वाली सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं पर हितग्राहियों को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए।
बैठक में राज्यपाल पटेल को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए स्थानीय सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई है। ईंट निर्माण में स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण प्रयासों की भी पहल की गई है। निर्माण सामग्री की दर को कम करने के लिए जिला स्तर पर मूल्य निर्धारण की कार्यवाही भी की गई है।
समीक्षा बैठक में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव जमुना भिड़े और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
नए वाहनों पर "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" से मोटरयान कर में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार कोमंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए बीएस-I और पूर्ववती तथा बीएस-॥ व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों वाले वाहनों को जारी "सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉजिट" के विरुद्ध पंजीकृत किये जाने वाले नए गैर परिवहन यानों तथा नए परिवहन वाहनों पर 50 प्रतिशत की मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने की स्वीकृति शर्तों के अधीन प्रदान की गयी है।
स्वीकृति अनुसार समस्त यान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 1 (बीएस-1) मानक और पूर्ववती व्यापक उत्सर्जन मानक मानदंडों अनुसार विनिर्मित किये गए है तथा मध्यम मालयान/भारी मालयान/ मध्यम यात्री मोटरयान/भारी पात्री मोटरयान जो व्यापक उत्सर्जन मानक भारत चरण 2 (बीएस-।।) मानदंडों के अनुसार विनिर्मित किये गए हैं, को इसके तहत छूट प्रदान की गयी हैं।
प्रदेश में वर्ष 2024-25 में 1563 नए वाहन पंजीकरण पर लगभग 17 करोड़ 5 लाख रूपये की छूट प्रदान की गई है। वर्तमान में BS-1 एवं BS-II श्रेणी के लगभग 99 हजार मोटरयान ऑनरोड है। इनको मोटरयान कर में 50% छूट दिए जाने पर 100 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पंजीकृत वाहन स्क्रेपिंग सुविधा में स्क्रेपिंग को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त होगी। भारत में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (बीएस-1) उत्सर्जन मानदण्डों को सबसे पहले अप्रैल 2000 में लाया गया था।
स्वीकृति अनुसार जिस व्यक्ति के नाम से तत्समय "Certificate of Deposih धारित होगा उसी व्यक्ति के नाम पर नया वाहन क्रय किये जाने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। वाहन स्वामी दवारा नया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन और लाभ प्राप्त करने के लिए, "Certificate of Deposit एक आवश्यक और पर्याप्त दस्तावेज होगा, इस प्रमाण-पत्र की वैधता जारी होने की तिथि से 3 वर्ष होगी।
"सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट" इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनिमय योग्य होगा। प्रत्येक नए मालिक को "Certificate of Deposit" का हस्तांतरण फॉर्म 2 डी के अनुसार ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। "Certificate of Deposit" का एक बार उपयोग हो जाने पर, उस क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय या डीलर दवारा उसे वाहन डेटाबेस में "रद्द" के रूप में चिह्नित कर दिया जाएगा, जिसके द्वारा उक्त प्रमाण-पत्र के धारक को लाभ प्रदान किया गया है।
मोटरयान कर में छूट तभी प्रदान की जाएगी, जब नया वाहन मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत किसी आर.वी.एस.एफ द्वारा ही जारी "Cerificate of Deposit के विरुद्ध पंजीकृत किया जाये। यदि "Certificate of Deposit" मध्यप्रदेश राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में स्थित आर.वी.एस.एफ. दवारा जारी किया गया हो तो मोटरयान कर में छूट प्रदान नहीं की जाएगी।
जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है उसी श्रेणी का नया वाहन क्रय करने पर मोटर यान कर में छूट प्रदान की जाएगी। जीवनकाल कर जमा किये जाने की स्थिति में गैर-परिवहन/परिवहन यानों पर 50% मोटरयान कर में एकमुश्त छूट प्रदान की जाएगी। जिन वाहनों पर मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक आधार पर कर उद्ग्रहित किया जाता है, उन्हें मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक कर में 8 वर्ष तक 50% की छूट प्रदान की जाएगी।
मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग द्वारा 8 सितंबर 2022 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली मोटरयान कर की छूट उन वाहनों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें इस अधिसूचना के अंतर्गत मोटर यान कर छूट प्रदान की गई है।
दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में बड़ा हादसा
वाराणसी में बाढ़ का कहर गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा पार घाट जलमग्न मोहल्लों में घुसा पानी
शहरवासी और प्रशासन दोनों इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एकजुट होकर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन गंगा के रौद्र रूप ने वाराणसी की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।