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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 3 और 4 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरे पर जा रहे हैं। शिवराज सिंह 3 और 4 जुलाई 2025 को दो दिवसीय यात्रा के दौरान उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और कृषि, ग्रामीण विकास व शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
3 जुलाई को सुबह शिवराज सिंह चौहान श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद दोपहर में प्राकृतिक खेती एवं राष्ट्रीय तिलहन मिशन पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति सलाहकार समिति की बैठक में भाग लेंगे। शाम को जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा के साथ राजभवन में शिष्टाचार भेंट करेंगे।
यात्रा के दूसरे दिन 4 जुलाई को शिवराज सिंह चौहान शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST-K), श्रीनगर के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम SKUAST-K के शालीमार कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री एवं SKUAST-K के प्रो चांसलर उमर अब्दुल्ला भी उपस्थित रहेंगे।
इस दीक्षांत समारोह में 5,250 छात्रों को स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, 150 स्वर्ण पदक एवं 445 मेरिट प्रमाण पत्र मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जाएंगे।
दीक्षांत समारोह के उपरांत शिवराज सिंह SKUAST परिसर में केसर और सेब बागानों का अवलोकन करेंगे और वहां के बागवानी वैज्ञानिकों व किसानों से बातचीत करेंगे। इसके उपरांत केंद्रीय कृषि मंत्री खोनमोह गांव में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि की प्रतीक ‘लखपति दीदियों’ के साथ संवाद करेंगे।
शिवराज सिंह का यह दौरा जम्मू-कश्मीर में स्थायी कृषि, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दौरान शिवराज सिंह ने जम्मू का दौरा कर किसानों से संवाद किया था। अभियान के अनुभवों को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान लगातार विभिन्न राज्यों और गाँवों में जाकर किसानों से सीधी बातचीत कर रहे हैं।
लाखों भक्तों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है श्री धूनी वाले दादा का मंदिर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर जिलेवासियों सहित निमाड़ क्षेत्र के भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह केवल एक मंदिर नहीं लाखों भक्तों की आस्था एवं उनकी श्रद्धा का प्रतीक है। मंदिर निर्माण की कई बरसों पूर्व की कामना आज शिलान्यास के साथ पूर्ण हुई जो एक नए आध्यात्मिक युग का प्रारंभ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित श्री दादाजी दरबार भूमि-पूजन महोत्सव में पहुँचकर समाधि के दर्शन और पूजन-अर्चन किया। उन्होने भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन स्थल पर पुष्प अर्पित किए। श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर के भव्य निर्माण के लिए भूमि-पूजन वेद-ऋचाओं के उच्चारण के साथ संतों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों की उपस्थिति में हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री दादाजी दरबार में श्री बड़े और छोटे दादाजी महाराज की समाधियों के दर्शन कर पूजन अर्चन किया और धूनीमाई में आहूति अर्पित कर प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधी स्थल पर संतों की उपस्थिति में पुष्प अर्पित किये।
श्री धूनी वाले दादाजी मंदिर का निर्माण 22 एकड़ भूमि पर 100 करोड़ की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा जितना संभव हो उतना मंदिर का निर्माण कार्य किया जाए, उसके बाद शेष रहे कार्य का निर्माण शासन द्वारा किया जाएगा। मंदिर का निर्माण शिर्डी एवं अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर विभिन्न चरणों में किया जाएगा। मंदिर निर्माण में संगमरमर का उपयोग होगा। निर्माण कार्य का प्रारंभ गुरु पूर्णिमा के बाद किया जाएगा। भव्य मंदिर निर्माण में आधुनिक गौशाला, सेवाधारी निवास, पार्किंग व्यवस्था, भक्त निवास, भोजनशाला एवं नर्मदा परिक्रमावासी विश्रामस्थल का निर्माण किया जाएगा।
लापरवाह अधिकारीयों पर होगी सख्त कार्यवाही: राज्यमंत्री गौर
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि समय पर काम नहीं करने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही होगी। राज्यमंत्री गौर सोमवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड 66 में जनसंपर्क के दौरान जनता की समस्याओं को सुन रही थी। उन्होंने गोविंदपुरा क्षेत्र में जे.के. रोड स्थित गोयल अपार्टमेंट क्षेत्र के रहवासियों द्वारा नाली सफाई, जर्जर सर्विस रोड और रात्रि के समय अंधेरे के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए निर्देश दिए।
राज्यमंत्री गौर ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इंद्रपुरी -ए- सेक्टर में जनसंपर्क के दौरान पार्क की स्वच्छता, घास की कटाई एवं सौंदर्यीकरण के लिये आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नाली में जमा कचरे की शीघ्र सफाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। छत्तीसगढ़ लेबर कॉलोनी का निरीक्षण कर रहवासियों से संवाद किया। स्थानीय समस्याओं विशेषकर नाली सफाई, नाली निर्माण और सीवेज लाइन से संबंधित प्रकरणों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
छत्रसाल नगर फेस- 1 के रहवासियों ने बताया कि आसपास की कॉलोनियों में जल भराव हो जाता है। सड़के जर्जर हो चुकी हैं, पेयजल की भी समस्या है। राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सड़क बनाने और पानी की टंकी का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। रविदास नगर के पार्क में पौधरोपण किया और रहवासियों की मांग पर गणेश उत्सव के पहले शेड निर्माण, पेपर ब्लॉक व फ्लोरिंग कार्य कराए जाने के लिये निर्देश दिए। साथी ही नर्मदा जल के लिए बल्क कनेक्शन दिए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। भारत नगर में जर्जर हो गई सड़कों के निर्माण, पार्क की बाउंड्री वॉल और सौंदर्यकरण के निर्देश दिए। नैनागिरी आजाद पार्क में नाले पर से अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई के निर्देश दिए। बार-बार बिजली जाने और वोल्टेज कम होने की शिकायत को दूर करने अधिकारियों को निर्देशित किया। छत्रसाल नगर फेज -2 में शहीद मनोज सोनी स्मृति पार्क के सौंदर्यकरण, हाईमास्ट लगाने और पेड़ों की छटाई के निर्देश दिए। कॉलोनियों की नालियां चौक हो गई है, उन्हें साफ करने, सीवेज लाइन की मरम्मत और जर्जर सड़कों को बनाने के निर्देश भी दिए। कर्मवीर नगर पार्क में नवनिर्मित कम्युनिटी हॉल का निरीक्षण कर अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान पार्षद शिरोमणि शर्मा, उर्मिला मोर्य, लवकुश यादव, सुभाष पगारे, भीकम सिंह बघेल, राकेश राजपूत, छोटू पंडित और अधिकारी मौजूद रहे।
नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर कर्मचारी चयन मण्डल को त्वरित रूप से मांग पत्र प्रेषित किए जाएं। फार्मासिस्ट ग्रेड-2, नेत्र सहायक तथा ओ.टी. टेक्नीशियन के पदों की पूर्ति के लिये भी भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने के भी निर्देश दिए गए। मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स से नियुक्ति संबंधी वर्तमान व्यवस्था में केवल अकुशल पदों की स्वीकृति है, जबकि विभागीय समिति द्वारा कुशल पदों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। इस विषय में व्यावहारिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रस्ताव तैयार कर केबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे उच्च स्तरीय सेवाओं का विधिवत एवं गुणवत्तापूर्ण प्रदाय सुनिश्चित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय योजनाओं, भर्ती प्रक्रिया, अधोसंरचना विकास, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता की वृहद समीक्षा कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे हृदय रोगों विशेष रूप से बायपास सर्जरी की सुविधा ग्वालियर संभाग में सुलभ हो सके। इसी प्रकार इंदौर मेडिकल कॉलेज में नवजात एवं बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक्स/नियोनेटोलॉजी) विभाग की स्थापना की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व की निवेश नीति के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये। बंधपत्रधारी चिकित्सकों की जिला स्तर पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति में अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को सेवा की महत्ता, दायित्व एवं प्रभावी संचालन के लिए प्रेरित करना और ज़िम्मेदारियों से अवगत होना आवश्यक है जिससे उनकी उपयोगिता को बेहतर बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एचआरपी (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) केंद्रों पर धात्री महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही कक्ष में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिससे उनकी देखभाल सहज, सुरक्षित और समेकित रूप में संभव हो सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने फार्मेसी काउंसिल में पंजीयन एवं नियामक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में आवश्यक परिवर्तन की कार्यवाही की समीक्षा की और शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 600 आयुष मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पतालों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे कानूनी प्रकरणों एवं पोस्टमार्टम संबंधी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आउटसोर्स मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब की स्थापना के लिए दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएम-अभीम) अंतर्गत स्वीकृत राशि का उपयोग वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित किए जाने के लिए समयबद्ध योजना तैयार कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के लिए कार्य योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र में कैंसर रोगियों को उत्कृष्ट उपचार सुविधा मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव संदीप यादव एवं आयुक्त तरुण राठी उपस्थित रहे।
अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश की भागीदारी और उपलब्धियां बढ़ाना राज्य सरकार का लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश की भागीदारी और उपलब्धियां बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग दे रही है। वर्ष 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक सहित सभी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और बड़ी संख्या में पदक लाएं, इस लक्ष्य के साथ प्रदेश में खेल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार प्रदेश में खेल अधोसंरचना विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण के साथ-साथ अन्य सहायता व प्रोत्साहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। राज्य शासन मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ की जबलपुर में आयोजित वार्षिक बैठक को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवक कल्याण मनु श्रीवास्तव इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ वर्ष 1952 से अर्थात् 73 साल से खेल के क्षेत्र में लगातार कार्यरत है। मध्यप्रदेश का 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा और प्रदेश ने पहली बार तीसरा स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश में खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में 22 से ज्यादा हॉकी के एस्ट्रोटर्फ हैं और 15 एथलेटिक ट्रैक हैं, जो कि देश में किसी भी प्रदेश में नहीं है। मध्यप्रदेश में 18 एक्सीलेंस एकेडमी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओलंपिक संघ के सभी पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। जबलपुर में हुई बैठक में मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।
त्याग और अनुशासन सच्ची देशभक्ति की नींव हैं: सर्बानंद सोनोवाल
नईदिल्ली। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के स्वर्ण जयंती उद्घाटन समारोह में भाग लिया। श्री सोनोवाल ने आध्यात्मिकता, सामाजिक सद्भाव और चरित्र निर्माण पर आधारित संगठन की पचास वर्षों की निस्वार्थ सेवा की प्रशंसा की।
अपने भाषण में सोनोवाल ने ब्रह्माकुमारीज़ को एक " परिवर्तनकारी शक्ति " बताया, जो ध्यान, मानवीय मूल्यों और आध्यात्मिक अनुशासन की शक्ति के माध्यम से समाज को नकारात्मकता से दूर कर नैतिकता की ओर ले जा रही है।
सोनोवाल ने कहा कि पिछले पचास वर्षों से प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ने न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि हमारे समाज की आत्मा का भी पोषण किया है। उनकी अथक सेवा ' अंत्योदय ' के दृष्टिकोण को दर्शाती है - पंक्ति में अंतिम व्यक्ति का उत्थान - जिसे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अपने शासन में बढ़ावा देते हैं।
सोनोवाल ने कहा कि करुणा, चरित्र और हाशिए पर रहे लोगों के सशक्तिकरण से प्रेरित प्रधानमंत्री मोदी का समावेशी विकास का मॉडल ब्रह्माकुमारीज द्वारा अपनाए गए मूल्यों के साथ मेल खाता है। श्री सोनोवाल कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास केवल एक नारा नहीं है बल्कि यह एकता और उत्थान के प्रति एक आध्यात्मिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि बलिदान, धैर्य और नैतिक शक्ति एक मजबूत राष्ट्र के आधार स्तंभ हैं।
सोनोवाल ने मातृ सद्गुणों और राष्ट्रीय चरित्र के बीच समानताएं बताते हुए कहा की जिस तरह एक मां धैर्य और मूल्यों के साथ बच्चे का पालन पोषण करती है ठीक उसी तरह ब्रह्माकुमारी जैसे संगठन चरित्र, आत्म-अनुशासन और आत्म-साक्षात्कार का पोषण करके समाज को आकार देते है । उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि त्याग और अनुशासन पुराने जमाने के आदर्श नहीं हैं बल्कि बीते हुए कल के वो गुण हैं जो सच्ची देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की नींव रखते हैं।
तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक बदलावों के बीच आज के युवाओं का मार्गदर्शन करने की जरूरत पर बल देते हुए श्री सोनोवाल ने कहा कि आज की दुनिया में जहां धैर्य की परीक्षा होती है और मूल्यों को लगातार चुनौती दी जाती है, ऐसे में जिसके पास सहन शक्ति है, वही हमारी महाशक्ति है ।
PAN Card के नियमों में किया गया बदलाव, अब घर बैठे आसानी से बनाएं
PAN Card: सरकार ने पैन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव किया है. 1 जुलाई 2025 से पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है. यदि किसी व्यक्ति के पास आधार नहीं है, तो वह अब नया पैन कार्ड नहीं बनवा पाएगा. इस कदम का उद्देश्य कर चोरी रोकना और दस्तावेजी पारदर्शिता को बढ़ावा देना है.
जिन व्यक्तियों के पास पहले से पैन कार्ड है, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक अपने पैन को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा. ऐसा न करने पर उनका पैन 1 जनवरी 2026 से ‘निष्क्रिय’ (Inactive) घोषित कर दिया जाएगा. यानी वे उस पैन नंबर का उपयोग किसी भी वित्तीय कार्य में नहीं कर सकेंगे.
पैन (स्थायी खाता संख्या) आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक पहचान पत्र है. यह दस्तावेज़ निम्नलिखित कार्यों में अनिवार्य है:
यदि आपके पास अभी तक पैन कार्ड नहीं है, तो आप इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाकर सिर्फ 10 मिनट में फ्री में ई-पैन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए आधार नंबर अनिवार्य है और मोबाइल नंबर उससे लिंक होना चाहिए.
यदि आप डिजिटल के बजाय फिजिकल पैन कार्ड मंगवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ₹107 शुल्क देना होगा. यह कार्ड 15 से 30 दिनों के भीतर डाक द्वारा आपके पते पर भेज दिया जाएगा.
अहमदाबाद में स्थापित होगा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम का कार्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम का एक कार्यालय अहमदाबाद में आरंभ किया जाएगा। मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने की पहल सूरत में रंग लाई जहां निवेशकों से 15,710 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए हैं। इन प्रस्तावों के फलीभूत होने पर 11,250 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। औद्योगिक तथा व्यापार गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रक्रियाओं में सरलता, सुगमता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और समय सीमा का पालन महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार इन सभी बिंदुओं के साथ प्रदेश में पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाते हुए प्रदेश भारी उद्योग, एमएसएमई सहित लघु और कुटीर उद्योगों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सूरत ऐतिहासिक रूप से देश- दुनिया में उद्योग और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से औद्योगिक समूहों से जुड़ाव बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा यह इन्टरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर होटल मेरियट सूरत में आयोजित इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में राज्य के औद्योगिक विकास के दीर्घकालिक दृष्टिकोण, अधोसंरचना विस्तार और निवेशकों के लिए बनाए गए भरोसेमंद वातावरण पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, औद्योगिक क्षमताओं, अधोसंरचना और नीतिगत नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की 39 प्रतिशत कृषि विकास दर, विभिन्न उद्योगों के लिए आवश्यक स्क्लिस से युक्त मानव संसाधन और पर्याप्त खनिज उपलब्धता राज्य को सभी सेक्टर्स के लिए उपयुक्त बनाते हैं। प्रदेश में वस्त्र उद्योग, फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य,पर्यटन सहित सभी क्षेत्रों में विस्तार की पर्याप्त संभावना है। हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से सीधे संबंधित के बैंक खाते में पहुंचनी चाहिए। सरकार ने छोटे और बड़े सभी कारोबारियों को उनके हक का एक-एक रुपया भेजने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात भारत ही नहीं दुनिया में सिरमौर है। उन्होंने महात्मा गांधी और सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत कुछ ही वर्षों में विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज सुरक्षित और समृद्ध है। अयोध्या में बना भव्य श्रीराम मंदिर, महाकाल महालोक और वाराणसी का बदला स्वरूप प्रधानमंत्री श्री मोदी की आभा का विस्तार कर रहा है। गुजरात ने ही देश को सरदार वल्लभ भाई पटेल और श्री अमित शाह जैसे विलक्षण गृह मंत्री दिए हैं।
महंगी हुई Mercedes Benz की कारें, कंपनी ने बढ़ाई कीमतें
Mercedes Benz : जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता Mercedes Benz ने भारतीय बाजार में अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। यानी अब मर्सिडीज की कारें खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा रकम चुकानी होगी।
Mercedes Benz की ओर से कीमतों में इजाफे की वजह इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन पर दबाव बताई गई है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत के चलते यह कदम जरूरी हो गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अलग-अलग मॉडल्स पर कीमतों में 2% से लेकर 3% तक की बढ़ोतरी की गई है। उदाहरण के लिए –
ए-क्लास लिमोजीन, सी-क्लास और ई-क्लास जैसी लोकप्रिय सेडान की कीमत में करीब ₹1 लाख से ₹2 लाख तक इजाफा हुआ है।
जीएलसी, जीएलई और जी-क्लास जैसी SUV की कीमत में ₹2 लाख से ₹4 लाख तक बढ़ोतरी की गई है।
हाई-एंड मॉडल जैसे S-Class और AMG कारों की कीमत में भी करीब ₹4 लाख से ₹6 लाख तक की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी की ओर से यह बढ़ी हुई कीमतें 29 जून 2025 से लागू कर दी गई हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज तेलंगाना के निज़ामाबाद में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय का उद्घाटन किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज तेलंगाना के निज़ामाबाद में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय कोयला और खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी और केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर, विशेषकर तेलंगाना, के हल्दी की खेती करने वाले करोड़ों किसानों की 40 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशभर के हल्दी की खेती करने वाले किसानों, विशेषकर तेलंगाना और निज़ामाबाद, के साथ किया गया वायदा आज पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि निज़ामाबाद कई दशकों से हल्दी की राजधानी के रूप में जाना जाता है और यहां के किसान सदियों से हल्दी उगा रहे हैं, लेकिन उसे वैश्विक बाज़ार नहीं मिल रहा है। श्री शाह ने कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड बनने से 3-4 साल में ही निज़ामाबाद की हल्दी दुनिया के अधिकतर देशों में पहुंचेगी।
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के विधिवत रूप से काम शुरू करने के बाद हल्दी के किसानों को बिचौलियों से आज़ादी मिलेगी। राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड, हल्दी की पैकिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का पूरा चैनल तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि हल्दी एंटी-वायरल, एंटी-कैंसर और एंटी-इन्फ्लेमेट्री है और औषधीय गुणों के कारण इसे दुनियाभर में वंडर ड्रग के रूप में जाना जाता है। शाह ने कहा कि हल्दी एक आश्चर्यजनक दवा है जिसका थोड़ी सी मात्रा में सेवन करने पर ही कई रोग एकसाथ मानव शरीर से समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब ऑर्गेनिक हल्दी का जीआई टैग उत्पादन और जीआई टैग मार्केटिंग भी शुरू कर दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी की बातों से विद्यार्थियों को मिलता उत्साह और प्रेरणा: राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री की मन की बात ज्ञान की बातों का कार्यक्रम है। इसमें ज्ञान और संस्कार की बातें होती है। देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरक कार्यों और प्रसंगों की जानकारी होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातों से विद्यार्थियों को नया उत्साह और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतें बड़े बदलाव का कारण बनती है। कार्यक्रम ज्ञान की बातों का खजाना है। इसलिए जरूरी है कि प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम सुनना आदत बनाई जाए। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के सभी छात्र-छात्राओं और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 9 से लेकर 12 वीं तक के सभी विद्यार्थी प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम में शामिल हो। कोई छात्र-छात्रा कार्यक्रम से वंचित नहीं हो।
राज्यपाल पटेल ने यह बात भोपाल में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ चर्चा में कहीं। राज्यपाल एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को बच्चों के साथ सुनने के लिए पहुँचे थे। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने विद्यालय के बालिका छात्रावास का निरीक्षण भी किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बातें गागर में सागर के समान होती है। उसमें अच्छे जीवन के मंत्र होते हैं। उत्कृष्ट कार्यों का बखूबी जिक्र होता है। नवाचार और सफलता के किस्से होते हैं। विभिन्न विषयों की वृहद जानकारियां अल्प अवधि में उपलब्ध हो जाती है, जो हमें जीवन की सही दिशा दिखाती है। अनेक चुनौतियों और समस्याओं के समाधान भी हमें कार्यक्रम में मिल जाते हैं।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में ग्रामीण आजीविका, विकास और जन कल्याणकारी कार्यों का विवरण मिलता है। अत्यंत प्रेरणादायी और मार्गदर्शी विकास की नई पहल और सफलता की कहानियों का पता चलता है। उन्होंने प्रदेश की समस्त पेसा ग्राम सभाओं के पदाधिकारियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम प्रसारण दिवस पर ग्राम सभाओं का आयोजन करने का प्रयास करें। कार्यक्रम में सहभागिता से ग्राम सभा सदस्यों को ग्राम विकास और कल्याण प्रयासों का दिशा का दर्शन होगा। विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि सार्थक ज्ञान वही है जो संस्कार युक्त हो। उच्च शिक्षित होना पर्याप्त नहीं है। अच्छा जीवन जीना महत्त्वपूर्ण है, जिसमें दायित्व का बोध हो। उन्होंने कहा कि संस्कारित जीवन के लिए बचपन से ही प्रयास किए जाना जरुरी है। उन्होंने आवासीय विद्यालय के शिक्षकों, प्रबंधकों और विद्यार्थियों को मिलकर संकल्प के साथ इस दिशा में प्रयास करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दिन की अच्छी शुरुआत, अच्छे जीवन का सबक है। सूर्योदय के साथ प्रातः विधि के बाद कक्ष की सफाई और उसे सुव्यवस्थित करें। उसके बाद स्नान ध्यान कर नाश्ते के बाद अध्ययन प्रारम्भ करना चाहिए।
राज्यपाल पटेल ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पहुँचने पर जनजातीय नायक एकलव्य की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। राज्यपाल का तुलसी का पौधा और पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। जनजातीय कलाकृति स्मृति स्वरूप भेंट की गई। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत की संगीतमय प्रस्तुति दी।
डॉ. मनसुख मंडाविया ने पालिताना में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का नेतृत्व किया; 'स्वच्छता सेनानियों' के साथ देश भर में 6,000 स्थलों पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन
युवा मामलों एवं खेल तथा श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज सुबह गुजरात के पालिताना में एक विविध समूह, विशेष रूप से 'स्वच्छता सेनानियों', जो हमारे अग्रिम पंक्ति के स्वच्छता योद्धा हैं के साथ फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के एक विशेष संस्करण का नेतृत्व किया। यह साइकिलिंग अभियान देश भर में एक साथ 6,000 स्थानों पर आयोजित किए गए, जिसमें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के विभिन्न कर्मचारी और संबंधित कार्यकर्ता, स्वच्छता कर्मचारी, नगर पालिका निगम के कर्मचारी, साथ ही राज्य और जिला नगर निगमों ने केंद्रीय भूमिका निभाई।
यह दिसंबर 2024 में देशव्यापी शुरू हुए साइकिलिंग अभियान का 29वां संस्करण था। फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी विशेष रूप से किया है, जो भारत के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रमुख अभियानों में से एक के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करता है।
पालिताना में, भावनगर जिले के विभिन्न साइकिलिंग क्लबों ने इसमें भाग लिया। अपने गृहनगर पालिताना में, डॉ. मंडाविया ने दोहराया कि यह अभियान अब एक आंदोलन बन गया है। डॉ. मंडाविया ने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2019 में शुरू किया गया फिट इंडिया आंदोलन संडे ऑन साइकिल के माध्यम से सर्वोत्तम संभव तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह अब सिर्फ एक अभियान नहीं है बल्कि एक आंदोलन है।" उन्होंने कहा, "स्वच्छता सेनानियों के नेतृत्व में, हम एक मजबूत संकेत भेज रहे हैं कि फिटनेस और स्वच्छता साथ-साथ चलते हैं। हर किसी को, बड़ा हो या छोटा, विकसित भारत के लिए अपना योगदान देना चाहिए और हमें इस आधुनिक पीढ़ी में साइकिलिंग को एक प्रवृत्ति बनाना है।"
शहरी स्थानों से लेकर छोटे कस्बों तक नागरिक एक स्वस्थ जीवन शैली के प्रति अपनी एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए सुबह-सुबह सड़कों पर नजर आए। स्वच्छता सेनानियों के अलावा, विधान सभा सदस्य (एमएलए), स्थानीय पुलिस और एनएसएस व एनवाईकेएस के माईभारत स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, प्रतिष्ठित कनॉट प्लेस पर लगभग 1,000 साइकिल चालकों की भीड़ इस कार्यक्रम के लिए एकत्रित हुई, जिसकी सह-मेजबानी राहगीरी फाउंडेशन और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने की थी। मुख्य अतिथि पद्म श्री पुरस्कार विजेता और पूर्व राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता बबीता फोगाट ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक फिटनेस से कहीं बढ़कर एक आंदोलन बन रहा है।
फोगाट ने कहा, "जब हमारे प्रधानमंत्री ने यह अभियान शुरू किया, तो हम इसका हिस्सा बनकर रोमांचित थे। ऐसे आयोजन हमें मानसिक संतुष्टि देते हैं और हमारे युवाओं को सक्रिय जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। आज सुबह, सीपी में मौजूद हर कोई सिर्फ फिट इंडिया और संडे ऑन साइकिल के बारे में बात कर रहा था। उत्साह भरा हुआ था, और मुझे यकीन है कि कई लोग जिन्होंने वर्षों में पहली बार साइकिल चलाई, वे ऐसा करना जारी रखेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।"
साइकिलिंग के अलावा, इस आयोजन में कई अन्य गतिविधियाँ भी प्रमख आकर्षण रहीं। इनमें जुम्बा, रस्सी कूद, लोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक, योगा सत्र और ओपन माइक जैसे कार्यक्रम शामिल थे। रस्सी कूद एक्टीविटी का आयोजन डॉ. शिखा गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम ने किया था।
केंद्रीय युवा मामलों एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा दिसंबर 2024 में शुरू किया गया 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' आंदोलन, युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई), माई भारत और योगासन भारत के सहयोग से अब तक देश भर में 11,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया जा चुका है, जिसमें 4 लाख से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया है। इस अभियान का हिस्सा 2,000 से अधिक साइकिलिंग क्लब हैं और हर रविवार को सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं। इन साइकिलिंग ड्राइव का संचालन कई खेलो इंडिया सेंटर्स (केआईसी), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई), साई ट्रेनिंग सेंटर्स (एसटीसी), खेलो इंडिया एक्रेडिटेड अकादमियां (केआईएए), क्षेत्रीय केंद्र (आरसी) साथ ही देश भर के विभिन्न राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) द्वारा किया जाता है।
मन की बात की 123वीं कड़ी में प्रधानमंत्री के सम्बोधन का मूल पाठ (29.06.2025)
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। ‘मन की बात’ में आप सबका स्वागत है, अभिनंदन है। आप सब इस समय योग की ऊर्जा और ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की स्मृतियों से भरे होंगे। इस बार भी 21 जून को देश-दुनिया के करोड़ों लोगों ने ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ में हिस्सा लिया। आपको याद है, 10 साल पहले इसका प्रारंभ हुआ। अब 10 साल में ये सिलसिला हर साल पहले से भी ज्यादा भव्य बनता जा रहा है। ये इस बात का भी संकेत है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने दैनिक जीवन में योग को अपना रहे हैं। हमने इस बार ‘योग दिवस’ की कितनी ही आकर्षक तस्वीरें देखी हैं। विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर तीन लाख लोगों ने एक साथ योग किया। विशाखापत्तनम से ही एक और अद्भुत दृश्य सामने आया, दो हजार से ज्यादा आदिवासी छात्रों ने 108 मिनट तक 108 सूर्य नमस्कार किए। सोचिए, कितना अनुशासन, कितना समर्पण रहा होगा। हमारे नौसेना के जहाजों पर भी योग की भव्य झलक दिखी। तेलंगाना में तीन हजार दिव्यांग साथियों ने एक साथ योग शिविर में भाग लिया। उन्होंने दिखाया कि योग किस तरह सशक्तिकरण का माध्यम भी है। दिल्ली के लोगों ने योग को स्वच्छ यमुना के संकल्प से जोड़ा और यमुना तट पर जाकर योग किया। जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज, जो दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे ब्रिज है, वहाँ भी लोगों ने योग किया। हिमालय की बर्फीली चोटियाँ और ITBP के जवान, वहाँ भी योग दिखा, साहस और साधना साथ-साथ चले। गुजरात के लोगों ने भी एक नया इतिहास रचा। वडनगर में 2121 (इक्कीस सौ इक्कीस) लोगों ने एक साथ भुजंगासन किया और नया रिकॉर्ड बना दिया। न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो, पेरिस, दुनिया के हर बड़े शहर से योग की तस्वीरें आई और हर तस्वीर में एक बात खास रही, शांति, स्थिरता और संतुलन। इस बार की theme भी बहुत विशेष थी, ‘Yoga for One Earth, One Health, यानि, ‘एक पृथ्वी - एक स्वास्थ्य’। ये सिर्फ एक नारा नहीं है, ये एक दिशा है जो हमें ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का अहसास कराती है। मुझे विश्वास है, इस बार के योग दिवस की भव्यता ज्यादा से ज्यादा लोगों को योग को अपनाने के लिए जरूर प्रेरित करेगी।
मेरे प्यारे देशवासियो, जब कोई तीर्थयात्रा पर निकलता है, तो एक ही भाव सबसे पहले मन में आता है, “चलो, बुलावा आया है”। यही भाव हमारे धार्मिक यात्राओं की आत्मा है। ये यात्राएं शरीर के अनुशासन का, मन की शुद्धि का, आपसी प्रेम और भाईचारे का, प्रभु से जुड़ने का माध्यम है। इनके अलावा, इन यात्राओं का एक और बड़ा पक्ष होता है। ये धार्मिक यात्राएं सेवा के अवसरों का एक महाअनुष्ठान भी होती है। जब कोई भी यात्रा होती है तो जितने लोग यात्रा पर जाते हैं उससे ज्यादा लोग तीर्थयात्रियों की सेवा के काम में जुटते हैं। जगह-जगह भंडारे और लंगर लगते हैं। लोग सड़कों के किनारे प्याऊ लगवाते हैं। सेवा-भाव से ही Medical Camp और सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। कितने ही लोग अपने खर्च से तीर्थयात्रियों के लिए धर्मशालाओं की, और, रहने की व्यवस्था करते हैं।
साथियो,
लंबे समय के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुभारंभ हुआ है। कैलाश मानसरोवर यानी भगवान शिव का धाम। हिन्दू, बौद्ध, जैन, हर परंपरा में कैलाश को श्रद्धा और भक्ति का केंद्र माना गया है। साथियो, 3 जुलाई से पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है और सावन का पवित्र महीना भी कुछ ही दिन दूर है। अभी कुछ दिन पहले हमने भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा भी देखी है। ओडिशा हो, गुजरात हो, या देश का कोई और कोना, लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम, ये यात्राएं ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव का प्रतिबिंब है। जब हम श्रद्धा भाव से, पूरे समर्पण से और पूरे अनुशासन से अपनी धार्मिक यात्रा सम्पन्न करते हैं तो उसका फल भी मिलता है। मैं यात्राओं पर जा रहे सभी सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ। जो लोग सेवा भावना से इन यात्राओं को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हैं, उन्हें भी साधुवाद देता हूँ।
मेरे प्यारे देशवासियो, अब मैं आपको देश की दो ऐसी उपलब्धियों के बारे में बताना चाहता हूँ, जो आपको गर्व से भर देंगी। इन उपलब्धियों की चर्चा वैश्विक संस्थाएं कर रही हैं। WHO यानी ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ और ILO यानी International Labour Organization ने देश की इन उपलब्धियों की भरपूर सराहना की है। पहली उपलब्धि तो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी है। आप में से बहुत से लोगों ने आँखों की एक बीमारी के बारे में सुना होगा – Trachoma। ये बीमारी Bacteria से फैलती है। एक समय था जब ये बीमारी देश के कई हिस्सों में आम थी। ध्यान नहीं दिया जाए, तो इस बीमारी से धीरे-धीरे आँखों की रोशनी तक चली जाती थी। हमने संकल्प लिया कि Trachoma को जड़ से खत्म करेंगे। और मुझे आपको ये बताते हुए बहुत खुशी है कि – ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ यानी WHO ने भारत को Trachoma free घोषित कर दिया है। अब भारत Trachoma मुक्त देश बन चुका है। ये उन लाखों लोगों की मेहनत का फल है, जिन्होंने बिना थके, बिना रुके, इस बीमारी से लड़ाई लड़ी। ये सफलता हमारे health workers की है। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से भी इसे मिटाने में बड़ी मदद मिली। ‘जल जीवन Mission’ का भी इस सफलता में बड़ा योगदान रहा। आज जब घर-घर नल से साफ पानी पहुँच रहा है, तो ऐसी बीमारियों का खतरा कम हो गया है। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ WHO ने भी इस बात की सराहना की है कि भारत ने बीमारी से निपटने के साथ-साथ उसके मूल कारणों को भी दूर किया है।
साथियो,
आज भारत में ज्यादातर आबादी किसी-ना-किसी social protection benefit का फायदा उठा रही है और अभी हाल ही में International Labour Organization – ILO की बड़ी अहम Report आई है। इस Report में कहा गया है कि भारत की 64% (sixty-four percent) से ज्यादा आबादी को अब कोई-ना-कोई Social Protection Benefit जरूर मिल रहा है। सामाजिक सुरक्षा - ये दुनिया की सबसे बड़ी coverage में से एक है। आज देश के लगभग 95 करोड़ (ninety-five crore) लोग किसी-न-किसी social security योजना का लाभ पा रहे हैं, जबकि, 2015 तक 25 करोड़ से भी कम लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुँच पाती थी।
साथियो,
भारत में स्वास्थ्य से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक, हर क्षेत्र में देश saturation की भावना से आगे बढ़ रहा है। ये सामाजिक न्याय की भी उत्तम तस्वीर है। इन सफलताओं ने एक विश्वास जगाया है, कि आने वाला समय और बेहतर होगा, हर कदम पर भारत और भी सशक्त होगा।
मेरे प्यारे देशवासियो, जन-भागीदारी की शक्ति से, बड़े-बड़े संकटों का मुकाबला किया जा सकता है। मैं आपको एक audio सुनाता हूँ, इस audio में आपको उस संकट की भयावहता का अंदाजा लगेगा। वो संकट कितना बड़ा था, पहले वो सुनिए, समझिए।
राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की मंथन बैठक 30 जून को
नईदिल्ली। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा 30 जून 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों की एक मंथन बैठक आयोजित की जा रही है। यह मंथन बैठक माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों एवं सहकारिता विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव भाग लेंगे। यह मंच सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रगति की समीक्षा, विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
इस मंथन बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारिता मंत्रालय की अब तक की पहलों और योजनाओं की समग्र समीक्षा करना, अब तक हुई प्रगति का मूल्यांकन करना, और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुभवों, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं और रचनात्मक सुझावों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है। यह मंथन बैठक माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए साझा समझ और समन्वित रणनीति विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी।
मंथन बैठक में 2 लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी, जो ग्रामीण सेवा वितरण को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए अहम है। मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को सशक्त बनाना है। इसके साथ ही, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के अंतर्गत राज्यों की प्रगति और सहभागिता पर चर्चा होगी।
तीन नई बहु-राज्यीय राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL), राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL), और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) में राज्यों की भागीदारी की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, श्वेत क्रांति 2.0 और भारत के डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी की अवधारणाओं को अपनाने तथा आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत दलहन व मक्का उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर चर्चा होगी। PACS कंप्यूटरीकरण और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (RCS) के कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण जैसे डिजिटल परिवर्तन संबंधी पहलों की भी समीक्षा की जाएगी, विशेष रूप से राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस और इसकी नीति-निर्माण में उपयोगिता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस मंथन बैठक में सहकारी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर चर्चा होगी, विशेषकर त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापना के संदर्भ में। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय मजबूती के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा होगी, जैसे सहकारी बैंकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान, राज्य सहकारी बैंकों (StCBs) और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के लिए साझा सेवा इकाई (SSE) की स्थापना और शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) के लिए अंब्रेला संगठन का संचालन।
यह मंथन बैठक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य स्तरीय सहकारी समितियों को जीवंत आर्थिक इकाइयों में बदलने की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद की भावना के साथ करीबी समन्वय को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा।
जनरल डीएस राणा ने गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट का संभाला पदभार
नईदिल्ली। भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और भावना को दर्शाते हुए एक समारोह में, अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने गढ़वाल राइफल्स के 23वें कर्नल ऑफ द रेजिमेंट के रूप में पदभार संभाला है। वह उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का स्थान लेंगे।
उत्तराखंड के लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ बैटन को औपचारिक रूप से सौंपा गया। इस अवसर पर भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित पैदल सेना रेजिमेंटों में से एक की गौरवशाली वंशावली, वीरता और समय-सम्मानित विरासत का जश्न मनाया गया, जिसमें स्काउट बटालियन सहित 27 बटालियन शामिल थीं।
अपने कार्यकाल के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अनुकरणीय नेतृत्व प्रदान किया और रेजिमेंटल मेल-भाव को मजबूत किया, तथा गढ़वाल राइफल्स को परिभाषित करने वाले व्यावसायिकता और सौहार्द के उच्चतम मानकों को कायम रखा।
लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा एक कुशल नेतृत्वकर्ता और सम्मानित अधिकारी हैं, जो अपने साथ परिचालन अनुभव और रणनीतिक कौशल की दक्षता लेकर आए हैं। 23वीं रेजिमेंट के कर्नल का पदभार ग्रहण करते हुए उन्होंने वीर गढ़वाली योद्धाओं के चरित्र, अनुशासन और सैन्य विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो हमेशा राष्ट्र की सेवा में अडिग रहे हैं।
कार्यवाही के एक भाग के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल डीएस राणा ने गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया और रेजिमेंट के बहादुरों के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हुए युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
Hyundai Creta का नया अवतार 2027 में होगा लॉन्च, पहली बार मिलेगा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन
भारतीय कार बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली SUVs में शामिल Hyundai Creta को कंपनी जल्द ही एक नई पहचान देने जा रही है। फिलहाल Creta अपनी दूसरी जनरेशन में उपलब्ध है, जिसे जनवरी 2024 में लॉन्च किया गया था। अब Hyundai ने इसकी तीसरी जनरेशन पर काम शुरू कर दिया है, जिसे 2027 तक बाजार में उतारने की योजना बनाई गई है।
सबसे खास बात यह होगी कि नई Creta में पहली बार हाइब्रिड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या होगी नई Creta Hybrid की खासियत?
सूत्रों के मुताबिक, तीसरी जनरेशन Hyundai Creta में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन मिलेगा। इसका मतलब है कि इसमें सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड सिस्टम होगा, जिसमें इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर एक साथ काम करेंगे। यह तकनीक न सिर्फ बेहतर माइलेज देगी, बल्कि कार्बन एमिशन भी घटाएगी।
संभावित खास फीचर्स:
स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम
इंजन और मोटर की कंबाइंड पावर
बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी
लो एमिशन लेवल
एडवांस्ड कनेक्टेड फीचर्स और सेफ्टी टेक्नोलॉजी
क्यों खास है यह कदम?
Hyundai की यह पहली कॉम्पैक्ट SUV होगी जिसमें हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दी जाएगी। इससे Creta Hybrid अपने सेगमेंट में एक कदम आगे साबित होगी और Toyota Urban Cruiser Hyryder तथा Maruti Grand Vitara जैसी हाइब्रिड SUVs को सीधी टक्कर देगी।
कब आएगी बाजार में?
कंपनी की योजना 2027 तक तीसरी जनरेशन Creta Hybrid लॉन्च करने की है। हालांकि लॉन्च की सटीक तारीख और कीमत की घोषणा बाद में की जाएगी।
15 अगस्त से शुरू होगी Fastag आधारित वार्षिक टोल पास सुविधा, प्री-बुकिंग अगले सप्ताह से
Fastag : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुगम बनाने के लिए एक बड़ी घोषणा की है। मंत्रालय ने 15 अगस्त से फास्टैग आधारित वार्षिक टोल पास जारी करने का निर्णय लिया है। यह वार्षिक पास तीन हजार रुपये में मिलेगा और इसे राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप के माध्यम से प्री-बुक किया जा सकेगा।
मंत्रालय के अधीन भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को एडवाइजरी जारी कर दी है। एडवाइजरी में बताया गया है कि योजना को लेकर वाहन मालिकों में खासा उत्साह है और देशभर के करीब 800 टोल प्लाजा, एनएचएआई की वेबसाइट और टोल फ्री नंबर पर लोग योजना की जानकारी लेने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
वार्षिक पास की मांग में वृद्धि को देखते हुए प्री-बुकिंग की सुविधा जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू करने की तैयारी है। एनएचएआई के पूर्वी क्षेत्र के अधिकारी ने बताया कि 30 जून तक सभी टोल प्लाजा पर व्यवस्था को पूरी तरह तकनीकी रूप से तैयार कर लिया जाएगा।
वार्षिक पास योजना खासतौर पर गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (कार, जीप, वैन आदि) के लिए लागू होगी। यह पास एक वर्ष या अधिकतम 200 ट्रिप (जो भी पहले हो) तक मान्य रहेगा। पास के जरिए वाहन मालिक देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यात्रा कर सकेंगे।