देश-विदेश
बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक दो दिनों में : चक्रवाती तूफान आने की संभावना
बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए : राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न
कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की एक बैठक की अध्यक्षता की।

नई दिल्ली | भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक ने समिति को पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर अच्छी तरह से चिन्हित कम दबाव वाले क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 22 अक्टूबर की सुबह तक एक दबाव के तीव्र हो जाने और 23 अक्टूबर, 2024 तक पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलने की बेहद संभावना है। उसके बाद, इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 24 अक्टूबर की सुबह तक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर पहुंचने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, 24 अक्टूबर की रात और 25 अक्टूबर, 2024 की सुबह के दौरान इसके 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवा के साथ एक भीषण चक्रवाती तूफान, जिसकी गति बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है, के रूप में पुरी और सागर द्वीप के बीच उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों ने समिति को चक्रवाती तूफान के संभावित रास्ते में पड़ने वाली आबादी की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रारंभिक उपायों और स्थानीय प्रशासन द्वारा उठाये जा रहे विभिन्न कदमों से अवगत कराया। मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए कहा गया है और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें सुरक्षित स्थान पर वापस बुलाया गया है। नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं और वे स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में आश्रय स्थल, बिजली आपूर्ति, दवा और आपातकालीन सेवाएं तैयार रखी गई हैं। असुरक्षित इलाकों में रहने वाले लोगों की निकासी के लिए पहचान कर ली गई है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने पश्चिम बंगाल में 14 टीमों और ओडिशा में 11 टीमों को तैनाती के लिए तैयार रखा है। जहाजों तथा विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव एवं राहत टीमों को तैयार रखा गया है। पारादीप और हल्दिया के बंदरगाहों पर नियमित चेतावनियां और सलाह भेजी जा रही हैं। सेवाओं की तत्काल बहाली के लिए विद्युत मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग द्वारा आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
केन्द्रीय एजेंसियों और ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल सरकार की तैयारी के उपायों की समीक्षा करते हुए, कैबिनेट सचिव ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकारों और केन्द्रीय एजेंसियों द्वारा सभी आवश्यक निवारक एवं एहतियाती उपाय किए जायें। इसका उद्देश्य जीवन की हानि को शून्य रखना और संपत्ति एवं बुनियादी ढांचे को कम से कम नुकसान पहुंचने देना होना चाहिए। क्षति की स्थिति में, आवश्यक सेवाओं को कम से कम समय में बहाल किया जाना चाहिए।
कैबिनेट सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समुद्र में गए मछुआरों को वापस बुला लिया जाए और असुरक्षित इलाकों से लोगों को समय रहते निकाल लिया जाए। उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकार को आश्वासन दिया कि सभी केन्द्रीय एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं और वे सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों को भी भारी बारिश के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी। कैबिनेट सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि बाढ़ की किसी भी स्थिति से बचने के लिए संभावित प्रभावित क्षेत्र में बांध स्थलों से पानी को छोड़ने की प्रकिया को नियंत्रित किया जाना चाहिए।
इस बैठक में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, केन्द्रीय गृह सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, मत्स्यपालन, विद्युत, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग विभाग के सचिव, आंध्र प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, दूरसंचार विभाग के सदस्य (तकनीकी) के अलावा एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख से लेकर चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के अध्यक्ष, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव, भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
पैरामिलिट्री फोर्स की कड़ी निगरानी : जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला, 7 मजदूरों की मौत
पैरामिलिट्री फोर्स की कड़ी निगरानी, सुरक्षा सलाहकार का बयान जारी
नई दिल्ली | जम्मू- कश्मीर के गांदरबल में आतंकवादी हमला हुआ है | आतंकवादियों ने स्थानीय और गैर-स्थानीय मजदूरों पर फायरिंग की, जिसमें 7 की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं | यह हमला सोनबर्ग में एक निर्मानाधीन टनल के पास हुआ | अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने जिले के गुंड इलाके में सुरंग के निर्माण पर काम कर रही एक निजी कंपनी के कैंप में मजदूरों पर गोलीबारी की | उन्होंने बताया कि दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए, वहीं हमलावरों का पता लगाने के लिए पुलिस और सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।

आंतकी हमले के संबंध में कश्मीर जोन पुलिस ने एक्स पर बताया कि गांदरबल के गगनगीर में आतंकी हमला हुआ है | सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है | विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी | मृतकों की पहचान डॉ. शाहनवाज, फहीम नजीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरुमीत सिंह के रूप में हुई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिले में हुए, आतंकवादी हमले की निंदा की | उन्होंने कहा कि इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सुरक्षा बलों की ओर से कड़ी से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा | जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी हमले में गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या को दुखद बताया | उन्होंने इसे कायरतापूर्ण हमला करार दिया | उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर नीचतापूर्ण और कायरतापूर्ण हमले की बहुत दुखद खबर है।
छत्तीसगढ़ की 14 सदस्यीय मीडिया टीम त्रिपुरा राज्य के लिए कल होगी रवाना
रायपुर | पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), भारत सरकार, रायपुर के नेतृत्व में त्रिपुरा राज्य में भारत सरकार प्रवर्तित लोक कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन एवं प्रगति के अवलोकन के साथ ही साथ राज्य के कला, संस्कृति और विरासत को जानने व समझने के लिए छत्तीसगढ़ की 14 सदस्यीय मीडिया टीम कल, 22 अक्टूबर, 2024 को त्रिपुरा के लिए रवाना होगी । इस टीम में प्रिंट-मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक-मीडिया और ऑनलाइन-मीडिया के प्रतिनिधिगण और पीआईबी-रायपुर के ऑफिशियल्स शामिल हैं ।

इसके अलावा मीडिया टीम, त्रिपुरा राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसफ) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगी ।
भारतीय नौसेना के मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाई गई
नई दिल्ली | वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पूर्वी नौसेना कमान, ने शिलांग, मेघालय से मोटरसाइकिल अभियान ‘नॉर्थईस्ट ओडिसी’ को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल संजय मलिक, जीओसी, 101 एरिया और एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया, एसएएसओ, पूर्वी वायु कमान उपस्थित थे।

यह अभियान टीवीएस मोटर कंपनी के सहयोग से पूर्वोत्तर राज्यों मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश में चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य इन जीवंत राज्यों में नौसेना के बारे में जागरूकता बढ़ाना और युवाओं और सिविल सोसायटी के साथ जुड़ना है। नौसेना ने पहले 2022 में पूर्वोत्तर में और 2023 में लेह/लद्दाख में इसी तरह के सफल प्रयास किए हैं।

मौजूदा पहल के मुख्य उद्देश्यों में तीन पूर्वोत्तर राज्यों में भारतीय नौसेना का प्रदर्शन और स्कूलों / कॉलेजों में अग्निपथ योजना सहित भारतीय नौसेना में करियर के अवसरों के बारे में जागरूकता अभियान चलाना शामिल है। यह अभियान महिला अधिकारियों और उनके जीवनसाथियों को शामिल करके नारी शक्ति को बढ़ावा देता है और इस क्षेत्र में नौसेना के दिग्गजों और वीर नारियों के साथ बातचीत करने का भी लक्ष्य रखता है। 15 दिवसीय अभियान मेघालय, असम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों के विभिन्न शहरों से गुजरते हुए 2500 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।
फ्लैग ऑफ समारोह में अपने संबोधन में वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने कहा कि नौसेना हमेशा साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देती रही है क्योंकि ये न केवल कर्मियों को ऊंचे लक्ष्य रखने और बेहतर हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं, बल्कि टीम बनाने में भी मदद करती हैं और सौहार्द बढ़ाती हैं, जो समुद्र में कुशल प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने राइडर्स को देश के ऐसे महत्वपूर्ण हिस्से में नौसेना के बारे में समुद्री चेतना और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अभियान चलाने के लिए बधाई दी, जो समुद्र से दूर है, लेकिन सभी के दिलों के करीब है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित और यादगार यात्रा की शुभकामनाएं दीं और एक महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए नौसेना के साथ साझेदारी करने के लिए टीवीएस मोटर्स को धन्यवाद दिया।
भारत की विमानन विरासत को प्रदर्शित करने वाले ‘विमानन पार्क’ का उद्घाटन
नई दिल्ली | नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंत्रालय के परिसर में विमानन पार्क का उद्घाटन किया। एक शांत जलाशय के बीच शानदार विमान मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं, जो विमानों के विकास और भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की वृद्धि को दर्शाते हैं। ये प्रदर्शन विमानन क्षेत्र में प्रगति और नवाचार की दिशा में मंत्रालय की यात्रा का प्रतीक हैं।

भारत के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वतंत्र वास्तुशिल्प स्तंभों की पृष्ठभूमि, देश की समृद्ध सांस्कृतिक और वास्तुशिल्प विरासत का जश्न मनाती है। पार्क में एक विशेष मार्ग महत्वपूर्ण मील के पत्थरों को उजागर करता है, जो भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास में प्रारंभिक उड़ान और विमान विकास से लेकर आधुनिक उन्नतियों तक फैला हुआ है। यह मार्ग आगंतुकों के लिए एक शैक्षिक अनुभव प्रदान करता है।
पार्क को स्थिरता को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर विकसित किया गया है। बांस का उपयोग छायादार बैठने की जगहों के लिए किया गया है, जो पर्यावरण-अनुकूल निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देता है। यह पार्क एक ऐतिहासिक स्थल बनने का वादा करता है, जो भारत की विमानन उपलब्धियों को इसकी वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ता है, जो विमानन उत्साही लोगों की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।
राम मोहन नायडू ने इसमें शामिल सभी लोगों के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की तथा इस बात पर बल दिया कि यह एविएशन पार्क वैश्विक विमानन क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है।
खनिज कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। इस संपदा के दोहन के लिए प्रयास बढ़ाते हुए खनिज क्षेत्र में नए निवेश को पूरा प्रोत्साहन दिया जाएगा। खनन क्षेत्र के उद्यमियों को राज्य सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन करते हुए उत्पाद भी प्रदेश में ही हो, ऐसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सम्पन्न कॉन्क्लेव में विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19,650 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओआईएल (भारत सरकार का उपक्रम) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य खनिज ब्लॉक से संबंधित "संयुक्त उद्यम समझौता" हस्ताक्षरित भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कॉन्क्लेव को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि प्रदेश के खनिज राजस्व में भी 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य आने वाले समय में प्राप्त किया जाएगा। उद्यमियों के साथ भू-गर्भ शास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी कॉन्क्लेव में शामिल हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति विश्व में सबसे अलग है। जहां अन्य देश राष्ट्र को पिता मानते हैं, हमारे देश में हम भारत माता की जय का उद्घोष करते हैं। मातृ प्रधान व्यवस्था को प्राचीन काल से प्रश्रय मिला। हम देश को भी मातृ संस्था मानते हैं। शरीर की रचना भी ब्रम्हांड की तरह होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि इस वसुंधरा की नदियां मनुष्य के रक्त प्रवाह के समान हैं। पृथ्वी में भी प्राण होते हैं और वनस्पति में भी प्राण होते हैं, यह हमारी मान्यता अन्य देशों से काफी पुरानी हैं। प्रकृति के दोहन और शोषण के अंतर को समझने की आवश्यकता है। खनिज संपदा की दृष्ट से ईश्वर की कृपा मध्यप्रदेश पर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में हर महीने अलग-अलग क्षेत्रों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रही हैं। इस वर्ष अब तक हुई 4 कॉन्क्लेव के फलस्वरूप लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। आने वाली 23 अक्टूबर को रीवा में "रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" उद्योग के विभिन्न सेक्टर्स में नए निवेश लाने में सहयोगी होगी।
CM एकनाथ शिंदे के बेटे मुश्किल में फंसे! उज्जैन में महाकाल मंदिर के नियम तोड़ने के आरोप, क्या है मामला?
डेस्क। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में बने महाकाल मंदिर के नियम तोड़ने के आरोप लगा हैं। मंदिर का नियम है कि कोई श्रद्धालु गर्भगृह के अंदर नहीं जा सकता और न ही अंदर जाकर पूजा कर सकता है, लेकिन श्रीकांत शिंदे ने यह नियम तोड़ा है। उन्होंने अपनी पत्नी और 2 अन्य लोगों के साथ गर्भगृह के अंदर जाकर पूजा की। मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

मंदिर प्रशासन ने मामले की जांच करने और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। बता दें कि उज्जैन महाकाल के दर्शन करते हुए श्रीकांत उनकी पत्नी और उनके दोनों साथियों के फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं। वीडियो में चारों शाम 5 बजकर 38 मिनट पर मंदिर के गर्भगृह में एंट्री करते दिखे। चारों उस समय शिवलिंग के पास बैठकर पूजा करते दिखे, जब भगवान महाकाल का श्रृंगार किया जा रहा था। इसी वीडियो के आधार पर मंदिर के नियम टूटने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

बता दें कि उज्जैन महाकाल मंदिर के गर्भगृह में सिर्फ पुजारी प्रवेश कर सकते हैं। उनके अलावा किसी अन्य को जाने की अनुमति नहीं है। पिछले एक साल से यह नियम लागू है और इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई होती है। नियम है कि महाकाल मंदिर के गृभगृह में स्थापित शिवलिंग से 50 फीट की दूरी बनाकर लोग दर्शन कर सकते हैं, लेकिन पिछले एक महीने में यह चौथी बार हुआ है और किसी ने इस नियम का उल्लंघन किया है। आदेश के बावजूद नियम का पालन नहीं होने पर मंदिर प्रशासन सख्त हो गया है।

भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव में शामिल हुए देश-विदेश के निवेशक
भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को 2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया। इस अवसर पर माईनिंग कार्पोरेशन के एमडी अनुराग चौधरी, विभिन्न हितधारकों, उद्योग के नेताओं, शिक्षाविदों एवं प्रमुख खनिज कम्पनियों के प्रतिनिधि और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी है। प्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में बिजली उपलब्धता के क्षेत्र में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश नम्बर दो पर है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2007 से निरंतर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है परंतु इस बार मध्यप्रदेश में पहली बार पृथक से माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। सिंह ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश वन सम्पदा में भरपूर है और भारत में इसका 8वां नम्बर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में भी अग्रणी है। प्रदेश 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश का इंदौर शहर देश में सबसे स्वच्छतम शहर है। श्री सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने के लिये सभी प्रकार की सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध है।

प्रमुख सचिव, खनिज संसाधन संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश माईनिंग के क्षेत्र में बढ़ता हुआ राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज का अपार भण्डार है। माईनिंग के क्षेत्र में नई तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है। पर्यावरण-संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शुक्ला ने खनिज सेक्टर के एक्सपर्ट से कहा कि कॉन्क्लेव में अपनी जानकारी भी शेयर करें। प्रदेश में अधिक से अधिक खनन के क्षेत्र में आगे आयें और निवेश करें। केन्द्रीय हाईड्रोकार्बन महानिदेशक पल्लवी जैन गोविल ने भी संबोधित किया।
रेलवे यात्री अब 90 दिन पहले नहीं बुक करा सकेंगे टिकट... रेलवे ने बदला नियम
नईदिल्ली। त्योहारों में अपने घर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए ट्रेन में यात्रा सबसे अधिक सुविधाजनक रहता है, ऐसे में ट्रेन में सफर करने वाले उन लोगों की मुसीबत थोड़ी बढ़ गई जो काफी समय पहले से अपनी टिकट बुक करा लिया करते थे। अभी तक रेलवे यात्रा के 90 दिन पहले से टिकट बुक कराने की सुविधा दी थी। अब रेलवे ने इस बुकिंग सुविधा के समय को घटाकर 60 दिन कर दिया है।
रेलवे द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग की समय सीमा को कम कर दिया है, और 1 नवंबर, 2024 के बाद सिर्फ़ 60 दिन आगे तक के लिए ही ट्रेन टिकटों की एडवांस बुकिंग की जा सकेगी। यही नहीं, समय सीमा के 60 दिनों में यात्रा का दिन भी शामिल होगा।
रेलवे के मुताबिक, बदले हुए इस नियम का प्रभाव 31 अक्टूबर, 2024 तक बुक की जा चुकी टिकटों पर नहीं पड़ेगा, हालांकि, 60 दिन की ARP से परे की गई बुकिंग को रद्द करने की अनुमति दी जाएगी.
भारतीय रेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कुछ दिन के समय की एक्सप्रेस ट्रेनों - जैसे ताज एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस आदि - के मामले में नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा, जहां अग्रिम आरक्षण के लिए कम समय सीमा वर्तमान में ही लागू है. इसके अलावा, विदेशी पर्यटकों के लिए रखी गई 365 दिन की सीमा के मामले में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
विशेष स्वच्छता अभियान 4.0.... जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग में बेहत काम
डेस्क। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2024 तक स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 4.0 शुरू किया है। पेयजल और स्वच्छता विभाग अपने कार्यक्रम प्रभागों और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय जल एवं स्वच्छता संस्थान (एसपीएम-निवास) के साथ मिलकर लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 4.0 में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।
डीएआरपीजी विभाग के सचिव वी. श्रीनिवास ने पंडित दीनदयाल अंत्योदय भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स में विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा के संबंध में 15 अक्टूबर, 2024 को शाम साढे चार बजे डीडीडब्ल्यूएस सचिव सुश्री विनी महाजन के साथ चर्चा की। डीडीडब्ल्यूएस के ओएसडी अशोक केके मीना भी दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे। डीएआरपीजी सचिव ने डीडीडब्ल्यूएस द्वारा संचालित पंडित दीनदयाल अंत्योदय भवन में क्रेच का भी दौरा किया।
‘स्वच्छता ही सेवा 2024’ अभियान के अनुभव को साझा करते हुए डीडीडब्ल्यूएस की सचिव सुश्री विनी महाजन ने विशेष अभियान 4.0 के संबंध में कई बहुमूल्य सुझाव दिए जिनमें केंद्र सरकार के कार्यालयों से परे विशेष अभियान का विस्तार, सभी सफाई कर्मचारियों के लिए स्वच्छता पर ऑनलाइन प्रशिक्षण (I-GoT) मॉड्यूल का विकास, निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले सभी लोगों के लिए पेंशन मॉड्यूल, नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने में नागरिक-अनुकूल व्यव्स्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने क्रेच सुविधा की स्थापना जैसी समावेशी पहल, सफाई कर्मचारियों के प्रयासों को स्वीकृति देकर उन्हें सम्मानित करना और उनके लिए विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने जैसे सुझाव भी दिए।
न्याय की देवी की नई मूर्ति में आंखों से पट्टी हटी, हाथ में संविधान भी, जानिये क्या है खास
डेस्क। न्याय की देवी की मूर्ति अब बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट में नई मूर्ति लगाई गई है। जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई मूर्ति की खासियत यह है कि इसकी आंखों पर पट्टी नहीं बंधी है। परंपरागत मूर्ति की तरह इसके एक हाथ मे तराजू तो है पर दूसरे हाथ में तलवार की जगह भारत का संविधान है। सांकेतिक रूप से देखा जाए तो कुछ महीने पहले लगी न्याय की देवी की नई मूर्ति साफ संदेश दे रही है कि न्याय अंधा नहीं है। वह संविधान के आधार पर काम करती है।
ऐसा बताया जा रहा है कि यह मूर्ति चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पहल पर लगाई गई है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि ऐसी और मूर्तियां लगाई जाएंगी या नहीं। कुछ समय पहले ही अंग्रेजों के कानून बदले गए हैं। अब भारतीय न्यायपालिका ने भी ब्रिटिश युग को पीछे छोड़ते हुए नया रंग-रूप अपनाना शुरू कर दिया है। ये सब कवायद सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने की है। उनके निर्देश पर न्याय की देवी में बदलाव कर दिया गया है। ऐसी ही स्टैच्यू सुप्रीम कोर्ट में जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई है।
अभी तक न्याय की मूर्ति की आंखों पर पट्टी बंधी थी। एक हाथ में तराजू और दूसरे हाथ में तलवार थी. इससे जुड़ा मुहावरा सुर्खियों में रहता है कि ‘कानून अंधा होता है’। अदालतों में दिखने वाली मूर्ति को लेडी जस्टिस मूर्ति कहा जाता है। इस मूर्ति को मिस्र की देवी मात और ग्रीक देवी थेमिस के नाम से जाना जाता है।
तिरुमाला मंदिर जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन की खबर : भारी बारिश की वजह से
डेस्क | तिरुमाला मंदिर जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन की खबर है। भारी बारिश से रनवे पर पानी भर जाने के कारण हैदरावाद से आने वाली कुछ उड़ानों को चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश से हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क भी जलमग्र हो गई।

आध प्रदेश के तिरुपति में भारी बारिश की वजह से बुधवार को रेनिगुटा हवाई अड्डे पर उड़ान परिचालन प्रभावित हुआ। तिरुमाला मंदिर जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर भूस्खलन की खबर है। भारी बारिश से रनवे पर पानी भर जाने के कारण हैदरावाद से आने वाली कुछ उड़ानों को चेन्नई की ओर डायवर्ट कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश से हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क भी जलमग्र हो गई। मंगलवार से हो रही भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच, घाट रोड पर भूस्खलन से तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित श्री तेंकटेश्वर मंदिर तक गहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने सड़क से पड़े पत्थ्तों को हटाने के लिए जेसीबी को काम पर लगाया है।

प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर के मामलों का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को परेशानी हो रही है। भारी बारिश के मद्देनजर तीर्थयात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए टीटीडी ने बुधवार को वीआईपी ब्रेक दर्शन रद्द कर दिया है। तिरुपति जिले के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों ने जिला कलेक्ट्रेट और मंडल तथा डिवीजन स्तर पर कंट्रोल रूम खोले है। तिरुमाला पहाड़ी से बारिश का पानी बहकर तिरुपति की ओर आ रहा है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।

कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बुधवार सुबह 9 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान आईआईटी तिरुपति में 175 मिमी और रेनिगुंटा में 131 मिमी बारिश दर्ज की गई। बगाल की खाड़ी में दवाव के कारण दक्षिणी तटीय आंध के नेल्लोर, प्रकाशम जिले और रायलसीमा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। नेल्लोर जिले में नाले, नदियां, झीले और तालाब उफान पर है। भारी बारिश के कारण कुछ गांव कट गए हैं। अधिकारियों ने वाईएसजार कडपा और नाववाल जिलों में एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की है।
स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिला प्रशासन को अगले चार दिनों तक हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। जल निकायों की निगरानी और संभावित बाढ़ की तैयारी पर विशेष जोर दिया गया है। लोगों को भारी बारिश और बाढ़ के दौरान नहरों और नालों को पार करने से बचने की सलाह दी गई है। जल संसाधन मंत्री निम्माला रामानायडू और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में निवासियों को अग्रिम चेतावनी देने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को लोगों के मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट संदेश भेजने का निर्देश दिया ताकि समय पर संचार सुनिश्चित हो सके। जान-माल के नुकसान को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, खासकर उन जिलों में जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। नेल्लोर और तिरुपति जिलों सहित प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नियंत्रण कक्ष से मुख्य सचिव नीरभ कुमार प्रसाद ने पुलिस और सिंचाई सहित विभिन्न विभागों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है, और बाढ़ की आशंका वाली सड़कों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया जाएगा। भारी बारिश के मद्देनजर, नेल्लोर और तिरुपति जिले में स्कूल और कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे। इस बीच, अल्लूरी सीताराम राजू जिले में, प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण रामपचोदवरम एजेंसी में पर्यटक गतिविधियों को 17 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है।
मालाबार अभ्यास 2024 का समुद्री चरण
मालाबार का समुद्री चरण 2024, 14 अक्टूबर 2024 को विशाखापत्तनम के तट पर शुरू
नई दिल्ली | आस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका के नौसेना के युद्धपोत, हेलीकॉप्टर और लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों का बंगाल की खाड़ी में एक साथ अभ्यास इन देशों के बीच उच्च स्तरीय सहयोग और परिचालन तालमेल को दर्शाता है।

इस चरण में भाग लेने वाली नौसेनाएँ सतह, उप-सतह और वायु युद्ध क्षेत्रों में अभ्यास करते हुए समुद्री युद्ध संचालन की एक विस्तृत श्रृंखला में शामिल होंगी। इस उन्नत और जटिल अभ्यास का उद्देश्य देशों के बीच आपसी समझ और समन्वय को बढ़ावा देते हुए समुद्र में एक संयुक्त कार्य बल के रूप में निर्बाध रूप से संचालन करना है। भारतीय नौसेना की पनडुब्बियाँ उप-सतह युद्ध अभ्यासों में भाग लेंगी और भाग लेने वाले देशों के विशेष बलों के संयुक्त अभ्यास भी इस चरण में शामिल किए जाएँगे।

यह समुद्री चरण भाग लेने वाले देशों के बीच अंतर-संचालन को सुदृढ़ बनाएगा तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने में सहायक होगा। समुद्री चरण का समापन 18 अक्टूबर 2024 को मालाबार 2024 के समापन समारोह के साथ होगा।
रक्षा मंत्री ने नौसेना की परिचालन तत्परता बढ़ाने के लिए तेलंगाना के विकराबाद में अति निम्न आवृत्ति स्टेशन की आधारशिला रखी
यह सुविधा समुद्री हितों की रक्षा करनेवाले कमांड सेंटर के साथ जहाजों/पनडुब्बियों के बीच 'सुरक्षित और वास्तविक समय में संचार' सुनिश्चित करेगी
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के लिए गहरे समुद्र में मजबूत बल बने रहने के लिए अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म और पूर्णतः विश्वसनीय संचार प्रणाली आवश्यक है
"भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में शांति की सबसे बड़ी गारंटी"
"समुद्री सुरक्षा एक सामूहिक प्रयास है; सभी मित्र देशों को हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए"
"भारत बांटने के बजाय जोड़ने में विश्वास करता है; अगर एक भी देश छूट गया तो सुरक्षा का पहिया टूट जाएगा"

नई दिल्ली | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर, 2024 को तेलंगाना में विकराबाद के पुदुर मंडल के दामागुंडम रिजर्व फॉरेस्ट साइट पर भारतीय नौसेना के एक नए बहुत कम आवृत्ति (वीएलएफ) स्टेशन की आधारशिला रखी। इसका निर्माण 3,200 करोड़ रुपये की लागत से 2,900 एकड़ क्षेत्र में हुआ है। यह भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता को मजबूत करेगा और चुनौतीपूर्ण समुद्री वातावरण में प्रभावी कमान तथा नियंत्रण क्षमताओं को सुनिश्चित करेगा। यह नौसेना के संचार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे लंबी दूरी के लिए विश्वसनीय और सुरक्षित संचार संभव होगा।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह वीएलएफ स्टेशन देश की सैन्य क्षमताओं का विस्तार करेगा और सशस्त्र बलों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने बल दिया कि उच्च तकनीक वाला वीएलएफ स्टेशन एक बार चालू हो जाने पर केवल एक सैन्य प्रतिष्ठान नहीं होगा, बल्कि राष्ट्रीय महत्व की एक सामरिक संपत्ति होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा, "युद्ध के नए विकसित होते तौर-तरीकों को देखते हुए लोगों और मशीनों के बीच असरदार तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता जा रहा है। यह वीएलएफ स्टेशन हमारे समुद्री हितों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बनाया जा रहा है। यह हमारे जहाजों और पनडुब्बियों के बीच सशस्त्र बलों के कमांड सेंटरों के साथ सुरक्षित और वास्तविक समय में संचार सुनिश्चित करेगा। एक पूर्ण-सुरक्षित संचार जीत और हार के बीच निर्णायक कारक साबित होता है। वास्तविक समय में संचार के बिना हम पर्याप्त उपकरण या जनशक्ति होने के बावजूद बढ़त हासिल नहीं कर सकते हैं।"
रक्षा मंत्री ने मजबूत संचार प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे किसी भी जटिल ऑपरेशन में समन्वय के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक स्पष्ट और सुरक्षित संचार चैनल न केवल समय पर और प्रभावी निर्णय लेने में मदद करता है, बल्कि कमान के आदेशों को क्षेत्रीय व्यवस्था तक पहुंचाने और प्रतिक्रिया प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर सैनिकों को युद्ध के मैदान या ऑपरेशनल माहौल में पूरी जानकारी दी जाए तो उनके मनोबल और एकता में वृद्धि होती है, जिससे सुरक्षा और रणनीति दोनों में बढ़ोतरी होती है। उन्होंने कहा, "संकट प्रबंधन के दौरान, एक स्पष्ट संचार चैनल महत्वपूर्ण होता है। यह तब और भी ज़रूरी हो जाता है जब स्थिति लगातार बदल रही हो और प्रतिक्रिया के लिए समय बहुत कम हो। ये बातें ऐतिहासिक रूप से सिद्ध हैं। हम अतीत से सीख रहे हैं और भविष्य की सुरक्षा और समृद्धि के लिए प्रयास कर रहे हैं।"
रक्षा मंत्री ने हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में लगातार बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी को देखते हुए भारतीय नौसेना को लगातार सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "हमारी रुचि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में है। हम आईओआर में पहले प्रतिक्रिया देने वाले और पसंदीदा सुरक्षा भागीदार के रूप में भी उभरे हैं। आज कई देशों ने इस क्षेत्र में समुद्री संसाधनों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। अगर भारत को अपने वाणिज्यिक और सुरक्षा हितों को सुरक्षित रखना है और गहरे समुद्र की मजबूत ताकत बने रहना है, तो उसके पास अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म/उपकरण और एक मजबूत संचार प्रणाली होना आवश्यक है।"
राजनाथ सिंह ने कहा कि वीएलएफ स्टेशन स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलेगा। उन्होंने कहा, "इसके निर्माण के दौरान आस-पास के क्षेत्र के कुशल और अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। उसके बाद जब स्टेशन काम करना शुरू कर देगा, तो भी लोगों के लिए रोजगार के भरपूर अवसर होंगे। यह स्टेशन न केवल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि विकास के स्तंभ के रूप में भी काम करेगा, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को और गति मिलेगी" ।
इस मौके पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, तेलंगाना सरकार की वन एवं पर्यावरण मंत्री कोंडा सुरेखा गारू, नौसेना की पूर्वी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर और रक्षा मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
मुंबई में 14 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग : अंधेरी पश्चिम इलाके में
मुंबई में आग लगने की यह हाल की दूसरी घटना है | इससे पहले नवी मुंबई के एनआरआई कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग में भी आग लग गई थी |

मुंबई | महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बुधवार सुबह सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां अंधेरी पश्चिम इलाके में एक 14 मंजिला इमारत में आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा करीब सुबह 9 बजे रिया पैलेस की 10वीं मंजिल पर हुआ है। मौके पर अग्निशमन विभाग के कई वाहन पहुंचे हैं। इमारत में कई लोगों के फंसे होने की संभावना है। आग पर काबू पाने की कोशिश अभी भी जारी है।

जानकारी के मुताबिक, मुंबई के अंधेरी वेस्ट में 14 मंजिला इमारत रिया पैलेस के 10वें फ्लोर पर आज सुबह भीषण आग लग गई | आग में झुलसने से तीन लोगों की मौत हो गई है | CMO ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। आग लगने की सूचना पाकर दमकल विभाग की गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंची हैं | आग पर काबू पा लिया गया है | मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के अलावा, एम्बुलेंस , हाइड्रेंट और टर्नटेबल सीढ़ी भी हैं | गनीमत ये रही कि आग केवल एक आवासीय फ्लैट तक सीमिति रही, इससे बाकी लोगों की जान पर खतरा नहीं पड़ा | पुलिस घटनास्थल की जांच कर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग लगने का क्या कारण था |

बताया जा रहा है कि आग लगने की घटना अंधेरी इलाके में हुई, जो कि एक व्यस्त आवासीय क्षेत्र है | स्थानीय निवासियों के लिए यह एक चिंताजनक स्थिति थी, क्योंकि इस इमारत में कई परिवार रह रहे हैं | दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग बुझाने के प्रयास किए और लगभग नौ बजे तक आग पर काबू पा लिया गया | हालांकि, आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है | अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग कैसे लगी |
इस घटना ने स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं | आग लगने की घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन जब ये आवासीय इमारतों में होती हैं, तो उनके परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं | स्थानीय लोगों ने आग की इस घटना के बाद इमारत के सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है. लोगों का कहना है कि सभी इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके |
कृषि विद्यार्थी किसानों की खेती संबंधी जटिल समस्याओं के समाधान में योगदान दें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल
राज्यपाल की अध्यक्षता में ग्वालियर में हुआ कृषि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह
समारोह में 4 मानद उपाधि, 7 गोल्ड मैडल एवं 979 उपाधियाँ प्रदान की गईं
भोपाल | राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक ज्ञान-विज्ञान व तकनीकी कौशल का उपयोग कर किसानों की खेती संबंधी जटिल समस्याओं के समाधान में अपना योगदान दें। साथ ही वंचित एवं दूरस्थ अंचलों तक उन्नत कृषि तकनीक पहुँचाने के प्रयास भी प्रमुखता से करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों व पालकों को बधाई व शुभकामनाएं प्रदान कीं।

कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में यह दीक्षांत समारोह डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा समस्तीपुर बिहार के कुलाधिपति प्रो. पी एल गौतम व भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार शुक्ला, विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्यगण एवं आचार्य मंचासीन थे।
दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात कृषि वैज्ञानिक जगदीश कुमार लड्डा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ओ पी श्रीवास्तव, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कृषि वैज्ञानिक पी एम गौर एवं जैविक खेती में नाम कमा रहे वत्सल दीपक सजदे को कृषि विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि देकर सम्मानित किया गया। साथ ही 7 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक व 4 विद्यार्थियों को सिरताज बहादुर सिन्हा स्मृति नगद पुरस्कार प्रदान किए गए। वर्ष 2023-24 के कुल 979 विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 48 शोधार्थियों को पीएचडी, 666 को स्नातक एवं 265 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्रदान की गईं। इस अवसर पर दीक्षांत समारोह की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत और “वोकल फॉर लोकल” की दिशा में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में उद्यमों की संभावनाओं को पहचानने में विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना चाहिए। साथ ही नए विचारों व नवाचारों के द्वारा सामान्य किसानों को उत्पादक से उद्यमी बनाने के प्रयास करने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को किसानों की बुद्धिमत्ता और कृषि प्रोफेशनल्स के कौशल के बीच की साझेदारी का मंच बनकर सबके साथ, सबके विकास व सबके विश्वास की अवधारणा के साथ कृषि के विकास में सहयोग करने के लिये आगे आना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि की अनेक उपलब्धियों के बाबजूद कृषि जोतों का घटता आकार, जलवायु परिवर्तन, तापमान में वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का लगातार क्षरण अभी भी खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिये किसानों को सक्षम बनाना होगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर अनुसंधान और प्रयास करने की जरूरत होगी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा युवाओं की सहभागिता से आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने की पहल की है। विकसित भारत बनाने के लिये कृषि क्षेत्र में आय और रोजगार की वृद्धि के द्वारा न्याय संगत व समावेशी ग्रामीण विकास की अपार संभावनाओं को अमलीजामा पहनाया जा सकता है।
राज्यपाल पटेल ने कृषि विद्यार्थियों का आह्वान किया कि अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज की सबसे पीछे की पंक्ति और पिछड़े व्यक्ति की खुशहाली के लिये करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिये आज विशेष महत्वपूर्ण दिन है, लेकिन आप सबको यह भी ध्यान रखना होगा कि आपको यह उपलब्धि दिलाने में समाज का भी कहीं न कहीं योगदान जरूर है। समाज व देश की सेवा कर यह ऋण लौटाया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा उपाधियाँ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का उत्साह और ऊर्ज देखकर मुझे अपार प्रसन्नता हुई है। साथ ही भरोसा भी मिला है कि आप सबके माध्यम से विकसित और स्वर्णिम भारत के निर्माण का सपना साकार होगा।
केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कुलाधिपति प्रो. पी एल गौतम ने कहा कि देश में कृषि के क्षेत्र में जिस तरह की क्रांति आई है, उससे हम सब गौरवान्वित हैं। लेकिन जनसंख्या वृद्धि, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधनों की कमी, खेती की बढ़ती लागत व युवकों का खेती से रूझान कम होना ऐसी चुनौतियां हैं, इनसे निपटने के प्रयास भी विश्वविद्यालयों को करने होंगे। इसके लिये ढांचे को और सुदृढ़ कर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने गुणवत्तायुक्त कृषि शिक्षा, शोध व उसके प्रसार पर बल दिया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर कृषि आयोग गठित करने की आवश्यकता बताई।
प्रो. गौतम ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में हो रहे अनुसंधान और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में स्थापित हुए नए-नए आयाम की सराहना की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री भारतीय किसान संघ दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि यह बात सही है कि अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा कृषि के क्षेत्र में बेरोजगारी न के बराबर है। लेकिन चिंता की बात यह है कि कृषि विद्यार्थी अपने ज्ञान का उपयोग खेती में करने के बजाय नौकरी की ओर ज्यादा रूख करते हैं। यह विचारणीय है कि कृषि की शिक्षा लेने के बाद विद्यार्थी नौकरी करते हैं और जिन्हें कृषि की शिक्षा नहीं मिली वह खेती करती है। इसलिए इसकी महती आवश्यकता है कि कृषि विद्यार्थी रोजगार पाने वाले नहीं बल्कि उन्नत खेती व खेती से संबंधित उद्यम स्थापित कर रोजगार देने वाले बनें। इससे निश्चित ही औरों को प्रेरणा मिलेगी और खेती लाभ का धंधा बनेगा।
भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं को दूरसंचार सेवाएं और डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में भूमिका निभाएगा : केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
नई दिल्ली | केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत दूरसंचार सेवाओं का प्रदाता बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और भारतीय कंपनियां उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उच्च सुरक्षा और गुणवत्ता वाले तकनीकी उपकरण प्रदाता बनेंगी। नई दिल्ली में विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा और 8वीं भारत मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर संबोधन के दौरान, मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत भविष्य में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार आपूर्ति श्रृंखलाओं का नेतृत्व करेगा।

उन्होंने कंपनियों से दूरसंचार को उन देशों में ले जाने में मदद के लिए समाधान खोजने का आग्रह किया जो नेटवर्क कनेक्टिविटी में अब भी पीछे हैं। गोयल ने कहा कि ग्लोबल साउथ में प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने और दुनिया भर में डिजिटल कनेक्टिविटी को किफायती बनाने के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) को पूरा करने में दुनिया का नेतृत्व करने में भारत की भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश भर में निर्बाध ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ने भारत को 'विश्व का विश्वसनीय भागीदार' उपनाम दिलाया है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए प्रमुख 'डिजिटल इंडिया' अभियान की उपलब्धि के रूप में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भारत की स्थिर नेटवर्क कनेक्टिविटी पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुशासन के लिए, व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने, और देश की आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने में प्रौद्योगिकी को समर्थक के रूप में उपयोग करने की प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता की सराहना की। गोयल ने कहा कि भारत आज एक राष्ट्र के रूप में सोचता है। उन्होंने युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाने और पूरे देश की विचार प्रक्रिया को राष्ट्र के विकास के साथ जोड़ने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया।
गोयल ने कहा कि 2015 में डिजिटल को आगे बढ़ाने से आवश्यक सेवाओं को जारी रखने में मदद मिली, जिससे कोविड महामारी के दौरान देश भर में निर्बाध व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हुईं। उन्होंने कहा कि जब देश भारत के साथ काम करते हैं, तो उन्हें उच्च गुणवत्ता, सामर्थ्य और किफायती समाधान का आश्वासन दिया जाता है और निर्बाध व्यावसायिक गतिविधियों का आश्वासन दिया जाता है, जिससे कंपनियां अपने वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए भारत की ओर देख सकती हैं।
उन्होंने कहा कि दूरसंचार सेवाओं में नवाचार, उपकरण, सेवाओं और डेटा की उपलब्धता जैसे तकनीकी विकास के मामले में भारत विकसित देशों से कहीं आगे है। भारत में कल विश्व मानक दिवस मनाया गया। इस बारे में गोयल ने कहा कि सरकार भारत को गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं और सेवाओं का प्रदाता बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत जो कुछ भी करेगा उसमें देश की विकास गाथा को परिभाषित करने वाली गुणवत्ता की छाप होगी।
कार्यक्रम की थीम "भविष्य अभी है" की ओर संकेत करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत न केवल अपने बल्कि दुनिया के भविष्य में भी योगदान दे रहा है और इसकी डिजिटल प्रौद्योगिकियों की पेशकश दुनिया को एक परिवार के रूप में लाने में अभिन्न भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े डिजिटलीकरण के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की छाप भारत में है। भारत अपने नवप्रवर्तन, प्रतिभा और बड़े बाजार के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि नवाचार भारत की विकास गाथा को परिभाषित करता है और दुनिया भारत को वंचितों और पूरी दुनिया के लिए प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करने में अग्रणी देश के रूप में पहचानती है।
डॉ. ए.पी.जे. की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में उनके अग्रणी काम को दुनिया भर में सराहा गया है और युवाओं के साथ उनका जुड़ाव हमेशा देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
गोयल ने भारत को तकनीकी उपलब्धियों में आत्मनिर्भर बनाने का विश्वास पैदा करने के लिए दूरसंचार उपकरण और सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (टीईपीसी) की प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भारत की अलग कहानी है क्योंकि यह बाकी दुनिया के साथ समानांतर रूप से 5जी लॉन्च करने में सक्षम हुआ है। उन्होंने कहा कि देश 6जी लॉन्च करने और विकसित करने में अग्रणी होगा। उन्होंने कहा कि नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन के जरिए देश के हर कोने को 5G तकनीक से फायदा मिलेगा।