दिव्य महाराष्ट्र मंडल
आठ गोल्ड और पांच सिल्वर मेडल के साथ लौटी रिंग फाइट की टीम
- गर्ल्स और ब्वायज दोनों की टीम ने जीते 4-4 गोल्ड
- 12 से 14 दिसंबर तक पश्चिम बंगाल में हुआ नेशनल चैम्पियनशिप का आयोजन
रायपुर। पश्चिम बंगाल में आयोजित नौवीं नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का परचम लहराते हुए छत्तीसगढ़ रिंग फाइट की टीम आठ गोल्ड, पांच सिल्वर और तीन ब्रांज मेडल के साथ मंगलवार 16 दिसंबर की शाम राजधानी रायपुर लौट आई। जीत की खुशी सभी खिलाड़ियों के चेहरे पर नजर आ रही थीं। जहां रेलवे स्टेशन में एसोसिएशन की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल व अन्य पदाधिकारियों सभी खिलाड़ियों का स्वागत गुलाब का फूल भेंटकर और तिलक लगाकर किया।
टीम के मुख्य कोच और एसोसिएशन के सचिव ओपी कटारिया ने बताया कि चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़, तेलंगाना, असम, ओडिसा, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल और अरुणाचल प्रदेश की टीम ने भाग लिया था। ब्वायज कोच प्रवीण क्षीरसागर, गर्ल्स कोच रंजीता जायसवाल, टेस्ट रेफरी पवन ओगले और भागिरथ काळेले खिलाड़ियों के साथ गए थे। टीम ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया।
ब्वायज टीम के कोच प्रवीण क्षीरसागर ने बताया कि व्बायज टीम में अंडर-17 (55 किलो) कैटेगिरी के लिए पहला मैच छत्तीसगढ़ के पुष्कर साहू और तेलंगाना के ए सिद्धांत के बीच खेला गया। जिसमें पुष्कर साहू को ब्रांज मेडल मिला। अंडर-17 (60 किलो) के लिए छत्तीसगढ़ के योगेशकुमार यादव का मुकालबला ओडिशा के एस अक्षय के साथ हुआ। जिसमें योगेश को गोल्ड मेडल मिला। अंडर 14 (40 किलो) वर्ग में छग के विहान कालेले का मुकाबला तेलंगाना के एस प्रशांत के साथ हुआ। जिसमें विहान को सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ। वहीं इसी वर्ग के एक ओर मुकाबले में रौनक वर्मा और अरूणाचल प्रदेश गौरव सामंथा के बीच भिड़त हुई। जिसमें रौनक वर्मा को गोल्ड मिला। अंडर-15 (50 किलो) में तुषार वर्मा ने ओडिशा के शिखर के साथ मुकाबले में सिल्वर मेडल जीता। एक अन्य मुकाबले में वेस्ट बंगाल के मो. शाबाद को हराकर गौरव हिमने ने गोल्ड मेडल जीता। अंडर-15 (55 किलो) छत्तीसगढ़ के आदित्य नारायण कन्नौजे का मुकाबला ओडिशा के मो.हसन के साथ हुआ। जिसमें आदित्य को ब्रांज मेडल मिला। इसी तरह वेदांत साहू का मुकालबा ओडिशा के पवित्रा के साथ हुआ जिसमें वेदांत को सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ। अंडर 16 के 55 (किलो) वर्ग में आयुष्मान काळेले को गोल्ड मेडल मिला। आय़ुष्मान का मुकालबा वेस्ट बंगाल के सुब्रत एक के साथ हुआ। वहीं अवनीश जायसवाल को वाकओवर में ब्रांज मेडल मिला।
गर्ल्स टीम की कोच रंजीता जायसवाल ने बताया कि गर्ल्स कैटेगिरी में पहली फाइट अंडर 16 में रेशु जायसवाल और तन्वी साहू के बीच खेला गया। जिसमें तन्वी को गोल्ड और रेशु को सिल्वर मेडल मिला। दूसरी फाइट छत्तीसगढ़ की प्रणवी ओगले और ओड़िसा की सानवी साय के मध्य खेला गया। जिसमें प्रणवी को सिल्वर मेडल मिला। तीसरा मैच 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए छत्तीसगढ़ की प्रकृति दंडवते और ओड़िसा की रेखा प्रधान के मध्य हुआ। जिसमें प्रकृति को गोल्ड मेडल मिला। अंडर-19 के लिए छत्तीसगढ़ की वर्तिका क्षीरसागर और वेस्ट बंगाल की दीपा विश्वास के बीच रोमांचक मुकाबले में वर्तिका ने दीपा को परास्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं अडंर 17 के मुकाबले में छत्तीसगढ़ की यशिका साहू की भिड़ंत वेस्ट बंगाल की प्रीति राय के साथ हुई। जिसमें यशिका को गोल्ड मेडल मिला।
महाराष्ट्र मंडल ने रेलवे स्टेशन में जरूरतमंदों को बांटे गर्म कपड़े
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति ने प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिसंबर की ठंड में रेलवे स्टेशन पहुंच जरुरतमंदों को गर्म कपड़ों का वितरण किया। इस दौरान खासी भीड़ देखी गई।
युवा समिति की प्रभारी डा. शुचिता देशमुख ने बताया कि ठंड का सीजन शुरू होते ही आर्थिक रूप से संपन्न लोग हर वर्ष अपने लिए नये गर्म कपड़े खरीदते है। वहीं एक-दो बार पहने हुए कपड़े को छोड़ देते है। वहीं आज की युवा पीढ़ी फैशन के दौर में नये नये डिजाइन के गर्म कपड़े खरीदती है। ऐसे ही लोगों से पुराने गर्म कपड़ों को लेकर हमने रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले जरूरतमंदों को वितरित किया।

डा. शुचिता देशमुख ने बताया कि युवा समिति पिछले कुछ वर्षों से इस तरह गर्म कपड़े और दीपावली के आसपास पुराने कपड़ों का वितरण करती आ रही है। युवा समिति का छोटा सा प्रयास कई लोगों की जरूरत पूरा कर उनके चेहरे पर खुशी ला देता है। युवा समिति द्वारा गर्म कपड़े वितरण कार्यक्रम में युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, शचीन्द्र देशमुख, शुभम पुराणिक, विशाल डांगे, तन्मय बख्शी, शिल्पा राखुंडे, श्रावणी मुकादम और उदित बख्शी शामिल रहे। सभी ने बीती रात स्टेशन पहुंच गर्म कपड़ों का वितरण किया।
सफला एकादशी पर मंडल की आध्यात्मिक समिति ने किया विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ
- आनलाइन मोड पर सुबह वरिष्ठ सदस्या मंजूषा मरकले ने पाठ करवाया
रायुपर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक एकादशी को होने वाला विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ इस सफला एकादशी पर भी उत्साह के साथ जारी रहा। समिति के सदस्यों के साथ कई महिला केंद्रों की की टीम इस पाठ में शामिल हुई। बतादें कि आध्यात्मिक समिति की ओर से इस पाठ का आयोजन आनलाइन मोड पर सुबह 7 बजे से किया गया था।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि सफला एकादशी को लेकर एक संक्षिप्त कक्षा प्रचलित है। कथानुसार चम्पावती का लुम्भक नाम का राजपुत्र अत्यंत दुराचारी था। एक दिन संयोग से उसने सफला एकादशी उपवास रखा। भूखा-प्यासा रहकर रातभर ठंड में जागरण किया और पीपल वृक्ष के नीचे भगवान को फल अर्पित किए। उस अनजाने उपवास से वह तुरंत पापमुक्त हुआ और आकाशवाणी हुई “तुम राज्य और पुत्र पाओगे।” लुम्भक भक्त बन गया और अंत में भगवान कृष्ण धाम को प्राप्त हुआ। इसलिए सफला एकादशी पापों का नाश करती है।
आस्था काले ने बताया कि आज सुबह वरिष्ठ सदस्या मंजूषा मरकले के नेतृत्व में पाठ किया गया। इस दौरान अर्चना जतकर, अरूणा सेठ्ये, दीपांजलि भालेराव, ज्योत्सना किरवई, मंजरी अलोनी, मंजूषा मरकले, प्रणिता नलगुंड़वार, रोहिणी नेने, संध्या खंगन, संजय मैराल, शुभदा अगस्ती, आरती, अलखनंदा नारद, अनघा करकशे, अनिल टोम्बे, अंजली खेर, अंजली नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंड़वार, तोषिका भुजबल शामिल हुई।
पिकनिक में गूंजा "नादातुनी या नाद निर्मितो श्रीराम जय राम” का जयघोष
- शंकर नगर केंद्र की महिलाएं पहुंची माता कौशिल्या धाम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की शंकर नगर महिला केंद्र की महिलाएं रविवार, 14 दिसंबर को पिकनिक मनाने चंदखुरी स्थित माता कौशिल्या धाम मंदिर पहुंची। यहां महिलाओं ने "नादातुनी या नाद निर्मितो श्रीराम जय राम” के जयघोष का साथ मंदिर परिसर में भक्ति की गंगा बहा दी। इस दौरान महिलाओं ने कई मजेदार गेम्स खेले और भोजन का आनंद लिया।

शंकर नगर केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि सर्दियों के मौसम में पिकनिक का मजा तो हर कोई लेना चाहता है, ऐसे में शंकर नगर केंद्र की महिलाएं कहा पीछे रहने वाली थी। हमने भी माता कौशिल्या धाम पिकनिक जाने की योजना बनाई और रविवार, 14 दिसंबर को एक बस में सवार होकर सभी पहुंच गई कौशिल्या धाम मंदिर। चंदखुरी पहुंचते साथ ही पहले मंदिर में दर्शन किए। फिर सभी ने "नादातुनी या नाद निर्मितो श्रीराम जय राम जय जय राम" भजन और हनुमान चालीसा का पाठ मंदिर प्रांगण में किया।

मधुरा भागवत ने आगे बताया कि तत्पश्चात सभी ने मजेदार गेम खेले। पांसा फेंकने के खेल में प्रथम वैशाली निमजे तथा द्वितीय रैना पुराणिक रही। चिट्ठी के मजेदार खेल में सबको एक-एक चिट्ठी उठानी थी। जिसे "हवा हवाई" की चिट्ठी मिली वे विजेता घोषित हुई। उसमें प्रथम योगिनी वरेटवार तथा द्वितीय विनया करदले रही। फिर गीतों पर सभी सदस्य खूब डांस किया और भोजन का आनंद लिया।

इस अवसर पर मधुरा भागवत, आयुषी विठालकर, स्मिता कोमजवार, गीता दलाल, श्रुति पाठक, अंजलि जोगदंड, नीता पटवर्धन, जया कोटस्थाने, मनीषा चौखंडे, शिल्पा पतकी, वृंदा वोडितेलवार, जया कावड़कर, मंजूषा कावड़कर, शुभदा गिजरे , सुजाता देशपांडे, पुष्पा जावलेकर, श्रद्धा विठालकर, विनया करदले, प्रतिमा ठाकुर, कविता लांजेवार, अमृता सोमण, लीना मुजूमदार, आदिति जोशी, वंदना अलोनी, अर्चना भांडारकर, श्वेता डबली, सपना काडू, तोशिका भुजबल, वर्षा उरकुरकर, वैशाली निमजे, रैना पुराणिक, आरती गोवर्धन, योगिनी वरेतवार, संगीता राजिमवाले उपस्थित रहीं।
स्कूल स्टूडेंट बन पहुंची महिलाओं ने बपचन को किया याद
रायपुर। स्कूल के दिनों की बेफिक्री कोई बड़े होने के बाद सभी याद करते है..। सिर पर दो चोटी बनाना, रिबन बांधना,,, दोस्तों के साथ टिफिन शेयर करना। फिर खट्टी-मिठी बातों के बीच लड़ना और झगड़ना। उपने उन्हीं दिनों को याद करते हुए महाराष्ट्र मंडल की डंगनिया महिला केंद्र की महिलाओं ने अपनी मासिक बैठक इसी थीम में आयोजित की।
महाराष्ट्र मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि केंद्र की ज्यादातर महिलाएं सफेद यूनिफार्म में पहुंची थी। सभी ने दो चोटी बनाई थीं और अपने-अपने घर से टिफीन लेकर आई थीं। प्रार्थना सभा में सभी सरस्वती वंदना और राष्ट्रगीत का गायन किया। फिर सभी ने कुछ गेम्स खेले और जिन सदस्यों की दो बेटियां है, उन सदस्यों को सम्मानित किया गया।
नमिता शेष ने बताया कि बैठक में सभी महिलाओं द्वारा हनुमान चालीसा, रामरक्षा का पाठ किया। इस दौरान अनुभा जाउलकर, अंजली काळे, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़कर, दिव्या पात्रीकर, सोनल फड़नवीस, प्रिया जोगलेकर, रश्मि डांगे, रश्मि दलाल, ज्योति डोळस, संध्या अनुजा महाड़िक, चित्रा जावड़ेकर, वंदना तेंलग, माधव गिरहें दिपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, जया भावे, प्रियंका राजपूत, प्रीती रणदिवे, शैला गायधनी, सौम्या इंगले अनामिका महाजन, मिनाक्षी तारे और सीमा देव उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल की आठ महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की महिला केद्रों में इस शनिवार 13 दिसंबर को हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ उत्साह के साथ जारी रहा। इस शनिवार मंडल के 8 महिला केद्रों की सदस्याओं ने उत्साह के साथ पाठ जिसमें रोहिणीपुरम, डंगनिया, शंकर नगर, अवंती विहार, वल्लभ नगर, बूढ़ापारा, वल्लभनगर और चौबे कालोनी केंद्र की महिलाएं शामिल थी।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने महाराष्ट्र मंडल भवन में एकत्रित होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान अनुभा जाउलकर, अंजली काले, नमिता शेष, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़कर, दिव्या पात्रीकर, सोनल फड़नवीस, प्रिया जोगलेकर, रश्मि डांगे, रश्मि दलाल, ज्योति डोलस, संध्या अनुजा महाड़िक, चित्रा जावड़ेकर, वंदना तेंलग, माधव गिरहे, दिपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, जया भावे, प्रियंका राजपूत, प्रीती रणदिवे, शैला गायधनी, सौम्या इंगले, अनामिका महाजन, मिनाक्षी तारे औप सीमा देव उपस्थित थीं।

काले ने आगे बताया कि रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने सेक्टर-1 स्थित स्थित शिवधाम मंदिर में पाठ किया। इस दौरान अचला मोहरीकर, साधना बहिरट, चित्रा बल्कि, संध्या खंगन और मंगला कुळकर्णी उपस्थित थीं। वहीं शंकर नगर केंद्र के सदस्यों ने रामरक्षा स्तोत्र तथा हनुमान चालीसा का पाठ शंकर नगर के पंचमुखी हनुमान मंदिर में किया। इस दौरान मधुरा भागवत, आयुषी विठालकर, स्मिता कोमजवार, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, श्रद्धा विठालकर तथा मेधा कोतवालीवाले उपस्थित थीं।

आस्था ने आगे बताया कि अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्या लक्ष्मी जिल्हारे से घर पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान अनघा अस्वले, अंजू फूदे, छाया महाजन, गीता हाटे, जागृति हमारे,लक्ष्मी जिल्हारे, शुभदा चौधरी, मीना लांघेकर, पूजा भंडारी, सुनीता भंडारी, शिल्पा चौधरी, सीमा कांटाकर, सुदेशना नेने उपस्थित थीं। वहीं बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में पाठ किया। पाठ में प्रियंका सोनी, केवल सोनी, अदिति सोनी, संजय फाय, विशाल उपाध्याय, भीखम अग्रवाल, सुनीता साठे, अंजली नलगुंवार, प्रणिता नलगुंड़वार शामिल हुई।

आस्था ने बताया कि चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने भूतेश्वर महादेव मंदिर गरियाबंद पहुंच हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान मनीषा वरवंडकर, सुषमा आप्टे, अपर्णा कालेले, चारुशीला देव, अंजली मोहरिल, अंजली वैद्य, अल्का मराठे, सुनीता कुलकर्णी, कीर्ति हिषिकर, गौरी क्षीरसागर, वैभवी हिषिकर, पल्लवी मुक्कदम, उज्वला मुक्कदम, अनुपमा बोधनकर, संध्या हिषिकर, पुष्पा गोवर्धन, अवंती अग्निहोत्री, आरती करंडे उपस्थित रहीं।

वहीं वल्लभ नगर केंद्र और प्रियदर्शिनी नगर की महिलाओं ने एक साथ राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का पाठ प्रियदर्शिनी नगर स्थित हनुमान मंदिर में किया। इसमें मनीषा सदन, दीपाली गोयल, मेरा दलाल, अपर्णा देशमुख, रेनू सहगल , संगीता सहगल, मंजू बियानी, कंचन पुसदकर, संगीता बिनानी, नीलिमा लाड्डा, अंजलि ठाकुर, अनिता गुप्ता, वंदना पाटील, कविता श्रीवास्तव, आशा सिन्हा, समा रहेजा, नीलू दवे, अर्चना जतकर, दीपा चक्रवर्ती, मीरा देवांगन, मालती सिंह, सरस्वती सिन्हा, प्रतिभा दुबे, सुशीला महर आदि महिलाएं शामिल हुई।

देशपांडे परिवार ने नेत्रदान कर संजोया मां की स्मृतियों को
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आनंद मेला और विज्ञान प्रदर्शनी 21 दिसंबर को
रायपुर। बच्चों में जिज्ञासा जगाने, सीखने को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने में उद्देश्य से महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी और आनंद मेले का आयोजन रविवार, 21 दिसंबर को किया गया है। इस संबंध में शनिवार 13 दिसंबर को स्कूल के प्राचार्य ने अभिभावकों के साथ मीटिंग की और उन्हें आनंद मेले का न्यौता दिया।

प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने अभिभावकों से कहा कि विज्ञान प्रदर्शनियाँ केवल परियोजनाओं का प्रदर्शन मात्र नहीं हैं; बल्कि ये नवाचार, प्रयोग और वास्तविक जीवन में वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुप्रयोग को बढ़ावा देने वाले मंच हैं। हमारे स्कूल के बच्चों द्वारा बनाई गई विज्ञान प्रदर्शनी में कुछ प्रदर्शनियां एआई बेस होगी। वहीं भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी विज्ञान की विभिन्न शाखाओं को कवर किया जाएगा।
प्राचार्य ने आगे कहा कि कि रविवार, 21 दिसंबर को सुबह 9.30 बजे से विज्ञान प्रदर्शनी और आनंद मेले का आयोजन किया गया है। जिसका उद्देश्य बच्चों में व्यवसाय की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है। विज्ञान प्रदर्शनी के साथ बच्चे खट्टे-मीठे व्यंजनों का स्टाल भी लगाएंगे। आनंद मेले में पानीपुरी, डडली, भेल, मिठाई के स्टाल बच्चों द्वारा लगाए जाएंगे। जिसमें कुल 25 स्टाल के साथ स्कूल प्रबंधन की ओर से भी एक स्टाल लगाया जाएगा। वहीं अभिभावकों औऱ बच्चों के लिए एक सेल्फी जोन भी बनाया जा रहा है।

प्राचार्य ने अभिभावकों से कहा कि इस स्कूल की स्थापना 1983 में महाराष्ट्र मंडल द्वारा मध्यमवर्गीय परिवार को अच्छी शिक्षा देने के लिए किय़ा गया। तब से लेकर अब तक कार्य निरंतर जारी है। गत वर्ष स्कूल के 4 बच्चों ने मैरिट सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया। इस वर्ष इस सफलता का ग्राफ बढ़े इसके लिए अभी से बच्चों को प्रतिदिन पांच-पांच प्रश्नों की तैयारी कराई जा रही है।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट की टीम प. बंगाल के लिए रवाना
- 18 सदस्यीय टीम को एसोशिएसन के अध्यक्ष ने स्टेशन पहुंच दी जीत की शुभकामनाएं
रायपुर। छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोशिएशन की 18 सदस्यीय टीम गुरुवार 11 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुई। टीम के 12 लड़के और 6 लड़कियों के साथ कोच और मैनेजर भी पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए। एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन दंडवते ने स्टेशन पहुंच सभी खिलाड़ियों को जीत की शुभकामनाएं दी। बतादें कि 12 दिसंबर से पश्चिम बंगाल के ठाकुर नगर में 9वीं नेशनल रिंग फाइट चैंपियनशिप शुरू होने जा रही है।
दंडवते ने बताया कि तीन दिवसीय चैम्पियनशिप में कई स्टेट की टीमें शिरकत कर रही है। एसोशिएशन के सचिव और टीम के मुख्य कोच ओपी कटारिया के नेतृत्व में ब्वायज कोच प्रवीण क्षीरसागर, गर्ल्स कोच रंजीता जायसवाल , टेस्ट रेफरी पवन ओगले और भागिरथ काळेले खिलाड़ियों के साथ रवाना हुए। ब्वायज टीम में गौरव हिमने, अवनीश जायसवाल, अभिमान कुमार, पुष्कर साहू, वेदांत साहू, आदित्य नारायण, तुषार वर्मा, सृजन सिंह, योगेश कुमार, आयुष्मान कालेले, विहान कालेले और रौनक वर्मा शामिल है। वहीं गर्ल्स टीम में वर्तिका क्षीरसागर, प्रणवी ओगले, तन्वी साहू, यशिका साहू, रेशु जायसवाल और प्रकृति दंडवते रिंग फाइट चैंपियनशिप में अपना दमदार प्रदर्शन दिखाएंगे।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने अर्पित की शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बुधवार, 10 दिसंबर को रेड हाउस द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर विशेष असेंबली का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्हें याद कर बच्चों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
रेड हाउस इंचार्ज शिक्षिका श्वेता चौधरी के नेतृत्व में बच्चों ने मानव अधिकार दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। असेंबली का कंडक्शन भावना चेलक, प्रतिज्ञा गुंजन ढेंगे, सुविचार रोहान साहू और स्पीच गौरव गायकवाड़ ने प्रस्तुत किया।
विवेक राजपूत सर ने बच्चों को बताया कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फांसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। सोनाखान शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। उन्होंने माखनलाल का गोदाम लूटकर लोगो में बांट दिया उसके लिए उन पर देशद्रोह का आरोप लगा और उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई गई थी।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट टीम गुरुवार, 11 दिसंबर को प. बंगाल होगी रवाना
संत ज्ञानेश्वर के बच्चों ने जाना मानव अधिकारों को.. शहीद वीर नारायण को किया नमन
- नाट्य अभियन कर बच्चों ने मानव अधिकारों की व्याख्या की
रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के शहीद राजगुरु हाउस के बच्चों ने बुधवार, 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस और शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई। बतादें कि आज के ही दिन शहीद वीर नारायण को सन 1857 को रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दे दी गई थी।
शहीद राजगुरू हाउस की इंचार्ज सरिता पांडे और शेफाली ठाकुर ने बताया कि बच्चों ने मानव अधिकार दिवस के अवसर पर नाट्य अभियन किया। जिसमें जाति धर्म से पहले मानव धर्म को बताया गया। बच्चों ने विभिन्न धर्मों की वेशभूषा में नाटक किय। एक बच्चा हिन्दू की वेश में आराध्य, मुस्लिम की वेश में काशिफ, सिक्ख की वेश में प्रभजोत और ईसाई की वेश में प्रतिज्ञा ने मंचीय प्रस्तुति दी। असेंबली का संचालन आयुषी तिवारी और प्रतिज्ञा निमेष दास ने कराई। दीपिका ने भाषण प्रस्तुत किया।
सरिता पांडे ने बच्चों को बताया कि मानवाधिकार दिवस लोगों को मानवाधिकारों के महत्व को याद दिलाने का एक आसान माध्यम है। यह वह दिन है जो उन लोगों के संघर्षों और बलिदानों को मान्यता देता है जिन्होंने उन अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी जिनका हम सभी आज आनंद लेते हैं।
यह दिन मानव जाति के रूप में हमने जो प्रगति की है, उस पर विचार करने और सभी के मानवाधिकारों को याद करने का भी समय है। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने और मानवाधिकारों के महत्व के बारे में सभी को शिक्षित करने के लिए यह दिन विश्व भर में मनाया जाता है।
मौका बार-बार नहीं मिलता.. मिला है तो जीत के लिए खेलेः अजय काले
- रिंग फाइट के खिलाड़ियों में जीत की ऊर्जा का संचार किया काले ने
- एसोसिएशन के अध्यक्ष दंडवते ने खिलाड़ियों से की वन-टू-वन बात
रायपुर। किसी भी खेल में खिलाड़ियों को ब्लाक फिर जिला, फिर प्रदेश और फिर नेशनल खेलने का मौका मिलता है। उसके बाद इंटरनेशनल का नंबर आता है। छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन ने आपको सीधे नेशनल खेलने का मौका दिया। यह मौका आपको बार-बार मिले यह जरूरी नहीं, इसलिए मौका मिला तो जीत के लिए खेले, अपने लिए खेले, जब आप अपने लिए खेलेंगे तो जीत छत्तीसगढ़ की होगी, हमारे एसोसिएशन की होगी। उक्ताशय के विचार छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के संरक्षक महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने रिंग फाइट में नेशनल खेलने के लिए पश्चिम बंगाल जाने वाले खिलाड़ियों से कहीं।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए काले ने आगे कहा कि हम वहां प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे ऐसे में हमारी हर एक्टिविटी हमारे चरित्र और प्रदेश के नाम पर असर डालेगी। हमें खेल के दौरान किसी से भी तू-तू, मैं-मैं से बचना है। हमारा पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ खेल पर होना चाहिए। हमें मौका मिला है तो इसे कैश कराना आपकी जिम्मेदारी है। आपने कैरियर को अच्छा बनाने का यह सुअवसर है। इसलिए मन लगाकर खेले।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन दंडवते ने सभी खिलाड़ियों से वन-टू-वन बात की। उन्होंने खिलाड़ियों से इस वर्ष के अभ्यास सत्र के बारे में पूछा। तथा पिछले वर्ष के सफल खिलाड़ियों से उनके पिछले अनुभवों को जाना। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आप सभी को कोच और एसोसिएशन के सचिव द्वारा बताए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करना है। आयोजन बड़ा, भीड़ अधिक रहेगी, ऐसे में सभी को साथ लेकर चलना है और हमेशा अलर्ट रहना है।
इससे पूर्व एसोसिएशन की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत किया और उन्हें जीत के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि 18 खिलाड़ियों की टीम के साथ इस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन दंडवते, सचिव ओपी कटारिया, ब्लायज कोच प्रवीण क्षीरसागर, गल्स कोच डा. रंजीता जायसवाल, टेस्ट रेफरी पवन ओगले और भागिरथ काळेले पश्चिम बंगाल जाएंगे। इस अवसर पर खिलाड़ियों को ट्रैक सूट वितरित किया गया।
यह खिलाड़ी जाएंगे पश्चिम बंगाल
प्रणवी ओगले, रेशु जायसवाल, वर्तिका क्षीरसागर, तन्वी साहू, यशिका साहू, प्रकृति दंडवते, आयुष्मान कालेले, विहान कालेले, गौरव हिमने, अनिस जायसवाल, अभिमान कुमार, पुष्कर साहू, वेदांत साहू, आदित्य नारायण, तुषार वर्मा, सृजन सिंह, योगेश कुमार और रौनक वर्मा शामिल है।
कलावंत-2025 में मंडल सभासदों के बच्चों ने लहराया परचम
रायपुर। गोविंद लीला कला कौशल रायपुर द्वारा आयोजित चार दिवसीय कलावंत 2025 महोत्सव में महाराष्ट्र मंडल के सभासदों के बच्चों ने जीत का परचम लहराया। ऐश्वर्या जोशी, श्रिया जतकर और स्वरा नासरे ने सोलो और समूह कथक नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इन बच्चों की इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और कार्यकारिणी ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दी। बतादें कि इस गायन, वादन और नृत्य उत्सव में भारत के साथ नेपाल और बांग्लादेश के 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद सौरभ जतकर और पूनम जतकर की छह साल की बेटी श्रिया जतकर ने एकल और समूह नृत्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्रिया पिछले 2 साल से कथक सेमी क्लासिकल सीख रही है। वहीं प्रवाह नासरे और भाग्यश्री नासरे की बेटी स्वरा नासरे पिछले दो माह से कथक सीख रही है। दो महीने में ही काफी अच्छा कथक सीखकर विजेताओं की लिस्ट में स्वरा ने अपना भी नाम दर्ज किया।
वहीं अखिलेश और पल्लवी जोशी की बेटी ऐश्वर्या जोशी ने अपने नृत्य के माध्यम से देवी स्तुति प्रस्तुत की एवं तराना व ठुमरी पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कियाl इस प्रतियोगिता में जूनियर एकल कथक वर्ग मे 7 वर्षीय ऐश्वर्या जोशी को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
कलावंत-2025 में संत ज्ञानेश्वर की छात्रा पावना जूनियर कैटेगिरी में प्रथम

छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन और महाराष्ट्र मंडल की संयुक्त बैठक आज
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल चौबे कालोनी में सोमवार 8 दिसंबर को शाम 5 बजे छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन एवं महाराष्ट्र मंडल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई है। बैठक में 9वीं नेशनल रिंग फाइट चैम्पियनशिप 2025 के लिए जाने वाले खिलाड़ियों का परिचय और स्पर्धा के संबंध में जानकारी साझा की जाएगी।
छत्तीसगढ रिंग फाइट एसोसिएशन की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि 9वें नेशनल गेम के लिए टीम पश्चिम बंगाल जाएगी। वहां 12 से 14 दिसंबर तक प्रतियोगिता होगी। 8 दिसंबर को होने वाली बैठक में खिलाड़ियों का परिचय व प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी से अवगत कराया जाएगा। पिछले दो महीनों से छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के सचिव और कोच ओपी कटारिया के नेतृत्व में खिलाड़ियों द्वारा अभ्यास किया जा रहा है।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ
- तात्यापारा केंद्र के साथ गीता परिवार के सदस्य भी हुए शामिल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रो ने इस शनिवार को पूरे उत्साह के साथ रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ जारी रहा। मंडल की चौबे कालोनी, बूढ़ापारा, तात्यापारा और न्यू राजेंद्र नगर-कमल विहार केंद्र की महिलाओं ने समीपस्थ मंदिर और केंद्र की सदस्यों के घर पर पाठ किया। इस बार तात्यापारा केंद्र की महिलाओं द्वारा तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में किए गए पाठ में गीता परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। और उन्होंने इस अवसर पर गीता पाठ भी किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि चौबे कॉलोनी केंद्र द्वारा महाराष्ट्र मंडल भवन में हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र पाठ किया गया। इस दौरान मनीषा वरवंडकर , चारुशीला देव, अक्षता पंडित, स्वाती डबली, अनुपमा बोधनकर, रंजना चोपकर , गौरी क्षीरसागर, प्राची डोनगंवाकर, अल्का मराठे, रोहिणी नेने, अंजली वैद्य, राजश्री बर्वे, सेजल शाह, संध्या पांडे, पल्लवी मुक्कदम , मनीषा मुक्कदम उपस्थित थे।

काले ने आगे बताया कि बूढ़ापारा द्वारा हुए पाठ में अंजली नलगुंडवार,दीपाली करकशे, माला करकशे, अपर्णा काले, संचाली पाध्ये, वीणा वंदालकर, श्यामल जोशी, प्राची भुसारी, अल्पा ढोकलिया, मंजू काले, प्रणिता नलगुंड़वार और मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल विशेष रुप से उपस्थित थे।

तात्यापारा केंद्र की महिलाओं ने तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा और गीता पठन किया गया। जिसमें तात्यापारा एवं गीता परिवार के सदस्य सम्मिलित हुए। इस दौरान अल्पना मोहदीवाले, विमल कुमार साहू, हरीराम साहू, कुमुद शर्मा, कविता शेष, पल्लवी साहू, मुकुला शर्मा, मेघा खुसरे, आशा शर्मा, गोपी धूत, संगीता काबरा, आराधना शेष, मीश्रा दीदी और सुलेखा हिशीकर उपस्थित थे। वहीं न्यू राजेंद्र नगर, कमलविहार केंद्र द्वारा समीपस्थ मंदिर में हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। ज्योति बनकर, सुखदा लाखे, मंगला मिश्रेकर, नीलिमा लाकपाले, सरिता लुलु, अल्का बापट द्वारा पाठ किया गया।