दिव्य महाराष्ट्र मंडल
डंगनिया और चौबे कालोनी केंद्र ने मनाया हल्दी-कुंकू.... वाण पाकर खिले चेहरे
- चौबे कालोनी केंद्र ने बनाई अष्टविनायक गणेश की आकर्षक झांकी
रायपुर। महाराष्ट्रीयन विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक सामाजिक-धार्मिक उत्सव है हल्दी-कुंकू। मकर संक्रांति पर हर महाराष्ट्रीय महिला को हल्दी-कुंकू का आमंत्रण मिले तो सुहाग के प्रतीक इस उत्सव को वह मिस नहीं करती। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में इन दिनों हल्दी-कुंकू उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गुरुवार, 22 जनवरी को महाराष्ट्र मंडल परिसर में चौबे कालोनी और डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ हल्दी-कुंकू का मनाया गया। तिल गुड़ के लड्डू, मनमोहक गेम्स और वाण मिलने पर महिलाओं के चेहरे खिले नजर आए।

महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास की प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने मंडल भवन में हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। केंद्र की सदस्या रंजना राजिमवाले और सृष्टि दंडवते ने अन्य सदस्यों को संक्रांति से संबंधित गेम खिलाए। जिसमें शैला गायधनी प्रथम और दिव्या पात्रीकर द्वितीय रही। सभी ने एक दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर वाण भेंट किया। इस अवसर पर अनुभा जाउलकर, अंजली काले, नमिता शेष, दिव्या पात्रीकर, विजया भाले, अनामिका महाजन, संध्या अनिल, मिनाक्षी तारे, सीमा देव, अनुजा महाड़िक, दिपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, जया भावे, प्रियंका राजपूत, प्रीती रणदिवे, शैला गायधनी, रश्मि डांगे, माधवी गिरहें, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़, शिल्पा पराड़, प्रणिता इंचुलकर, माधुरी इंचुलकर, शुभांगी रुद्रजवार और अर्चना टेंबे उपस्थित रहीं।

चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि गुरुवार 22 जनवरी को गणेश जयंती और श्रीराम लला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन इसी थीम पर था। कार्यक्रम स्थल पर अष्ट विनायक श्री गणेश और रामसेतु शिला की आकर्षक झांकी बनाई गई थी। केंद्र के सदस्यों को तिल गुड पतंग के ऊपर गेम खिलाया गया। जिसमें प्रथम शालिनी शर्मा, द्वितीय देशपांडे और तीसरा स्थान मनीषा वरवंडकर ने प्राप्त किया। इस अवसर पर संगीता निमोणकर, मनीषा वरवंडकर, अपर्णा काळेले, चारुशीला देव, अंजली वैद्य, अलका मराठे, सुनीता कुलकर्णी, उज्वला पुराणिक, अनुपमा बोधनकर, अवंती अग्निहोत्री, सेजल शाह, सोनाली बेंद्रे, संध्या पांडे, रोहिणी नेने, रंजना चोपकर, अक्षता पंडित, स्वाती डबली, प्राची डोणगावकर, स्वाती डोणगावकर, नीलिमा डोणगावकर, मनिषा मुकादम उपस्थित थीं।
बोर्ड परीक्षा 2026: एक दिन में पूरा चैप्टर नहीं, बल्कि टॉपिक-वाइज करें पढ़ाई: तृप्ति अग्निहोत्री
रायपुर। बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर बड़ी संख्या में बच्चे अभिभावकों से ज्यादा शिक्षकों की बातों का अहमियत देते है और शिक्षकों की हर एक सलाह मानते है। 10वीं-12वीं के साथ 5वीं और 8वीं के बच्चे बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे बच्चों के मन में पढ़ाई के लिए आ रहे डाउट्स और एग्जाम प्रिप्रेशन को लेकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की जीव विज्ञान की सदस्य और संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एक दिन में पूरा चैप्टर पढ़ने के बजाए टॉपिक-वाइज पढ़ना चाहिए।
शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने कहा कि सिलेबस या ब्लू प्रिंट को अच्छे से समझे कि कौन का अध्याय कितना महत्वपूर्ण है। यह जानना बेहद जरूरी है। फिर इसका क्रम तैयार करें औऱ उसी क्रम के अनुसार पढ़ाई में फोकस करें। पढ़ाने के लिए समय तय जरूर करें। सुबह उठकर या रात में सोने के पहले दोनों ही समय बेहतर लेकिन अपने बनाए टाइम टेबल का कड़ाई से पालन करें, यानी इतने से इतने बजे तक पढ़ना है, मतलब सिर्फ पढ़ना है। इस दौरान कोई दूसरा काम नहीं करना है।
तृप्ति अग्निहोत्री ने कहा कि अगर कोई चैप्टर अधिक बड़ा है तो उसे एक दिन में पूरा करने के बजाए टॉपिक-वाइज पढ़े, फिर उसके नोट्स बनाए। सूत्र, परिभाषाएं और महत्वपूर्ण बिंदू को लिखकर रखे। बीते वर्षों का समय निकालकर पिछले वर्षों का प्रश्नपत्र हल करें, पैटर्न समझने में मदद मिलेगी। मॉक टेस्ट का अभ्यास परीक्षा हाल के लिए समय प्रबंधन बेहतर करता है। सप्ताह में एक बार रिवीजन अवश्यक करें और कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें।
अवंती विहार महिला केंद्र के हल्दी-कुंकू में दिखा मराठी, गुजराती, पंजाबी और तमिल कल्चर
- छाया ताई ने सुनाई रखुमाई और संक्रांति की कथा
- रोचक गेम्स ने उत्सव को बनाया और भी खास
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने सुदेशना मेने के निवास पर पर केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरूआत सुदेशना मेने ने संक्रांति के महत्व और भारत के अलग-अलग इलाकों में इसे मनाने की तौर-तरीकों के बारे में बताया। वहीं इस अवसर पर केंद्र की सदस्या भारती देवरणकर महाराष्ट्रीय वेशभूषा, गीता हाटे गुजराती, जयश्री ब्राह्मणकर पंजाबी और अंजू फुंडे तमिल वेशभूषा में रीजनल कल्चर की एक्टिंग कर सभी का दिल जीत लिया।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि अवंती विहार केंद्र के हल्दी कुंकू कार्यक्रम में मराठी, गुजराती, पंजाबी और तमिल कल्चर एक साथ नजर आया। इस अवसर पर केंद्र की वरिष्ठ सदस्या छाया भवालकर ने भारूड़ के रुप में रखुमाई की संक्रांति कथा को दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुत किया। संक्रांति पर पतंगों का विशेष महत्व होता है, इसलिए रंग-बिरंगी पतंगों पर आधारित रोचक गेम खेले हुए। जिसमें प्रथम छाया भवालकर और गीता हाटे रहे। दूसरे स्थान पर आनंदी ब्राह्णणकर और श्वेता फटाले रहीं। वहीं नंदिनी कोल्हे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

दूसरे गेम में संक्रांति से जुड़े शब्दों को पहचानकर जल्दी से जवाब देना था। जिसमें गीता दलाल में प्रथम, आनंदी ब्राह्मणकर द्वितीय और अंजू फूंडे तृतीय रही। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जागृति भाकरे ने कहा कि इस तरह के आयोजन से घर की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं को खुशी के पल मिलते है और हमारी संस्कृति और परंपरा का निर्वहन होता है। जिसे हम भावी पीढ़ी को सौंप सकते है।
इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, शुभदा गिजरे, आनंदी ब्रह्मणकर, श्वेता फटाले, रेखा खूटे, भारती देवरणकर, मीना इंगलीकर, गीता हाटे, अंजू फूंडे, निशान उमाले, राजश्री कोल्टे, जयश्री ब्रह्मणकर, नंदिनी कोल्हे, वसुधाताई हिरदे, शिल्पा चौधरी, भारती कुर्वे, मनीषा दासे, योगिनी मुजुमदार, आकांक्षा मोहदीवाले, सुदेशना मेने, जागृति भाकरे, छाया महाजन और शुभदा चौधरी मौजूद रहीं।
‘बोल बेबी बोल रोटी है गोल’ पासम पास गेम में रेणुका विजेता और अर्चना बनीं उपविजेता
- मंडल के सड्डू मोवा केंद्र के सदस्यों नवा रायपुर के सेंध लेक में मनाया हल्दी कुंकू
रायपुर। हाथों में बैलून लेकर एक-दूसरे प्रतिभागी को बैलून में पास करते हुए महिलाएं ‘बोल बेबी बोल रोटी है गोल’, ‘बोल बेबी बोल टिकली है गोल’ बोलने लगे। सभी प्रतिभागी किसी न किसी गोल वस्तु का नाम ले रहे थे। स्पर्धा में रेणुका पुराणिक प्रथम, अर्चना भंडारकर द्वितीय और शीतल तलेगांवकर तृतीय रहीं।
शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक ने बताया कि सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में हल्दी-कुंकू और पिकनिक का आयोजन किया था। इस अवसर पर सभी महिलाओं को हल्दी-कुंकू और वाण दिया गया। साथ ही मराठी परंपरा के अनुसार उखाना लेने को कहा गया, जिसमें काव्य रचना के माध्यम से पति का नाम लिया जाता है।

रेणुका ने आगे बताया कि संक्रांति से जुड़े नामों के साथ हाउजी गेम भी तैयार किया गया था, जिसका सभी ने खूब आनंद लिया। इसके अलावा “बोल बेबी बोल” गेम का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शाम के समय सभी के साथ मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन सभी सदस्यों के लिए अत्यंत आनंददायक और यादगार रहा। अंत में सभी ने महाराष्ट्र मंडल के लज़ीज़ व्यंजनों का भी लुफ्त उठाया इस अवसर पर शालिनी जोशी, प्राजक्ता एतुलकर, मनीषा होशंगाबादे, मंजूषा केलकर, उर्वशी उरगांवकर, आरती पोतदार, रेणुका पुराणिक, विनाया करदाले, डा. मानसी , माधवी मोघे, रंजना देशपांडे, अर्चना भंडारकर, शीतल तलेगांव, गीता दलाल और सविता अलोनी उपस्थित रहीं।
बोर्ड परीक्षा 2026: पहले चरण में सरल प्रश्नों को हल करें, लेकिन प्रश्नों का क्रम न बदलें
रायपुर। बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित हो चुकी है। कक्षा 10 की परीक्षाएँ 21 फरवरी से 13 मार्च तक और कक्षा 12 की परीक्षाएँ 20 फरवरी से 18 मार्च तक होंगी। वहीं 5वीं की बोर्ड परीक्षा 16 मार्च और 8वीं की 17 मार्च से शुरू होंगी। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के साथ परीक्षा हाल में उत्तर पुस्तिका लिखने के सही ढंग और क्रम मूल्यांकन कर्ता को जांच में सहायक होते है।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य और माध्यमिक शिक्षा मंडल के विषय समिति के संयोजक मनीष गोवर्धन ने अपने 32 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहते है कि परीक्षा हाल में प्रश्न पत्र मिलने पर पहले 10 मिनट पेपर से अच्छे से पढ़े। ताकि आप यह मार्क कर सके कि आपको कौन-कौन से प्रश्नों को उत्तर बहुत अधिक अच्छे से याद है। प्रश्न पत्र हल करने का क्रम प्रारंभ से अंतिम यानी जिस क्रम में प्रश्न दिया उसी क्रम में उत्तर लिखे। क्योंकि मूल्यांकन कर्ता को उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर अंक प्रविष्ठ करना होता है, अतः क्रम बदलने नहीं चाहिए।
मनीष गोवर्धन ने आगे कहा कि पहले चरण में आसानी से बनने वाले या यूं कहें कि उन प्रश्नों को हल कीजिए, जो आपको बहुत अच्छे से याद है। किसी प्रश्न का उत्तर नहीं बन रहा है उसके लिए उत्तर की शब्द सीमा के अनुसार स्थान छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए। प्रथम चरण के बाद बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, उसके बाद उन प्रश्नों के हल करना प्रारंभ कीजिए जो आपका याद है। लेकिन समय का विशेष ध्यान रखें। दोनों चरणों के बाद बचे समय में उन प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें जिसके लिए आपने स्थान छोड़ा है।
मनीष गोवर्धन ने आगे कहा कि उत्तर क्रमांक और आवंटित अंक का उल्लेख सभी प्रश्नों पर शीर्षक के रुप में अंकित करना चाहिए। ताकि मूल्यांकनकर्ता को नंबर देने में आसानी हो। वहीं हर प्रश्न को हल करने के बाद दो लाइन छोड़कर ही अलगा प्रश्न लिखे। पृष्ठ के अंतिम लाइन या काफी नीचे से नये प्रश्न का उत्तर लिखना बिल्कुल भी शुरू नहीं करे। पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बाद एक बार उसका निरीक्षण अवश्य करें तभी पेपर जमा करें।
महाराष्ट्र मंडल में हल्दी कुंकू पर रंगोली और फैंसी ड्रेस स्पर्धा 23 जनवरी को
- मुंबई में अपनी पहचान बना चुकी श्रुति संघी अपनी गायिका से कार्यक्रम को बनाएंगी खास
- कथक की बाल नृत्यांगा अभिज्ञा शुक्ल और ओजस्वी पार्थ शेष का किया जाएगा अभिनंदन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा आगामी 23 जनवरी को दोपहर 2 से हल्दी-कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। हल्दी-कुंकू में इस बार जहां मंदाताई कुसरे की स्मृति में रंगोली प्रतियोगिता होगी। वहीं फैंसी ड्रेस स्पर्धा प्रतिभागियों और सदस्यों में उत्साह का संचार कर देने वाला होगा। आयोजन में सबसे खास यह है कि बैंगलोर, उदयपुर, मुंबई जैसे महानगरों में अपनी प्रस्तुति दे चुकी और संगीतकार मोंटी शर्मा के हाथों टिकिट टू वालीवुड का खिताब अपने नाम कर चुकी रायपुर की श्रुति संघी अपनी गायिका की प्रस्तुति देगी। बताते चले कि श्रुति रायपुर शहर के स्वर सप्तक मंच से अपनी प्रतिभा की पहचान बनाकर सरगम के साथी मुंबई के कार्यक्रम मैलोडी रिदम एंड फ्यूजन बिरला मातोश्री हाल मरीन लाइन मुंबई में देश के नामी गायकों के साथ अपनी गायकी का एक अलग स्थान बना चुकी है।
कार्यक्रम की संयोजक और महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि शुक्रवार, 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन हल्दी-कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मंदाताई कुसरे की स्मृति में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई है। जिसके लिए नियमों का निर्धारण कर दिया गया है। वहीं फैंसी ड्रेस स्पर्धा इस बार खास होगी। इस स्पर्धा में प्रत्येक केंद्र से सिर्फ एक प्रतिभागी को लिया जाएगा। दोनों की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभाग मानसी विठ्ठलकर 9340970704, अपर्णा मोघे 8770674833, आराधना शेष _9300491000, शोभा जोशी 9399491791 और अर्चना भाकरे 9806675851 से संपर्क कर सकते है।
गीता दलाल ने आगे बताया कि रंगोली बिंदू वाली बनाई जाएगी। जिसके लिए 15 बाई 15 इंच का साइज निर्धारित किया गया है। स्पर्धा में प्रत्येक केंद्र से सिर्फ दो सदस्य भाग ले सकते है। सभी प्रतिभागियों को रंगोली अपने घर से लानी होगी। रंगोली स्पर्धा का समय दोपहर 2 से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों को एक घंटे का समय मिलेगा। इसी तरह फैंसी ड्रेस स्पर्धा में हर केंद्र से एक एंट्री ली जाएगी। हर प्रतिभागी को मंच पर दो मिनट का समय बोलने के लिए दिया जाएगा। फैंसी ड्रेस स्पर्धा दोपहर 3.30 बजे से शुरू होगा।
जीवन में बड़ी सफलता चाहिए तो बनाएं छोटे-छोटे लक्ष्यः काले
0- महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की महाआरती में जुटे मराठा समाज के पदाधिकारी भी
महाराष्ट्र मंडल में 19 जनवरी की शाम छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती
हल्दी- कुंकू 2026.... अमलीडीड केंद्र में 10 चूड़िया रिंग में फंसाकर प्रिया बनीं विजेता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह केद्र में हल्दी-कुंकू का आयोजन रोचक और आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। हल्दी-कुंकू को रोचक बनाने के लिए महिलाओं ने पेंसिंल के स्टैंड में चूड़िया फेंकने का गेम खेला। जिसमें सभी सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लिया। स्पर्धा में 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रही।
महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारी महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख ने बताया कि अमलीडीह महिला केंद्र द्वारा भी हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। मराठियों में हल्दी-कुंकू का बड़ा महत्व है। विवाहित महिलाओं के सौभाग्य, आपसी स्नेह और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है, जहाँ वे एक-दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर पति की लंबी उम्र और घर में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह महिलाओं को एकजुट होने, सजने-संवरने और त्योहारों का आनंद लेने का अवसर देता है।

अपर्णा देशमुख ने आगे बताया कि अमलीडीह केंद्र की हुई मासिक बैठक की शुरूआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। महिलाओं ने पेंसिंल के स्टैंड में कांच की चूड़ियां फेंकने का गेम भी खेला। जिसमें 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रही। बैठक में आगामी सामाजिक कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई। जिसमें स्लम एरिया में संस्कार शिविर लगाने पर की रूपरेखा तैयार की गई। इस अवसर पर अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, कामिनी पतंगीवार, मनीषा कस्तूरे, रेणुका टोमे, प्रीती, प्रिया काडू, शोभा सोनाये, कविता शर्मा ,अपर्णा देशमुख उपस्थित थी।
हल्दी- कुंकू 2026.... मनोरंजक खेल में परिणीता रही प्रथम और वंदना दूसरे स्थान पर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बूढ़ापारा महिला केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन रोचक और आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने हाउजी की गोटियों (पासा) से बर्थ डे पजल खेला जिसमें परिणीता खांडेकर प्रथम और वंदना जोशी दूसरे स्थान पर रही।
बूढ़ापारा केंद्र की संयोजिका अपर्णा मोघे ने बताया कि केंद्र की सदस्या दीपाली बर्वे के निवास पर हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इस अवसर सभी ने मनोरंजक गेम खेला। जिसमें सभी सदस्यों को अपना जन्म तिथि बताया फि बाउल मे रखी गोटियों को एक-एक करके तब तक निकालना था, जब तक उनकी जन्म तिथि वाला अंक नहीं आ जाता। जिसने सबसे ज्यादा गोटियों के बाद अपना नंबर निकाला वह विजयी रही। स्पर्धा में परिणीता खांडेकर प्रथम और वंदना जोशी दूसरे स्थान पर रही।

अपर्णा मोघे ने आगे बताया कि सभी का स्वागत हल्दी-कुंकू लगाकर किया गया और तिल के लड्डू एवं स्वादिष्ट आलू टिक्की स्वलपाहार कराया गया। बैठक में जयश्री केलकर, हेमा बर्वे, हेमा पराड़कर, सविता मोघे, सरिता साठे, दमयंती देशपांडे, सुचित्रा देशपांडे, अंजलि नलगुंडवार, वंदना जोशी, परिणीता खांडेकर, प्रीति राउत, प्रणिता नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, दीप्ति राउत, दीपाली बर्वे, अपर्णा मोघे, सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, शिल्पा काले, साधना गायकवाड़, अर्चना पराड़कर उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल में बारह ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी के साथ होगा लघु रूद्राभिषेक
- आयोजन के 25वें वर्ष को यादगार बनाने में जुटे समिति के पदाधिकारी
- पिछले 23 वर्षों से लगातार पूजन में बैठ रहे दंपतियों का होगा सम्मान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल भवन के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के सामूहिक तत्वावधान में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार, 15 फरवरी को सामूहिक लघु रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष आय़ोजन को खास बनाने की तैयारी में समिति के पदाधिकारी जुटे हुए है। इस वर्ष पूजन स्थल पर बारह ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी रमणीय होगी।
महाराष्ट्र मंडल के सचिव और कार्यक्रम प्रमुख आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि इस वर्ष आयोजन का 25वां वर्ष है। आयोजन को खास बानाने के लिए इस वर्ष संत ज्ञानेश्वर सभागृह में बारह ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी बनाई जाएगी। जो देखते ही बनेगी। झांकी निर्माण की जिम्मेदारी आर्टिशन अजय पोतदार और उनकी टीम ने अपने कंधों पर लिया है।
आचार्य चेतन दंडवते ने आगे बताया कि आयोजन का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष पिछले 23 सालों से लगातार पूजन में बैठने वाले दंपतियों का सम्मान भी किया जाएगा। वहीं इस वर्ष दो नवविवाहित जोड़े भी पूजन में बैठेंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 61 जोड़ो का लक्ष्य रखा गया है। अभी 27 जोड़ों ने अपना पंजीयन करा लिया है। बतातें चले कि इस अवसर पर मंडल की महिला केद्रों द्वारा लघु रूद्र का पाठ और शिव तांडव स्त्रोत का गायन भी किया जाएगा।
महिला केंद्रों में हुआ रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। राजधानी रायपुर की सामाजिक संस्था महाराष्ट्र मंडल द्वारा माह के प्रत्येक शनिवार को होने वाले रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ का क्रम इस शनिवार भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। शनिवार 17 जनवरी को बूढ़ापारा केंद्र, अमलीडीह और चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि बूढ़ापारा केंद्र में केंद्र की सदस्या दीपाली बर्वे के निवास पर एकत्रित होकर रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान संगीता नांदेड़कार, आस्था काले, जयश्री केलकर, हेमा बर्वे, हेमा पराड़कर, सविता मोघे, सरिता साठे, दमयंती देशपांडे, सुचित्रा देशपांडे, अंजलि नलगुंडवार, वंदना जोशी, परिणीता खांडेकर, प्रीति राउत, प्रणिता नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, दीप्ति राउत, दीपाली बर्वे, अपर्णा मोघे, सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, शिल्पा काले, साधना गायकवाड़, अर्चना पराड़कर उपस्थित रहीं।

आस्था ने आगे बताया कि इसी तरह आज चौबे कॉलोनी केंद्र द्वारा चौबे कॉलोनी करबला तालाब स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इस दौरान अक्षता पंडित, स्वाति डबली, प्राची डोनगंवाकर, अल्का मराठे, सुनीता कुलकर्णी, मनीषा मुकादम और अंजली मोहरिल उपस्थित थीं।
अमलीडीह केंद्र की मासिक बैठक शनिवार को संपन्न हुई। जहां सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे ,कामिनी पतंगीवार, मनीषा कस्तूरे, रेणुका टोमे, प्रीती, प्रिया काडू, शोभा सोनाये, कविता शर्मा, अपर्णा देशमुख उपस्थित रही।
बच्चों के रिजल्ट जानने अभिभावकों में दिखा उत्साह
छत्रपति शिवाजी राष्ट्रीय गौरव यात्रा 16 फरवरी को पहुंचेगी रायपुर, तैयारी में जुटा सर्व समाज
- रायपुर में भव्य स्वागत के साथ कार्यक्रम की तैयारी को लेकर जुटे विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में हुए विभिन्न स्पर्धाओं में विजेता बच्चे हुए पुरस्कृत
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में पढ़ाई के साथ वर्ष भर बच्चों के विकास के लिए कई तरह की एक्टिविटी होती है। जिसमें रंगोली, कलश मेकिंग, दीया मेकिंग, पूजा थाली डेकोरेशन, तोरण डेकोरेशन और राखी मेकिंग जैसी गतिविधि शामिल है। गुरुवार, 15 जनवरी को इन प्रतियोगिताओं में विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इन प्रतियोगिताओं में छत्रपति शिवाजी महाराज यानी येलो हाउस के बच्चों का दबदबा रहा।
शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने बताया कि स्कूल के चारों हाउस वीर सावरकर (रेड), शहीद राजगुरू (ग्रीन), बाल गंगाधर तिलक (ब्लू) और वीर छत्रपति शिवाजी (येलो) हाउस के बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। वर्ष 2025-26 के लिए आयोजित रंगोली स्पर्धा के 9वीं से 12वीं में 9वीं की आयुषी सेन प्रथम, 12वीं की मुस्कान निषाद द्वितीय और 9वीं की तनीषा चतुर्वेदी तृतीय स्थान पर रही। इसी तरह 6वीं से 8वीं के वर्ग में छठवीं की प्रीति साहू प्रथम, अर्पिता थावकर द्वितीय और प्राची टांगले तृतीय स्थान पर रही। कलश मेकिंग स्पर्धा में 8वीं की रागिनी प्रथम रही।

शिक्षिका सुनिधि रोकड़े ने बताया कि दीया मेकिंग में 6वीं से नीतेश यादव प्रथम, रौनक वर्मा द्वितीय और बी दीपक राव तृतीय रहे। इसी तरह थाली डेकोरेशन में 6वीं की हिमाक्षी छीकर प्रथम और तोरण स्पर्धा में 6वीं की लिशिका मानिकपुरी प्रथम रही। इन स्पर्धाओं को कराने की जिम्मेदारी शिक्षिका वंदना बिसेन और आशा जैन ने निभाई। वहीं जज की भूमिका में तृप्ति अग्निहोत्री, चित्रा जाउलेकर और सुनिधि रोकड़े ने निभाई।
राखी मेकिंग में दो बच्चों ने मारी बाजी
शिक्षिका वर्षा गिरीभट्ट और मेघा जैन के मार्गदर्शन में हुए राखी मेकिंग स्पर्धा में 8वीं की सृष्टि ठाकुर और 7वीं की अराध्या सागरवंशी प्रथम रही। इसी तरह छवीं की अंजली राव और अर्पिता ठाकुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 7वीं की चेतना साहू ने स्पर्धा में तृतीय स्थान प्राप्त किया। जजमेंट की जिम्मेदारी शिक्षिका सरिता पांडे और कांति तराते ने निभाई।

आपरेशन सिंदूर पर लिखा निबंध
इस पर आपरेशन सिंदूर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। यह स्पर्धा हिंदी और इंग्लिश दोनों में ली गई। हिंदी में 12वीं के अक्षत द्विवेदी और प्रियंका सोनवानी प्रथम रही। वहीं खुशी सहारे द्वितीय और विनय साहू तृतीय रहे। वहीं इंग्लिस निबंध लेखन में खुशी यादव प्रथम, वर्षा परिदा द्वितीय और डिंपल अवधिया तृतीय रहीं।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय सहित राजधानी के विभिन्न स्कूलों के लाखों बच्चों ने किया वंदेमातरम गायन
- सुभाष स्टेडियम में करीब पांच लाख विद्यार्थी और युवा हुए गायन में शामिल
रायपुर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर रायपुर में वंदेमातरम का सामूहिक गायन को ऐतिहासिक और यागदार क्षणों में बदला गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने भी वंदे मातरम का गायन किया। इस अवसर पर लेफिटिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड के पार्षद और जोन-10 के अध्यक्ष सचिन मेघानी और स्कूल के प्राचार्य विशेष रुप से उपस्थित रहे।

प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अपील पर लोकसभा क्षेत्र के 3000 से अधिक स्कूल और कालोज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सुभाष स्टेडियम में करीब 5 लाख विद्यार्थी और युवा एक साथ जुटे और हमारे स्कूल में भी बच्चों ने निर्धारित समय पर सामूहिक गायन किया।

पार्षद सचिन मेघानी ने कहा बच्चों से कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह उद्घोष, जिसने निहत्थे भारतीयों में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़े होने का साहस भर दिया था, वह 'वंदे मातरम' आज अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वंदे मातरम का इतिहास हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता हमें उपहार में नहीं मिली, बल्कि इसके लिए पीढ़ियों ने इस गीत को गाते हुए अपना बलिदान दिया है।
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