दिव्य महाराष्ट्र मंडल
एसआईआर अभियान में महाराष्ट्र मंडल निभाएगा सहभागिता
एयर पॉल्यूशन और फ्लोइजी का वर्किंग मॉडल बना संत ज्ञानेश्वर के बच्चों ने जीता बेस्ट क्राफ्टमेनशिप अवार्ड
रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय में बीते दिनों आयोजित साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 में एयर पॉल्यूशन और फ्लोइजी का वर्किंग मॉडल बनाकर महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय बेस्ट क्राफ्ट मेनशिप अवार्ड अपने नाम कर लिया बतादें कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझते हुए कार्यात्मक मॉडल तैयार करने और प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता में प्रस्तुत मॉडल वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों, नवाचारी सोच और वर्तमान चुनौतियों के रचनात्मक समाधानों पर आधारित थे। विभिन्न विभागों के छात्र पर्यावरण, सतत विकास, कृषि, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, सामुदायिक कल्याण और सामाजिक विकास जैसे विविध विषयों पर अपने मॉडल प्रदर्शित किया।
स्कूल की शिक्षिका रीता संभलकर ने बताया कि कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा साइंस वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता 4.0 का आयोजन बीते दिनों किया गया था। जिसमें हमारे विद्यालय की दो टीम ने हिस्सा लिया था। पहली टीम में दीपिका अग्रवाल और प्रियंका सोनवानी शामिल थीं। इन्होंने अपने मॉडल एयर पॉल्यूशन पर प्रस्तुत किया।
दूसरी टीम में गौरांश साहू, पूर्वी साहू और वर्षा परीडा शामिल थे। इन्होंने अपने नवाचारी मॉडल फ्लोइजी को प्रस्तुत किया। इस मॉडल ने प्रतियोगिता में बेस्ट क्राफ्ट मेनशिप अवार्ड जीता। इस टीम को 5000 रुपये की नकद राशि और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति ने FlowEase मॉडल की विशेष सराहना की और घोषणा की कि उनकी टीम हमारे विद्यार्थियों की इस मॉडल का पेटेंट दर्ज कराने में सहायता करेंगे। बच्चों को स्कूल की शिक्षिक नीदा सुल्तान लेकर गई थी।
पासा फेंककर अपने लेफ्ट राइट वालों को किया आउट... स्मिता और वृंदा बनीं विजेता
- "राम आयेंगे" गीत पर श्वेता डबली ने पेश किया सुंदर नृत्य
- मंडल के आगामी सेवाभावी कार्यों की चर्चा कर बनी कार्ययोजना
रायपुर। अपनी भागमभाग जिंदगी में खुद के मनोरंजन का कोई भी मौका महिलाएं बिल्कुल भी मिस नहीं करती है। महाराष्ट्र मंडल की शंकर नगर महिला केंद्र की महिलाएं भी उसे लेकर बिल्कुल भी पीछे नहीं रहती। अपनी मासिक बैठक में केंद्र की महिलाओं ने रोचक खेल के साथ खूब एजांय किया वहीं केंद्र की आगामी सेवाभावी कार्यों पर खुलकर चर्चा की। "राम आयेंगे" गीत पर श्वेता डबली ने सुंदर नृत्य पेश कर आयोजन को भक्तिमय कर दिया।

केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि शंकर नगर स्थित बालवाचनालय में मासिक बैठक का आयोजन किया गया। आयोजन में आए सभी सदस्यों का स्वागत हल्दी-कुंकू लगाकर किया गया। सभी ने फूलझड़ी जलाकर सेलिब्रेट किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वल के पश्चात गणेश स्तोत्र, सरस्वती वंदना, लक्ष्मी अष्टक और हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया।
संयोजिका ने बताया कि इस अवसर पर केंद्र की सदस्य श्वेता डबली ने "राम आयेंगे" गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत आयोजन को भक्तिरस में डूबो दिया। वहीं शुभदा गिजरे और स्वाती जोशी ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। मेधा कोतवालीवाले ने बहुत सुंदर कविता सुनाई। कार्यक्रम का संचालन स्वाती कोरान्ने ने किया।
मधुरा भागवत ने आगे बताया कि इस दौरान केंद्र के सदस्यों ने रोचक खेल खेला। जिसमें सभी गोलाकार में बैठ गए। कार्यक्रम की शुरूआत में एक सदस्य ने पासा फेंका और फिर एक चिट निकाली। जिसमें लेफ्ट और राइट लिखा था। पासे में आए नंबर के अनुसार लेफ्ट और राइट के अनुसार एक एक सदस्य को गेम से बाहर किया गया। अंत में बचे स्मिता कोमजवार और वृंदा वोडितेलवार विजयी घोषित किया गया।

कार्यक्रम में मधुरा भागवत, आयुषी विठाळकर, स्मिता कोमजवार, ज्योती अंदनकर, सुरेखा पाटील, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, मेधा कोतवालीवाले, श्वेता डबली, स्वाती जोशी, स्वाती कोरान्ने, योगिनी वरेटवार, सुनिता वंजारी, निर्मला पिंपळे, अर्चना दशपुत्रे, प्रतिमा ठाकुर, अर्चना भांडारकर, कविता लांजेवार, लीना मुजुमदार, सपना काडू, तोशिका भुजबळ, वैशाली निमजे, वर्षा उरकुरकर, रैना पुराणिक, वनिता चिदांबरे, मनीषा भांडारकर, श्रुती पाठक, वृंदा वोडितेलवार, जया कावडकर, मंजुषा कावडकर, जया कोटस्थाने, नीता पटवर्धन, शिल्पा पत्की, मनीषा चौखंडे उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल की छह महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा पाठ




महाराष्ट्र मंडल रायपुर ने बिलासपुर मंडल को भेंट किया पांच मेडिकल बेड
मराठी नाटक केस-नंबर 99 में योजना, रहस्य और मनोरंजन का समावेश
आगामी समाजसेवी कार्यों की रूपरेखा बनाई चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने
रायपुर। अपने समाजसेवी कार्यों के चलते राजधानी सहित पूरे प्रदेश में अपना नाम स्थापित कर चुकी महाराष्ट्र मंडल रायपुर की चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने आगामी समाजसेवी कार्यों की रूपरेखा तैयार की। केंद्र की महिलाओं ने शनिवार, 22 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल में इस संबंध में बैठक का आयोजन किया।
केंद्र की वरिष्ठ सदस्या अपर्णा काळेले ने बताया कि बैठक का आयोजन शनिवार के दिन होने के कारण आयोजन की शुरूआत हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्तोत्र पाठ के साथ किया गया। इस अवसर पर आगामी सेवाभावी कार्यों की चर्चा की गई। काळेले ने बताया कि आगामी 30 नवंबर को आध्यात्मिक समिति की ओर से गीता जयंती का आयोजन किया जा रहा है। इसमें केंद्र की महिलाएं अधिक से अधिक संख्या में अपनी सहभागिता देंगे।
केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि आज हुई बैठक में सभी महिलाओं के मनोरंजन के लिए हाउजी का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर रोहिणी नेने, मनीष वरवंडकर, सेजल शाह, सुनंदा बेंद्रे, पल्लवी मुकादम, अनुपमा बोधनकर, अल्का मराठे, अवंती अग्निहोत्री, प्राची डोनगांवकर और स्वाती डबली मौजद थीं।
संचार क्रांति में टीवी की भूमिका अतुलनीयः प्राचार्य
- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया विश्व टेलीविजन दिवस
रायपुर। संचार क्रांति का आधार टेलीविजन को कहा जाता है। क्योंकि इसके आने के बाद मनोरंजन और सूचनाओं के प्रसार में तेजी आई। ब्लैक-एंड-व्हाइट से लेकर रंगीन, केबल और डिजिटल स्ट्रीमिंग तक, टीवी ने एक साझा सांस्कृतिक अनुभव बनाया है, जनमत को आकार दिया है और दुनिया भर की घटनाओं को लोगों तक पहुंचाया है। आज डिजिटल युग में भी यह अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है। उक्ताशय के विचार संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने शुक्रवार 21 नवंबर की असेंबली में गया विश्व टेलीविजन दिवस के अवसर पर कहीं।
शुक्रवार, 21 नवंबर को येलो हाउस की टीम ने असेंबली कंडक्टकी। हाउस कार्डिनेटर अस्मिता कुसरे और असेंबली इंचार्ज रेणुका शुक्ला ने बच्चों को बताया कि टेलीविजन में आज भी कई कार्यक्रम ऐसे आते है जिन्हें छोटे बच्चों को देखना चाहिए। जैसे जंगल बुक, ब्रेनचाइल्ड, मालगुड़ी डेज, डोरा, द एक्सप्लोरर, डा. बिनोक्स शो, स्टोरीबॉट्स से पूछें, छोटे आइंस्टीन शिक्षाप्रद कार्यक्रम है।
प्रथम बालेश्वर ने बच्चों के सामने टेलिविजन डे पर एक स्पीच दी। लव पाठक ने बच्चों को सुविचार कि चार लाइन बोलकर बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए और उसे हम टेलीविजन से कैसे ग्रहण कर सकते हैं इस बारे में बताया। पावना, सुहानी, शिवम ने असेंबली में सहभागिता दी।
शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि हाई और हायर सेंकडरी के बच्चों द्वारा भी वर्ल्ड टेलिविजन डे सेलिब्रेट किया गया। हाउस इंचार्ज वंदना बिसेन और आशा जैन के मार्गदर्शन में बच्चों ने असेंबली तैयार की। वर्ल्ड टेलीविजन डे पर स्पीच दिव्या पांडे ने दिया। दिया गोस्वामी तथा शिवानी गोस्वामी ने बच्चों से टेलीविजन आधारित प्रश्न पूछे, जिसका बच्चों ने उत्साह के साथ उत्तर दिया।
गीता जयंती पर गीता के भक्ति और पुरुषोत्तम योग का पाठ
- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति आनलाइन मोड कर रही प्रतिदिन अभ्यास
- मोक्षदा एकादशी पर गीता का सामूहिक पाठ 30 नवंबर को
रायपुर। अपनी सनातन संस्कृति को संजोकर चली रही महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति मोक्षदा एकदाशी यानी गीता जयंती के उपलक्ष्य पर गीता के भक्ति योग और पुरुषोत्तम योग का पाठ करने जा रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृत भारती की टीम भी विशेष रुप से आयोजन में शामिल होंगी। पाठ का आयोजन 30 नवंबर को महाराष्ट्र मंडल भवन में शाम 4 से 6 बजे तक किया जाएगा। आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल द्वारा हर वर्ष गीता जयंती मनाई जाती है।
आध्यात्मिक समिति की प्रमुख सृष्टि दंडवते ने बताया कि आध्यात्मिक समिति की ओर से अभी गीता के 12वें और 15वें अध्याय का नियमित अभ्यास आनलाइन मोड पर किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हो रहे है। सृष्टि ने आगे कहा कि भगवद गीता के अध्याय 12 (भक्ति योग) में भगवान कृष्ण बताते हैं कि वे ऐसे भक्तों को अत्यंत प्रिय हैं जो किसी को दुख नहीं देते, जो स्वयं दुख से मुक्त हैं, और जो सुख, दुःख, भय और चिंता से परे हैं। अध्याय 15 (पुरुषोत्तम योग) में श्लोक 12 में कृष्ण बताते हैं कि सूर्य, चंद्रमा और अग्नि में जो तेज है, वह उन्हीं का तेज है, और इन तीनों से ही संसार आलोकित होता है।
कार्तिक माह में गोपाल काला उत्सह मना की कृष्ण की पूजा
रायपुर। कार्तिक का महीना हो और मराठी परिवार में गोपाल काला उत्सव न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। कार्तिक माह में गोपाल काला उत्सव एक धार्मिक उत्सव है जो भगवान कृष्ण की पूजा से जुड़ा है। खासकर उनके बाल स्वरूप 'लड्डू गोपाल' या 'दामोदर' के रूप में। महाराष्ट्र मंडल की डंगनिया महिला केंद्र की महिलाओं ने कार्तिक मास के पावन अवसर पर विगत दिनों गोपाल काला उत्सव मनाया। बाल कृष्ण और राधा बनकर पहुंचे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे और केंद्र की सभी महिलाओं ने उनके समक्ष रास किया और सुंदर भजनों का गायन किया।

महाराष्ट्र मंडल की सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि गोपाल काला का आयोजन केंद्र की सदस्या श्रद्धा देशमुख के घर पर किया गया। गोपाल काला में हम भगवान कृष्ण की पूजा और उनकी बाल लीलाओं का स्मरण करते है। यह उत्सव भगवान कृष्ण से जुड़े विभिन्न अनुष्ठानों और उनके आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। गोपाल काला उत्सव में सभी बाल गोपाल की पूजा अर्चना कर दीपक जलाए और सभी उनके समक्ष रास किया। उत्सव में राधा-कृष्ण बने श्रीनिता विशाल बक्षी और साहिता विधान बक्षी ने सभी का दिल जीत लिया।
इस अवसर पर श्रद्धा देशमुख, ज्योति डोळस, नमिता शेष, अनुभा जाउलकर, अंजली काळे, रंजना राजिमवाले, शैला गायधनी, रश्मि डांगे, प्रिया जोगलेकर, रश्मि दलाल, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़कर, माधुरी इंचुलकर, जया भावे, अर्चना टेंबे, अर्चना कुलकर्णी, श्रृष्टि दंडवते, अनुजा महाड़िक, संध्या विजया भाले, सौम्या इंगले उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल ने शिवाजी की आरती संग मनाई गई रानी लक्ष्मी बाई की जयंती
रायपुर। खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी... बुंलेदे हर बोले के मुंह हमने सुनी कहानी थी.... शुभद्रा कुमारी चौहान की यह कविता सभी ने अपने बचपन में पढ़ी। यह कविता आज भी उतनी ही प्रासंगिक और अंर्तमन में देश प्रेम जागृत करने में सक्षम है। शुभद्रा कुमारी चौहान की यह कविता 1857 के भारतीय विद्रोह के दौरान झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के असाधारण साहस और बहादुरी को दर्शाती है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने रानी लक्ष्मी बाई की जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहीं। वहीं इससे पूर्व महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति ने माह के प्रत्येक 19 तारीख को होने वाली शिवाजी महाराज की आरती की।
शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मी बाई के रोचक प्रसंगों पर चर्चा करते हुए महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मीबाई में कई समानताएं थीं, जैसे कि दोनों मराठा साम्राज्य से संबंधित थे, अपने राज्य के प्रति गहरी निष्ठा रखते थे और युद्ध और नेतृत्व कौशल में कुशल थे। दोनों ही भारत के महान नायकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी बहादुरी और कौशल से राष्ट्र के इतिहास में एक विशेष स्थान बनाया है।
इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले ने कहा कि शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे, जबकि रानी लक्ष्मीबाई बाद के दौर में झांसी पर शासन करने वाली एक मराठी रानी थीं। दोनों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। शिवाजी ने स्वराज्य की स्थापना की और लक्ष्मीबाई ने 'झांसी नहीं दूंगी' कहकर ब्रिटिश साम्राज्यवाद का विरोध किया।
इस अवसर पर युवा समिति के मंडल के वरिष्ठ सदस्य अतुल गद्रे, युवा समिति के प्रमुख विनोद राखुंडे, दिव्य महाराष्ट्र मंडल वेब पोर्टल प्रभारी कुणाल दत्त मिश्रा, कार्यालय सहायक मनीष देसाई प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
रानी लक्ष्मी बाई जयंती के साथ बच्चों ने मनाया इंटरनेशनल मेन्स डे
- स्कूल के पुरूष शिक्षकों और स्टाफ को फूल और पेन देकर किया सम्मानित
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बुधवार 19 नवंबर को इंटरनेशनल मेन्स डे मनाया गया। वहीं रानी लक्ष्मी बाई की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस भी सेलिब्रेट किया गया। रानी लक्ष्मीबाई बनकर असेंबली में पहुंची 10वीं की छात्रा खुशी वारे ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। बता दें कि इंटरनेशनल मेन्स डे की शुरुआत 1992 में थॉमस ओस्टर ने की थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसे 1999 में ट्रिनिडाड और टोबैगो में मनाया गया था।

असेंबली इंचार्ज शिक्षिका वंदना बिसेन और आशा जैन ने बताया कि आज येलो हाउस के बच्चों ने असेंबली में प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य राहुल वोड़ीतेलवार, शिक्षक अखिल खरे सहित सभी पुरूष स्टाफ का पेन और क्राफ्ट पेपर से बनाए सुंदर फूलों के स्वागत किया। फूलों में बच्चों की क्रिएटिवी नजर आ रही थी।

वंदना बिसेन ने आगे बताया कि यह दिन उन पुरुषों को सम्मानित करता है जो दयालुता, ज़िम्मेदारी और नेतृत्व के माध्यम से समाज में योगदान देते हैं, और परिवारों, समुदायों, रिश्तों, बच्चों की देखभाल और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी में उनकी भूमिकाओं पर प्रकाश डालता है।

आज 10वीं के छात्र आदित्य साहू ने असेंबली कंडट की। शिवानी ने प्ले भाषण, मुस्कान ने प्लेज कराया। इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक नाट्य प्ले किया। जिसमें पुरूषों की वेदना को दर्शाने का प्रयास किया। प्ले में वंदना मोटवानी, नुपूर जैन, हेमंत बघेल, रिया साहू, रोनक वर्मा और विहान साहू ने अभिनय किया।
महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी की महाआरती और रानी लक्ष्मी बाई की जयंती बुधवार 19 नवंबर को
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में बुधवार 19 नवंबर को शाम 7 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती और रानी लक्ष्मी बाई की जयंती मनाई जाएगी। महाराष्ट्र मंडल के युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति द्वारा माह के प्रत्येक 19 तारीख को छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती की जाती है। वहीं रानी लक्ष्मीबाई की जयंती भी मनाई जाएगी।
विनोद ने आगे बताया कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती हर साल 19 नवंबर को मनाई जाती है। उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था और उनके बचपन का नाम मणिकर्णिका था। यह दिन उनकी वीरता और 1857 के विद्रोह में उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर रानी लक्ष्मीबाई और छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्यगाथाओं पर चर्चा होगी। मंडल द्वारा इस आयोजन का उद्देश्य है कि हमारी आने वाली पीढ़ी हमारी संस्कृति को पहचान सके और उनके बलिदानों को जान सके।
रिंग फाइट के खिलाड़ियों ने सीखा टाइमिंग और पावर का सही इस्तेमाल
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने मनाई संत ज्ञानेश्वर की पुण्यतिथि
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सोमवार, 17 नवंबर को संत ज्ञानेश्वर की पुण्यतिथि मनाई गई। स्कूल के जिन बच्चों जन्मदिन 17 नवंबर को था, सभी ने मिलकर संत ज्ञानेश्वर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पूजा अर्चना की।
येलो हाउस असेंबली इंचार्ज रेणुका शुक्ला ने आज असेंबली कराई। प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने बच्चों को बतायासंत ज्ञानेश्वर 13वीं सदी के एक महान मराठी संत और कवि थे, जिनका जन्म 1275 में महाराष्ट्र के आपेगांव में हुआ था। उन्होंने संस्कृत में लिखी गई भगवद्गीता पर मराठी में 'ज्ञानेश्वरी' की रचना की और इस तरह ज्ञान को आम जनता तक पहुंचाया। उन्होंने जाति-भेद का विरोध किया और भक्ति को ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताया। मात्र 21 वर्ष की आयु में, 1296 में, उन्होंने आळंदी में संजीवन समाधि ली।
गिलास में सिक्का डालकर डॉ अलका गोले बनीं विजेता, मीना चुनी गई क्वीन ऑफ द गेम
रायपुर। महिलाओं की बैठक हो और रोचक गेम न हो ऐसा हो ही नहीं सकता। हर बार मिलने पर एक नया गेम लेकर उत्साहित महाराष्ट्र मंडल के सरोना महिला केंद्र की महिलाओं ने इस बार मीना नवरे को क्वीन ऑफ द गेम चुना। वहीं गिलास में सिक्का डालने की प्रतियोगिता में डॉ अलका गोले सबसे अधिक सिक्का डालकर विजेता चुनी गई।

महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के सभी 17 महिला केंद्रों में समाजसेवा के कार्यों के लिए नियमित बैठक होती है। सरोना केंद्र की महिलाओं ने शनिवार, 15 नवंबर को बैठक कर सेवा कार्यों की रूपरेखा तैयार की और इस अवसर पर कई रोचक खेल भी खेले। एक गेम में ए टू जेड अक्षर से शुरू होने वाले हिन्दी फिल्म गीत लिखने थे और दूसरा लकी गेम था। जिसमें पेपर गिलास की तली में नवंबर-दिसंबर लिखा हुआ था। छह ग्लास में से तीन गिलास चुनकर, डायस से 6 चांस में सिक्के डालने थे। जिसके ज्यादा सिक्के वो विनर रहा। डॉ अलका गोले प्रथम और दिप्ती शिलेदार द्वितीय रहे। वहीं गाने वाले गेम में मीना नवरे प्रथम स्थान पर रही। मीना को क्वीन ऑफ द गेम का ताज पहनाकर सम्मानित किया गया।
दलाल ने आगे बताया कि इस अवसर पर केंद्र की सदस्या रमा धारवडकर और अलका मोडक का जन्मदिन भी सेलिब्रेट किया गया। अंत में सभी हनुमान चालिसा का पाठ किया। इस अवसर पर अलका मोड़क, आरती ठोंबरे, मीना परदेशी, प्रियंका बोरवणकर, विभा पांडे, मीना नवरे, , डॉ अलका गोळे, प्रवीणा बापट, नेहा किल्लेदार, वनजा भावे, दीप्ती शिलेदार, दीपा वैद्य, शिखा चोरनेले, रमा धारवाडकर, अनुश्री मोखरीवाले, सुरेखा पाठक, शुभा गोवर्धन और अपूर्वा मोडक उपस्थित रहीं।
दिव्यांग बालिका विकास गृह में सत्यनारायण कथा के साथ राम नाम की गूंज
- अन्य महिला केंद्रों में हुए रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित आध्यात्मिक समिति की ओर से होने वाल रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस शनिवार भी उत्साह के साथ जारी रहा। महाराष्ट्र मंडल ने शनिवार को एकादशी तिथि पर पुनर्निमित दिव्यांग बालिका विकास गृह में भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजन किया। जिसके बाद सभी ने मिलकर राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके साथ मंडल के वल्लभनगर और सरोना केंद्र में भी पाठ पूरे उल्लास के साथ किया गया।

आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते ने बताया कि दिव्यांग बालिका विकास गृह में सत्यनारायण पूजा के पाठ सभी ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया। वहीं वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने शनिवार शाम संत ज्ञानेश्वर विद्यालय प्रांगण में एकत्रित होकर रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान मानसी विठाळकर, शुभांगी आपटे, अर्चना जतकर, कांचन पुसदकर, सुहानी पवार, हर्षा, प्रतिमा आगलावे, वैभवी चौधरी, शुभदा अगस्ती, वंदना पाटील. अमरजीत, लीना केळकर, शोभा पाटील, सुलु हर्डीकर, श्वेता, मंजूषा चिलमवार, रोहिणी चिमोटे, उषा काकडे, सुवर्णा कस्तुरे, नंदा अगस्ती, सीमा तिघा , सुरेखा मेघावाले, आशा बरेवार , प्राजक्ता पुसदकर, अनीता उमाडे, प्रीती केसकर, विजया चौधरी और शोभा ठाडा उपस्थित रहीं।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि इसी तरह सरोना केंद्र की महिलाओं ने भी पाठ किया। जिसमें मीना नवरे, प्रियंका बोरवनकर, विभा पांडे, अलका मोडक, आरती ठोबरे, मीना परदेशी, प्रविणा बापट, रमा धारवडकर, दीपा वैद्य, वनजा भावे, नेहा किल्लैदार, डा. अलका गोळे, शुभा गोवर्धन, सुरेखा पाठक, अनुश्री मोखरीवाले उपस्थित थीं।