दिव्य महाराष्ट्र मंडल
महाराष्ट्र मंडल में सामूहिक संकष्ट चतुर्थी व्रत उद्यापन 12 अगस्त को
'स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान' में महाराष्ट्र मंडल ने निभाई सहभागिता
रायपुर। स्वदेशी जागरण मंच रायपुर की ओर से 'स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान' का शंखनाद रविवार, 10 अगस्त को राजधानी स्थित जय स्तंभ चौक से किया गया। स्वदेशी जागरण मंच के इस अभियान में महाराष्ट्र मंडल परिवार ने भी अपनी सहभागिता निभाई। इस दौरान सभी विदेशी वस्तुओं की प्रतीकात्मक होली भी जलाई।
अभियान के प्रदेश संयोजक और स्वदेशी जागरण मंच के भी प्रांत प्रभारी जगदीश पटेल ने बताया कि अभियान के दौरान नागरिकों को भारतीय उत्पादों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उसका उपयोग करने के लिए आग्रह किया जाएगा। विदेश में निर्मित होने वाले उत्पादों का बहिष्कार करने का संकल्प दिलाया जाएगा। पटेल ने बताया कि यह अभियान छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में चलेगा। हम प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बड़ा कार्यक्रम करेंगे। स्कूलों, व्यावसायिक संगठनों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि स्वदेशी जागरण मंच के इस प्रदेश व्यापी अभियान का हिस्सा बनने का मौका महाराष्ट्र मंडल को मिला यह बड़ी अच्छी बात है। मंडल ने सभी सदस्यों के साथ अन्य लोगों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील करेगा। आज हुए शंखनाद के दौरान मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, आराधना शेष, निरंजन पंडित, अर्चना भाखरे सहित बड़ी संख्या में मंडल के सदस्य उपस्थित थे।
वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं के साथ बच्चों ने किया हनुमान चालीसा पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार चलाए जा रहे राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ का क्रम इस शनिवार रक्षाबंधन के दिन भी जारी रहा। कई केंद्र की महिलाओं ने अपने घरों पर भाईयों की कलाई में राखी बांधने के पूर्व पाठ किया तो वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने प्रियदर्शिनी नगर के हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ किया।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि वल्लभनगर केंद्र द्वारा किए गए पाठ के दौरान बच्चों भी शामिल हुए। इस बार दो बच्चे शामिल हुए अगली बार ज्यादा बच्चों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और सह महिला प्रमुख अपर्णा देशणुख के मार्गदर्शन में बच्चों को हनुमान चालीसा का महत्व बताया गया। इस दौरान शोभा पाटिल, कंचन पुसदकर , मनीषा सदन, अपर्णा आठले और बच्चों में खुशी सोनी और दिव्या निकोडे उपस्थित रही।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों और शिक्षकों ने किया वृक्षाबंधन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति के आव्हान पर संत ज्ञानेश्वर स्कूल के शिक्षकों और बच्चों ने रक्षाबंधन से पहले वृक्षाबंधन मनाया। विद्यालय में कक्षा नर्सरी से कक्षा पीपी- 2 तक के बच्चों ने रक्षाबंधन पर्व मनाया बच्चे मिठाई और राखियां लेकर आए थे।
कक्षा शिक्षिका सुरेखा, हार्दिका शिखा गुप्ता, अस्मिता कुसरे इनके मार्गदर्शन में बच्चों ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र से बांधकर रक्षाबंधन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया। प्री प्राइमरी के बच्चों ने प्राचार्य मनीष गोवर्धन सर को भी रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की बधाइयां दी। इसके साथ बच्चों ने शाला परिसर में लगे नीम के पौधे को रक्षा सूत्र बांधा।
महाराष्ट्र मंडल ने रक्षाबंधन से पहले मनाया वृक्षाबंधन



एकजुट होकर करना है समाज का काम: विशाखा
विद्यार्थी स्वयं अपने जीवन का शिल्पी.... ईमानदारी व अनुशासन के साथ करें प्रयास:पवन साय
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के छात्र परिषद का गठन....शपथ ग्रहण 5 अगस्त को
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने देश के जवानों को भेजी राखियां
0 नईदुनिया के भारत रक्षा पर्व का बने हिस्सा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने इस राखी देश की सेवा में जुटे सेना के जवानों को अपना प्यार भेजा। बच्चों ने अपने हाथों से सुंदर-सुंदर राखियां बनाई और उसे नईदुनिया के भारत रक्षा पर्व अभियान के तहत नईदुनिया प्रबंधन को सौंपा गया।
स्कूल की शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि अस्मिता कुसरे, अंजली गुप्ता, रेणुका शुक्ला, विवेक सिंग राजपूत, विनिता सुंदरानी और श्वेता चौधरी के साथ बच्चों ने नईदुनिया के इवेंट मैनेजर कपिल संगोत्रा को राखियों से भरा बाक्स दिया। जो भारत रक्षा पर्व के तहत बार्डर पर तैनात जवानों को भेजा जाएगा। इस दौरान छात्रा डी अंजलि राव, याचना साहू, लिचिका मानिकपुरी, हंसिका प्रसाद, लावन्या साहू, शिवांश साहू, लोकेश कोठारी, रौनक साहू, विहान साहू, तन्मय साहू, बी दीपक राव उपस्थित थे।
फिजियोथैरेपी के लिए आई मासूम का महाराष्ट्र मंडल ने मनाया जन्मदिन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने सोमवार 4 अगस्त को फिजियोथैरेपी में अपना इलाज करवा रही सात वर्षीय मासूम बच्ची का जन्मदिन मनाया। बच्चे की मुस्कुराहट ने बताया की इस आकस्मिक सेलिब्रेशन से उसे कितना आत्मविश्वास मिला, खुशी मिली।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. संगीता कश्यप ने बताया कि खैरागढ़ जिले की निवासी छन्नू लाल साहू और रानी साहू की सात साल की बेटी चेष्ठा के मसल्स हार्ड है। इसके कारण उसे चलने, हाथों को मोड़ने और बोलने में थोड़ी तकलीफ होती है। चेष्ठा को यहां आते एक महीने होने जा रहा है। उसके परिजनों का मानना है कि यहां आने से उसे लगभग 30 फीसद राहत है। डा. संगीता ने बताया कि जैसे ही हमें पता चला कि आज चेष्ठा का जन्मदिन हैं तो हमने मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन की अगुवाई में चेष्ठा का जन्मदिन केक काटकर मनाया।
बच्ची ने महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वेब पोर्टल प्रभारी कुणाल दत्त मिश्रा, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. संगीता कश्यप, मंजरी भगाड़े, श्रद्धा जोशी, मनीष देसाई, हुल्लास देवांगन सहित महाराष्ट्र मंडल स्टाफ के साथ अपना जन्मदिन मनाया। उसे विभिन्न प्रकार की टाफी समेत मनपसंद बिस्किट्स का एक गिफ्ट पैक भी दिया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ सभी गिफ्ट लिए और अपनी छोटी सी साइकिल की डिग्गी में उसे बड़े प्यार से रखा।
लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से तेजी से हो रहे प्रदेश में विकास कार्य
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मैं जहां भी हूं बाबा श्रीमहाकाल और आप सभी लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से हूं। लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के सभी कार्य तेजी से हो रहे हैं। सनातन संस्कृति के सभी त्यौहार हमें जोड़ने का कार्य करते हैं और पारिवारिक संबंध मजबूत करते हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार पर जब बहनों के साथ भांजे भांजी का घर में आगमन होता है तो घर की रौनक और भी बढ़ जाती है। रक्षा-सूत्र केवल धागा नहीं एक संकल्प है बहन की रक्षा का, सहयोग का और स्वप्नों को साकार करने का।
भगवान श्री कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा-सूत्र बांधा, भगवान श्रीकृष्ण ने राखी का मान रखना सिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने सभी कर्तव्यों में बहन द्रौपदी की हर समय, हर परिस्थिति में रक्षा की। भगवान शिव की शक्ति माता पार्वती भी प्रकृति को कष्ट होने पर माँ कालिका का रूप लेकर कष्टों का निवारण करती हैं। इसी प्रकार लाड़ली बहनें भी प्रदेश और समाज के सभी कष्टों का निवारण करती हैं। बहनों, बुआ और बेटियों से ही पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक समृध्दि होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन स्थित रघुनंदन गार्डन में रविवार को लाड़ली बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
स्वरांजलि बनी महाराष्ट्र मंडल के अंताक्षरी स्पर्धा की विजेता



‘सावन शिव तंबोला’ में महिलाओं ने उत्साह के साथ लिया भाग
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की सड्डू मोवा महिला केंद्र द्वारा बीते दिनों श्रावण उत्सव धूमधाम से मनाया गया। हरित श्रृंगार कर सावन उत्सव मनाने पहुंची महिलाओं ने ‘सावन शिव तंबोला’ में उत्साह के साथ भाग लिया। जिसमे विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। शंकर नगर बालवाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक ने बताया कि सड्डू मोवा महिला केंद्र मंडल का नया महिला केंद्र है। यहां की महिलाओं में सभी आयोजनों को लेकर काफी उत्साह रहता है।

रेणुका पुराणिक ने आगे बताया कि हरित श्रृंगार कर पहुंची महिलाओं ने सबसे पहले एक दूसरे को सावन की बधाई दी। इस अवसर पर महिलाओं ने ‘सावन शिव तंबोला’ खेला। इसमें एक चिट पर 12 बाक्स ड्रा किए गए। जिसमें सभी प्रतिभागियों को शिव के 12 नाम लिखे। फिर शिवजी के 21 नामों की पर्ची में एक-एक पर्ची निकाली गई। जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपने अपने चिट में उस नाम लिखा था तो उसे मार्क किया। जिसके सभी बाक्स पहले मार्क हुए वह विजेता घोषित किया गया। स्पर्धा में प्रथम स्मिता करदले , द्वितीय विशाखा दुबे , तृतीय मानिक आचार्य रहीं।

इसके साथ सावन के नामों और गानों पर आधारित तम्बोला भी खेला गया। जिसे महिलाओं ने खूब एजाय किया। इस दौरान केन्द्र संयोजिका शालिनी जोशी, सह संयोजिका प्राजक्ता एतुलवार, मनीषा होशंगाबादे, मंजूषा काळकर, उर्वशी उरगांवकर, रेणुका पुराणिक, माधवी मोघे, वनिता चितांबरे, अर्चना भंडारकर, मधुरा भागवत, मानिक आचार्य, रंजना देशपांडे, जया चांदवसकर, जयश्री चांदवसकर उपस्थित रहीं।
अंताक्षरी स्पर्धा में तीसरे राउंड में स्वरांजलि ग्रुप जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंची
रायपुर। अंतक्षरी स्पर्धा का तीसरा राउंड भी काफी रोचक रहा। तीसरे राउंड में श्रावणी ग्रुप और स्वराजंलि ग्रु में कांटे की टक्कर रही। सिर्फ 50 अंकों से स्वराजंलि ग्रुप ने जीत दर्ज की। स्वराजंलि ग्रुप को 850 और श्रावणी ग्रुप को 800 अंक मिले।

मंडल उपाध्यक्ष और आयोजन समिति की प्रमुख गीता दलाल ने बताया कि तीसरा राउंड भी रोचक रहा। अंताक्षरी के पहले राउंड में सभी प्रतिभागियों को 200-200 अंक मिले।

दूसरे यानी बजर राउंड में श्रावणी ग्रुप को 150 मिले तो स्वराजंलि को अपने 50 अंक गंवाने पड़े। वहीं सुरमयी ग्रुप ने 75 अंक गवां दिए। तीसरे और चौथे राउंड के बाद भी श्रावणी ग्रुप आगे चल रही थी। वहीं पांचवें और अंतिम राउंड में पासा पलटा और स्वराजंलि ग्रुप ने जीत दर्ज की।

स्वराजंलि को 850, श्रावणी ग्रुप को 800, स्वर सजनी को 750, आरोही ग्रुप को 600, सुरमयी गीत को 425 और अवंतिका ग्रुपको 350 अंक मिले।
श्री हनुमान का हरित श्रृंगार कर हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ





अंताक्षरी दूसरा राउंडः शिवरंजनी ग्रुप विजयी.... सुर संतृप्ति ने दी कांटे की टक्कर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ में चल रही अंताक्षरी प्रतियोगिता का दूसरा राउंडा काफी रोमांचक रहा। इस राउंड में शिवरंजनी ग्रुप स्पर्धा ने प्रारंभ से ही बढ़त बनाए रखा। जिसे ग्रुप ने जीत में तब्दील किया। बजर राउंड को एकतरफा चेस करते हुए टीम ने लगातार चार गाने सही गाकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर ली।

शिवरंजनी ग्रुप को कांटे की टक्कर सुर संतृप्ति ग्रुप के सदस्यों ने दी। इस टीम ने बजर राउंड में एक हसीना थी... एक दीवाना था.., आंखों से तूने ये क्या कह दिया गीत को पहचाना है।

सुर संतृप्ति ने बजर राउंड में शिवरंजनी के विजय रथ को रोका। इससे पहले बजर राउंड में शिवरंजनी ग्रुप ने पालकी में हो के सवार चली रे... चांद सिफारिश.. आंखें खुली हो या हो बंद और परदेशियां... गीत को गाकर 400 अंक बटोर लिए।

दूसरे राउंड में शिवरंजनी ग्रुप को 900 अंक, सुर संतृप्ति को 800, अरपा ग्रुप को 400, हमसे हैं जमाना को 250, सावन आया है 2025 को 200 और सरगम ग्रुप को 100 अंक मिले। बतादें कि सरगम ग्रुप महाराष्ट्र मंडल में संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर के डाक्टरों की टीम हैं।





अंताक्षरी के पहले राउंड में झंकार बीट्स रही विजेता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ में चल रही अंताक्षरी प्रतियोगिता के पहले राउंड में झंकार बीट्स की टीम विजेता रही। अपनी इस जीत के साथ झंकार टीम ने फाइनल में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया। बतादें कि महाराष्ट्र मंडळ द्वारा अंताक्षरी का आयोजन दिव्यांग बालिकाओं के सहायतार्थ किया जा रहा है। यह आयोजन का चौथा वर्ष है।

अंताक्षरी प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। शुभारंभ उत्सव पर मंडळ अध्यक्ष अजय काळे ने हंसते-हंसते रोना सीखो.... गीत गाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को आयोजन को लेकर अनंत शुभकामनाएं भी दी।

वहीं कार्यक्रम के अतिथि आयोजन स्थल में सबसे वरिष्ठ सदस्य विजय निमोणकर ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी।

स्पर्धा के दौरान बजर राउंड काफी रोचक रहा। इस राउंड में झंकार बीट्स ने अपनी सजगता के साथ बढ़त बनाई। जो अंतिम तक बरकरार रहा। वहीं सुरमयी श्रृंखला गुप ने चौथे राउंड के बाद सफलता हासिल की। लेकिन जीत से एक कदम दूर रही।

मुखड़ा और अंतरा राउंड में पास होने के बाद दर्शक दीर्घा में बैठे प्रवीण क्षीरसागर ने दम मारो दम गाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। विजुअल क्लीप सभी प्रतिभागियों को थोड़ा कठिन लगा। इसके एक गाने को रचना ठेंगडी़ ने गया।

महाराष्ट्र मंडळ की उपाध्यक्ष और आज के आयोजन की प्रभारी गीता दलाल ने बताया कि पहले राउंड में पांच टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पहले राउंड में दिव्यांग बालिका दिव्यांग बालिका ग्रुप ने 50, तराना ग्रुप ने 50, राग राइडर्स ने 250, रास ग्रुप ने 300 अंक हासिल किया।

वहीं सुरमयी श्रृंखला ने 450 अंक प्राप्त कर दूसरा और झंकार बीट्स ग्रुप ने 650 अंकों के साथ विजेता रही। इस तरह झंकार ग्रुप ने फाइनल में अपनी जगह बना ली।

