दिव्य महाराष्ट्र मंडल
सरोना केंद्र ने मनाया आवरण... मोस्ट चार्मिंग लेडी बनीं सुकेशिनी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सरोना केंद्र की महिलाओं ने 31 अगस्त को आवरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व विभा पांडे और प्रविणा बापट ने किया। कार्यक्रम में सभी महिलाओं को सोलह श्रृंगार में आने के लिए कहा गया था। इसी पर आधारित एक रोचक गेम भी करवाया गया। जिसमें डा. सुकेशिनी जाधव को मोस्ट चार्मिंग लेडी के खिताब से नवाजा गया। दूसरे स्थान पर शांति महाजन और अलका चोरनेले रही।
आवरण के बारे में रोचक जानकारी विभा पांडे ने दी। महिलाओं द्वारा सावन के भक्ति गीतों की प्रस्तुति भी दी गई। प्रियंका बोरवणकर ने 'मैत्री' विषय पर एक कविता पाठ किया। सभी सदस्यों के सहयोग से बडे़ हर्षोल्लास से आयोजन संपन्न हुआ। अंत सभी ने महाराष्ट्र मंडल के स्वादिष्ट भोजन का स्वाद लिया।
कार्यक्रम में जयश्री ढेकणे, प्रियंका बोरवणकर, मीना नवरे, शुभांगी पाचघरे, अनुश्री मोखरीवाले, सुरेखा पाठक, मीना परदेशी, सुकेशिनी जाधव, प्रज्ञा तिरपुडे, शांति महाजन, शिखा चोरनेले, दीप्ति शिलेदार,
शिक्षक बच्चे के स्तर तक जाएं, फिर उसे वहां से अपने स्तर तक लाएं: अभयराम
रायपुर। शिक्षक एक ऐसा सम्मानीय पद है, जिस पर लाखों बच्चों के भविष्य संवारने का जिम्मा होता है। एक शिक्षक का सबसे बड़ा गुण होता है कि वह अपने क्लास के बच्चों के स्तर पर जाए फिर उन्हें शिक्षित कर अपने स्तर तक लाए। माता-पिता का कार्य बच्चे को जन्म देने का होता है, लेकिन उसे गढ़ने का पूरा जिम्मा शिक्षकों का होता है। उक्ताशय के विचार मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ छत्तीसगढ़ के प्रांत प्रचारक अभय राम ने व्यक्त किए।


महाराष्ट्र मंडल में डायबिटिक रिवर्सल प्रोग्राम: शुगर को रखना है कंट्रोल तो यह चार प्वाइंट दिलाएंगे आपको राहत
0- रोटरी क्लब और महाराष्ट्र मंडल का संयुक्त आयोजन
रायपुर। रोटरी क्लब आफ रायपुर ग्रेटर व महाराष्ट्र मंडल रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क डायबिटिक रिवर्सल प्रोग्राम फ्रीडम फ्रॉम डायबिटीज का आयोजन शुक्रवार, 30 अगस्त को महाराष्ट्र मंडल में किया गया। इस कार्यक्रम में पुणे के प्रसिद्ध डॉ. शुभांकर महापुरे ने डायबिटीज और बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के विषय पर अपने विचार दिए।
डॉ. महापुरे ने कहा कि शुगर का सबसे बड़ा कारण ताकत का कम होना है। शुगर का संबंध आपकी डेली रूटीन, तनाव और जेनरिक से है। कब उठाना है, कब टहलना है, कब... कितना खाना है, क्या खाना है, क्या नहीं खाना है, सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए, दोपहर का खाना कैसा होना चाहिए, शाम का नाश्ता कैसा होना चाहिए और उसके बाद रात का खाना कैसा, कब और कितने समय होना चाहिए। यह सब चीज शुगर में बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। अगर आपकी रुटीन भी हमारे बताए अनुसार नहीं होगी, तो किसी भी उम्र में आपको शुगर हो सकता है। आज हमारा खानपान चेंज हो गया है, शुगर का सबसे बड़ा कारण यही है। हर बार हमें लगता है कि हमने शुगर की दवाई ले ली, तो हमारा शुगर ठीक हो गया। ऐसा नहीं होता है। दवाई सबसे लास्ट पार्ट है|
डॉ. महापुरे ने पॉइंट वाइज हेल्थ कम करने को लेकर और डायबिटीज कम करने को लेकर बहुत ही अच्छे- अच्छे टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि फ्रीडम फॉर डायबिटीज के 14 देश में 92 क्लब है। इसमें वे मधुमेह में वह मोटापा से राहत दिलाने में अपनी महंती भूमिका निभा रहे हैं। अभी तक इन्होंने 1200 बीपी के मरीज व 16 हजार शुगर के मरीजों को ठीक किया है।
इन चार स्टेप का करें पालन:-
0. डाइट कंट्रोलः खान-पान में विशेष ध्यान दें। दूध से बनी चीज नहीं खानी है, सुबह नाश्ते में 25 प्रतिशत सलाद खाना है। ग्रीन सब्जियां 25 फीसदी खाना है। 50 प्रतिशत पकी हुई चीज खाना है। ऐसे ही दोपहर के खाने में 50 फीसदी सलाद और 50 प्रतिशत पकी हुई। शाम के नाश्ते में शाॅप नट्स और सीट्स खा सकते हैं। रात को खाने में 25 परसेंट सलाद 25 फीसदी स्प्राउट और 50 प्रतिशत पक्की हुई चीज खाना चाहिए।
0. खुद को फिट रखने के लिए हमें एक्सरसाइज करनी है। एक्सरसाइज के दौरान हमारे शरीर के सभी बॉडी पार्ट्स में मूमेंट्स होना चाहिए। इस तरीके से हमें एक्सरसाइज करनी है, जैसे पहले स्कूल में पीटी करवाई जाती थी।
0. हमें ऐसी भी एक्सरसाइज करनी है, जो हमारे दिमाग के लिए हो। दिमाग की एक्सरसाइज में योगा व ध्यान हमको करना है। इससे हम मानसिक तौर पर मजबूत होंगे। इसका असर हमारे शरीर में भी देखने को मिलेगा।
0. डॉक्टर के बताए अनुसार दवाई का सेवन करना है। अब हम मोटापे को लेकर बातें करते हैं। मोटापा मतलब चर्बी का शरीर में ज्यादा होना। सामान्य तौर पर हमें यह लगता है कि चर्बी पेट में होती है, पर ऐसा नहीं है। चर्बी पेट के साथ- साथ आपके मसल्स में भी होती है।
महाराष्ट्र मंडल दे रहा मिट्टी के गणेश बनाने का प्रशिक्षण... आर्टिसन अजय बताएंगे कैसे बनाए बप्पा की मूर्ति
रायपुर। पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही 89 वर्षीय महाराष्ट्र मंडळ गणेशोत्सव पर मिट्टी के गणेश बनाने की प्रशिक्षण आयोजित कर रही है। महाराष्ट्र मंडळ के कला और संस्कृति समिति की ओर से प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी यह आयोजन किया जा है। आर्टिसन अजय पोतदार इच्छुक प्रतिभागिय़ों को गणेश की प्रतिमा बनाना 1 सितंबर को सुबह 11 बजे से सिखाएंगे।
आर्टिसन अजय पोतदार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए महाराष्ट्र मंडल लंबे समय से काम कर रहा है। मंडल की कला और संस्कृति समिति पिछले 11 वर्षों से यह प्रशिक्षण आयोजित कर रही है। हर साल इसमें शामिल होने वाले प्रतिभागियों की संख्या बढ़ रही है। प्रशिक्षण का आयोजन 1 सितंबर, रविवार को सुबह 11 बजे से महाराष्ट्र मंडळ में किया जाएगा। कार्य़शाला में शामिल होने के लिए प्रतिभागी को पंजीयन कराना होगा।
प्रशिक्षण में सभी आयु वर्ग के इच्छुक प्रतिभागी भाग ले सकते हैं। गणपति बनाने के लिए आवश्यक सामग्री कार्यशाला स्थल पर प्रदान की जाएगी। अपने पास मास्क, 1 पेंसिल, हाथ पोछने कपड़ा, पानी की बॉटल प्रतिभागी को अपने साथ लानी होगी। पंजीयन के बाद प्रतिभागियों को उपलब्धता के आधार पर सामग्री दी जाएगी। उन्होंने लोगों से समय का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। कार्यशाला की अधिक जानकारी के अजय पोतदार 7354243026, शेखर क्षीरसागर - 8839547341 और भारती पलसोदकर - 9424291945 से संपर्क किया जा सकता है।
सावन के गीतों पर हर आयु की महिलाएं झूमीं... पसंदीदा वाण सजाओ स्पर्धा में पूर्णिमा ने मारी बाजी
0- महाराष्ट्र मंडल में हुआ तीज महोत्सव का आयोजन
0- रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सभी केंद्रों की रही जोशीली भागीदारी

रायपुर। 'सावन में मोरनी बनकर मैं नाचूं... 'चूड़ी भी जिद पर आई है', 'पायल ने शोर मचाया है'.... जैसे सावन के कई गीतों से सजी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। स्टेज पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों के साथ दर्शकदीर्घा में बैठीं महिलाएं भी इन गीतों पर झूम उठीं।महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार की शाम को तात्यापारा और बूढ़ापारा केंद्र द्वारा आयोजित तीज महोत्सव का।

युवाओं को संस्कृति व परंपराओं से जोड़ने के लिए वाण सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था। इसमें 11 प्रतिभागियों ने भाग लिया। डंगनिया केंद्र की पूर्णिमा भावे सभी प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए विजेता रहीं। वहीं सरोना केंद्र की वैशाली जोशी उप विजेता और टाटीबंध केंद्र की स्नेहल खरे तीसरे स्थान पर रहीं।

कार्यक्रम की संयोजक अपर्णा मोघे और आराधना शेष ने बताया कि कार्यक्रम की मुख्य अथिति डा. प्रीति सक्सेना और गीता कनायत थीं, जबकि वाण सजाओ स्पर्धा की जज अंजलि म्हस्के थीं। तीज महोत्सव की मंडल से जुड़ी कुछ उद्यमी महिलाओं ने सौदर्य सामानों का स्टाल भी लगाया था।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डा. प्रीति सक्सेना ने अपने उद्बोधन में वे पहली बार ऐसे और इतने बड़े आयोजन में पहुंची हैं। तीज को लेकर आप लोगों को उत्साह प्रशंसनीय है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमें आपस में जुड़ने का मौका मिलता है।
शिव तांडव की जानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम के संयोजक तात्यापारा और बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने संगीतमय शिव तांडव स्तोत्र की जानदार प्रस्तुति दी, जिसने पूरे कार्यक्रम को भक्तिमय कर दिया। उसके बाद हुई नए- पुराने गीतों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं।
मंडल के सभी 16 केंद्रों की टीम ने एक से बढ़कर प्रस्तुति दी। इस दौरान युवाओं की टोली के साथ बुजुर्ग महिलाओं ने पुराने सदाबहार फिल्मी गीतों की तूफानी प्रस्तुतियों से संत ज्ञानेश्वर सभागृह में जोश भर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सन् एडं सन् ज्वेलर्स की ओर से वाण सजाओ स्पर्धा के विजेताओं के साथ- साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली प्रत्येक प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

महाराष्ट्र मंडल में तीज महोत्सव आज,.... वाण सजाओ स्पर्धा के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति भी
बूढ़ापारा केंद्र ने तीज महोत्सव के साथ मनाया गोपालकाळा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने तीज महोत्सव और गोपालकाळा उत्सव एक साथ मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने कान्हा के सुंदर सुंदर भजन गाए और साथ ही गरबा खेला। श्रीकृष्ण की आरती के बाद महिलाओं ने कई मजेदार गेम भी खेले। हाउजी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि गोपाल काळा, कृष्ण जयंती के उत्सव के लिए तैयार किया जाने वाला एक विशिष्ट प्रसाद है। इसे दहीहंडी और कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर बनाया जाता है। इसके अलावा, साल भर में जब-जब कान्हा के कीर्तन होते हैं, तब-तब कीर्तन बाद गोपाल काळा होता है। इसलिए, ऐसे कीर्तनों को "काल्याचे" कीर्तन कहा जाता है।
इस मौके पर अर्चना पराड़कर, अनघा करकशे, दीपाली बेर्वे, श्रीलेखा गोविलकर, रीता लोखंडे, सुचिता काले, रश्मि फनसलकर, मनुजा काले, अपर्णा मोघे प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।
‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ में बच्चों ने किया ट्रैफिक, नशामुक्ति, हेल्थ के डाउट्स क्लीयर
संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुए आयोजन में पहुंचे एएसपी अनुराग झा और भाजपा प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव
रायपुर। ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ इसलिए इस जिंदगी के हर एक पल को हमें जीना है। इसके लिए जरूरी है कि हम नशे से दूर रहे, वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें औरआसपास दुर्घटना हो, तो घायलों को मदद करने की पूरी कोशिश करें, क्योंकि हम अपने जीवन को जितना महत्वपूर्ण मानते हैं, वह घायल भी उतना ही मानता है। इसलिए तो कहा गया कि ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ उक्त बातें एडिशनल एसपी अनुराग झा ने संत ज्ञानेश्वर स्कूल में आयोजित ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ कार्यक्रम में कहीं।

कार्यक्रम का आयोजन सिंधी काउंसिल आफ इंडिया की ओर से किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के डाउट्स क्लीयर करने और उन्हें हेल्थ और ट्रैफिक रूल्स के बारे में बताने के लिए एएसपी अनुराग झा, भाजपा प्रदेश प्रभारी अनुराग सिंहदेव और सिंधी काउंसिल के ललित जयसिंघानी प्रमुख रुप से उपस्थित थे। अनुराग सिंहदेव ने बच्चों को नशा मुक्ति और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। ट्रैफिक पुलिस सहदेव वर्मा ने बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी। हेल्थ को लेकर डा. कुहू लुणावत और नशा मुक्ति पर संगीता मोगरा ने बच्चों को कई रोचक व जानकरी दी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अनिल जोतसिंघानी ने बच्चों से हेल्थ और ट्रैफिक रूल्स से जुड़े सवाल पूछे। उत्तर देने वाले बच्चों को गिफ्ट भी दिये गए। सही उत्तर देने पर 10वीं के तन्मय भागड़े को मिस्टर नॉलेज व 11वीं की जया को मिस नॉलेज चुना गया। वहीं ओंकार दास, तन्मय तिवारी, इफत पटेल सहित कई बच्चों को भी सही उत्तर देने पर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल, नमिता शेष, प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार, शिक्षिका आराधना लाल, तृप्ति अग्निहोत्री सहित शिक्षणगण और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र मंडल में निःशुल्क डाइबिटीज़ रिवर्सल प्रोग्राम 30 अगस्त को
रायपुर। क्या आप डायबिटीज और अपने बढ़ते वजन से परेशान है? तो चिंतामुक्त हो जाइए क्योंकि रोटरी क्लब ऑफ़ रायपुर ग्रेटर, फ्रीडम फ्रॉम डायबिटीज एवं महाराष्ट्र मण्डल रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में महाराष्ट्र मंडल रायपुर में निःशुल्क डाइबिटीज़ रिवर्सल प्रोग्राम का आयोजन शुक्रवार 30 अगस्त को रात 8 बजे से किया गया है।
रोटरी क्लब आफ रायपुर ग्रेटर के प्रोग्राम चेयरमैन सिद्धार्थ वरवंडकर ने बताया कि इस कार्यक्रम में पुणे के मशहूर डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी और उनकी टीम के डॉ. शुभांकर महापुरे बतायेंगे कि कैसे आप अपनी डायबिटीज और बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के साथ उसे कम कर सकते हैं। इन्हें आपने फेसबुक पेज पर देखा होगा।
उन्होंने आगे बताया कि इस प्रोग्राम से अब तक 16 हजार से ज़्यादा लोगों की डायबिटीज की दवाइयां बंद हो गई है, एक हजार से ज़्यादा लोग बीपी की दवाओं से मुक्त हुए। कई लोगों का वजन कम हुआ है। आप भी इस कार्यक्रम में शामिल हो और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें।
हरित श्रृंगार ने सावन उत्सव को किया दोगुना.. हाऊजी स्पर्धा भी
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह महिला केंद्र की ओर से बीते 24 अगस्त को हरितालिका व्रत का आवरण किया गया। इस कार्यक्रम में एक मिनट गेम खेला गया, जिसमें अक्षरा भगाडे प्रथम, मेघा जोशी द्वितीय रही। महिलाओं के बीच हाऊजी प्रतियोगिता भी हुई। जिसमें महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। वहीं सावन के अवसर पर हरित श्रृंगार करके पहुंची महिलाओं ने आयोजन के उत्साह को दोगुना कर दिया। इस अवसर पर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया गया।
कार्यक्रम में अमलीडीह केंद्र की संयोजिका अर्चना भाकरे, सह संयोजिका प्रेरणा मोरे, अर्चना धर्माधिकारी, संध्या फुलझेले, अक्षरा भगाडे, सरिता फड़के, अल्पना देवरणकर,. मेघा जोशी, प्रेरणा सप्रे उपस्थित थीं।
सामूहिक मंगलागौर पूजा के दौरान महाराष्ट्र मंडल में त्यौहार सा माहौल

रोहिणीपुरम केंद्र और ग्रीन आर्मी ने रोपे 100 से अधिक पौधे
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम महिला केंद्र और ग्रीन आर्मी के सदस्यों ने मिलकर रोहिणीपुरम में वृहद स्तर पर पौधरोपण किया। इस दौरान बरगद, आवंला और बेल सहित कई प्रकाऱ के छायादार पौधों का रोपण कर उनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाया गया है।
रोहिणीपुरम केंद्र की संयोजिका श्यामल जोशी ने बताया कि रोहिणीपुरम केन्द्र एवं ग्रीन आर्मी के संयुक्त तत्वावधान मे छायादार पौधों का रोपण कर ट्री गार्ड लगाया गया। सभी पौधे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मां को समर्पित किया है।
इस कार्यक्रम में शताब्दी पांडे ने के प्रतिभा मनोहर पांडे के नाम पौधा रोपा। वहीं श्यामल जोशी ने सुमन जोशी के नाम, अनिता लांगे ने पुष्पलता लांगे के नाम, अचला मोहरीकर ने वनिता बल्लाल और चित्रा बल्कि ने नरेन्द्र बल्कि की स्मृति में पौधे लगाए एवं उन वृक्षों की सुरक्षा करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ग्रीन आर्मी की रोहिणीपुरम डीडी नगर की टीम उपस्थित थी।
महाराष्ट्र मंडळ में सामूहिक मंगळागौरी व्रत का उद्यापन 27 अगस्त को, तैयारी में जुटी आयोजन समिति
(बीते वर्ष हुए मंगलागौरी पूजा के दौरान की फोटो)
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र की ओर से चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ में मंगलवार 27 अगस्त को सामूहिक मंगळागौरी व्रत का उद्यापन किया जाएगा। उद्यापन को लेकर व्रत रखने वाली महिलाओं ने अपना पंजीयन करा लिया है। महाराष्ट्र मंडळ के सचिव आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि मंडळ की ओर ऐसे धार्मिक आयोजन हमेशा किए जाते रहे है। इसी कड़ी में मंगळागौरी का सामूहिक उद्यापन कार्यक्रम 27 अगस्त को सुबह 10 बजे से रखा गया है। आयोजन को लेकर 9 महिलाओं ने अपनी पंजीयन करा लिया है। जिसमें एक दुर्ग, एक बिलासपुर सहित रायपुर से कुल 7 पंजीयन हुए है।
आचार्य दंडवते ने बताया कि हिन्दू पुराणों के अनुसार इसका विशेष महत्व वैवाहिक जीवन मे खुशहाली के लिए, पुत्र की प्राप्ति, पति/ पुत्र की लंबी आयु, व अन्य सुखों के लिए, सौभाग्यशाली - सुहागन स्त्री के द्वारा, इस व्रत को किया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि गौरी पूजन नाम से स्पष्ट है, माँ गौरा अर्थात् माता पार्वती के लिए यह व्रत किया जाता है। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव-पार्वती को श्रावण माह अति प्रिय है। इसलिए यह व्रत श्रावण माह के मंगलवार को ही किया जाता है। इसलिए इसे मंगला गौरी भी कहा जाता है।
मन्नत के अनुसार, अपने मंगला गौरी के व्रत पूर्ण कर आखरी मंगलवार को किसी पंडित या पुरोहित के सानिध्य में तथा सोलह सुहागन स्त्रियों को भोजन करा कर इस व्रत की समाप्ति करनी चाहिए। जिसमें पूजन विधि हर मंगलवार की तरह करके, आखरी मंगलवार को पूरे परिवार के साथ माता-पिता के साथ व सुहागन स्त्री अपने पति के साथ करें। पूरे परिवार व सगे संबंधियों को शामिल कर अंत में आरती करें। इस तरह मंगला गौरी व्रत का उद्यापन किया जाता है।
वल्लभनगर केंद्र ने किया तीज और जन्माष्टी सेलिब्रेशन.... सुहानी और विशाखा बनी तीज क्वीन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने रविवार 25 अगस्त को हरतालिका तीज और कृष्ण जन्माष्टमी का एक साथ सेलिब्रेट किया। इस अवसर पर महिलाओं ने कई हाउजी गेम खेले। वहीं कृष्ण लीला के रूप धर कर पहुंची महिला सदस्यों ने आय़ोजन स्थल में ब्रज का एहसास कराया।
वल्लभ नगर केंद्र की संयोजिका माधुरी गाडगील ने बताया कि कार्यक्रम में सर्वप्रथम सुहाग की वस्तुएं जैसे चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, तीज आदि शब्दों पर हाउसी खेली गई। जिसमें प्रथम मेघा ऋषि, द्वितीय शुभांगी आप्टे, तृतीय कंचन पुसदकर रही। पत्ते वाले गेम में प्रथम चाडोलकर, द्वितीय वंदना पाटिल और तृतीय अमरजीत रही। आज तीज क्वीन में प्रथम सुहानी पवार और द्वितीय विशाखातोपखाने वाले रही। सभी ने मिलकर खूब डांस किया। जोड़ी बनाओ गेम में प्रथम शोभा मोहता, दितीय प्राजक्ता पुसदकर रही।

आयोजन के दौरान राधा-कृष्ण बनकर पहुंची महिलाओं ने पहले एक-दूसरे को माखन लगाया। फिर सभी ने एक दूसरे को माखन का प्रसाद बांटा। आज के आयोजन में शुभांगी आप्टे, वंदना पाटिल, सुवर्णा कस्तूर, मानसी विठ्ठलकर, सीमा शोभा, शोभा पाटिल, अपर्णा देशमुख, शोभा मोटा,अपर्णा अटल, प्राजक्ता पुसदकर, अपर्णा पेंडसे, चाणडोलकर, पियंका, विजया चौधरी, अर्चना, माधुरी गाडगिल, मनीषा सदन, प्रिती केसकर, प्रेरणा मोरे, मेघा रिषी पाध्ये, अल्पना देवरनकर और विशाखा तोपखानेवाले उपस्थित रही।
महाराष्ट्र मंडल में तीज आवरण.... भावना और मनीषा चुनी गई श्रावण सुंदरी
रायपुर। महराष्ट्र मंडल के चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने 25 अगस्त को मंडल में रविवार 25 अगस्त को हरतालिका आवरण का आयोजन किया। इस दौरान केंद्र की महिलाएं हरे रंग के ड्रेस कोड में पहुंची थी। इस दौरान महिलाओं को दो हाउजी गेम खिलाए गए। जिसका महिलाओं ने खूब आनंद लिया।
चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि आज तीज आवरण में श्रावण सुंदरी का चयन किया गया। दो वर्ग में श्रावण सुंदरी की चयन किया गया। जिसमें 30 से 50 आयु वर्ग में भावना पिपले और 50 से अधिक में मनीषा वरवंडकर को श्रावण सुंदरी चुना गया। वहीं महिलाओं के लिए मोमबत्ती और सिक्के वाले दो हाउजी गेम खिलाए गए। मोमबत्ती वाले गेम में प्रथम अपर्णा काळेले, द्वितीय अक्षता पंडित और तृतीय गौरी क्षीरसागर रही। वहीं सिक्के वाले गेम में प्रथम राजश्री बर्वे, द्वितीय उज्जवला पुराणिक और तृतीय अनुराधा चौधरी रही।
इस दौरान केंद्र की मनीषा वरवंडकर, अक्षता पंडित, स्वाति डबली, प्राची डोनगांवकर, प्रीति शेष, अनुराधा चौधरी, चारुशिला देव, अपर्णा काळेले, कुंतल काळेले, नुपूर गुप्ते, अल्का मराठे, सुनीता कुलकर्णी, अंजली वैद्य, प्रमोदिनी देशमुख, नलिनी राजिमवाले, सुधा बक्षी, मालविका राजिमवाले, नीलिमा डोनगांवकर, स्वाति डोनगांवकर, स्नेहा महाजन, कल्पना बड़वाईक, दीपाली येळणे, ज्योति कामनवार, संध्या पांडे, अनुपमा बोधनकर, प्रियंका डबली, गौरी क्षीरसागर, शिल्पा वरवंडकर, रोहिणी नेने, भावना पिंपले, पल्लवी मुकादम, उज्वला पुराणिक, रंजना काठोटे और गौरी मोकासदार उपस्थित रही।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में हुआ रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। किसी अभियान की शुरूआत कर उसे सफल बनाने में शिद्दत से जुटे रहना अगर आपको सिखना है तो आपके इसके लिए महाराष्ट्र मंडल आना होगा। सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्था महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रति शनिवार को होने वाले राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ का सिलसिला इस शनिवार भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। मंडल के अवंती विहार, बूढ़ापारा, चौबे कालोनी और देवेंद्र नगर केंद्र की महिलाओं ने स्थानीय मंदिरों और सदस्यों के घर पर रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

मंडल के आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि अवंती विहार केंद्र द्वारा किए गए पाठ के दौरान अनुपमा नलगुंडवार, अनीता नलगुंडवार, प्रणिता, अंजलि, सुचित्रा देशपांडे, रीना दानी, सौभाग्यश्री मेने, अंजलि शितुत, सुखदा लाखे और मनुजा काले प्रमुख रुप से उपस्थित थीं। वहीं बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में अपने पाठ के क्रम को पूरे उत्साह के साथ जारी रखा। इस दौरान हेमा पराड़कर, ज्योति पवार, रीता लोखंडे के साथ श्रीमती घाटे और शिंदे उपस्थित रहीं।

आस्था ने आगे बताया कि श्रावण माह से सभी त्योहार शुरू हो जाते हैं, प्रकृति हरी शॉल ओढ़े होती है और इस प्राकृतिक वातावरण में भगवान का नाम जपने से मन और भी प्रसन्न हो जाता है। चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में स्थित मां बंजारी मंदिर पहुंच माता के दर्शन किए और रामरक्षा स्तोत्र के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। केंद्र की महिलाओं ने इस दौरान देवी की स्तुति का भी गायन किया। इस दौरान मनीषा वरवंडकर, अपर्णा कालेळे, सुषमा आप्टे, चारुदेव शीला, गौरी क्षीरसागर, रोहिणी नेने, अर्चना मुकादम, शिल्पा वरवंडकर, सुनीता कुलकर्णी, अलका मराठा,

देवेंद्र नगर केंद्र की महिलाओं ने शनिवार को मासिक बैठक का आयोजन किया। बैठक में उपस्थित सभी जनों ने पहले रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल, नमिता शेष, आस्था काले कुमुद लाड, पद्मजा लाड, दीपाली अमीन, साक्षी टोले, नम्रता गंगने, लोनकर उपस्थित रही। सभी ने सर्वप्रथम हनुमान चालीसा व रामरक्षा स्तोत्र का पाठ किया उसके उपरान्त सामाजिक कार्य पर चर्चा की। बैठक में बच्चों को नशा मुक्ति के लिए जागृत करने पर सहमति बनी।