दिव्य महाराष्ट्र मंडल
अपने आपको पूरी तरह झोंकना होगा तब अभिनय में आएगी जान: पवार


धर्म, संस्कृति, संस्कार का महत्व बताता है शिवाजी का जीवन: कालेले
0- महाराष्ट्र मंडल में आयोजित मासिक महाआरती में शामिल हुए अनेक सभासद
कालेले ने कहा कि शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली होते हुए भी गुण - स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं। इसी कारण उन्होंने शिवाजी का पालन - पोषण रामायण, महाभारत और अन्य भारतीय वीरात्माओं की कहानियां सुना और शिक्षा देकर किया था। दादा कोणदेव के संरक्षण में शिवाजी सभी तरह की सामयिक युद्ध समेत अनेक विधाओं में भी निपुण हुए। उन्हें धर्म, संस्कृति और राजनीति की शिक्षा दिलवाई गई थीं। परम संत रामदेव के संपर्क में आने से शिवाजी पूर्णतया राष्ट्रप्रेमी, कर्त्तव्यपरायण व कर्मठ योद्धा बन गए।
महाआरती में सचिव चेतन दंडवते, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर, युवा समिति के प्रभारी विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, सचिन्द्र देशमुख, सुचिता देशमुख, अतुल गद्रे सहित अनेक सभासद शामिल हुए।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला केंद्रों की टीम ने मंदिरों में किया राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यामिक समिति द्वारा प्रत्येक शनिवार को मंदिरों में चलाए जा रहे राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ अभियान के तहत मंदिरों में शनिवार को राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा की गूंज सुनाई देती है।
महाराष्ट्र मंडळ के आध्यामिक समिति के प्रभारी आस्था काळे ने बताया कि मंडल के इस अभियान से लगातार लोग जुड़ रहे है। मराठी समाज के साथ अन्य समाज के लोग भी मंदिरों में पहुंच राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे है। बीते शनिवार को अवनी एवेन्यु दलदल सिवनी मोवा में रेणुका पुराणिक के मार्गदर्सन में राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान विशाखा दुबपे, वंदना परमार, मौसमी पोद्दार, छाया सिंह, प्रीति शर्मा, कल्पना राव, वर्षा तिवारी, मंजू मित्तल, पूनम खंडेलवाल, सीमा, प्रीति नागदेव, कृतिका बजाज और हर्षिता अग्रवाल सहित मंदिर में पहुंचे भक्त भी शामिल हुए।

आस्था काळे ने आगे बताया कि इसी तरह शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने स्थानीय हनुमान मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ रैना पुराणिक के निर्देशन में किया। इस अवसर पर मधुरा भागवत, कविता लांजेवार, अर्चना अलोनी, वनिता चित्राम्बरे, वर्षा उरकुरकर सहित अन्य महिलाएं शामिल हुई। बूढ़ापारा केंद्र द्वारा श्री हनुमान मंदिर बूढ़ापारा में हुए राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ में भी भक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान सविता साठे, ज्योति पवार, रीता लोखंडे, पंडित प्रदीप शर्मा, हेमा पराड़कर, अंजली नलगुंडवार, सुचिता काले, महेंद्र सोनीए नित्या शिंदे, हीना सोनी, एना सोनी, अदिति शिंदे, अनिता शिंदे प्रमुख रुप से उपस्थित रहीं।

इससे पूर्व महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद शताब्दी पांडे के निवास पर राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें रोहिणीपुरम केंद्र की अपर्णा जोशी, अलका कुलकर्णी, मंगला कुलकर्णी, चित्रा बलकी, जयश्री भूरे, अपर्णा वराडपांडे, साधना बहिरट, मंगला पुराणकर, प्रांजल बल्लाल, वंदना काले, मीरा कुपटकर, मीनाक्षी पिंपलापुरे, अंजलि वैद्य, सौ. मुक्तिबोध, अपर्णा जोशी, श्यामल जोशी, श्रीमती अलोनी सहित परिवारजन शामिल थे।

गुदगुदाने के साथ संदेश दे गया मराठी लघु नाटिकाओं का इंद्र धनु
रंग संस्कार' में महाराष्ट्र नाट्य मंडल के इंद्र धनु ने बिखेरी सतरंगी छटा
रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संस्कार भारती के तीन दिवसीय रंग संस्कार महोत्सव के पहले दिन महाराष्ट्र नाट्य मंडल की सात लघु मराठी नाटिकाओं का इंद्र धनु (इंद्रधनुष) ने आयोजन को सतरंगी बना दिया। आयोजन में शामिल होने आए मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के सुप्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और अखिल भारतीय नाट्य विधा संस्कार भारती के संयोजक प्रमोद पवार ने आयोजन को लेकर महाराष्ट्र नाट्य मंडळ की टीम को बहुत शुभकामनाएं दी।
'रक्तदान' में संदेश

मराठी नाटकों के 'इंद्र धनु' में पहला रंग 'रक्तदान' था। योगेश सोमण लिखित 'रक्तदान' एक ऐसी महिला कर्मचारी की कहानी है, जिसने कभी किसी को रक्तदान तो क्या, कभी कोई दान अथवा सहयोग नहीं किया। उसे विवशत: रक्तदान करना पड़ रहा है। लघु नाटिका में रक्तदान के उपरांत उसकी मनःस्थिति में हुए बदलाव का भावनात्मक देखने को मिला। इसमें रक्तदाता की एकल भूमिका को गौरी क्षीरसागर ने जीवंत किया।
'विसंवाद' में दिशा सूचक संदेश

इंद्र धनु के दूसरे रंग के रूप में योगेश सोमण लिखित 'विसंवाद' में एक प्रौढ़ दंपती रेस्टोरेंट में बैठी है। क्या आर्डर करना है, मात्र इसी बात पर दोनों में नोकझोंक हो जाती है। अंततः शाम का समय इसी बहस में बीता देते हैं। इनके बच्चे विदेश में हैं और एकाकीपन से बचने के लिए संवाद सबसे अच्छा रास्ता है। फिर भले ही वह विसंवाद (बहस) ही क्यों न हो। लेफ्ट ओवर पैरेंट्स के लिए इस नाटिका में एक दिशा सूचक संदेश है। दंपती की भूमिकाओं में प्रिया बक्षी के साथ प्रसन्न निमोणकर नजर आए।
'कलावंत में पिता- पुत्र का अंर्तद्वंद्व

इंद्र धनु का तीसरा रंग कलावंत (नाटकवाला) के रूप में दिखा। लेखक योगेश सोमण ने व्यावसायिक रंगकर्म से जुड़े एक युवा व उसके पिता के मध्य के वैचारिक द्वंद का चित्रण किया। युवा नाटक को ही अपना जीवन मानता है और पिता की अपेक्षायें इसके विपरीत है। वे चाहते हैं कि पुत्र अपनी आजीविका का कोई स्थाई निदान खोजे। जुनूनी युवा की भूमिका पवन ओगले और काका के रोल में प्रेम उपवंशी दिखाई दिए।
मात्र स्पर्श से बनता रिश्ता 'हरवलेली'

इंद्र धनु के चौथे रंग में 'हरवलेली (खोई हुई) की नायिका कीर्ति हिशीकर नौकरी से स्वेच्छा सेवानिवृत्ति लेने के बाद अपना जीवन अपनी शर्तों और इच्छाओं पर व्यतीत कर रही है। उसे अक्सर बीच बाजार में घूमते- घूमते नई- नई वस्तुओं का केवल अवलोकन करते हुए विंडो शापिंग करते हुए समय व्यतीत करना अच्छा लगता है। एक दिन ऐसे ही घूमते हुए उसका हाथ थामकर एक नन्हीं बच्ची चलने लगती है। बड़ी देर तक बिना चेहरा देखे ही वह बच्ची नायिका के साथ घूमते रहती है। लेखक मिलिंद सोमण ने इस नाटिका में बताया है कि मात्र स्पर्श से भी परिचय हो सकता है और विश्वास भी।
चौंकाने वाला संदेश 'तो पोरगा' में

योगेश सोमण लिखित नाटिका 'तो पोरगा' इंद्र धनु का पांचवा रंग है। लघु नाटिका का नायक (प्रसन्न निमोणकर) एक लेखक है। एक दिन भटकते हुए वह बगीचे में पहुंचा। वहां उसे एक लड़का बगीचे में पड़ी हुई वस्तुएं चुपके से उठाकर जेब में भरता हुआ दिखता है। नायक उसे पकड़ने के लिए उसका पीछा करता है। उसके अंतिम कृत्य को देखकर नायक भी चकित रह जाता है। उसे इतना चौंकाने वाला संदेश मिलने की उम्मीद कतई नहीं थी।
नारी शिक्षा का संदेश देती अंबुताई

इंद्र धनु का छठवां रंग 'मुलाखत अंबु ताईची' (अंबू ताई से मुलाकात) है। जयंत तारे लिखित इस नाटिका में शाला की सफाई कर्मी अंबु ताई का साक्षात्कार लेने के लिए पाठशाला के बच्चे आए हैं। अंबु ताई परिस्थितिवश पढ़ नहीं पाईं हैं, अब वह पाठशाला की साफ- सफाई इस शर्त पर निःशुल्क करने को राजी है कि उसकी दोनों बेटियों गंगी- मंगी को शाला में प्रवेश मिल जाए। जयंती तारे लिखित नाटिका में अंबु ताई के भावनात्मक रोल में प्रिया बक्षी नजर आई।
हंसाता- गुदगुदाता 'पत्र लिहण्यास कारण की'

इंद्र धनु के अंतिम रंग में 'पत्र लिहण्यास कारण की' देखने को मिला। योगेश सोमण की इस नाटिका में बस स्टॉप पर पति, पत्नी की प्रतीक्षा में खड़ा है। तभी एक ग्रामीण महिला आती है। उसे अपनी माँ को एक पत्र लिखना है। स्वयं की लिखाई अच्छी न होने के कारण वह नायक से पत्र लिखवाती है। पत्र का मजमून हास्य निर्मित करता है। पति की भूमिका में रविंद्र ठेंगड़ी व ग्रामीण महिला की भूमिका अस्मिता कुसरे ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
रंग संस्कार' में छाने को तैयार महाराष्ट्र नाट्य मंडल के नाटक... 17 मई से महाराष्ट्र मंडल में शुरू हो रहा तीन दिवसीय महोत्सव



सिटीकाॅन रायपुर के पूर्व राज्य प्रमुख इंजीनियर प्रसन्न निमोणकर अब अमोघ फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक बने
रायपुर | सिटीकॉन रायपुर के पूर्व राज्य प्रमुख इंजीनियर प्रसन्न निमोणकर, अब अमोघ फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक नियुक्त किए गए हैं । अमोघ में विवेक बर्वे सेवानिवृत्ति वरिष्ठ प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक मुख्य सलाहकार है । अमोघ नव तथा स्थापित उद्यमियों को परामर्श प्रदान करने वाली राज्य में अपनी तरह की एक विशिष्ट कंपनी के रूप में पहचान बन चुकी है |
अपने सूत वाक्य Solution Under One Roof [ सभी समाधान एक छत के नीचे ] को चरितार्थ करते हुए अमोघ सभी प्रकार के व्यावसायिक उपक्रमों यथा सेवा व्यापार एवं उत्पादन के क्षेत्र में न सिर्फ स्थापित उद्यमियों को वरन नव उद्यमियों को भी मार्गदर्शन सेवाएं प्रदान कर रही है |
अमोघ की सेवा गतिविधियों में युवाओं हेतु स्वरोजगारों के अवसरों की पहचान, छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति के प्रावधानों पर मार्गदर्शन, परियोजना संक्षिप्त एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन [ Project Profile & Detailed Project Report ] तैयार करना, औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय आधो - संरचना निर्माण हेतु सभी प्रकार की अभियांत्रिकी एवं वित्तीय परामर्श सेवाएं प्रदान करना, तकनीकी वह आर्थिक संभाव्यता प्रतिवेदन [ Techno - Economic Viability Study { TEV } ] तैयार करना, बैंक एवं तत्सम वित्तीय संस्थानों के लिए ऋण दाता के स्वतंत्र अभियंता [ Lendero's Independent Engineer { LIE } ] के रूप में सेवा प्रदान करना, अस्तियों का मूल्यांकन / आकलन करना [ Valuation Report ], उद्यमियों को ऋण प्राप्ति हेतु सहयोग करना, प्रबंधकीय सूचना तंत्र [ Management Infortmation System { MIS } ] विकसित करना, उद्योग / व्यापार के संवर्धन के लिए कार्यशाला / सेमिनार का आयोजन करना, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम को विभिन्न अनुदान व सुविधाओं का लाभ सुलभ कराना, उद्यमिता विकास हेतु प्रशिक्षण प्रदान करना, उत्पाद विशेष हेतु बाजार सर्वेक्षण करना, कच्चे माल की उपलब्धता का सर्वेक्षण करना, पर्यावरण संरक्षण हेतु आवश्यक परामर्श प्रदान करना, कर्मचारियों / अधिकारियों हेतु प्रबंधकीय कौशल विकास के प्रशिक्षण आयोजित करना, विधिक एवं कर संबंधित परामर्श प्रदान करना, आयात - निर्यात संबंधी परामर्श प्रदान करना आदि सम्मिलित है |
अमोघ के साथ ही शशांक मोघे एंड कंपनी चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर योगेश शर्मा सिविल इंजीनियर, सुजय निमोणकर कंपनी सेक्रेटरी, शलभ श्रीवास्तव विधिक सलाहकार, भगीरथी कालेले आयात - निर्यात सलाहकार एवं चैतन्य डांग आर्किटेक्ट के रूप में सम्बद्ध है |
मदर्स डे पर महाराष्ट्र मंडल की लक्ष्मी जिल्हारे ने मारी बाजी... 'मातृत्व को नमन' में हुईं विविध रोचक स्पर्धाएं
नंदा अगस्ती घर-घर जाकर करती हैं गीता पाठ... पिछले 10 वर्षों से चल रहा यह पुण्य यज्ञ
रायपुर। गीता का पाठ करना और श्रवण करना दोनों कार्य किसी पुण्य यज्ञ से कम नहीं है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद नंदा अगस्ती लोगों के घर-घर जाकर गीता का पाठ करती है। गीता पाठ के इस कार्य का बीड़ा उन्होंने 10 वर्ष पूर्व उठाया था, तब से लेकर आज तक कई लोगों के घर जाकर वे गीता पाठ कर चुकी है।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद नंदा अगस्ती ने 10 वर्ष पूर्व लोगों के घरों में जाकर गीता पाठ करने का कार्य प्रारंभ किया। वो शोक संतप्त परिवार के घर जाकर गीता पाठ करती है। वर्ष 2014 से उन्होंने यह पुनीत कार्य प्रारंभ किया। जो आज भी जारी है।
नंदी अगस्ती कहती है कि गीता का पाठ और श्रवण दोनों मुक्ति के साधन है। ऐसे में शोक संतप्त परिवार के घर जाकर गीता पाठ करने से मृत आत्मा को शांति मिलती है। 10 साल पहले पड़ोस में रहने वाले पांडे जी का परलोकगमन हो गया। तब मैं परिजनों से भेंट करने उनके घर गई। वहां किसी ने गीता पाठ कराने की सलाह दी, तो मैंने उनकी बेटियों से पूछा क्या मैं पढ़ दूं गीता। तो उन्होंने सहमति दी और मैंने गीता के दो अध्याय पढ़े। उस से शुरू हुआ सफर आज भी जारी है। जब भी कोई बुलाता है तो मैं गीता पाठ करने जरूर जाती हूं।
गम भूलाकर परिवार ने किया पिता का नेत्रदान, अब दो लोग देखेंगे दुनिया
रायपुर। गम की घड़ी में महत्वपूर्ण फैसला लेना आसान नहीं होगा। महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सभासद के परिजनों ने गम की घड़ी में नेत्रदान जैसा अहम फैसला लिया। शैलेद्र नगर निवासी दत्तात्रय गजानंद चौधरी का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इस दुख की घड़ी में महाराष्ट्र मंडळ के नेत्रदान प्रभारी विक्रम हिशीकर के अनुरोध पर परिजनों ने अहम निर्णय लेते हुए दतात्रय चौधरी के नेत्रदान का फैसला लिया। अब उनकी आंखों से दो लोग दुनिया देख सकेंगे।
महाराष्ट्र मंडळ के नेत्रदान प्रभारी विक्रम हिशीकर ने बताया कि दुख की इस घड़ी में दत्तात्रय गजानंद चौधरी के पुत्र ज्ञानेश चौधरी, उप पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी और महेश चौधरी ने पिता के समाजसेवी विचारों का सम्मान करते हुए नेत्रदान में सहयोग दिया। उनकी यह पहल लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।
दुख की इस घड़ी में उप पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने अपने भाईयों औऱ परिजनों को नेत्रदान के लिए सहमत किया। विक्रम हिशीकर ने कहा कि रायपुर एम्स में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। अब उनकी आंखों से दो बच्चे दुनिया देख सकेंगे। गम की बेला में उनके परिजनों के आंखों में नेत्रदान का सुकून झलक रहा था।
महाराष्ट्र मंडळ की पहलः मंदिरों में हुआ रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ



महाराष्ट्र मंडल ने किया मतदान कर्मियों का सम्मान... मंडल के सम्मानित सभासदों ने कहा पहली बार चुनाव ड्यूटी को नोटिस किया गया और सम्मानित भी




महाराष्ट्र मंडल द्वारा बांटे गए मठा ने गर्मी से दिलाई राहत... राहगीरों ने कहा उत्तम कार्य
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पारा इन दिनों चढ़ा हुआ है। ऐसे में राहगीरों को अगर कुछ ठंडा मिल जाए तो क्या बात है। महाराष्ट्र मंडळ के शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने 10 मई को अक्षय तृतीया के दिन राहगीरों को मठा वितरित किया। शंकर नगर केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत के नेतृत्व में केंद्र की महिलाओं ने शाम 5 बजे से शंकर नगर फ्लाईओवर (अटल पथ) के नीचे जया मेडिकल के पास राहगीरों को मठ्ठा वितरित किया।
शंकर नगर केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि महाराष्ट्र मंडळ की सभी 15 केंद्रों द्वारा लगातार राहगीरों को मठा वितरित किया जा रहा है, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिल सके। अक्षय तृतीया के दिन शाम 5 बजे से शंकर नगर फ्लाईओवर (अटल पथ) के नीचे जया मेडिकल के पास हमने राहगीरों को मठा वितरित किया। इस दौरान राहगीरों ने हमारे इस कार्य की सराहना भी की।
मठा वितरण कार्यक्रम के दौरान केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत, रैना पुराणिक, आरती गोवर्धन, संगीता राजिमवाले, गीता दलाल, रेणुका पुराणिक, पुष्पा जावळेकर, सुजाता देशपांडे, वंदना अलोणी, वर्षा उरकुरकर, मनीषा देशपांडे, मेधा कोतवालीवाले, आयुषी विठाळकर, कुंदा विटाळकर, शिल्पा पत्की और अनुभा काळे प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।
बोर्ड टापर बच्चे पहुंचे एसडीवी स्कूल... प्राचार्य का लिया आशीर्वाद.... शिक्षकों ने दी शुभकामनाएं
रायपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गुरुवार, 9 मई को बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों को इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले, सचिव चेतन दंडवते सहित कार्यकारिणी और स्कूल के प्राचार्य ने पूरे स्टाफ की ओर से शुभकामनाएं दी है। शुक्रवार 10 मई को बोर्ड टापर बच्चे सुबह स्कूल पहुंचे। बच्चों ने अपनी सफलता पर प्राचार्य मनीष गोवर्धन से आशीर्वाद लिया। वहीं उप प्राचार्य राहुल वोडितेलकर, अनिल खरे और आराधना लाल मैडम सहित अन्य शिक्षकों ने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में स्कूल के बच्चों को प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। 95.80 प्रतिशत के साथ जिया रामानी स्कूल में 10वीं की टापर रहीं। वहीं 95.30 अंक के साथ अक्षत द्विवेदी दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर 93.83 प्रतिशत अंक के साथ इफ्फत मानो पटेल तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं 12वीं आर्ट के मंथन शिंगेवार ने 92.20 अंक के साथ 12वीं में स्कूल के टापर रहे। 12वीं मैथ्स मुस्कान जुमनानी ने 79.60, सुनैना साहू ने 73.20 और समीर सिंह ने 72.60 फीसद अंक प्राप्त किया। बायोलाजी में 13 छात्र प्रथम और तीन छात्र द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। जिसमें भावना साहू 81 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम, सजल साहू 76.80 प्रतिशत के साथ द्वितीय और इराम बानो पटेल 74 फीसदी अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। आर्ट्स में 82 प्रतिशत के साथ मुस्कान देवांगन दूसरे और कोमोलिका नायक 77.40 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं कामर्स में तोषिका अडाऊ ने 90 प्रतिशत, आनंदिता देवांगन 86.60 और रेयांशी साहू 84.60 फीसद अंक के साथ उत्तीर्ण हुई।
80वें जन्मदिन पर महाराष्ट्र मंडल की मंजुल देवरस का सम्मान
एसडीवी स्कूल में 10वीं की टापर बनी जिया, 12वीं में मंथन ने मारी बारी
रायुपर। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गुरुवार, 9 मई को बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 95.80 प्रतिशत के साथ जिया रामानी स्कूल में 10वीं की टापर रहीं। वहीं 95.30 अंक के साथ अक्षत द्विवेदी दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर 93.83 प्रतिशत अंक के साथ इफ्फत मानो पटेल तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं 12वीं आर्ट के मंथन शिंगेवार ने 92.20 अंक के साथ 12वीं में स्कूल के टापर रहे। बच्चों को इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले, सचिव चेतन दंडवते सहित कार्यकारिणी और स्कूल के प्राचार्य ने पूरे स्टाफ की ओर से शुभकामनाएं दी है।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में स्कूल के बच्चों को प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। 12वीं मैथ्स मुस्कान जुमनानी ने 79.60, सुनैना साहू ने 73.20 और समीर सिंह ने 72.60 फीसद अंक प्राप्त किया। बायोलाजी में 13 छात्र प्रथम और तीन छात्र द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। जिसमें भावना साहू 81 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम, सजल साहू 76.80 प्रतिशत के साथ द्वितीय और इराम बानो पटेल 74 फीसदी अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
प्राचार्य ने आगे बताया कि आर्ट्स में 82 प्रतिशत के साथ मुस्कान देवांगन दूसरे और कोमोलिका नायक 77.40 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं कामर्स में तोषिका अडाऊ ने 90 प्रतिशत, आनंदिता देवांगन 86.60 और रेयांशी साहू 84.60 फीसद अंक के साथ उत्तीर्ण हुई।
कोटा केंद्र की महिलाओं ने मनाया हल्दी कुंकू... मजेदार गेम्स भी खेंले
रायपुर। महाराष्ट्रीय समाज की महिलाएं चैत्र गौरी हल्दी कुंकू का आयोजन धूमधाम से करती है। महाराष्ट्र मंडळ रायपुर के कोटा केंद्र की महिलाओं ने बीते दिनों चैत्र गौरी हल्दी कुंकू का आयोजन किया। इस दौरान महिलाओं ने सर्वप्रथम चैत्र गौरी को पूजा अर्चना कर सभी ने एक दूसरे को हल्दी कुंकू की बधाई दी।
कोटा केंद्र की कुसुम मालेवार, माधुरी इंगोले ने बताया कि आयोजन में बड़ी संख्या में केंद्र की महिलाएं शामिल हई। नए-नए मजेदार गेम्स खेले गए। इस दौरान गरबा में सभी ने धूम मचाई। इस दौरान कुसुम मालेवार, माधुरी इंगोले, वैशाली पुरोहित, वर्षा चोपकर, जया देशमुख, मोना भिड़े, दिप्ती पंचभाई, आरती दिवाते, प्रीति काकू सहिती बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।