दिव्य महाराष्ट्र मंडल
प्रिया बक्षी कराएंगी बाल नाट्य समारोह, एकांकी का जिम्मा अपर्णा को
दो टाइम भोजन, 55 मिनट के अंदर खाना को जीवनशैली में करें शामिलः डा. दीक्षित
0- महाराष्ट्र मंडल में जीवनशैली से मधुमेह व वजन को नियंत्रित करने पर हुआ ज्ञानवर्धक व्याख्यान
रायपुर। आज हमारे बीच हर दूसरा व्यक्ति शुगर का मरीज है। ऐसे में एक अच्छी जीवनशैली हमें इससे छुटकारा दिला सकती है। शुगर को कंट्रोल करने के लिए दिन में दो बार भोजन करें, और उनके भूख लगने पर पानी पिएं, घर का बना छाछ, ग्रीन या काली चाय (बिना चीनी व फ्लेवर की), नारियल पानी, एक टमाटर लें सकते हैं। व्यायाम को नियमित दिनचर्या में शामिल करें। भोजन 55 मिनट के अंदऱ खत्म करें। पुणे से रायपुर पधारे अंतरराष्ट्रीय जीवनशैली विशेषज्ञ डा. जगन्नाथ दीक्षित ने महाराष्ट्र मंडल में आयोजित एक दिवसीय व्याख्यान में उक्ताशय के विचार व्यक्त किए।
महाराष्ट्र मंडल की स्वास्थ्य समिति के इस महत्वपूर्ण आयोजन में डा दीक्षित का शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह से समिति प्रभारी प्रशांत बक्षी, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, सह सचिव मालती मिश्रा व स्वावलंबन समिति की प्रभारी शताब्दी पांडे ने अभिनंदन किया। इस मौके पर डॉक्टर दीक्षित ने कहा कि एक व्यक्ति को दिन में केवल दो बार ही भूख लगती है। यह उसे पहचानना होता है कि सबसे अधिक भूख कब लगी है। भोजन के लिए उस समय का निर्धारण कर उसी समय भोजन ग्रहण करें। अपने भोजन में प्राकृतिक प्रोटीन शामिल करें। प्रोटीन हमें शरीर की संरचना को विकसित करने और बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, आप अपने भोजन में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं जो पूरे दिन हमारे पेट को भरा रखते हैं। भोजन में कार्बोहाइड्रेट कम और प्रोटीन अधिक होना चाहिए। आयुर्वेद और आध्यात्म के अनुसार भी हमें दिन में केवल दो बार भोजन करना चाहिए।
इससे पूर्व महाऱाष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में व्याख्यान में उपस्थित विभिन्न समाज के लोगों सहित मुख्य वक्ता डा. जगन्नाथ दीक्षित को महराष्ट्र मंडल के 89 वर्ष के इतिहास की संक्षिप्त जानकारी देते हुए भावी योजनाओं की चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डा. मंजिरी बक्षी और आभार प्रदर्शन दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने किया।

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डा. दीक्षित के मुताबिक जीवन शैली में सुधार के लिए....
1. स्वस्थ रहने के लिए दिन में दो बार भोजन करें, वह भी तब जब जोरों की भूख लगी हो।
2. अधिकमत 55 मिनट में खाना खत्म करें।
3. कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन कम करना है और प्रोटीन युक्त भोजना बढ़ाना है।
4. शुगर नहीं है तो मीठा कम से कम खाए। अगर संभव हो तो शक्कर, गुड, शहद से ही परहेज करें।
5. शुगर के मरीजों को मीठा बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
6. प्रतिदिन 4.5 किमी की दूरी 45 मिनट में पूरा करें, जो नियमित अभ्यास से आएगा।
7. 12 से 15 किमी की साइकिलिंग करें ताकि 250 से 300 कैलोरी बर्न हो।
8. अगर आपको पैदल चलने में परेशानी है तो बाक्सिंग बैग बनाए और ग्लब्स लें और 45 मिनट बाक्सिंग करें। यह प्रैक्टिस मोटे लोग कुर्सी में बैठकर भी कर सकते है।
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क्या लें आहार में
नान डायबिटिक खाने की शुरूआत मीठे पदार्थ से कर सकते है। तत्पश्चात एक कटोरी सलाद फिर एक कटोरी स्प्राउट्ड। आखिर में आप अपना नियमित भोजन कर सकते है। वहीं रात में भोजन के पहले फ्रूट्स, ड्राइफ्रूट्स, नट्स लें सकते हैं। वहीं डायबिटिक और प्री डायबिटिक लोगों को खाने में चार बादाम, चार अखरोट और मूंगफल्ली भीगाकर, सलाद (चुकुंदर और गाजर नहीं) के साथ नियमित आहार लेना चाहिए। इन लोगों को मीठा बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए।
जीवनशैली से शुगर, वजन कैसे करें कंट्रोल, पुणे के डा. दीक्षित महाराष्ट्र मंडल में बताएंगे आज
मुकेश शाह, लोणकर दंपती, आंध्रा समाज व जिंदगी न मिलेगी दोबारा को गौरव अलंकरण सम्मान




तीज महोत्सव में इस बार कुछ नया करेगा तात्यापारा और बूढ़ापारा महिला केंद्र
रायपुर। सावन का महीना... हरियाली और तीज महोत्सव की बात हो तो महिलाओं हमेशा सबसे अच्छा करने की सोचती है। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित तात्यापारा और बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने भी इस सावन अपने तीज महोत्सव में कुछ नया करने की सोची। इसके लिए केंद्र की संयोजिकाओं ने सभी सदस्यों से विचार मंगाए है। इन विचारों पर चर्चा बाद तीज महोत्सव प्लान किया जाएगा।
तात्यापार और बूढ़ापारा केंद्र की मासिक बैठक तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में शनिवार शाम संपन्न हुई। बैठक के पूर्व सभी ने नियमित रुप से हर शनिवार होने वाले रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। बैठक में सर्वप्रथम सभी सदस्यों का आपस में परिचय हुआ। बैठक में वर्ष भर होने वाले सामाजिक कार्यों और उन कार्यों में सभी की सहभागिता पर चर्चा हुई। उसके बाद तीज महोत्सव में नया क्या कर सकते है, इस पर सभी ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में सुरेखा हिशीकर, अलका लेले, नमिता शेष, सुरभि शेष, मालती मिश्रा, आराधना शेष, दमयंती देशपांडे, अपर्णा मोघे, सुचिता देशपाडे उपस्थित रहीं।
रोहिणीपुरम, सिविललाइन और बूढ़ापारा केंद्र में हुआ राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीस पाठ


महाराष्ट्र मंडल में गौरव अलंकरण और विद्यार्थी सम्मान समारोह चार अगस्त को
महाराष्ट्र मंडल का विशाल मंच और ग्रीन रूम देख डा. अश्विनी बोरस्ते प्रकट किया आश्चर्य
बजर सिस्टम के साथ एलईडी स्क्रीन अंताक्षरी के आनंद को करेगी दोगुना
महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई स्वातंत्र्य वीर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि
रायपुर। स्वातंत्र्य वीर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई। मुख्य वक्ता मंडल के आजीवन सभासद प्रशांत देशपांडे ने कहा कि तिलक जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। तिलक का जन्म 1856 में महाराष्ट्र के रत्नागिरि के चिक्कन गांव में एक ब्राह्णण परिवार में हुआ था। उन्होंने बचपन से जनता की सेवा का व्रत धारण कर लिया था। उन्होंने सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। जनजागृति कार्यक्रम के तहत उन्होंने महाराष्ट्र में गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव सप्ताह भर मनाना प्रारंभ किया। इन त्योहारों के माध्मय से जनता में देश प्रेश और अंग्रेजों के अन्यायों के विरूद्ध संघर्ष का साहस भरा।
इससे पूर्व महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देश अनिल श्रीराम काळेले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वरिष्ठ सदस्य प्रशांत देशपांडे, दीपक पात्रीकर, महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल, प्रसन्न निमोणकर और श्याम दलाल सहित अन्य सदस्यों ने सूतमाला और दीप प्रज्ज्वलन कर लोकमान्य तिलक को नमन किया।
दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी व महाराष्ट्र नाट्य मंडल के सचिव प्रसन्न निमोणकर ने कहा कि तिलक जी गरम दल के नेता माने जाते थे। आजादी की लड़ाई में तिलक के अस्त्र उनकी कमल और वाणी थी। वे स्वतंत्रता प्राप्ति के उदारवादी आंदोलन के प्रखर विरोधी थे ।
निमोणकर ने आगे कहा कि बाल गंगाधर तिलक ‘स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है, और वह मैं लेकर रहूंगा’ के सिद्धांत पर कार्य करते थे। वे गणित के कुशल शिक्षक भी थे। उन्होंने बिना शस्त्र के उग्र क्रांति की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तिलक ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ निर्भिक पत्रकार थे, और 1981 में केसरी मराठी में और द मराठा अंग्रेजी में समाचार पत्रों का प्रकाशन किया। दो वर्षों में ही केसरी देश भर में कई भाषाओं में प्रकाशित होने लगा।

महाराष्ट्र मंडळ के पांच युवा उद्यमियों को ‘उद्योग श्री’ अवार्ड... शहर के अन्य उद्यमी भी होंगे सम्मानित
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के लिए आज गौरव का क्षण है। आज मंडल के पांच युवा उद्यमियों को उद्योग श्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। महाराष्ट्र मंडल के सदस्य सुबोध टोले, अरविंद जोशी, कौस्तुब धर्माधिकारी, मंजूषा संत और संजीव नाइक को शगुन फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ महिला मंच और महाऱाष्ट्र मंडल की स्वावलंबन समिति के संयुक्त तत्वाधान में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल समीप स्थित वुड केस्टल में 1 अगस्त को शाम 4 बजे से आयोजित है। कार्यक्रम की मीडिया प्रभारी कविता राठी ने बताया की कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन मौजूद रहेंगे। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री सरोज पांडे द्वारा किया जायेगा।

कार्यक्रम के संयोजक शताब्दी सुबोध पांडे, तृप्ति गोविंद राठी व इंदिरा जैन ने बताया कि जिन उद्यमियों को सम्मानित किया जा रहा हैं, उन्होंने लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के जरिए छत्तीसगढ़ सहित देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे उद्यमियों ने अपने कुशल कार्य संस्कृति और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपना कर राज्य को गौरवान्वित किया है। उद्योग श्री सम्मान प्रदान करने का उद्देश्य लगातार बेहतर कार्य करने वाले, इनोवेटिव जनकल्याणकारी कार्यों को संपादित करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करना एवं उदाहरण के रूप में समाज के युवाओं के समक्ष प्रस्तुत करना है। जिन अलग-अलग श्रेणियों के उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। उनमें उत्कृष्ट उद्योग, व्यवसाय, व्यापार, सेवा क्षेत्र शामिल है।

इन्हें भी नवाजा जाएगा उद्योग श्री अवार्ड से
अभिषेक चंसोरिया, अंजू पारक, अर्चना जैन, अविनाश बावनकर, अभिनय कुमार दुबे, भारती जैन, बीएल चौधरी, चंदन कुंभलकर, दलमीत सिंग, धनेश पटेल, डिंपल कट्टर, इंदिरा जैन, जयश्री पोपट, डिंपल वारल्याने कविथा देव, कुलदीप गांधी, डॉक्टर लक्ष्मी कार्यारे, मनीषा कटारिया, मंजू यादव, मनीष तोलानी, एमबेबी राव, मोहित ब्रिजवानी, मुकेश व्यास, नम्रता याडू, नेहा आशपल्या, निखिल अस्लानी, परमजीत, सिंग होरा, पूजा पटेल, प्रतिभा शर्मा, प्रीति भट्ट, राम शर्मा, रितूपर्णा चॅटर्जी, रुना शर्मा, संजीव नायक, शशि भट्ट, सतीश कुमार, डॉ श्वेता छाबरा, श्रद्धा पंड्या, शिवकांत त्रिपाठी, डीवी सिद्धार्थ राव, सोनम श्रीवास्तव, सोनिया इशरानी, सुधा वर्मा, सुनील कुमार ओझा, डॉ सूरज श्रीवास, सुरभि शर्मा, सुरेखा भारती, विद्या, विनिता शुक्ला शामिल है।
डा. अभया जोगलेकर महाराष्ट्र नाट्य मंडल की दोबारा प्रमुख.... वार्षिक सामान्य सभा में दोबारा सचिव निर्वाचित हुए प्रसन्न निमोणकर


शिव तांडव स्तोत्र के साथ शुरू हुआ पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन




महाराष्ट्र मंडल में सोमवार 29 जुलाई को एक साथ सौ महिलाएं पार्थिव शिवलिंग बनाकर करेंगी पूजा
ब्रेस्ट कैंसर के लिए हर महीने करें सेल्फ एग्जामिनेशनः डा. अलका गोले
मंडल की महिला केंद्रों में हुआ राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की महिला केंद्रों द्वारा प्रति शनिवार किए जाने वाला रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ इस शनिवार 27 जुलाई को भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। मंडल की आध्यात्मिक समिति की प्रमुख आस्था काले ने बताया कि मंडल के सभी केंद्रों में उत्साह के साथ पाठ किया जा रहा है। इस आयोजन से जहां एक ओर मन को शांति मिलती है,वहीं दूसरी ओर हम अपनी संस्कृति, परंपरा और धरोहर को सहेजे रखने का प्रयास कर रहे है, ताकि आने वाली पीढ़ी भी इन संस्कारों से पोषित हो।

आस्था काले ने बताया कि आज सुंदर नगर केंद्र द्वारा हनुमान चालीसा और रामरक्षा स्त्रोत का पाठ किया गया। इस दौरान सृस्टि दंडवते, अर्चना दंडवते, अंकिता किरवई, स्मिता टेम्बे, अर्चना शिवनकर, सुषमा काले, सुजाता निबालकर, अदिति जोशी, छाया जोशी और शिव शक्ति महिला मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। ढोलक और मंजीरे की थाप के साथ सभी ने उत्साह के साथ पाठ किया।

वहीं दूसरे ओर बूढ़ापारा केंद्र ने अपने अभियान से इस सप्ताह भी पूरे उत्साह के साथ जारी रखा। बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में मंडल की महिला केंद्र के साथ अन्य महिलाएं भी पहुंची और सभी ने मिलकर रामरक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान प्रणिता नलगुंडवार, अंजली नलगुंडवार, हेमा पराडकर, ज्योति पवार, सुचिता देशपांडे, जयश्री केलकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। वहीं सरोना केंद्र में पाठ के दौरान जयश्री ढेकणे, प्रियंका बोरवणकर, मीना नवरे, डॉ शुभांगी पाचघरे, डॉ अलका गोळे, सुरेखा पाठक, शुभा गोवर्धन, शांती महाजन, दीपा वैद्य, शिखा चोरनेले, नेहा किलेदार, दीप्ती शिलेदार, प्रविणा बापट, मीना परदेशी, विभा पांडे, सुकेशिनी जाधव, प्रज्ञा तिरपुडे और संध्या इंगळे उपस्थित थीं।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने किया रेनी डे सेलिब्रेट
रायपुर। बारिश के दिन का मजे कौन नहीं उठाना चाहता। फिर बात बचपन की हो तो और क्या पूछना है। संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने शनिवार को नो बैग डे के तहत रेनी डे को खूब सेलिब्रेट किया। रंग-बिरंगे छाते और रेनकोट के साथ पहुंचे बच्चों ने भी रेनी डे को खूब सेलिब्रेट किया।

पाइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले और प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने बताया कि बच्चों ने कागज की नाव और छाते बनाए। बच्चों ने अपनी नाव को पानी में छोड़ा, नाव को पानी में चलता देख बच्चे काफी खुश हुए। इवेंट के लिए शिक्षिकाओं ने सुंदर डेकोरेशन किया था।

कार्यक्रम में प्रिंसिपल मनीष गोवर्धन और वाइस प्रिंसिपल राहुल वोडीतेलवार, प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे, प्राइमरी इंचार्ज अपर्णा आठले ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया वह बच्चों के साथ रेनी डे सेलिब्रेट किया।