छत्तीसगढ़
कैंसर पीड़ित महिला को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती, कलेक्टर ने बेहतर उपचार के दिए निर्देश
रायपुर। काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम जिनकी पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है और चलने फिरने में असमर्थ है। उन्हें बाइक में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने मामला संज्ञान में आते ही तत्काल एम्बुलेंस बुलवा कर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपचार के लिए निर्देशित किया। महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 11 नवंबर को ग्राम कांटाबहरा (नगवाही) के समलु मरकाम द्वारा थायराइड कैंसर पीड़ित पत्नी श्रीमती कपूरा मरकाम को उपचार के लिए बाइक में लिटा कर उपचार के लिए ले जाने की सूचना संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम 12 नवंबर को पीड़िता के घर पहुंची और उसे 108 एम्बुलेंस में बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा रायपुर भेजा गया। यहां महिला को कैंसर रिसर्च युनिट में भर्ती कराया गया है जहां कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज हुआ।
उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में पीड़िता के स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेगांखार/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला विकासखण्ड बोड़ला स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा पीड़ित कपूरा मरकाम पति समलू मरकाम के ग्राम काटाबहरा (नगवाही) के निवास स्थान पर जाकर निरीक्षण करने पर पाया गया कि श्री समलू मरकाम द्वारा अपनी पत्नी कपूरा मरकाम के गले का गांठ में दर्द होने पर प्राथ. स्वा. रेगांखर जंगल में ईलाज के लिए ले जाया गया। वहां पदस्थ डाक्टर द्वारा जिला स्वासस्थ्य विभाग के अधिकारियों से मरीज के बीमारी के संबंध में चर्चा कर उपचार के लिए रायपुर रिफर किया गया।
जहां वर्ष 2024 में एक वर्ष तक एम्स, मेकाहारा तथा डीकेएस अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों में ईलाज चला। इसके पश्चात जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल मुंबई में एक माह तक ईलाज चला। वहां से ईलाज उपरांत घर लाया गया। पीड़िता की परेशानी पुनः बढ़ने पर उन्हें 12 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास ईलाज के लिए ले जाया गया। जहां वे 12 और 13 नवंबर को मेकाहारा में भर्ती रही और 14 से 19 नवंबर 2025 तक एम्स में भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई। जिसके पश्चात 20 नवंबर को मरीज को वापस घर लाया गया। जिसके पश्चात घर पर रहकर वह स्वास्थ्य लाभ ले रही थी। जिसके पश्चात महिला को आज फिर स्वास्थ्य खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां से उन्हें रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, रायपुर-बिलासपुर में हीट वेव का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने वाली है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में 24 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच ग्रीष्म लहर यानी हीट वेव चलने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई।सबसे ज्यादा तापमान 44 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज हुआ।वहीं, लोहंडीगुड़ा में 2 सेंटीमीटर, तोकापाल, तोंगपाल और जगदलपुर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
राजनांदगांव – 44°C
दुर्ग – 43°C
रायपुर – 42.8°C
बेमेतरा – 42.4°C
बिलासपुर – 42.4°C
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में दो द्रोणिकाएं सक्रिय हैं, जिनका असर मौसम पर पड़ रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर में 24 अप्रैल को ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और खुद को हाइड्रेट रखें।
हुक्का-ई-सिगरेट का धंधा सील, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
इसी तरह सिटी कोतवाली पुलिस ने नयापारा रोड स्थित आरबीएस बस सर्विस डिपो के पास अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दो अलग-अलग मामलों में राहुल निषाद और प्रकाश निषाद को पकड़ा गया। पुलिस ने राहुल निषाद के पास से 34 पौवा देशी शराब और नकदी बरामद की, जबकि प्रकाश निषाद से 35 पौवा देशी शराब जब्त की गई। दोनों से कुल 69 पौवा (लगभग 12.420 बल्क लीटर) देशी मदिरा बरामद हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
निलंबित IAS रानू साहू के रिश्तेदारों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, करोड़ों की संपत्ति रहेगी अटैच
रायपुर। छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस रानू साहू और उनके रिश्तेदारों को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, कोल लेवी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी (ED) द्वारा अटैच की गई करोड़ों की संपत्ति को छुड़ाने के लिए दायर की गई सभी याचिकाओं को कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने साफ कर दिया कि ‘जुर्म की कमाई’ के बराबर की कोई भी संपत्ति जब्त की जा सकती है।
बता दें कि इस मामले में ईडी ने सिर्फ रानू साहू ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार को लपेटे में लिया है। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने रानू साहू के भाई पूनम साहू, बहन, पिता अरुण कुमार, मां लक्ष्मी साहू, कजिन पंकज और पीयूष साहू, समेत उनकी आंटी रेवती साहू और रिश्तेदारों की संपत्तियों को कुर्क किया है। इन सभी ने कोर्ट में दलील दी थी कि यह संपत्तियां रानू साहू के कोरबा कलेक्टर बनने से पहले खरीदी गई थीं, इसलिए इन्हें छोड़ दिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की बेंच ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर सीधे तौर पर क्राइम प्रोसी’ यानी जुर्म का पैसा नहीं मिल रहा है, तो अधिकारी उतनी ही कीमत की दूसरी कानूनी संपत्ति भी अटैच कर सकते हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के तरीके इतने घुमावदार होते हैं कि सीधे सबूत मिलना मुश्किल होता है। सिर्फ इसलिए कि संपत्ति पहले खरीदी गई थी, वह PMLA के तहत अटैचमेंट से सुरक्षित नहीं मानी जा सकती।
दरअसल, याचिकाओं में यह भी कहा गया था कि एफआईआर में उनका नाम नहीं है और अपीलेट ट्रिब्यूनल का फैसला गलत है। लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि अपराधियों को आर्थिक फायदा लेने से रोकना ही कानून का मुख्य मकसद है। इस फैसले के बाद अब रानू साहू के परिवार के पास से करोड़ों की जायदाद निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद होता दिख रहा है।
बस्तर में स्वास्थ्य अभियान ने पकड़ी रफ्तार, दूरस्थ अंचलों तक बढ़ा भरोसा
रायपुर। बस्तर संभाग के घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों और दूरस्थ बसाहटों में अब स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तक साफ महसूस की जा रही है। जहां कभी इलाज के लिए लंबी दूरी और अनिश्चितता ही विकल्प थी, वहां अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद लोगों के द्वार तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के दस दिन पूरे होते-होते यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सफल हो रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के मन में भरोसे की नई किरण भी जगा रही है।
अभियान के तहत अब तक 6.39 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। बड़ी संख्या में मरीजों को मौके पर ही निःशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में तत्काल राहत मिली है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर त्वरित रेफरल की व्यवस्था की गई है। अब तक 8055 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजकर विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित किया गया है।
जांच के दौरान मलेरिया के 1125, टीबी के 3245, कुष्ठ के 2803, मुख कैंसर के 1999, सिकल सेल के 1527 और मोतियाबिंद के 2496 मामलों की पहचान की गई है। समय पर पहचान और उपचार शुरू होने से इन बीमारियों की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल रही है, साथ ही गंभीर स्थितियों को टालने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों तक एक समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले इलाज की सुविधा सीमित थी।
क्लीनिक से चला रहा था ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क
इस कार्रवाई की नींव 16 फरवरी को पड़ी, जब चक्रधर नगर पुलिस ने बोईरदादर स्थित एक उद्योग में दबिश देकर विकास अग्रवाल और विनय अग्रवाल को रंगे हाथों पकड़ा था। इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें खरसिया के गगन अग्रवाल का नाम सामने आया। गगन की गिरफ्तारी के बाद जब तकनीकी जांच शुरू हुई, तब पुलिस के हाथ इस नेटवर्क के मुख्य संचालक देव बंसल तक पहुंचे। मुख्य आरोपी देव बंसल को रायपुर स्थित उसके फ्लैट से घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसके पास से जब्त आईफोन 16 प्रो की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को ऑनलाइन लेनदेन के पुख्ता रिकॉर्ड, क्रिकेट सट्टे की चैट और विभिन्न राज्यों की यात्रा के टिकट मिले।
अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत.... उम्रकैद की सजा पर लगाई रोक
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बड़ी राहत देते हुए उनकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है। यह फैसला हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ आया है, जिसमें अमित जोगी को 2003 के चर्चित हत्या मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिस्नोई की पीठ ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामले की अंतिम सुनवाई पूरी होने तक अमित जोगी की सजा पर रोक रहेगी। अमित जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई बरी करने की राहत को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया गया था और आत्मसमर्पण के निर्देश दिए गए थे।
यह मामला 4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता और कारोबारी राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या से जुड़ा है. उस समय राज्य में अजीत जोगी की सरकार थी. इस हत्याकांड को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया गया था। 2007 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। जबकि 28 अन्य आरोपियों को दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने CBI और पीड़ित पक्ष की अपील पर सुनवाई कर अमित जोगी को भी दोषी ठहराया।
मामले की जांच 2004 में Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई थी। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने CBI की देरी को माफ करते हुए हाईकोर्ट को दोबारा सुनवाई का निर्देश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मामले में अंतिम फैसला आने तक अमित जोगी को बड़ी राहत मिल गई है, जबकि केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
खैरागढ़–राजनांदगांव बना देश का उभरता बर्ड हॉटस्पॉट
खैरागढ़–डोंगरगढ़ अब केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि जैव विविधता, वैज्ञानिक शोध और संभावित इको-टूरिज्म का उभरता केंद्र है। आने वाले समय में यदि संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखा गया, तो यह क्षेत्र देश के प्रमुख पर्यावरणीय मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।
राजनांदगांव में महिला नक्सली ने किया सरेंडर
उर्मिला कुछ दिनों पहले बगैर हथियार के ही जंगल के रास्ते बस्तर से मोहला की ओर रवाना हुई थी। वह पैदल ही मानपुर के जंगल पहुंची जहां से उसके आत्मसमर्पण का रास्ता खुला। वह अपने गृह जिले में ही आत्समर्पण करना चाहती थी।
तंबाकू का सेवन बंद करने से करोड़ों भारतीय हो जाएंगे गरीबी से बाहर, रिसर्च में बड़ा खुलासा
शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में तंबाकू छोड़ने से आर्थिक स्थिति सुधरने की दर 60 प्रतिशत ज्यादा है. तंबाकू छोड़ने से 71.2 लाख लोअर मिडिल इनकम वाले परिवार भी हायर इनकम ब्रैकेट में अपनी जगह बना सकते हैं. भारत में तंबाकू के इस्तेमाल और उत्पादन करने में दुनिया में दूसरे नंबर पर है. देश में करीब 267 करोड़ से ज्यादा लोग तंबाकू सेवन करते हैं. ये देश की एडल्ट आबादी का करीब एक चौथाई है. तंबाकू प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल करने के चलते देश में हर साल लगभग 13 लाख लोगों की जान चली जाती है. यानी हर दिन लगभग 3700 लोगों की मौत.
बस्तर में बदला मौसम का मिजाज, बारिश से तापमान 20 डिग्री तक गिरा, टमाटर और मक्के की फसल हो रही बर्बाद…
सड़क किनारे खड़ी बाइक बनी आग का गोला, बाल-बाल टली बड़ी घटना
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह पेट्रोल लीक या इंजन में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जिस जगह पर बाइक में आग लगी, उसके अगल-बगल में और भी कई गाड़ियां थीं, लेकिन आग देखते ही मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह अपनी-अपनी गाड़ियों को जलती हुई बाइक से दूर कर लिया, अन्यथा यहां और बड़ी घटना हो सकती थी।
अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़ : महाराष्ट्र पासिंग कार खराब होने से खुली पोल
बता दें कि करीब दो साल पहले भी ऐसा एक मामला सामने आया था। ओडिशा से गांजा लेकर निकला था और तीन थाना क्षेत्र पार करते हुए खल्लारी थाना पार कर कुछ दूरी पर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जब घटना की जानकारी लेने कार के पास पुलिस पहुंची तब तक कार छोड़कर सभी फरार हो गए थे। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को गांजा मिला था। इस घटना ने साफ कर दिया है कि अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और निगरानी में बड़ी चूक हो रही है। हालांकि पेट्रोलिंग टीम की सतर्कता से एक बड़ी खेप पकड़ी गई।
कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर तुमड़ीबोड़ के योगाभ्यास में लिया हिस्सा
राजनांदगांव : जिले में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए संचालित विशेष योग अभियान के अंतर्गत कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज प्रात: डोंगरगांव विकासखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमड़ीबोड़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। उन्होंने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा उपस्थित ग्रामीणों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने लू से बचाव, पर्याप्त पानी सेवन, हल्का एवं पौष्टिक आहार लेने के साथ-साथ नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दिनचर्या में कम से कम एक घंटा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए अवश्य निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है और इसे अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और स्वस्थ रहने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कलेक्टर ने ग्रामीणों से चर्चा कर विकास कार्यों एवं मूलभूत आवश्यताओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों के शिकायत पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमड़ीबोड़ स्टाफ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्टाफ को नियमित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 15 दिवस के भीतर स्वास्थ्य केन्द्र की सभी व्यवस्थाएं सुधार करने के लिए निर्देशित किया।
योग प्रशिक्षक द्वारा विभिन्न आसनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान का उद्देश्य 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से बचाव एवं नियंत्रण के प्रति जागरूक करना है। प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों द्वारा मंडूकासन, वृक्षासन, भुजंगासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए जा रहे हैं। साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बीपी एवं शुगर की नियमित जांच कर आयुष चिकित्सकों द्वारा संतुलित आहार एवं जीवनशैली सुधार के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिया जा रहा है। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार, अस्पताल सलाहकार विकास राठौर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर हो रही भर्ती, नौकरी का सुनहरा मौका
जनगणना प्रशिक्षण से लौटते समय शिक्षक हादसे का शिकार, कार की चपेट में आने से मौत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। दरअसल जनगणना प्रशिक्षण लौट रहे एक शिक्षक की तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं एक सायकल सवार भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार करम सिंह कमलवंशी निवासी कटाईपालीसी ने आज खरसिया थाना में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि उसका छोटा भाई हेमसागर कमलवंशी मिडिल स्कूल कन्या आश्रम तेन्दुमुड़ी में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। करम सिंह ने बताया कि कल उसका भाई जनगणना प्रशिक्षण हेतु मदनपुर हायर सेकेण्ड्री स्कूल अपनी स्कूटी क्रमांक सीजी 13 एएस 4778 से गया था।
शाम को वापस अपने घर लौट रहा था, इसी दौरान बारामुड़ा तरफ से आ रहे वाहन क्रमांक सीजी 11 एएक्स 1187 के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए स्कूटी सवार को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं एक सायकल सवार द्वारिका प्रसाद राठौर निवासी ठुसेकेला भी कार की ठोकर से बुरी तरह जख्मी हो गया है। घायल को इलाज के लिये खरसिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। बहरहाल, मृतक शिक्षक के भाई की रिपोर्ट के बाद खरसिया पुलिस आरोपी कार चालक के खिलाफ धारा 106(1) 125(ए) 281 के तहत अपराध दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी
रायुपर। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल एवं डीजल तथा कृषि उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु और नियंत्रित बनी हुई है। राज्य शासन और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कमी या संकट की स्थिति नहीं है।
प्रेस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरीहा आलम सिद्दीकी तथा कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि राज्य में आपूर्ति तंत्र पूरी तरह सुदृढ़ है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 72 हजार एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जो सामान्य मांग के अनुरूप है। राज्य में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल पांच बॉटलिंग इकाइयों में पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। इसके साथ ही 539 वितरकों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
कम खपत वाले उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों, प्रवासी श्रमिकों और अस्थायी निवासियों की सुविधा के लिए पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों उरला, सिलतरा, तिफरा, सिरगिट्टी, पाथरपाली और भूपदेवपुर में विशेष शिविरों के माध्यम से इनकी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है। वर्तमान में लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग एसएमएस, इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम और मिस्ड कॉल जैसी डिजिटल सेवाओं के माध्यम से हो रही है। साथ ही, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली लागू होने से उपभोक्ताओं को पारदर्शी और जवाबदेह सेवा मिल रही है।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन और तेल कंपनियां संयुक्त रूप से सघन कार्रवाई कर रही हैं। अब तक राज्यभर में 419 छापेमारी की गई हैं, 105 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 3946 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य में 2587 पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप आपूर्ति की जा रही है। टर्मिनल और बल्क पेट्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट डिपो में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित है तथा पाइपलाइन और रेल नेटवर्क के जरिए नियमित आपूर्ति बनाए रखी जा रही है।
कृषि क्षेत्र के संदर्भ में प्रमुख सचिव कृषि श्रीमती शहला निगार ने बताया कि किसानों के लिए उर्वरकों और अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए अग्रिम भंडारण किया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।
अधिकारियों ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ है और सरकार किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।