छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक विधानसभा में बहुमत से पारित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक बहुमत के साथ पारित हो गया, हालांकि इस दौरान विपक्ष ने विधेयक पर कड़ा विरोध जताया।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि बिना वित्तीय पत्रक के किसी विधेयक को पारित करना उचित नहीं है और इस संशोधन के प्रावधानों से सरकार को वित्तीय हानि की संभावना हो सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह परंपरा बन गई तो भविष्य में होने वाले किसी भी वित्तीय नुकसान की जानकारी विधायकों को नहीं मिलेगी और ऐसे में सदन में उस पर सही तरीके से चर्चा भी संभव नहीं होगी। उमेश पटेल ने इसे गलत परंपरा की शुरुआत बताते हुए कहा कि इसके दूरगामी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि इस विधेयक से किसी प्रकार की वित्तीय हानि नहीं होगी और इसलिए इसके लिए वित्तीय पत्रक प्रस्तुत करने की आवश्यकता भी नहीं है। सत्ता पक्ष ने अपने बहुमत के आधार पर विधेयक को पारित करा दिया, जबकि विपक्ष ने प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए।
नवरात्रि के पहले दिन मां महामाया मंदिर रतनपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब
रायपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर, ऐतिहासिक नगरी और शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर के पावन दरबार में आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां महामाया के दर्शन के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालु कतारों में नजर आए। सुबह शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हुई। मंदिर परिसर में शंख ध्वनि, घंटियों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु व्रत रखकर माता के दर्शन और पूजा में जुटे हैं।
नवरात्रि को लेकर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। करीब 19 घंटे तक दर्शन की व्यवस्था की गई है। सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक मंदिर के पट खुले रहेंगे, वहीं सप्तमी पर पूरी रात दर्शन की सुविधा रहेगी। इस बार नवरात्रि खास संयोग में शुरू हुई है। 9 साल बाद तिथि क्षय के योग में नवरात्रि का आगाज हुआ है। सुबह 6:53 से 10:36 बजे तक घट स्थापना का शुभ मुहूर्त रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा की। मंदिर में 100 पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
हजारों की संख्या में मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की जा रही है और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। नवरात्रि के पहले दिन रतनपुर में आस्था और श्रद्धा का ऐसा संगम देखने को मिला, और आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं।
राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।
हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है। संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके। पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है।
इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है।
स्वामी आत्मानंद स्कूल में एयरोमॉडलिंग का रोमांच, ड्रोन और फाइटर मॉडल ने मोहा मन
रायपुर। प्रदेश के गरियाबंद जिले के देवभोग स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में एनसीसी एयर विंग (NCC Air Wing) इकाई द्वारा आयोजित विशेष एयरोमॉडलिंग प्रदर्शन कार्यक्रम ने छात्रों और उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया। यह आयोजन 3 सीजी एयर स्क्वाड्रन रायपुर के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर विवेक कुमार साहू के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें आधुनिक तकनीक और सैन्य क्षमता का आकर्षक प्रदर्शन देखने को मिला।
कार्यक्रम में सार्जेंट एस. के. धनोले, कॉरपोरल अर्जुन कुमार यादव और एयरोमॉडलिंग इंस्ट्रक्टर दीपक भुरले अपनी टीम के साथ विभिन्न लड़ाकू विमानों के मॉडल लेकर पहुंचे। प्रशिक्षित एसडी कैडेट्स के साथ उन्होंने एक के बाद एक मॉडलों की उड़ान और करतब का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर छात्र-छात्राओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहपूर्वक सराहा।
एयर विंग एनसीसी के सेकंड ऑफिसर गणेश सोनी (एएनओ) ने पूरे कार्यक्रम का संचालन करते हुए मॉडलों की तकनीकी बारीकियों और अधिकारियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। प्रदर्शन के दौरान रेडियो कंट्रोल मॉडल बैनर शो, कंट्रोल लाइन मॉडल डॉग फाइट, ड्रोन के सर्कल, रेक्टेंगल पैटर्न और फिगर ऑफ-8 जैसी उड़ानें प्रस्तुत की गईं। इसके अलावा मिराज-2000 और यूएसए हेलीकॉप्टर के स्टैटिक मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिनके माध्यम से छात्रों को आधुनिक सैन्य तकनीक से परिचित कराया गया।
कैडेट्स ने मॉडल निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरणों और उनकी विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया, वहीं अधिकारियों ने लड़ाकू विमानों की कार्यप्रणाली और उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कॉरपोरल अर्जुन कुमार यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि विंग कमांडर विवेक कुमार साहू स्वयं एनसीसी कैडेट रह चुके हैं और उनकी सोच है कि अधिक से अधिक छात्र सेना के शौर्य को समझें, उनमें देशभक्ति की भावना विकसित हो और वे रक्षा क्षेत्र की ओर प्रेरित हों। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में एनसीसी सर्टिफिकेट के महत्व की भी जानकारी दी गई।
वन विभाग के ‘युवान’ पहल से छत्तीसगढ़ के युवा बनेंगें ग्रीन लीडर
रायपुर। बलौदाबाजार वनमण्डल द्वारा “YUVAN – Connecting Youth with Nature” पहल के तहत वॉलेंटियर्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के विशेष प्रोत्साहन से शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को वनों और वन्यजीवों के संरक्षण से जोड़कर उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना है, जिससे युवाओं को प्रकृति, वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जोड़ते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाए।
युवाओं को वनों और वन्यजीवों के महत्व को समझाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में उनकी भागीदारी बढ़ाना। इसमें वनों की पारिस्थितिकी, जैव विविधता, और सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू का विशेष प्रशिक्षण देना शामिल है। इस कार्यक्रम में शासकीय लवन महाविद्यालय, लाइफकेयर कॉलेज ऑफ नर्सिंग और डी.के. कॉलेज बलौदाबाजार के स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्र के युवाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा युवाओं को प्रकृति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। डॉ. अजय मिश्रा ने वेटलैंड संरक्षण की बारीकियों को समझाया, वहीं सौरव राजवाड़े ने ‘युवान’ कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही सौरव मेहरा ने मानव-हाथी सह-अस्तित्व जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर रोचक प्रस्तुति दी।
वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने “युवान” (युवा वन) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें फील्ड एक्सपोजर और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य के ‘ग्रीन लीडर’ के रूप में तैयार करेगा। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति और समुदाय के बीच के संबंधों को समझना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य कृषानू चन्द्राकार और प्रशिक्षणरत एसीएफ प्रखर नायक व गुलशन साहू सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस पहल के माध्यम से वन विभाग अब स्थानीय युवाओं को अपनी विभिन्न संरक्षण गतिविधियों और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल करेगाए ताकि पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को एक नई ऊर्जा मिल सके।
छत्तीसगढ़ में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई… बाघ और तेंदुए के शिकार में शामिल डिप्टी रेंजर सहित 9 गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के वन क्षेत्र में वन विभाग द्वारा बाघ व तेंदूए के शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस शिकार में शामिल एक डिप्टी रेंजर सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि डिप्टी रेंजर की मिली भगत के कारण ही शिकारी जंगल में घुसे और बाघ व तेंदूए का शिकार किया।
दरअसल वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं। इसके बाद विभाग और राज्य उड़नदस्ता टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। लगातार निगरानी और जांच के दौरान एक संगठित शिकार गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि इस अवैध गतिविधि में वन विभाग का ही एक कर्मचारी, डिप्टी रेंजर देवी प्रसाद ओयाम भी शामिल था।
डिप्टी रेंजर ओयाम की मिलीभगत के कारण शिकारियों को जंगल में प्रवेश और शिकार करने में मदद मिली। आरोपियों ने शिकार के लिए लोहे के तार के फंदों का उपयोग किया, जिनमें मांस लगाकर बाघ और तेंदुए को फंसाया गया। फंदे में फंसने के कारण दोनों वन्यप्राणियों की मौत हो गई। बरामद बाघ की उम्र लगभग 3 वर्ष बताई गई है। आरोपी इनकी खाल को रायपुर ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। इस पूरे मामले में वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपियों में शिकार के मुख्य आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम, देवीराम ओयाम, रमेश कुड़ियाम, फरसोन पोयामी, सेमला रमेश, सुखराम पोडियाम और छत्रू कुड़ियाम शामिल हैं। पूछताछ के आधार पर ग्राम केशापुर में दबिश देकर तेंदुए की खाल बरामद की गई तथा मासो ओयाम और अर्जुन भोगामी को भी गिरफ्तार किया गया।
वनमंडलाधिकारी दंतेवाड़ा रामकृष्णा ने बताया कि बाघ और तेंदुआ दोनों ही अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस सफलता पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम को बधाई दी है और संबंधित अधिकारियों- कर्मचारियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कर शीघ्र न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ट्रेन की चपेट में आने से एसपी कार्यालयमें पदस्थ आरक्षक की दर्दनाक मौत
रायपुर। रायगढ़ में एक आरक्षक की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान सुजीत मिंज के रूप में हुई है, जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ थे। घटना के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार सुजीत मिंज बीते शाम ढिमरापुर स्थित अपने घर पर थे। परिजनों के मुताबिक रात में खाना खाने के बाद उन्होंने किसी काम से ड्यूटी जाने की बात कही और घर से निकल गए। परिजनों ने उन्हें रोकते हुए पूछा भी कि दिन में ड्यूटी कर चुके हैं तो रात में क्यों जा रहे हैं, लेकिन वे बिना कुछ बताए घर से चले गए।
सुबह जीआरपी से परिजनों को सूचना मिली कि रेलवे ट्रैक के पास एक शव मिला है। जिसकी पहचान सुजीत मिंज के रूप में हुई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बताया जा रहा है कि मृतक अविवाहित थे।
पूर्व सांसद के बंगले में CAF जवान ने सर्विस रायफल से खुद को मारी गोली
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के छुईखदान थाना के उदयपुर में स्थित पूर्व विधायक व पूर्व सांसद स्व. देवव्रत सिंह के बंगले में CAF जवान ने खुद के सर्विस राइयफ से गोली मारकर अपनी जान दे दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई है।
बता दें, कि पूर्व विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद उनके संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते प्रशासन ने उदयपुर स्थित उनके निवास को सील कर दिया था और वहां सुरक्षा के लिए CAF के जवानों की तैनाती की गई थी। मृतक जवान भी उसी सुरक्षा ड्यूटी का हिस्सा था। जवान ने अपनी ही सर्विस रायफल से खुद को गोली मारी। साथी जवानों ने उसे खून से लथपथ हालत में पाया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत जवान की पहचान कृपाचंद सोनवानी के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की छठवीं बटालियन में पदस्थ था। वह मूल रूप से भिलाई का निवासी था। घटना सोमवार शाम करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच की बताई जा रही है। इस घटना की पुष्टि पुलिस महानिरीक्षक बालाजीराव सोमावार ने की है।
स्कूल की मान्यता नहीं और एडमिशन के लिए विज्ञापन.... हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
रायपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने बिना मान्यता संचालित स्कूलों द्वारा प्रवेश के लिए विज्ञापन जारी करने को लेकर गंभीरता दिखाई। अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को इस पूरे मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिन स्कूलों का नाम विज्ञापन में सामने आया है, उन्हें भी पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया गया है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। यह कार्यवाही जनहित याचिका में इंटरवीनर के तौर पर शामिल विकास तिवारी द्वारा उठाए गए मुद्दों के आधार पर की गई।
सुनवाई के दौरान इंटरवीनर ने अदालत को जानकारी दी कि उन्होंने बिना मान्यता वाले स्कूलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत को 5 फरवरी 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय ने दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा था। साथ ही निर्देश दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर इस पर कार्रवाई कर रिपोर्ट दी जाए। हालांकि तय समय बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।
सुनवाई के दौरान इंटरवीनर ने अदालत के समक्ष एक पत्रिका में प्रकाशित एडमिशन विज्ञापन भी प्रस्तुत किया। इस विज्ञापन में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए विभिन्न निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि जिन स्कूलों का विज्ञापन प्रकाशित हुआ है, उनमें से कुछ स्कूलों के पास आवश्यक शासकीय मान्यता नहीं है। इसके बावजूद वे खुले तौर पर एडमिशन के विज्ञापन देकर छात्रों और अभिभावकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसे अदालत के पूर्व आदेशों का उल्लंघन बताया गया।
डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि बिना मान्यता के स्कूल एडमिशन के लिए विज्ञापन जारी करते हैं तो यह अदालत के वैध आदेशों की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है। इसलिए इस मामले में शिक्षा विभाग की भूमिका और कार्रवाई स्पष्ट होना जरूरी है। इसी को देखते हुए अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है कि शिकायतों के बाद विभाग ने क्या कार्रवाई की और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
बलरामपुर : बरतीकला में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन 19 मार्च को
बलरामपुर : राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक सुगमता एवं समयबद्ध रूप से पहुंचाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के विकासखण्डों में समाधान शिविर आयोजित किया जाना है। जिसके अंतर्गत जिला स्तरीय समाधान शिविर प्रत्येक विकासखण्ड में आयोजित किया जाएगा।
विकासखण्ड वाड्रफनगर में 19 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत बरतीकला के हाई स्कूल मैदान में शिविर आयोजित होगा। इसके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को नोडल एवं संबंधित जनपद सीईओ को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। शिविर में आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों एवं योजनाओं से संबंधित आवेदनों का पंजीयन कर उनका निराकरण प्राथमिकता से किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को निर्धारित तिथि में शिविर में उपस्थित होने एवं शिविरों में प्राप्त आवेदनों का यथा संभव शिविर पर ही निराकरण करने के निर्देश भी दिये हैं।
नवरात्रि से पहले घटारानी मंदिर में मची तबाही, भीषण आग में 9 दुकानें खाक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध मंदिर घटारानी में देर रात यहां भीषण आग लग गई। इस भीषण आगजनी में मंदिर परिसर की 8 से 9 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दुकानों में फैंसी सामग्री, प्रसादी, खिलौने और पूजा के बर्तन रखे हुए थे। आगामी नवरात्रि मेले को देखते हुए दुकानदारों ने हाल ही में नया माल भरा था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में दुकानदारों को 8 से 10 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों ने आशंका जताई है कि पास के जंगल में लगी आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुंच गई और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना तत्काल फिंगेश्वर थाना पुलिस को दे दी गई है। पूरी तरह से बर्बाद हो चुके दुकानदारों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित दुकानदारों ने शासन और प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है।
तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में रामजन्मोत्सव और हनुमान जन्मोत्सव पर हरि कीर्तन 19 मार्च से
रायपुर। तात्यापारा स्थित 11वीं सदी के प्राचीनतम एवं ऐतिहासिक दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में गुरुवार 19 मार्च से गुरुवार 26 मार्च तक श्रीराम जन्मोत्सव और गुरुवार 2 अप्रैल को श्री हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर 19 मार्च से 25 मार्च तक प्रतिदिन रात 9 बजे पं. शशंका सुहास देशपांडे द्वारा हरि कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष संदीप राजिमवाले ने बताया कि हिंदू नवर्ष, श्री रामनवमीं और हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। इस वर्ष भी आयोजन की तैयारी व्यापक स्तर पर की जा रही है। प्रतिदिन मंदिर समिति द्वारा विशेष आयोजन किया जाएगा। वहीं 19 मार्च से 25 मार्च तक प्रतिदिन रात 9 बजे रात 10.30 बजे तक पं. शशंका सुहास देशपांडे द्वारा हरि कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। श्री राम जन्मोत्सव 26 मार्च को गुरुवार को सुबह 10 बजे से हरि कीर्तन से प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजे राम जन्म उत्सव मनाया जाएगा।
मंदिर समिति के उपाध्यक्ष दीपक किरवईवाले ने बताया कि 19 से 27 मार्च तक प्रतिदिन विशेष प्रतियोगिता का आयोजन होगा। जिसके तहत 19 मार्च को भजन संध्या के साथ श्रीफल से सजावट होगी। वहीं 20 मार्च को भजन तोरण पैटर्न रंगोली, फूलों की रंगोली सजाई जाएगी। 21 और 22 मार्च को भगवान का आसन और सजावट होगी। सोमवार 23 मार्च को मातृकोत्सव, चैत्रगौर हल्दी कुंकू आयोजित होगा। वहीं 24 मार्च मंगलवार को फूलों की पायघड़ी और सुंदरकांड का पाठ संध्या 6 बजे से होगा। बुधवार 25 मार्च को सिंघाड़ा के नमकीन और शंकरकंद का मीठा व्यंजन भगवान को अर्पित किया जाएगा। वहीं गुरुवार 26 मार्च को श्रीराम जनमोत्सव मनाया जाएगा। 27 मार्च को पारण और महाप्रसाद वितरण दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। प्रतियोगिता दोपहर 3 से 4 बजे के बीच आयोजित होगी और भवन प्रतिदिन शाम 4.30 बजे से होगा।
मंदिर समिति के सचिव अनिल गनोदवाले ने बताया कि गुरुवार 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर सुबह 5.30 बजे से श्री हरि कीर्तन, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और शाम 7 बजे महाआरती की जाएगी। 19 मार्चसे 27 मार्च तक प्रतिदिन अलग-अलग भक्त परिवार द्वारा विशेष नैवेद्य भगवान को अर्पित किया जाएगा। 19 मार्च को विनोद शेष परिवार, 20 मार्च को मालती सुधीर मिश्रा, 21 मार्च को वीणा गनोदवाले परिवार, 22 मार्च को सागर राजिमवाले बंधु, 23 मार्च को प्रशांत बक्षी, 24 मार्च को राहुल खानखोजे, 25 मार्च को भगिनी मंडल डंगनिया और 27 मार्च को महाप्रसाद वितरण होगा।
रायपुर में 18 मार्च को होगी ‘डाक अदालत’, डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का होगा समाधान
रायपुर। डाक सेवाओं से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से कार्यालय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर द्वारा परिमंडल स्तर पर “डाक अदालत” का आयोजन किया जा रहा है। यह डाक अदालत 18 मार्च 2026 (बुधवार) को शाम 4 बजे आयोजित होगी, जिसमें डाक सेवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर सीधे चर्चा कर उनका समाधान किया जाएगा।
इस डाक अदालत में डाक वस्तुओं के वितरण, काउंटर सेवाओं, लघु बचत योजनाओं जैसे आवर्ती जमा (रिकरिंग डिपॉजिट), बचत बैंक खाते, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, रजिस्ट्री डाक, मूल्य देय पार्सल (वैल्यू पेएबल पार्सल), एक्सप्रेस पार्सल, स्पीड पोस्ट, मनी ऑर्डर, डाक जीवन बीमा तथा ग्रामीण डाक जीवन बीमा से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
डाक विभाग ने ग्राहकों से अपील की है कि यदि उन्हें डाक सेवाओं से संबंधित कोई शिकायत हो, तो वे अपने प्रकरण का पूर्ण विवरण सहित आवेदन 16 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजे तक कार्यालय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर को प्रस्तुत करें। निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त होने वाली शिकायतों को इस डाक अदालत में शामिल नहीं किया जाएगा।
डाक अदालत का आयोजन रायपुर जनरल पोस्ट ऑफिस (जनरल पोस्ट ऑफिस) भवन के द्वितीय तल, जय स्तंभ चौक स्थित कार्यालय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल, रायपुर में किया जाएगा, जहां डाक सेवाओं से संबंधित मामलों पर प्रत्यक्ष अथवा वर्चुअल माध्यम से चर्चा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।
यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
“गौधाम योजना” का शुभारंभ 14 मार्च को... प्रदेश के 29 गौधाम का होगा उद्घाटन
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा।
गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री
रायपुर। छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर हब है और अब ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। श्री साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।
गरियाबंद में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग पर छापेमारी, 19 सिलेंडर जब्त
रायपुर। गरियाबंद जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग के विरुद्ध खाद्य विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंट में छापामार कार्रवाई करते हुए घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग के मामले में चार प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 19 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। इनमें 11 भरे हुए तथा 8 खाली सिलेंडर शामिल हैं।
जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे ने बताया कि कलेक्टर द्वारा जिले के सभी गैस वितरकों को तेल कंपनियों के निर्देशानुसार घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
खाद्य विभाग की टीम द्वारा ऑथेंटिक फूड एशियन रेस्टोरेंट से 2 भरे हुए एवं 4 खाली गैस सिलेंडर, शिव फैमिली रेस्टोरेंट से 3 भरे हुए एवं 2 खाली गैस सिलेंडर, अमन फैमिली रेस्टोरेंट से 3 भरे हुए गैस सिलेंडर तथा होटल हार्माेनी एंड जायका रेस्टोरेंट से 3 भरे हुए एवं 2 खाली गैस सिलेंडर जब्त किए गए। खाद्य विभाग का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करना नियमानुसार प्रतिबंधित है। इस प्रकार के मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जिले में इस प्रकार की जांच और कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।