छत्तीसगढ़
प्रदेश के इस जिले के 41 स्कूलों को नोटिस... दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण, नहीं तो होगी बड़ी कार्रवाई
रायपुर। समग्र शिक्षा अंतर्गत सत्र 2025-26 के लिए जिले के 41 हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों को प्रति विद्यालय 2-2 लाख रुपये की स्वीकृति नवंबर में मिल चुकी थी, लेकिन अभी तक राशि जारी नहीं हो सकी। इससे व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े 10वीं और 12वीं के छात्र पूरे सत्र आवश्यक संसाधनों से वंचित रहे।
मामला प्रमुखता से उजागर होने के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार ने शिक्षा विभाग की मैराथन बैठक लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेताया था कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं सह जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा, जिला मुंगेली द्वारा 41 व्यावसायिक शिक्षा संचालित विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजनाओं में संबंधित ट्रेड की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में नहीं रखा गया। नोटिस में निर्देश दिया गया है कि दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। विलंब या जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य की होगी।
नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना संबंधित ट्रेड की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार नहीं की गई। कई स्कूलों ने वास्तविक जरूरत का समुचित आकलन किए बिना प्रस्ताव भेजे। यानी खर्च का प्रस्ताव तो भेजा गया, पर यह स्पष्ट नहीं किया गया कि संबंधित ट्रेड को किन बुनियादी संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है। कुछ प्रस्तावों में ऐसे मद शामिल पाए गए जो समग्र शिक्षा की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप नहीं थे। सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि दो दिन के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। पत्र में साफ लिखा गया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य की होगी।
राज्य स्तर से निर्देश थे कि राशि पीएफएमएस के माध्यम से वित्तीय लिमिट के रूप में संबंधित विद्यालयों को जारी की जाए। इसका उपयोग ए-4 पेपर, लैब मरम्मत, उपकरण सुधार, इंटरनेट बिल, प्रयोगात्मक सामग्री और करियर गाइडेंस जैसे आवश्यक मदों में किया जाना था। समीक्षा में सामने आया कि कई स्कूलों ने बिना वास्तविक आवश्यकता का समुचित आकलन किए प्रस्ताव भेज दिए। कुछ प्रस्ताव समग्र शिक्षा की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं पाए गए। प्रस्तावों की खामियों और परीक्षण में देरी के कारण पूरी प्रक्रिया अटकती चली गई।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि अब एसडीएम की अध्यक्षता में बीईओ और बीआरसी की समिति प्रत्येक विद्यालय की अलग-अलग समीक्षा कर संशोधित और यथार्थपरक कार्ययोजना तैयार करेगी। छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों और समग्र शिक्षा के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
जवाहर नवोदय स्कूल में शिक्षकों ने छात्रों की डंडे से पीटा, प्राइवेट पार्ट पर भी मारी लात
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई में स्थित जवाहर नवोदय स्कूल में छात्रों के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। यहां क्लास में मोबाइल लाने की बात पर दो शिक्षकों ने 9 छात्रों को लाठी-डंडे से पीटा और प्राइवेट पार्ट पर भी लात मार दी, जिससे छात्रों को चोटें आई है। 24 फरवरी को शिकायत के बाद DEO ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला पुलगांव थाना क्षेत्र के बोरई में स्थित जवाहर नवोदय स्कूल का है। यहां के दो शिक्षक क्लास में मोबाइल लाने की बात पर इतना नाराज हुए कि उन्होंने 9 छात्रों को प्रिंसिपल रूम में बंद करके लाठी-डंडे से पीटा। एक छात्र के प्राइवेट पार्ट पर भी लात मार दी, जिसके कारण छात्रों को सूजन और दर्द का सामना करना पड़ा। शिकायत के बाद DEO ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि बोरई जवाहर नवोदय स्कूल में कक्षा 8वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्र पढ़ते हैं। स्कूल में ही आवासीय परिसर है, जिनमें बाहर से छात्र आकर रहते और पढ़ते हैं। पीड़ित छात्रों ने बताया कि वे 21 फरवरी को क्लास में मोबाइल लेकर बैठे थे, जिसके चलते उन्हें प्रिंसिपल ऑफिस में बुलाया गया और मोबाइल जमा करने को कहा गया।
इसके बाद उन्हें वाइस प्रिंसिपल के रूम में बुलाया गया, जहां शिक्षक पीयूष कुमार (41) और पीटी टीचर रविशंकर मंडलोई (54) ने उन्हें लाठी-डंडों और लात-घूसों से बेदम पीटा। इस दौरान पीटी टीचर ने उनके प्राइवेट पार्ट पर भी लात मारी, जिसके कारण छात्र को दर्द-सूजन का सामना करना पड़ा और एक छात्र के आंखें ही लाल हो गई। घटना के बाद छात्रों ने 22 फरवरी को इस घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद उन्होंने 24 फरवरी को थाने पहुंचकर इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस ने शिक्षक पीयूष कुमार और पीटी टीचर रविशंकर मंडलोई को गिरफ्तार कर लिया। इधर DEO ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया।
पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 2 वर्दीधारी माओवादी ढेर; SLR और इंसास राइफल बरामद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार सुबह एक बार फिर जबरदस्त मुठभेड़ हुई। थाना जांगला क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रावती नदी के किनारे हुए इस संघर्ष में जवानों ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया है। मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। आज सुबह जैसे ही टीम अभियान क्षेत्र में पहुँची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहां से दो वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए। इसके अलावा घटनास्थल से नक्सलियों के आधुनिक हथियार भी मिले हैं, जिनमें 01 SLR राइफल, 01 इंसास (INSAS) राइफल, 12 बोर की राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य माओवादी दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षाबल क्षेत्र में मुस्तैद हैं और आसपास के जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घटना की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही साझा की जाएगी।
चौथी बटालियन परिसर में जवान ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप, इलाके में फैली सनसनी
रायपुर। राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी बटालियन परिसर में पदस्थ एक जवान ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
मृतक जवान की पहचान एन. आर. अर्जुन इक्का के रूप में हुई है। वह चौथी बटालियन में पदस्थ थे और मूलतः जशपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खुदकुशी के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पांच करोड़ का गांजा जब्त, गुप्त चैंबर वाले कंटेनर के साथ आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त किया है। चिल्फी थाना पुलिस ने नागालैंड पासिंग एक कंटेनर को पकड़ा, जिसमें गुप्त चैंबर बनाकर मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही थी। जब्त कंटेनर की कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने कंटेनर की तलाशी के दौरान 30-30 किलो की 30 बोरियों में भरा करीब 9 क्विंटल यानी 900 किलो गांजा बरामद किया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपी आयाज खान, निवासी भरतपुर, राजस्थान को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी यह गांजा ओडिशा से राजस्थान ले जा रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क के अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
सुकमा में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा
सुकमा :जिला पंचायत में सोमवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति को गति देने हेतु महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा की गई। सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए।
PMAY-G के अंतर्गत लंबित स्वीकृतियों को तत्काल पूर्ण करने, सभी स्वीकृत हितग्राहियों को प्रथम किश्त का 100ः भुगतान सुनिश्चित करने तथा प्रथम किश्त प्राप्त आवासों को एक सप्ताह के भीतर प्लिंथ स्तर तक जियो-टैगिंग करने के निर्देश दिए गए। द्वितीय किश्त प्राप्त आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण करने, वर्ष 2016-23 के अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण करने तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के लंबित मकानों को भी शत-प्रतिशत पूरा करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान को नियमानुसार प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
मनरेगा के अंतर्गत लंबित e-KYCको तत्काल पूर्ण करने तथा 15 मार्च 2026 तक सभी स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। “प्रोजेक्ट उन्नति” के तहत राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए हितग्राहियों को RSETI सुकमा भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी तकनीकी सहायकों को युक्तधारा पोर्टल में कार्यों की अनिवार्य एंट्री करने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता और निगरानी सुदृढ़ हो सके।
NRLM अंतर्गत छिंदगढ़ विकासखंड के दो ग्रामों में ‘लखपति दीदी’ योजना का सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा सभी ग्राम पंचायतों में 100ः महिला स्व-सहायता समूह (SHG) गठन के निर्देश दिए गए। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय-वृद्धि एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 25 फरवरी 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में सभी पात्र परिवारों के शौचालय स्वीकृति प्रस्ताव अनिवार्य रूप से पारित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आवश्यक अधोसंरचना निर्माण संबंधी प्रस्ताव भी इसी सभा में पारित करवाने को कहा गया।
मंदिर हसौद के पास हुआ बड़ा हादसा
बता दें कि कुछ दिन पहले भी इसी सड़क पर तमिलनाडु पासिंग ट्रक ने एक्टिवा सवार को ठोकर मारकर घायल किया था। रिंग रोड होने की वजह से हाइवे पर स्पीड ब्रेकर न होने से भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। कभी रिंग रोड कहे जाने वाली यह सड़क अब शहर के बीच का हिस्सा हो गई है। यहां से रोजाना हजारों लोग की आवाजाही होने से दुर्घटनाओं का खतरा ऐसे ही मंडराते रहता है।
वन विभाग ने 3 लाख कीमत की लकड़ी और ट्रक किया जब्त, वाहन चालक फरार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ कार्यवाही की है। कटघोरा वनमंडल के पसान वनपरिक्षेत्र में साल प्रजाति की लगभग 3 लाख रुपए की लकड़ी और 20 लाख रुपए का ट्रक जब्त किया गया। बताया जा रहा हैं की वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि राजस्व क्षेत्र में काटी गई साल की लकड़ी का परिवहन एक ट्रक से किया जा रहा है। सूचना मिलने पर वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी पसान, वनपाल ईश्वरदास मानिकपुरी, वनपाल कौशल प्रसाद द्विवेदी और सुरक्षा श्रमिक भीमसेन सहित वन अमले ने घेराबंदी की।
रात्रि लगभग 1.40 बजे कक्ष क्रमांक ओ.ए. 650 क्षेत्र में वनोपज परिवहन करते वाहन का पीछा किया गया। रामपुर से धवलपुर मार्ग पर कुछ दूर जाने के बाद वाहन चालक वाहन को लावारिस छोडक़र फरार हो गया। ट्रक से साल प्रजाति के कुल 15 लठ्ठे बरामद हुए, जिनकी मात्रा लगभग 6.50 घन मीटर है। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत 3 लाख रुपए और ट्रक की कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52, 55, 42(आई)(ई) तथा छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम की धारा 3 एवं 16 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर वाहन को परिक्षेत्र कार्यालय लाया है।
कटघोरा डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि जब्त वाहन पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है और फरार चालक की तलाश जारी है। वन विभाग ने अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी रखने की बात कही है।
शादी समारोह में भोजन खाने के बाद ग्रामीणों की बिगड़ी तबीयत, दो गांव के 44 लोग बीमार
सीएमओ वीएस नवरत्न ने बताया कि मामले की सूचना के बाद डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का दल कोसमी सेक्टर में ड्यूटी पर लगाया गया है। पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। अब तक 40 से ज्यादा लोगों का उपचार किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।
कोयला लोड ट्रेलर में लगी आग, स्टेडियम रोड की घटना
मार्च के पहले हफ्ते कई बड़े नक्सली करेंगे सरेंडर, गृहमंत्री विजय शर्मा का दावा
वन उपज और अन्य साधनों के जरिए उनके जीविकोपार्जन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। गृह मंत्री विजय शर्मा ने यह भी कहा कि वे शीघ्र ही आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की सुरक्षित वापसी और पुनर्वास को लेकर वीडियो संदेश जारी करेंगे। सरकार का उद्देश्य मुख्यधारा से जुड़े लोगों को स्थायी और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
जंगल में हाथी के शावक का शव मिलने से हड़कंप, पोस्टमॉर्टम में होगा मौत की वजह का खुलासा
वन अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की सुरक्षा और उनके झुंड की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट भू-अर्जन में गड़बड़ी: एसडीएम के बाद अब जल संसाधन विभाग के तत्कालीन SDO और सब इंजीनियर भी सस्पेंड
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नहर का एलाइनमेंट बदला गया। इससे मुआवजा राशि में हेरफेर संभव हुआ। अब जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार तत्कालीन एसडीओ (सिंचाई विभाग) एसएल द्विवेदी और तत्कालीन उप अभियंता आरके राजपूत को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के तहत निलंबित कर दिया गया है। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई और आपराधिक जांच जारी है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही उजागर, निरीक्षण में अव्यवस्था पर अधिकारियों को नोटिस
संभागीय स्वास्थ्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगली जांच में यदि इसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
CM साय का भावुक संदेश- “माँ केवल शब्द नहीं, जीवन का सबसे पवित्र अहसास
जेल में विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
आर्मी जवान लापता: 11 फरवरी के बाद से नहीं मिला सुराग