छत्तीसगढ़
आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभः वित्तमंत्री ओपी चौधरी
वित्त मंत्री ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे।
गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं।
इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है। वित्त मंत्री ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके।
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा का समापन, मावली माता की डोली विदाई में उमड़ा जनसैलाब
मावली माता की डोली को परंपरा के तहत दंतेवाड़ा के लिए रवाना किया गया। इससे पहले मावली परघाव रस्म के दौरान माता की डोली को चार दिनों तक माई दंतेश्वरी मंदिर परिसर में रखा गया था, जहां भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ती रही। आज इस डोली विदाई के साथ ही 75 दिनों तक चला यह लोकोत्सव विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर बस्तर की परंपराओं, आस्था और जनसहभागिता की अनूठी झलक पूरे देश को दिखाई।
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत ने जीते 22 पदक... सीएम साय ने दी बधाई
रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता
कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प के साथ हमारे पैरा-एथलीट्स ने विश्व इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) October 6, 2025
नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत ने अपना अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत तथा 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक हासिल कर राष्ट्र का… pic.twitter.com/mOXpef0y6W
मुख्यमंत्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित... छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को निर्देश जारी
रायपुर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।
भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।
प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।
जशपुर को 61 करोड़ रूपए: अस्पताल और तीरंदाजी केंद्र और स्कूल भवनों का होगा निर्माण
रायपुर : पहली बार सीएसआर फंड से 61 करोड़ की राशि विकास कार्याे के लिए जशपुर जिले को आबंटित की गई है। इस राशि से जिले में स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है। लगभग दो साल पहले जब जशपुर के बगिया के लाल विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पदभार सम्हाला था तो जिलेवासियों को पिछड़ेपन से मुक्ति की नई उम्मीद जागी थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले जिला प्रवास के दौरान सीएम विष्णुदेव साय ने जिलेवासियों को वायदा भी किया था कि जिले के विकास की ऐतिहासिक रोडमैप तैयार की जाएगी। अपने इस वायदे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने तेजी से कदम बढ़ा रहे है।
35 करोड़ की लागत से जिला मुख्यालय जशपुर में सौ बिस्तर की क्षमता वाली अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन स्व. जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय को संचालित करने की जिम्मेदारी वनवासी कल्याण आश्रम को दी गई है। इस अस्पताल भवन के निर्माण का कार्य रायगढ़ रोड में कल्याण आश्रम अस्पताल के प्रांगण में तेजी से चल रहा है। स्वीकृत राशि मेें से 17 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अगले साल 2026 तक इस भवन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार 18 करोड़ की राशि इस आधुनिक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और भौतिक संसाधन जुटाने के लिए किया जाएगा। इस अस्पाताल में मरीजों के लिए सीटीस्कैन, एमआरआई, आईसीयू, आईसीसीयू, डायलिसिस, आपातकालीन चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अस्पताल के लिए चिकित्सक, नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ के लिए भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। अस्पताल के चालू हो जाने से जिलेवासियों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रांची, झारसुगड़ा, रायपुर जैसे दूरस्थ शहर की दौड़ लगाने से मुक्ति मिल सकेगी।
जिले में तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 20.53 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनटीपीसी के सीएसआर फंड से इस तीरंदाजी केंद्र के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने सन्ना में जमीन तय कर ली है। इस आवासीय तीरंदाजी केंद्र में खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का लक्ष्य दिवंगत कुमार दिलीप सिंह जूदेव के सपने का मूर्त रूप देते हुए पहाड़ी कोरवाओं के धर्नुविद्या को निखार कर राष्ट्रीय ओैर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं येाग्य बनाना है। वर्तमान में खनिज न्यास निधि के सहयोग से एकलव्य अकादमी का संचालन किया जा रहा है। इस अकादमी में तीरंदाजी के साथ ताईक्वांडो और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सन्ना में तीरंदाजी केंद्र के शुरू हो जाने से जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों से लैस बड़ी सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा की चमक बिखेरने का अवसर मिल सकेगा।
सीएसपीटीसीएल के सीएसआर फंड से जिले में 8 स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 6 करोड़ 19 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें फरसाबहार ब्लाक में पंडरीपानी, गारीघाट, कंदईबहार, कांसाबेल ब्लाक में बांसबहार, कुनकुरी ब्लाक में गिनाबहार, लोधमा, बगीचा ब्लाक में टटकेला और दुलदुला में नया स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। इन स्कूल भवनों के निर्माण से जिले के छात्रों को बेहतर सुविधा के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी।
योगी सरकार 7 अक्टूबर को धूमधाम से मनाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती
वाल्मीकि जयंती के जरिए योगी सरकार न केवल महर्षि वाल्मीकि के योगदान को सम्मान देगी, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी बढ़ावा देगी।
खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बना देश का आदर्श राज्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।
सरकारी जमीनों पर चला प्रशासन का डंडा: तालाब, चारागाह और वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने अभियान शुरू
यह अभियान बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में शासन की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जहर या वायरस ? चीचा गांव में मछलियों की रहस्यमयी मौत ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
गांव के लोगों में एक ओर बदबू और बीमारी फैलने का डर है तो दूसरी ओर यह आशंका भी कि कहीं किसी ने जानबूझकर तालाब को प्रदूषित तो नहीं किया। ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द तालाब की सफाई और पानी की जांच कराई जाए।
देवरी पिकनिक स्पॉट में हादसा : बिलासपुर के 4 और अकलतरा के 1 युवक-युवती डूबे, 2 को बचाया गया, 3 लापता
फिलहाल पंतोरा पुलिस मौके पर मौजूद है। SDRF और DDRF की टीमों को भी बुला लिया गया है। हादसे के बाद इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।देवरी पिकनिक स्पॉट में इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां सुरक्षा इंतज़ाम न के बराबर हैं।
आज फिर भीगेगा छत्तीसगढ़.... प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट
रायपुर। मौसम विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। सुकमा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर और कोरिया समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि गरियाबंद के अमलीपदर में सर्वाधिक 101 मिमी बारिश हुई। अमलीपदर और बलौदा बाजार में 10 सेमी, मंदिर हसौद और मैनपुर में 9 सेमी, जबकि रायपुर एयरपोर्ट, धनोरा और नेरहरपुर में 6 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बताया कि एक अवदाब अंदरुनी उड़ीसा के ऊपर स्थित है, इसके असर से प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश हो रही है, लेकिन 5 अक्टूबर के बाद बारिश की तीव्रता घटने लगेगी।
बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की घटनाएं भी सामने आईं। धमतरी जिले में 65 वर्षीय पुजारी महानदी पार करते समय बाढ़ में टापू पर फंस गए, जिन्हें आठ घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं गरियाबंद जिले में ग्रामीणों ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला को खाट पर बांधकर नदी पार कराया और सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
प्रदेश में खुलेंगे तीन नए शासकीय मेडिकल कॉलेज, 1077 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी
रायपुर। राज्य में तीन नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1077 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री का आभार जताया है।
राज्य सरकार ने जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना हेतु बड़ी घोषणा की है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांजगीर-चांपा मेडिकल कॉलेज के लिए 357.25 करोड़ रूपए, कबीरधाम मेडिकल कालेज के लिए 357.25 करोड़ रूपए और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कालेज के लिए 362.57 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है।
यह स्वीकृति मेडिकल कॉलेजों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए प्रदान की गई है। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री का आभार जताया है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में राज्य के प्रत्येक जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र स्थानीय स्तर पर ही मेडिकल शिक्षा हासिल कर सकेंगे और प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि होगी।इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और गुणवत्ता दोनों बढ़ने की उम्मीद है। प्रदेशवासियों को अब न केवल बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर भी खुलेंगे।
कल जारी होगी महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 से की गई है, इसका उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को हर माह 1000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक इस योजना के तहत 19 किस्तों में लाभार्थी महिलाओं को 12 हजार 376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों 4 अक्टूबर को 20वीं किस्त की राशि 606 करोड़ 94 लाख रूपए जारी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 12 हजार 983 करोड़ 13 लाख रूपए से अधिक हो जाएगा।
जूना बिलासपुर रोड बना डांस फ्लोर, गड्ढों में वाहन और लोग खा रहे हिचकोले.
बस्तर दशहरा में शामिल होंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, आज रात पहुंचेंगे रायपुर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मशहूर 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा में इस बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। शुक्रवार रात वे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन जगदलपुर जाकर बस्तर दशहरा महोत्सव में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश भाजपा ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
कार्यक्रम के मुताबिक, शाह शुक्रवार रात 8:10 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और एक निजी होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। शनिवार सुबह 11 बजे वे रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 12:10 बजे माता दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे।
इसके बाद वे 12:35 बजे सिरहासार भवन के कार्यक्रम में शामिल होंगे और बस्तर दशहरा के पारंपरिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे। दोपहर 3:15 बजे तक उनका प्रवास जगदलपुर में रहेगा। माना जा रहा है कि यह दौरा बस्तर दशहरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण दिया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बस्तर सांसद व समिति अध्यक्ष महेश कश्यप ने किया। उनके साथ पारंपरिक मांझी-चालकी और समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
उल्टी-दस्त का कहर, दो महिलाओं की मौत, कई बीमार
इनमें से छह मरीजों का भैयाथान अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। गांव में बढ़ते मामलों के कारण जिला स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम ने गांव में विशेष कैंप लगाकर सभी ग्रामीणों उपचार कर रही है। यह मामला फूड पॉइज़निंग का बताया जा रहा है, फिलहाल लोगों की जांच जारी है।
नक्सलियों ने बड़ी वारदात को दिया अंजाम, ग्रामीण को घर से निकालकर बेरहमी से उतारा मौत के घाट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने कायराना करतूत को अंजाम देते हुए ग्रामीण की हत्या कर दी। ग्रामीण को घर से निकालकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। नक्सलियों ने दशहरा के एक दिन पहले इस घटना को अंजाम दिया है। ग्रामीण की हत्या के बाद से पूरे गांव में डर का माहौल है। पुलिस मामले में आगे की जांच कार्रवाई कर रही है।
घटना बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र की है। उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम पुजारीकांकेर निवासी मड़कम भीमा की नक्सलियों ने हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की गई। पूछताछ में पता चला कि कुछ माओवादी मड़कम भीमा के घर पहुंचे और उसे बाहर निकालकर धारदार हथियार से हत्या कर दिये।
ग्रामीण पर माओवादियों ने मुखबिरी का आरोपी लगाया था। नक्सलियों द्वारा की गई हत्या से पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच में जुट गई है।