छत्तीसगढ़
शिरडी सुपर फास्ट एक्सप्रेस में यात्रियों से वसूली करने वाली तीन किन्नर गिरफ्तार
रायपुर। साई नगर शिरडी सुपर फास्ट एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों की शिकायत पर दुर्ग रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने ट्रेन से तीन किन्नरों को गिरफ्तार किया। आरपीएफ को यात्रियों से शिकायतें मिल रही थीं कि किन्नरों द्वारा परेशान किया जा रहा था। उनसे अवैध वसूली भी की जा रही है।
आरपीएफ की टीम ने इन शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की। आज एक टीम बनाकर साई नगर शिरडी सुपर फास्ट एक्सप्रेस में अभियान चलाया गया। आरपीएफ ने बताया कि यह ट्रेन पूरी से साईं शिरडी नगर तक चलती है। यह रायपुर से दुर्ग की ओर आ रही थी। इसी दौरान आरपीएफ को सूचना मिली। कुछ किन्नर ट्रेन के अलग-अलग कोच में जाकर यात्रियों से जबरन पैसे मांग रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद आरपीएफ दुर्ग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। ट्रेन के दुर्ग पहुंचते ही टीम ने तीन किन्नरों को हिरासत में लिया। उन्हें आरपीएफ पोस्ट में लाया गया। आरपीएफ टीम को देखकर कुछ किन्नर मौके से फरार हो गए। आरपीएफ ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की है। ट्रेन में किन्नरों द्वारा जबरदस्ती पैसे मांगे जा रहे थे। मना करने पर वे बहस कर दबाव बनाते थे।
आरपीएफ ने तीनों किन्नरों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की है। सभी किन्नरों को पूछताछ के बाद संबंधित न्यायालय में भेजा गया। रेलवे सुरक्षा बल ने स्पष्ट किया है। ट्रेनों में यात्रियों को परेशान करने और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ आगामी समय में भी लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
सुबह 9 से 5 बिजली सस्ती... पीक ऑवर्स में होगी 20 प्रतिशत महंगी... लागू होगा टाइम ऑफ डे टैरिफ
रायपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह राहत भरी खबर है कि अब उनकी जागरूकता बिजली बिल के कम कर सकती है। छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी अब टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ लागू करने पर विचार कर रही है। बतादें कि पड़ोसी राज्य बिहार में यह टैरिफ 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहा है। अगर छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी द्वारा इसे लागू किया जाता है तो प्रदेश के उपभोक्ताओं को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली उपकरणों को उपयोग करना सस्ता पड़ेगा। वहीं पीक ऑवर्स यानी शाम 5 से रात 10 बजे तक बिजली उपकरणों के उपयोग पर 20 प्रतिशत अधिक टैरिफ देना होगा।
नई व्यवस्था लागू होती है तो दिन को तीन अलग-अलग समय स्लॉट में बांटा जाएगा। इससे प्रदेश के करीब 87 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अपनी खपत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली का उपयोग करने पर सामान्य दर से 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं, शाम 5 से रात 10 बजे तक बिजली का उपयोग करने पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत चार्ज देना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ता यदि वाशिंग मशीन, गीजर, पानी की मोटर या प्रेस जैसे भारी उपकरणों का उपयोग दिन के समय करें, तो वे आसानी से बिजली बिल में बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर और डिजिटल ऐप्स के जरिए उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकेंगे और सही समय पर उपयोग करके खर्च कम कर पाएंगे।
यह नियम फिलहाल केवल उन्हीं उपभोक्ताओं पर लागू होगा, जिनके यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से बिजली ग्रिड पर दबाव कम होगा और कटौती की समस्या में भी राहत मिलेगी। यह उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल कम करने का एक बेहतर अवसर साबित हो सकता है।
शिक्षिका से 4.5 लाख की ठगी: क्राइम ब्रांच बनकर किया कॉल, अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक शिक्षिका ठगी की शिकार हुई है। ठगों ने खुद को रायपुर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और शिक्षिका को गूगल पर अश्लील फोटो-वीडियो देखने के आरोप में गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसके बाद ठगों ने गिरफ्तारी से बचने और सिक्योरिटी मनी के नाम पर शिक्षिका से 4 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। यह पूरा मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता का नाम मंजुलिना है, जो कि मिडिल स्कूल कतकालो में पदस्थ है। 19 मार्च को परीक्षा ड्यूटी से लौटने के बाद शिक्षिका को अंजान नंबर से फोन आया, जिसने अपने आप को रायपुर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और शिक्षिका को गूगल पर अश्लील फोटो-वीडियो देखने के आरोप में गिरफ्तार करने की धमकी दी। इस दौरान उन्होने कहा कि अगर गिरफ्तारी से बचना है तो सिक्योरिटी मनी के लिए पैसे ट्रांसफर करने होंगे, जो बाद में वापस कर दिया जाएगा।
यह सब सुनकर शिक्षिका सहम गई और वो पैसे देने के लिए राजी हो गई। इसके बाद शिक्षिका ने 19 मार्च से लेकर 25 मार्च तक अलग-अलग ट्रांजेक्शन से दो UPI में 4 लाख 50 हजार रुपए भेज दिए। इसके बाद भी ठगों ने और पैसों की मांग की। साथ ही इसकी जानकारी किसी को देने पर हाथ-पैर की अंगुलिया काटने की धमकी दी गई।
पैसों की और डिमांड के साथ ही नुकसान पहुंचाने की धमकी मिलने के बाद शिक्षिका ने इसकी जानकारी स्कूल के अन्य स्टाफ को दी। तब उसे पता चला कि वह ठगी की शिकार हो गई है। ठगी का ऐहसास होने के बाद शिक्षिका थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी शिक्षिका की शिकायत पर ठगों के खिलाफ धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच पड़ताल शुरु कर दी है।
“पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा कभी भी मोबाइल कॉल, वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता और न ही जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जाते हैं। इस प्रकार के कॉल पूरी तरह साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। नागरिक ऐसे कॉल से सावधान रहें, किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।”
गरियाबंद में नालंदा के तर्ज पर बनने वाली लाइब्रेरी निर्माण पर रोक, पीएमओ तक पहुंची शिकायत
रायपुर। प्रदेश के गरियाबंद जिला मुख्यालय स्थित पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय परिसर में नालंदा परिसर की तर्ज पर बनने वाली 250 सीटर लाइब्रेरी के निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। करीब 4.33 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित इस निर्माण पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत के बाद केंद्र और राज्य स्तर से रोक लगाई गई है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्य शासन ने नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि, नगर पालिका द्वारा स्कूल परिसर में लगभग एक एकड़ भूमि चिन्हांकित कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी (नालंदा परिसर) बनाने की योजना थी। इसमें छात्रों के लिए अध्ययन कक्ष, डिजिटल संसाधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु व्यवस्था प्रस्तावित थी। हालांकि, शुरुआत से ही शाला विकास एवं प्रबंधन समिति ने इसका विरोध किया।
समिति का कहना था कि चयनित स्थल स्कूल का मुख्य खेल मैदान है, जहां फुटबॉल, हॉकी और वॉलीबॉल जैसी गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती हैं। निर्माण होने से छात्रों और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध मैदान का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाता। वहीं समिति का यह आरोप भी था कि उनसे लाइब्रेरी निर्माण के लिए विधिवत अनुमति भी नहीं ली गई थी। जिसे लेकर समिति ने जिला प्रशासन को कई बार लिखित आपत्ति दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद समिति अध्यक्ष अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी ने 2 मार्च को सीधे पीएमओ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 18 मार्च को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव विपिंदर चंदर चमोली ने राज्य शासन को मामले की जांच कर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। जिसके बाद 23 मार्च को समग्र शिक्षा के आयुक्त ने कलेक्टर को पत्राचार कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश भेजे। हालाकि इसके बाद भी मामला दबा ही हुआ था।
शुक्रवार को जब जिले की प्रभारी सचिव आर. संगीता पीएमश्री स्कूल निरीक्षण के लिए पहुंची तो फिर से यह मुद्दा उठा। समिति अध्यक्ष प्रशांत मानिकपुरी ने उन्हें इस मामले की जानकारी दी। जिसके बाद प्रभारी सचिव ने मौके पर ही कलेक्टर बीएस उईके को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूल परिसर के स्थान पर लाइब्रेरी के लिए वैकल्पिक स्थान चयनित किया जाए। इसके बाद कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारी को पत्र जारी कर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
इधर, राज्य शासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय परिसर में किसी भी निर्माण कार्य के लिए शाला प्रबंधन समिति की अनुमति अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं ली गई थी। यह भी कहा गया कि पीएमश्री योजना के तहत चयनित विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विकसित किया जाना है, ऐसे में बिना समन्वय के निर्माण कार्य से स्कूल के मूल स्वरूप और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए यह भविष्य में भी बिना अनुमति और समन्वय के किसी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए।
समिति अध्यक्ष प्रशांत मानिकपुरी ने कहा कि यह मैदान केवल स्कूल का नहीं, बल्कि जिले की खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। उन्होंने निर्माण पर रोक को छात्रों और खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
अब विदेश पार्सल भेजना हुआ आसान, छत्तीसगढ़ में यहां शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय पार्सल सेवा
रायपुर। डाक विभाग द्वारा बिलासपुर संभाग के नागरिकों एवं व्यापारियों को बड़ी सुविधा देते हुए अंतरराष्ट्रीय पार्सल सेवा शुरू की गई है। अब स्थानीय स्तर पर ही विदेशों में पार्सल एवं दस्तावेज भेजना संभव हो गया है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।
यह सुविधा छत्तीसगढ़ बिलासपुर संभाग के सभी प्रमुख एवं उप डाकघरों में लागू की गई है, जिससे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के लोग भी इस।सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। अब लोगों को महंगे निजी कूरियर सेवाओं का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और वे किफायती दरों पर अपने पार्सल विदेश भेज सकेंगे।
डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पार्सल बुकिंग के दौरान ग्राहकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि सामग्री सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंच सके। प्रत्येक पार्सल के लिए ट्रैकिंग सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे पार्सल की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकेगी।
बड़े एवं भारी पार्सल के लिए निःशुल्क पिकअप सुविधा इस सेवा की विशेषता है, जिससे ग्राहकों को घर बैठे सुविधा मिल रही है। इस पहल से विशेष रूप से छात्रों, व्यापारियों और विदेश में रहने वाले परिजनों को पार्सल भेजने वाले परिवारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। प्राप्तकर्ता का पूरा पता, वैध पहचान पत्र, निर्धारित शुल्क, बुकिंग के बाद ट्रैकिंग रसीद।
तरबूज की आड़ में चल रहा था ये कारोबार, करोड़ों के सामान के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो उड़ीसा से उत्तरप्रदेश गांजा तस्करी कर रहे थे।
तस्कर पिकअप वाहन में तरबूज के नीचे करीब 2 क्विंटल 25 किलो गांजा छुपाकर ले जा रहे थे, जिसकी कीमत 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एक कार से पायलटिंग भी कराई जा रही थी, जिसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पिकअप वाहन, पायलटिंग कार, 6 मोबाइल समेत कुल 1 करोड़ 25 लाख 20 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। महासमुंद पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
बिलासपुर जिला न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी
रायपुर। बिलासपुर जिला न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ईमेल के जरिए आई इस धमकी के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। और पूरे कोर्ट परिसर की सघन जांच की जा रही है।जानकारी के मुताबिक जिला न्यायालय को धमकी भरा मेल मिला है। जिसमें कोर्ट को बम से उड़ाने की बात कही गई है… यह लगातार तीसरी बार है जब इस तरह का मेल सामने आया है।
मेल मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के हर कोने की जांच की जा रही है। साथ ही रूटीन चेकिंग के तहत भी संदिग्ध वस्तुओं पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी है। और मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।बार-बार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपी तक पहुंच पाती है।
संयोग से शुरुआत, ऐतिहासिक स्वर्ण तक: ओडिशा की अंजलि मुंडा ने रचा इतिहास
रायपुर। कभी-कभी जीवन की दिशा एक छोटे से निर्णय से बदल जाती है। ओडिशा की 15 वर्षीय अंजलि मुंडा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 2022 में कक्षा में खेल चयन के दौरान उन्होंने तैराकी को चुना—एक ऐसा खेल जिसे वे उस समय सिर्फ मनोरंजन के रूप में जानती थीं। आज, वही निर्णय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धि तक ले आया है। ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव की रहने वाली अंजलि ने रायपुर में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वे इस प्रतियोगिता की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बन गईं।
साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता एक स्थानीय फैक्ट्री में वैन चालक हैं। 10 वर्ष की आयु में वे कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से जुड़ीं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा और प्रशिक्षण मिला। यहीं से उनके खेल करियर की नींव मजबूत हुई।
शुरुआत में वे अपनी बड़ी बहन से प्रेरित थीं, जो तीरंदाजी में सक्रिय हैं, लेकिन अंजलि ने तैराकी को अपना मार्ग चुना। उनकी मेहनत जल्द ही रंग लाई और तैराकी शुरू करने के एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने एक स्थानीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और खेल मंत्रालय की ‘अस्मिता लीग’ पहल को देती हैं। वर्ष 2024 में संभलपुर में आयोजित इस लीग में उन्होंने दो रजत पदक जीते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इसके बाद गुवाहाटी में आयोजित अस्मिता स्विमिंग लीग (ईस्ट जोन) में भी उन्होंने दो रजत पदक हासिल किए। हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद अंजलि संतुष्ट नहीं हैं। उनका लक्ष्य अपने 2:25 के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को बेहतर करना है। लगातार यात्रा और थकान के बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
अब अंजलि की नजर आगामी स्पर्धाओं—50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली—पर है, जहां वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने के इरादे से उतरेंगी। अंजलि मुंडा की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर प्रतिभा किस तरह नई ऊंचाइयों को छू सकती है।
तेंदुए की खाल की तस्करी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल की तस्करी में शामिल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वन्य जीव संरक्षण का अर्थ जंगली जानवरों, पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा करना है, ताकि जैव विविधता बनी रहे और पारिस्थितिक संतुलन न बिगड़े। भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अवैध शिकार, व्यापार और आवास विनाश को रोकना और वन्य प्रजातियों की रक्षा करना अनिवार्य है। यह पारिस्थितिक तंत्र के लचीलेपन और भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण है।
यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया, जिसमें एक कर्मचारी ने खरीदार बनकर तस्करों से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी मोटरसाइकिल और एक वाहन में तेंदुए की खाल लेकर रसगांव-बड़ेडोंगर मार्ग स्थित ग्राम बैलगांव पहुंचे, टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि तेंदुए का शिकार लगभग 7 महीने पहले अवैध हथियार (भरमार बंदूक) से किया गया था। आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया तथा शिकार में प्रयुक्त बंदूक भी जब्त की गई। बरामद तेंदुए की खाल की लंबाई 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स.... 106 स्वर्ण पदक और 38 सौ प्रतिभागी लेंगे भाग
रायपुर। बुधवार 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है और राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का मानना है कि यह “राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बढ़ावा देगा।” खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स भारतीय खेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित होगा।
साव ने बताया कि, “हमने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं। अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर हम एक बड़े मंच पर कदम रख रहे हैं, जो हमारी क्षमताओं की परीक्षा भी लेगा और उन्हें नई ऊंचाई देगा।”उन्होंने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए निस्संदेह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन है। यह हमारे खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती देगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।”
साव ने बताया कि, “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलने और उन्हें देखने का अनुभव छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बेहद समृद्ध करने वाला होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आयोजन राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों दोनों के लिए बड़ी ताकत साबित होगा।”
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे और कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।
करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी।
भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।”
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।” मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है।
दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”
बेटी की आर्थिक परेशानी देख बिजली कंपनी के एमडी की पत्नी का पसीजा दिल.. जमा किया उसका बिल
रायपुर। बिजली कंपनी की बिजली बिल समाधान योजना का लाभ लोगों को मिल रहा है। इसी बीच बिलासपुर डिवीजन से एक मानवीय खबर निकलकर सामने आई। जहां एक शिविर में बिजली कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर और उनकी पत्नी मंजुला सिंह कंवर शामिल हुए थे। लोगों के बिजली बिल के समाधान के दौरान ग्राम केराझरिया निवासी जगत प्रसाद की पुत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण छूट का लाभ लेने के लिए राशि नहीं होने की बात कही, जिस पर मंजुला सिंह कंवर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 8,022 रुपए की शेष राशि स्वयं जमा कर दी। इस सहयोग से संबंधित उपभोक्ता का बिजली बिल पूर्णतः शून्य हो गया। यह पहल न केवल शासन की जनहितकारी योजनाओं को सफल बनाने का उदाहरण है, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए हर वितरण केंद्र स्तर पर शिविर का आयोजन कर रही है। इसी के तहत एक शिविर में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर एवं उनकी पत्नी मंजुला सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित थीं। जहां श्रीमती सिंह ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हैं एक गरीब उपभोक्ता के बिल की राशि स्वयं अपने से देकर सहायता की। बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय के पाली सब-डिवीजन में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में ज्ञान सिंह राजपाल (पूर्व प्रदेश प्रभारी अ.स. मोर्चा) एवं प्रयाग नारायण सिंह (पूर्व प्रदेश प्रभारी अ.ज.जा.) उपस्थित थे। राज्य शासन ने कोरोना महामारी के समय आर्थिक परेशानी व अन्य कारणों से बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले गरीब व मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना आरंभ की है, जिसमें निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार में छूट दी जा रही है। इसके तरह उन्हें बकाया बिल जमा करने सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जा रही है, वहीं बिल राशि में 50 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। इसके लिए हर वितरण केंद्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। पाली में आयोजित शिविर में कुल 20 पात्र उपभोक्ताओं ने भाग लिया, जिनके व्दारा एक लाख 29 हजार रुपए का बिजली बिल जमा किया गया। साथ ही उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत तीन लाख 48 हजार रुपए की छूट का लाभ प्राप्त हुआ।
इसके अलावा एके अंबस्ट (कार्यपालक निदेशक, बिलासपुर), बीके सरकार (अधीक्षण यंत्री, कोरबा), अंशु वार्शने (कार्यपालन यंत्री, कटघोरा), शेखर सोनी (सहायक अभियंता, कटघोरा), एनपी सोनी (सहायक अभियंता, पाली), मुंजि तिग्गा (कनिष्ठ अभियंता, पाली) सहित विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
नालंदा परिसर में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा बेहतर वातावरण
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम क्षेत्रों में ऐसे परिसर बनाए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केदार कश्यप ने आज शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर जगदलपुर में प्रस्तावित ‘नालंदा परिसर’ का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 11 करोड़ 59 लाख की लागत से किया जाएगा, जिसमें 500 सीटर बैठक व्यवस्था, 24 घंटे सातों दिन पढ़ने की सुविधा, वाई फाई, पार्किंग और गार्डन की सुविधा रहेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि युवाओं से समय का सदुपयोग करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया। महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में नालंदा परिसर के निर्माण से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को भी काफी सुविधा होगी। नालंदा परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24X7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी।
सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। नालंदा परिसर का निर्माण धरमपुरा क्षेत्र में हो आपके विधायक किरण देव लगातार प्रयासरत रहे। नालंदा परिसर के निर्माण से हमारे आने वाली पीढ़ी को शिक्षा क्षेत्र में लाभ होगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार की मंशा है कि शिक्षा का स्तर बढ़ाना है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक किरण देव ने कहा कि आज के हमारे युवा साथी भारत वर्ष की नींव है। बस्तर के युवा नालंदा परिसर में पढ़ाई कर अपना भविष्य खुद तय करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय विश्व की ख्यातिप्राप्त संस्था रही है और इसी अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न निकायों में निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि यह परिसर बस्तर के छात्रों की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जहां विद्यार्थी 24 घंटे अध्ययन कर सकेंगे और अपने भविष्य को संवार सकेंगे।
अंबिकापुर शहर के संजय पार्क में कुत्तों का हमला.... 15 हिरणों की दर्दनाक मौत
रायपुर। अंबिकापुर शहर के संजय पार्क से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत हो गई। इस घटना ने संजय पार्क प्रबंधन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संजय पार्क में बने बाड़े के अंदर घुसकर 4 से 5 आवारा कुत्तों ने हिरणों पर हमला कर दिया, जिसमें 15 हिरणों की मौत हो गई। इस पूरे मामले की पुष्टि DFO अभिषेक जोगावत ने की है। उन्होंने साफ तौर पर माना है कि यह घटना पार्क प्रबंधन और वन विभाग की लापरवाही का नतीजा है।घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी सामने आई है, जहां पार्क प्रबंधन और वन विभाग ने 14 हिरणों के शव को पार्क के पीछे जंगल में चुपचाप जला दिया, जबकि एक हिरण का शव अभी भी बाड़े के अंदर पड़ा हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए DFO अभिषेक जोगावत ने SDO के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया है, जिसे 2 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही DFO समेत वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
खान मंत्रालय शुरू करेगा खनिजों की नीलामी का महत्वपूर्ण और रणनीतिक सातवां चरण
नईदिल्ली। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ मिलकर 23 मार्च, 2026 को खनिज ब्लॉकों की नीलामी के महत्वपूर्ण और रणनीतिक 7वें चरण का शुभारंभ करेंगे। देश के आर्थिक विकास और खनिज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज अत्यंत आवश्यक हैं। स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकियों की ओर वैश्विक बदलाव ने लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई), टंगस्टन, वैनेडियम, टाइटेनियम और अन्य दुर्लभ धातुओं जैसे खनिजों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इनकी सीमित उपलब्धता और भौगोलिक एकाग्रता विश्व स्तर पर सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए चुनौतियां पेश करती हैं।
इन खनिजों के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, भारत सरकार ने 17 अगस्त 2023 को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) में संशोधन किया और 24 खनिजों को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज घोषित किया। इस संशोधन से केंद्र सरकार को इन खनिजों के लिए खनन पट्टे और संयुक्त लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार प्राप्त हुआ है। इन नीलामियों से प्राप्त राजस्व संबंधित राज्य सरकारों को प्राप्त होता है।
अब तक, खान मंत्रालय ने नीलामी के छह चरणों को सफलतापूर्वक शुरू किया है, जिसमें 46 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी पहले ही हो चुकी है, जो मजबूत उद्योग भागीदारी और भारत के खनिज क्षेत्र में बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित करता है। इसी गति को बनाए रखते हुए, सातवीं किश्त के अन्तर्गत कई राज्यों में खनन पट्टा और मिश्रित लाइसेंस के अंतर्गत 19 ब्लॉक उपलब्ध कराए जाएंगे। इन ब्लॉकों में स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी, उर्वरक और रणनीतिक उद्योगों जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों का विविध भंडार शामिल है।
खनिज ब्लॉकों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए नीलामी ढांचे को लगातार मजबूत किया गया है। हाल के सुधारों, जिनमें खनिज (नीलामी) द्वितीय संशोधन नियम, 2025 शामिल हैं, ने प्रदर्शन सुरक्षा जमा करने, अग्रिम भुगतान और आशय पत्र जारी करने जैसी नीलामी के बाद की समय-सीमाओं को सुव्यवस्थित किया है। इसके अतिरिक्त, खनिज (नीलामी) संशोधन नियम, 2026 ने बैंक गारंटी के विकल्प के रूप में बीमा गारंटी बांड का प्रावधान पेश किया है, जिससे बोलीदाताओं को अधिक सरलता होती है। यह नीलामी एक पारदर्शी दो-चरण वाली आरोही नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल बोलीदाता का चयन भेजे गए खनिज के मूल्य के उच्चतम प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।
सीआरपीएफ कैंप हमले में एनआईए ने दाखिल की सप्लिमेंट्री चार्जशीट
रायपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने वर्ष 2024 में सीआरपीएफ कैंप पर हुए माओवादी हमले के मामले में सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट बीजापुर जिले के धर्मावरम क्षेत्र में स्थापित नए कैंप पर हुए हमले से जुड़ी है, जिसमें सीआरपीएफ के करीब एक दर्जन जवान घायल हुए थे।
जानकारी के अनुसार, 16 जनवरी 2024 को माओवादियों ने एक साथ बीजापुर के धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड स्थित सीआरपीएफ कैंपों पर समन्वित हमला किया था। इस बड़े हमले में लगभग 300 माओवादी शामिल थे, जिन्होंने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।
NIA द्वारा दाखिल सप्लिमेंट्री चार्जशीट में तीन गिरफ्तार माओवादियों अवलम भीमा, मदकम नंदा और मदकम देवा उर्फ रतनके साथ ही तीन फरार आरोपियों को भी नामजद किया गया है। इन सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय दंड संहिता (IPC), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बताया गया है कि इससे पहले भी NIA इस मामले में 17 माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ताजा सप्लिमेंट्री चार्जशीट के साथ जांच एजेंसी ने हमले से जुड़े अन्य अहम सबूत और आरोपों को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों के खिलाफ माओवादी गतिविधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
डोंगरगढ़ में नकली पानी फैक्ट्री का भंडाफोड़, 606 बोरी पाउच जब्त
रायपुर। धर्मनगरी डोंगरगढ़ में नकली पैकेज्ड पानी बनाने वाले एक अवैध कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने ग्राम नागतराई में छापा मारकर ‘हाइड्रावेडॉ एक्वा’ नामक फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में पानी के पाउच जब्त किए। जांच में सामने आया कि यह इकाई बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी साधना चंद्राकर के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में यह भी पाया गया कि पानी के पाउच पर छपा निर्माता का पता गलत और भ्रामक था। इस तरह उपभोक्ताओं को गुमराह कर बाजार में अवैध तरीके से उत्पाद बेचे जा रहे थे। छापेमारी के दौरान टीम ने 200 मिलीलीटर के ‘खाद्य हिन्द’ ब्रांड के कुल 606 बोरी पानी पाउच बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार बिना मानकों के तैयार किया गया यह पानी लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, जिससे संक्रमण और अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
जब्त किए गए पाउच के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मामला न्यायालय में पेश किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी मिलने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 9340597097 पर शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रेल यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें, 10 ट्रेनें रहेंगी रद्द, 2 आधे रास्ते से लौटेंगी
रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन में गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक सुधार के लिए 20 दिन का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके चलते 5 से 24 अप्रैल तक कई प्रमुख ट्रेनें रद्द रहेंगी और कुछ गाड़ियां बीच रास्ते में ही समाप्त कर दी जाएंगी। गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन हटाने और ट्रैक मरम्मत के लिए रेलवे ने मेगा ब्लॉक का निर्णय लिया है। इस कार्य के चलते छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक अलग-अलग तारीखों में ये ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि कुछ ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने एडवाइजरी जारी कर दी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले 139 हेल्पलाइन नंबर या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) पर ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस इस दौरान दुर्ग तक ही चलेगी, जबकि गोंदिया-दुर्ग के बीच इसका संचालन बंद रहेगा। इसी तरह कई अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टिक ट्रैक (पत्थरों वाला ट्रैक) बनाया जाएगा। इससे भविष्य में ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और संचालन अधिक सुरक्षित होगा।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर लाइन नंबर-05 (प्लेटफॉर्म-3) पर स्थित वॉशेबल एप्रन को डिस्मेंटलिंग कर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में परिवर्तित करने के लिए कार्य किया जाएगा जिसके लिए गोंदिया स्टेशन पर लाइन नंबर-05 (अप मेन लाइन) पर 20 दिनों तक यातायात आवागमन बंद रहेगा.
रद्द की जाने वाली गाड़ियाँ
1. गाड़ी संख्या 18030 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल) एक्सप्रेस, शालीमार से 04 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
2. गाड़ी संख्या 18029 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल- शालीमार) एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 06 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
3. गाड़ी संख्या 18237 (कोरबा – अमृतसर) छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस कोरबा से 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
4. गाड़ी संख्या 18238 (अमृतसर-बिलासपुर) छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, अमृतसर से 07 अप्रैल 2026 से 27 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
5. गाड़ी संख्या 12410 (हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़) गोंडवाना एक्सप्रेस, हज़रत निजामुद्दीन से 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 एवं 22 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी।
6. गाड़ी संख्या 12409 (रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन) गोंडवाना एक्सप्रेस, रायगढ़ से 04, 06, 08, 09, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 एवं 24 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी।
7. गाड़ी संख्या 12101 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार) एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20, एवं 21 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी।
8. गाड़ी संख्या 12102 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल) एक्सप्रेस, शालीमार से 06, 08, 09, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22, एवं 23 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी।
9. गाड़ी संख्या 12807 (विशाखापत्तनम – हज़रत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम से 05, 07, 08, 09, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 एवं 23 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी।
10. गाड़ी संख्या 12808 (हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम) एक्सप्रेस, हज़रत निजामुद्दीन से 07, 09, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 एवं 25 अप्रैल 2026 को रद्द रहेगी।
11. गाड़ी संख्या 68815 (बल्लारशाह-गोंदिया) मेमू पैसेंजर, बल्लारशाह से 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
12. गाड़ी संख्या 68816 (गोंदिया – बल्लारशाह) मेमू पैसेंजर, गोंदिया से 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
13. गाड़ी संख्या 78805 (गोंदिया – कटंगी) डेमू पैसेंजर, गोंदिया से 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
14. गाड़ी संख्या 78806 (कटंगी-गोंदिया) डेमू पैसेंजर, कटंगी से 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक रद्द रहेगी।
गंतव्य से पहले समाप्त/नियंत्रित होने वाली गाड़ियाँ –
1. गाड़ी संख्या 68802 (गोंदिया – बल्लारशाह) पैसेंजर – 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।
2. गाड़ी संख्या 68803 (बल्लारशाह – गोंदिया) पैसेंजर – 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं हिरदामाली – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
3. गाड़ी संख्या 68804 (गोंदिया – बल्लारशाह) पैसेंजर – 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।
4. गाड़ी संख्या 68805 (चांदाफोर्ट – गोंदिया) पैसेंजर – 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं हिरदामाली – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
5. गाड़ी संख्या 68806 (गोंदिया – वड्सा) पैसेंजर – 05 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक हिरदामाली स्टेशन में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – हिरदामाली के मध्य रद्द रहेगी।
6. गाड़ी संख्या 15231 ( बरौनी – गोंदिया) एक्सप्रेस – 04 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक दुर्ग में नियंत्रित की जाएगी एवं दुर्ग – गोंदिया के मध्य रद्द रहेगी।
7. गाड़ी संख्या 15232 (गोंदिया – बरौनी) एक्सप्रेस – 05 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक दुर्ग में नियंत्रित की जाएगी एवं गोंदिया – दुर्ग के मध्य रद्द रहेगी।