छत्तीसगढ़
जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर' के विशेष सत्र में देश एवं विदेश की 10 प्रतिष्ठित संस्थाओं के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, नई परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य के रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद किया। इस महत्वाकांक्षी कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश की गति को तीव्र करना है, जिससे प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में देश के अग्रणी और सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में स्थापित किया जा सके। बैठक में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रमुखों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी अवसंरचना और अनुसंधान एवं विकास से जुड़े अपने भावी प्रस्ताव एवं परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्सेनल इन्फो सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद पटानी और डायरेक्टर अमित खरे, फुजियामा पावर के संयुक्त प्रबंध निदेशक पवन कुमार गर्ग व प्लांट हेड नवीन सिन्हा, तथा ओसेल डिवाइसेज लिमिटेड के संचालन प्रमुख रितेश कुमार ने मुख्यमंत्री के साथ निवेश पर चर्चा की। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डेटा सेंटर के विकास के लिए न्योबोल्ट लिमिटेट-एबीएआईडीसी के निदेशक राजेश वेत्चा और श्री अंकित खुराना व सिद्धार्थ बाहुजा ने अपने प्रस्ताव रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनवीडिया के रणनीतिक एवं व्यवसाय निदेशक श्री गणेश महाबाला के साथ मध्यप्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, डिजिटल नवाचार तथा भविष्य की तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
तकनीकी अवसंरचना और कैपेबिलिटी सेंटर्स को बढ़ावा देने के लिए सबमर इंडिया प्रायवेट लिमिटेड के श्री अनुपम श्रीवास्तव और जेएसएम डाटाक्रॉप प्रायवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री विकास गुप्ता और श्री उत्कर्ष दुबे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष अपनी भावी परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।
सेमी कंडक्टर निर्माण और अनुसंधान एवं विकास के उच्च-तकनीकी क्षेत्र में पारस सेमी कंडक्टर्स के सीईओ श्री संतोष कुमार, थॉमसन सेमी कंडक्टर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीनिवास अनंत व श्री आनंद, तथा एमरॉल्ड इन्फ्रॉस्पेट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. असीम राजिक और डायरेक्टर अनिल भंसाली ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ अपनी विकासात्मक परियोजनाओं और दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग पर संवाद किया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस महत्वाकांक्षी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का मुख्य उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश की गति को तीव्र करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा यह प्रयास प्रदेश के तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के कौशल विकास को सुदृढ़ करने तथा 'आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश' के संकल्प को धरातल पर साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
करगी रोड स्टेशन पर टला बड़ा रेल हादसा, मालगाड़ी के डिब्बे बेपटरी
हालांकि, रेलवे प्रशासन ने अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ट्रैक बहाल कर रेल संचालन सामान्य करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया गया।
ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर कोलकाता-2026 में ‘बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस’ सम्मान से बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा
रायपुर। ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित पर्यटन आयोजन के सफल समापन पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को देश के 21 राज्यों की सहभागिता के बीच उसके आकर्षक, सृजनात्मक एवं प्रभावशाली पवेलियन के लिए “बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, प्राकृतिक पर्यटन, धार्मिक धरोहरों और आधुनिक पर्यटन दृष्टिकोण को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सफल प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।
10 से 12 जुलाई तक कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में आयोजित देश के प्रतिष्ठित पर्यटन व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का पवेलियन तीनों दिनों तक आगंतुकों, पर्यटन विशेषज्ञों, टूर ऑपरेटर्स और निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बस्तर की जनजातीय संस्कृति, चित्रकोट एवं तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव, धार्मिक एवं इको-टूरिज्म, पर्यटन रिसॉर्ट्स तथा राज्य के विविध पर्यटन परिपथों को आधुनिक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसे व्यापक सराहना मिली।
आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री एस भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसियों, होटल समूहों, पर्यटन विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ अनेक महत्वपूर्ण बी-टू-बी बैठकों में सहभागिता की। इन बैठकों में पर्यटन निवेश, संयुक्त पर्यटन पैकेजों के विकास, विपणन सहयोग, नए पर्यटन बाजारों तक पहुंच तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इन संवादों से राज्य के पर्यटन क्षेत्र में भविष्य की नई साझेदारियों और निवेश के अवसरों को भी मजबूती मिली।
मेले में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ राज्य तथा अन्य राज्यों के लगभग 28 पंजीकृत टूर ऑपरेटर्स, होटल संचालकों, होम-स्टे संचालकों और पर्यटन उद्यमियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। इससे राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
आयोजन के उद्घाटन अवसर पर गोवा के पर्यटन मंत्री श्री रोहन ए. खंवटे, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष तथा थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया था। सभी अतिथियों ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक विरासत और पर्यटन विकास की संभावनाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में रेखांकित किया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में राज्य पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि टीटीएफ जैसे राष्ट्रीय मंच राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश और दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस सम्मान ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ आज अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक वैभव और उत्कृष्ट पर्यटन संसाधनों के बल पर राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव एस भारतीदासन ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता से राज्य में पर्यटन निवेश, पर्यटकों की संख्या और निजी क्षेत्र की भागीदारी में सकारात्मक वृद्धि होगी।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि पर्यटन बोर्ड राज्य के पर्यटन उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि टीटीएफ-2026 में मिली सफलता और राष्ट्रीय सम्मान राज्य के पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है तथा इससे छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के अभियान को नई गति मिलेगी।
टीटीएफ कोलकाता-2026 में प्राप्त “बेस्ट डेकोरेशन ऑफ स्टॉल एंड अपीयरेंस” सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, जनजातीय विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन विकास की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सशक्त पहचान का प्रतीक है। यह उपलब्धि आने वाले समय में राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, निवेश आकर्षित करने तथा देश-विदेश के अधिकाधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा की पत्नी शांति देवी वोरा का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
परिजनों के अनुसार, शांति देवी वोरा का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के दुर्ग पहुंचने की संभावना है। शांति देवी वोरा के निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को रिकवरी का अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने रद्द किया आयोग का आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग केवल एक सलाहकार और सिफारिश करने वाली संस्था है, जिसे किसी भी कमर्शियल विवाद में पैसे की रिकवरी का आदेश देने का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने कमला मोटर्स की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।
मामला तब सामने आया जब हार्वेस्टर मशीन के सौदे में देरी होने पर खरीदार ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आयोग ने कलेक्टर को याचिकाकर्ता से 1,26,500 रुपये वसूलकर शिकायतकर्ता को दिलाने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता ने इसे चुनौती देते हुए तर्क दिया कि 1995 के अधिनियम के तहत आयोग की शक्तियां केवल सिफारिश करने तक सीमित हैं।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों को सही ठहराते हुए कहा कि आयोग को मिली जांच-पड़ताल की कुछ शक्तियां उसे सिविल कोर्ट का दर्जा नहीं देतीं और न ही वह किसी सक्षम अधिकारी की तरह रिकवरी का आदेश जारी कर सकता है। इस व्यवस्था के साथ ही हाईकोर्ट ने आयोग द्वारा जारी आदेश को निरस्त कर दिया है।
सिद्धखोल जलप्रपात में ईको-टूरिज्म प्रबंधन से संवर रही स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका
समय पर पहचान, समय पर उपचार: चिरायु टीम ने 10 वर्षीय त्रिशांत को दिया नया जीवन
यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में जन्मजात रोगों, बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार, निःशुल्क चिकित्सा, सुरक्षित रेफरल तथा सतत फॉलो-अप के माध्यम से उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार तैयार कर रहा है। धमतरी जिले में चिरायु टीम का यह समर्पित प्रयास शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता, प्रभावशीलता और प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण है।
17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट के लिए निकलेगी भव्य कांवर यात्रा, एक मुठ्ठी दान से प्राप्त अन्न से बनेगा महाप्रसाद
रायपुर। बोल बम कांवर यात्रा समिति, पाटन की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को रेस्ट हाउस पाटन में समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के तीसरे सोमवार 17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट तक भव्य एवं विशाल कांवर यात्रा निकाली जाएगी। बैठक में यात्रा को अधिक भव्य, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धामय स्वरूप प्रदान करने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई एवं आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। भगवान शंकर के नाम से शिवभक्तों द्वारा प्राप्त एक मुठ्ठी अन्नदान से महाप्रसाद बनाया जाएगा।
समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांवर यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन बस नहीं है यह सनातन संस्कृति, आस्था, अनुशासन, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष हजारों शिवभक्त "बोल बम" के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक हेतु इस यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार भी यह यात्रा पाटन ओग्गर तालाब में विराजमान भगवान भोलनाथ जी का आशीर्वाद लेकर टोलाघाट के लिए रवाना होगी। बैठक में यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पेयजल एवं भोजन व्यवस्था, विश्राम स्थल, यातायात समन्वय, स्वच्छता, प्रचार-प्रसार एवं स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित दायित्वों का निर्धारण किया गया।
बैठक के अंत में संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने पाटन क्षेत्र के सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी बंधुओं, स्वयंसेवकों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में कांवर यात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समिति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता का महापर्व है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से 17 अगस्त को पाटन से टोलाघाट तक निकलने वाली इस भव्य कांवर यात्रा में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।
ईपीएफओ ने प्रोविडेंट फंड ट्रस्टों के लिए 'एमनेस्टी स्कीम, 2026' की लागू
रायपुर। केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन संस्थानों के लिए 'एमनेस्टी स्कीम, 2026' (माफ़ी योजना) की शुरुआत की है, जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट चला रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे संस्थानों को अपनी स्थिति को कानूनी रूप से नियमित (regularize) करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करना है। वित्त अधिनियम, 2026 के माध्यम से अब मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड के आयकर ढांचे को 'एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविजन्स एक्ट, 1952' के कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप बना दिया गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत, आयकर अधिनियम के अंतर्गत मान्यता केवल उन्हीं ट्रस्टों को दी जाएगी, जिन्हें भविष्य निधि अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत औपचारिक छूट (exemption) प्राप्त है। ऐसे संस्थानों को अधिनियम की धारा 17 और 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020' की धारा 143 के तहत पिछली तारीख से (retrospectively) एमनेस्टी प्रदान की जाएगी। यह योजना उन संस्थानों पर प्रभावी होगी जिनके पास संबंधित केंद्र या राज्य सरकार से छूट का औपचारिक नोटिफिकेशन नहीं है। 29 जून, 2026 को जारी अधिसूचना के बाद से यह योजना अगले छह (6) महीनों के लिए खुली रहेगी।
योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र संस्थानों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। श्रेणी-I में वे संस्थान शामिल हैं जो अपने ट्रस्ट को पिछली तारीख से नियमित कराना चाहते हैं और जिन्होंने बिना छूट वाले संस्थान (un-exempted) के रूप में नियमों का पालन शुरू कर दिया है या भविष्य में ऐसा करने का विकल्प चुन रहे हैं। वहीं श्रेणी-II में वे संस्थान आते हैं जो ट्रस्ट को पिछली तारीख से नियमित कराने के साथ-साथ 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020' के तहत एक छूट प्राप्त संस्थान (exempted establishment) के तौर पर अपनी गतिविधियों को आगे भी जारी रखना चाहते हैं।
इस योजना के तहत नियोक्ताओं को कई प्रमुख राहतें और लाभ दिए जा रहे हैं। इसके तहत ट्रस्ट की स्थापना से लेकर एक निश्चित कट-ऑफ तारीख तक छूट की स्थिति और मान्यता को पिछली तारीख से नियमित किया जाएगा। इसके अलावा, सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या और कॉर्पस के आकार से जुड़े नियमों में ढील दी गई है, तथा 3 साल पहले के नियमों के अनुपालन की शर्त को भी पूरा माना जाएगा। सबसे बड़ी राहत के रूप में, बकाया राशि, हर्जाने और ब्याज के लिए चल रही सभी कानूनी व असेसमेंट कार्यवाहियां वापस ले ली जाएंगी, बशर्ते सदस्यों के खातों में कानूनी दरों के समान या उससे बेहतर ब्याज और योगदान जमा किया गया हो।
योजना का लाभ उठाने के लिए नियोक्ताओं को कुछ अनिवार्य जिम्मेदारियों को पूरा करना होगा। योग्य संस्थानों को केंद्र सरकार को संबोधित एक औपचारिक आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल के माध्यम से भेजना होगा। इसके साथ ही, इस योजना से जुड़ने की इच्छा जताते हुए एक 'एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट' (EoI) ईमेल आईडी rc.exemption@epfindia.gov.in पर भी भेजा जा सकता है। नियोक्ताओं के लिए अपने वित्तीय खातों का ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से कराना अनिवार्य होगा और भविष्य निधि कार्यालय के अधिकारियों के निर्देशानुसार विशेष या अनुपालन ऑडिट को आवेदन के 3 महीने के भीतर पूरा करना होगा।
विस्तृत प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के लिए हितधारक 29 जून, 2026 की राजपत्र अधिसूचना GSR 525(E) के तहत जारी 'कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026' के अनुबंध (Annexure) के भाग C को देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ईपीएफओ (EPFO) की आधिकारिक वेबसाइट पर परिपत्र और एसओपी (SoP) भी उपलब्ध हैं। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री जयवदन इंगले ने सभी संबंधित ट्रस्टों और नियोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे इस सीमित अवधि की योजना का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करें और अपनी कानूनी स्थिति को सुदृढ़ करें।
बस्तर गोंचा महापर्व 2026 का निमंत्रण लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिले प्रतिनिधि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में बस्तर गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात कर उन्हें गोंचा महापर्व-2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए महापर्व के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ को पारंपरिक रूप से दी जाने वाली सलामी तुपकी चलाकर महापर्व की सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया।
प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में विद्युत तारों को अंडरग्राउंड किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे शहर में विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान हुआ है तथा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के सुचारु संचालन में आने वाली बाधाएँ भी समाप्त हो गई हैं।
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि समाज अपनी 619 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व का आयोजन कर रहा है। भगवान श्री 1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) में संपन्न होगी, जहाँ महाप्रभु विराजमान होंगे। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष मुक्तेश पाण्डे सहित समिति के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी लंबे इको ट्रेल का किया शुभारंभ
रायपुर। कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और इको-टूरिज्म को नई पहचान देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज जंगल सफारी में वन महोत्सव और भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल का भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक वन यात्रा का अनुभव लिया। प्राकृतिक पर्यावरण में की जाने वाली एक जिम्मेदार यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना वहां के प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों का संरक्षण करना, और स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से लाभ पहुँचाना है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव अभ्यारण्य में जंगल सफारी शुरू होने के बाद पर्यटक अब जंगल के अंदर जाकर प्रकृति का करीब से आनंद ले रहे हैं। अब आज से शुरू हुई भोरमदेव इको ट्रेल भी पर्यटकों को घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों के बीच एक नया और यादगार अनुभव देगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने भोरमदेव क्षेत्र को अनमोल प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला और सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। भोरमदेव में पर्यटन सुविधाओं के बढ़ने से यहां अधिक पर्यटक आएंगे। इससे होटल, वाहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। अभी भी कई युवा जंगल सफारी में नेचर गाइड बनकर पर्यटकों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे अवसर और बढ़ेंगे, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि साल भर यहां पर्यटन गतिविधियां तेजी से चलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। श्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव का विकास तभी सफल होगा, जब स्थानीय लोग इसे अपनी धरोहर मानकर इसकी सुरक्षा करेंगे। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। वन विभाग द्वारा विकसित भोरमदेव इको ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है। ट्रेल के दौरान पर्यटक प्राकृतिक वन, मनमोहक दृश्य, पक्षियों और तितलियों का अवलोकन, औषधीय वनस्पतियों की जानकारी तथा प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ सुरक्षित वन भ्रमण का आनंद ले सकेंगे।
भोरमदेव ईको ट्रेल का संचालन करियाआमा गेट स्थित भोरमदेव ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार को किया जाएगा। वन मंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल ने बताया कि अनुभवी नेचर गाइड के साथ प्रतिभागियों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान वे पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों, स्थानीय भोजन, भोरमदेव मंदिर विरासत परिसर के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। ईको ट्रेल में भाग लेने के लिए 1 हजार रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है।
शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह.... मंत्री राजेश अग्रवाल ने बच्चों का किया स्वागत
रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, उदयपुर में आयोजित विकासखंड स्तरीय 'शाला प्रवेश उत्सव' में सहभागिता कर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मिठाई खिलाकर नवीन शैक्षणिक जीवन की शुभ शुरुआत कराई तथा अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं की।
इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि "हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संस्कारित समाज के निर्माण की आधारशिला है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारते हुए अपने सपनों को साकार कर सके।"
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, नियमित विद्यालय आने तथा जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकगण को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की सीएम साय से मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने तथा उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, संसाधन और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का निर्णय युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव निरंतर बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
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शिक्षकों की कमी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीन स्कूलों में जड़ा ताला
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद ब्लॉक के लिमोरा गांव में शिक्षकों की कमी से नाराज ग्रामीणों ने उग्र कदम उठाते हुए स्कूल में ताला जड़ दिया है। ग्रामीणों ने गांव के प्राइमरी, मिडिल और हायर सेकेंडरी तीनों स्कूलों के मुख्य गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक कुल 200 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ 12 शिक्षक ही हैं। शिक्षकों की इस भारी कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग की थी। शिकायतों के बाद भी जब प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, तो थक-हारकर ग्रामीणों को तालाबंदी जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा।
स्कूल में तालाबंदी की खबर मिलते ही आला अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अधिकारी लगातार पालकों और बच्चों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन बारिश के आसार, कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कई जिलों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अभी सक्रिय है। इसके साथ जुड़े चक्रवाती परिसंचरण और मौसमी द्रोणिका (मानसून ट्रफ) के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में लगातार नमी बनी हुई है। इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई।
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि उत्तर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार से पांच दिनों तक बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और विशेष रूप से गरज-चमक के समय खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के बिरहीपानी की तस्वीर, 129 घरों तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जशपुर जिले के जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित सीमांत ग्राम बिरहीपानी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब गांव के सभी 129 घरों में नल के माध्यम से नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
घने जंगलों से घिरे और भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम इस गांव में लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हो पाया था। जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण अपनी पेयजल आवश्यकताओं के लिए हैंडपंप, कुएं और ढोढ़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर थे। गर्मी के मौसम में इन स्रोतों का जलस्तर घट जाने से पेयजल संकट गहरा जाता था और ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। असुरक्षित जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।
इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम बिरहीपानी में संगठित पाइप जल प्रदाय प्रणाली विकसित की गई। योजना के तहत चार उच्च स्तरीय जलागारों का निर्माण किया गया तथा पूरे गांव में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया। इसके माध्यम से गांव के सभी 129 परिवारों को क्रियाशील फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराए गए हैं।
आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रत्येक परिवार को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। इससे महिलाओं के समय और श्रम की उल्लेखनीय बचत हुई है तथा वे अब परिवार की देखभाल, बच्चों की शिक्षा और आजीविका संबंधी गतिविधियों में अधिक समय दे पा रही हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति भी बढ़ी है।
योजना के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जलापूर्ति व्यवस्था का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे योजना की सतत उपयोगिता सुनिश्चित हो रही है।
ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से उनका जीवन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक बन गया है। ग्राम बिरहीपानी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रभावी क्रियान्वयन, जनसहभागिता और सुशासन के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में भी विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है।