छत्तीसगढ़
मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी
उन्होंने अपने संबोधन में श्रमिकों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।यह आयोजन न सिर्फ परंपरा को जीवित रखने का संदेश देता है, बल्कि मजदूर वर्ग के प्रति सम्मान और एकजुटता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
‘गूगल बॉय’ रुद्र को, लोक भवन में मिला सम्मान
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से लोक भवन में जिला दुर्ग के 6 वर्षीय 'गूगल बॉय ' रुद्र शर्मा ने अपने पालकों के साथ मुलाकात की। अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से उसने हैरान कर दिया। राज्यपाल डेका से मुलाकात के दौरान रुद्र ने सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
कक्षा पहली के छात्र रुद्र को यूपीएससी और पीएससी स्तर के प्रश्नों के उत्तर भी याद हैं। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उससे छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य की विशेषताओं और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका रुद्र ने बिना झिझक तुरंत सही जवाब दिया।
रुद्र की तेज स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उसकी सराहना की। उन्होंने लोक भवन की ओर से रुद्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर रुद्र के माता पायल शर्मा के साथ उसके नाना विनोद शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने उसकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।
सावधान.... घर वाला सिलेंडर होटल में मिला तो खैर नहीं... छापेमारी के सख्त निर्देश
रायपुर। गैस सिलेंडर की मची मारामारी और ब्लैक सेलिंग के बीच घरेलु गैस सिलेंडर का उपयोग कमर्शियल हुआ तो खैर नहीं। केंद्र ने राज्य सरकार को इसे लेकर छापेमारी के सख्त निर्देश जारी किए है। बतादें कि तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ऐसी आग लगाई है कि बाजार में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार से 19 किलो वाला सिलेंडर सीधे 993 रुपये महंगा हो गया है। अब डर इस बात का है कि होटल वाले सस्ते के चक्कर में घर में इस्तेमाल होने वाले (14.2 किलो) सब्सिडी वाले सिलेंडर का इस्तेमाल न शुरू कर दें। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को दो-टूक कह दिया है कालाबाजारी हुई तो सीधे कार्रवाई करें।
व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है। दिल्ली में जो सिलेंडर 2078 रुपये का था, वो अब 3071 रुपये के पार निकल गया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे शहरों में भी इसके दाम आसमान छू रहे हैं। पिछले तीन महीनों का हिसाब देखें तो कमर्शियल सिलेंडर पर कुल 1,303 रुपये का बोझ बढ़ चुका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आम जनता के रसोई घर में इस्तेमाल होने वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
कमर्शियल और घरेलू गैस की कीमतों में अब करीब 2000 रुपये का फासला आ गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इसी बड़े अंतर की वजह से होटलों और ढाबों में घरेलू सिलेंडर के अवैध इस्तेमाल का खतरा बढ़ गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि सब्सिडी का पैसा गरीबों के लिए है, न कि कमर्शियल मुनाफे के लिए। अब राज्यों के सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में विशेष उड़नदस्ता तैनात करें और औचक निरीक्षण बढ़ाएं।
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। बीते बुधवार को ही देशभर में 2300 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में बड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके बाद 72 गैस एजेंसियों को सस्पेंड कर दिया गया है और 336 पर भारी जुर्माना ठोंका गया है। छत्तीसगढ़ के भी प्रमुख शहरों में प्रशासन अब गैस गोदामों और होटलों की बारीकी से जांच करने की तैयारी में है।
केंद्र ने साफ कर दिया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत राज्य सरकारों के पास पूरी पावर है। बिना कमर्शियल कनेक्शन के होटल चलाना अब महंगा पड़ेगा। घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर कनेक्शन तुरंत कट सकता है। कालाबाजारी करने वाले डीलरों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।
तेज रफ्तार ट्रक ने ली डिलीवरी बॉय की जान
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान विकास देवांगन के रूप में हुई है, जो चलगली क्षेत्र के बड़का गांव का निवासी था। और वाड्रफनगर में रहकर डेलीवेरी कंपनी में कार्यकर्ता था। बताया जा रहा है कि विकास सामानों की डिलीवरी देने वाड्राफनगर से महेवा की ओर बाइक से निकला था। इसी दौरान अंबेडकर चौक के पास सामने से आ रही ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
सूचना मिलते ही वाड्राफनगर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पुलिस ने ट्रक और चालक की तलाश शुरू कर दी है।
राजनांदगांव में बनेगा अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी व खेल मैदान, मुख्यमंत्री के निर्णय का जताया आभार
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पर मंत्री परिषद की बैठक में त्वरित निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राजनांदगांव में अत्याधुनिक स्टेडियम का निर्माण संभव होगा, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।
इस दौरान विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव योगेश बागड़ी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
धमतरी में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा सैनिक स्कूल, 500 विद्यार्थियों को मिलेगी सैन्य शिक्षा की राह, रक्षा मंत्रालय को भेजा गया प्रस्ताव
सैनिक स्कूल की स्थापना से शिक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊर्जा मिलेगी। इस संस्थान के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, यह स्कूल धमतरी को प्रदेश के एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जिससे छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए एक सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा। अब पूरे प्रदेश की निगाहें रक्षा मंत्रालय के आगामी निरीक्षण और स्वीकृति पर टिकी हैं, जिसके बाद निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।
संघर्ष और मेहनत लाई रंग : सब्जी बेचकर की पढ़ाई अब टॉप 10 में बनाई जगह, जानिए कौन है चेतू साहू
अब चेतू के परिवार और ग्रामीणों ने लल्लूराम डॉट कॉम के माध्यम से शासन से यह मांग की है कि चेतू को आगे की शिक्षा के लिए अच्छी से अच्छी कोचिंग और मदद मिले, जिससे वह भविष्य में अपने सपनों को पूरा कर सके।
12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी, जिज्ञासु वर्मा बने टॉपर…
बोर्ड रिजल्ट जारी होने से पहले बड़ा एक्शन, बोर्ड पेपर लीक के आरोपी पर ईनाम घोषित
रायपुर। माशिमं बोर्ड परीक्षा पेपर लीक मामले में फरार चल रहे आरोपी वेणु जंघेल पर रायपुर पुलिस ने 5 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। लंबे समय से आरोपी की तलाश जारी थी, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सफलता नहीं लगी थी। ऐसे में अब इनाम की घोषणा के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास और तेज कर दिए हैं।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 130/2026 से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ परीक्षा अधिनियम की धारा 4, 5, 10 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह पूरा प्रकरण 14 मार्च 2026 को सामने आए परीक्षा अनियमितता और पेपर लीक से संबंधित है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वेणु जंघेल (18) बेमेतरा जिले के बोरतरा गांव का निवासी है। वह वर्तमान में रायपुर के अशोक नगर, गुढ़ियारी इलाके में रह रहा था। घटना सामने आने के बाद से ही वह फरार चल रहा है और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिससे उसकी गिरफ्तारी में मुश्किलें आ रही हैं।
इस मामले में सेंट्रल जोन की डिप्टी पुलिस कमिश्नर अर्चना झा ने रायपुर पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80-ए के तहत इनाम की उद्घोषणा जारी की है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है और उसके खुलेआम घूमने से समाज के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। यही कारण है कि आम जनता की मदद से उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या संबंधित अधिकारियों को सूचित करे। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही जो व्यक्ति आरोपी को पकड़वाने में मदद करेगा या ऐसी पुख्ता जानकारी देगा, जिससे उसकी गिरफ्तारी संभव हो सके, उसे 5 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। इनाम वितरण का अंतिम निर्णय डिप्टी पुलिस कमिश्नर, मध्य क्षेत्र द्वारा लिया जाएगा।
दुर्ग का जेंडर-बैलेंस्ड सिस्टम बना रोल मॉडल... टूटते परिवारों को जोड़ने की नई पहल
रायपुर। तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में रिश्तों की जटिलताएं भी नई चुनौतियां लेकर सामने आ रही हैं। अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाली पीड़ा—चाहे वह किसी बुजुर्ग की उपेक्षा हो या किसी पुरुष का मानसिक तनाव—अनसुनी रह जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग ने इस खामोशी को आवाज़ देने का एक नया रास्ता दिखाया है।
दुर्ग जिले में शुरू हुई जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग व्यवस्था आज पारिवारिक विवाद समाधान का एक ऐसा समावेशी मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दे रही है। सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र, जो पहले मुख्यतः महिलाओं की शिकायतों तक सीमित था, अब एक व्यापक सामाजिक मंच बन चुका है। यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी समान गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जा रहा है।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू हुआ यह केंद्र समय के साथ अपने दायरे का विस्तार करता गया। बदलते पारिवारिक समीकरणों और विवादों के नए स्वरूप को देखते हुए इसमें जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग को लागू किया गया, जिससे हर पक्ष को निष्पक्ष और संतुलित सुनवाई का अवसर मिल सके।
इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है—पुरुष काउंसलर की नियुक्ति। पिछले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष भी मानसिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझते हुए परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी बात को समझने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा है कि काउंसलिंग आधारित समाधान से विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है, जिससे परिवारों में सामंजस्य और सामाजिक स्थिरता मजबूत होती है। वहीं दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, संवाद और परामर्श की प्रक्रिया पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह मॉडल न केवल विवादों को कम कर रहा है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रहा है।
इस व्यवस्था की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है—‘सीनियर सिटीज़न सपोर्ट बेंच’ का गठन। इस विशेष इकाई में रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं, जो बुजुर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं।
बेटे-बहू द्वारा प्रताड़ना, संपत्ति के लिए दबाव, जबरन वृद्धाश्रम भेजना, शराब के लिए पैसे न देने पर मारपीट, भोजन से वंचित करना और घर से निकाल देना जैसी घटनाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं। अब तक इस केंद्र में लगभग 200 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से करीब 130 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल इस पहल की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सही समय पर संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कितने प्रभावी हो सकते हैं।
दुर्ग का ‘काउंसलिंग-फर्स्ट’ मॉडल छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसने पारिवारिक विवाद समाधान को नई दिशा दी है। जहां कई राज्यों में अब भी पारंपरिक और एकतरफा दृष्टिकोण हावी है, वहीं दुर्ग ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों—सभी को एक मंच पर समान रूप से सुनने का संतुलित मॉडल विकसित किया है।
संवाद आधारित यह व्यवस्था न केवल विवादों को समय रहते सुलझा रही है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रही है। इसी कारण यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में देख रहे हैं।
पद्म पुरस्कारों के लिये नामांकन क़ी प्रक्रिया शुरू,व्यक्तिगत रूप से नामांकन केवल ऑनलाइन
बलौदाबाजार :भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस वर्ष 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों' (पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री) के लिए नामांकन की प्रक्रिया 15 मार्च, 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने समाज सेवा, कला, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के प्रतिभाओं को नामांकन के लिये चिंहांकित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं।
पद्म पुरस्कार के लिये व्यक्तिगत रूप से भेजे जाने वाले नामांकन ऑनलाईन के माध्यम से भारत सरकार के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टलhttps://awards.gov.in/पर ही स्वीकार किए जाएंगे।जिला कलेक्टर के माध्यम से अनुशंसा सहित योग्य पात्र व्यक्तियों के स्पष्ट नामांकन प्रस्ताव भारत सरकार के संलग्न पत्र में दिए गये निर्देशानुसार दिनांक 15 जुलाई, 2026 तक संलग्न प्रपत्र में अनुशंसा सहित सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित करना है।
बैलगाड़ी पर बारात: डोली-घोड़ी पर नहीं, यहां बैलगाड़ी पर बैठा दुल्हा, अनोखी बारात देख लोग हुए हैरान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है। बैलगाड़ी जैसी पारंपरिक सवारी का उपयोग जहां एक ओर प्रदूषण रहित है, वहीं यह ग्रामीण जीवनशैली और परंपराओं का प्रतीक भी है।
तेज रफ्तार कार ने मारी ठोकर, बुजुर्ग की मौत
इलाज के दौरान देर रात करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंगलवार अप्रैल को पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव स्वजन को सौंप दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण तेज गति बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर–पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे बढ़ रहे हैं।
श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, “ई-श्रम साथी” एप लॉन्च
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री लखन देवांगन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "ई-श्रम साथी" मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
CG बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम तिथि का ऐलान, कल इतने बजे आएगा रिजल्ट
रायपुर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाई स्कूल और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के परिणाम कल 29 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों व अभिभावकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
कल छ.ग. माशिम के परीक्षा परिणाम घोषित हो रहे है, सभी विधार्थियों को मेरी अग्रिम शुभकामनाएं। pic.twitter.com/o4OfJ1qzdp
— Gajendra Yadav (@GajendraYdvBJP) April 28, 2026
उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और परिणाम को सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करें। मंत्री ने कहा कि हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत होता है और प्रत्येक छात्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं छिपी होती हैं। बोर्ड के परिणाम जारी होने के साथ ही लाखों छात्रों के भविष्य की दिशा तय होगी, ऐसे में सभी की नजरें कल दोपहर 2:30 बजे पर टिकी हुई हैं।
इस लिंक से कल दोपहर 2:30 बजे देख सकेंगे परिणाम
cgbse.nic.in
results.cg.nic.in
cg.results.nic.in
छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 कैसे करें डाउनलोड
छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
होमपेज पर दिए गए ‘CGBSE 10th Result 2026’ और ‘CGBSE 12t Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।
इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा।
इस पेज पर छात्र अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें।
अब आपके परीक्षा परिणाम आपकी स्क्रीन पर आ जाएंगे।
छात्र इसका पीडीएफ बनाकर डाउनलोड करें और प्रिंट आउट लेना न भूलें।
कब हुई थी सीजी 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा
छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच किया गया था। लेकिन बाद में बोर्ड द्वारा 10वीं की हिंदी परीक्षा 10 अप्रैल को दोबारा आयोजित की, जिसके चलते रिजल्ट तैयार करने में देरी हो गई है।
यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और माता-पिता व शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्सुकता का माहौल है।
इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गई हैं। छात्रों से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और परिणामों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करें। हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत होता है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार क्षमता होती है।
भीषण गर्मी से झुलस रहा छत्तीसगढ़..... आज भी पारा रहेगा 43 डिग्री के पार
रायपुर। राजधानी समेत पूरा छत्तीसगढ़ भीषण गर्मी से तप रहा है। करीब तीन साल बाद ऐसा हो रहा है जब लगातार 16 दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आया है। दिन की झुलसाने वाली धूप के बाद रात में भी गर्म हवाओं से राहत नहीं मिल रही, जिससे लोग बेहाल हैं। राज्य के मध्य इलाकों में अब भी लू जैसे हालात बने हुए हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई, लेकिन गर्मी का असर बरकरार है। राजनांदगांव में सर्वाधिक तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
हवा की दिशा बदलने के कारण जांजगीर, रायगढ़ और बिलासपुर के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे थोड़ी राहत मिली। वहीं जगदलपुर सहित बस्तर क्षेत्र में मौसम सामान्य रहा, लेकिन मध्य भाग अब भी भीषण गर्मी की चपेट में है। लालपुर मौसम केंद्र में पिछले दो दिनों से 44-45 डिग्री की गर्मी के बाद सोमवार को बादलों और तेज हवा के कारण तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में 28 अप्रैल को आसमान साफ रहेगा, हालांकि दोपहर या शाम तक आंशिक बादल छाने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर, फिलहाल लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के इस नगर निगम ने लगाई ऊंची छलांग, इस काम के लिए मिला ISO सर्टिफिकेट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम के लिए यह गौरव का विषय है कि शहर के 25 एमएलडी एवं 7 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अंतरराष्ट्रीय स्तर का ISO 9001:2015 (क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम) प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। रायगढ़ नगर निगम के दोनों एसटीपी के नाम प्रदेश का पहला आईएसओ प्रमाणीकरण का ताज सज गया है। यह उपलब्धि नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय के कुशल मार्गदर्शन, सतत निगरानी एवं टीम के प्रयासों का परिणाम है।
नगर निगम द्वारा संचालित दोनों एसटीपी से जल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्रणाली, जिसमें संग्रहण, उपचार (ट्रीटमेंट) एवं सुरक्षित निस्तारण की समस्त प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी हैं। टीवी टावर क्षेत्र बड़े अतरमूड़ा स्थित 7 एमएलडी एसटीपी तथा बांझीनपाली स्थित 25 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट दोनों को यह प्रमाणन प्रदान किया गया है।
आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन किसी भी संस्था की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, पारदर्शिता और दक्षता का प्रतीक माना जाता है। यह प्रमाणन सेवाओं का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप होना, जल एवं अपशिष्ट जल उपचार की प्रक्रिया को सुरक्षित और प्रभावी बनाना , पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करना एवं नागरिकों को बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध करने संबंधित पहलुओं पर खरा उतरने पर मिलता है।
नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय द्वारा शहर में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एसटीपी संचालन में गुणवत्ता सुधार, नियमित मॉनिटरिंग एवं तकनीकी उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया गया। उनके निर्देशन में टीम ने निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए लगातार कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन हासिल करने वाला प्रदेश का पहला आईएसओ प्रमाणित एसटीपी बना।
इस उपलब्धि से रायगढ़ शहर में स्वच्छता व्यवस्था और मजबूत होगी तथा जल प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह उपलब्धि अन्य शहरी निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। कमिश्नर क्षत्रिय ने सभी संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों एवं कर्मचारियों के टीम भावनाओं के साथ किए गए सतत कार्य को इस सफलता का श्रेय दिया है। उन्होंने भविष्य में भी इसकी गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखने तथा कार्यों को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है।