छत्तीसगढ़
स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ का गौरव: 14 पुलिस कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित
सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी से 12 लाख की ठगी
जब पतिराम ने अपनी जमा रकम वापस मांगी तो पूरी ठगी का खुलासा हुआ। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में ठगी और विश्वासघात की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
घोटाले की भेंट चढ़ा एंबुलेंस
मामले में अब सुपेबेड़ा के बीमार लोगों ने भी प्रतिक्रिया दिया है। उनकी माने तो ऐसे खर्चों के बजाए पूर्व की तरह उन्हें ब्लड जांच और किडनी रोग की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए। क्योंकि अब उन्हें खरिदना पड़ रहा है
मुख्यमंत्री मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में हुए शामिल, 3000 से अधिक छात्र-छात्राओं का सम्मान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से हम केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों का ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माता बच्चों का भी सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपने जो उपलब्धि हासिल की है, उसमें निःसंदेह आपकी मेहनत है, लेकिन इसके पीछे परिवार, गुरुजनों और समाज का भी अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य में ही सभी उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान उपलब्ध हैं।
दुर्गापाली में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान ने रचा इतिहास
कार्यक्रम के अंत में सभी ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
युक्तियुक्तकरण से कोरकोमा मिडिल स्कूल में पढ़ाई हुई नियमित
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं रामेश्वरी रत्नाकर और पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है।
प्रधानपाठक गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। श्रीमती रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।
विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।
यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
छत्तीसगढ़ के ईवी खरीदारों को इन योजनाओं से मिला 138 करोड़ रुपये का लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने वाले उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार से बड़ी राहत मिली है। पिछले तीन वर्षों में राज्य के खरीदारों को दो प्रमुख ईवी प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 138 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी प्रदान की गई है। केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने यह जानकारी मंगलवार को लोकसभा में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रश्न के उत्तर में दी।
फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड) एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फेज-2 (FAME-II) योजना, जो 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक लागू रही, के तहत अप्रैल 2022 से मार्च 2024 के बीच राज्य में 33,552 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए। खरीदारों को इस अवधि में कुल 121.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम 2024, जो केवल छह महीने यानी अप्रैल से सितंबर 2024 तक प्रभावी रही, का भी उल्लेखनीय असर देखने को मिला। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 13,091 इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन बेचे गए, जिन पर खरीदारों को कुल 16.74 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दोनों योजनाओं के तहत खरीदारों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती। सब्सिडी सीधे वाहन की खरीद कीमत से घटा दी जाती है और बाद में भारी उद्योग मंत्रालय यह राशि मूल उपकरण निर्माता कंपनियों (ओईएम) को वापस करता है। इस कारण राज्य में किसी भी प्रकार का भुगतान लंबित नहीं है। बैटरी से चलने वाले स्कूटर, तिपहिया और कारों की बढ़ती लोकप्रियता तथा सरकार की निरंतर सहायता के साथ, छत्तीसगढ़ में स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बदलाव तेजी से गति पकड़ रहा है।
भिलाई इस्पात संयंत्र ने जुलाई में तोड़े उत्पादन और दक्षता के कई रिकॉर्ड
चैतन्य बघेल को जेल में बुखार, हाईकोर्ट ने सुपरिटेंडेंट को दिए ये आदेश
रायपुर। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बुखार हो गया है। इस पर हाईकोर्ट ने जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि उन्हें कानून के अनुसार मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अदालत ने यह आदेश स्पेशल कोर्ट में दाखिल आवेदन पर सुनवाई के बाद दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
बता दें कि ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को भिलाई-3 स्थित उनके घर से, जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए उन्होंने पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से निर्देश मिलने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
ईडी का दावा है कि 2019 से 2022 के बीच राज्य में 2100 करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ और इसकी पूरी फंडिंग व मैनेजमेंट चैतन्य बघेल के हाथ में था। इस मामले में भूपेश बघेल और चैतन्य, दोनों को आरोपी बनाया गया है।
जन सुविधाओं का सतत विस्तार हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अंतर्गत सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडे महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और 90 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन कर जिले को 186 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने जिले में विभिन्न जनसुविधाओं के विस्तार के लिए 13.40 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों की घोषणा मंच से की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि सांसद के रूप में उन्होंने लंबे समय तक सारंगढ़ की सेवा की है और अब प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ को विकास पथ आर अग्रसर करने के दायित्व को विगत डेढ़ वर्षों से पूर्ण लगन और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3,100 रुपये की दर से खरीदा जा रहा है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है और तीव्र गति से हितग्राहियों के मकानों का निर्माण हो रहा है, जिसकी गति इतनी तेज है कि गांवों में राजमिस्त्री और सेंटरिंग प्लेट की भी कमी महसूस होने लगी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। हर माह मिलने वाली राशि से महिलाएं अपना खुद का व्यवसाय भी प्रारंभ कर रही हैं। सारंगढ़ जिले के दानसरा की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन की राशि से अपने गांव में राम मंदिर निर्माण की पहल की है, जिसे आज पूरा प्रदेश जानता है। तेंदूपत्ता खरीदी के दाम बढ़ाए गए हैं। 5.62 लाख कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10-10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। श्री रामलला दर्शन योजना से अब तक 22 हजार श्रद्धालु अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।
राजस्व और जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार पिछले डेढ़ वर्षों में प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी जगह विकास कार्यों को गति देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में करोड़ों की विकास कार्यों की सौगात मिलने से यहां जनसुविधाओं में वृद्धि होगी।
सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में विकास कार्यों और अधोसंरचना विस्तार के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ पीएम आवास जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है।
जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी कार्यों को जमीन पर उतारने के साथ प्रदेश में विकास कार्यों को नई ऊंचाई देने का कार्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में निरंतर जारी है।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को 186 करोड़ की सौगात मिली है, जो जिले में अधोसंरचना विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर भारत माता चौक से गढ़ चौक होते हुए कोसीर चौक तक गौरव पथ निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये, नगर पालिका सारंगढ़ में गार्डन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये, सारंगढ़ में पी.जी. कॉलेज हेतु भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम सारंगढ़ के जीर्णोद्धार हेतु 2.5 करोड़ रुपये, बालक छात्रावास सारंगढ़ के मरम्मत हेतु 1 करोड़ रुपये, नवीन जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा हेतु कक्ष निर्माण के लिए 40 लाख रुपये, बस स्टैंड सारंगढ़ में सुविधा विस्तार हेतु 50 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।
युक्तियुक्तकरण नीति से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की नई रोशनी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर लागू शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिखी है। इस नीति के तहत प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है और बच्चों को समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
गौरतलब है कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व प्रदेश के कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश के 4,728 एकल-शिक्षकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इस कदम से न केवल कक्षाओं का संचालन नियमित हुआ है, बल्कि बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति उत्साह में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसका सकारात्मक असर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड स्थित प्राथमिक शाला बगडीहपारा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां हाल ही में दो शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। नवपदस्थ शिक्षक श्री रंजीत खलखो ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में उन्हें अपनी पसंद के विद्यालय चुनने का अवसर मिला और उन्होंने दूरस्थ बगडीहपारा को इसलिए चुना क्योंकि वे ग्रामीण अंचलों के बच्चों को शिक्षित करना अपना दायित्व और सौभाग्य मानते हैं। दो शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है, जिससे बच्चों की सीखने की गति तेज हुई है और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है। अब वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेज रहे हैं, जिससे उपस्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।
इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड का ग्राम कमकासुर इसका ताजा उदाहरण है। जिला मुख्यालय से 65-70 किलोमीटर दूर स्थित इस नक्सल प्रभावित वनांचल में 14 बच्चों की दर्ज संख्या वाली प्राथमिक शाला पिछले एक वर्ष से शिक्षक विहीन थी। शासन की युक्तियुक्तकरण पहल से यहां प्रधान पाठक की पदस्थापना हुई, जिससे बच्चों की पढ़ाई फिर से शुरू हुई और ग्रामीणों में शिक्षा को लेकर नया उत्साह लौट आया।
इसी तरह सक्ती जिले के ग्राम भक्तूडेरा में भी युक्तियुक्तकरण से बड़ा बदलाव आया। वर्षों से एकल शिक्षक पर निर्भर यह प्राथमिक शाला अब दो शिक्षकों से संचालित हो रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित हुई, उपस्थिति बढ़ी और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हुआ।
राज्य शासन की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार कर रही है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के सबसे सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चे भी उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर हों।
रायपुर के तीन युवकों की धमतरी के अर्जुनी में हत्या.. दो ने भागकर बचाई जान
धमतरी। रायपुर शहर से 5 युवक धमतरी गए हुए थे। यहां कुछ बदमाशों ने इनके ऊपर हमला कर दिया। इस दौरान तीन युवकों की मौत हो गई। वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर तीनों शवों को अपने कब्जे में लिया और हत्यारों की खोजबीन शुरू कर दी।
यह वारदात अर्जुनी थाना क्षेत्र के न्यू अन्नपूर्णा ढाबा एवं फैमिली रेस्टोरेंट के पास हुई। यहां बदमाशों ने रायपुर से आये युवकों पर हमला कर दिया। इस वारदात में तीन लोगों की मौत हो गई। बदमाशों ने 5 लोगों पर चाक़ू से हमला किया था, जिनमे से तीन की मौके पर ही मौत हो गई और दो युवकों ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।
थाने पहुंचकर इन युवकों ने पुलिस को पूरी वारदात की जानकारी दी। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं बदमाशों ने युवकों पर हमला क्यों किया इसकी वजह अब तक सामने नहीं आई है। अर्जुनी थाना पुलिस ने खोजबीन के बाद कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है।
बस्तर के आकाश को राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार… ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी ने दिलाया गौरव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के युवा और प्रतिभाशाली बुनकर आकाश कुमार देवांगन ने अपनी अद्वितीय ट्राइबल बस्तर जाला कोसा साड़ी के लिए राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली में आयोजित 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
यह विशेष साड़ी बस्तर की पारंपरिक जाला बुनाई तकनीक और कोसा रेशम की विशिष्टता का अद्वितीय संगम है। अपने जटिल डिज़ाइन, पारंपरिक पैटर्न और प्राकृतिक रंगाई की विशेषताओं के कारण यह न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
समारोह में विदेश एवं वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, सांसद कंगना रनौत, सचिव वस्त्र नीलम शमी राव सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और देशभर के लगभग 650 बुनकर, डिजाइनर, निर्यातक, विदेशी खरीदार और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार सृजन क्षेत्र बन चुका है और बस्तर के बुनकरों की तरह ही देशभर के कारीगर पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करते हुए नवाचार के जरिए नए बाजार बना रहे हैं। उन्होंने हथकरघा उत्पादों में विविधीकरण, प्राकृतिक रेशों को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी के बुनकर उद्यमियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर कोसा सिल्क, डोकरा-प्रेरित डिज़ाइन और बस्तर की विशिष्ट जला बुनाई के नमूने प्रदर्शित किए, जिन्हें विदेशी खरीदारों और डिजाइनरों ने विशेष सराहना दी। कार्यक्रम के अंतर्गत निफ्ट मुंबई द्वारा हथकरघा उत्कृष्टता पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन, "वस्त्र वेद – भारत की हथकरघा विरासत" शीर्षक से फैशन शो, पुरस्कार विजेता उत्पादों की प्रदर्शनी और विशेष रूप से तैयार की गई फिल्मों का शुभारंभ भी किया गया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल 7 अगस्त को 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया और हथकरघा उद्योग को सशक्त बनाया। हथकरघा क्षेत्र आज पूरे देश में 35 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, जिसमें 70% से अधिक महिलाएं हैं। छत्तीसगढ़ में यह न केवल आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है बल्कि सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला के संरक्षण का माध्यम भी है।
1 साल पहले लव मैरिज करने वाली पूजा की सड़क दुर्घटना में मौत
डाक्टर साहब के द्वारा शॉर्ट pm report me accidental लिखकर कर दिए है । घटना स्थल का निरीक्षण वैज्ञानिक अधिकारी से कराया गया है , घटना स्थल निरीक्षण ,PM report से अभी तक की जांच मे स्पष्ट है कि मृतिका की मृत्यु एक्सीडेंट से सिर में चोट आने के कारण हुआ है ।
भवतरा गांव मे पहली बार भोजली तिहार धूमधाम से मनाया गया।
मीना बाजार के झूले में बड़ा हादसा, 100 फीट की ऊंचाई पर महिला फंस गयी झूले में
घटना शनिवार रात भाटापारा शहर में जय स्तंभ चौक के पास लगे मीना बाजार में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। आकाश झूला झूलते समय एक महिला अचानक उसमें फंस गई और लटक गई।घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक युवक ने साहस दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा।
दूरस्थ अंचलों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य और जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाएं उनके ही गांव में सुलभ हों। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाएं न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं, बल्कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी आधार बनती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के बगिया ग्राम में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जशपुर विकासखंड के ग्राम आरा, पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम कुडे़केला (घरजियाबथान) और बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नई शाखाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 12वें वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यकम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन नई शाखाओं के शुरू होने से 23 ग्राम पंचायतों और 48 आश्रित ग्रामों के लगभग 44 हज़ार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन की बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर जिले की 268 पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 15 करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। आगामी पंचायत दिवस तक जिले की सभी पंचायतों में ये सुविधा केंद्र प्रारंभ करने की योजना है। इन केंद्रों से ग्रामीणों को उनके गाँव में ही बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
जशपुर जिले के ग्राम छिछली की सरपंच अनिमा मिंज, आरा के सरपंच मनोज भगत और कुडे़केला के सरपंच शशिकांता पैंकरा ने कहा कि नई बैंक शाखाओं से अब उनके क्षेत्र के ग्रामीणों को सभी बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। ग्राम पंचायत आरा से वर्चुअली जुड़ी विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि बैंक खुलने से हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ सीधे बैंक के माध्यम से हितग्राहियों को मिलेगा।
ग्राम कुडे़केला से वर्चुअली जुड़ी विधायक गोमती साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ी है और अब 3 नए ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में गति आएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। इन 3 नई शाखाओं के खुलने से जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।