छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में दिवाली पर बिकी 61 करोड़ की शराब, सामान्य दिन की तुलना में दोगुनी बिक्री
त्योहार के दौरान धनतेरस के दूसरे दिन सबसे अधिक शराब की बिक्री हुई है. इस दिन 11 करोड़ 39 लाख 3 हजार 4 सौ रुपए की शराब की बिक्री हुई है. इसके अलावा अन्य 5 दिनों में 8 करोड़ से लेकर 10 करोड़ से अधिक की बिक्री हुई है.
विविधता में एकता ही भारत की असली ताकत: मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि वे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ निष्ठा से देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक से शारदा चौक तक आयोजित ‘एकता दौड़’ में शामिल होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल को उनकी दूरदृष्टि और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के कारण ही ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है। राष्ट्र को एकजुट करने के उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर आज पूरे देश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत विविधताओं से परिपूर्ण देश है, और 'विविधता में एकता' की भावना हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह जोश सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने का प्रण लेने का आह्वान किया और सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
जेल में ड्रोन से पहुंचाई जा रही थी अवैध वस्तुएं, अब 500 मीटर दायरे में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित
एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दिखाया विकास का नया मॉडल
रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जिला स्तरीय राज्योत्सव की तैयारी तेज
उन्होंने मंच की साज-सज्जा, बैठक व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा की भी जानकारी ली। कलेक्टर उइके ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय पर सभी तैयारियां पूर्ण करें और नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि राज्योत्सव का आयोजन जिले में उत्साहपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न हो सके।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर निकलेगी ‘यूनिटी मार्च’
कोरिया : लौह पुरुष एवं देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कोरिया जिले में यूनिटी मार्च सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा एवं उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े में जानकारी साझा की।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 31 अक्टूबर 2025 से 25 नवम्बर 2025 तक जिला स्तरीय पद यात्रा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में कोरिया जिले में 12 नवम्बर 2025 को यूनिटी मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च लगभग 7 किलोमीटर लंबा होगा, जो शासकीय आदर्श रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुंठपुर से प्रारंभ होकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कलेक्टोरेट परिसर होते हुए सेजेस खरवत परिसर में समापन होगा। इस मार्च में लगभग एक हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि 31 अक्टूबर को सुबह 7 से बैकुंठपुर के कुमार चौक से यूनिटी मार्च निकाली जाएगी। मार्च में मुख्य रूप से छात्र-छात्राओं, युवाओं, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
मार्च के दौरान स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए मार्ग में साफ-सफाई कराई जाएगी। साथ ही, छात्रों द्वारा सरदार पटेल के जीवन पर आधारित नुक्कड़ नाटक एवं राष्ट्रीय एकता पर विशेष नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
सेजेस खरवत परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर, राष्ट्रीय एकता शपथ, माल्यार्पण, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम श्रृंखला के तहत 31 अक्टूबर 2025 को विद्यालयों/महाविद्यालयों में निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता, 06 नवम्बर 2025 को स्वच्छता अभियान, 07 नवम्बर 2025 को रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
माय भारत के जिला युवा अधिकारी सौरभ निषाद, जनप्रतिनिधि व स्कूल, कॉलेज के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
दो पत्नियों की लड़ाई में नहीं मिल पाई अनुकंपा नियुक्ति, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
रायपुर। बिलासपुर हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एसईसीएल (SECL) के दिवंगत कर्मचारी स्व. इंजार साय की पत्नी और विवाहित बेटी द्वारा दायर याचिका को विलंब के आधार पर खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के 11 साल बाद किया गया आवेदन न केवल देरी से है बल्कि योजना की भावना के भी विपरीत है।
दरअसल एसईसीएल के एसडीएल ऑपरेटर इंजार साय से जुड़ा है, जिनकी 14 अगस्त 2006 को ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद परिवार में उत्तराधिकार का विवाद खड़ा हो गया। इंजार साय की दो पत्नियां थीं। पहली पत्नी शांति देवी और दूसरी पत्नी इंद्रकुंवर। विवाद के चलते 2009 में एसईसीएल ने पहली पत्नी का आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि जब तक दोनों पत्नियों के बीच का विवाद अदालत से स्पष्ट नहीं होता, तब तक किसी को नियुक्त नहीं किया जा सकता। यह मामला सिविल कोर्ट में वर्षों तक लंबित रहा।
इसी दौरान, दूसरी पत्नी इंद्रकुंवर ने 17 अप्रैल 2017 को अपनी विवाहित बेटी प्रवीण के नाम से अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। लेकिन एसईसीएल ने इसे यह कहते हुए ठुकरा दिया कि आवेदिका विवाहित है और अब अपने ससुराल में रह रही है। आवेदन कर्मचारी की मृत्यु के 11 वर्ष बाद किया गया है,आवेदन में देरी के लिए कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है।
एसईसीएल के निर्णय को चुनौती देते हुए मां-बेटी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन सिंगल बेंच ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिवार को तुरंत आर्थिक राहत देना है। इतने वर्षों बाद आवेदन करने से इस योजना की भावना ही समाप्त हो जाती है।” बाद में याचिकाकर्ताओं ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की, परंतु अदालत ने सिंगल बेंच का फैसला बरकरार रखा। अदालत ने माना कि परिवार ने इतने वर्षों तक बिना सहायता के जीवन-यापन कर लिया है, इसलिए अब अनुकंपा नियुक्ति का कोई औचित्य नहीं रह जाता।”
एम्स रायपुर ने छत्तीसगढ़ में किया पहला सफल वीए-ईसीएमओ केस
रायपुर। एम्स रायपुर ने क्रिटिकल केयर मेडिसिन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जहां संस्थान ने छत्तीसगढ़ के किसी सरकारी संस्थान में पहली बार वीनो-आर्टेरियल एक्स्ट्रा-कॉरपोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (VA-ECMO) का सफल प्रबंधन किया।
एक 35 वर्षीय महिला, जो उच्च जोखिम गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) से गुजर रही थी, प्रसव के तुरंत बाद पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी यानी जीवन-घातक हृदय विफलता से पीड़ित हो गई। जब सामान्य उपचार असफल रहे, तब एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर मेडिसिन, सीटीवीएस, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रो-सर्जरी और नर्सिंग सेवाओं की बहु-विषयक टीम ने उन्हें ईसीएमओ पर रखा और उन्नत किडनी सपोर्ट प्रदान किया।
गंभीर जटिलताओं के बावजूद, रोगी की स्थिति धीरे-धीरे सुधरी और 65 दिनों के आईसीयू प्रवास के बाद उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया। ईसीएमओ (ECMO) एक अत्याधुनिक जीवनरक्षक तकनीक है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब हृदय या फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं और अन्य सभी उपचार विफल हो जाते हैं। यह मशीन अस्थायी रूप से इन अंगों का कार्य संभालती है, जिससे मरीज को स्वस्थ होने का महत्वपूर्ण अवसर मिलता है।
यह केस डॉ. सुभ्रता सिंघा और डॉ. चिन्मय के. पांडा के नेतृत्व में प्रबंधित किया गया, जिनके साथ विशेषज्ञ सलाहकार डॉ. नितिन कश्यप, डॉ. प्रणय मेसरे (CTVS), डॉ. रमेश चंद्राकर (ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन), डॉ. विनय राठौर (नेफ्रोलॉजी), डॉ. सौविक पॉल (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी) और डॉ. विनिता सिंह (स्त्री एवं प्रसूति रोग) शामिल थे।
ले. जनरल अशोक जिंदल (से.नि.), कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एम्स रायपुर ने पूरी टीम को बधाई दी, जिनके प्रयासों से इस गंभीर मरीज का जीवन सफलतापूर्वक बचाया जा सका।
यह सफलता सीसीयू टीम की समर्पित मेहनत का परिणाम है — सीनियर रेज़िडेंट्स डॉ. साईनाथ, डॉ. सतीश, डॉ. चेतन, डॉ. गौरव, डॉ. रुपेन्द्र, नर्सिंग इंचार्ज महेश तथा स्टाफ जिबिन, जसीम, सृष्टि, इतिश्री, गोविंद, विनोद, खूमेंद्र, अजू, परफ्यूज़निस्ट्स विनोद खांडे, राजकुमार, अजीत, और समर्पित स्वास्थ्य सहायकों के योगदान से यह उपलब्धि संभव हुई।
भिलाई इस्पात संयंत्र के बार एंड रॉड मिल ने रचा एकदिवसीय उत्पादन का नया कीर्तिमान
रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र के बार एवं रॉड मिल ने उत्कृष्ट उत्पादन करते हुए 26 अक्टूबर 2025 को चुनौतीपूर्ण 10 मिलीमीटर टीएमटी बार श्रेणी में 2598 टन (1261 बिलेट्स) का रिकॉर्ड उत्पादन कर नया “दिवस कीर्तिमान” स्थापित किया। इस उपलब्धि के साथ ही बीआरएम ने 21 सितंबर 2024 को दर्ज 2590 टन (1259 बिलेट्स) के रिकॉर्ड को पार किया।
इस उपलब्धि पर भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र तथा कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने बीआरएम बिरादरी को बधाई दी और टीम को नये लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने और आगे भी नयी उपलब्धियाँ अर्जित करने के लिए संकल्पित किया।
इस उल्लेखनीय सफलता पर विभागाध्यक्ष एवं मुख्य महाप्रबंधक (बीआरएम) श्री योगेश शास्त्री ने टीम बीआरएम को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संचालन से लेकर प्रबंधन तक पूरे कार्यबल के समर्पण और मेहनत का परिणाम है। टीम बीआरएम ने उत्पादन दक्षता बढ़ाने, गुणवत्ता मानकों में सुधार लाने और क्षमता विस्तार की दिशा में लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने प्रबंधन समूह, कर्मचारियों, यूनियन प्रतिनिधियों तथा सहयोगी विभागों के प्रति उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित बीआरएम के महाप्रबंधकगण श्री एस.एन. त्रिपाठी, श्री आशीष, श्री शाश्वत मोहंती, श्री समीर पांडे एवं श्री शिखर तिवारी ने भी सम्पूर्ण मिल बिरादरी को बधाई दी एवं आगे भी सफलता की नई मिसाल कायम करने के लिए शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के बीआरएम में निर्मित उत्पादों का प्रयोग सेंट्रल विस्टा, बुलेट ट्रेन, श्री राम मंदिर (अयोध्या) जैसी सामरिक महत्व की राष्ट्रीय परियोजनाओं में किया गया हैं जो देश के बुनियादी ढाँचे के विकास और राष्ट्र निर्माण में प्रत्यक्ष योगदान दे रहे हैं।
पूर्व विधायक राधेश्याम शुक्ला का निधन….
राधेश्याम शुक्ला जी लंबे समय तक क्षेत्र की जनता के बीच लोकप्रिय जनसेवक के रूप में जाने जाते थे। उनके निधन पर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
जनपद उपाध्यक्ष के ऑफिस में फायरिंग
इस घटना में भाजपा नेता के ससुर सहित दो लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अपोलो अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुरानी रंजिश, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और जमीन विवाद सहित कई एंगल से जांच जारी है, वहीं CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
एक्शन मोड में EOW-ACB; रायपुर-दुर्ग-राजनांदगांव के 12 ठिकानों पर मारी रेड, DMF घोटाले से जुड़ी जांच तेज
अधिकारियों की टीमें फिलहाल शासकीय सप्लाई से जुड़े दस्तावेज़, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि DMF घोटाले में इससे पहले भी कई बड़े अधिकारी जेल जा चुके हैं। हालांकि, अब तक ACB या EOW की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पीएम मोदी रथ पर सवार होकर करेंगे राज्योत्सव स्थल का दौरा... बनाया परिक्रमा पथ
रायपुर। छत्तीसगढ़ 1 नवंबर को अपना 25वां स्थापना दिवस रजत जयंती वर्ष के रुप में मना रहा है। इस दौरान पांच दिन तक अलग-अलग आयोजन होंगे। इसमें सबसे खास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा रहेगा। वे छत्तीसगढ़ के 5 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को यादगार बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। पीएम के स्वागत के लिए राज्योत्सव स्थल पर 1 किलोमीटर लंबा परिक्रमा पथ बनाया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री परिक्रमा पथ में रथ पर सवार होंगे।
पीएम का सुबह से शाम तक व्यस्त दौरा : प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सुबह से शाम तक सबसे व्यस्त दौरा रहेगा। वे सुबह 7. 35 मिनट में दिल्ली से रवाना होंगे और शाम 6.35 मिनट में वापस दिल्ली पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ में 6 घंटे 35 मिनट का समय बिताएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के शांति शिखर भवन का उद्घाटन भी करेंगे। यहां वे दो मिनट का ध्यान भी लगाएंगे।
अमित शाह ने कांकेर ज़िले में 21 नक्सलियों द्वारा हथियारों के साथ आत्मसमर्पण की सराहना की
नईदिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में 21 नक्सलियों द्वारा अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने की सराहना की है।
X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले में 21 नक्सलियों द्वारा अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण प्रसन्नता की बात है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 21 नक्सलियों में से 13 सीनियर काडर थे।
शाह ने कहा कि वे मुख्यधारा में शामिल होने और मोदी सरकार के आह्वान पर हिंसा छोड़ने के लिए उनकी सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि वे हथियार उठाकर घूमने वाले नक्सलियों से फिर अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें। उन्होंने कहा कि हम 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा करने के प्रति कटिबद्ध हैं।
I commend them for joining the mainstream, abjuring violence at the call of the Modi government. I reiterate my appeal to the rest who are…
आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों को नौकरी से निकालने का आदेश, दिवाली के बाद मिला जोर का झटका
रायपुर। शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए छत्तीसगढ़ में शुरू की गई आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों पर बड़ी मुसीबत आन पड़ी है। दरअसल छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पढ़ाने वाले शिक्षकों को नौकरी से निकालने का आदेश जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश में शिक्षकों को नौकरी से निकालने के संबंध में फंड की कमी का हवाला दिया गया है। शिक्षा अधिकारी ने न सिर्फ शिक्षक बल्कि चतुर्थ श्रेणी में काम करने वाली 4 आया को भी नौकरी से निकाल दिया है। वहीं, बर्खास्त कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें कई महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
दरअसल, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 2022-2023 में प्री-प्राइमरी शिक्षिकाओं और आयाओं की नियुक्ति की गई थी, जिनका भुगतान खनिज न्यास के फंड से किया जाता था। लेकिन अब फंड के आभाव में नियुक्त कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारी ने कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि कई शिक्षिकाओं को वर्ष भर से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है। इसके लिए उन्होंने बार-बार आवेदन भी दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। रविवार को छुट्टी के दिन उन्हें डीईओ कार्यालय बुलाकर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने के संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि खनिज न्यास और अन्य स्रोतों से भुगतान संभव नहीं होने के कारण यह कदम उठाना पड़ा। जिला शिक्षिका अधिकारी ने कहा कि यह नियमित कर्मचारी नहीं हैं और इनके जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के लिए शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी और रुका हुआ वेतन जल्द ही भुगतान किया जाएगा। बेमेतरा जिले में शिक्षकों की संख्या पहले से ही कम है। अब शिक्षकों को हटाए जाने से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है। सवाल उठता है कि बिना शिक्षकों के पढ़ाई कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
सब्जी मंडी में भीषण आग, लाखों की संपत्ति जलकर राख, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम…
PSC की लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त... वेटिंग लिस्ट के पहले दावेदार को नौकरी देने का आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की कार्यशैली में लापरवाही पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने खेल अधिकारी की नियुक्ति के मामले में हुई चूक को गंभीरता से लेते हुए, वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर रहे योग्य अभ्यर्थी के नाम पर नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया है.
यह मामला सीजीपीएससी के अफसरों की घोर लापरवाही से जुड़ा है। उनकी चूक के कारण गरियाबंद के एक योग्य अभ्यर्थी को नौकरी से वंचित होना पड़ा, जबकि अधिकारियों ने एक मृतक अभ्यर्थी के नाम पर लापरवाहीपूर्वक नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
विज्ञापन: 6 मार्च 2019 को स्पोर्ट्स ऑफिसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था.
परिणाम और वेटिंग लिस्ट: इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर 2020 में जारी परिणाम में, गरियाबंद निवासी नीलकंठ कुमार साहू को ओबीसी वर्ग की वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर रखा गया था.
पद रिक्त हुआ: ओबीसी वर्ग से चयनित अमित वर्मा की जॉइनिंग से पहले ही मृत्यु हो गई, जिसके कारण यह पद रिक्त हो गया.
नीलकंठ साहू ने वेटिंग लिस्ट की वैधता अवधि के भीतर ही पीएससी को पद रिक्त होने की जानकारी दी और नियुक्ति का दावा किया, लेकिन आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस लापरवाही के चलते नीलकंठ को नियुक्ति से वंचित कर दिया गया।
नीलकंठ साहू ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नीलकंठ साहू के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने सीजीपीएससी को निर्देश दिया है कि मृत अभ्यर्थी के रिक्त स्थान पर वेटिंग लिस्ट के पहले दावेदार नीलकंठ साहू को 8 सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। कोर्ट के इस आदेश से सीजीपीएससी की लापरवाही उजागर हुई है और योग्य अभ्यर्थी को उसका हक मिल सका है।