छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी
वृद्ध महिलाओं के लिए वरदान बनी महतारी वंदन योजना
रायपुर :छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ग्रामीण क्षेत्रों की वृद्ध और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है। कोरबा जिले के विकासखंड कटघोरा के ग्राम धनरास निवासी 75 वर्षीय सूरज बाई अब पहले की तरह किसी से पैसे मांगने या उधार लेने को मजबूर नहीं हैं। राज्य सरकार से हर महीने 1,000 रुपये की सहायता सीधे उनके खाते में पहुंचा रही है, जिससे वह अपने उपचार, दवाइयों, फल-सब्जी तथा अन्य आवश्यक जरूरतों को आसानी से पूरा कर रही हैं।
सूरज बाई बताती हैं कि उम्र बढ़ने के साथ काम करना कठिन हो गया है, लेकिन महतारी वंदन योजना की राशि ने उनके जीवन को सहज और आत्मनिर्भर बना दिया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे शहर में कार्यरत हैं, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-मोटी जरूरतों के लिए उन्हें पहले दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब सरकार की इस योजना ने उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया है। सूरज बाई जैसी हजारों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने वाली इस योजना के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में प्रदेश की वृद्ध महिलाओं के लिए एक संजीवनी बनकर आई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि समाज की हर जरूरतमंद महिला को आर्थिक संबल प्रदान किया जाए ताकि वे आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। महतारी वंदन योजना इसी दिशा में एक सशक्त कदम है, जो ग्रामीण अंचलों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही है।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में निकली बंपर वैकेंसी, प्राचार्य, शिक्षक समेत 192 पदों पर होगी भर्ती,
जिला शिक्षा अधिकारी एवं उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव पीसी मरकले ने बताया कि इस पद के लिए पात्र एवं योग्यताधारी आवेदक बालोद जिले के वेबसाइट https://balod.gov.in/ में दर्शित ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से 28 जुलाई 2025 को रात्रि 11.59 बजे तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी बालोद जिले की वेबसाइट https://balod.gov.in/ में तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के सूचना पटल पर अवलोकन की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की OTS-2 योजना को मिली ऐतिहासिक सफलता
मरम्मत के बाद भी गिरा सिलिंग का प्लास्टर, मरम्मत की गुणवत्ता पर उठ रहें सवाल
जिस सुलभ की सीलिंग का प्लास्टर गिरा उसकी महीने भर पहले ही मरम्मत कराई गई थी। इस हादसे में केयरटेकर यशवंत चौधरी को हल्की चोट आई है। वहीं केयरटेकर के द्वारा उपयोग में लाने वाली सामग्रियां क्षतिग्रस्त हो गई। इस मामले में नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा का कहना है कि संबंधित इंजीनियर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें यह भी देखा जाएगा कि हाल ही में मरम्मत होने के बाद भी ऐसी स्थिति क्यों आई ।
महापौर अलका बाघमार ने मुख्यमंत्री व नगरीय निकाय मंत्री के प्रति किया आभार व्यक्त
महापौर अलका बाघमार ने शासन से ₹38 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का दुर्ग की जनता और पूरे भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से आभार जताते हुए कहा कि “दुर्ग अब तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।” साथ ही महापौर ने कहा कि यह स्वीकृति दुर्ग शहर के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बारिश से स्कूल का मैदान तालाब में तब्दील : चारों तरफ पानी और कीचड़, हर साल यही समस्या, फिर भी कोई समाधान नहीं
अब सवाल ये है कि क्या इस बार भी बच्चों की तकलीफों पर मिट्टी डाल दी जाएगी, या फिर ज़मीन पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा? इस मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मंडलोई का कहना है कि यह समस्या संज्ञान में आई है। इसके ठोस निराकरण को लेकर उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में पहल किया जाएगा।
भिलाई के सौरभ मिश्रा को सेल कहानी लेखन प्रतियोगिता में कांस्य पुरस्कार
जिला मलेरिया अधिकारी बर्खास्त, इस कारनामे को अंजाम देने पर हुए थे गिरफ्तार
रायपुर। प्रदेश के धमतरी जिले के मलेरिया अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वर्ष 2014 में डॉक्टर एम ए नसीम को धमतरी जिला कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। मामले में प्रकरण चलने पर 2018 में उन्हें एक वर्ष कारावास और 15 हजार रुपए की सजा भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में सुनाई थी। इसके बाद सजा के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ था। अब राज्य सरकार ने उन्हें समीक्षा अब समीक्षा उपरांत सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
डॉक्टर एमए नसीम प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी के पद पर जिला धमतरी में पदस्थ थे। उन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। मामले में चालान अदालत में प्रस्तुत किया गया था। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रायपुर द्वारा 8 मार्च 2018 को धारा 7 पीसी एक्ट 1988 के अपराध में 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माना की सजा से दंडित किया गया था। धारा 13 (1) डी सहपठित धारा 13(2) पीसी एक्ट 1988 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा 15 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
जिसके खिलाफ डॉक्टर एमए नसीम द्वारा विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रायपुर के न्यायालय के फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायालय बिलासपुर से 19 मार्च को पारित दंडादेश को अपील प्रकरण के निराकरण कर निलंबित रखे जाने का आदेश लेकर सजा पे स्टे ले लिया। उच्च न्यायालय ने डॉक्टर नसीम को दोष मुक्त नहीं किया बल्कि उनकी सजा को अपील के निराकरण तक स्थगित रखा।
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार यदि किसी शासकीय सेवक जिसे न्यायालय द्वारा अपराध प्रकरण में दोषी पाए जाने के कारण दंडित किया गया हो एवं उसे उस शासकीय सेवक के नैतिक पतन होने का आभास होता हो तो उन शासकीय सेवक को सेवा से पदच्युत करने की शास्ति अधिरोपित किए जाने के निर्देश है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रकरण में डॉक्टर नसीम के विरुद्ध दंडादेश पारित करने के पूर्व छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सहमति हेतु प्रार्थना को प्रेषित किया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने प्रशासकीय निर्णय पर अपनी सहमति जताई। अंतिम दंडादेश पारित करने के पूर्व समन्वय में मुख्यमंत्री का आदेश प्राप्त किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 8 फरवरी 1999 की कंडिका क्रमांक 2 (क) (5) में अंकित है कि यदि संबंधित शासकीय सेवक ने अपनी दोषसिद्धि के विरुद्ध अपीलीपीय न्यायालय में अपील की है और अपीलीय न्यायालय में दोषसिद्धि को स्थगन न देकर मात्र सजा को स्थगित किया गया है तो भी बर्खास्तगी की शास्ति अधिरोपित की जा सकती है। इस नियम के तहत डॉक्टर एमए नसीम चिकित्सा अधिकारी जिला धमतरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
गजपल्ला वॉटर फॉल में डूबने से युवती के मौत, पुलिस और NDRF टीम मौके पर पहुंची
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित गजपल्ला में 4 घंटे रेस्क्यू के बाद भी डूबी युवती का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस और एनडीआरएफ की टिम मौके से बैरंग लौट गई है। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू नहीं चलाया जा सका है।
रायपुर की रहने वाली लापता युवती का नाम महविश खान है। साथ में आए 6 अन्य दोस्तो का रो-रोकर बुरा हाल है। ढूंढने में लगे ग्रामीण ने बताया कि वाटर फॉल में 20 फिट से ज्यादा गहराई है। अंदर चट्टानों का खोल है, वही फंसे होने का अनुमान है।
"स्कूटी दीदी" बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक... मुख्यमंत्री श्री ने सराहा एनु का जज़्बा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है।
एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा।
वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं।
एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें।
एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की।
मोती कॉम्प्लेक्स के सामने बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग, 247 कारों की होगी क्षमता
बेसमेंट में 50 कारों के लिए पार्किंग स्थान होगा, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर 31 कारों की जगह और दुकानें होंगी। ऊपर की पहली, दूसरी और तीसरी मंजिलों पर कुल 160 कारें पार्क की जा सकेंगी। निर्माण का कुल क्षेत्रफल भी व्यापक है—बेसमेंट 2470 वर्ग मीटर, ग्राउंड फ्लोर 1980 वर्ग मीटर और प्रत्येक ऊपरी मंजिल 2470 वर्ग मीटर में फैली होगी।
भोरमदेव पदयात्रा, डिप्टी सीएम विजय शर्मा हुए शामिल, चारों ओर गूंजा हर-हर महादेव
रायपुर। सावन में कबीरधाम जिले में एक बार फिर आस्था और परंपरा का अद्वितीय संगम देखने को मिल रहा है। हजारों श्रद्धालु और कंवड़िए भोरमदेव महादेव के पवित्र धाम की ओर 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकाले। यह पदयात्रा कवर्धा शहर के प्रसिद्ध बूढ़ा महादेव मंदिर से सुबह 7 बजे प्रारंभ हुई जो ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टिकोण से समृद्ध भोरमदेव मंदिर परिसर पर समाप्त हुई।
इस पदयात्रा में स्थानीय कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा, नेता व अधिकारी भी शामिल हुए है। विजय शर्मा ने बूढ़ा महादेव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना किया। पदयात्रा कर भगवान भोरमदेव बाबा के मंदिर पहुंचे शिवभक्तों ने मां नर्मदा के पावन जल से शिवजी अभिषेक किया। इस अभिनव पहल अंतर्गत कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में लगभग 600 पैकेट मां नर्मदा का जल तैयार किया गया है, जिसे भक्त अपने साथ लेकर निकले।
भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पदयात्रा मार्ग में जिला प्रशासन द्वारा 9 प्रमुख स्थानों पर शीतल पेयजल, नाश्ता एवं विश्राम व्यवस्था की गई है। इन स्थानों में सकरी नदी विद्युत केन्द्र, समनापुर, बरपेलाटोला, रेंगाखारखुर्द, कोडार, राजानवागांव, बाघुटोला, छपरी (गौशाला) और भोरमदेव मंदिर परिसर शामिल हैं। पदयात्रा में चलित एम्बुलेंस, स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की व्यवस्था के साथ-साथ डीजे साउंड बॉक्स भी उपलब्ध कराया गया जिससे पूरे मार्ग में “हर हर महादेव” और “बोलबम” की गूंज बनी रही।
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें सहज दर्शन की सुविधा प्रदान देने के लिए मंदिर के गर्भगृह से एलईडी के माध्यम से लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग प्रवेश द्वार निर्धारित किए गए हैं ताकि दर्शन की प्रक्रिया सुव्यवस्थित हो सके। इसी प्रकार सावन माह के प्रत्येक सोमवार को ज्वाइन हैंड्स ग्रुप द्वारा भोरमदेव मंदिर परिसर में निःशुल्क भंडारा व प्रसादी वितरण किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए भरपेट भोजन तथा व्रतधारियों के लिए फलाहार की समुचित व्यवस्था की गई है।
गंगानगर मे बह रही गंदगी, सड़कों में फैला कीचड़, पार्षद पर वार्ड वासियो ने उतारा गुस्सा….
मिशन मोड में सरकार का अभियान... ‘शून्य मलेरिया’ की ओर बढ़ते निर्णायक कदम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जनस्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ ने मलेरिया के स्थायी उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक अभियान फिर से प्रारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में, विभाग ने मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक अनुकरणीय रणनीतिक पहल करते हुए जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के 12वें चरण ने न केवल अपने दायरे का विस्तार किया है, बल्कि अपने प्रभाव से यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार दृढ़ संकल्प और नीति आधारित कार्रवाई के साथ काम करती है, तो नतीजे ज़मीन पर दिखते हैं।
25 जून से जारी इस चरण के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों में गहन जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अब तक 19,402 घरों का दौरा किया गया है और 98,594 लोगों की रक्त जांच की गई है। इनमें से 1,265 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सबसे अहम बात यह रही कि सभी संक्रमित व्यक्तियों को मौके पर ही दवा की पहली खुराक उपलब्ध कराई गई, वह भी पूरी सावधानी के साथ—पहले मरीजों को स्थानीय खाद्य पदार्थ खिलाया गया, ताकि दवा का प्रभाव सुरक्षित और प्रभावशाली रहे। प्रत्येक मरीज को उपचार कार्ड दिया गया है, ताकि फॉलोअप के जरिए पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
इस अभियान का सकारात्मक असर सबसे अधिक बस्तर संभाग में देखा जा रहा है। 2015 की तुलना में यहां मलेरिया मामलों में 71 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, सतत और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 27.40 से घटकर 7.11 तक आ गया है, जो दर्शाता है कि मलेरिया पर राज्य ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से जंग अब केवल इलाज की नहीं, यह रणनीति और जनसहभागिता की लड़ाई बन गई है। उनका मानना है कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया है—2027 तक ‘शून्य मलेरिया’ और 2030 तक ‘पूर्ण मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़’—उसे केवल दस्तावेज़ी नहीं, बल्कि यथार्थ के रूप में साकार किया जा रहा है।
Breaking News : बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट, चपेट में आए ग्रामीण, चार घायल
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर से जवानों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची। नक्सलियों ने यहां आईईडी ब्लास्ट किया जिसकी चपेट में आने से चार ग्रामीण घायल हो गए हैं। घायल जवानों को इलाज के लिए बीजापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के मद्देड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनगोल व बंदेपारा के जंगलों में नक्सलियों आईईडी बिछा रखा था। नक्सलियों की योजना थी कि जवानों को निशाना बनाया जाए। हालांकि आईईडी की चपेट में वहां के ग्रामीण आ गए। ब्लास्ट में चार ग्रामीण घायल हो गए है। सभी घायलों को बीजापुर लाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। इधर घटना के बाद सुरक्षाबल भी अलर्ट हो गए हैं।
अजब-गजब! मृत व्यक्ति के नाम से संचालित हो रहा क्रिटिकल केयर सेंटर, सरकारी अस्पताल के दो डॉक्टरों दे रहे हैं सेवा…
इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक का कहना है कि नियम के मुताबिक मृत व्यक्ति के नाम से अस्पताल का संचालन नहीं किया जा सकता. अस्पताल संचालन के लिए लाइसेंस जया कुमार रविचंद्र के नाम से ही दिया गया है, उनकी मौत के बाद फिर से नए दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है, लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज या आवेदन स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला है. उन्होंने इस मामले की पूरी जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है.