रायपुर
रायपुर एम्स के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर, OPD सेवाएं ठप.. मरीज हो रहे परेशान
रायपुर। रायपुर एम्स की स्वास्थ्य सेवाएं मंगलवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हड़ताल के चलते प्रभावित रही। एम्स के आउटसोर्सिंग के सैकड़ों कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं।
अकारण नौकरी से हटाए जाने को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में काम करने वाले आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
प्रबंधन को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में उनका आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से पिछले दस साल से सेवा दे रहे हैं। समस्या का किसी तरह का हल नहीं किया गया। सभी कर्मियों ने अपने अपने काम और कक्ष छोड़ दिया है । इससे ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं ठप हो गई हैं।
अनिरूद्धाचार्य महाराज से विधायक मिश्रा ने लिया आशीर्वाद, श्रीमद्भागवत का किया रसपान
नवीन कानूनों के प्रावधानों के प्रस्तुतिकरण पर बोले सीएम साय... यह दूरदर्शी सोच का परिणाम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत के तीन नवीन कानूनों को लेकर कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दूरदर्शी सोच की वजह से ही ये संभव हो पाया है। साय ने कहा है कि आजादी के इतने वर्ष बाद भी हम अंग्रेजों के बनाए कानून का ही पालन कर रहे हैं जिसे बदलने का समय आ गया है। साय ने कहा है कि समय के साथ परिवर्तन अनिवार्य है और देश, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बेहतर परिवर्तन की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर के पुराना पुलिस मुख्यालय में नवीन कानूनों के प्रावधानों के प्रस्तुतिकरण में शामिल हुए और कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस को आने वाले समय में संसाधनों की कमी नहीं होगी और प्राथमिकता के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस को और सशक्त करेंगे।
नवीन कानूनों के प्रावधानों के प्रस्तुतिकरण के मौके पर राज्य के गृहमत्री विजय शर्मा ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था देश का एक अहम विषय है। उन्होंने नवीन कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री के प्रयासों से ये संभव हो पाया है कि हमें अंग्रेजों के कानून से मुक्ति मिलने जा रही है।
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के समक्ष नवीन कानूनों के प्रावधानों की प्रस्तुति देते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023, नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। जुनेजा ने बताया कि नवीन कानून दंड देने की बजाए पीड़ित को न्याय देने की भावना के साथ तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुराने कानून दंड पर आधारित हैं जबकि नए कानून महिला सुरक्षा एवं न्याय पर आधारित हैं।
'एक चिट्ठी सियाराम के नाम' रथ को झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री ने किया रवाना
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य अतिथि गृह पहुना से राम रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय एवं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने चिट्ठी में मनोकामना के रूप में 'जय श्री राम' लिखकर रथ के जरिये अयोध्या श्री रामलला के पास भेजा और प्रदेशवासियों के खुशहाल एवं सुखमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ रायपुर कान्वेंट स्कूल की छात्राओं ने भी अपने संदेश ड्राप बॉक्स में डाले। कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ी फिल्मों के डायरेक्टर श्री मनोज राजपूत, डॉ. ओम माखीजा और प्रेम देवांगन भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि 94.3 माय एफएम रेडियो चैनल के द्वारा 'एक चिट्ठी सियाराम के नाम' अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत राम रथ राज्य भर में भ्रमण कर प्रदेशवासियों से उनकी मनोकामना हेतु लिखित संदेश चिट्ठी के रूप में एकत्रित करेगा। राम रथ प्रदेश भर से एकत्रित संदेश मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान श्री राम के पास अयोध्या पहुँचेगा और श्रद्धालुओं के लिए आशीर्वाद के रूप में अयोध्या से मिट्टी और प्रसाद लेकर वापस लौटेगा।
बिन परिचय पत्र निकले अयोध्या जाने... 16 किमी का सफर तय किया पैदल
कैलाश राव राउत, समाजसेवी
मेरे पिताजी स्व. गणेश राव राउत संघ परिवार और हिंदू धर्म आयोजनों से जुड़े थे, इसलिए बचपन से हिंदूत्व की भावना मेरे अंदर थी। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आह्वान पर 6 दिसंबर 1992 को कार सेवा के लिए स्व.नरेश मिश्रा, पं. मदन मोहन चौबे के नेतृत्व में मैंने अपने युवा साथियों अशोक राव, दिपक बारकघे, मन्टू तलरेजा, अमित मिश्रा, गोविंद सोनी, महेश साहू के साथ अयोध्या जाने की योजना बनाई। इस समय अयोध्या जाने वाले कार सेवकों को संघ कार्यालय से एक परिचय पत्र जारी किया जाता था। हम सभी साथी जब संघ कार्यालय पहुंचे तो हमें यह कहकर परिचय पत्र नहीं दिया गया कि अयोध्या में अब काफी भीड़ हो चुकी है। इसलिए अब यहां से कोई कार सेवक नहीं जाएगा। लेकिन हमने अयोध्या जाने का मन बना लिया था, इसलिए हम परिचय पत्र के बिना ही 4 दिसंबर को सारनाथ एक्सप्रेस में चढ़ गए।
जैसे ही हमारे ट्रेन बिलासपुर पहुंची तो वहां हमें बिना परिचय पत्र के देख स्थानीय संघ के कार्यकर्ताओं ने परिचय पत्र प्रदान किया। दूसरे दिन 5 दिसंबर को रात 8 बजे के आसपास हम लोग फैजाबाद पहुंचे। वहां एक धर्मशाला में हमें भंडारा का प्रसाद मिला। रात को भोजन के बाद हम लोग सो गए। रात में पं. मदन मोहन चौबे जी फैजाबाद में टहलने के लिए निकले तो उन्हें सूचना मिली कि उनके साथ आए कारसेवकों को वहीं फैजाबाद में ही रोकना है। इसकी सूचना उन्होंने हम सब लोगों को दी। लेकिन हम तो अयोध्या जाने का मन बना चुके थे। हम सभी युवा साथी रात को ढाई बजे उठे और धर्मशाला से बाहर आए। हम लोगों ने फैजाबाद से अयोध्या तक 16 किमी की यात्रा पैदल निकल पड़े।
दूसरे दिन सुबह 8 बजे हम कारसेवक पुरम पहुंचे। सुबह 10 बजे सरयू नदी में स्नान कर हम लोग 11 बजे मंदिर परिसर पहुंचे। मंच पर वरिष्ठ नेताओं का भाषण सुना। इसी दौरान कुछ लोगों ने गुंबद में चढ़कर केसरिया ध्वज फहरा दिया। चारों ओर से सुरक्षाबलों के ऊपर पथराव शुरू हो गया। इसी बीच एक चमत्कार हुआ। गुंबद में फहराया गया ध्वज नीचे गिर रहा था, तभी एक वानर ने उस ध्वज को थाम लिया और गुंबद के ऊपर जाकर बैठ गया।
लोगों की भगदड़ के बीच उमा भारती और साध्वी ऋतंभरा गुंबद के अंदर जो मराठी माषी कारसेवक थे, उनसे गुंबद को नुकसान नहीं पहुंचाने की बात कह रही थी। कारसेवकों ने उन्हें मराठी में ही कहा कि आप हमें अपना काम करने दें। दोपहर 1 बजे से पहले पहला ढांचा ध्वस्त होने के बाद शाम 5 बजे तक तीनों ढांचा ध्वस्त हो गया। वहां मौजूद लोगों ने ‘राम नाम सत्य है, .... ढांचा ध्वस्त है’ के नारे लगाए। इसके बाद हमने अस्थाई मंदिर निर्माण के लिए कारसेवा की। मेरे साथी अशोक राव ने इस कलंक के ध्वस्त होने के बाद अपना मुंडन करवा लिया। सात दिसंबर को हम सभी गर्व के साथ फैजाबाद से वाराणसी होते हुए 9 दिसंबर को रायपुर पहुंचे।
कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र में अब झूलाघर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चुने हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों में कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए आंगनबाड़ी कम क्रेच (झूलाघर) की स्थापना की जाएगी। राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1500 झूलाघर की स्थापना करने का लक्ष्य दिया गया है। महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने महिला बाल विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि झूलाघर की स्थापना के लिए गांवों में सर्वे कर बच्चों का चिन्हाकन कर लिया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बनाए जाने वाले झूलाघरो में काम-काजी महिलाओं के 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों की देखभाल की जाएगी।
महिला बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने आज इन्द्रावती भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि सभी मैदानी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण करें और इन केन्द्रों के माध्यम से दी जा रही सुविधाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गंभीर कुपोषण वाले बच्चों का चिन्हांकन करके उनके पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान दें। पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से ही इसकी निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री बाल सन्दर्भ योजना का लाभ अधिक से अधिक बच्चों लाभ दिलाया जाए। योजना के तहत गंभीर बीमारी दिल की बिमारी, मानसिक रूप से दिव्यांग, कटें-फटे होंठ वाले आदि अन्य बिमारियों से प्रभावित बच्चों का चिरायु टीम के माध्यम से उच्च स्तरीय ईलाज की व्यस्था कराए।
समीक्षा बैठक में आबिदी ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों का डोर-टू-डोर सर्वे कर आंगनबाड़ी की सेवाओं से लाभान्वित किया जाए। सभी आंगनबाड़ी केंद्र में साफ-सफाई की जाए जहां रंग-रोगन की जरूरत है वहां रंग-रोगन का कार्य कराया जाए। पोषण वाटिका तैयार किए जाए। जहां पोषण वाटिका तैयार हैं वहां बच्चों को पौष्टिक सब्जियां दी जाए। इसी प्रकार जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युती की सुविधा उपलब्ध नही है, उन केन्द्रों में विद्युतीकरण का कार्य कराया जाए। बैठक में महिला बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती तुलिका प्रजापति और महिला बाल विकास विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल संदर्भय योजना, चाईल्ड हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री बाल उदय योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, मिशन शक्ति, महिला जागृति शिविर आदि अन्य योजनाओं समीक्षा की गई।
रविवि के छात्रों ने की मां बंजारी माता मंदिर प्रांगण की सफाई
रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के विद्यार्थियों ने 18 जनवरी को विवि परिसर में स्थित मां बंजारी माता मंदिर प्रांगण की साफ-सफाई की। मंदिर परिसर की सफाई के लिए श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
छात्रों के साथ - साथ विभिन्न विभागों के प्रमुख, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय एवं कुलसचिव डॉक्टर शैलेंद्र कुमार पटेल पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने भी अपनी उपस्थिति दी।
सेना के शौर्य से युवाओं को मिलती है देश की रक्षा के लिए प्रेरणा: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर। देश की सुरक्षा में लगे जवानों का शौर्य युवा शक्ति को सेना में जाने के लिए प्रेरित करती है। किसी भी देश की रक्षा का दारोमदार युवा शक्ति के हाथों में होती है, इसे देखते हुए हमने छत्तीसगढ़ के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में अग्निवीर के रूप में सेना में सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया है। मुझे विश्वास है कि युवाओं के लिए यह कार्यशाला उपयोगी होगी। सेना में उनकी सहभागिता बढ़ेगी। साथ ही राज्य के युवा अग्निवीर योजना से जुडेंगे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आज यहां स्थानीय शहीद स्मारक भवन में अग्निवीर की भर्ती के संबंध में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के कथन को याद करते हुए कहा कि सरकारें आती हैं, जाती हैं, सरकारें आती, जाती रहेंगी, किंतु लोकतंत्र सदैव अमर रहता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए शांति और सुरक्षा आवश्यक है। हमारी सेनाएं यह कार्य बखूबी से कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएं किसी अन्य देश की सीमाओं से ज्यादा विविधता और चुनौती भरा है। सेना में जाकर युवा ही इस चुनौती को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी देश की सीमाओं की रक्षा करने का भाव है आप सभी देश के लिए सर्वोच्च बलिदान करने तैयार है। इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेनाओं को हमें भरपूर सम्मान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी वे ट्रेन में सफर करते हैं और उनके सामने कोई जवान आता है, तो सबसे पहले मैं अपने स्थान से खड़े होकर उस जवान के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करता हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि इसी प्रकार का सम्मान का भाव सेना के जवानों के प्रति व्यक्त करें। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों से छत्तीसगढ़ राज्य से अधिक से अधिक युवाओं का चयन अग्नि वीर भर्ती के लिए हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि अग्निवीर भर्ती परीक्षा हेतु सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीयन, आवेदन, वेबसाइट की जानकारी, लिखित परीक्षा, भर्ती रैली एवं चिकित्सा परीक्षण सहित अन्य आवश्यक निर्देशों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से युवाओं तक पहुंचाई जाए। जिस राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके। उन्होंने अग्निवीर योजना में ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया सम्पन्न कराने के लिए चॉइस सेंटर के संचालकों को भी ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए।
सांप्रदायिकता की मिसाल... अयोध्या से रायपुर लाई गई पवित्र ज्योति कलश... दर्शन हेतु रखा गया राम मंदिर में
रायपुर। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्याधाम से पावन ज्योति छत्तीसगढ़ पहुंची। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राज्य अतिथि गृह पहुना में श्रीराम जन्मभूमि आयोध्याधाम से पावन ज्योति लेकर राजधानी रायपुर पहुंचे रामभक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पवित्र ज्योति कलश सौंपा। ज्योति कलश लेकर आए दल ने सांप्रदायिकता की मिशाल पेश की है। इस दल में हिंदूओं के साथ मुस्लिम सम्प्रदाय ने भी सहभागिता निभाई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर के श्रीराम मंदिर में ज्योति कलश को रखा जाएगा, जहां से प्रदेश भर में पावन ज्योति भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर देशवासियों से घर-घर ज्योति जलाने अपील की। श्री अयोध्याधाम से पावन ज्योति लेकर छत्तीसगढ़ पहुंचे रामभक्तों ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि रामभक्तों का सात सदस्यीय दल रामजन्मभूमि से ज्योति कलश लाने गया था।
बतादें कि दल में मुस्लिम सम्प्रदाय से भिलाई निवासी रज्जन अकील खान और शाहनवाज ने अपनी सहभागिता दी है। दल में प्रग्नेश महेंद्र भाई पटेल, राजू साहू, अरविंद पटेल, आकाश पाल आदि शामिल रहे। मुख्यमंत्री को रामभक्तों द्वारा श्री अयोध्याधाम का प्रसाद भी भेंट किया। इस अवसर रोहित कौशिक, प्रकाश शर्मा, पंडित विकास शास्त्री, टीका राम साहू, राजेश तिवारी, महेश सहित अनेक रामभक्त उपस्थित रहे।
'श्रीरामोत्सव- सबके राम': 7 फरवरी को श्री रामलला दर्शन योजना का पहला जत्था दुर्ग से होगा रवाना
रायपुर। आदिवासी समुदाय भगवान श्रीराम के सबसे ज्यादा करीबी है। प्रभु के वनवास के दौरान की सुंदर स्मृतियां इनके साथ हैं। लंका विजय तक श्रीराम के पग-पग में आदिवासी उनके साथ रहे। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नईदुनिया समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम श्री रामोत्सव-सबके राम कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने बताया कि अयोध्या धाम में श्री रामलला दर्शन योजना अंतर्गत पहला जत्था 7 फरवरी को दुर्ग से रवाना किया जाएगा। अपने संबोधन में श्री साय ने बताया कि हमारा प्रदेश भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहां से श्रीराम की बहुत सी सुंदर स्मृतियां जुड़ी हैं। हमारी धरती के रग रग में श्री राम हैं।
साय ने कहा कि पुरखों ने बरसों से जो भव्य राम मंदिर का सपना देखा था। वो पूरा हो रहा है। देश ही नहीं दुनिया भर में राम भक्तों में इस उत्सव को लेकर भारी उत्साह है। आज नईदुनिया समूह यह सुंदर कार्यक्रम कर रहा है अभी मैंने यहां वक्ताओं को सुना भी। कैबिनेट की बैठक नहीं होती तो संतों को देर तक सुनने का अवसर मिल पाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य आदर्श राज्य है। छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का पूरा प्रयास करेंगे। संतों के आशीर्वाद से इस दिशा में हम संकल्पबद्ध होकर कार्य करेंगे। आम जनता की बेहतरी के लिए मोदी जी ने जो गारंटी दी है। उसे पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग श्रीराम के ननिहाल से हैं। छत्तीसगढ़ में अपार उत्साह लोग श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर अनुभव कर रहे हैं। हमने अपने भगवान के भोग के लिए सुगंधित चावल भेजा है। साथ ही बड़ी संख्या में डाक्टरों की टीम भी श्रद्धालुओं की सेवा करने पहुंची है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीराम से जुड़े ग्रंथों को लेकर महत्वपूर्ण योगदान देने एवं अन्य प्रमुख कार्यों के लिए श्री श्याम बैस, डा. रमेंद्र नाथ मिश्र, डा. अमरनाथ त्यागी, डा. अनुराधा दुबे और मोहम्मद फैज को सम्मानित किया। इस दौरान आचार्य मैथिलीशरण जी, साहित्यकार श्री गिरीश पंकज एवं अन्य प्रबुद्धजनों ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान नई दुनिया समूह से नई दुनिया मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के संपादक सदगुरु शरण अवस्थी, स्थानीय संपादक सतीश चंद्र श्रीवास्तव एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
रामोत्सवः राजधानी में आज बहेगी रामभक्ति की गंगा, सीएम विष्णु देव साय होंगे शामिल
रायपुर। श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पूर्व घर-घर में श्रीराम भक्ति की अलख जागी है। नईदुनिया के नेतृत्व में 17 जनवरी को सिविल लाइन स्थित वृंदावन हाल में ‘श्रीरामोत्सव-सबके राम’ का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजन में अध्यात्मिक वक्तागण, साहित्यकार अपने उद्बोधन में श्रीराम के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने का संदेश देंगे। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले आयोजन के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विशिष्ट अतिथि धर्मस्व, संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल होंगे।
प्रथम उद्घाटन सत्र: श्रीरामोत्सव-सबके राम आयोजन का उद्घाटन दोपहर 2 बजे होगा। विद्वतजनों एवं अतिथियों के सान्निध्य में दीप प्रज्वलन और स्वस्ति वाचन किया जाएगा। इसके पश्चात नईदुनिया के संपादकीय प्रभारी सतीशचंद्र श्रीवास्तव स्वागत उद्बोधन देंगे। राज्य संपादक सद्गुरु शरण अवस्थी ‘ श्रीरामोत्सव की परिकल्पना और उद्देश्य पर प्रकाश डालेंगे।प्रसिद्ध नृत्यांगना डा.अनुराधा दुबे भगवान श्रीराम के भजन पर आधारित नृत्य की प्रस्तुति देंगी।
द्वितीय सत्र: दोपहर 2.30 बजे श्रीरामकिंकर विचार मिशन के स्वामी मैथिलीशरण महाराज ‘जीवन प्रबंधन में श्रीराम’ पर व्याख्यान देंगे।
तृतीय सत्र: तृतीय सत्र में 3.30 बजे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं धर्मस्व एवं शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सान्निध्य में श्रीराम दरबार में दीप प्रज्वलन किया जाएगा। इसके पश्चात अतिथिगण वक्तव्य देंगे।
चतुर्थ सत्र: इस सत्र में शाम 4 बजे से ‘जन-जन के राम’ पर वक्तागण अपने विचार रखेंगे। परिचर्चा में प्रख्यात साहित्यकार गिरीश पंकज, श्रीराम वनगमन शोध संस्थान के अध्यक्ष श्याम बैस, गोभक्त मोहम्मद फैज, छत्तीसगढ़ी रामायण के रचनाकार डा.अमरनाथ त्यागी, इतिहासकार सेवानिवृत्त प्रोफेसर डा.रमेंद्रनाथ मिश्र विचार व्यक्त करेंगे। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार नर्मदा प्रसाद मिश्र ‘नरम’ करेंगे।
पंचम सत्र: पंचम सत्र में शाम 5 बजे लोक कलाकार जोशी बहनें एवं कमलादेवी संगीत महाविद्यालय के कलाकार श्रीराम जन्मोत्सव पर सोहर और भजन की प्रस्तुति देंगे।
समापन सत्र: शाम 5.30 बजे वीआइपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी पं.हनुमंत लाल के सान्निध्य में मंत्रोच्चार एवं महाआरती की जाएगी। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
'सहयोग' की मकर संक्रांति में रामायण के प्रसंग पर चर्चा
रायपुर के इन इलाकों में दो दिनों तक नहीं आएगा पानी...इसीलिए अभी से कर लें तैयारी...
रायपुर। राजधानी रायपुर में 17 और 18 जनवरी को पानी सप्लाई नहीं होगा। एक लाख से अधिक घरों में पानी नहीं आएगा। दरअसल राइजिंग मेन लाइन (पाइप लाइन) में खराबी आई है। तेलीबांधा चौक टनल क्रॉसिंग के अंदर की पाइप लाइन में लीकेज आ गया है। इसके चलते दो दिन तक घरों में पानी सप्लाई प्रभावित रहेगी। पाइप लाइन की मरम्मत का काम 17 जनवरी को दिन भर चलेगा। इसकी वजह से 17 जनवरी की शाम और 18 जनवरी की सुबह पानी सप्लाई नहीं होगी। 17 की सुबह तक पानी की पूरी सप्लाई नगर निगम करेगा। अधिकारियों ने मरम्मत में करीब 12 घंटे का वक्त लगने की बात कही है।
निगम अफसरों के मुताबिक, मोवा-सड्डू की ओर जाने वाली 700 एमएम व्यास की राइजिंग मेन पाइप लाइन में लीकेज आ गया है। निगम के जल विभाग की टीम इस लीकेज की मरम्मत करेगी। इसकी वजह से अमलीडीह, अवंति विहार, मण्डी, मोवा, सड्डू, दलदल सिवनी, कचना, आमासिवनी और जोरा की पानी टंकी में पानी नहीं आएगा। ये पानी टंकियां 1 लाख से अधिक घरों में पानी पहुंचाती है।
सुगंधित आर्गेनिक चावल को सीता रसाई के लिए विधायक मिश्रा ने किया रवाना
रायपुर। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम की मंदिर प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को तय है। देशभर से लोगों को इस प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने और साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। तो दूसरी तरफ दानदाता अपनी क्षमता के मुताबिक सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं प्रयासों में रायपुर गायत्री नगर के युवा कृषक मृगांक दुबे हैं, जो आर्गेनिक खेती में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। उन्होंने इस यज्ञ के लिए 1500 किलो सुगंधित आर्गेनिक चावल दान किया है, जिसे सीता रसाई से के लिए रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने भगवा ध्वज दिखाकर रवाना किया।
विधायक मिश्रा ने इस सेवा कार्य के लिए युवा कृषक मृगांक दुबे की सराहना करते हुए भगवान राम से उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। विधायक मिश्रा को युवा कृषक मृगांक ने बताया कि इस 1500 किलो चावल में तीन किस्म शामिल है। तीनों ही सुगंधित आर्गेनिक किस्म की हैं, जिनका बाजार भाव प्रति किलो 200 रुपए है। इस तरह से अयोध्या की सीता रसोई के लिए जिस खेप को विधायक मिश्रा ने रवाना किया है, उसकी कुल कीमत 3 लाख रुपए है, वहीं परिवहन पर करीब 50 हजार का अतिरिक्त खर्च आएगा, जिसका वहन भी युवा कृषक स्वयं कर रहे हैं।
सीता रसोई के लिए सुगंधित आर्गेनिक चावल को रवाना करने विधायक मिश्रा के अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता लोकेश कावड़िया, पार्षद रोहित साहू, शंकर नगर मंडल अध्यक्ष अनुप खेलकर, तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष सुनील कुकरेजा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
राज्यपाल ने जगन्नाथ मंदिर में लगाई झाडू, साथ रहे मंत्री बृजमोहन और विधायक पुरन्दर
छत्तीसगढ़ में तीन दिन बंद रहेगी शराब दुकानें... राज्य सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले 15 दिनों में तीन दिन तक शराब दुकानें बंद रहेगी। राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिलों स्तर पर निर्देश जारी होना शुरू हो गया है। 22, 26 एवं 30 जनवरी 2024 को जिले के सभी मदिरा दुकानों के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। 22 जनवरी दिन सोमवार को अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आयोजित होना है, वहीं 26 जनवरी गणतंत्र दिवस एवं 30 जनवरी महात्मा गांधी निर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाना है।
इस अवसर पर जिले में स्थित सभी प्रकार की मदिरा दुकानें एवं लायसेंस अर्थात् सीएस.-2, सीएस.-2, एफएल-1, एफएल-1 (कम्पोजिट) एफएल 3 (होटल बार), एफएल-3 (क), एफएल-3 (ग), एफएल 4 (असैनिक विनोद गृह), एफएल-4 क (व्यवसायिक क्लब), एफ.एल. 7/8 (सैनिक कैंटीन), एफएल-9/9ए, सी.एस.1-ख थोक भांग एवं भांग घोटा की फुटकर दुकानों तथा भण्डारण भाण्डागार भिलाई को पूर्णतः बंद रहेंगे। आदेश का कड़ाई से पालन कराने कहा गया है।
छत्तीसगढ़ में जमीन रजिस्ट्री के फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक... जमीन रजिस्ट्री का नया सिस्टम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन की रजिस्ट्री का अब नया सिस्टम लागू होने जा रहा है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि आधार और पैन लिंक होने होने से जमीन की बार-बार होने वाली रजिस्ट्री संबंधी फर्जीवाड़ा पर लगाम लग जाएगी। अब तक आईटी सॉल्युशन कंपनी की ओर से डेवलप सॉफ्टवेयर के जरिए जमीनों का पंजीयन होता था। यह ज्यादा पेचीदा और समय लेने वाला था, लेकिन सरकार ने उसकी जगह केंद्र सरकार की ओर से डेवलप NGDRS (National Generic Document Registration System) लागू कर दिया है। इससे सिस्टम से फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा।
NGDRS सॉफ्टवेयर को डेवलप केंद्र सरकार ने किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ की जरूरतों के अनुसार उसे मॉडिफाइड एनआईसी ने किया है। यह पूरी तरह से कस्टमर फ्रेंडली सॉफ्टवेयर है। रजिस्ट्री कराने से पहले सारी जानकारी घर से भर सकते हैं। इसके लिए पहले लॉगईन आईडी पासवर्ड बनाना होता है फिर सिटीजन सेक्शन के जरिए जमीन की डिडेल्स को फुलफिल करना होता है। एरिया लोकेशन के हिसाब से उस पर लगने वाले सभी तरह के टैक्स की गणना कर सॉफ्टवेयर खुद बता देता है। ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्री ऑफिस में क्यूआर कोड लगाया गया है।
स्कैन करने पर खुद से फॉर्म भरने की सारी प्रक्रिया वीडियो के जरिए बता दी जाती है। रजिस्ट्रेशन के दौरान बी वन खसरा का नंबर डालते ही पता चल जाएगा कि जमीन का असली मालिक कौन है। किसी विवाद के चलते इसे ब्लॉक तो नहीं किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के साथ आधार कार्ड को लिंक किया गया है। रजिस्ट्री के दौरान थंप इम्प्रेशन देने पर बेचने वालों का आधार डिटेल्स स्क्रीन के सामने होगा। अगर कोई फर्जी आदमी खड़ा होगा तो उसे वहीं पकड़ लिया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर में जमीन का लेटेस्ट खसरा नंबर ही काम करेगा। पुराना डालने पर सॉफ्टवेयर आगे ही नहीं बढ़ेगा। यानी, फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने वालों पर नकेल लगाने की पूरी व्यवस्था इस साफ्टवेयर में है।
महानिरीक्षक पंजीयन धर्मेश साहू ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर को पैन से लिंक भी किया जा रहा है। रजिस्ट्री शुल्क अदा करने के लिए यूपीआई, क्यूआर कोड और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा दी गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर धमतरी और महासमुंद में इसका सफल प्रयोग किया जा चुका है। इसके बाद, आज से ही इसे प्रदेश में फेजवाइज रोलआउट किया गया है। इसके तहत, रायपुर रजिस्ट्री ऑफिस के एसआर 4 में इसकी शुरुआत की गई है। NGDRS से जमीन रजिस्ट्री की खामियों को दूर करने की कोशिश की गई है। वैसे भी देश के 19 राज्यों में इसे चलाया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और एक ही जमीन को बार-बार बेचने के रैकेट पर लगाम लग सकेगा।