दिव्य महाराष्ट्र मंडल

सवालों के गलत जवाब देने की रोचक स्‍पर्धा संग मनाया गया होली मिलन

0- परितोष डोनगांवकर नहीं बता सके अपनी ही पत्‍नी का नाम, होली के गीतों को सुमधुर स्‍वर दिया, थिरके भी
रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल के सियान गुडी- दिव्यांग बालिका विकास गृह में शनिवार को रोचक स्‍पर्धाओं, संगीतमय प्रस्‍तुतियों और जबर्दस्‍त डांस नंबर के साथ होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता से आयोजित होली मिलन समारोह में रेपिड फायर गेम और एक शब्द को लेकर गाना गाकर सदस्यों ने एंजाय किया। होली के हिंदी और मराठी गीतों की सुमधुर प्रस्‍तुतियों और डांस से भी खास बना दिया। 
 
 
अपने अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए युवा पीढ़ी स्वतंत्र होकर कार्यक्रम संचालित करने की बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि मंडल की युवा पीढ़ी और नई समितियां समाजसेवा के कार्यों में आगे आ रही है। इनकी सहभागिता इस ओर इंगित करती है कि हम अपनी भावी पीढ़ी को उस संस्कारों को देने में कहीं न कहीं सफल हो रहे है, जिन संस्कारों को हमें हमारे बुजुर्गों ने दिया। 
 
 
 
मंडल सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि युवा समिति की प्रमुख डा. शुचिता देशमुख, प्रमुख अजय पोतदार, श्रुति सराफ, मेघा पोतदार और श्रावणी मुकादम ने होली मिलन की कमान संभाल रखी थीं। कार्यक्रम की शुरुआत सभी को गुलाल लगाकर और होली की शुभकामनाएं देकर की गई। इसके बाद कागज की पर्ची में एक शब्द लिखकर टोकरी में रखा गया। हर सदस्य एक- एक पर्ची उसमें से निकाल रहा था। पर्ची में लिखे एक शब्द पर आधारित गाने सभी ने गाये। 
 
 
रंगोत्सव की रोचकता को बनाए रखने के लिए रेपिड फायर राउंड काफी रोचक रहा। जिसमें हर सवाल का उल्टा या गलत जवाब देना था। कुछ ने ठिठकर, तो कुछ ने तत्परता के साथ जवाब दिया। इसके बाद निखिल मुकादम ने माउथ आर्गन से फिल्‍मी धुन बजाकर तालियां बटोरीं। वहीं प्रशांत बक्षी ने ‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली’ गीत गाकर संगीतमय महौल बना दिया। दिव्या पात्रीकार और दीपांजलि भालेराव ने मराठी होली गीत ‘आज गोकुळात रंग खेळतो हरी... राधिके, जरा जपून जा तुझ्या घरी’ प्रस्तुत कर सभी को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं अंत में सभी ने मिलकर एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया।
 
 

बुरे फंसे परितोष....

संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर गलत जवाब देने वाले गेम में उस समय बुरी तरह फंसे, जब उनसे उनकी पत्‍नी का नाम पूछा गया। खेल के नियमानुसार सही जवाब दे नहीं सकते और गलत जवाब देकर किसी महिला वाला नाम ले नहीं सकते।

 
इस मौके पर उपाध्‍यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मुख्‍य समन्‍वयक श्‍याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, बृहन्‍महाराष्‍ट्र मंडल के छत्‍तीसगढ प्रभारी सुबोध टोले, वरिष्‍ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले, दीपक पात्रीकर, विभि‍न्‍न समितियों के पदाधिकारी अभय भागवतकर, विनोद राखुंडे, अंजलि काले, सृष्टि दंडवते, संध्‍या खंगन, अक्षता पंडित, श्‍याम दलाल, दिव्‍या पात्रीकर, अपर्णा कालेले, आकांक्षा गद्रे, प्रशांत बक्षी, प्रवीण क्षीरसागर, वैभव बर्वे, गौरी क्षीरसागर, भगीरथ कालेले, प्रिया बक्षी, कुंतल बक्षी, रंजन मोडक, पंकज सराफ, अतुल गद्रे, सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।