दिव्य महाराष्ट्र मंडल
अनिकेत की भावनाओं के ज्वार में बह गए रंगप्रेमी
भरवा, मारवाड़ी और ट्रेडिंग मेहंदी बनी विजेता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के 91वें स्थापना दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय मराठी सोहळा के दूसरे दिन मेहंदी लगाओ स्पर्धा में महिलाओं के हाथों में भरवा, मारवाड़ी और ट्रेडिं मेहंदी की डिजाइन नजर आई।
स्पर्धा प्रभारी नमिता शेष, रेणुका पुराणिक, आस्था काले और अक्षता पंडित ने बताया कि मेहंदी सजाओं स्पर्धा में चार प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें भरवा मेहंदी बनाकर श्रेया टल्लू प्रथम स्थान पर रही। वहीं ट्रेडिशन और मार्डन कल्चर की मेहंदी बनाकर वर्तिका क्षीरसागर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। मारवाड़ी स्टाइल मेहंदी लगाकर सोनल पेदे तीसरे स्थान पर रही। वहीं दीपाली बर्वे ने शानदार मेहंदी लगाकर स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही। मेहंदी स्पर्धा में जज की भूमिका प्रोफेशनल मेंहदी क्रिएटर अभिषेक वर्मा ने निभाई।
तोरण सजाओ में दिखी बच्चों की प्रतिभा
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के 91वें स्थापना दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय मराठी सोहळा के दूसरे दिन तोरण सजाओं स्पर्धा में दिखी बच्चों की प्रतिभा।
स्पर्धा प्रभारी नमिता शेष, रेणुका पुराणिक, आस्था काले और अक्षता पंडित ने बताया कि मंडल में आयोजित तोरण सजाओं स्पर्धा में बच्चों की प्रतिभा नजर आई। आम के पत्तों और फूलों की सहायता से बच्चों ने सुंदर सुंदर तोरण का निर्माण किया। इस स्पर्धा में अभिज्ञा शुक्ला प्रथम, अक्षत पंडित द्वितीय तीसरे स्थान पर प्रवीश डोनगांवकर रहे। स्पर्धा में उत्कर्ष जोशी और आश्रणी गोबड़े ने भी शानदार तोरण बनाया। तोरण सजाओं स्पर्धा में जज की भूमिका में अंजली मूले रही।
फ्री हैंड रंगोली में दिखी क्रिएटीविटी... थ्री डी आर्ट के साथ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के 91वें स्थापना दिवस पर आयोजित तीन दिवसीय मराठी सोहळा के दूसरे दिन की शुरुआत रंगोली स्पर्धा से हुई। स्पर्धा में प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई फ्री हैंड में क्रिएटिवटी नजर आई। स्पर्धा में सोनल किरवई परचुरे प्रथम और द्वितीय स्थान पर श्रेया टल्लू और तीसरे स्थान पर प्रियंक डबली रही। सभी रंगोलियों में कोजगिरी उत्सव की झलक नजर आई।
रंगोली स्पर्धा प्रभारी नमिता शेष, आस्था काले, रेणुका पुराणिक और अक्षता पंडित ने बताया कि रंगोली स्पर्धा में कुल 7 प्रतिभागियों ने भाग लिया। रंगोली के लिए छलनी और अन्य उपकरण का उपयोग करना मना था। सभी को एक घंटे का समय दिया गया था। सभी ने फ्री हैंड रंगोली बनाई। प्रथम आई रंगोली में थ्री डी इफेक्ट नजर आया।
नमिता शेष ने आगे बताया कि स्पर्धा में सोनल किरवई परचुरे, शिप्रा आष्टीकर, सोनल पेदे, सीमा तिग्गा, श्रेया टल्लू, अर्चनाभाकरे और प्रियंका डबली ने भाग लिया था। रंगोली स्पर्धा में निर्णायक की भूमिका आर्टिसन अजय पोतदार ने निभाई। अजय ने बताया कि रंगोली की फिनिंगश, कलर काम्बिनेशन और रंगों के सही इस्तेमाल के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया है।
दीपक की नानस्टाप दो घंटे तक स्टैंडअप मराठी कॉमेडी से दर्शक हुए लोटपोट
‘आप सुधरे तो परिवार सुधरेगा और फिर समाज’
- महाराष्ट्र मंडल में जारी 90वें सालगिरह पर मराठी सोहला के अंतर्गत सर्व समाज की संगोष्ठी में दर्जनभर समाजों के प्रतिनिधि हुए शामिल
रायपुर। बच्चों और युवाओं को सुधारने के लिए हम ज्ञान की बहुत सी बातें कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में हम खुद ही नहीं सुधर रहे हैं। याद रखिये, जिस दिन हम सुधर गए, उस दिन हमारा परिवार सुधर जाएगा। परिवार सुधर गया, तो समाज सुधर जाएगा। इस तरह हमारा देश अपने आप ही सुधर जाएगा। इस आशय के लगभग संयुक्त विचार सर्व समाज के प्रतिनिधियों से मिले। महाराष्ट्र मंडल की 90वीं सालगिरह पर आयोजित तीन दिवसीय मराठी सोहळा (मेला) के पहले दिन सर्व समाज की संगोष्ठी में दर्जनभर समाजों की प्रतिनिधियों ने अपनी शानदार वैचारिक उपस्थित दर्ज की।
छत्तीसगढ ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि लोग नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण धैर्य खोते जा रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि समाज में, आमजनों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। अखिल भारतीय कायस्थ समाज के कोषाध्यक्ष मनोज खरे ने कहा कि समस्या हम में ही हैं। हम ही हैं जो बच्चों को संभाल नहीं पा रहे हैं। जातियों में बंटे सनातन समाज को एक करने की जरूरत है। तभी हमारी बातें और समस्या पर सरकार को भी विचार करना पड़ेगा।
सेवा समिति व सामाजिक कल्याण समिति के अध्यक्ष सी नागेश्वर राव के अनुसार युवाओं को समाज से जोड़ने का लगातार प्रयास होना चाहिए। समाज में अपने लिए यदि अगली पीढ़ी तैयार नहीं करेंगे, तो फिर भविष्य पर विचार ही नहीं किया जा सकता। सर्व मंडल फाउंडेशन की अध्यक्ष अनिता दुबे कहतीं हैं कि बच्चों को घर से ही संस्कार, शिक्षा सिखाना होगा। बच्चों व युवाओं में सहनशीलता की कमी को देखते हुए उन्हें योग, ध्यान और विपश्यना से जोड़ना चाहिए। इसी तरह युवतियों को भी संस्कारिक करने की जरूरत है।
कायस्थ समाज पुरानी बस्ती के विट्ठल श्रीवास्तव ने कहा कि आज बच्चे भटक रहे हैं। यदि वे आरएसएस से जुड़ेगे, तो उनकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होगी। बहुत कुछ सीखेंगे और नशे से स्वयं ही दूर होंगे। बच्चों को अभावग्रस्त लोगों की मदद करना सिखाइए। ब्राह्मण समाज के सुनील कुमार गौतम कहते हैं कि हमें अपने परिवार व समाज में ऐसा वातावरण बनाने की जरूरत है, जहां कोई दो साल के बच्चे के हाथ में मोबाइल देकर अपनी जिम्मेदारी को पूरा न मान ले। शुरू से ही बच्चे संस्कारी रहेंगे तो बड़े होने के बाद उन्हें संभालने की अलग से जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रदेश धोबी रजक समाज के अध्यक्ष शेखर चौधरी ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल के पास 90 सालों से समाजसेवा का लंबा अनुभव है। हम सब मंडल के मंच पर ही आकर काम करें और अपनी समस्याएं साझा करें। इससे न केवल समस्याओं का आसान समाधान निकाला जा सकेगा और अपनी बातों को सरकार के समक्ष प्रभावशाली तरीके से रखा भी जा सकेगा। नशा हमारे मस्तिष्क में विचार की तरह है। हमें मस्तिष्क को शुद्ध करने की जरूरत है। इसके लिए हम सभी को एक साथ, एक समय एक बार गीता का पाठ जरूर करना चाहिए। हमें इसके सामूहिक पाठ की व्यवस्था करनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील यादव समाज के कार्यकारी अध्यक्ष अरुणा यादव के मुताबिक घर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मां की होती है और उन्हें बच्चों को छोटी- छोटी बातें घर में ही बताने के संस्कार देने चाहिए। इससे समस्या विकराल हो, इससे पहले ही उसका समाधान निकाल लिया जाएगा। शादी के बाद यदि महिलाएं अपनी विवाहित बेटी के घरों में मोबाइल के माध्यम से दखल देना बंद कर दें तो ज्यादातर दाम्पत्य जीवन बिखरने से बच जाएंगे। कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज, आशीर्वाद भवन के महासचिव सुरेश मिश्र ने कहा कि समाज शब्द ही परिवार से आया है। प्रत्येक सदस्य ठीक, तो परिवार ठीक, परिवार ठीक है तो समाज ठीक। हर एक सदस्य अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझे तो न परिवार में समस्या आएगी और न ही समाज में।
कार्यक्रम के संयोजक और बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ कार्यवाह सुबोध टोले ने बताया कि उनके घर में न तो वाई- फाई है और न ही घर में कोई भी सदस्य मोबाइल का उपयोग करता है। हमारे लिए मोबाइल सिर्फ बाहर उपयोग करने की चीज है। यही वजह है कि हमारे घर मोबाइल से जुड़ी कोई समस्या ही नहीं है। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने संगोष्ठी में पधारे अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल ने किया। इस मौके पर मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, साहित्य समिति की प्रमुख कुमुद लाड सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मराठी सोहला 2025: ज्वेलरी और डेकोरेटिव आइटम्स खरीदने उमड़ी भीड़
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की 90वीं सालगिरह पर आयोजित मराठी सोहला में लगे ज्वेलरी और फूड स्टाल को पहले दिन अच्छा प्रतिसाद मिला। दोपहर बाद हुई बारिश के बाद भी लोगों की भीड़ उत्साही नजर आई। मंडल के इन स्टालों में मराठी ज्वेलरी, ड्रेस के साथ रंगोली, मोमबत्ती, साड़ी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी की अच्छी खासी डिमांड नजर आई। इस बार टेरो कार्ड रीडर और रेकी का स्टाल भी लगा।
सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि इन स्टालों में डिजाइनर रेडिमेट गारमेंट्स, बेडशीट, इंटीरियर आइटम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, आर्टिफिशियल फ्लावर और दीपावली की तैयारियों से जुड़ी आकर्षक सामग्रियों के विविध स्टाल शामिल हैं। स्टालों में पहुंचे लोग दिवाली के सजावटी सामानों की खरीदारी कर रहे है।

पापांकुशा एकादशी पर आध्यात्मिक समिति ने किया विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ
भटक रही युवा पीढ़ी को समाज से जोड़े, बच्चों में दें संस्कारः सुनील सोनी
महाराष्ट्र मंडल में धूमधाम से किया गया रावण दहन
मराठी सोहळा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन को आमंत्रण

मराठी सोहळा आज से: मनोरंजन, व्यंजन के साथ एंटिक पीस की प्रदर्शनी होगी खास
महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की विचारधारा आज भी प्रासंगिक: काले
मराठी के सुप्रसिद्ध कॉमेडियन दीपक देशपांडे का धमाल कल
9वें रिंग फाइट चैम्पियनशिप 2025 के लिए तैयारी में जुटे खिलाड़ी
- संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 28 सितंबर से चल रही ट्रेनिंग
- छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन और महाराष्ट्र मंडल करा रहा तैयारी
रायपुर। 9वें रिंग फाइट चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन आगामी 7,8 और 9 नवंबर को पश्चिम बंगाल में किया जाना है। स्पर्धा में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ रिंग फाइट की टीम अभी से तैयारी में जुट गई है। टीम के खिलाड़ी महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सुबह से अभ्यास कर रहे है।
छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि 28 सितंबर से कैंप शुरू हो गया है। कैंप में एसोसिएशन के सचिव और कोच ओपी कटारिया खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे है। अभी वेदांत साहू, पुष्कर साहू, गौरव, अभिमन्यु कुमार, तुषार जसवानी, श्रीजल सिंह, पवनी ओगले, आदित्य कन्नौजे, तुषार वर्मा, लक्ष्य विश्वकर्मा, तन्वी साहू और यशिका साहू ट्रेनिंग ले रहे है। अन्य किसी खिलाड़ी को स्पर्धा में भाग लेना है कि ट्रेनिंग स्थल संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सुबह आकर संपर्क कर सकते है। बतादें कि छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन की टीम ने पिछले वर्ष चार मेडल जीते थे।
एनआईटी रायपुर ने निभाई वैश्विक शोध में नेतृत्वकारी भूमिका
रायपुर। सार्वजनिक स्वास्थ्य और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. अनुज कुमार शुक्ला ने एक अंतर्राष्ट्रीय शोध दल के सह-नेतृत्व में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर-कंडीशनिंग (एचवीएसी) फ़िल्टर डिज़ाइन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित फ्रेमवर्क विकसित किया है।
यह शोध सेपरेशन एंड प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। परियोजना का नेतृत्व इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली के प्रोफेसर अमित रावल ने किया, जबकि सह-प्रधान अन्वेषक की भूमिका डॉ. शुक्ला ने निभाई। यह अध्ययन विज्ञान और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के ए2के+ कार्यक्रम के तहत किया गया है।
एआई मॉडल किसी भी फ़िल्टर के दो अहम मापदंडों की भविष्यवाणी करता है—फिल्ट्रेशन दक्षता (हवा को शुद्ध करने की क्षमता) और वायु पारगम्यता (हवा के प्रवाह की सरलता जो ऊर्जा खपत को प्रभावित करती है)। एलोफिक इंडस्ट्रीज लिमिटेड के औद्योगिक डेटा से मान्य किए जाने के बाद यह मॉडल व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार है और ऊर्जा बचत के साथ स्वच्छ हवा देने में मदद करेगा।
इस शोध में आईआईटी दिल्ली, एनआईटी रायपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ बोरोस (स्वीडन), केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (स्वीडन), बेनेट यूनिवर्सिटी और एलोफिक इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मिलकर योगदान दिया। एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रोफेसर एन. वी. रमना राव ने कहा, “यह अग्रणी शोध वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु सहयोगात्मक नवाचार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” यह उपलब्धि भविष्य में एचवीएसी मानकों को प्रभावित करेगी और कम ऊर्जा खपत के साथ स्वस्थ इनडोर वातावरण सुनिश्चित करेगी।
हौसलों से लक्ष्य हासिल किए जाते हैं, पैसों से नहीं: काले
काले ने कहा कि जब हमारे बुजुर्गों ने चौबे कॉलोनी में भवन बनाने का निर्णय लिया है, उस समय महाराष्ट्र मंडल के बैंक अकाउंट में मात्र 80 रुपये थे लेकिन हौसले बुलंद थे। फिर उस समय के सदस्यों ने किशोर कुमार नाइट का आयोजन कर बेहतरीन भवन का निर्माण किया। इसी तरह जब हमारी टीम ने भी पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने की ठानी, तो मंडल के बैंक एकाउंट में मात्र 20 लाख रुपये थे, जबकि हमारा ये प्रोजेक्ट साढ़े सात करोड़ रुपये का था। लेकिन हमने मंडल के सभासदों की मदद से ही पैसे इकट्ठे किए और करीब पांच सालों के संघर्ष के बाद आपके सामने महाराष्ट्र मंडल का भवन तैयार है। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल का नया भवन सभासदों के आत्मविश्वास और हौसले की कहानी है। इसलिए ऐसा कोई काम नहीं, जो हमारी विशेष बच्चियां न कर सकें। इस मौके पर मंडल के प्रमुख समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, वरिष्ठ जन सेवा समिति के रवि गहलोत सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।