दिव्य महाराष्ट्र मंडल
'उड़ी उड़ी जाए, झटपट फटाफट' गाने पर ग्रुप डांस ने बटोरी तालियां
- मंडल के शंकर नगर केंद्र में हुआ हल्दी-कुंकू का आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर महिला केंद्र की टीम ने 24 जनवरी को शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में संक्रांति हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। मनीषा भंडारकर ने संक्रांति पर्व की जानकारी दी। केंद्र की सदस्य कविता लांजेवार, अमृता सोमण, लीना मुजूमदार और सपना काडू के 'उड़ी उड़ी जाए, झटपट फटाफट' जैसे मशहूर गानों पर शानदार ग्रुप डांस पेश कर पूरे माहौल में जोश भर दिया।
केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने बताया कि संगीत की मधुर बेला में मराठी लोकगीत 'मन धावत्या' की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। आगे मनोरंजन के सत्र में 'मरीमाय प्रसन्न' नामक एक लघु नाटक का मंचन किया गया। सास-बहू के खट्टे-मीठे रिश्तों पर आधारित इस कॉमेडी नाटक ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया। केंद्र की सदस्य शिल्पा धोत्रे और देविका देशपांडे ने एकल नृत्य प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के अंत में रोचक खेल का भी आयोजन किया गया। जिसमें शिल्पा पत्की प्रथम और रैना पुराणिक द्वितीय रही। इसके बाद पारंपरिक 'उखाणे' का सत्र आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं ने चिट्स उठाकर अपनी बारी आने पर मजेदार और पारंपरिक अंदाज़ में उखाणे सुनाए, जिससे कार्यक्रम में हंसी-ठिठोली का माहौल बना रहा। अंत में सभी उपस्थित महिलाओं को हल्दी-कुमकुम लगाकर उपहार (वाण) वितरित किए गए।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, शंकर नगर बालवाचनलाय प्रभारी रेणुका पुराणिक, संयोजिका मधुरा भागवत, आयुषी विठालकर, स्मिता कोमजवार, मनीषा भांडारकर, लीना मुजुमदार, अमृता सोमण, शिल्पा धोत्रे, सपना काडू, कविता लांजेवार, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, संगीता राजीमवाले, वृषाली कुंटे, रैना पुराणिक, श्रुति मनोहर, वर्षा उरकुरकर, शिल्पा पत्की, श्वेता डबली, वैशाली निमजे, प्रतिमा ठाकुर, नेहा फडणवीस, श्रद्धा विठालकर, सुनीता वंजारी, सुरेखा पाटिल, स्वाति जोशी, स्वाति कोरान्ने, अनुभा काले, अर्चना भांडारकर, अर्चना दशपुत्रे, मेधा कोतवालीवाले, लक्ष्मी जिल्लारे, तोशिका भुजबल, लता नांदेड़कर और देविका देशपांडे उपस्थित थीं।
महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा हर शनिवार को होने वाला रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ इस शनिवार भी पूरे उत्लास के साथ किया गया। मंडल के शंकर नगर, बूढ़ापारा, अमलीडीह, सरोना और चौबे कालोनी केंद्र के सदस्यों ने पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि शंकर नगर केंद्र की सदस्यों ने शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में पाठ किया। इस दौरान केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत, आयुषी विठालकर, स्मिता कोमजवार, मनीषा भंडारकर, लीना मजुमदार, अमृता सोमण, शिल्पा धोत्रे, सपना काडू, कविता लांजेवार, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, संगीता राजिमवाले, वृषाली कुंटे, रैना पुराणिक, श्रुति मनोहर, वर्षा उरकुरकर, शिल्पा पत्की, श्वेता डबली, वैशाली निमजे, प्रतिमा ठाकुर, नेहा फडणवीस, श्रद्धा विठालकर, सुनीता वंजारी उपस्थित थीं।

आस्था काले ने आगे बताया कि इसी तरह बूढ़ापारा केंद्र द्वारा बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में पाठ किया गया इस दौरान दिलीप शर्मा, सुनिता साठे, अंजली नलगुंडवार और प्रणिता नलगुंडवार उपस्थित रहीं। वहीं अमलीडीह केंद्र द्वारा हुए पाठ के दौरान अर्चना भाकरे, पुष्पलता देवांगन, अक्षरा भगाड़े, शोभा जोशी और कंचन साहनी उपस्थित रही।

आस्था ने आगे बताया कि इसी तरही सरोना केंद्र की महिलाओं ने सालासार ग्रीन सोसायटी स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान दिप्ती शिलेदार, शांति महाजन, आरती ठोंबरे और जयश्री ढेंकणे उपस्थित थीं। वहीं चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित और स्वाती डबली ने करबला तालाब स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ किया।
बोर्ड परीक्षा 2026: पढ़ाई के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का संतुलन भी जरूरी
हल्दी कुंकू में दिखी जन जागरूकता... शिवाजी की जीवन गाथा पर लगे जय भवानी के जयकारे
- रंगोली स्पर्धा में वैशाली प्रथम और अक्षता रही द्वितीय
- फैंसी ड्रेस में जीजा बाई सुदेशना प्रथम और शेफाली द्वितीय
- वाण भेंटकर सभी सदस्यों को दी हल्दी-कुंकू की बधाई
रायपुर। समाज सेवा में जुटे महाराष्ट्र मंडल के हर एक कार्यक्रम में समाज सेवा और जन जागरूकता की झलक दिखाई दे ही जाती है। शुक्रवार, 23 जनवरी को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हुए महिला केद्रों के हल्दी-कुंकू में जन जागरूकता की झलक नजर आई। बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने अपने नाट्य अभियन में जहां शहर की सड़कों पर नजर आने वाले मवेशियों को लेकर चिंता जताई वहीं वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने क्षत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन गाथा को मंचित कर सभी दर्शकदीर्घा को जय भवानी-जय शिवाजी के जयकारे लगाने पर विवश कर दिया। जयघोष के साथ कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।

महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंडल की वरिष्ठ सदस्य शिल्पी मटरेजा और विशेष अतिथि के रुप में ज्योति कान्हें उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के पूजन के साथ की गई। सरस्वती वंदना बूढ़ापारा केंद्र और स्वागत गीत तात्यापारा केंद्र द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजन में फैंसी ड्रेस और रंगोली बनाओं स्पर्धा का आयोजन किया गया था। फैंसी ड्रेस स्पर्धा में जज की जिम्मेदारी आंध्र समाज के महिला पदाधिकारी बी. शैलजा और संध्या राज ने निभाई। वहीं रंगोली स्पर्धा में जज की जिम्मेदारी शेखर क्षीरसागर और प्रभा बिन्नानी को सौंपी गई थी। इस अवसर पर तीज महोत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अवंती विहार, शंकर नगर, सड्डू-मोवा और देवेंद्र नगर महिला केंद्र का सम्मान किया गया। इसके साथ पार्थ शेष का भी सम्मान किया गया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम वैशाली निमजे, द्वितीय अक्षता पंडित, और तृतीय स्थान पर मंजूषा चिलामवार रही। इसी तरह फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में जीजाबाई बनीं सुदेशना मेने प्रथम, शेफाली फडणवीस द्वितीय और अनुपमा बोधनकर तृतीय रही। विशाखा तोपखानेवाले ने आगे बताया कि वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने ‘झुलवा पाळणा पाळणा बाळ शिवाजीचा....गाली तील लावून बाळा काजळ घाला डोळा’ मराठी गीत प्रस्तुत किया। जिसमें क्षत्रपति शिवाजी महाराज की जीवन गाथा को मंचित किया गया। इस आयोजन के बाद पूरा सभागृह जय भवानी जय शिवाजी के जयकारो से गूंज उठा। वहीं बूढ़ापार केंद्र की महिलाओं ने राजधानी की सड़कों पर नजर आने वाले मवेशियों पर केंद्रित जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया।

फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के प्रतिभागी
डा. शेफाली फडणवीश शंकर नगर, अल्का बापट न्यू राजेंद्र नगर, श्रद्धा मरघड़े डंगनिया, सुदेशना मेने अवंती विहार, भारती देवरणकर देवेंद्र नगर, जयश्री ढेकणे सरोना, प्रियंका टेम्पे सुंदर नगर, उर्वशी उरगांवकर सड्डू-मोवा, चित्रा बल्की रोहिणीपुरम, अनुपमा बोधनकर चौबे कालोनी और कोटा केंद्र से वैशाली पुरोहित शामिल रही।

रंगोली प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी
रंगोली प्रतियोगिता में सोनाली कुलकर्णी, जयश्री गायकवाड़, डा शोभा सोनाये, प्रिया कडु, प्राजक्ता पुसदकर, मंजुषा चिलामवार, वैशाली निमजे, आरती पोतदार, ज्योति बनकर, अक्षता पंडित, लीना केलकर, शोभा जोशी, लीना लांजेवार, श्वेता खरे, माधुरी इंगोले, दीपिका पंडित, रंजना राजीमवाले, लक्ष्मी जिल्हारे, सुरेखा पाटिल, अंजली काले, सुरेखा बक्षी और मनीषा बिस्सा शामिल हुई।
महाराष्ट्र मंडल में ‘राम रसायन’ वैचारिक अनुष्ठान 25 जनवरी की शाम
- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति गीतों की होगी प्रस्तुति
- सियान गुड़ी, दिव्यांग बालिका विकास गृह में होगा आयोजन
रायपुर। महराष्ट्र मंडल द्वारा देश एवं धर्म के प्रति प्रेम व आस्था का सुमधुर आयोजन और वैचारिक अनुष्ठान ‘राम रसायन’ का का आयोजन 25 जनवरी को मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी, दिव्यांग बालिका विकास गृह समता कालोनी रायपुर में शाम 6 बजे से किया जा रहा है।
आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर यह आयोजन किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर महाराष्ट्र मंडल की कला एवं संस्कृति समिति की ओर से देशभक्ति गीतों की संगीत संध्या का आयोजन किया गया है। जिसके बाद देश के प्रसिद्ध प्रत्रकार, आध्यात्मिक चिंतक, प्रखर वक्ता, संदीप अखिल के साथ समाज में समरसता लाने का वैचारिक अनुष्ठान ‘राम रसायन’ का आयोजन शाम 7 से 8 बजे तक होगा। संदीप अखिल की कथा का श्रवण कर जीवन में नवऊर्जा और नवचेतना का संचार होता है।
आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि राम रसायन कथा का हमारे जीवन में आध्यात्मिक और नैतिक महत्व है। यह कथा केवल भगवान श्रीराम के जीवन की घटनाओं का वर्णन नहीं करती, बल्कि उनके आदर्शों, गुणों, और मर्यादाओं को जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी देती है। आइए प्रभु श्रीराम के जीवन का अनुसरण कर हम भी अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएं।
वसंत पंचमी पर संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में हुई मां सरस्वती की पूजा
रायुपर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शुक्रवार, 23 जनवरी को वंसत पंचमी मनाई गई। प्रति वर्ष की भांति विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर हवन-पूजन किया। वहीं स्वतंत्रता सेनानी श्री सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रुप में मनाई गई।

स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि सरस्वती पूजा में मुख्य यजमान के रुप में विद्यालय के शिक्षक रोशन सिंह राजपूत बैठे थे। जिनके हस्ते पूजन संपन्न हुआ। वहीं प्री प्राइमरी के बच्चों ने भी वसंत उत्सव धूमधाम से मनाया। मार्निंग असेंबली इंचार्ज रेणुका शुक्ला ने आज बच्चों को वसंत पंचमी उत्सव का महत्व बताया।
छात्र लव पाठक ने असेंबली कंडक्ट की, लावण्या गिरीभट्ट ने सुविचार प्रस्तुत किया। सोनल कस्तूरिया ने सरस्वती माता का वेशभूषा में पहुंची थी।
डंगनिया और चौबे कालोनी केंद्र ने मनाया हल्दी-कुंकू.... वाण पाकर खिले चेहरे
- चौबे कालोनी केंद्र ने बनाई अष्टविनायक गणेश की आकर्षक झांकी
रायपुर। महाराष्ट्रीयन विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक पारंपरिक सामाजिक-धार्मिक उत्सव है हल्दी-कुंकू। मकर संक्रांति पर हर महाराष्ट्रीय महिला को हल्दी-कुंकू का आमंत्रण मिले तो सुहाग के प्रतीक इस उत्सव को वह मिस नहीं करती। महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों में इन दिनों हल्दी-कुंकू उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गुरुवार, 22 जनवरी को महाराष्ट्र मंडल परिसर में चौबे कालोनी और डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने उत्साह के साथ हल्दी-कुंकू का मनाया गया। तिल गुड़ के लड्डू, मनमोहक गेम्स और वाण मिलने पर महिलाओं के चेहरे खिले नजर आए।

महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास की प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने मंडल भवन में हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। केंद्र की सदस्या रंजना राजिमवाले और सृष्टि दंडवते ने अन्य सदस्यों को संक्रांति से संबंधित गेम खिलाए। जिसमें शैला गायधनी प्रथम और दिव्या पात्रीकर द्वितीय रही। सभी ने एक दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर वाण भेंट किया। इस अवसर पर अनुभा जाउलकर, अंजली काले, नमिता शेष, दिव्या पात्रीकर, विजया भाले, अनामिका महाजन, संध्या अनिल, मिनाक्षी तारे, सीमा देव, अनुजा महाड़िक, दिपांजली भालेराव, अर्चना कुलकर्णी, जया भावे, प्रियंका राजपूत, प्रीती रणदिवे, शैला गायधनी, रश्मि डांगे, माधवी गिरहें, श्रद्धा मरघड़े, सरोजनी पराड़, शिल्पा पराड़, प्रणिता इंचुलकर, माधुरी इंचुलकर, शुभांगी रुद्रजवार और अर्चना टेंबे उपस्थित रहीं।

चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि गुरुवार 22 जनवरी को गणेश जयंती और श्रीराम लला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन इसी थीम पर था। कार्यक्रम स्थल पर अष्ट विनायक श्री गणेश और रामसेतु शिला की आकर्षक झांकी बनाई गई थी। केंद्र के सदस्यों को तिल गुड पतंग के ऊपर गेम खिलाया गया। जिसमें प्रथम शालिनी शर्मा, द्वितीय देशपांडे और तीसरा स्थान मनीषा वरवंडकर ने प्राप्त किया। इस अवसर पर संगीता निमोणकर, मनीषा वरवंडकर, अपर्णा काळेले, चारुशीला देव, अंजली वैद्य, अलका मराठे, सुनीता कुलकर्णी, उज्वला पुराणिक, अनुपमा बोधनकर, अवंती अग्निहोत्री, सेजल शाह, सोनाली बेंद्रे, संध्या पांडे, रोहिणी नेने, रंजना चोपकर, अक्षता पंडित, स्वाती डबली, प्राची डोणगावकर, स्वाती डोणगावकर, नीलिमा डोणगावकर, मनिषा मुकादम उपस्थित थीं।
बोर्ड परीक्षा 2026: एक दिन में पूरा चैप्टर नहीं, बल्कि टॉपिक-वाइज करें पढ़ाई: तृप्ति अग्निहोत्री
रायपुर। बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर बड़ी संख्या में बच्चे अभिभावकों से ज्यादा शिक्षकों की बातों का अहमियत देते है और शिक्षकों की हर एक सलाह मानते है। 10वीं-12वीं के साथ 5वीं और 8वीं के बच्चे बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे बच्चों के मन में पढ़ाई के लिए आ रहे डाउट्स और एग्जाम प्रिप्रेशन को लेकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की जीव विज्ञान की सदस्य और संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एक दिन में पूरा चैप्टर पढ़ने के बजाए टॉपिक-वाइज पढ़ना चाहिए।
शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने कहा कि सिलेबस या ब्लू प्रिंट को अच्छे से समझे कि कौन का अध्याय कितना महत्वपूर्ण है। यह जानना बेहद जरूरी है। फिर इसका क्रम तैयार करें औऱ उसी क्रम के अनुसार पढ़ाई में फोकस करें। पढ़ाने के लिए समय तय जरूर करें। सुबह उठकर या रात में सोने के पहले दोनों ही समय बेहतर लेकिन अपने बनाए टाइम टेबल का कड़ाई से पालन करें, यानी इतने से इतने बजे तक पढ़ना है, मतलब सिर्फ पढ़ना है। इस दौरान कोई दूसरा काम नहीं करना है।
तृप्ति अग्निहोत्री ने कहा कि अगर कोई चैप्टर अधिक बड़ा है तो उसे एक दिन में पूरा करने के बजाए टॉपिक-वाइज पढ़े, फिर उसके नोट्स बनाए। सूत्र, परिभाषाएं और महत्वपूर्ण बिंदू को लिखकर रखे। बीते वर्षों का समय निकालकर पिछले वर्षों का प्रश्नपत्र हल करें, पैटर्न समझने में मदद मिलेगी। मॉक टेस्ट का अभ्यास परीक्षा हाल के लिए समय प्रबंधन बेहतर करता है। सप्ताह में एक बार रिवीजन अवश्यक करें और कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें।
अवंती विहार महिला केंद्र के हल्दी-कुंकू में दिखा मराठी, गुजराती, पंजाबी और तमिल कल्चर
- छाया ताई ने सुनाई रखुमाई और संक्रांति की कथा
- रोचक गेम्स ने उत्सव को बनाया और भी खास
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अवंती विहार केंद्र की महिलाओं ने सुदेशना मेने के निवास पर पर केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरूआत सुदेशना मेने ने संक्रांति के महत्व और भारत के अलग-अलग इलाकों में इसे मनाने की तौर-तरीकों के बारे में बताया। वहीं इस अवसर पर केंद्र की सदस्या भारती देवरणकर महाराष्ट्रीय वेशभूषा, गीता हाटे गुजराती, जयश्री ब्राह्मणकर पंजाबी और अंजू फुंडे तमिल वेशभूषा में रीजनल कल्चर की एक्टिंग कर सभी का दिल जीत लिया।
महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि अवंती विहार केंद्र के हल्दी कुंकू कार्यक्रम में मराठी, गुजराती, पंजाबी और तमिल कल्चर एक साथ नजर आया। इस अवसर पर केंद्र की वरिष्ठ सदस्या छाया भवालकर ने भारूड़ के रुप में रखुमाई की संक्रांति कथा को दिलचस्प अंदाज में प्रस्तुत किया। संक्रांति पर पतंगों का विशेष महत्व होता है, इसलिए रंग-बिरंगी पतंगों पर आधारित रोचक गेम खेले हुए। जिसमें प्रथम छाया भवालकर और गीता हाटे रहे। दूसरे स्थान पर आनंदी ब्राह्णणकर और श्वेता फटाले रहीं। वहीं नंदिनी कोल्हे ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

दूसरे गेम में संक्रांति से जुड़े शब्दों को पहचानकर जल्दी से जवाब देना था। जिसमें गीता दलाल में प्रथम, आनंदी ब्राह्मणकर द्वितीय और अंजू फूंडे तृतीय रही। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जागृति भाकरे ने कहा कि इस तरह के आयोजन से घर की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं को खुशी के पल मिलते है और हमारी संस्कृति और परंपरा का निर्वहन होता है। जिसे हम भावी पीढ़ी को सौंप सकते है।
इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, शुभदा गिजरे, आनंदी ब्रह्मणकर, श्वेता फटाले, रेखा खूटे, भारती देवरणकर, मीना इंगलीकर, गीता हाटे, अंजू फूंडे, निशान उमाले, राजश्री कोल्टे, जयश्री ब्रह्मणकर, नंदिनी कोल्हे, वसुधाताई हिरदे, शिल्पा चौधरी, भारती कुर्वे, मनीषा दासे, योगिनी मुजुमदार, आकांक्षा मोहदीवाले, सुदेशना मेने, जागृति भाकरे, छाया महाजन और शुभदा चौधरी मौजूद रहीं।
‘बोल बेबी बोल रोटी है गोल’ पासम पास गेम में रेणुका विजेता और अर्चना बनीं उपविजेता
- मंडल के सड्डू मोवा केंद्र के सदस्यों नवा रायपुर के सेंध लेक में मनाया हल्दी कुंकू
रायपुर। हाथों में बैलून लेकर एक-दूसरे प्रतिभागी को बैलून में पास करते हुए महिलाएं ‘बोल बेबी बोल रोटी है गोल’, ‘बोल बेबी बोल टिकली है गोल’ बोलने लगे। सभी प्रतिभागी किसी न किसी गोल वस्तु का नाम ले रहे थे। स्पर्धा में रेणुका पुराणिक प्रथम, अर्चना भंडारकर द्वितीय और शीतल तलेगांवकर तृतीय रहीं।
शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक ने बताया कि सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में हल्दी-कुंकू और पिकनिक का आयोजन किया था। इस अवसर पर सभी महिलाओं को हल्दी-कुंकू और वाण दिया गया। साथ ही मराठी परंपरा के अनुसार उखाना लेने को कहा गया, जिसमें काव्य रचना के माध्यम से पति का नाम लिया जाता है।

रेणुका ने आगे बताया कि संक्रांति से जुड़े नामों के साथ हाउजी गेम भी तैयार किया गया था, जिसका सभी ने खूब आनंद लिया। इसके अलावा “बोल बेबी बोल” गेम का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शाम के समय सभी के साथ मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन सभी सदस्यों के लिए अत्यंत आनंददायक और यादगार रहा। अंत में सभी ने महाराष्ट्र मंडल के लज़ीज़ व्यंजनों का भी लुफ्त उठाया इस अवसर पर शालिनी जोशी, प्राजक्ता एतुलकर, मनीषा होशंगाबादे, मंजूषा केलकर, उर्वशी उरगांवकर, आरती पोतदार, रेणुका पुराणिक, विनाया करदाले, डा. मानसी , माधवी मोघे, रंजना देशपांडे, अर्चना भंडारकर, शीतल तलेगांव, गीता दलाल और सविता अलोनी उपस्थित रहीं।
बोर्ड परीक्षा 2026: पहले चरण में सरल प्रश्नों को हल करें, लेकिन प्रश्नों का क्रम न बदलें
रायपुर। बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित हो चुकी है। कक्षा 10 की परीक्षाएँ 21 फरवरी से 13 मार्च तक और कक्षा 12 की परीक्षाएँ 20 फरवरी से 18 मार्च तक होंगी। वहीं 5वीं की बोर्ड परीक्षा 16 मार्च और 8वीं की 17 मार्च से शुरू होंगी। ऐसे में परीक्षा की तैयारी के साथ परीक्षा हाल में उत्तर पुस्तिका लिखने के सही ढंग और क्रम मूल्यांकन कर्ता को जांच में सहायक होते है।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य और माध्यमिक शिक्षा मंडल के विषय समिति के संयोजक मनीष गोवर्धन ने अपने 32 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहते है कि परीक्षा हाल में प्रश्न पत्र मिलने पर पहले 10 मिनट पेपर से अच्छे से पढ़े। ताकि आप यह मार्क कर सके कि आपको कौन-कौन से प्रश्नों को उत्तर बहुत अधिक अच्छे से याद है। प्रश्न पत्र हल करने का क्रम प्रारंभ से अंतिम यानी जिस क्रम में प्रश्न दिया उसी क्रम में उत्तर लिखे। क्योंकि मूल्यांकन कर्ता को उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर अंक प्रविष्ठ करना होता है, अतः क्रम बदलने नहीं चाहिए।
मनीष गोवर्धन ने आगे कहा कि पहले चरण में आसानी से बनने वाले या यूं कहें कि उन प्रश्नों को हल कीजिए, जो आपको बहुत अच्छे से याद है। किसी प्रश्न का उत्तर नहीं बन रहा है उसके लिए उत्तर की शब्द सीमा के अनुसार स्थान छोड़ कर आगे बढ़ना चाहिए। प्रथम चरण के बाद बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है, उसके बाद उन प्रश्नों के हल करना प्रारंभ कीजिए जो आपका याद है। लेकिन समय का विशेष ध्यान रखें। दोनों चरणों के बाद बचे समय में उन प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें जिसके लिए आपने स्थान छोड़ा है।
मनीष गोवर्धन ने आगे कहा कि उत्तर क्रमांक और आवंटित अंक का उल्लेख सभी प्रश्नों पर शीर्षक के रुप में अंकित करना चाहिए। ताकि मूल्यांकनकर्ता को नंबर देने में आसानी हो। वहीं हर प्रश्न को हल करने के बाद दो लाइन छोड़कर ही अलगा प्रश्न लिखे। पृष्ठ के अंतिम लाइन या काफी नीचे से नये प्रश्न का उत्तर लिखना बिल्कुल भी शुरू नहीं करे। पूरा प्रश्न पत्र हल करने के बाद एक बार उसका निरीक्षण अवश्य करें तभी पेपर जमा करें।
महाराष्ट्र मंडल में हल्दी कुंकू पर रंगोली और फैंसी ड्रेस स्पर्धा 23 जनवरी को
- मुंबई में अपनी पहचान बना चुकी श्रुति संघी अपनी गायिका से कार्यक्रम को बनाएंगी खास
- कथक की बाल नृत्यांगा अभिज्ञा शुक्ल और ओजस्वी पार्थ शेष का किया जाएगा अभिनंदन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर द्वारा आगामी 23 जनवरी को दोपहर 2 से हल्दी-कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। हल्दी-कुंकू में इस बार जहां मंदाताई कुसरे की स्मृति में रंगोली प्रतियोगिता होगी। वहीं फैंसी ड्रेस स्पर्धा प्रतिभागियों और सदस्यों में उत्साह का संचार कर देने वाला होगा। आयोजन में सबसे खास यह है कि बैंगलोर, उदयपुर, मुंबई जैसे महानगरों में अपनी प्रस्तुति दे चुकी और संगीतकार मोंटी शर्मा के हाथों टिकिट टू वालीवुड का खिताब अपने नाम कर चुकी रायपुर की श्रुति संघी अपनी गायिका की प्रस्तुति देगी। बताते चले कि श्रुति रायपुर शहर के स्वर सप्तक मंच से अपनी प्रतिभा की पहचान बनाकर सरगम के साथी मुंबई के कार्यक्रम मैलोडी रिदम एंड फ्यूजन बिरला मातोश्री हाल मरीन लाइन मुंबई में देश के नामी गायकों के साथ अपनी गायकी का एक अलग स्थान बना चुकी है।
कार्यक्रम की संयोजक और महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि शुक्रवार, 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन हल्दी-कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मंदाताई कुसरे की स्मृति में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई है। जिसके लिए नियमों का निर्धारण कर दिया गया है। वहीं फैंसी ड्रेस स्पर्धा इस बार खास होगी। इस स्पर्धा में प्रत्येक केंद्र से सिर्फ एक प्रतिभागी को लिया जाएगा। दोनों की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभाग मानसी विठ्ठलकर 9340970704, अपर्णा मोघे 8770674833, आराधना शेष _9300491000, शोभा जोशी 9399491791 और अर्चना भाकरे 9806675851 से संपर्क कर सकते है।
गीता दलाल ने आगे बताया कि रंगोली बिंदू वाली बनाई जाएगी। जिसके लिए 15 बाई 15 इंच का साइज निर्धारित किया गया है। स्पर्धा में प्रत्येक केंद्र से सिर्फ दो सदस्य भाग ले सकते है। सभी प्रतिभागियों को रंगोली अपने घर से लानी होगी। रंगोली स्पर्धा का समय दोपहर 2 से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों को एक घंटे का समय मिलेगा। इसी तरह फैंसी ड्रेस स्पर्धा में हर केंद्र से एक एंट्री ली जाएगी। हर प्रतिभागी को मंच पर दो मिनट का समय बोलने के लिए दिया जाएगा। फैंसी ड्रेस स्पर्धा दोपहर 3.30 बजे से शुरू होगा।
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0- महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की महाआरती में जुटे मराठा समाज के पदाधिकारी भी
महाराष्ट्र मंडल में 19 जनवरी की शाम छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती
हल्दी- कुंकू 2026.... अमलीडीड केंद्र में 10 चूड़िया रिंग में फंसाकर प्रिया बनीं विजेता
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह केद्र में हल्दी-कुंकू का आयोजन रोचक और आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। हल्दी-कुंकू को रोचक बनाने के लिए महिलाओं ने पेंसिंल के स्टैंड में चूड़िया फेंकने का गेम खेला। जिसमें सभी सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लिया। स्पर्धा में 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रही।
महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारी महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख ने बताया कि अमलीडीह महिला केंद्र द्वारा भी हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। मराठियों में हल्दी-कुंकू का बड़ा महत्व है। विवाहित महिलाओं के सौभाग्य, आपसी स्नेह और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है, जहाँ वे एक-दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर पति की लंबी उम्र और घर में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह महिलाओं को एकजुट होने, सजने-संवरने और त्योहारों का आनंद लेने का अवसर देता है।

अपर्णा देशमुख ने आगे बताया कि अमलीडीह केंद्र की हुई मासिक बैठक की शुरूआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। महिलाओं ने पेंसिंल के स्टैंड में कांच की चूड़ियां फेंकने का गेम भी खेला। जिसमें 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रही। बैठक में आगामी सामाजिक कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई। जिसमें स्लम एरिया में संस्कार शिविर लगाने पर की रूपरेखा तैयार की गई। इस अवसर पर अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, कामिनी पतंगीवार, मनीषा कस्तूरे, रेणुका टोमे, प्रीती, प्रिया काडू, शोभा सोनाये, कविता शर्मा ,अपर्णा देशमुख उपस्थित थी।
हल्दी- कुंकू 2026.... मनोरंजक खेल में परिणीता रही प्रथम और वंदना दूसरे स्थान पर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बूढ़ापारा महिला केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन रोचक और आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने हाउजी की गोटियों (पासा) से बर्थ डे पजल खेला जिसमें परिणीता खांडेकर प्रथम और वंदना जोशी दूसरे स्थान पर रही।
बूढ़ापारा केंद्र की संयोजिका अपर्णा मोघे ने बताया कि केंद्र की सदस्या दीपाली बर्वे के निवास पर हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इस अवसर सभी ने मनोरंजक गेम खेला। जिसमें सभी सदस्यों को अपना जन्म तिथि बताया फि बाउल मे रखी गोटियों को एक-एक करके तब तक निकालना था, जब तक उनकी जन्म तिथि वाला अंक नहीं आ जाता। जिसने सबसे ज्यादा गोटियों के बाद अपना नंबर निकाला वह विजयी रही। स्पर्धा में परिणीता खांडेकर प्रथम और वंदना जोशी दूसरे स्थान पर रही।

अपर्णा मोघे ने आगे बताया कि सभी का स्वागत हल्दी-कुंकू लगाकर किया गया और तिल के लड्डू एवं स्वादिष्ट आलू टिक्की स्वलपाहार कराया गया। बैठक में जयश्री केलकर, हेमा बर्वे, हेमा पराड़कर, सविता मोघे, सरिता साठे, दमयंती देशपांडे, सुचित्रा देशपांडे, अंजलि नलगुंडवार, वंदना जोशी, परिणीता खांडेकर, प्रीति राउत, प्रणिता नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, दीप्ति राउत, दीपाली बर्वे, अपर्णा मोघे, सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, शिल्पा काले, साधना गायकवाड़, अर्चना पराड़कर उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल में बारह ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी के साथ होगा लघु रूद्राभिषेक
- आयोजन के 25वें वर्ष को यादगार बनाने में जुटे समिति के पदाधिकारी
- पिछले 23 वर्षों से लगातार पूजन में बैठ रहे दंपतियों का होगा सम्मान
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल भवन के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के सामूहिक तत्वावधान में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार, 15 फरवरी को सामूहिक लघु रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष आय़ोजन को खास बनाने की तैयारी में समिति के पदाधिकारी जुटे हुए है। इस वर्ष पूजन स्थल पर बारह ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी रमणीय होगी।
महाराष्ट्र मंडल के सचिव और कार्यक्रम प्रमुख आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि इस वर्ष आयोजन का 25वां वर्ष है। आयोजन को खास बानाने के लिए इस वर्ष संत ज्ञानेश्वर सभागृह में बारह ज्योतिर्लिंग की आकर्षक झांकी बनाई जाएगी। जो देखते ही बनेगी। झांकी निर्माण की जिम्मेदारी आर्टिशन अजय पोतदार और उनकी टीम ने अपने कंधों पर लिया है।
आचार्य चेतन दंडवते ने आगे बताया कि आयोजन का 25वां वर्ष होने के कारण इस वर्ष पिछले 23 सालों से लगातार पूजन में बैठने वाले दंपतियों का सम्मान भी किया जाएगा। वहीं इस वर्ष दो नवविवाहित जोड़े भी पूजन में बैठेंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 61 जोड़ो का लक्ष्य रखा गया है। अभी 27 जोड़ों ने अपना पंजीयन करा लिया है। बतातें चले कि इस अवसर पर मंडल की महिला केद्रों द्वारा लघु रूद्र का पाठ और शिव तांडव स्त्रोत का गायन भी किया जाएगा।