- नागरिक संवादः सड़कों पर गोवंश के लिए गोसेवकों की नियुक्ति अनिवार्य
- श्वान के बधियाकरण के लिए निगम के 10 जोन में बढ़ानी होगी टीम
रायपुर। राजधानी की सड़कों को मवेशी मुक्त रखने के लिए शहर में गौ अभ्यारण्य और गो मुक्तिधाम स्थापित करना बेहद जरूरी है। इसके साथ सड़कों पर बैठे मवेशियों के मालिकों पर कार्रवाई करने के लिए मवेशियों की प्रॉपर ट्रैकिंग नंबर एलाट होना चाहिए। ताकि कार्रवाई के समय मवेशी के मालिक का पता चल सके। वहीं इस कार्रवाई में आम लोगों की सहभागिता के लिए गो सेवकों की नियुक्ति गोसेवा आयोग की ओर से होना चाहिए। वहीं शहर में घूम रहे बेसहारा हिंसक श्वानों की तो इनके बधियाकरण के लिए नगर अभी सीमित संसाधनों से संघर्ष कर रहा है। रायपुर निगम के 10 जोन को 5 भागों में विभक्त कर पांच टीम बनानी होगी। और बधियाकरण का टारगेट लेकर कार्य करना होगा। तभी इन हिंसक श्वानों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल में आयोजित ‘राजधानी की सड़कों से कैसे हटाएं मवेशी और श्वान’ विषय पर आयोजित नागरिक संवाद में पहुंचे वक्ताओं ने रखें। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र मंडल में चल रहे शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के आयोजनों की श्रृखला में सातवें दिन मंगलवार 2 सितंबर को किया गया।

रायपुर नगर निगम के डीडी नगर वार्ड के पार्षद आशु चंद्रवंशी ने कहा कि मवेशियों को सड़कों पर आने से रोकने और श्वान से सुरक्षा के लिए सबसे महत्तपूर्ण कार्य जागरूकता है। इन दोनों कार्यों के लिए लोगों का जागरूक होना बेहग जरूरी है। गोसेवा आयोग की ओर से उन यदुवंशियों को गौ सेवक नियुक्त करना चाहिए जो अपने मवेशी को सड़कों पर छोड़ देते है और निगम की कार्रवाई के समय विरोध करने आ जाते है। उन्हें गो सेवक नियुक्त कर दिया जाएगा और कार्रवाई में उनकी ही सहयोग लिया जाएगा तो काफी हद तक सड़कों पर मवेशियों की संख्या कम होगी। इसके साथ उन्होंने निगम के अधिकारियों से डाग कैचर वाहन की संख्या बढ़ाने और अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रपोजल बनाकर लाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि निगम की सरकार इन दोनों समस्याओं के स्थाई समाधान पर प्रयास करेगी।

रायपुर नगर के राजस्व विभाग के अध्यक्ष अवतार सिंग बागल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज मवेशियों को सड़कों से हटाने के लिए कड़ाई से कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। कुछ गोपाल दूधारू गाय की सेवा तो करते हैं, लेकिन दूध नहीं देने पर उसे सड़कों पर छोड़ देते है। ऐसे गोपालकों की पहचान करनी होगी।
कार्यक्रम में पहुंचे गौ संरक्षण समिति रावांभाठा के संरक्षक हरीश जोशी ने कहा कि पशु परीक्षण अधिनियम हमारे छत्तीसगढ़ में प्रभावशील है। इसमें गो वंश की हत्या पर 10 वर्ष कारावास और 50 हजार जुर्माने तक का प्रावधान है। लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं, इसलिए भय नहीं। पशुवंशों की सुरक्षा के लिए बने कानून अगर लोगों को पता चल जाएंगे तो काफी हद तक सड़कों पर मवेशी कम होंगे। क्योंकि सड़कों पर मवेशियों के अकारण मौत के लिए कहीं न कहीं मालिक भी जिम्मेदार होता है। उन्होंने कहा कि हमारी गौशाला में 600 से अधिक गोवंश इस समय है।
नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी प्रीति सिंह ने बताया कि रायपुर नगर निगम अपने सीमित संसाधनों के साथ लगातार गोवंश की सुरक्षा के साथ सड़कों पर घूम रहे बेसहारा श्वानों के बधियाकरण का कार्य भी कर रही है। सोनडोंगरी में जल्द शुरू होने वाले शेल्टर हाउस के बाद इस कार्य में तेजी आएगी। अभी हमारे पास सिर्फ एक डाग कैचर टीम है। इतने बड़े शहर में एक टीम के कार्य करना कठिन है। उन्होंने गौवंश को लेकर निगम की ओर गोठानों में उचित व्यवस्था की बात कहते हुए जागरूकता लाने पर जोर दिया।
आश्रय फार एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन की संस्थापिका तनुश्री तिवारी ने कहा कि भूख शांत नहीं होने पर मनुष्य के अंदर चिड़चिड़ापन आ जाता है। ठीक वैसे ही श्वानों के साथ भी होता है। सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा श्वान पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाने के कारण आक्रामक हो जाते है। बैग लेकर स्कूल जाते बच्चे उन्हें डाग कैचर टीम की भांति लगते है, या यूं कहिए कि उन्हें बच्चों के स्कूल बैग से खाने की चीजें की गंध आती है, इसलिए बच्चे बच्चों पर टूट पड़ते है।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने नागरिक संवाद कार्यक्रम में पहुंचे सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि आज की इस चर्चा में गोसेवक की नियुक्ति, गोमुक्तिधाम निर्माण, गो अभ्यारण्य निर्माण, काउकैचर और डागकैचर की टीम बढ़ाने पर लेकर आप सभी ने अपना-अपना अभिमत दिया। निःसंदेह आप सभी के विचार और प्रयासों से हमें राजधानी की सड़कों को मवेशियों और श्वानों से मुक्त और सुरक्षित करने का आधार मिलेगा। महाराष्ट्र मंडल इस अभियान की रूपरेखा तैयार जल्द राजधानी के चारों विधायकों से मिलेगा।
कार्यक्रम क संचालन सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी और आभार प्रदर्शन साहित्य समिति की प्रमुख कुमुद लाड ने किया। इस अवसर पर मंडल के सचिव चेतन दंडवते, मुख्य समन्वयक श्यामसुंदर खंगन, युवा समिति सन्वयक विनोद राखुंडे, महाराष्ट्र मंडल भवन प्रभारी निरंजन पंड़ित, विजय लाड प्रमुख रुप से उपस्थित थे।