छत्तीसगढ़
गृह मंत्री विजय शर्मा बोले- जल्द सार्वजानिक होगी झीरम घाटी हत्याकांड की रिपोर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि झीरम घाटी हत्याकांड की रिपोर्ट जल्द ही सार्वजानिक की जाएगी। डिप्टी सीएम शर्मा से झीरम की रिपोर्ट सावर्जनिक किए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमारी सरकार झीरम की रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। डिप्टी सीएम ने इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि, वे सबूत जेब में रखे हैं, लेकिन निकाल नहीं रहे हैं। उसे भी निकलवाना पड़ेगा। बता दें कि भूपेश बघेल लगातार यह बयान देते रहे हैं कि झीरमकांड का सबूत उनके पास है।
बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इस मामले की नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी भी गठित की थी, लेकिन उसकी जांच अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।मई 2013 को झीरम घाटी (बस्तर) में नक्सलियों ने कांग्रेस के काफिले पर हमला कर दिया था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा सहित कई बड़े नेताओं की मौत हो गई थी।
तब प्रदेश में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार थी। इस घटना के बाद से इसको लेकर लगातार राजनीति होती रही है। कांग्रेस के नेता इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए बीजेपी सरकार पर सच छिपाने का आरोप लगाते हैं। वहीं बीजेपी इस मामले में काग्रेस नेताओं को ही कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करती है। वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में परिवर्तन यात्रा निकाला।
यह यात्रा बस्तर संभाग में भी पहुंची। सुकमा में सभा के बाद कांग्रेस नेताओं का पूरा काफिला जिसमें नंद कुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, पूर्व विधायक उदय मुदलियार, कोंटा विधायक कवासी लखमा सहित कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता और सुरक्षा कर्मी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं का काफिला जैसे ही बस्तर की झीरम घाटी में पहुंचा पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने हमला बोल दिया। इस घटना में कुल 33 लोगों की मौत हुई थी। एक मात्र कवासी लखमा वहां से सुरक्षित निकलने में सफल रहे थे।
कवर्धा सड़क हादसे के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज, 19 लोगों की गई थी जान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में हुए भीषण सड़क हादसे 19 लोगों की मौत मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस के बेंच में मामले की सुनवाई होगी। बता दें कि हाईकोर्ट ने दुर्घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने कवर्धा जिले में हुए सड़क हादसे में 19 आदिवासियों की मौत को जनहित याचिका माना है।
जस्टिस ने रजिस्ट्रार जनरल को जनहित याचिका के रूप में प्रकरण की फाइल तैयार करने और रजिस्टर्ड करने के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिका की पहली सुनवाई 24 मई को चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में होगी। इससे पहले भी चीफ जस्टिस ने प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए स्वत: संज्ञान में लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है। इसमें छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव, प्रदेशभर के कलेक्टर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, स्टेट हाइवे के आला अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना कंगाले ने राजनांदगांव, दुर्ग और महासमुंद में मतगणना की तैयारियों का लिया जायजा
किर्गिस्तान में फंसी छत्तीसगढ़ की आयशा, वीडियो जारी कर CM से लगाई मदद की गुहार
रायपुर। गौरेला के समीपस्थ ग्राम ज्योतिपुर निवासी आयशा राय पढ़ाई करने किर्गिस्तान गई हुई है। वहां की हालत को देखते हुए चिंता व्यक्त करते हुए इंटरनेट मीडिया एक्स में सीएम विष्णुदेव साय को टैग कर बचाने के लिए गुहार लगाई है।
उन्होंने वहां के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वहां रहने वाले जितने भी बाहरी नागरिक हैं वहां के लोग उन्हें मार रहे हैं। ज्योतिपुर की बेटी आयशा राय के पिता का कुछ समय पहले देहांत हो गया है, विकट स्थिति है। इसका जिक्र करते हुए उन्होंने सीएम को मदद करने की बात कही है।
आयशा राय की मां बिलासपुर सिम्स मेडिकल कालेज में पदस्थ हैं, जबकि उनके पिता नहीं हैं. आयशा देखरेख उसके मामा-मामी ने की, जो कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सेनेटोरियम में रहते हैं. उनकी इच्छा डॉक्टर बनने की थी, इसके चलते वे पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान गई है। आयशा बीबीएस तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं।
बतादें कि किर्गिस्तान में अचानक पिछले सप्ताह हुए विवाद के बाद वहां का माहौल बदला और स्थित बिगड़ गई। दूसरे देश के लोग के साथ गंभीर घटनाएं हो रही है इस करण वहां पढ़ने गए बच्चे अपने स्वजन से वहां से संपर्क साध कर वहां से आने की कोशिश कर रहे हैं। आयशा इसी कड़ी में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एक्स में मदद की गुहार लगाई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने किया राजनांदगांव के स्ट्रांग रूम और मतगणना कक्ष का निरीक्षण
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहब कांगाले ने राजनांदगांव पहुंच कर यहां के स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल का निरीक्षण करते हुए तैयारी की समीक्षा की आगामी 4 जून को शहर के कृषि उपज मंडी बसंतपुर के समीप वेयरहाउस के गोदाम में मतगणना की प्रक्रिया की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विधानसभावार मतगणना कक्ष, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व एजेंट की बैठक व्यवस्था, प्रवेश पास, सीसीटीवी कैमरा मॉनिटरिंग, सुरक्षा व्यवस्था, उद्घोषक कक्ष और मीडिया सेंटर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने राजनांदगांव संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के समस्त मतदान केन्द्रों के मतदान का परिणाम समेकित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मतगणना की व्यवस्था के प्रति संतुष्टि जाहिर की।
अपने निरीक्षण के दौरान मतगणना की त्वरित जानकारी को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सूचना एवं टेक्नोलाजी का प्रयोग करते हुए राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अन्य जिलों के विधानसभा क्षेत्र की जानकारी गूगल लिंक के माध्यम से मतगणना का डेटा तुरंत अपडेट होगा। वहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यहां तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था भी देखी।
वहीं मतगणना कार्य से जुड़े समस्त अधिकारियों के लिए कई दिशा निर्देश दिये। वहीं मतगणना स्थल पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन आदि नहीं ले जाने को लेकर निर्देशों के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, राजनांदगांव कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली इन ट्रेनों में अतिरिक्त AC-3 कोच की सुविधा
रायपुर। अगर आप भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर जाने वाले यात्री है तो यह खबर आप ही के काम की है। दरअसल यात्रियों के लिए कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रशासन ने हावड़ा-पुणे-हावड़ा और हावड़ा-सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस में एक-एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा दी है। इससे यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी। ट्रेन में अतिरिक्त कोच 23 से 27 मई तक उपलब्ध रहेगी।
रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा और अधिकाधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलने वाली ट्रेन में अतिरिक्त कोच उपलब्ध कराया गया है। ट्रेन संख्या 12262/12261 हावड़ा-सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस और 12222/12221 हावड़ा-पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस सुविधा दी गई है। दोनों एक्सप्रेस में एक-एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा की उपलब्धता से इस गाड़ी में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे।
यह सुविधा गाड़ी संख्या 12262 हावड़ा-सीएसएमटी में हावड़ा से दिनांक 22 और 24 मई 2024 को एवं गाड़ी संख्या 12261 सीएसएमटी-हावड़ा में सीएसएमटी से दिनांक 23 और 25 मई 2024 को उपलब्ध रहेगी। यह सुविधा गाड़ी संख्या 12222 हावड़ा-पुणे में हावड़ा से दिनांक 23 और 25 मई 2024 को एवं गाड़ी संख्या 12221 पुणे-हावड़ा में पुणे से दिनांक 25 और 27 मई 2024 को उपलब्ध रहेगी।
CIMS पर 3 लाख का जुर्माना, फैकल्टी और रिसोर्स की कमी बनी कारण, सीटें कम करने की भी चेतावनी
रायपुर। बिलासपुर स्थित सिम्स को नेशनल मेडिकल कमीशन यानी एनएमसी ने एमबीबीएस की सीटों के मुकाबले फैकल्टी और रिसोर्स की कमी के चलते 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि समय रहते प्रोफेसर्स व अन्य स्टाफ समेत जरूरी संसाधन नहीं जुटाए गए तो एमबीबीएस की सीटें कम कर दी जाएंगी।
बता दें कि सिम्स संभाग का सबसे बड़ा सरकार अस्पताल व मेडिकल कॉलेज है. यहां की व्यवस्थाओं पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. अस्पताल का हाल चाहे जैसा हो, कॉलेज की व्यवस्था पहले से बेहतर होने के चलते एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीटें भी बढ़ती रही हैं।
वहीं पिछले एक-दो सालों में इसमें गिरावट भी आई है. इसके पीछे वजह सीटें बढ़ने के बाद भी जरूरी संसाधन नहीं बढ़ाए गए. टीचर्स की भी कमी बनी हुई है। यही वजह है कि देशभर के सभी मेडिकल कालेजों पर ऑनलाइन नजर रखने वाली संस्था नेशनल मेडिकल कमीशन ने ये सख्ती बरती है।
एनएमसी कॉलेजों को समय-समय पर कमियां दूर करने को लेकर दिशा-निर्देश देता है. इसी कड़ी में पिछले दिनों वर्चुअल बैठक ली गई थी। इसमें सिम्स समेत प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन और प्रोफेसर शामिल थे. तब रिव्यू के दौरान सिम्स में फैकल्टी की गिनती की गई। इसमें यहां काफी कमियां पाई गईं. पर्याप्त संख्या में न तो डॉक्टर हैं, न प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर. इससे यहां पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
अवैध रेत खनन पर जिला प्रशासन की कार्रवाई... सरपंच को किया निलंबित, अवैध कार्यों में मिली संलिप्तता
रायपुर। महासमुंद जिला प्रशासन अवैध रेत माफियाओं सहित रेत खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को परसदा जोशी की महिला सरपंच को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, महिला सरपंच सुनीता सोनी को अवैध परिवहन मामले में नोटिस के बावजुद परसदाजोशी पंचायत क्षेत्र के खदानों में अवैध परिवहन जारी था। इसके साथ ही अवैध रेत खनन और परिवहन में संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद सरपंच को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
बता दें, राजिम एसडीएम अर्पिता पाठक ने महिला सरपंच की संलिप्तता पाए जाने पर निलंबन कार्रवाई की है। पाठक ने बताया, कि इस पंचायत क्षेत्र में बहने वाले महानदी में लगातार अवैध रेत परिवहन जारी था, प्रसाशान समय-समय पर कार्यवाही कर रहा था, लेकिन पंचायत ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन नहीं किया। माह भर पहले पंचायत को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, जिसका जवाब भी संतोष प्रद नही मिला। इसलिए धारा 39 के तहत कार्यवाहक सरपंच सुनीता सोनी को पद से निलंबित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष से परसदाजोशी पंचायत अवैध खनन वाले हाई प्रोफाइल घाट के रूप में चर्चा में है। पिछले साल तक यहां खनिज विभाग की स्वीकृत खदान थी, लेकिन चिन्हांकित स्थान के अतिरिक्त स्थानों पर लगतार अवैध माइनिंग होती रही। पंचायत आंख मूंद कर तमाशा देखता रहा और 80 हजार घन मीटर के अवैध खनन हो गई।
बता दें, खदान का अनुबंध खत्म होने के बावजुद यहां इस साल भी अवैध परिवहन जारी रहा। इस पंचायत क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थान पर अब भी अवैध खनन जारी है। पूरे मामले में शुरू से ही पंचायत की मौन सहमति थी। महीने भर पहले नोटिस जारी हुआ तो, कार्रवाई से बचने पंचायत ने आनन-फानन में अवैध परिवहन की लिखित शिकायत तब की, जब माइनिंग विभाग व प्रसाशन ने अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी।
रानू साहू और सौम्या चौरसिया को रिमांड पर लेगी ईओडब्ल्यू
रायपुर। कोल घोटाले मामले में जेल में बंद निलंबित आईएएस रानू साहू और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रहीं निलंबित राप्रसे सौम्या चौरसिया को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों निलंबित अफसरों को प्रोडक्शन वारंट पर विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां ईओडब्ल्यू दोनों की रिमांड मांगेगी। ईओडब्ल्यू ने ने प्रोडक्शन वारंट के लिए कोर्ट में आवेदन लगाया थी। बुधवार को कोर्ट ने आवेदन का स्वीकार कर लिया, जिसके बाद दोनों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईओडब्ल्यू पूछताछ के लिए दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर रिमांड मांगेगी।
जानकारी के अनुसार ईडी की रिपोर्ट के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जनवरी कोल लेवी घोटाले में करीब 35 लोगों पर एफआईआर की थी। इनमें रानू साहू और सौम्या चौरसिया का भी नाम था। ब्यूरो की टीम एक बार जेल में जाकर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी काफी पूछताछ बाकी है, जिसके आधार पर ब्यूरो ने दोनों का प्रोडक्शन रिमांड मांगा। प्रोडक्शन रिमांड पर कोर्ट में पेश कर विधिवत गिरफ्तारी कर हफ्तेभर का रिमांड लेने की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ने 540 करोड़ रुपये के कथित कोयला घोटाले का खुलासा किया था। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ईडी ने आईएएस अधिकारी समीर विष्णोई और व्यापारी सूर्यकांत तिवारी सहित तीन अन्य को गिरफ्तार किया था। मनी लॉन्ड्रिंग मामला खदानों में लगे ट्रांसपोर्टर और ट्रकों पर अवैध लैवी वसूलने का है। फिर दो दिसंबर 2022 करीब साढ़े 17 महीने पहले सौम्या चौरसिया को ED ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 21 जुलाई 2023 को रानू साहू के देवेंद्र नगर स्थित सरकारी घर पर ED ने छापा भी मारा था। इस दौरान करीब चौबीस घंटे की जांच के बाद ED ने 22 जुलाई की सुबह IAS रानू साहू को गिरफ्तार कर लिया था। तब से दोनों जेल में ही हैं। सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
मरीज को रेफर करने और बिना अनुमति निजी प्रैक्टिस के मामले में दो डॉक्टर्स सहित तीन को नोटिस
रायपुर। दुर्ग जिले में पदस्थ नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी ने 2 डॉक्टर समेत एक अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। अस्पताल प्रबंधन से मरीज को सभी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद दूसरे अस्पताल भेजने पर डॉक्टर्स से जवाब तलब किया गया है।
जांच कर रही डॉक्टर से भी जवाब मांगा गया है। डॉक्टर से पूछा गया है, कि सुविधा के बाबजूद रेफर क्यों किया? आपको बता दें की गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए थे। महिला की मौत के बाद सभी जांच के घेरे में आए हैं।
वहीं जिला अस्पताल में संविदा नियुक्ति पर पदस्थ डॉक्टर कुलदीप सिंह के प्राइवेट प्रैक्टिस पर भी नोटिस जारी किया गया है। नियमानुसार संविदा पर नियुक्त डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर सकते हैं, बावजूद संबंधित डॉक्टर ने चार माह तक बिना इस्तीफा दिए ही, निजी अस्पताल में प्रैक्टिस की। अब इस मामले में विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नारायणपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़….दोनों ओर से फायरिंग जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर सुबह से चल रही नक्सल मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जवानों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। इसके साथ ही कई नक्सलियों को जिंदा पकड़ा है। हालांकि पकड़े गए नक्सलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टी अभी नहीं हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाके में सुबह से जारी है। सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में जवानों ने 2 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही कई (जीवित) नक्सलियों को धर दबोचा है। आस-पास के इलाकों में सर्चिंग जारी है।
एम्स का द्वितीय दीक्षांत समारोहः 509 छात्रों को उपाधि देंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। एम्स के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल और उषा जिंदल ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया। इस बार दीक्षांत समारोह में 509 चिकित्सा छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएंगी।
एम्स प्रबंधन का कहना है कि दीक्षांत समारोह की तिथि तय नहीं हुई है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में उम्मीद है। लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने बताया कि एम्स के लिए यह गौरव का क्षण है कि समारोह के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति से दीक्षांत समारोह में मुख्य अभिभाषण के साथ स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए भी अनुरोध किया है।
दीक्षांत समारोह में एमबीबीएस के 203 छात्रों (2017 और 2018 बैच), बीएससी (नर्सिंग) की 116 छात्राओं (2018 और 2019 बैच), एमडी,एमएस,एमडीएस के 143 और डीएम व एमसीएच की 14 डिग्री प्रदान की जाएंगी। चार छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। दीक्षांत समारोह के सुचारू आयोजन के लिए एम्स की ओर से विभिन्न कमेटियों का गठन किया गया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गंभीर, सड़क हादसे में 19 आदिवासियों की मौत पर 10 लोगों को बनाया पक्षकार
बिलासपुर | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा ने कवर्धा जिले में हुए सड़क हादसे में 19 आदिवासियों की मौत को जनहित याचिका माना है। इस केस की सुनवाई 24 मई को डिवीजन बेंच में होगी। इससे पहले भी चीफ जस्टिस ने प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों को जनहित याचिका मानकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
कवर्धा जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के बाहपानी में हुए पिकअप हादसे में बैगा जनजाति के 19 लोगों की दर्दनाक मौत हुई। बारह लोगों ने पिकअप से कूदकर अपनी जान बचाई। सभी मृतक ग्राम सेमहारा के रहने वाले थे, जो पिकअप से जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे और वापस आ रहे थे। कई ऐसे भी लोग हैं, जो एक ही परिवार के सदस्य थे। ऐसे में परिवार के लोगों का भी रो - रो कर बुरा हाल हो रहा है। इस हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, चार घायलों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, 10 लोग घायल हैं, जिनका उपचार चल रहा है।
पिकअप, ट्रैक्टर, मेटाडोर, छोटा हाथी जैसे मालवाहकों में यात्री परिवहन अक्सर देखने को मिलता है। खासकर जब शादी - विवाह और धान - रोपाई व निर्माण कार्य के समय श्रमिकों को मालवाहकों से ही लाना लेजा किया जाता है | विभिन्न मुख्य मार्गों के अलावा शहर के भीतर भी उल्लंघन का यह नजारा अब आम हो गया है | जिसे देखने के बाद भी यातायात विभाग और न ही परिवहन विभाग कोई कार्रवाई करता है। इसके साथ ही हादसे का एक बड़ा कारण नशा भी है।
हादसे के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरती जाए और ऐसे हादसे रोकने के हर संभव प्रयास किया जाये |
हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के लिए रजिस्टर्ड किया है। इस केस में राज्य शासन के पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव, परिवहन आयुक्त, स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के साथ ही कलेक्टर सहित 10 लोगों को पक्षकार बनाया गया है।
यह पहली घटना नहीं है, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वतः संज्ञान लिया है। इससे पहले भी उन्होंने जनहित के कई मामलों पर मीडिया में प्रकाशित खबरों को आधार मानकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। इसी तरह उन्होंने राजधानी रायपुर के विधानसभा रोड सहित प्रदेश की ख़राब सड़कों को जनहित याचिका मानकर सुनवाई कर चुके है। इस दौरान डिवीजन बेंच ने शासन को निरन्तर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़कों पर सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जाने के लिए निर्देशित किया था।
कर्नाटक और हैदराबाद बंधक बनाए गए थे मजदूर.. जिला प्रशासन की पहल पर 19 मजदूर लाए गए वापस
रायपुर। जगदलपुर जिला प्रशासन की पहल पर दरभा क्षेत्र के 19 मजदूर कर्नाटक और हैदराबाद से वापस लाए गए। कलेक्टर विजय दयाराम के मार्गदर्शन में जिला श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों को उनके मेहनताना की राशि ठेकेदारों से वसूल कर लाने पर, कलेक्टर ने जिला कार्यालय में राशि का वितरण किया। साथ ही मजदूरों को अधिक मेहनताना की लालसा में अन्य राज्य पलायन नहीं करने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर ने मजदूरों को उनकी मजदूरी की राशि का वितरण कर मौके पर राशि गिनवाई, एक बालक ने अशिक्षित होने के कारण राशि गिनने में असमर्थता जताई जिसके पर कलेक्टर ने उसे साक्षर बनाने के लिए साक्षरता अभियान से जोडऩे के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।
बतादें कि विकासखंड दरभा क्षेत्र के 19 श्रमिक अधिक मजदूरी की लालच में कर्नाटक में 14 व हैदराबाद केएलपी. नगर में 5 मजदूर बोरिंग गाड़ी में मजदूरी कर रहे थे, जिन्हें मजदूरी भुगतान नहीं मिलने की शिकायत होने पर बस्तर जिला प्रशासन द्वारा दल का गठन किया। दल ने मौके पर जाकर 19 श्रमिकों को भुगतान सहित सकुशल गृहग्राम पहुंचाया गया। उक्त 19 श्रमिकों को प्रशासन द्वारा राशि 7 लाख 31 हजार 500 रुपए दिलवाया गया। जिसमें सन्ना सोढ़ी, समदू, धनीराम, कमलू, सन्नू को 56,400 रुपए मिला। इसके अलावा घेनवा, अरकित, हिडमा, लखमा और राजू को 42,300 रुपए, रागा 28,500, पोदिया व सोमा को 35,250, मुंगला मरकाम और लक्ष्मण मरकाम को 40 हजार सुखराम 7 हजार, दशमन 11 हजार, हांदाराम मरकाम और भवानी मरकाम को 20 हजार रुपए मेहनताना की राशि दिया गया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, संयुक्त कलेक्टर सुनील शर्मा, श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
सुकमा में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, सर्चिंग के दौरान एक ईनामी सहित 10 नक्सली गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में पदस्थ पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली। जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के जंगलों से पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक हार्डकोर और ईनामी नक्सली समेत 10 नक्सलियों को गिरफ्तार किया।
मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर जिला पुलिस बल, डीआरजी सुकमा एवं 204, 206, 208 कोबरा वाहिनी की संयुक्त पार्टी नक्सल विरोधी अभियान के लिए ग्राम दुलेड़, बोट्टेतोंग, रासापल्ली, पीनाचंदा, ईरापल्ली, मेट्टामुड़ेम व आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। अभियान के दौरान ग्राम दुलेड़ के पास जंगल में सामान्य वेशभूषा में कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने एवं छिपने लगे। घेराबंदी कर 10 व्यक्तियों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में पूर्व से ही प्रकरण पंजीबद्ध है। उक्त प्रकरणों में सभी नक्सलियों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद गिरफ्तार नक्सलियों को 20 मई को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पकड़े गए नक्सलियों में पीनाचंदा थाना पामेड़ जिला बीजापुर निवासी माड़वी बुस्का (38) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलिशिया कमांडर है। जिस पर एक लाख रुपये का इनाम था। वहीं माड़वी जोगा (35) पेद्दाबोड़केल आरपीसी सेक्शन ए मिलिशिया डिप्टी कमांडर निवासी तिम्मापुरम गयतापारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा, पदाम जोगा (44) ग्राम बोट्टेतोंग डीएकेएमएस सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, सोड़ी गंगा (22) डीएकेएमएस सदस्य निवासी रासापल्ली स्कूलपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर, माड़वी हुंगा (35) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलशिया सदस्य निवासी पीनाचंदा थाना पामेड़ जिला बीजापुर, सोड़ी मुड़ा (43) बोट्टेतोंग डीएकेएमएस सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, मड़कम देवा (40) एर्रनपल्ली आरपीसी कृषि कमेटी अध्यक्ष निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, मड़कम हिंगा (24) बोट्टेतोंग डीएकेएमएस सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर, वेट्टी हुंगा उर्फ मोटू (21) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलशिया सदस्य निवासी बोट्टेतोंग थाना पामेड़ जिला बीजापुर और मड़कम नंदा (35) एर्रनपल्ली आरपीसी मिलशिया सदस्य निवासी बोट्टेतोग थाना पामेड़ जिला बीजापुर शामिल है।
मतगणना केंद्रों में पासधारी अभ्यर्थियों, निर्वाचन व मतगणना अभिकर्ताओं के लिए दिशा निर्देश जारी
रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना के दिन मतगणना केंद्रों में पासधारी अभ्यर्थियों, निर्वाचन अभिकर्ताओं और मतगणना अभिकर्ताओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मतगणना हॉल के भीतर मतगणना के परिणाम का योग करने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं उनके निर्वाचन अभिकर्ता को एक-एक एनालॉग केल्कुलेटर प्रदान करने की व्यवस्था करने को कहा है। मतगणना हॉल में मोबाइल फोन, आईपेड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बीड़ी, सिगरेट और गुटका प्रतिबंधित रहेगा।
मतगणना हॉल के भीतर पासधारी अभ्यर्थियों, निर्वाचन अभिकर्ताओं व मतगणना अभिकर्ताओं को कोरा कागज, मतपत्र लेखा प्रारूप 17सी भाग-1 की प्रति, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदाय किए गए ईवीएम और वीवीपैट की सूची जो विभिन्न मतदान केन्द्रों में प्रयोग में लाई गई है तथा प्लास्टिक पेन या पेंसिल ले जाने की अनुमति रहेगी। मतगणना परिसर के बाहरी गेट पर खान-पान की व्यवस्था के लिए अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा नियुक्त व्यवस्थापक के माध्यम से भोजन पैकेट उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मतगणना हॉल के भीतर नियुक्त किसी एक मतगणना अभिकर्ता द्वारा प्राप्त कर अन्य मतगणना अभिकर्ताओं को प्रदान किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को अभ्यर्थियों और निर्वाचन अभिकर्ताओं को इन व्यवस्थाओं से अवगत कराने के साथ ही इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं।
मतगणना हॉल के भीतर पासधारी अभ्यर्थी, निर्वाचन अभिकर्ता एवं मतगणना अभिकर्ता कोरा कागज, मतपत्र लेखा प्रारूप 17सी भाग-1 की प्रति, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदाय किए गए ईवीएम और वीवीपैट की सूची जो विभिन्न मतदान केन्द्रों में प्रयोग में लाई गई है, प्लास्टिक पेन या पेंसिल ले जा सकेंगे।
बेटी पर भालुओं ने किया हमला… भिड़ गए पिता… बचा ली जान, खुद गंभीर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर जिले में जंगल के भीतर भालुओं ने बच्ची पर हमला कर दिया। अपनी बेटी को बचाने के लिए पिता भालुओं से भिड़ गया। इससे भालू ने उसे जख्मी कर दिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई. हालांकि अपनी बेटी को मौत के मुंह से निकाल लाए। पिता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहां उपचार जारी है. वहीं वन विभाग ने परिवार को आवश्यक आर्थिक मदद पहुंचाई है।
मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया वनपरिक्षेत्र कोटाडोल के जंगल का है। यहां संतलाल सिंह अपनी पत्नी कलावती और बेटी संजना सिंह को लेकर जुर्ला नदी के पास तेंदुपत्ता तोड़ने के लिए गया हुआ था। तभी मादा भालू और उसके दो शावकों ने संतलाल पर हमला कर दिया। अपने पिता को खतरे में देखकर बेटी ने चिल्लाया तो भालू उस पर टूट पड़े। तब पिता संतलाल बीच में आ गए और भालुओं से मुकाबला करने लगे।
इससे भालुओं ने उनके शरीर पर जगह-जगह हमला कर दिया, जिससे हालत गंभीर हो गई। इस दौरान मां-बेटी शोर मचाती रहीं, जिससे भालु भाग निकले. इसके बाद दोनों ने आसपास जाकर लोगों को बुलाया और उनकी मदद से संतलाल को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद संतलाल को बेहतर इलाज के लिए शहडोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।