देश-विदेश
हवाईअड्डा संचालकों के साथ सलाहकार समूह की नागरिक उड्डयन मंत्री सिंधिया ने ली बैठक
नईदिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने हवाईअड्डा संचालकों के साथ एक सलाहकार समूह की बैठक की। आगामी सीज़न को ध्यान में रखते हुए सिंधिया ने हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ रोकने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंत्रालय इस अवधि के दौरान यात्रियों के लिए सहज और समय बचाने वाली यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए हर संभव उपाय को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है।
बैठक में मंत्री ने ऑपरेटरों के प्रश्नों और सुझावों को सुना और यात्रियों की सुविधा के लिए इष्टतम संचालन सुनिश्चित करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया। चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय मैनुअल से डिजिटल चेक-इन और प्रवेश द्वार प्रक्रियाओं में रूपांतरण दर को बढ़ाने, परेशानी मुक्त और त्वरित यात्री आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 'डिजीयात्रा' को बढ़ावा देना था।
वर्तमान में, यह सुविधा घरेलू यात्रियों के लिए देश के 13 हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। जिनमें लखनऊ, मुंबई, अहमदाबाद, कोच्चि, जयपुर, गुवाहाटी, दिल्ली, बैंगलोर, वाराणसी, विजयवाड़ा, पुणे, हैदराबाद और कोलकाता हवाई अड्डे शामिल हैं। चर्चा में प्रस्थान और आगमन दोनों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की पहुंच के लिए 'डिजीयात्रा' को एकीकृत करने का सुझाव दिया गया। सर्वोत्तम प्रथाओं का पता लगाने के लिए, हवाईअड्डा संचालकों को अन्य देशों में सफलतापूर्वक उपयोग किए जा रहे बायोमेट्रिक सक्षम मॉडल प्रस्तुत करने का भी काम सौंपा गया।
सिंधिया ने सभी हवाईअड्डा संचालकों के पूंजीगत व्यय लक्ष्य की भी समीक्षा करते हुए तीसरी तिमाही में प्राप्त वास्तविक आंकड़ों के साथ संरेखित किया। बैठक में जीएमआर एयरपोर्ट्स, अदानी एयरपोर्ट्स, बीआईएएल, कोचीन एयरपोर्ट और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सहित सभी हवाईअड्डा संचालकों ने भाग लिया। बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन, वुमलुनमंग वुअलनाम, डीजी बीसीएएस, जुल्फिकार हसन, डीजी डीजीसीए, विक्रम देवदत्त और मंत्रालय के अन्य संयुक्त सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय भूविज्ञान आकड़ा संग्रह पोर्टल की शुरूआत... देश के 20 खनिज ब्लॉकों की होगी नीलामी
नईदिल्ली। महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की नीलामी की पहली किश्त की सफलता के लिए तैयारी करते हुए, खान मंत्रालय ने 19 दिसंबर 2023 को केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय खान, कोयला और रेलवे राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे, खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांथा राव, उद्योग संघों, सार्वजनिक उपक्रमों तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दिल्ली में एक रोड शो का आयोजन किया ।
इस आयोजन में 45 से अधिक कंपनियों, सलाहकारों और अन्वेषण एजेंसियों ने भाग लिया। श्री प्रल्हाद जोशी ने इस आयोजन के दौरान एक राष्ट्रीय भूविज्ञान आंकड़ा संग्रह पोर्टल (एनजीडीआर) की भी शुरुआत की। पहली किश्त में कुल 20 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जाएगी , जिनमें से 16 खनिज ब्लॉकों को समग्र लाइसेंस देने के लिए और चार खनिज ब्लॉकों को खनन पट्टा देने के लिए रखा गया है। खनिजों में ग्रेफाइट, ग्लौकोनाइट, लिथियम, आरईई, मोलिब्डेनम, निकेल, पोटाश आदि शामिल हैं। ब्लॉक तमिलनाडु, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश - जम्मू और कश्मीर राज्यों में हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए, श्री प्रल्हाद जोशी ने, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार, आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए खान मंत्रालय द्वारा किए गए प्रयासों और पहलों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे सामान्य रूप से भारतीय खनन क्षेत्र और विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिज वर्तमान वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने घरेलू उत्पादन को मजबूत करने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने, आयात निर्भरता को कम करने, स्थायी संसाधन प्रबंधन की वकालत करने, खनन में निवेश आकर्षित करने जैसी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति के लिए प्रमुख उद्योगों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है। श्री जोशी ने ये भी कहा कि सरकार अधिक महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों को चरणबद्ध तरीके से नीलामी में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब स्कूलों और कॉलेजों में दी जाएगी निर्वाचन शिक्षा... एनसीईआरटी की पुस्तकों रहेगा पाठ्यक्रम
नईदिल्ली। भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय और चुनाव आयोग ने बीते दिनों कक्षाओं में निर्वाचन शिक्षा के लिए एक समझौते में (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया। यह एमओयू औपचारिक रूप से स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा प्रणाली में मतदाता शिक्षा एवं चुनावी साक्षरता को शामिल करेगा, जिससे भविष्य के नए मतदाताओं को ज्यादा से ज्यादा चुनावी भागीदारी के लिए तैयार किया जा सके।
शिक्षा राज्य मंत्री, अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य देश के युवाओं को देश की चुनावी प्रणाली से पूर्ण रूप से अवगत कराना और उनमें मतदाताओं के रूप में खुद को पंजीकृत करने और सभी चुनावों में आवेश के साथ, जानकारी के साथ और नैतिक रूप से शामिल होने की इच्छा उत्पन्न करना है।
इस समझौता ज्ञापन में 6वीं से 12वीं कक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या संरचना (एनसीएफ) के भाग के रूप में चुनावी साक्षरता को शामिल करने के लिए एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की शुरुआत/अपडेट, सभी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के साथ-साथ वयस्क शिक्षा के पाठ्यचर्या संरचना में मतदाता शिक्षा एवं चुनावी साक्षरता को शामिल करने का भी प्रावधान है। इसमें शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम सामग्री में इस विषय-वस्तु को शामिल करके शिक्षकों को अपेक्षित प्रशिक्षण प्रदान करके इसका पूरक बनाना है।
कक्षा पाठ्यक्रम के अलावा, समझौता ज्ञापन का उद्देश्य स्कूलों/कॉलेजों में चुनावी साक्षरता क्लबों और प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लोकतंत्र कक्ष, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों, स्कूल/कॉलेज के छात्रों के लिए उपयुक्त मीडिया के विभिन्न माध्यमों से चुनावी साक्षरता पर संचार सामग्री का प्रसार, छात्रों को मतदान के लिए शपथ दिलाना, मॉक पोल ईवीएम-वीवीपीएटी प्रदर्शन, ईसीआई मोबाइल ऐप के बारे में जानकारी, कॉलेजों/विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और नैतिक मतदान की प्रथाओं को विकसित करना आदि है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कैंसर अस्पताल में रोगियों से भेंट की…. विश्रामालय में रोगियों और उनके परिजन से मिले
भोपाल। जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल,भोपाल स्थित शयनागार पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रोगियों और उनके परिजन से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रात्रि राजधानी में भ्रमण कर कैंसर हॉस्पिटल के विश्रामालय में विश्राम कर रहे नागरिकों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने अनेक रोगियों और उनके परिजन से भी चर्चा की। उन्होंने कैंसर के विभिन्न प्रकारों से जूझ रहे रोगियों को ढाढस भी बंधाया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ यादव आज रात्रि जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल के शयनागार पहुंचे और यहां रह रहे निर्धन वर्ग के लोगों, श्रमिकों से बातचीत की और उन्हें ठंड से बचाव के लिए कंबल प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सीधी जिले के अजय पांडे, ललितपुर उत्तर प्रदेश के विनोद कुशवाहा ,मैहर की लल्ली कुशवाहा , पन्ना की चाहना राय और बीना की श्रीमती गुलाबबाई से भेंट कर हालचाल पूछा।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उपस्थित चिकित्सकों से भी रोगियों के बेहतर उपचार के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डा यादव ने अस्पताल परिसर के निकट वाजपेयी नगर कॉलोनी में सागर जिला निवासी श्रीमती शीलाबाई रैकवार और सीहोर जिले की निवासी श्रीमती कृष्णा बाई को भी कंबल प्रदान किया। यहां अनेक रोगियों के परिजन निवास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वाजपेयी कॉलोनी में नगर निगम द्वारा संचालित सामुदायिक आश्रय स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने हुई द्विपक्षीय बैठक
नईदिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टोड मैक्ले के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करना और आपसी विकास और सहयोग के अवसर तलाश करना था।
दोनों मंत्रियों ने व्यापार सुविधा के महत्व को पहचाना और व्यापार प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, व्यापार बाधाओं को कम करने और दोनों देशों के व्यवसायों और निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। इस संदर्भ में, न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री मैक्ले ने भारत में लकड़ी के लट्ठों के निर्यात से संबंधित मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जी-20 की भारत की अध्यक्षता और उसके परिणामों की भी सराहना की, जो महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं, क्योंकि यह सभी के लाभ के लिए व्यावहारिक वैश्विक समाधान ढूंढना चाहता है।
गोयल और मैक्ले ने आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर बने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को स्वीकार किया और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के लिए अपनी-अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कृषि, वानिकी, फार्मा, कनेक्टिविटी, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
गोयल और मैक्ले ने दोनों देशों में व्यवसायों के बीच जुड़ाव में मजबूत संबंधों को स्वीकार किया और इसको सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोनों देशों की सरकारों के बीच संवाद को गति प्रदान करती है। दोनों मंत्रियों की बैठक के दौरान, 1986 के भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते के तहत स्थापित संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की वार्षिक बैठक और वरिष्ठ स्तर पर नियमित जुड़ाव के महत्व को भी स्वीकार किया गया। मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापार और निवेश के मुद्दों तथा सहकारी गतिविधियों पर द्विपक्षीय चर्चा के लिए दोनों पक्षों को सुविधाजनक और नियमित आधार पर मिलना चाहिए।
किसानों तक ऋण की पहुंच को सुविधाजनक बनाने हेतु सरकार द्वारा उठाए गए कदम
नईदिल्ली। सरकार ने देश के किसानों तक ऋण की पहुंच को सुविधाजनक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 7 फरवरी, 2019 के परिपत्र के माध्यम से गारंटी-मुक्त कृषि ऋण की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये कर दी। इसके अलावा, आरबीआई ने 27 जून 2014 के अपने परिपत्र के माध्यम से बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपनी ऋण मूल्यांकन प्रक्रियाओं/ऋण नीतियों में एक या अधिक क्रेडिट सूचना कंपनियों (सीआईसी) से क्रेडिट सूचना रिपोर्ट (सीआईआर) हासिल करने हेतु उपयुक्त प्रावधानों का समावेश करें ताकि व्यवस्था में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऋण संबंधी निर्णय हों।
वित्तीय सेवाएं विभाग ने दिनांक 04.02.2019 के अपने पत्र के माध्यम से सभी बैंकों को छोटे एवं सीमांत किसानों की कठिनाई और वित्तीय संकट को ध्यान में रखते हुए तीन लाख रुपये तक के केसीसी/फसल ऋण के निपटारे, दस्तावेजीकरण, निरीक्षण, खाता बही शुल्क और अन्य सभी सेवा शुल्क माफ करने की सलाह जारी की है।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना विभिन्न श्रेणी के किसानों के लिए ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करती है, जिसमें मालिक किसान, काश्तकार, बटाईदार आदि शामिल हैं। केसीसी योजना एटीएम समर्थ रूपे डेबिट कार्ड जारी करने का प्रावधान करती है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ एकमुश्त दस्तावेजीकरण, सीमा में अंतर्निहित लागत वृद्धि और सीमा के भीतर कितनी बार भी निकासी आदि की सुविधाएं शामिल हैं। केसीसी सुविधा अपने-आप में एक ओवरड्राफ्ट सुविधा है जिससे स्वीकृत सीमा तक रूपे डेबिट कार्ड के माध्यम से निकासी की जा सकती है।
जैसा कि बैंकों द्वारा भी सूचित किया गया है, फसल ऋण का मूल्यांकन भूमि क्षेत्र, उगाई गई फसलों और जिला स्तरीय तकनीकी समिति (डीएलटीसी) / राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) द्वारा तय किए गए वित्त के पैमाने के आधार पर किया जाता है। आधार कार्ड पर ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान करने संबंधी कोई दिशानिर्देश उपलब्ध नहीं है। हालांकि, खराब मौसम आदि के कारण मौजूदा केसीसी ऋणों के नए सिरे से व्यवस्थित करने के बाद, राज्य सरकार/ एसएलबीसी के निर्णय के अनुरूप, किसानों को बैंक के पात्रता मानदंडों के अनुसार आवश्यकता-आधारित ऋण लेने की अनुमति है।
निलंबन के बाद विपक्षी सांसदों ने "लोकतंत्र बचाओ" का नारा लगाया
दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के लिए 141 सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने "लोकतंत्र बचाओ" का नारा लगाया। बतादें कि संसद से निलंबित किए गए सांसदों के लोकसभा में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। मंगलवार को लोकसभा सचिवालय ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इस सर्कुलर में सस्पेंड सांसदों को संसद कक्ष, लॉबी और गैलरी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाने की सूचना दी है।
सांसद जया बच्चन ने कहा, "यह लोकतंत्र का मजाक है. लोकतंत्र तब है जब संसद में दोनों पक्ष हों और यह निर्णय लेने का क्या तरीका है कि कुछ लोगों को बर्खास्त कर दिया जाएगा और कुछ लोगों को बर्खास्त नहीं किया जाएगा। " सपा सांसद ने आगे कहा कि हमने उन सांसदों के साथ एकजुटता दिखाते हुए वॉकआउट किया है जिन्हें कल बर्खास्त कर दिया गया था।
#WATCH | "Save Democracy" chant Opposition MPs after 141 MPs have been suspended for the winter session of Parliament pic.twitter.com/IHyOkmcxDT
— ANI (@ANI) December 20, 2023
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख बढ़ी : भूपेन्द्र यादव
नईदिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन और श्रम एवं श्रम रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक साख बढ़ी और दुनिया जलवायु परिवर्तन कार्रवाई, नवाचार और प्रौद्योगिकी में भारतीय नेतृत्व को स्वीकार करती है।
विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि भारत केवल 615 करोड़ रुपये खर्च करके सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंच गया। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश है। चंद्रयान-3 के साथ भारत की अंतरिक्ष यात्रा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलु आत्मनिर्भरता है। भारत के आरंभिक चन्द्रयान मिशन अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी पर निर्भर थे। चंद्रयान-3 आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत का बढ़ता कदम था।
केन्द्रीय मंत्री ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया कि किस प्रकार भारत ने कोविड महामारी के दौरान इससे निपटने की प्रतिक्रिया से विश्व को आश्चर्यचकित कर दिया। जब कोविड महामारी आई, तो दुनिया ने सोचा कि भारत ढह जाएगा लेकिन भारत का पतन नहीं हुआ बल्कि कोविड से निपटने की प्रतिक्रिया दुनिया के लिए मिसाल बन गई।
भारत ने न केवल सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया, बल्कि विश्व का सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान भी चलाया। इससे ज्यादा और क्या? वैक्सीन भारत में निर्मित थी। भारत ने जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देकर उनकी मदद की। भारत के कोविड वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम ने 100 से अधिक देशों की सहायता की है। कोविड से निपटने की रणनीति के लिए भारत को मिली वैश्विक प्रशंसा पर श्री यादव ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यूएचओ ने भी स्वीकार किया है कि ‘एक तैयार भारत एक तैयार दुनिया’है।
आईएनएस शिवाजी को एक औपचारिक समारोह में दिवंगत वाइस एडीएम बेनॉय रॉय चौधरी का मिला मूल 'वीर चक्र'
दिल्ली। भारतीय नौसेना के प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठान आईएनएस शिवाजी को 18 दिसंबर 23 को लोनावाला में एक औपचारिक समारोह में दिवंगत वाइस एडमिरल बेनॉय रॉय चौधरी, एवीएसएम, वीआरसी (सेवानिवृत्त) को प्राप्त मूल 'वीर चक्र' प्रदान किया गया।
वाइस एडमिरल दिनेश प्रभाकर, एवीएसएम, एनएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), आईएनएस शिवाजी के विशिष्ट चेयर मरीन इंजीनियरिंग ने भारतीय नौसेना की ओर से वीएडीएम चौधरी के परिवार के सदस्यों पदिप्त बोस और गार्गी बोस से 'वीर चक्र' प्राप्त किया। 'वीर चक्र' एक भारतीय युद्धकालीन सैन्य बहादुरी पुरस्कार है जो युद्ध के मैदान, जमीन, हवा या समुद्र में वीरता के कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है। वीएडीएम चौधरी भारतीय नौसेना के एकमात्र तकनीकी अधिकारी हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।
वाइस एडमिरल बेनॉय रॉय चौधरी की वीरता 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान स्पष्ट रूप से सामने आई, जब वह तत्कालीन आईएनएस विक्रांत पर इंजीनियर अधिकारी थे। युद्ध के बीच तैनाती के दौरान, विक्रांत के बॉयलरों में से एक निष्क्रिय हो गया था, जबकि अन्य तीन बॉयलरों का प्रदर्शन निम्न स्तरीय पाया गया था। उन्होंने अपनी टीम के साथ ब्रिटिश ओईएम से किसी भी संभावित सहायता के बिना बेस पोर्ट से दूर समुद्र में कई नवोन्मेषी मरम्मत कार्य किए।
इन-हाउस कार्यों में बॉयलर के चारों ओर स्टील बैंड को ठीक करना, अधिक जोखिम वाले सुरक्षा वाल्वों का समायोजन, बॉयलर रूम को मानव रहित छोड़ना, फिर भी दूर से निगरानी करना और कई अन्य तकनीकी उपाय शामिल थे। इन कार्यों के लिए न केवल तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता थी, बल्कि अपने लोगों को जोखिम से भरे कार्य करने हेतु भरोसा दिलाने के लिए सर्वोच्च नेतृत्व गुणों की भी आवश्यकता थी। युद्ध के दौरान उनका योगदान हर तरह से महत्वपूर्ण था। तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल एसएम नंदा ने उन्हें 'एन इंजीनियर पार एक्सीलेंस' की उपाधि दी। उनकी बहादुरी, देशभक्ति और समर्पित सेवा विभिन्न महत्वपूर्ण उपलब्धियों का प्रमाण है, जिससे उन्हें 1971 के युद्ध में उनके वीरतापूर्ण कार्यों के लिए 'वीर चक्र' प्रदान किया गया।
बिल्डिंग परमिशन और कम्पाउडिंग के नियम-प्रक्रिया का सरलीकरण हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिल्डिंग परमिशन और कम्पाउडिंग के नियम और प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए। नियम स्पष्ट और सरल हों, जिसे आम आदमी आसानी से समझ सके और उसे कोई परेशानी न हो। सामान्य व्यक्ति जीवन में एक बार मकान बनाता है, अत: बिल्डिंग परमिशन आदि की व्यवस्था ऐसी की जाएं, जिससे वह परेशान न हो और निर्धारित समय-सीमा में कार्य हो। नगरीय निकायों से नक्शे जल्दी पास कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भवन अनुज्ञा से संबंधित सॉफ्टवेयर का आंकलन कर यह ज्ञात करें कि वर्तमान में औसतन कितने दिनों में भवन अनुज्ञा जारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग की विधानसभा के समिति कक्ष में हुई बैठक में दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भी नगरीय निकायों से अनुमति प्राप्त की जाएं। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, पर्यटन सहित शासकीय भवन निर्माण में संलग्न सभी एजेंसियां बिल्डिंग परमिशन लें और निर्माण में बिल्डिंग लाइन, ओपन स्पेस, पार्किंग आदि का अनिवार्यत: ध्यान रखें। टीडीआर व टीओडी के क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं ताकि रहवासियों को सुविधा प्राप्त हो और शहरों की बेहतर प्लानिंग भी सुनिश्चित की जा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेअ कहा कि सड़क चौड़ीकरण से संबंधित प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर तरीके से की जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय निवासियों की समस्याएं न बढ़ें, उन्हें सुविधा प्राप्त हो साथ ही सड़क चौड़ीकरण में बिजली संबंधी कार्यों में लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा मांस और मछली के खुले में बिकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनके विक्रेताओं को परेशानी न हो, इस उद्देश्य से नगरीय निकायों द्वारा मांस-मछली मार्केट के लिए आवश्यक रूप से भवन निर्मित किए जाएं। जब तक भवन निर्मित नहीं होते तब तक मांस, मछली विक्रय केलिए स्थल निर्धारित कर अस्थाई शेड की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाएं। नगरीय निकायों के साथ-साथ बड़ी ग्रामीण पंचायतों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त बैठक लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्ह नदी का पानी, शुद्धिकरण के बाद ही क्षिप्रा नदी में मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम तकनीक का उपयोग करते हुए आवश्यक प्लांट लगाया जाएं। इस संबंध में जल संसाधन तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग की संयुक्त बैठक तत्काल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
मध्य प्रदेश की कैबिनेट में सिंघिया समर्थक विधायकों को रूतबा होगा कम
भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं, इन अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों को बड़ा झटका भी लग सकता है। डॉ मोहन यादव सरकार में सिंधिया समर्थक कम विधायक ही मंत्रिमंडल में शामिल हो सकेंगे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 8 पूर्व मंत्री इस बार विधानसभा चुनाव में अपनी जीत दर्ज करवा पाए हैं, जबकि 3 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है। लोकसभा चुनाव की रणनीति के तहत इस बार पार्टी सभी लोकसभा सीटों से एक-एक मंत्री को डॉक्टर मोहन यादव मंत्रिमंडल में जगह दे सकती है।
बतादें कि इस बार विधानसभा चुनाव में सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, डॉक्टर प्रभुराम चौधरी, गोविंद सिंह राजपूत, बिसाहू लाल साहू, हरदीप सिंह डंग, बृजेंद्र सिंह यादव ने जीत दर्ज की है। सिंधिया समर्थक जीते हुए सभी पूर्व मंत्रियों का इस बार मंत्री बनना मुश्किल नजर आ रहा है। इस बार सिंधिया समर्थक 3 विधायक भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. इनमें देवास जिले से मनोज चौधरी, नारायण सिंह पटेल और ऐदल सिंह कंसाना भी शामिल हैं।
काशी तमिल संगमम में भाग लेने के लिए तमिल प्रतिनिधिमंडल का पहला दल पहुंचा काशी
नईदिल्ली। काशी तमिल संगमम में भाग लेने के लिए तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल पवित्र शहर काशी (वाराणसी) पहुंच गया। जहां वे काशी तमिल संगमम के 15 दिवसीय दूसरे चरण में भाग लेंगे। इस दल का नाम पवित्र नदी ‘गंगा’ के नाम पर रखा गया है। आज वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचने पर दल के सदस्यों का भव्य स्वागत किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान संगमम में भाग लेने के लिए छह अन्य समूह, जिनमें शिक्षक (यमुना), पेशेवर (गोदावरी), आध्यात्मिक (सरस्वती), किसान और कारीगर (नर्मदा), लेखक (सिंधु) तथा व्यापारी व व्यवसायी (कावेरी) शामिल हैं, भी काशी पहुंच रहे हैं।
संस्कृति मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, रेल मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय (ओडीओपी), एमएसएमई, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, आईआरसीटीसी तथा उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों की भागीदारी के साथ; भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय इस आयोजन के लिए नोडल एजेंसी है।
लोगों को आपस में जोड़ने वाले इस कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य काशी और तमिलनाडु के बीच जीवंत संबंधों को पुनर्जीवित करना है, जो प्राचीन भारत में शिक्षा और संस्कृति के दो महत्वपूर्ण केंद्र थे। इसका लक्ष्य साझी विरासत की समझ का निर्माण करते हुए तथा इन दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करते हुए ज्ञान और संस्कृति की इन दो परंपराओं को एक साथ लाना है।
इस उत्सव का उद्देश्य दो संस्कृतियों के बीच प्राचीन बौद्धिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और कारीगरी संबंधों के बारे में फिर से जानकारी प्राप्त करना और इन्हें सशक्त बनाना है। 15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु और वाराणसी के विभिन्न सांस्कृतिक समूह काशी में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
खेलो इंडिया पैरा गेम्स का समापन.... हरियाणा ने कुल 105 पदक जीते, पदक तालिका में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर
नईदिल्ली। मानवीय भावना और समावेशिता के एक सप्ताह के उत्सव के बाद खेलो इंडिया पैरा गेम्स के पहले संस्करण का रविवार को समापन हो गया। इन खेलों में 173 स्वर्ण पदक दांव पर थे और इनमें से हरियाणा ने 40 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य पदक सहित कुल 105 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसी तरह 25 स्वर्ण, 23 रजत और 14 कांस्य सहित कुल 62 पदकों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा।
तमिलनाडु 20 स्वर्ण, 8 रजत और 14 कांस्य पदक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इन खेलों में चीन के हांगझू में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में अपनी चमक दिखाने वाले स्टार पैरा एथलीटों ने भी हिस्सा लिया। आर्मलेस तीरंदाज शीतल देवी, डिस्कस थ्रोअर योगेश कथुनिया, टेबल टेनिस स्टार भाविना पटेल, पारुल परमार, निशाद कुमार जैसे कई अन्य लोगों के अलावा, उभरते सितारों ने भी कुछ दिल छू लेने वाले प्रदर्शन के साथ शारीरिक सीमाओं को पार कर लिया।
युवा मामले और खेल तथा सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस आयोजन में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की सराहना करने के साथ-साथ उन्हें बधाई और धन्यवाद भी दिया। माननीय खेल मंत्री ने कहा, “ पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स को लेकर देश भर में नया उत्साह और नई उमंग का माहौल है। आप सबके यहां आने से हजारों स्पाटलाइट जलीं। आप सबने इस एरिना को न सिर्फ अपनी जीत और अपनी कहानी से बल्कि अपनी अपने कभी न खत्म होने वाले जुनून की रौशनी से सराबोर कर दिया।“
तमिलनाडु के राजेश टी, हरियाणा के संदीप डांगी, महाराष्ट्र की तूलिका जाधाओ, असम की अनिश्मिता, कुछ नाम हैं, जो उनके अविश्वसनीय धैर्य और दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाएंगे। इन खेलों में हरियाणा के प्रणव सूरमा द्वारा एशियाई रिकॉर्ड में सुधार भी देखा गया, जिन्होंने क्लब थ्रो स्पर्धा में 33.54 मीटर के प्रयास के साथ एशियाई पैरा खेलों में जीते अपने स्वर्ण पदक 30.01 के परफार्मेंस में सुधार किया। उन्होंने धरमबीर के 31.09 मीटर के एशियाई रिकॉर्ड में सुधार किया।
खेलों के अंतिम दिन केरल ने सीपी फुटबॉल में तमिलनाडु के खिलाफ 7-0 से शानदार जीत हासिल की, जिसमें वाई जया सूर्या ने 3 गोल किए, जबकि ए ग्रोथ ने 4 गोल किए। टेबल टेनिस में, पुरुषों की क्लास-4 श्रेणी में, हरियाणा के सुमित सहगल ने फाइनल में गुजरात के रमेश चौधरी को 3-0 (11-8, 11-7, 11-8) से हराकर स्वर्ण पदक जीता। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1450 से अधिक पैरा एथलीटों ने प्रतिष्ठित खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भाग लिया। इसमें सात खेलों का आय़ोजन हुआ।
कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने में कोई समझौता नहीं किया जाएगाः डा. मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी कार्यों की निरन्तर मॉनीटरिंग की जायेगी, ताकि जनता के हित में एवं जनता के लिये बेहतर निर्णय लिये जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का हित सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे भविष्य के प्रोजेक्ट को देखते हुए शासकीय जमीन आरक्षित करें। उज्जैन सहित बड़े शहरों का झोनल प्लान बनाने की दिशा में पहल करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन में सभी विभागों की संभागीय समीक्षा बैठक में यह बात कही। बैठक में उज्जैन संभाग के सभी संसदीय क्षेत्र के सांसद, विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, शहर प्राधिकरण अध्यक्ष, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक एवं संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि इस यात्रा से जन-हितैषी योजनाओं का लाभ आम जनता को बेहतर ढंग से मिले। विकसित भारत संकल्प यात्रा में 25 हजार की आबादी प्रतिदिन कवर की जायेगी। इसमें नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता को शासन द्वारा बनाई गई योजना की जानकारी दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निर्माणाधीन सड़कों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि सड़कों सहित अन्य निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो जायें। सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से इसका पालन करें।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि खुले में बेच रहे मांस एवं मछली वालों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मांस एवं मछली विक्रेताओं के लिये सभी जगह मार्केट विकसित किये जायें, जिससे सड़क पर मांस एवं मछली बेचने की नौबत नहीं आये।
मथुरा के शाही ईदगाह कॉम्पलेक्स के सर्वे पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
डेस्क। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर को मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास शाही ईदगाह कॉम्पलेक्स का सर्वे कराने का आदेश दिया था। इस आदेश के पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
बतादें कि मथुरा श्रीकृष्णजन्म भूमि मामले में हिंदू पक्ष का दावा है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है और वहां कई संकेत हैं जिससे यह जाहिर होता है कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर था। हिंदू पक्ष ने इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ASI सर्वे की मांग की थी। कोर्ट ने सर्वे की मंजूरी दे दी है।
#WATCH | On Supreme Court refusing to stay Allahabad High Court’s December 14 order which allowed the primary survey of the Shahi Idgah complex adjacent to the Shri Krishna Janmabhoomi Temple in Uttar Pradesh's Mathura, Vishnu Shankar Jain, the lawyer for the Hindu side says,… pic.twitter.com/rkMNeVMzN3
— ANI (@ANI) December 15, 2023
16 दिसंबर से शुरू होगी "विकसित भारत संकल्प यात्रा".... मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में होंगे शामिल
भोपाल। केन्द्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं, लाभों और सुविधाओं के बारे में जागरूकता सुनिश्चित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना की पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से "विकसित भारत संकल्प यात्रा" आरंभ की जा रही है। मध्यप्रदेश में यह यात्रा 16 दिसंबर से आरंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव उज्जैन में इस यात्रा में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में कमिश्नर-कलेक्टर्स को मंत्रालय में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप जनहित और जनकल्याण के लिए आरंभ की गई यात्रा का क्रियान्वयन मोदी की गारंटी की साख और गरिमा के अनुरूप हो। 26 जनवरी 2024 को यात्रा का समापन गणतंत्र दिवस पर होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "विकसित भारत संकल्प यात्रा" का सभी जिलों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता तैयारी की जाएं, कहीं पर भी यात्रा की औपचारिकता न पूरी करें। यात्रा के सभी रूटों पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री स्वयं भी दिनांक 15 दिसम्बर को सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों से यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में वर्च्युअल संवाद करेंगे। अधिकारी-कर्मचारी व्यक्तिगत रूचि लेकर यात्रा में शामिल हों और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप सभी वंचित और पात्र व्यक्तियों तक यात्रा के लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 दिसम्बर को उज्जैन से आरंभ हो रही "विकसित भारत संकल्प यात्रा" में भाग लेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि यात्रा में स्कूली बच्चों, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाशक्ति और किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाएं। "विकसित भारत संकल्प यात्रा" से फिट इंडिया के संदेश का भी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हों और जनसामान्य को पर्याप्त पोषण तथा एक्सरसाइज की आवश्यकता की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल वैन के जिलों में भ्रमण के लिए रूट चार्ट तैयार करें और जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय सांसद, स्थानीय विधायक सहित अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की तैयारियों के संबंध में डिण्डौरी, जबलपुर और उज्जैन के जिला कलेक्टरों से चर्चा की।
हवाई किराया प्रकृति में गतिशील होते हैं और मांग और आपूर्ति के सिद्धांत का अनुसरण करते हैः डॉ. वीके सिंह
नईदिल्ली। भारत का एक उच्च सीज़नल बाज़ार है। आमतौर पर मई और जून के महीनों में यातायात अधिक होता है, जुलाई के मध्य तक अंतर्राष्ट्रीय यातायात प्रवाह अधिक होता है, जिससे घरेलू फ़ीड को भी योगदान प्राप्त होता है। जुलाई से सितंबर तक की अवधि परंपरागत रूप से कम होती है क्योंकि मानसून और अन्य धार्मिक कारणों से यात्रा सीमित होती है। अक्टूबर में, त्योहारी सीजन दशहरा आरंभ होने के साथ, यातायात फिर से बढ़ जाता है और जनवरी के मध्य तक मांग कम हो जाती है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक मांग में नरमी का यह सिलसिला जारी रहता है और फिर गर्मी की छुट्टियों के कारण मांग बढ़ जाती है। उक्त जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (डॉ.) वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
हवाई किराए प्रकृति में गतिशील होते हैं और मांग और आपूर्ति के सिद्धांत का अनुसरण करते हैं। किराया कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है जैसे किसी विशेष उड़ान पर पहले से ही बेची गई सीटों की संख्या, विद्यमान ईंधन की कीमत, रूट पर प्रचालित होने वाले विमान की क्षमता, सेक्टर में प्रतिस्पर्धा, मौसम, छुट्टियां, त्यौहार, लंबे सप्ताहांत कार्यक्रम (खेल, मेले, प्रतियोगिताएं) आदि।
प्रचलित विनियमन के अनुसार, हवाई किराया सरकार द्वारा न तो स्थापित किया जाता है और न ही विनियमित किया जाता है। विमान नियमावली, 1937 के नियम 135 के उप नियम (1) के प्रावधान के तहत, अनुसूचित हवाई सेवाओं में लगे प्रत्येक हवाई परिवहन उपक्रम को प्रचालन की लागत, सेवाओं की विशेषता और आम तौर पर प्रचलित टैरिफ, सभी प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए टैरिफ निर्धारित करना आवश्यक है। उपर्युक्त नियम के अनुपालन के अधीन एयरलाइंस अपनी प्रचालन व्यवहार्यता के अनुसार हवाई किराया वसूलने के लिए स्वतंत्र हैं।
एयरलाइंस को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी नागरिक उड्डयन आवश्यकता (सीएआर) धारा 3, सीरिज़ एम, भाग IV जिसका शीर्षक " बोर्डिंग से इनकार, उड़ानें रद्द होने और उड़ानों में देरी के कारण एयरलाइंस"यात्रियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाएं" है, के अनुसार उड़ानों में रद्दीकरण और देरी के कारण प्रभावित यात्रियों को सुविधा प्रदान करनी होगी। ।
रद्दीकरण के मामले में, यदि यात्री को रद्दीकरण के बारे में पहले सूचित नहीं किया गया है, तो एयरलाइंस या तो वैकल्पिक उड़ान प्रदान करेगी या हवाई टिकट की पूरी वापसी के अतिरिक्त क्षतिपूर्ति प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, एयरलाइन को उन यात्रियों को भोजन और जलपान प्रदान करना होगा जो वैकल्पिक उड़ान की प्रतीक्षा करते समय हवाई अड्डे पर अपनी मूल उड़ान के लिए पहले ही रिपोर्ट कर चुके हैं।
विलंब के मामले में, एयरलाइन को उस यात्री को भोजन और जलपान/होटल आवास/वैकल्पिक उड़ान/पूर्ण रिफंड प्रदान करना होगा, जिसने प्रस्थान के मूल घोषित निर्धारित समय से परे अपेक्षित देरी के आधार पर समय पर चेक-इन किया है।