देश-विदेश
क्रूरतापूर्वक भरे बैलो को कार्रवाई कर पुलिस ने मुक्त कराया, सिवनी जिले की घटना
डेस्क | सिवनी जिले की कुरई पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गौ-तस्करों को पकड़ा, ट्रक व मवेशियों को जप्त किया। सिवनी जिले की कुरई पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर राष्ट्रीय राज मार्ग 44 पर पचधार पुल के पास जाम लगाकर ट्रक को रोका। जांच करने पर ट्रक में 44 नग बैल क्रूरतापूर्वक भरे मिले। इस पर पुलिस ने ट्रक व मवेशियों को जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं बैलों को गोशाला भेजा गया।
कुरई थाना प्रभारी एलएस झारिया ने बताया है कि, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गोवंश परिवहन पर अंकुश लगाने लगातार कार्रवाई की जा रही है। रविवार को 14 चक्का ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचजे 4995 में गो-तस्करों द्वारा बैलों को क्रूरता पूर्वक भरकर नागपुर के रास्ते हैदराबाद ले जाए जा रहे थे, पुलिस को जाने की सूचना मिली थी। इस पर पचधार के पास राष्ट्रीय राज मार्ग पर जाम लगाकर ट्रक रोका गया। ट्रक रुकते ही उसमें बैठे आरोपियों ने भागने का प्रयास किया परन्तु पुलिस टीम ने उस को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पकड़े गए विदिशा और भोपाल के रहने वाले आरोपी मुस्तफा खान, मोहम्मद शकील, युसुफ कुरैशी और बन्नू खान ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि, ट्रक में तिरपाल लगाकर 44 नग बूढ़े कमजोर बैलों के सींग व पैरों को बांधकर जिला पन्ना अमानगंज से भरकर हैदराबाद कसाई मंडी ले जा रहे थे। पुलिस ने सभी मवेशियों को गौ-तस्करों से मुक्त कराकर गोशाला पहुंचाया।
समुद्री व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी, भारत में कितने आइलैंड्स यानी द्वीप हैं ?
नई दिल्ली | 10, 20, 50, 1300… भारत में कितने आइलैंड्स यानी द्वीप हैं ? इस सवाल के यह विकल्प रहते थे, तो सही जवाब की कल्पना आप कर ही सकते हैं | भारत के इन द्वीपों में कितनी अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं, इसकी उन्होंने एक झलक दिखलाई | बताया गया है कि कैसे इनमें से कुछ द्वीप सिंगापुर के आकार के हैं और उनकी सरकार इस पर काम कर रही है | दरअसल, इस चीज की चर्चा बहुत ज्यादा है कि पीएम मोदी जब अपनी तीसरी पारी शुरू करेंगे, तो उनका टारगेट क्या रहेगा ? राम मंदिर, 370, तीन तलाक जैसे बड़े भावनात्मक मुद्दों को पूरा करने के बाद जब 2029 में बीजेपी उतरेगी, तो उसके रिपोर्ट कार्ड में क्या-क्या और रहेगा ? देश में सिंगापुर जैसे शहर खड़े करने के प्लान बताकर उन्होंने मोदी 3.0 पिक्चर का ट्रेलर दिखा ही दिया. | देश के 1300 द्वीपों की कहानी जानते हैं और मिनी सिंगापुर वाले नए भारत की झलक की पूरी पिक्चर कैसी रहेगी, उसे समझते है |
मोदी सरकार का फोकस समुद्र में कारोबार को आसान बनाने और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स को सरल बनाने पर लगा हुआ है | उन्होंने डीप ड्राफ्ट इनर हार्बर के त्वरित निर्माण और लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ग्रेट निकोबार में ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट के निर्माण के प्रस्ताव का उल्लेख किया | मोदी ने कहा कि इससे बड़े जहाज लंगर डाल सकेंगे और समुद्री व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी, साथ ही रोजगार के बहुत सारे नये अवसर भी बढ़ेंगे |
ग्रेट निकोबार द्वीप भारत भूमि से करीब 1,800 किलोमीटर दूर पूर्व में स्थित एक आयलैंड है | यह इंडोनेशिया के सुमात्रा के पास है और म्यांमार, थाईलैंड व मलेशिया से कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस द्वीप में आठ हजार लोग रहते हैं | यह चार “आपस में जुड़ी” परियोजनाओं का एक संयोजन है जो मिलकर ग्रेट निकोबार में नया ग्रीनफील्ड शहर बनाते हैं। ये चार परियोजनाएं पोर्ट, एयरपोर्ट, पावर प्लांट और टाउनशिप की हैं |
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप में हेल्थकेयर, वाटर रिसोर्सेज, एनर्जी, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1,150 करोड़ रुपये लागत की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था | ये परियोजनाएं द्वीपसमूह के समग्र विकास में अति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी |
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार द्वारा इन द्वीपों को भारत की मुख्य भूमि और दुनिया से जोड़ने में दिखाई गई तत्परता और पैमाना अद्वितीय है तथा यह 2047 तक विकसित भारत के हमारे सामूहिक संकल्प को बहुत ज्यादा बल देता है |
पीएम मोदी की सरकार ने रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम बदलकर स्वराज द्वीप कर दिया, जिससे इन्हें नई पहचान मिल सके | 2023 में सरकार ने उनकी देशभक्ति के उत्साह का सम्मान करते हुए और युवाओं को देश के विकास की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करते हुए, 21 द्वीपों का नाम परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर रखने का निर्णय लिया |
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, “आजकल मेरी कैबिनेट में बड़ी महत्वपूर्ण परंपरा चली है | संसद में कोई बिल आता है, तो उसके साथ में ग्लोबल स्टैंडर्ड का एक नोट भी आता है | दुनिया में उस फील्ड में कौन सा देश सबसे अच्छा कर रहा है, उस देश के कानून नियम क्या हैं, हमें वह हासिल करना है तो हमें यह कैसा करना चाहिए | हर कैबिनेट नोट ग्लोबल स्टैंडर्ड से मैच करने लाना होता है | उसके कारण मेरी ब्यूरोक्रेसी की आदत हो गई है, कि बातें करने से नहीं कि दुनिया में बढ़िया है | दुनिया में क्या बढ़िया है यह बताना भी जरुरी होगा | वहां जाने का हमारा रास्ता क्या है, जैसे हमारे यहां 1300 आइलैंड्स हैं | आप हैरान हो जाएंगे, जब मैंने आकर पूछा, हमारे पास कोई रिकॉर्ड नहीं था | मैंने स्पेस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करते हुए पूरे आइलैंड्स का सर्वे करवाया | कुछ आइलैंड तो करीब-करीब सिंगापुर के साइज के हैं | इसका मतलब भारत के लिए नए सिंगापुर बनाने मुश्किल काम नहीं हैं, अगर हम लग जाएं तो, उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.”
Iran President Death Live: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत,दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिला
डेस्क। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत की पुष्टि हुई है। इस बात का दावा खुद ईरानी अधिकारियों ने उस समय किया जब वहां की सेना को दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिल गया। इब्राहिम रईसी और कई ईरानी अधिकारियों के लो जा रहा हेलीकॉप्टर एक ग्रामीण इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
दरअसल, रविवार को ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और उनके विदेश मंत्री पहाड़ी इलाकों और बर्फीले मौसम में एक हेलीकॉप्टर क्रैश का शिकार बने। एक ईरानी अधिकारी ने खोजी टीमों द्वारा मलबे का पता लगाने के बाद उनकी मौत की आशंका जताई है।
फ्लाइट एक्सपर्ट काइल बेली का कहना है कि राष्ट्रपति का विमान उड़ाने वाले पायलट आमतौर पर कुशल और अनुभवी होते हैं, लेकिन हेलीकॉप्टर एक बहुत जटिल मशीन है। उन्होंने अल जजीरा को बताया, ‘जब आप उड़ान भरते हैं और मौसम साफ होता है तो सब ठीक है, लेकिन समस्या तब होती है जब पायलट पहाड़ी, ऊबड़-खाबड़ और जंगली इलाके में होते हैं और उन जगहों पर अचानक कोहरा विकसित हो सकता है जहां आपको इसकी उम्मीद नहीं होती है।’
न्यू शेपर्ड की सातवीं उड़ान में अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे, भारतीय मूल के पायलट गोपीचंद थोटाकुरा
डेस्क | गोपीचंद थोटाकुरा 19 मई यानी आज अंतरिक्ष यान ‘न्यू शेपर्ड’ की सातवीं उड़ान में अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे। उनके साथ छह क्रू सदस्य और होंगे। ‘न्यू शेपर्ड’ अरबपति जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन की 25वीं उड़ान होगी।
सन 2000 में स्थापित ब्लू ओरिजिन इससे पहले अब तक 31 लोगों को कार्मन लाइन तक भेज चुकी है। कार्मन रेखा वह सीमा है जो पृथ्वी के वायुमंडल और बाहरी अंतरिक्ष को अलग अलग करती है। इस मिशन को अंतरिक्ष की दौड़ में भारत के दोबारा प्रवेश के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।
1984 में सोयुज टी-11 पर विंग कमांडर राकेश शर्मा की बहुचर्चित यात्रा के बाद, गोपीचंद की उड़ान चार दशकों में अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में पहला प्रयास होगी।
भारतीय मूल के पायलट गोपीचंद थोटाकुरा आज इतिहास रचने जा रहे है | वह जेफ बेजोस के स्वामित्व वाली कंपनी ब्लूओरिजिन की कमर्शियल अंतरिक्ष यात्रा का हिस्सा हैं, जो आज शाम को उड़ान भरेगी। ब्रह्मांड की इस यात्रा में पायलट के तौर पर गोपीचंद को चुना गया है। वह अंतरिक्ष की उड़ान भरते ही ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय हो जायेंगे | इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने यह कारनामा किया था।
संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले गोपीचंद को ब्लूओरिजिन के न्यूशेपर्ड-25 मिशन के लिए चालक दल में चुना गया है। उनके अलावा चालक दल में दुनिया भर के पांच अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं। यह मिशन न्यूशेपर्ड कार्यक्रम के लिए सातवीं मानव उड़ान और इतिहास में 25वां मिशन होगा |
1984 में रूसी सोयुज टी-11 पर राकेश शर्मा की यात्रा के बाद, वह अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे | राकेश शर्मा के बाद केवल भारतीय मूल के लोग ही अंतरिक्ष में गए हैं | इस लिस्ट में कल्पना चावला (1997), सुनीता विलियम्स (2006) और राजा चारी (2021) का नाम भी शामिल हैं |
कैप्टन गोपीचंद ने कहा कि ‘ब्लू ओरिजिन के NS - 25 मिशन के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा पर निकलने में भारत का अंतरिक्ष यात्रा में प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और मैं बहुत ही सम्मानित महसूस कर रहा हूं | भारत दुनिया भर में अंतरिक्ष अन्वेषण में अपनी पहचान बना रहा है | यह यात्रा ग्लोबल लेवल पर मानवीय प्रयास और सरलता की भावना का प्रतीक है | मुझे उम्मीद है कि यह अन्वेषण STEAM प्रोफेशनल्स की जनरेशन को भी प्रेरित करेगा | हम अंतरिक्ष अन्वेषण की सीमाओं को एक साथ आगे बढ़ा रहे हैं |
कैप्टन गोपीचंद के साथ ब्लू ओरिजिन के NS-25 मिशन में क्रू मेंबर मेसन एंजेल, सिल्वेन चिरोन, केनेथ एल. हेस कैरोल स्कालर के साथ पूर्व वायुसेना कप्तान एड ड्वाइट भी होंगे | कंपनी के अनुसार मिशन को पश्चिम टेक्सास में लॉन्च साइट वन से शुरू की जाएगी | उड़ान के लिए लॉन्च विंडो 0830 CT (शाम 7 बजे ist) से शुरू होगी | जेफ बेजोस के स्वामित्व वाली कंपनी ने अब तक 6 उड़ानें भरी हैं | इसने मिशन पर 31 लोगों को कर्मन लाइन पर भेजा है, जो जमीन से 100 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष की इंटरनेशनल लेवल पर मान्यता प्राप्त सीमा है |
एनटीआईपीआरआईटी, गाजियाबाद ने विश्व दूरसंचार और सूचना सोसायटी दिवस के उपलक्ष्य में "वैश्विक मानक और आईपीआर" पर कार्यशाला आयोजित की
कार्यशाला दिल्ली और एनसीआर के इंजीनियरिंग कॉलेजों के संकाय सदस्यों की क्षमता निर्माण द्वारा मानकीकरण अंतर को पाटने पर केंद्रित है
कार्यशाला, 15-24 अक्टूबर, 2024 तक भारत द्वारा आयोजित विश्व दूरसंचार मानकीकरण असेंबली (डब्ल्यूटीएसए-24) की अगुआ है
कार्यशाला ने राष्ट्रीय हितधारकों के लिए वैश्विक साझेदारी स्थापित करने और दूरसंचार मानकों में सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए एक मंच प्रदान किया है।
नई दिल्ली | "वैश्विक मानक और आईपीआर" पर एक दिवसीय कार्यशाला में किसी भी देश के विकास के लिए "वैश्विक मानक और आईपीआर" के महत्व पर प्रकाश डाला गया। 15-24 अक्टूबर, 2024 तक भारत द्वारा आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण विश्व दूरसंचार मानकीकरण असेंबली (डब्ल्यूटीएसए) के पहले हुई कार्यशाला ने राष्ट्रीय हितधारकों को वैश्विक साझेदारी बनाने और दूरसंचार मानकों में सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के साथ जुड़ने के लिए एक मंच भी प्रदान किया।

कार्यशाला का आयोजन दूरसंचार विभाग (डीओटी) के तहत राष्ट्रीय दूरसंचार नीति अनुसंधान, नवाचार और प्रशिक्षण संस्थान (एनटीआईपीआरआईटी), गाजियाबाद द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) क्षेत्र कार्यालय और इनोवेशन सेंटर, नई दिल्ली के सहयोग से विश्व दूरसंचार और सूचना सोसायटी दिवस मनाने के लिए 17 मई, 2024 को गाजियाबाद परिसर में किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने किया। कार्यशाला में दूरसंचार विभाग के अधिकारी, आईटीयू विशेषज्ञ, संकाय सदस्य और दिल्ली और एनसीआर के इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र शामिल हुए। अतुल सिन्हा, डीडीजी (आईसीटी), एनटीआईपीआरआईटी ने कार्यशाला में गणमान्य व्यक्तियों और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।
अपने उद्घाटन भाषण में, डॉ. नीरज मित्तल ने नवाचार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने के लिए मानकीकरण में वैश्विक सहयोग के महत्व पर जोर दिया। सदस्य (एस) एके साहू, ने वैश्विक मानकीकरण प्रक्रिया में राष्ट्रीय योगदान के महत्व पर प्रकाश डाला। महानिदेशक (टी), आरआर मित्तर, ने दूरसंचार मानकों की बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया। आईटीयू क्षेत्र कार्यालय, नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार, आर शाक्य ने अपने विशेष संबोधन में प्रतिभागियों से मानकीकरण क्षेत्र में आईटीयू गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने डब्ल्यूटीएसए-24 के बारे में भी विस्तार से बताया।
नटीआईपीआरआईटी के महानिदेशक देब कुमार चक्रवर्ती ने सहयोग और साझेदारी की भावना के बारे में बात की और कार्यशाला के उद्देश्यों और अवलोकनों पर प्रकाश डाला। मार्टिन एडोल्फ, स्टडी ग्रुप काउंसलर, आईटीयू ने आईटीयू की गतिविधियों और तकनीकी/इंजीनियरिंग शिक्षा में वैश्विक मानकों के महत्व के बारे में एक सिंहावलोकन प्रस्तुत किया।

माशमारी के सीईओ शरद अरोड़ा ने मानकीकरण प्रक्रियाओं और तकनीकी शिक्षा पर उनके महत्वपूर्ण प्रभाव के बारे में बताया। सीईडब्ल्यूआईटी, आईआईटी मद्रास के डॉ. क्लुट्टो मिलेथ ने तकनीकी शिक्षा और परियोजनाओं में मानक आवश्यक पेटेंट (एसईपी) और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की जटिलताओं पर गहराई से चर्चा की। यूके श्रीवास्तव ने नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए वैश्विक मानकों और आईपीआर का लाभ उठाने पर एक पैनल चर्चा की अध्यक्षता की।
आगामी डब्ल्यूटीएसए-2024 में अधिक भारतीय विशेषज्ञों की भागीदारी के लिए कार्यशाला मंच तैयार करती है और प्रतिभागियों को वैश्विक मानकों और बौद्धिक संपदा डाइनैमिक्स के साथ जुड़ने का अवसर देती है।
चुनाव के दौरान जब्ती जल्द ही 9,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करेगी
प्रलोभन के विरुद्ध आयोग द्वारा की गई कार्रवाई इस ऐतिहासिक उछाल का कारण
मादक पदार्थों के खिलाफ ईसीआई का प्रहार जारी; मादक पदार्थों की जब्ती से 45 प्रतिशत राशि की प्राप्ति
खुफिया सूचना पर आधारित समन्वित कार्रवाई, निरंतर समीक्षा और ईएसएमएस द्वारा समर्थ वास्तविक समय में निगरानी से अभूतपूर्व बरामदगी संभव हुई
नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव में धनबल और प्रलोभन पर चुनाव आयोग की दृढ़ एवं ठोस कार्रवाई से एजेंसियों ने 8,889 करोड़ रुपये की जब्ती की है। ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों सहित प्रलोभनों के खिलाफ बढ़ी हुई सतर्कता के कारण बड़ी जब्ती और कार्रवाई में निरंतर वृद्धि हुई है। मादक पदार्थों की बरामदगी अधिकतम रही है। व्यय निगरानी, सटीक डेटा व्याख्या और प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जिलों और एजेंसियों की नियमित अनुवर्ती समीक्षा के कारण 1 मार्च से जब्ती में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ड्रग्स, शराब, कीमती धातुएं, मुफ्त उपहार, नकदी अलग-अलग स्तरों पर चुनावों को प्रभावित करती है, कुछ सीधे तौर पर प्रलोभन के रूप में प्राप्त होती हैं जबकि अन्य धन के प्रचलन के कम स्तर के माध्यम से प्राप्त होती हैं। इस प्रकार, इन अवैध गतिविधियों से प्राप्त आय को राजनीतिक अभियानों से जोड़ने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
आयोग ने नारकोटिक्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों की जब्ती पर विशेष जोर दिया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जो राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ट्रांजिट जोन हुआ करते थे, वे तेजी से उपभोग क्षेत्र बनते जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक समीक्षा दौरे के दौरान नोडल एजेंसियों को कहा कि “चुनावों में मादक पदार्थों के व्यापार से प्राप्त अवैध धन की भूमिका को जड़ से समाप्त करने के लिए दवाओं और नशीले पदार्थों के खिलाफ एजेंसियों द्वारा सटीक खुफिया सूचना पर आधारित सहयोगात्मक प्रयास समय की आवश्यकता है तथा अधिक महत्वपूर्ण और समग्र रूप से, युवाओं और इस प्रकार देश के भविष्य को बचाने के लिए।” मादक पदार्थों की जब्ती में योगदान 3,958 करोड़ रुपये है जो कुल जब्ती का 45 प्रतिशत है।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग ने ईसी ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के साथ एनसीबी के समर्पित नोडल अधिकारियों द्वारा कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विश्लेषण-आधारित सक्रिय कार्रवाई करने के लिए डीजी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ बैठकें कीं। इसी तरह वर्तमान में चल रहे चुनावों के दौरान डीआरआई, भारतीय तटरक्षक, राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। इन सभी उपायों से चुनाव की घोषणा के बाद दो महीनों में महत्वपूर्ण जब्ती हुई है।
पिछले तीन चरणों में चुनाव प्रचार में तेजी को देखते हुए आयोग प्रलोभन के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी नजर रख रहा है और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों तथा प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया है। आयोग ड्रग्स और अन्य प्रलोभनों के खिलाफ प्रहार जारी रखेगा।
गुजरात एटीएस, एनसीबी और इंडियन कोस्ट गार्ड ने संयुक्त अभियानों में केवल तीन दिनों में ड्रग्स की तीन उच्च मूल्य वाली जब्ती की है, जिसकी कीमत 892 करोड़ रुपये है।
एजेंसियों को प्रेरित करने और एक सक्रिय इंटरफ़ेस रखने की प्रक्रिया 2023 की अंतिम तिमाही के दौरान पूरी शक्ति के साथ शुरू हुई। कैलेंडर वर्ष के पहले दो महीनों में ही 6,760 करोड़ रुपये की नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिससे यह संदेश दिया गया कि आयोग मतदाताओं को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के प्रलोभन के प्रति 'शून्य-सहिष्णुता' का दृष्टिकोण रखता है।
विशेष रूप से आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान ड्रग्स के खिलाफ प्रहार में योगदान करने की आयोग की प्रतिबद्धता ने पिछले कुछ वर्षों में गति पकड़ी है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, हाल ही में की गई जब्ती के अलावा, पिछले दो वर्षों में कुछ राज्यों में आयोजित विधानसभा चुनावों में आदर्श आचार संहिता के दौरान भी भारी जब्ती देखी गई है। स्वतंत्र, निष्पक्ष, सहभागी और हिंसा मुक्त के साथ-साथ गुणात्मक चुनाव प्रक्रिया के लिए "प्रलोभन-मुक्त" आयाम को भी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है।
चांदीनगर के वायुसेना स्टेशन में गरुड़ रेजिमेंटल प्रशिक्षण केंद्र पर मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड का आयोजन
नई दिल्ली | वायु सेना के विशेष बल 'गरुड़' कमांडो के सफल प्रशिक्षण के समापन समारोह का उत्सव मनाने के लिए 18 मई, 2024 को चांदीनगर के वायुसेना स्टेशन में गरुड़ रेजिमेंटल प्रशिक्षण केंद्र (जीआरटीसी) पर मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड आयोजित की गई थी। पश्चिमी वायु कमान के वरिष्ठ वायु कर्मचारी अधिकारी एयर मार्शल पीके वोहरा ने इस परेड का निरीक्षण किया।
गरुड़ कमांडो ने समारोह के हिस्से के रूप में लड़ाकू गोलाबारी कौशल, बंधक बचाव, फायरिंग ड्रिल, विस्फोटक हमला, बाधा पार ड्रिल, ऊंची दीवार पर चढ़ना, फिसलन, रैपलिंग और सैन्य मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया।
मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड एक महत्वपूर्ण अवसर है जो अत्यंत मांग वाले एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के संपन्न होने का प्रतीक है। इस तरह के नए उत्तीर्ण हुए प्रशिक्षु विशिष्ट गरुड़ बल में प्रवेश करते हैं और भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को ताकत देते हैं।
यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण के लिये बना है पॉक्सो अधिनियम… जानिए इसके अंतर्गत आने वाले अपराध तथा दंड
भोपाल। यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण देने के उद्देश्य से पॉक्सो प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट (POCSO) अधिनियम बनाया गया है। इस अधिनियम को महिला और बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2012 में पॉक्सो एक्ट-2012 के नाम से बनाया है। इस कानून के अंतर्गत नाबालिगों के प्रति यौन उत्पीडन, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे यौन अपराध और छेड-छाड के मामलों में कार्रवाई की जाती है। इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा निर्धारित है। यह अधिनियम पूरे भारत में लागू है। पॉक्सो कानून के तहत सभी अपराधों की सुनवाई एक विशेष न्यायालय द्वारा कैमरे के सामने बच्चों के माता-पिता या जिन लोगों पर बच्चा भरोसा करता है, उनकी उपस्थित में होती है।
वर्ष 2012 में पॉक्सो कानून के लागू होने के बाद वर्ष 2020 में पॉक्सो अधिनियम में कई अन्य संशोधन के साथ ऐसे अपराधों में मृत्युदंड की सजा का प्रावधान किया गया है।
पॉक्सो अंतर्गत आने वाले अपराध तथा दंड:
1. प्रवेशन लैंगिक हमला (धारा3)- कम से कम 10 वर्ष का कारावास, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है एवं जुर्माना (धारा 4)
2. गुरूत्तर प्रवेशन लैंगिक हमला (धारा 5)- कम से कम 20 वर्ष का कारावास, जिसे आजीवन करावास/मृत्यु दण्ड तक बढ़ाया जा सकता है एवं जुर्माना (धारा 6)
3. लैंगिक हमला (धारा 7)- कम से कम 3 वर्ष का कारावास, जिसे 5 वर्ष तक के कारावास तक बढ़ाया जा सकता है एवं जुर्माना (धारा 8)
4. गुरूत्तर लैंगिक हमला (धारा 9)- कम से कम 5 वर्ष का कारावास, जिसे 7 वर्ष तक के कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, व जुर्माना (धारा 10)
5. लैंगिक उत्पीडन (धारा 11)- 3 वर्ष का कारावास की सजा तथा जुर्माना (धारा 12)
6. बच्चों का अश्लील उद्देश्यों/पोर्नोग्राफी के लिए इस्तेमाल करना (धारा 13)- 5 वर्ष का कारावास तथा उत्तरवर्ती अपराध के मामले में 7 वर्ष का कारावास तथा जुर्माना (धारा 14-1)
7. बच्चों का अश्लील उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करते समय यौन प्रताड़ना के गंभीर मामले (धारा 14-2)- कम से कम 10 वर्ष का कारावास जिसे आजीवन कारावास/मुत्यु दंड तक बढ़ाया जा सकता है व जुर्माना।
8. बच्चे का अश्लील उद्देश्यों हेतु इस्तेमाल करते समय गुरूत्तर प्रवेशन लैंगिक हमले के अति गंभीर मामले- (धारा 14-3): सश्रम आजीवन कारावास व जुर्माना।
9. बच्चे का अश्लील उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करते समय यौन प्रताड़ना के मामले- (धारा 14-4) : कम से कम 6 वर्ष का कारावास, जिसे 8 वर्ष के कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, व जुर्माना।
10. बच्चे का अश्लील उद्देश्यों हेतु इस्तेमाल करते समय गुरूत्तर लैंगिक हमले के अति गंभीर मामले (धारा 14-5)- कम से कम 8 वर्ष का कारावास जिसे 10 वर्ष के कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, व जुर्माना।
11. बच्चे से संबंधित किसी भी अश्लील सामग्री को व्यापारिक उद्देश्यों के लिए रखना (धारा 15): 3 वर्ष कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों।
12. एक्ट के अंतर्गत अपराध के लिए उकसाने हेतु भी दंड का प्रावधान है जो कि अपराध करने के समान ही है। इसमें बच्चों की यौन उत्पीड़न हेतु अवैध खरीद-फरोख्त भी शामिल है (धारा 16)
13. किसी घटित अपराध की रिपोर्ट न दर्ज करना (धारा 21-1): 6 माह तक का कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों।
एयर इंडिया विमान के इंजन में आग.. करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
बेंगलुरु। बेंगलुरु के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को बेंगलुरु से कोच्चि के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक विमान के इंजन में आग लग गई। इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। 179 यात्रियों को लेकर विमान ने उड़ान भरी थी, सभी को सकुशल बाहर निकाला गया।
देर रात हुई इस दुर्घटना पर बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने बयान जारी कर कहा कि फ्लाइट IX 1132 के एक इंजन में आग की खबर के बाद रात 11.12 बजे इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। एक फुल स्केल इमरजेंसी घोषित कर दिया गया। लैंडिंग के बाद आग को तुरंत बुझा लिया गया। सभी 179 पैसेंजर्स और 6 क्रू मेम्बर्स को सफलतापूर्वक प्लेन से बाहर निकाल लिया गया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर कहा कि प्लेन के दाहिने इंजन में आग का शक होने पर पायलट ने बेंगलुरु वापस लौटने का फैसला किया। इसके बाद एहतियात बरतते हुए प्लेन की लैंडिंग कराई गई। ग्राउंड सर्विस के स्टाफ ने भी प्लेन के इंजन में आग देखा। एयर इंडिया एक्सप्रेस को टाटा ग्रुप के एयर इंडिया द्वारा ऑपरेट किया जाता है। एयरलाइन ने बिना किसी नुकसान के सभी पैंसेजर्स को प्लेन से बाहर निकालने के लिए फ्लाइट क्रू की तारीफ की।
तीन जूता कारोबारियों के घर IT का छापा, इतना कैश कि हांफ गईं मशीनें, नोटों की गिनती करते-करते थकी टीम
डेस्क। आगरा में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई हुई है। IT को इनकम टैक्स में हेराफेरी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद तीन जूता व्यापारी के दुकान सहित उनके घर से 40 करोड़ों का कैश बरामद किया है। इनकम टैक्स की टीम फाइलें और इलेक्ट्रानिक डिवाइस की अभी भी जांच कर रही है। आगरा के सुभाष बाजार स्थित बीके शूज, मंशु फुटवियर और हरमिलाप ट्रेडर्स पर IT की रेड पड़ी है। इतना कैश मिला है कि मशीनें हांफ गई और टीम भी थक गई।
छापेमारी के दौरान आईटी ने कई अहम दस्तावेज को अपने कब्जे में लिया। आईटी की टीम ने अभी तक करीब 40 करोड़ का कैश बरामद किया है। आयकर विभाग ने नोटो को निगने के लिए 10 मशीनें मंगाई है। अधिकारियों को फुटवियर कंपनी के मालिक के घर से 500 रुपये के नोटों के कई बंडल मिले। इसके बाद नोटों की गिनती के लिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को बुलाया गया। रकम 50 से 60 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को खबर मिली थी कि जूता कारोबारी टैक्स और जीएसटी की चोरी कर रहे हैं, जिसके बाद आयकर विभाग की टीम दोपहर में वहां पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। जिस समय आयकर विभाग की टीम दुकान में पहुंची उस समय वहां कुछ ग्राहक भी मौजूद थे। आईटी की टीम ने पहले दुकान से सभी ग्राहकों को बाहर किया और फिर अपनी कार्रवाई को आगे बढाया। आयकर विभाग की टीम को इतने नोट मिले कि देखकर अफसर भी हैरान रह गए।
आयकर विभाग की ओर से बरामद किए गए कैश में सिर्फ 500 रुपये के बंडल नजर आ रहे हैं। कमरे के पलंग, कुर्सी और मेज हर जगह 500 के नोटों का बंडल दिख रहा है। आगरा में जूता व्यापारियों के यहां इस छापेमार कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया। आय से अधिक संपत्ति के मामले में इनकम टैक्स विभाग आगरा सहित कई दूसरे जगहों पर भी छापे मार रही है। कारोबारियों के पास जमीन में निवेश, सोने की खरीदी की जानकारी भी मिली है।
निर्वाचन संबंधी कदाचार को रोकने और स्वच्छ चुनाव लागू करने के लिए नागरिक निर्वाचन आयोग के साथ व्यापक तौर पर जुड़े
पिछले दो महीनों में cVigil से 4.24 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं; 99.9 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया
नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव 2024 में, भारत निर्वाचन आयोग का cVIGIL ऐप लोगों के हाथों में चुनाव संहिता के उल्लंघन को चिह्नित करने के लिए एक अत्यधिक प्रभावी उपकरण के रूप में उभरा है। आम चुनाव 2024 की घोषणा के बाद से, 15 मई, 2024 तक इस ऐप के माध्यम से 4.24 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 4,23,908 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है और शेष 409 मामले प्रक्रियाधीन हैं। लगभग 89% शिकायतों का समाधान 100 मिनट की समयसीमा के भीतर कर दिया गया, जैसा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने दृढ़ता से वादा किया था।
नागरिकों ने निर्धारित समय या शोर स्तर से परे लाउडस्पीकरों के उपयोग, प्रतिबंध अवधि के दौरान प्रचार, बिना अनुमति के बैनर या पोस्टर लगाने, अनुमति सीमा से परे वाहनों की तैनाती, संपत्ति विरूपण, आग्नेयास्त्रों / धमकी का प्रदर्शन और प्रलोभनों की जांच करने में चुनावी कदाचार की जांच के लिए इस ऐप का उपयोग किया है।
cVIGIL एक उपयोगकर्ता के अनुकूल और संचालित करने में आसान एप्लिकेशन है, जो सतर्क नागरिकों को जिला नियंत्रण कक्ष, रिटर्निंग अधिकारी और फ्लाइंग स्क्वाड टीमों से जोड़ता है। इस ऐप का उपयोग करके, नागरिक राजनीतिक कदाचार की घटनाओं पर तुरंत मिनटों के भीतर रिपोर्ट कर सकते हैं और उन्हें रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही शिकायत cVIGIL ऐप पर भेजी जाएगी, शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने मोबाइल पर शिकायत को ट्रैक कर सकेगा |
एक साथ काम करने वाले कारकों की त्रिमूर्ति cVIGIL को सफल बनाती है। उपयोगकर्ता तत्काल ऑडियो, फोटो या वीडियो कैप्चर करते हैं, और शिकायतों पर समयबद्ध प्रतिक्रिया के लिए "100 मिनट" की उलटी गिनती सुनिश्चित की जाती है। जैसे ही उपयोगकर्ता उल्लंघन की रिपोर्ट करने के लिए cVIGIL में अपना कैमरा चालू करता है, ऐप स्वचालित रूप से एक जियो-टैगिंग सुविधा सक्षम कर देता है। इसका मतलब यह है कि फ्लाइंग स्क्वाड रिपोर्ट किए गए, उल्लंघन का सटीक स्थान जान सकते हैं, और नागरिकों द्वारा ली गई तस्वीर को अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। नागरिक गुमनाम रूप से भी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। दुरुपयोग को रोकने के लिए, cVIGIL ऐप में सुरक्षा संबंधी कई उपाय शामिल हैं, जिनमें भौगोलिक प्रतिबंध, रिपोर्टिंग पर समय की कमी और डुप्लिकेट या तुच्छ शिकायतों को फिल्टर करने के लिए प्रणाली शामिल हैं। यह ऐप प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और मतदाताओं और राजनीतिक दलों की सुविधा के लिए आयोग द्वारा बनाए गए ऐप में से एक है |
बाबा रामदेव को मिली राहत….पतंजलि की दवाओं के निर्माण को निलंबित करने के आदेश पर रोक
डेस्क। पतंजलि की 14 दवाओं के निर्माण को निलंबित करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी गई है। सचिव आयुष डा. पंकज पांडेय ने शुक्रवार को आदेश किए। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और दिव्य फार्मेसी की एक दर्जन से अधिक दवाओं के विनिर्माण लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया था।
अब इस आदेश को लागू करने पर शुक्रवार को अंतरिम रोक लगाई गई। सचिव आयुष पंकज कुमार पांडे ने कहा कि एक उच्च स्तरीय समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगाई जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया कि निलंबन का आदेश सही नहीं है। लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों ने आदेश को सही तरीके से जारी नहीं किया है। कंपनियों ने उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण के पिछले महीने के निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। कंपनियों ने अपील में कहा है कि कानून प्रक्रिया का पालन किए बिना लाइसेंस निलंबित किया गया है।
राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण, आयुर्वेदिक और यूनानी सेवाओं ने पिछले महीने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स ऐक्ट 1945 और ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1954 के तहत 14 पतंजलि उत्पादों के विनिर्माण लाइसेंस को निलंबित कर दिया था।
इन दवाओं का लाइसेंस हुआ था निलंबित
स्वासारि गोल्ड, स्वासारि वटी, ब्रोंकोम, स्वासारि प्रवाही, स्वासारि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, लिवोग्रिट, आईग्रिट गोल्ड, पतंजलि दृष्टि।
वायु सेना परिवार कल्याण संघ की अध्यक्ष द्वारा उम्मीद निकेतन का उद्घाटन किया गया
नई दिल्ली | वायु सेना परिवार कल्याण संघ की अध्यक्ष नीता चौधरी ने 17 मई, 2024 को वायु सेना के पालम स्थित बेस रिपेयर डिपो का दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक उन्नत चिकित्सा उपचार केंद्र के रूप में उम्मीद निकेतन का उद्घाटन किया। बेस रिपेयर डिपो के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर हर्ष बहल और वायु सेना परिवार कल्याण संघ (स्थानीय) अध्यक्ष विंग कमांडर रीना बहल (सेवानिवृत्त) ने नीता चौधरी तथा अन्य सम्मानित गणमान्य महिलाओं का स्वागत किया। उम्मीद निकेतन की कल्पना एवं अवधारणा एक ऐसा पालन पोषण वाला वातावरण तैयार करने के लिए की गई है, जहां पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चे अपनी अद्वितीय क्षमताओं के अनुरूप मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से सोच सकते हैं, आगे बढ़ सकते हैं और जीवन कौशल विकसित करना सीख सकते हैं। यह केंद्र संवेदी अन्वेषण, भाषण चिकित्सा के साथ अनुकूली खेल और इंटरैक्टिव इमर्सिव अनुभव तक प्रदान करता है। यह केंद्र विशेष बच्चों के शारीरिक, भावनात्मक तथा सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए कार्यक्रमों की विविध श्रृंखला प्रस्तुत करता है। उम्मीद निकेतन अपनी तरह के विशेष लगभग 55 बच्चों की मदद करेगा, जिन्हें प्रशिक्षित योग्य शिक्षकों की एक समर्पित टीम द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। इस केंद्र का उद्घाटन समारोह भव्य तरीके से आयोजित किया गया और इसमें देश भर से वायु सेना परिवार कल्याण संघों के सभी क्षेत्रीय अध्यक्षों ने भाग लिया। इसके अलावा, दिल्ली क्षेत्र के सभी वरिष्ठ एयर मार्शलों की पत्नियां भी इस हृदयस्पर्शी उद्घाटन का साक्षी बनने के लिए वहां पर उपस्थित थीं। यह विशेष कार्यक्रम वायु सेना परिवारों के कल्याण के उद्देश्य से सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए भारतीय वायुसेना की वर्तमान में संचालित की जा रही गतिविधियों को उजागर करता है।

उपभोक्ता मामले विभाग ने कर्तव्य पथ पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2024 के लिए काउंटडाउन कार्यक्रम का आयोजन किया
नई दिल्ली | अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। उपभोक्ता मामले विभाग (डीओसीए) ने आज नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर काउंटडाउन कार्यक्रम (योग पूर्व सत्र) का आयोजन किया। इसमें विभाग की सचिव निधि खरे सहित अधिकारियों और कर्मियों ने मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के योग प्रशिक्षक और प्रदर्शक के मार्गदर्शन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षक ने समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर बल देते हुए विभिन्न योग मुद्राओं (आसन), श्वास व्यायाम (प्राणायाम) और ध्यान तकनीकों पर फोकस किया। कर्तव्य पथ के शांत वातावरण ने इस आयोजन के लिए एकदम अनुकूल पृष्ठभूमि प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों के बीच शांति की भावना पैदा हुई। यह काउंटडाउन (उलटी गिनती) पहल योग को दैनिक जीवन में शामिल करने के महत्व का विस्तार करने, व्यापक विकास और कल्याण के लिए सभी को इसमें शामिल करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
इस कार्यक्रम में समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने पर केंद्रित योग की कुशल प्रथाओं का प्रदर्शन किया गया। इसमें योग के सार्वभौमिक आकर्षण तथा आधुनिक चुनौतियों से निपटने में इसके निरंतर महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्राचीन भारतीय परंपरा में उत्पत्ति के साथ, योग को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर इसके लाभकारी प्रभावों के लिए स्वीकार किया जाता है।
इस विभाग की सचिव ने अपनी समापन टिप्पणी में एमडीएनआईवाई के योग प्रशिक्षक और प्रदर्शक को उनके अमूल्य मार्गदर्शन एवं विशेषज्ञता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली प्राप्त करने के साधन के रूप में योग को बढ़ावा देने के लिए विभाग के समर्पण को दोहराया और सभी से योग को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने का आग्रह किया।

भारत-ऑस्ट्रेलिया-इंडोनेशिया त्रिपक्षीय समुद्री सुरक्षा कार्यशाला (टीएमएसडब्ल्यू) के दूसरे संस्करण का आयोजन 15 से 17 मई, 2024 तक कोच्चि में किया गया
नई दिल्ली | भारत-ऑस्ट्रेलिया-इंडोनेशिया त्रिपक्षीय समुद्री सुरक्षा कार्यशाला (टीएमएसडब्ल्यू) के दूसरे संस्करण का आयोजन 15 से 17 मई, 2024 तक कोच्चि में आईएनएस द्रोणाचार्य पर किया गया था। इस कार्यशाला का मुख्य विषय 'हिंद महासागर क्षेत्र: क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक प्रयास' पर केंद्रित था, जिसे इस समुद्री क्षेत्र में तीन समुद्री पड़ोसी देशों के बीच वर्तमान में चल रही समुद्री सुरक्षा गतिविधियों से संबंधित चुनौतियों एवं सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने के लिए चुना गया था। यह महत्वपूर्ण कार्यशाला दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी और इसमें भाग लेने वाली तीन देशों की नौसेनाओं के प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी देखी गई।
त्रिपक्षीय समुद्री सुरक्षा कार्यशाला की अध्यक्षता नौसेना स्टाफ के सहायक प्रमुख (एफसीआई) रियर एडमिरल निर्भय बापना ने की। आयोजन की सह-अध्यक्षता रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के कमोडोर फ्लोटिलास, कमोडोर पॉल ओ'ग्राडी, टीएनआई (एएल) से सीआईसी इंडोनेशियाई फ्लीट कमांड के संचालन के लिए सहायक एफएडीएम हेरी ट्रिविबोवो और भारतीय नौसेना के कमोडोर (विदेशी सहयोग) कमोडोर मनमीत एस खुराना द्वारा की गई। इस कार्यशाला के दौरान, होने वाली सभी चर्चाएं हिंद महासागर क्षेत्र में वर्तमान अवसरों और चुनौतियों पर बातचीत करते हुए विभिन्न विषयों पर केंद्रित थीं। जिसमें आईएफसी-आईओआर की सूचना विनिमय तंत्र व क्षमताएं, समुद्री डोमेन जागरूकता, गैर-पारंपरिक एवं अवैध समुद्री गतिविधियां, समुद्री कानून प्रवर्तन, क्षमता वृद्धि और क्षमता निर्माण, पारस्परिक सहभागिता तथा सहयोग बढ़ाने के मार्ग आदि शामिल हैं।
इस कार्यशाला के दौरान, मुख्यालय दक्षिणी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, रियर एडमिरल उपल कुंडू और फ्लैग ऑफिसर समुद्री प्रशिक्षण, रियर एडमिरल सुशील मेनन द्वारा भी अपने विचार प्रस्तुत किये गए।
कार्यशाला के अवसर पर मुख्य कार्यक्रम से इतर ऑस्ट्रेलिया तथा इंडोनेशिया की नौसेनाओं के प्रतिनिधियों के लिए कोच्चि और मेसर्स कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में भारतीय नौसेना प्रशिक्षण स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं को देखने हेतु विशेष दौरे का आयोजन भी किया गया था।
आईआईसीए ने 'भारत में शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा अनुसंधान एवं विकास पर व्यय' के संबंध में गोलमेज परामर्श का आयोजन किया
नई दिल्ली | स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) ने भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के सहयोग से आज नई दिल्ली में 'भारत में शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा अनुसंधान एवं विकास पर व्यय' के संबंध में गोलमेज परामर्श का आयोजन किया।
इस गोलमेज़ परामर्श का आयोजन अनुसंधान एवं विकास पर व्यय के संबंध में कॉर्पोरेट विचारों को समेकित करने, कंपनी की प्रगति और लंबे समय तक स्थिरता के लिए अनुसंधान एवं विकास में निवेश की आवश्यकता से अवगत कराने और अनुसंधान एवं विकास से संबंधित प्रकटीकरण की आवश्यकता से अवगत कराने के लिए वर्तमान में जारी शोध के अंर्तगत किया गया। इस गोलमेज परामर्श का उद्देश्य देश के अनुसंधान एवं विकास परिदृश्य के बारे में आईआईसीए द्वारा किए गए शोध अध्ययन के अनंतिम निष्कर्षों पर इनपुट और कॉर्पोरेट जगत की अग्रणी हस्तियों की प्रतिक्रिया प्राप्त करना है।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने इस अवसर पर अपने मुख्य भाषण में इस बात पर बल दिया कि अनुसंधान एवं विकास डेटा हासिल करने के लिए एक मजबूत और मानकीकृत मानदंड अपनाया जाना चाहिए। प्रोफेसर सूद ने भारत के - सेवा-संचालित अर्थव्यवस्था से उत्पाद-संचालित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन की परिकल्पना की। प्रोफेसर सूद ने कहा कि सेवाओं द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जाने के बावजूद, नवाचार और उत्पाद विकास के माध्यम से ही हम प्रगति कर वैश्विक स्तर पर प्रमुख स्थान हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कंपनियों से रचनात्मकता और जोखिम लेने की संस्कृति को बढ़ावा देते हुए अनुसंधान एवं विकास में रणनीतिक रूप से निवेश करने का आग्रह किया। प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए भारत को इस विकसित अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने के लिए सार्वजनिक-निजी फंडिंग मॉडल को सेतु के रूप में अपनाना होगा। प्रोफेसर सूद के संबोधन ने भारत के अनुसंधान एवं विकास एजेंडे की तात्कालिकता को रेखांकित किया। प्रोफेसर सूद ने कहा कि यह केवल संख्याओं के बारे में ही नहीं, बल्कि हमारे भाग्य को आकार देने, नवाचार को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत छोड़ने के बारे में भी है।
इस अवसर पर डॉ. अजय भूषण पांडे, महानिदेशक और सीईओ, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स और अध्यक्ष राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने अपने संबोधन में अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के विभिन्न उदाहरणों का उल्लेख किया और देश में अनुसंधान एवं विकास पहल पर कर छूट के इतिहास के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र को ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) और अनुसंधान एवं विकास के महत्व से अवगत कराने की आवश्यकता और महत्व पर भी प्रकाश डाला और इस बात का उल्लेख किया कि भारत ने डिजिटल अवसंरचना में अग्रणी बनकर सफलतापूर्वक उदाहरण स्थापित किए हैं। दक्षिण कोरिया, जापान, चीन, सिंगापुर, अमेरिका, इज़राइल और जर्मनी जैसे देशों की केस स्टडीज का हवाला देते हुए डॉ. पांडे ने कहा कि इन देशों ने अपने अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र को बढ़ावा दिया और विकसित अर्थव्यवस्था बन गए। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि ईएसजी रिपोर्टिंग ढांचे को अपनाने से ईएसजी के नेतृत्व वाली निवेश प्रथाओं को बढ़ावा देने के प्रति कंपनियों का दृष्टिकोण बदल रहा है। डॉ. पांडे ने कहा कि इसी तरह, यह भारत के अनुसंधान एवं विकास परिदृश्य में समान विकास को प्रेरित कर सकता है।
वैज्ञानिक सचिव, पीएसए कार्यालय डॉ. परविंदर मैनी ने देश में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत सरकार की विभिन्न पहलों को लागू करने के बारे में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने दोहराया कि अनुसंधान एवं विकास नवाचार को बढ़ावा देता है। डॉ. मैनी ने अनुसंधान एवं विकास निवेश में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि तकनीकी उन्नति और सतत विकास की दिशा में हमारी यात्रा में निजी क्षेत्र को भागीदार के रूप में आगे आना चाहिए। उन्होंने अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्टता के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर बल देते हुए सहयोगात्मक प्रयासों की बात कही।
अपर सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सुनील कुमार ने देश में अनुसंधान एवं विकास डेटा हासिल करने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल पर प्रकाश डाला। कुमार द्वारा किया गया तर्कसंगत नीति-निर्माण और भारतीय नीतियों के साथ बेहतर तालमेल का आह्वान दर्शकों को पसंद आया और उन्होंने विशेष रूप से अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र के लिए सार्वजनिक-निजी कंपनियों के डेटाबेस को दो शाखाओं में बांटने का प्रस्ताव रखा, जिससे लक्षित हस्तक्षेप और सुविचारित निर्णय लेने में सक्षम बना जा सके।
इस अवसर पर कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के संयुक्त सचिव, इंद्र दीप सिंह धारीवाल ने अपने संबोधन में हमारे पुरातन काल से अनुसंधान एवं विकास के सार को ग्रहण करते हुए कहा, “पंचतंत्र की कालातीत कहानियों में हमें वह ज्ञान मिलता है, जो सदियों की सीमाओं से परे है। हमारे पूर्वजों ने ज्ञान के मूल्य को समझा, और इस बात को जाना कि वास्तविक प्रगति उत्तर खोजने, सीमाओं को पार करने और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में निहित है।” धारीवाल ने कॉर्पोरेट समुदाय से केवल दायित्व के रूप में ही नहीं, बल्कि हमारे देश के भविष्य के लिए एक पवित्र कर्तव्य के रूप में अनुसंधान एवं विकास में निवेश करके इस विरासत का सम्मान करने का आग्रह किया ।
बी.एन. सत्पथी, पीएसए फेलो, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय, ने बाजार पूंजीकरण द्वारा शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों के बीच अनुसंधान एवं विकास संबंधी व्यय के रुझान सहित आईआईसीए द्वारा किए गए शोध अध्ययन के निष्कर्षों का मसौदा प्रस्तुत किया। यह शोध अध्ययन कंपनियों, क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में व्यय के आकार; उच्चतम अनुसंधान एवं विकास निवेश वाले उद्योग और क्षेत्र, और स्थिरता संबंधी पहलों में क्षेत्र विशिष्ट अनुसंधान एवं विकास व्यय, साथ ही साथ अनुसंधान एवं विकास में निवेश रणनीतियों को अनुकूलित करने संबंधी सिफारिशों की तुलना करता है।
डॉ. गरिमा दाधीच, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख, स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरमेंट, आईआईसीए ने कहा कि, “हम नवाचार और स्थिरता के चौराहे पर खड़े हैं। अनुसंधान एवं विकास के प्रति प्रतिबद्धता हमारे भाग्य को आकार देगी, जिसका प्रभाव न केवल हमारे व्यवसायों पर बल्कि हमारे पर्यावरण, समाज और भावी पीढ़ियों पर भी पड़ेगा।” डॉ. दाधीच ने बढ़ी हुई प्रतिबद्धता, बेहतर रिपोर्टिंग प्रथाओं, सहयोग और दीर्घकालिक प्रभाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए गोलमेज परामर्श के विशिष्ट उद्देश्यों को रेखांकित किया।
डॉ. रवि राज अत्रे, चीफ प्रोग्राम एक्जीक्यूटिव, स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट, आईआईसीए ने गोलमेज़ परामर्श में सहायता की। इस कार्यक्रम में विभिन्न सार्वजनिक और निजी कॉर्पोरेट घरानों के अनुसंधान एवं विकास/स्थिरता प्रभागों के लगभग 50 वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
परामर्श से कुछ प्रमुख सिफारिशें वास्तविक समय के आधार पर आर एंड डी डेटा को प्रबंधित और ट्रैक करने के लिए एक समर्पित वेब-पोर्टल के साथ आने, आर एंड डी के महत्व से कॉर्पोरेट पदाधिकारियों को अवगत कराने की थीं। आर एंड डी की एक मानकीकृत परिभाषा, मानक प्रारूपों में अनिवार्य आर एंड डी प्रकटीकरण की संभावना, गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए भी ऐसे शोध की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस बात का उल्लेख करना उचित होगा कि प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने भारत में बाजार पूंजीकरण के आधार पर शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों के अनुसंधान एवं विकास व्यय पर एक शोध अध्ययन का दायित्व स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट, आईआईसीए को सौंपा था।
दूरसंचार विभाग ने विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस 2024 मनाया
एआई द्वारा संचालित सतत डिजिटल विकास पर गोलमेज चर्चा में 30 से अधिक उद्योग जगत के प्रमुख लोगों, ओईएम और स्टार्ट-अप ने भाग लिया
दूरसंचार विभाग ने अपनी 5जी के इस्तेमाल से जुड़ी 100 प्रयोगशालाओं (5जी यूज केस लैब) के लिए एक महीने के 5जी पाठ्यक्रम में लगभग 350 संकाय सदस्यों और छात्रों को प्रशिक्षित किया
नई दिल्ली | दूरसंचार सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने कहा कि सतत विकास के लिए संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, अर्थव्यवस्थाओं और सामाजिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि दूरसंचार इसका एक अभिन्न अंग है और 2025-26 तक भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की हो जाएगी, जिसकी सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी 15% होगी। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसा किसी अन्य तरीके से हो सकता है, सिवाय इसके कि हमारे पास एक बहुत मजबूत दूरसंचार नेटवर्क प्रणाली हो।”
सचिव (टी) विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी) पर दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा आयोजित गोलमेज चर्चा के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन दूरसंचार विभाग मुख्यालय में किया गया था।
सचिव (टी) ने डिजिटल कम्युनिकेशन इनोवेशन स्क्वायर (डीसीआईएस) और दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीटीडीएफ) जैसी योजनाओं के साथ विभाग के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से यह बहुत सारे उद्यमियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ है जो अब अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से छोटी या बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहे हैं।
सचिव (टी) ने बताया कि भारत में 5G को लागू करने की गति दुनिया में सबसे तेज बनी हुई है। इसके अलावा, देश भर में स्थापित की गईं 5जी के इस्तेमाल से जुड़ी केस लैब्स 5जी अनुप्रयोगों के विकास को प्रोत्साहित करके 5जी तकनीक से जुड़े अवसर प्रदान कर रही हैं। इसके लिए दिल्ली और उसके आसपास के विभिन्न कॉलेजों के लगभग 350 संकाय सदस्यों को एक महीने के 5जी पाठ्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया है। इस पाठ्यक्रम को इन-हाउस विकसित किया गया है।
इस अवसर पर दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रमुख, स्टार्ट-अप, एसोसिएशन और संगठन तथा मीडिया से जुड़े लोग मौजूद थे।
विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस (डब्ल्यूटीआईएसडी), 17 मई को मनाया जाता है। यह दूरसंचार विभाग द्वारा वैश्विक स्तर पर आर्थिक एवं सामाजिक विकास में दूरसंचार की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करने के लिए मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवसों में से एक है।
डब्ल्यूटीआईएसडी को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की स्थापना के उपलक्ष्य में वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है और इंटरनेट तथा अन्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) के उपयोग से समाज और अर्थव्यवस्थाओं में पैदा होने वाली संभावनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल विभाजन को पाटने के तरीकों के बारे में भी जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। हर साल, डब्ल्यूटीआईएसडी दूरसंचार और सूचना समाज के मुद्दों से संबंधित एक विशिष्ट थीम पर ध्यान केंद्रित करता है और इस साल का फोकस "सतत विकास के लिए डिजिटल नवाचार" पर है।
इस अवसर पर, इस वर्ष दूरसंचार विभाग ने सचिव (टी) की अध्यक्षता में उद्योग जगत के प्रतिभागियों के साथ “एआई द्वारा संचालित सतत डिजिटल विकास” पर एक गोलमेज चर्चा का आयोजन किया।
विभिन्न उद्योग, स्टार्ट-अप, संगठनों और संगठनों ने गोलमेज चर्चा में भाग लिया, जिसमें तेजस नेटवर्क, वीवीडीएन, निवेट्टी, सिस्को, नोकिया, सेंसराइज, लेखा, स्पर्श, एचएफसीएल, एक्सएस इंफोसोल, टेमा, एमएआईटी, सीओएआई, वॉयस शामिल थे। इस चर्चा का उद्देश्य सतत विकास के लिए एआई की परिवर्तनकारी क्षमता का पता लगाना और इस पर चर्चा करना था कि एसडीजी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हितधारकों की तरफ से और क्या प्रयास करने की आवश्यकता है।
इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम में दूरसंचार विभाग की अन्य पहलों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जो एआई की क्षमता का उपयोग कर रही हैं, जिसमें ‘संगम: डिजिटल ट्विन’ और नागरिक-केंद्रित पोर्टल संचार साथी शामिल हैं।
बुनियादी ढांचा योजना और डिजाइन के लिए व्यावहारिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से, दूरसंचार विभाग ने 15 फरवरी, 2024 को एआई-संचालित इनसाइट्स पहल के साथ संगम डिजिटल ट्विन की पेशकश की थी। इस पहल ने उद्योग के दिग्गजों, तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों सहित हितधारकों के विविध पूल से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) के लिए आह्वान किया। इसका लक्ष्य डिजिटल ट्विन, दूरसंचार डेटा और एआई का उपयोग करके बुनियादी ढांचा योजना और डिजाइनिंग में संभावित लाभों को प्रदर्शित करने के लिए वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों और उपयोग के मामलों के प्रदर्शन के माध्यम से पुष्ट करना है।
मार्च 2024 में तीन आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 40 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया और इन्हें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली। स्टेज-I ईओआई पर प्रतिक्रिया उल्लेखनीय रहीं, जिसमें 199 प्रस्तुतियां प्राप्त हुईं। इनमें से 144 आवेदकों को पीओसी (चयनित प्रतिभागियों की सूची https://sangam.sancharsaathi.gov.in/selected-participants) में भाग लेने के लिए चुना गया है। इन चयनित प्रतिभागियों में अच्छी तरह से स्थापित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों से लेकर गतिशील स्टार्टअप और प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थानों तक के प्रतिभागी शामिल हैं।
इसके अलावा, DoT चयनित प्रतिभागियों के लिए नेटवर्किंग इवेंट आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि विस्तृत और विशिष्ट तरीके से उपयोग के मामलों (यूज केस) का विकास किया जा सके, अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोग के मामलों के मूल्य और महत्व का आकलन करने के लिए हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जा सके और अपेक्षित डेटा की व्यवहार्यता और उपलब्धता का मूल्यांकन किया जा सके। इन कार्यक्रमों से घटकों या मॉड्यूल को विकसित करने और बुनियादी ढांचा योजना और डिजाइनिंग के लिए उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए सक्षम और इच्छुक भागीदारों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।